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अगर नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं तो SIR का क्या मकसद? ECI से बॉम्बे हाईकोर्ट का सवाल

बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने सोमवार (5 अक्टूबर) को उस तरीके पर सवाल उठाए, जिससे चुनाव अधिकारी चल रहे 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) के तहत नागरिकों के नाम हटा रहे हैं।भारत के चुनाव आयोग (ECI) को सुप्रीम कोर्ट की उन बातों की याद दिलाते हुए कि आयोग की यह ज़िम्मेदारी है कि वह पक्का करे कि सभी भारतीय नागरिक फाइनल वोटर लिस्ट में शामिल हों, जस्टिस वाल्मीकि मेनेजेस और जस्टिस अमित जामसांडेकर की डिवीजन बेंच ने ECI से कहा:"फैसला पढ़िए, उसमें कहा गया कि ECI की यह ज़िम्मेदारी है कि वह पक्का करे कि सभी...

जब शादी का रिश्ता काफ़ी हद तक टूट चुका हो तो उसे सिर्फ़ कानूनी तौर पर बचाए रखने से शादी की पवित्रता बनी नहीं रहती: उड़ीसा हाईकोर्ट

उड़ीसा हाईकोर्ट ने कहा कि जब पति-पत्नी के बीच वैवाहिक रिश्ता काफ़ी हद तक टूट चुका हो तो शादी को सिर्फ़ कानूनी रूप से बचाए रखना बेमतलब है और इससे शादी की पवित्रता भी बनी नहीं रहती। [2026 LiveLaw (Ori) 115]एक जोड़े को तलाक देने के फैमिली कोर्ट के आदेश को सही ठहराते हुए चीफ जस्टिस हरीश टंडन और जस्टिस चित्तरंजन डैश की डिवीजन बेंच ने टिप्पणी की,“निस्संदेह शादी की एक पवित्रता होती है, जिसे कोर्ट को आम तौर पर बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए। लेकिन जब रिश्ते की मुख्य नींव ही काफ़ी हद तक टूट चुकी हो, तो...

दिल्ली दंगों में नेताओं के कथित भड़काऊ भाषणों पर FIR की मांग में राजनीतिक चयनात्मकता: हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान कथित भड़काऊ भाषणों को लेकर विभिन्न नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि इनमें राजनीतिक चयनात्मकता” का तत्व दिखाई देता है।कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने कुछ खास व्यक्तियों और कुछ विशेष भाषणों को कार्रवाई के लिए निशाना बनाया, जबकि उसके समक्ष ऐसा कोई असाधारण आधार नहीं है, जिसके चलते आपराधिक मामले दर्ज करने का निर्देश दिया जाए। जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस मनोज जैन की डिवीजन बेंच ने यह टिप्पणी...

बच्चों के अधिकार और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का हिंदी ई-बुकलेट जारी: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपनी ऐतिहासिक निर्णय ई-बुकलेट श्रृंखला का छठा संस्करण जारी किया। इसमें बच्चों के अधिकार और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन अलायंस बनाम एस. हरिश का हिंदी अनुवाद शामिल किया गया।यह ई-बुकलेट 30 सितंबर 2026 को AI आधारित कानूनी अनुवाद सलाहकार, E-AHCR और ILR समिति द्वारा जारी किया गया। ई-बुकलेट में शामिल सुप्रीम कोर्ट का फैसला 23 सितंबर 2024 का है, जो आपराधिक अपील संख्या 2161-2162/2024 में सुनाया गया। इस फैसले में बच्चों से संबंधित...

जामिया हिंसा: शांतिपूर्ण प्रदर्शन को तितर-बितर करने के लिए कैंपस में नहीं घुसी थी पुलिस, हिंसा बढ़ने पर किया हस्तक्षेप: हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिसंबर 2019 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हुई हिंसा से जुड़ी याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस विश्वविद्यालय परिसर में किसी शांतिपूर्ण प्रदर्शन को तितर-बितर करने के लिए शुरुआत में नहीं घुसी थी। पुलिस का परिसर में प्रवेश उस समय हुआ, जब विश्वविद्यालय के बाहर हालात बिगड़ चुके थे और प्रदर्शनकारी कैंपस के भीतर चले आए थे। हालांकि कोर्ट ने पुलिस कार्रवाई के तरीके में कुछ कमियों की ओर भी इशारा किया और कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने विश्वविद्यालय की...

आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए MCD -NDMC के कर्मचारियों को मिलेगा प्रशिक्षण, लखनऊ नगर निगम लगाएगा शिविर: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को दिल्ली नगर निगम और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद को राजधानी में पशु चिकित्सा, सहायक पशु चिकित्सा सेवाओं और आवारा कुत्तों को पकड़ने वाले कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने कहा कि इसके लिए लखनऊ नगर निगम के साथ समन्वय किया जाए और जल्द से जल्द शिविर आयोजित किया जाए। जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस अदिति चौधरी की खंडपीठ ने कहा,“NDMC और MCD को लखनऊ नगर निगम के साथ समन्वय कर उपरोक्त उद्देश्यों के लिए प्रशिक्षण शिविर जल्द से जल्द आयोजित करने...

दिल्ली दंगों और जामिया हिंसा की स्वतंत्र जांच की मांग खारिज, राजनेताओं के खिलाफ FIR से भी हाईकोर्ट का इनकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों और 2019 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हुई हिंसा की स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिकाओं को सोमवार को खारिज किया। अदालत ने कथित भड़काऊ भाषणों को लेकर कई राजनीतिक नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज करने और कथित तौर पर लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी स्वीकार नहीं की।चीफ जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस मनोज जैन की खंडपीठ ने मामले में फैसला सुनाते हुए कहा,“फैसलों में बताए गए कारणों के आधार पर दोनों याचिकाएं खारिज की जाती...

कन्हैया लाल हत्याकांड: पांच आरोपियों को जमानत नहीं, राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा- आतंक राष्ट्र की मनोवैज्ञानिक संप्रभुता पर करता है प्रहार

राजस्थान हाईकोर्ट ने उदयपुर के दर्जी कन्हैया लाल की 2022 में हुई निर्मम हत्या के मामले में पांच आरोपियों को जमानत देने से इनकार किया। चीफ जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस समीर जैन की खंडपीठ ने विशेष NIA अदालत के उन आदेशों को बरकरार रखा जिनमें आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज की गईं।हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में पैदा किया गया आतंक केवल किसी व्यक्ति के शरीर पर हमला नहीं था बल्कि उसने देश की मनोवैज्ञानिक संप्रभुता पर प्रहार किया। अदालत के मुताबिक, अपराध का उद्देश्य महज हत्या करना नहीं था बल्कि...

शिक्षा मित्र प्री-TET इन-सर्विस शिक्षकों के बराबर होने का अधिकार नहीं, उन्हें बाहर रखना अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि इन-सर्विस शिक्षकों (सेवा में पहले से मौजूद शिक्षकों) के लिए आयोजित 'स्पेशल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट' (Special TET) से शिक्षा मित्रों को बाहर रखना भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन नहीं है।कोर्ट ने कहा कि जब 'टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट' (TET) अनिवार्य किया गया, तब जो शिक्षक पहले से सेवा में थे, वे एक अलग श्रेणी (class) में आते हैं। 'स्पेशल TET' अंतरिम उपाय है, जो उस श्रेणी के शिक्षकों को वह योग्यता हासिल करने में मदद करता है, जो सेवा में आने के बाद उन पर लागू...

S. 16(1) UP Gangsters Act: अटैच की गई प्रॉपर्टी रिलीज़ करने की अर्ज़ी खारिज करने के बाद मामला कोर्ट भेजेगा डीएम: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साफ़ किया कि 'गैंगस्टर्स एक्ट' के तहत अटैच की गई प्रॉपर्टी को रिलीज़ करने की अर्ज़ी खारिज करने के बाद डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) को 'उत्तर प्रदेश गैंगस्टर और असामाजिक गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1986' की धारा 16(1) के तहत मामला सक्षम कोर्ट को भेजना होगा।जस्टिस अजय भनोट और जस्टिस दिवेश चंद्र सामंत की बेंच ने फ़िरोज़ाबाद के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट का वह आदेश रद्द करते हुए यह टिप्पणी की, जिसमें अटैच की गई प्रॉपर्टी को रिलीज़ करने की अर्ज़ी खारिज की गई थी।कोर्ट ने गौर किया कि धारा...

जंतर-मंतर पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की इजाज़त न मिलने पर हाईकोर्ट पहुंची इंडियन यूथ कांग्रेस

इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) ने जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करने की इजाज़त न मिलने के फैसले को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की।यह याचिका IYC अध्यक्ष उदय भानु चिब ने दायर की। उन्होंने दिल्ली पुलिस के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें 1 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन करने की अर्ज़ी को खारिज कर दिया गया।याचिका में तर्क दिया गया कि पुलिस शांतिपूर्ण सभा को नियंत्रित करने की अपनी शक्ति का इस्तेमाल उसे पूरी तरह रोकने के लिए नहीं कर...

हनुमान टिप्पणी का मामला: सीएम रेखा गुप्ता के खिलाफ याचिका पर कोर्ट ने पुलिस से मांगा जवाब

दिल्ली कोर्ट में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए याचिका दायर की गई। यह याचिका एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान सरकारी अधिकारियों की तुलना भगवान हनुमान से करने वाली कथित टिप्पणी को लेकर है।राउज़ एवेन्यू कोर्ट के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अश्वनी पंवार ने दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है और मामले की स्टेटस रिपोर्ट मंगाने का निर्देश दिया।यह शिकायत राम निवास शर्मा ने भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता, 2023 (BNS) की धारा 223 के तहत दर्ज कराई।अब इस मामले की सुनवाई 15 अक्टूबर को...

रेप सिर्फ़ शारीरिक शोषण नहीं, यह पीड़ित की आत्मा का भी उल्लंघन हो सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि रेप सिर्फ़ शारीरिक शोषण नहीं है, बल्कि यह पीड़ित की "आत्मा" का भी उल्लंघन हो सकता है, क्योंकि इसका सदमा शारीरिक सीमाओं से आगे बढ़कर मनोवैज्ञानिक और मानसिक स्तर तक पहुंच जाता है।जस्टिस विमल कुमार यादव ने यह टिप्पणी 2006 में एक महिला के साथ रेप के आरोपी व्यक्ति को बरी किए जाने के खिलाफ़ राज्य सरकार की अपील पर सुनवाई करते हुए की।कोर्ट ने कहा कि रेप सर्वाइवर्स को सामाजिक बदनामी और बहिष्कार का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि समाज कभी-कभी सहानुभूति, समर्थन और संवेदना दिखाने...

पत्नी जहां रहती है, वहां क्रूरता के आरोपों के आधार पर तलाक के मुकदमे के लिए अधिकार क्षेत्र तय हो सकता है: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा कि अगर पत्नी की तलाक की अर्ज़ी में उस कोर्ट के अधिकार क्षेत्र के अंदर क्रूरता की घटनाओं का आरोप लगाया गया तो सिर्फ़ इसलिए अर्ज़ी वापस नहीं की जा सकती कि शादी कहीं और हुई थी या अन्य घटनाएँ कहीं और घटी थीं।कोर्ट ने कहा कि शुरुआती चरण में सवाल यह है कि क्या अर्ज़ी में कोर्ट के अधिकार क्षेत्र के अंदर 'कॉज़ ऑफ़ एक्शन' (मुकदमे का आधार) का कोई हिस्सा बताया गया, न कि यह कि आरोप अंततः साबित हो सकते हैं या नहीं।कोर्ट एक ऐसी याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें सिविल...

बालीग होने के बाद शादी करने से नाबालिग के साथ सेक्स को कानूनी नहीं माना जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि महिला और आरोपी के बीच बालिग होने के बाद हुई शादी, उस सेक्सुअल इंटरकोर्स (यौन संबंध) को कानूनी नहीं बना सकती जो कथित तौर पर तब हुआ था, जब वह नाबालिग थी। कोर्ट ने कहा कि एक लंबे समय तक चलने वाला रिश्ता बाद में कानूनी सहमति नहीं दे सकता।जस्टिस संजीव नरूला ने यह बात एक व्यक्ति के खिलाफ POCSO मामला रद्द करने से इनकार करते हुए कही। उस व्यक्ति की पत्नी ने कार्यवाही खत्म करने की मांग की, क्योंकि उनकी शादी हो चुकी हैं, उनका एक बच्चा हैं और वे खुशी-खुशी साथ रह रहे हैं।जब महिला ने...

प्राइवेट शिकायत पर संज्ञान लेने से पहले मजिस्ट्रेट को शिकायतकर्ता और गवाहों से पूछताछ करनी होगी: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 223(1) के तहत आरोपी को नोटिस जारी करने और संज्ञान लेने के मामले में उसकी बात सुनने का मौका देने से पहले, मजिस्ट्रेट को सबसे पहले शिकायतकर्ता और मौजूद गवाहों से शपथ पर पूछताछ करनी होगी, जब तक कि कानून में ऐसी पूछताछ से छूट न दी गई हो।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि औपचारिक रूप से संज्ञान लेने से पहले आरोपी की बात सुनना ज़रूरी है, लेकिन प्राइवेट शिकायत पेश होने पर, शिकायतकर्ता और गवाहों...

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन: कपिल सिब्बल, प्रशांत भूषण समेत कई नेता-कार्यकर्ता जुटे; इस्तीफे की मांग

मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) में कथित अनियमितताओं के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन हुआ। ये आरोप प्रदर्शनकारियों और आयोजकों की ओर से लगाए गए हैं; अपने आप में ये किसी तरह की अनियमितता का निर्णायक प्रमाण नहीं हैं।प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू रखे। पुलिस के अनुसार बिना अनुमति सभा, जुलूस, धरना, भाषण और नारेबाजी पर रोक थी।...

जौनपुर कस्टोडियल डेथ 2021: हाईकोर्ट ने खारिज की 4 आरोपी पुलिसकर्मियों की ज़मानत अर्ज़ी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को 2021 के जौनपुर कस्टोडियल डेथ (पुलिस हिरासत में मौत) मामले में आरोपी उत्तर प्रदेश पुलिस के 4 कर्मियों की ज़मानत अर्ज़ियां खारिज कीं।अपने 95 पन्नों के आदेश में जस्टिस समित गोपाल ने CBI की चार्जशीट में लगाए गए आरोपों का ज़िक्र किया। इन आरोपों के मुताबिक, आरोपी पुलिसकर्मियों ने मृतक कृष्ण कुमार यादव उर्फ ​​पुजारी से जुर्म कबूलवाने के लिए उन्हें गंभीर चोटें पहुंचाईं और बाद में ऐसी चोटें देकर उनकी हत्या की, जिनसे मौत हो सकती थी।CBI ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी मौत को...