इलाहाबाद हाईकोट

किरायेदार-लैंडलॉर्ड विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, बिक्री समझौते से अपने आप खत्म नहीं होती किरायेदारी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि कोई किरायेदार अपने मकान मालिक से किराए की संपत्ति खरीदने का एग्रीमेंट टू सेल करता है, तो केवल समझौता हो जाने से किरायेदारी खत्म नहीं होती। साथ ही, किरायेदार की कब्जे की स्थिति अपने आप ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट, 1882 की धारा 53-A के तहत बिक्री समझौते के आंशिक पालन में कब्जा नहीं मानी जा सकती।जस्टिस डॉ. योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि किरायेदार को यह साबित करना होगा कि समझौते के बाद पुरानी किरायेदारी स्पष्ट रूप से या निहित रूप से समाप्त (surrender) हो गई थी...

फर्जी TET प्रमाणपत्र से मिली नौकरी शुरू से ही शून्य, बर्खास्तगी से पहले नियमित विभागीय जांच जरूरी नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि यदि सरकारी नियुक्ति जिस प्रमाणपत्र के आधार पर हुई, वह निर्णायक रूप से फर्जी पाया जाता है तो ऐसी नियुक्ति शुरू से ही शून्य मानी जाएगी। ऐसी नियुक्ति को रद्द करना दंडात्मक बर्खास्तगी नहीं है, इसलिए उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के तहत नियमित विभागीय जांच कराना जरूरी नहीं है।जस्टिस मंजू रानी चौहान ने कहा कि ऐसे मामलों में कारण बताओ नोटिस देना और प्राकृतिक न्याय के व्यापक सिद्धांतों का पालन करना पर्याप्त है। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह...

अनुकंपा नियुक्ति में पद से ज्यादा दावेदार हों तो लिखित परीक्षा उचित: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि अनुकंपा नियुक्ति के लिए उपलब्ध पदों की तुलना में आश्रित अभ्यर्थियों की संख्या अधिक हो, तो उनके बीच चयन के लिए ऑब्जेक्टिव टाइप टेस्ट कराना अनुचित नहीं है।जस्टिस अरिंदम सिन्हा और जस्टिस सत्य वीर सिंह की खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश सब-इंस्पेक्टर एवं इंस्पेक्टर (सिविल पुलिस) सर्विस रूल्स, 2015 के नियम 5(1) में शामिल उस नोट को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज कर दीं, जिसके तहत अनुकंपा नियुक्तियां प्रत्येक वर्ष सीधी भर्ती से भरे जाने वाले पदों के अधिकतम 5 प्रतिशत तक सीमित...

मकान-मालिक के साथ बिक्री का समझौता करने से किरायेदारी खत्म नहीं होती और न ही किरायेदार का कब्ज़ा पार्ट परफॉर्मेंस में बदलता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि जब कोई किरायेदार अपने मकान-मालिक से किराये पर ली गई प्रॉपर्टी खरीदने का समझौता करता है तो सिर्फ़ समझौता करने से किरायेदारी खत्म नहीं होती और न ही इससे किरायेदार का कब्ज़ा 'ट्रांसफर ऑफ़ प्रॉपर्टी एक्ट, 1882' की धारा 53-A के तहत समझौते के आंशिक पालन (पार्ट परफॉर्मेंस) के तौर पर माना जाता है।कोर्ट ने कहा कि किरायेदार को यह साबित करना होगा कि किरायेदारी को साफ़ तौर पर या इशारों में खत्म (सरेंडर) कर दिया गया और उसके बाद उसका कब्ज़ा बिक्री के समझौते के आधार पर था।जस्टिस डॉ....

CJP सदस्य ने जर्जर सरकारी स्कूल का वीडियो दिखाने पर UP Police की FIR के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया

'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के सदस्य और छात्र ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने की मांग की। यह FIR फर्रुखाबाद के सरकारी प्राइमरी स्कूल की हालत दिखाने वाला वीडियो रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया पर शेयर करने के आरोप में दर्ज की गई।गौरव भारती उर्फ ​​गौरव कुमार द्वारा दायर याचिका में 19 अगस्त को BNS की धारा 352 और 353 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66 के तहत दर्ज FIR को चुनौती दी गई।याचिकाकर्ता ने गिरफ्तारी और उसके बाद होने वाली आपराधिक कार्यवाही से सुरक्षा...

पति के कर्ज के लिए विधवा की एफडी से 19.90 लाख काटना गलत, SBI को रकम लौटाने और 1 लाख मुआवजे का आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को विधवा की फिक्स्ड डिपॉजिट से उसके दिवंगत पति के व्यक्तिगत कर्ज की वसूली के लिए काटी गई 19,90,693 रुपये की रकम वापस करने का आदेश दिया। कोर्ट ने बैंक को इस कार्रवाई के लिए एक लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया।जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अब्देश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने कहा कि बैंक के पास पत्नी की एफडी से उसके पति का कर्ज सीधे वसूलने का कोई कानूनी आधार नहीं है। कोर्ट ने बैंक की कार्रवाई के तरीके पर भी कड़ी टिप्पणी की।खंडपीठ ने कहा कि विधवा...

हत्या के प्रयास के आरोपी को यूपी होमगार्ड भर्ती की शारीरिक परीक्षा देने हाईकोर्ट ने दी शॉर्ट टर्म जमानत

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में जेल में बंद आरोपी को यूपी होमगार्ड भर्ती की शारीरिक परीक्षा में शामिल होने के लिए सीमित अवधि की जमानत दी है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि आरोपी को 16 सितंबर को सुबह 4:30 बजे जेल से रिहा किया जाए और पूरी अवधि के दौरान वह पुलिस हिरासत में रहेगा।जस्टिस राजीव भारती ने जिला जेल रायबरेली में 10 मई 2026 से बंद अनुज कुमार तिवारी उर्फ गोलू की शॉर्ट टर्म जमानत अर्जी पर यह आदेश दिया।अनुज ने 16 सितंबर 2026 को सुबह 7 बजे फतेहपुर के स्पोर्ट्स...

गैंग चार्ट मंजूर करने में निष्पक्षता और विवेक का पालन न होने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने SP-DM को फटकारा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बहराइच के SP और DM को गैंग चार्ट मंजूर करने में संवैधानिक अदालतों के फैसलों में तय निष्पक्षता और विवेकपूर्ण निर्णय की अनदेखी करने पर कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि गैंग चार्ट को मंजूरी देते समय अधिकारियों को आरोपी के आपराधिक इतिहास और गतिविधियों पर विचार करने के साथ अपने विवेक का इस्तेमाल करना जरूरी है।जस्टिस मनीष माथुर की पीठ ने पाया कि वर्ष 2021 के एक मामले में गैंग चार्ट को मंजूरी देते समय न तो SP और न ही DM ने आरोपी के आपराधिक इतिहास पर विचार करने, किसी कारण या चर्चा...

हाईकोर्ट से ज़मानत मिलने के दो दिन बाद बिजनौर जेल में कैदी की मौत; इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेल DG से मांगा जवाब

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिजनौर ज़िला जेल में एक कैदी की कथित कस्टडी में मौत के मामले में उत्तर प्रदेश के जेल प्रशासन और सुधार सेवाओं के महानिदेशक (DG) से जवाब मांगा।कोर्ट ने कहा कि यह "गंभीर चिंता का विषय" है कि कस्टडी में हुई मौत के मामले में राज्य की ओर से "कोई संतोषजनक जवाब" नहीं दिया गया।जस्टिस चंद्र धारी सिंह और जस्टिस तरुण सक्सेना की बेंच ने महानिदेशक को एक संक्षिप्त जवाबी हलफनामा (Counter-Affidavit) दाखिल करने का निर्देश दिया, जिसमें उन हालात के बारे में बताया जाए, जिनमें याचिकाकर्ता के बेटे...

पैसा और रुतबा से न्याय नहीं मिल सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ₹126 करोड़ के PMLA मामले में बिल्डर की ज़मानत अर्ज़ी खारिज की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को 'उन्नति फॉर्च्यून होल्डिंग्स लिमिटेड' के मुख्य प्रमोटर और बिल्डर अनिल मिठास की ज़मानत अर्ज़ी खारिज की। उन पर घर खरीदारों के ₹126.30 करोड़ के कथित हेरफेर को लेकर PMLA के तहत मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं।एक अहम टिप्पणी में बेंच ने कहा कि व्हाइट-कॉलर अपराध इतने "व्यापक और नुकसानदेह" हो गए हैं कि उनसे निपटने के लिए "सख्त और बिना किसी समझौते के सख्ती" ही एकमात्र तरीका है।बेंच ने आगे कहा कि ऐसे अपराधों से "सख्ती से" निपटने पर यह धारणा खत्म हो जाएगी कि "पैसा और रुतबा होने...

बार एसोसिएशन में महिलाओं को 30% प्रतिनिधित्व देना जरूरी, हम चुनाव रद्द नहीं करेंगे: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुलंदशहर सिविल बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी का चुनाव रद्द करने से इनकार करते हुए कहा कि चुनाव के बाद चार महिला वकीलों को कार्यकारिणी में नामित किए जाने से महिलाओं के 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व की आवश्यकता पूरी हो गई। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भविष्य के सभी चुनावों में महिलाओं को 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए बार एसोसिएशन को अपने उपनियमों में संशोधन करना होगा।चीफ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने यह आदेश बुलंदशहर जिला अदालत में...

बिना रिकॉर्ड की मौखिक हिदायत के आधार पर नहीं हो सकती विभागीय कार्रवाई, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कर अधिकारी की सजा रद्द की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य कर विभाग के अधिकारी के खिलाफ की गई विभागीय कार्रवाई रद्द करते हुए कहा कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठकों में दी गई कथित मौखिक हिदायतों का पालन नहीं करने के आरोप के आधार पर दंड नहीं दिया जा सकता, जब उन बैठकों की तारीख और कार्यवाही का कोई रिकॉर्ड पेश ही न किया गया हो। कोर्ट ने कहा कि ऐसे आधार पर की गई कार्रवाई काल्पनिक आरोपों पर आधारित मानी जाएगी।जस्टिस राजीव सिंह ने राज्य कर अधिकारी पर लगाई गई निंदा प्रविष्टि और एक वेतनवृद्धि संचयी प्रभाव से रोकने की सजा रद्द की। कोर्ट ने 5...

BNSS की धारा 180 के तहत गवाहों के बयान की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य करने पर विचार करे UP Police: हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी को निर्देश दिया कि BNSS की धारा 180 के तहत दर्ज किए जाने वाले सभी गवाहों के बयानों की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य करने पर विचार किया जाए। कोर्ट ने कहा कि इससे आपराधिक जांच अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने में मदद मिलेगी और जमानत सहित अन्य न्यायिक कार्यवाही में भी अदालत के लिए यह रिकॉर्ड उपयोगी होगा।जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल ने दहेज से जुड़े मामले में आरोपी महिला की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष...

“पिता बेटी को साथ रहने के लिए मजबूर नहीं कर सकता”: अंतरधार्मिक शादी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अलग धर्म के युवक से शादी करने वाली एक बालिग महिला को उसके पिता की कथित हिरासत से मुक्त करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि बालिग महिला को यह तय करने का अधिकार है कि वह किसके साथ रहना चाहती है और पिता उसे उसकी इच्छा के खिलाफ अपने साथ रहने के लिए मजबूर नहीं कर सकता।जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने यह आदेश प्रिंसी की ओर से उसके पति/नेक्स्ट फ्रेंड गुरप्रीत सिंह द्वारा दाखिल हैबियस कॉर्पस याचिका पर दिया।याचिका के मुताबिक, प्रिंसी की गुरप्रीत से फरवरी 2025 में सोशल मीडिया के...

पूर्व कैबिनेट मंत्री का पद मोटर दुर्घटना मुआवजे में आय का प्रमाण नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना मुआवजे से जुड़े एक मामले में कहा कि किसी व्यक्ति की सामाजिक या पेशेवर प्रतिष्ठा के आधार पर उसकी आय तय नहीं की जा सकती। मृतक की आय का निर्धारण रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जाना चाहिए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आयकर रिटर्न प्रासंगिक साक्ष्य हो सकता है, लेकिन केवल आयकर रिटर्न दाखिल कर देने से उसमें घोषित आय स्वतः प्रमाणित नहीं हो जाती।जस्टिस अनिल कुमार-X ने कहा कि मोटर दुर्घटना के दावे में भी साक्ष्यों के मूल्यांकन के सामान्य सिद्धांतों को...

यूपी आवास विकास अधिनियम का मुख्य उद्देश्य आवास विकास, भूमि अधिग्रहण सिर्फ साधन; 2013 के कानून से कोई टकराव नहीं: हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद अधिनियम, 1965 को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि यह कानून भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 से असंगत नहीं है। कोर्ट ने कहा कि 1965 के अधिनियम का मूल उद्देश्य उत्तर प्रदेश में आवास और विकास से जुड़ी योजनाओं का निर्माण और उनका क्रियान्वयन है, जबकि अनिवार्य भूमि अधिग्रहण इन योजनाओं को पूरा करने का केवल एक सहायक साधन है।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजिव शुक्ला की खंडपीठ ने कहा कि...

यूपी आवास विकास अधिनियम के तहत जमीन अधिग्रहण पर भी 2013 के कानून के समान मुआवजा और पुनर्वास का लाभ: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद अधिनियम, 1965 के तहत अनिवार्य रूप से अधिग्रहित की जाने वाली जमीन के मालिकों को भी भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के समान मानकों के अनुसार मौद्रिक और गैर-मौद्रिक लाभ दिए जाने चाहिए।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजिव शुक्ला की खंडपीठ ने कहा कि किसी अलग कानून या अलग प्राधिकरण के तहत जमीन अधिग्रहित किए जाने के आधार पर भूमि मालिकों के साथ मुआवजे और...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिग बच्चों को पेश करने का आदेश दिया, पिता का आरोप- अलग रह रही पत्नी उन्हें मुसलमान बनाना चाहती है

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को राज्य और प्राइवेट प्रतिवादियों को 2 नाबालिग बच्चों - एक 7 साल का लड़का और 4 साल की लड़की - को 25 सितंबर को कोर्ट के सामने पेश करने का निर्देश दिया। बच्चों के पिता ने आरोप लगाया कि उनकी अलग रह रही पत्नी (बच्चों की मां) इस्लाम अपनाना चाहती है और बच्चों का भी धर्म परिवर्तन कराकर उन्हें इस्लाम में बदलना चाहती है।जस्टिस संदीप जैन की बेंच ने बच्चों के पिता अर्पित अग्रवाल द्वारा दायर 'हेबियस कॉर्पस' (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।बताया...