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भारतीय भागीदारी अधिनियम, 1932 की धारा 63-67: फर्मों में परिवर्तनों का अभिलेखन, गलतियों का सुधार, और रिकॉर्ड का निरीक्षण
भारतीय भागीदारी अधिनियम, 1932 की धारा 63-67: फर्मों में परिवर्तनों का अभिलेखन, गलतियों का सुधार, और रिकॉर्ड का निरीक्षण

भारतीय भागीदारी अधिनियम, 1932 के ये खंड पंजीकृत (Registered) फर्मों से संबंधित महत्वपूर्ण परिवर्तनों को आधिकारिक रूप से दर्ज करने, रजिस्ट्रार के पास उपलब्ध जानकारी में किसी भी गलती को सुधारने, और सार्वजनिक रिकॉर्ड के निरीक्षण (Inspection) व प्रतियों (Copies) के प्रावधानों को निर्धारित करते हैं। ये धाराएँ फर्मों के बारे में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी की सटीकता, पारदर्शिता और पहुंच सुनिश्चित करती हैं, जो तीसरे पक्षों और फर्म के स्वयं के लिए महत्वपूर्ण है।धारा 63: फर्म में परिवर्तनों और विघटन...

क्या केंद्र सरकार सेवा से जुड़े मामलों में विधायी या कार्यपालिका कार्रवाई के ज़रिए दिल्ली की निर्वाचित सरकार की शक्तियों को निरस्त कर सकती है?
क्या केंद्र सरकार सेवा से जुड़े मामलों में विधायी या कार्यपालिका कार्रवाई के ज़रिए दिल्ली की निर्वाचित सरकार की शक्तियों को निरस्त कर सकती है?

Government of NCT of Delhi v. Union of India (29 नवंबर 2023) के ऐतिहासिक निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच लंबे समय से चले आ रहे संवैधानिक और प्रशासनिक विवाद पर फैसला दिया। इस मामले में मुख्य प्रश्न यह था कि दिल्ली सरकार के अधिकारियों की नियुक्ति (Appointment), स्थानांतरण (Transfer), और अनुशासनात्मक कार्रवाई (Disciplinary Action) जैसे सेवा संबंधी मामलों पर नियंत्रण किसका होगा – चुनी हुई दिल्ली सरकार का या केंद्र सरकार का।यह निर्णय संविधान के अनुच्छेद 239AA (Article...