मुख्य सुर्खियां
कलकत्ता हाईकोर्ट ने रेप केस में व्यक्ति को बरी किया, कहा - रिश्ता टूटने के बाद "रंजिश" में शिकायत दर्ज की गई
कलकत्ता हाईकोर्ट ने 2008 में रेप का दोषी पाए गए व्यक्ति की सज़ा रद्द की। कोर्ट ने माना कि प्रॉसिक्यूशन के केस में कई विरोधाभास, ज़रूरी बातों की कमी और सबूतों की पुष्टि का अभाव था — खासकर शिकायतकर्ता का यह कबूलनामा कि उसने बाद में आरोपी से शादी कर ली थी और उसकी पत्नी के तौर पर उसके साथ रही थी।जस्टिस चैताली चटर्जी दास ने क्रिमिनल अपील CRA 76 of 2009 (मिथुन पॉल बनाम पश्चिम बंगाल राज्य) पर फैसला सुनाते हुए कहा कि लिखित शिकायत में ही शादी की बात छिपाई गई। यह बात ट्रायल के दौरान ही सामने आई, जिससे...
Section 144 BNSS | बहू पर सास-ससुर के भरण-पोषण की कानूनी बाध्यता नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की कि CrPC की धारा 125 या BNSS की धारा 144 के कानूनी प्रावधानों के तहत बहू पर अपने सास-ससुर के भरण-पोषण की कोई कानूनी बाध्यता नहीं है।यह देखते हुए कि BNSS की धारा 144 के तहत भरण-पोषण का दावा करने का अधिकार एक कानूनी अधिकार है और यह केवल उन व्यक्तियों की श्रेणियों तक ही सीमित है, जिनका उसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया, जस्टिस मदन पाल सिंह की पीठ ने यह टिप्पणी की कि सास-ससुर उक्त प्रावधान के दायरे में नहीं आते हैं।कोर्ट ने इस बात पर भी जोर दिया कि कोई नैतिक...
पहले का खरीदार बाद की बिक्री रद्द करने की मांग कर सकता है, बाद के सौदे पहले के अधिकारों को खत्म नहीं कर सकते: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि पहले के सौदे के तहत कोई खरीदार उसी विक्रेता द्वारा उसी प्रॉपर्टी की बाद में की गई बिक्री को चुनौती देने और उसे रद्द करवाने का हकदार है। कोर्ट ने इस बात की पुष्टि की कि ऐसे बाद के सौदे पहले के अधिकारों को खत्म नहीं कर सकते।जस्टिस मिनी पुष्करणा ने अपने 86 पेज के फैसले में यह टिप्पणी की:“जहां एक ही अचल संपत्ति के दो लगातार ट्रांसफर किए गए हों, वहां कानून में उस ट्रांसफर को प्राथमिकता मिलती है, जो समय के हिसाब से पहले हुआ हो, न कि उस ट्रांसफर को जो बाद में हुआ हो। यह...
अर्णब गोस्वामी और रिपब्लिक टीवी के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे अनिल अंबानी, दायर किया मानहानि का मुकदमा
उद्योगपति अनिल अंबानी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया। उन्होंने न्यूज़ चैनल रिपब्लिक टीवी और उसके एडिटर-इन-चीफ़ अर्णब गोस्वामी के खिलाफ रोक लगाने की मांग की। अंबानी का दावा है कि चैनल की लगातार कवरेज ने उनकी प्रतिष्ठा को "नुकसान" पहुंचाया है।अंबानी द्वारा दायर इस मुकदमे की सुनवाई 1 अप्रैल को सिंगल-जज जस्टिस मिलिंद जाधव करेंगे।अपने मुकदमे में अंबानी ने दावा किया है कि वे प्रतिवादियों द्वारा हाल ही में लिखे और प्रकाशित किए गए कुछ लेखों से आहत हैं, जिन्हें प्रतिवादियों के न्यूज़...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (23 मार्च, 2026 से 27 मार्च, 2026) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।बिना तलाक शादीशुदा व्यक्ति लिव-इन में नहीं रह सकता: इलाहाबाद हाईकोर्टइलाहाबाद हाईकोर्ट के एकल न्यायाधीश ने 20 मार्च को यह टिप्पणी की कि कोई व्यक्ति जो पहले से विवाहित है और जिसका जीवनसाथी जीवित है, वह बिना पूर्व जीवनसाथी से तलाक लिए किसी तीसरे व्यक्ति के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में कानूनी रूप से नहीं रह...
पश्चिम बंगाल SIR सूची में हुई चूक में किया गया सुधार, पूर्व जस्टिस शाहिदुल्लाह मुंशी का जुड़ा नाम
भारतीय चुनाव आयोग (ECI) द्वारा पश्चिम बंगाल में चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत पूर्व जस्टिस शाहिदुल्लाह मुंशी और उनके परिवार के नाम अब पूरक सूची में शामिल कर लिए गए।यह घटनाक्रम उस समय सामने आया, जब हाल ही में उन्होंने अपनी और अपने परिवार के नाम प्रारंभिक सूची में शामिल न होने पर आपत्ति जताई, जबकि उन्होंने सभी आवश्यक दस्तावेज जमा किए और सत्यापन प्रक्रिया में भाग भी लिया।27 मार्च, 2026 की पूरक सूची में उनके नाम को शामिल किया गया, जो 28 फरवरी 2026 को जारी प्रारंभिक सूची में छूट...
"प्रक्रिया का दुरुपयोग": 'रिश्वत' मामले में अडानी ग्रीन एनर्जी के खिलाफ याचिका हाईकोर्ट में खारिज
अडानी ग्रुप की कंपनी— अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के लिए एक बड़ी राहत के तौर पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार (27 मार्च) को याचिका खारिज की। इस याचिका में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) से उस कंपनी के खिलाफ लगे आरोपों की जांच की मांग की गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि कंपनी ने भारत के कई राज्यों में सोलर पावर के कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए करोड़ों रुपये की रिश्वत दी थी।चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस सुमन श्याम की डिवीज़न बेंच ने पाया कि याचिकाकर्ता जितेंद्र मारू ने उन दस्तावेज़ों पर...
बलात्कार में मदद करने पर महिला को 10 साल की जेल, दिल्ली हाईकोर्ट ने लगातार आपराधिक आचरण का दिया हवाला
दिल्ली हाईकोर्ट ने महिला को बलात्कार करने में मदद करने के लिए 10 साल की कठोर कारावास की सज़ा सुनाई। कोर्ट ने सज़ा में नरमी न बरतने के मुख्य कारण के तौर पर महिला की आपराधिक गतिविधियों में लगातार संलिप्तता पर ज़ोर दिया।जस्टिस चंद्रशेखरन सुधा ने राज्य सरकार द्वारा दायर अपील पर सज़ा का यह आदेश पारित किया। इस अपील में महिला को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी गई। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि दोषी महिला ने इस अपराध में "सक्रिय और जान-बूझकर भूमिका" निभाई थी।कोर्ट ने अपने अवलोकन में कहा कि महिला ने...
मुकेश अंबानी की रिलायंस के खिलाफ कथित 'गैस चोरी' की याचिका प्रक्रिया का दुरुपयोग, इससे प्रतिष्ठा को नुकसान होता है: बॉम्बे हाईकोर्ट
कथित 'गैस चोरी' मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) और उसके निदेशक मुकेश धीरूभाई अंबानी के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच की मांग वाली याचिका खारिज करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि ऐसी याचिकाएं इन संस्थाओं की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकती हैं और उनकी वर्तमान या भविष्य की व्यावसायिक साझेदारियों के लिए खतरा बन सकती हैं।गौरतलब है कि जितेंद्र मारू नाम के कार्यकर्ता ने RIL और अंबानी के खिलाफ CBI जांच की मांग की थी। आरोप था कि उन्होंने आंध्र प्रदेश के तट से दूर कृष्णा...
Section 166 MV Act | दोषी वाहन के ड्राइवर को पक्षकार न बनाने से दावा दोषपूर्ण और सुनवाई योग्य नहीं रहता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि दोषी वाहन के ड्राइवर को पक्षकार न बनाने से मोटर दुर्घटना दावा याचिका दोषपूर्ण और सुनवाई योग्य नहीं रह जाती है।जस्टिस हिरदेश की बेंच ने यह टिप्पणी की:"...मोटर वाहन अधिनियम की धारा 166 के तहत दायर दावा याचिका में दोषी वाहन का ड्राइवर आवश्यक पक्षकार होता है। ड्राइवर को पक्षकार न बनाने से दावा याचिका दोषपूर्ण हो जाती है और सुनवाई योग्य नहीं रहती।"राज्य सरकार ने ग्वालियर के मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (Motor Accidents Claims Tribunal) द्वारा दिए गए फैसले को चुनौती...
'शक सबूत की जगह नहीं ले सकता': पटना हाईकोर्ट ने आरा कोर्ट धमाका मामले में आरोपियों को बरी किया, मौत की सज़ा रद्द की
176 पन्नों के फ़ैसले में पटना हाई कोर्ट ने आरा सिविल कोर्ट बम धमाका मामले में कई आरोपियों की सज़ा रद्द की। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष (सरकारी वकील) परिस्थितियों की कड़ी को बिना किसी उचित संदेह के साबित करने में नाकाम रहा। साथ ही यह दोहराया कि "शक, चाहे कितना भी मज़बूत क्यों न हो, सबूत की जगह नहीं ले सकता।"चीफ़ जस्टिस संगम कुमार साहू और जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद की डिवीज़न बेंच भोजपुर, आरा के एडिशनल सेशंस जज द्वारा चलाए गए मुक़दमे से जुड़े आपराधिक अपीलों के साथ-साथ CrPC की धारा 366 (BNSS की धारा...
लिव-इन संबंध पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी—विवाहित पुरुष और वयस्क महिला साथ रहें तो अपराध नहीं
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि यदि कोई विवाहित पुरुष किसी वयस्क महिला के साथ उसकी सहमति से लिव-इन संबंध में रहता है, तो यह किसी भी प्रकार का अपराध नहीं है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून और नैतिकता को अलग-अलग रखा जाना चाहिए और सामाजिक धारणा अदालत के फैसलों को प्रभावित नहीं कर सकती।जस्टिस जे जे मुनीर और जस्टिस करून सक्सेना की खंडपीठ यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई के दौरान कर रही थी, जिसमें एक लिव-इन कपल ने महिला के परिवार से मिल रही धमकियों के खिलाफ सुरक्षा की...
LPG संकट पर वीडियो डालने पर शिक्षक के निलंबन पर रोक, एमपी हाईकोर्ट ने कहा- बिना सोच-समझ के लिया गया फैसला
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी प्राथमिक शिक्षक के निलंबन पर रोक लगाते हुए कहा कि यह आदेश बिना उचित विचार किए और जल्दबाजी में पारित किया गया प्रतीत होता है।जस्टिस आशीष श्रोति की पीठ ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को निर्देश दिया कि वह पूरे मामले पर नए सिरे से विचार करें और तथ्यों के आधार पर निर्णय लें।मामला उस शिक्षक से जुड़ा है, जिस पर आरोप है कि उसने 13 मार्च, 2026 को फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें एलपीजी गैस की कमी पर चर्चा की गई। प्रशासन का आरोप था कि इस वीडियो से समाज में अशांति फैल...
एक्टर मोहनलाल के पर्सनालिटी राइट्स की रक्षा पर दिल्ली हाईकोर्ट देगा अंतरिम आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट ने मलयालम अभिनेता मोहनलाल के पर्सनालिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए अंतरिम आदेश पारित करने का संकेत दिया।जस्टिस ज्योति सिंह ने सुनवाई के दौरान एक्टर की उस अर्जी को स्वीकार कर लिया जिसमें उन्होंने नए प्रतिवादियों को मुकदमे में पक्षकार बनाने की मांग की थी।अदालत ने एक्टर मोहनलाल को निर्देश दिया कि वे कथित रूप से उल्लंघन करने वाले लिंक की सूची प्रतिवादियों के साथ साझा करें ताकि मामले पर आगे विचार किया जा सके।गौरतलब है कि पिछली सुनवाई में अदालत ने एक्टर को अपनी अंतरिम अर्जी वापस लेने की...
रिलायंस के खिलाफ CBI जांच की मांग खारिज, बॉम्बे हाईकोर्ट ने याचिका ठुकराई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने रिलायंस इंडस्ट्रीज और उसके निदेशक मुकेश धीरूभाई अंबानी के खिलाफ CBI जांच की मांग वाली याचिक खारिज की।बता दें, उक्त याचिका में आरोप लगाया गया था कि कंपनी ने ओएनजीसी के गैस क्षेत्रों से अवैध रूप से प्राकृतिक गैस निकाली।चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस सुमन श्याम की खंडपीठ ने यह आदेश सुनाया।याचिका में आरोप था कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने 2004 से 2013-14 के बीच आंध्र प्रदेश के कृष्णा-गोदावरी बेसिन में अपने कुओं से तिरछी ड्रिलिंग कर ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन के गैस भंडार...
होटल ने बिल में जोड़ा 'गैस चार्ज', CCPA ने एडवाइज़री जारी करते हुए कहा - LPG चार्ज लगाना गलत
सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने एडवाइज़री जारी करके होटलों और रेस्टोरेंट को कस्टमर के बिल में "LPG चार्ज", "गैस सरचार्ज" या "फ्यूल कॉस्ट रिकवरी" जैसे एक्स्ट्रा चार्ज जोड़ने से मना किया है। CCPA ने कहा है कि कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, 2019 के तहत ऐसे तरीके गलत हैं।यह कदम कई शिकायतों के बाद उठाया गया, जिनमें कहा गया कि खाने-पीने की जगहें मेन्यू की कीमतों और टैक्स के अलावा ये चार्ज अपने-आप जोड़ रही थीं। CCPA ने साफ किया कि LPG, फ्यूल और बिजली जैसे ऑपरेशनल खर्च बिज़नेस चलाने का ही...
किसी एक धर्म को 'एकमात्र सच्चा धर्म' बताना गलत, इससे दूसरे धर्मों का अपमान होता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने IPC की धारा 295A के तहत दर्ज केस रद्द करने से इनकार किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की कि धर्मनिरपेक्ष भारत में किसी भी व्यक्ति के लिए यह दावा करना 'गलत' है कि कोई विशेष धर्म ही "एकमात्र सच्चा धर्म" है, क्योंकि ऐसा करने का मतलब है कि वह दूसरे धर्मों का 'अपमान' कर रहा है, और पहली नज़र में इस पर IPC की धारा 295A लागू होती है।जस्टिस सौरभ श्रीवास्तव की बेंच ने यह टिप्पणी रेवरेंड फादर विनीत विंसेंट परेरा द्वारा दायर याचिका खारिज करते हुए की। परेरा पर IPC की धारा 295A [जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य, जिसका उद्देश्य किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक...
MUDA जमीन घोटाला: सीएम सिद्धारमैया को राहत देने वाली बी रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
कर्नाटक हाईकोर्ट ने मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) जमीन घोटाले से जुड़े मामले में बड़ा कदम उठाते हुए बी रिपोर्ट (क्लोजर रिपोर्ट) स्वीकार करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया।जस्टिस एस सुनील दत्त यादव की एकल पीठ ने इस मामले में राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उनकी पत्नी बीएम पार्वती, रिश्तेदार मल्लिकार्जुन स्वामी, भूमि मालिक देवराजु, प्रवर्तन निदेशालय और लोकायुक्त पुलिस को नोटिस जारी किया।यह याचिका स्नेहमयी कृष्णा द्वारा दायर की गई, जिसमें 28 जनवरी को ट्रायल कोर्ट...
बढ़ती प्रॉपर्टी की कीमतों के कारण प्रॉपर्टी डील्स में समय-सीमा का पालन ज़रूरी: दिल्ली हाईकोर्ट ने 'स्पेसिफिक परफॉर्मेंस' का आदेश देने से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने बिक्री के एक कथित समझौते के 'स्पेसिफिक परफॉर्मेंस' (समझौते को लागू करने) का आदेश देने से इनकार करते हुए यह टिप्पणी की कि प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों के कारण प्रॉपर्टी के लेन-देन में समय-सीमा का पालन करना बहुत ज़रूरी हो जाता है।जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस रेनू भटनागर की डिवीज़न बेंच ने कहा,"दिल्ली जैसे बड़े शहरों में, जहां प्रॉपर्टी की कीमतें लगातार और काफ़ी तेज़ी से बढ़ती रहती हैं, प्रॉपर्टी से जुड़े लेन-देन की व्यावसायिक सच्चाई यह है कि समझौते की शर्तों को पूरा करने में समय की...
संसद ने ट्रांसजेंडर व्यक्ति संशोधन विधेयक पारित किया, जेंडर के स्वयं-निर्धारण का अधिकार हटाना उद्देश्य
संसद ने ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2026 पारित किया।राज्यसभा ने बुधवार को इस विधेयक को ध्वनि मत से पारित कर दिया; लोकसभा ने इसे मंगलवार को ही मंजूरी दे दी थी। DMK सांसद तिरुचि शिवा द्वारा विधेयक को एक प्रवर समिति (select committee) के पास भेजने के लिए पेश किया गया प्रस्ताव खारिज किया गया।इस विधेयक में प्रस्तावित विवादास्पद संशोधन यह है कि यह जेंडर के स्वयं-निर्धारण के अधिकार को छीन लेता है। यह विधेयक "स्वयं-अनुभूत लिंग पहचान" वाले व्यक्तियों को "ट्रांसजेंडर व्यक्ति"...



















