बॉम्बे हाईकोर्ट
डॉक्टरों से मारपीट मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने शिंदे सेना पार्षद रमेश म्हात्रे की जमानत रद्द की, डॉक्टरों से हड़ताल टालने की अपील
बॉम्बे हाईकोर्ट ने नगर निगम अस्पताल के तीन डॉक्टरों से मारपीट के मामले में शिंदे सेना के पार्षद रमेश म्हात्रे को निचली अदालत से मिली जमानत रद्द की।अदालत ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा कि मजिस्ट्रेट ने आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड और घटना की गंभीरता पर पर्याप्त विचार नहीं किया। एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखाड़ की खंडपीठ ने कल्याण की मजिस्ट्रेट अदालत के जमानत आदेश पर स्वतः संज्ञान लेकर उसे स्थगित करते हुए रमेश म्हात्रे और उनके चार सहयोगियों की जमानत भी रद्द की।अदालत...
केस ट्रांसफर से पहले हाईकोर्ट से मंज़ूरी मिलने के बावजूद सिविल कोर्ट टेरिटोरियल ज्यूरिस्डिक्शन की नए सिरे से जांच कर सकता है: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि केस ट्रांसफर करने से पहले हाईकोर्ट द्वारा 'लेटर्स पेटेंट' के क्लॉज़ XII के तहत मंज़ूरी देने का मतलब यह नहीं है कि बॉम्बे सिटी सिविल कोर्ट, केस ट्रांसफर होने के बाद टेरिटोरियल ज्यूरिस्डिक्शन के मुद्दे की नए सिरे से जांच नहीं कर सकता।कोर्ट ने कहा कि बॉम्बे सिटी सिविल कोर्ट एक्ट, 1948 की धारा 4A(2) के तहत सिटी सिविल कोर्ट को ट्रांसफर किए गए केस को ऐसे देखना होता है जैसे वह मूल रूप से उसी के सामने दायर किया गया हो। अगर उसे लगता है कि उसके पास टेरिटोरियल ज्यूरिस्डिक्शन नहीं...
बॉम्बे हाईकोर्ट का PoP गणेश मूर्ति बनाने वालों से सवाल- क्या आपके कमर्शियल फ़ायदे पर्यावरण की सुरक्षा से ज़्यादा ज़रूरी हैं?
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार (16 जुलाई) को प्लास्टर ऑफ़ पेरिस (PoP) से गणेश मूर्तियां बनाने वालों से पूछा कि क्या उनके कमर्शियल फ़ायदे पर्यावरण की सुरक्षा और समाज के व्यापक हितों से ज़्यादा ज़रूरी हो सकते हैं।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाता की डिवीज़न बेंच ने यह बात जनहित याचिका (PIL) पर अंतिम बहस के दौरान कही। इस याचिका में प्राकृतिक जल निकायों में PoP मूर्तियों के विसर्जन पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग की गई, चाहे उनकी ऊंचाई कुछ भी हो।PoP मूर्ति बनाने वालों के संगठनों का प्रतिनिधित्व करने...
सहयोग पोर्टल और सामग्री हटाने के नियमों को चुनौती: बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्र से 29 जुलाई तक मांगा जवाब
बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा की याचिका पर केंद्र सरकार को 29 जुलाई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। याचिका में 'सहयोग पोर्टल' और सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के नियम 3(1)(डी) में वर्ष 2025 में किए गए संशोधन की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई। कामरा का दावा है कि यह व्यवस्था पर्याप्त कानूनी सुरक्षा के बिना ऑनलाइन सामग्री हटाने का रास्ता खोलती है।एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र गूगे और जस्टिस गौतम अंखाड़ की खंडपीठ ने मामले की...
NDPS मामला: मजिस्ट्रेट के समक्ष तलाशी के अधिकार का लिखित त्याग न होने पर आरोपी को जमानत
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम के एक मामले में अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि धारा 50 के तहत आरोपी को प्राप्त अधिकार का केवल मौखिक (Oral) त्याग पर्याप्त नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि आरोपी मजिस्ट्रेट या राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer) की मौजूदगी में तलाशी लेने के अपने अधिकार का इस्तेमाल नहीं करना चाहता, तो उसका यह त्याग लिखित रूप में दर्ज होना चाहिए और उस पर आरोपी के हस्ताक्षर भी होने चाहिए।जस्टिस श्याम सी. चंदक की एकलपीठ एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं 8(c), 22(b) और 22(c) के...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सभी पुलिस स्टेशनों में CCTV के काम करने और फुटेज को सुरक्षित रखने की स्थिति की समीक्षा करने का निर्देश दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार (15 जुलाई) को राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया। इस रिपोर्ट में यह बताना होगा कि क्या महाराष्ट्र के सभी पुलिस स्टेशनों में CCTV कैमरे काम कर रहे हैं और संबंधित पुलिस स्टेशन उनके डेटा को कितने समय तक सुरक्षित रखते हैं।एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखाड की खंडपीठ ने DGP से 10 अगस्त को अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा।आदेश में कहा गया,"हम पुलिस महानिदेशक से कहते हैं कि वे परमवीर सिंह मामले में आए फैसले को ध्यान में रखते हुए...
पिता द्वारा ज़बरदस्ती ले जाए गए बच्चे को वापस पाने के लिए मजिस्ट्रेट BNSS के तहत तलाशी का प्रावधान लागू कर सकते हैं: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि मजिस्ट्रेट, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत तलाशी के प्रावधानों का इस्तेमाल करके उस बच्चे को वापस ला सकते हैं जिसे कथित तौर पर उसके पिता ने माँ की कस्टडी से ज़बरदस्ती ले लिया था।मालेगाँव में मजिस्ट्रेट के उन आदेशों को सही ठहराते हुए, जिनमें पुलिस को पिता के घर की तलाशी लेने और फिर तीन साल के बच्चे की कस्टडी माँ को सौंपने का निर्देश दिया गया, कोर्ट ने पाया कि सेशंस कोर्ट ने उन निर्देशों में दखल देकर गलती की थी।सिंगल-जज जस्टिस माधव जामदार ने मालेगाँव, नासिक की...
आरोप बदलने के बाद गवाहों को दोबारा बुलाने की अर्जी सुनने से इनकार, निष्पक्ष सुनवाई के खिलाफ: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि ट्रायल के दौरान आरोप (Charges) में बदलाव किया जाता है, तो आरोपी को पहले से जांचे जा चुके गवाहों को दोबारा बुलाकर उनसे जिरह करने का अवसर देना निष्पक्ष सुनवाई (Fair Trial) का अहम हिस्सा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि धारा 217 सीआरपीसी के तहत दायर ऐसी अर्जी को सुनने से ही इनकार करना प्रक्रियागत निष्पक्षता (Procedural Fairness) के मूल सिद्धांत के विपरीत होगा।जस्टिस विक्टोरिया गौरी ने कहा कि धारा 217 सीआरपीसी अदालत को यह विवेकाधिकार जरूर देती है कि यदि गवाहों को दोबारा...
महिला कॉन्स्टेबल के बिना महिला के बेडरूम में पुलिस का घुसना निजता का उल्लंघन: बॉम्बे हाई कोर्ट ने मोबाइल ज़ब्त करने को गैर-कानूनी बताया
बॉम्बे हाई कोर्ट (नागपुर बेंच) ने कहा कि पुलिस अधिकारी जांच के नाम पर कानूनी सुरक्षा उपायों की अनदेखी नहीं कर सकते। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि रात में महिला कॉन्स्टेबल के बिना किसी महिला के बेडरूम में घुसना और 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS) के तहत तय प्रक्रिया का पालन किए बिना उसका मोबाइल फोन ज़ब्त करना, संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उसके निजता के अधिकार का उल्लंघन है।जस्टिस उर्मिला जोशी-फाल्के और जस्टिस निवेदिता मेहता की बेंच ने कहा कि धारा 185 के तहत जांच अधिकारी के लिए यह ज़रूरी है कि वह...
Right To Be Forgotten: FIR रद्द होने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने ऑनलाइन कोर्ट रिकॉर्ड में याचिकाकर्ता का नाम छिपाने का निर्देश दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया कि वह उस याचिकाकर्ता की पहचान छिपाएं (मास्क करें), जिसने अपने "भूल जाने के अधिकार" (right to be forgotten) का इस्तेमाल किया था। कोर्ट ने माना कि जब किसी व्यक्ति के कथित अपराध में शामिल होने से जुड़ी कानूनी कार्यवाही रद्द कर दी जाती है तो इंटरनेट पर उस जानकारी को बनाए रखने से कोई जनहित नहीं सधता।कोर्ट ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि निजता का अधिकार (Right to Privacy), जो संविधान के अनुच्छेद 21 का एक अहम हिस्सा है, उसमें 'भूल जाने का...
कस्टडी में मारपीट का मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- पुलिस अधिकारियों पर केस चलाने के लिए पहले से मंज़ूरी की ज़रूरत नहीं
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि कबूलनामा लेने के लिए किसी संदिग्ध के साथ मारपीट करना किसी भी पुलिस अधिकारी की सरकारी ड्यूटी का हिस्सा नहीं हो सकता। कोर्ट ने तीन पुलिसकर्मियों को बरी करने से इनकार किया, जिन पर एक व्यक्ति के साथ मारपीट करने का आरोप है—उसे हत्या का अपराध कबूल करने के लिए मजबूर किया गया। [2026 LiveLaw (Bom) 319]कोल्हापुर बेंच में सुनवाई करते हुए जस्टिस संदेश पाटिल ने कहा कि इस मामले में शिकायतकर्ता को 26 नवंबर 2008 को दोपहर 12 बजे इचलकरंजी शहर के शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में तैनात...
'पैसे के लालच में आए युवा, न कि पेशेवर हत्यारे': बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपहरण और हत्या के मामले में मौत की सज़ा बदली
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक लड़के के अपहरण और हत्या के मामले में दो लोगों की मौत की सज़ा को 30 साल की जेल में बदल दिया। कोर्ट ने कहा कि ये दोनों दोषी 'आम युवा' थे जो अमीर बनने का प्लान फेल होने पर 'परेशान' हो गए थे और 'तुरंत समाधान' के लिए उन्होंने लड़के की हत्या की थी।जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजूषा देशपांडे की बेंच ने माना कि चेतन पगारे और अमन जाट का परिचित लड़के का अपहरण करना और उसे कई चोटें पहुँचाकर मार डालना 'घिनौना' और 'बेरहम' काम था, लेकिन यह 'दुर्लभतम से दुर्लभ' (rarest of...
शादी को कानूनी मान्यता मिले बिना सेम-सेक्स कपल 'जीवनसाथी' के तौर पर मिलने वाले टैक्स फ़ायदों का दावा नहीं कर सकते: IT डिपार्टमेंट ने बॉम्बे हाईकोर्ट से कहा
इनकम टैक्स एक्ट (IT Act) की धारा 56(2)(x) के तहत 'छूट' का फ़ायदा पाने के लिए—जो विपरीत लिंग वाले जोड़ों (Heterosexual Couples) के बीच उपहारों पर टैक्स से छूट देती है—एक सेम-सेक्स कपल को पहले अपने रिश्ते को कानूनी रूप से 'शादी' या 'जीवनसाथी' (Spouse) आदि के तौर पर मान्यता दिलानी होगी। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने हाल ही में बॉम्बे हाई कोर्ट को यह बात बताई।इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एक सेम-सेक्स कपल की याचिका का विरोध किया। इस याचिका में IT Act की धारा 56(2)(x) की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई, जो...
'अपनी मर्ज़ी से फ़ैसला लेने में कानूनी तौर पर सक्षम': बॉम्बे हाईकोर्ट ने ज़बरदस्ती शादी से बचने के लिए घर छोड़ने वाली बालिग़ महिला की मदद की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि 21 साल की बालिग़ महिला कानूनी तौर पर यह तय करने में सक्षम है कि वह कहां रहना चाहती है और किससे शादी करना चाहती है। इसलिए उसके माता-पिता और राज्य उसे उसकी मर्ज़ी के ख़िलाफ़ कोई फ़ैसला लेने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। कोर्ट ने मुंबई पुलिस को निर्देश दिया कि वह एक युवा मुस्लिम महिला के बारे में 'गुमशुदा व्यक्ति' की शिकायत पर कार्रवाई न करें, जिसने अपने माता-पिता की पसंद के अनुसार शादी से बचने के लिए हैदराबाद में अपना घर छोड़ दिया था।एक्टिंग चीफ़ जस्टिस रवींद्र घुगे और...
प्राइवेसी का उल्लंघन: बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक्ट्रेस प्रीति जिंटा की AI से बनी तस्वीरें, डीपफेक और मॉर्फ्ड तस्वीरें हटाने का आदेश दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार (8 जुलाई) को एक अंतरिम आदेश में एक्ट्रेस प्रीति जिंटा की डीपफेक इमेज, AI और सुपरइम्पोज़्ड विज़ुअल्स और मॉर्फ्ड तस्वीरों समेत आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने का निर्देश दिया।सिंगल-जज जस्टिस माधव जामदार ने जिंटा की याचिका पर यह आदेश पारित किया।जज ने कहा कि एक्ट्रेस द्वारा बताई गई सामग्री, जैसे डीपफेक इमेज, AI और सुपरइम्पोज़्ड विज़ुअल्स और मॉर्फ्ड तस्वीरें, उनके नैतिक, पब्लिसिटी और पर्सनैलिटी अधिकारों का उल्लंघन करती हैं।जज ने माना कि उक्त कंटेंट उनकी प्राइवेसी के अधिकारों का भी...
भीमा कोरेगांव केस: आरोपी महेश राउत ने इलाज के लिए केरल जाने की इजाज़त के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट में अर्ज़ी दी
भीमा कोरेगांव-एल्गार परिषद मामले के आरोपियों में से एक महेश राउत ने बॉम्बे हाई कोर्ट में अर्ज़ी देकर केरल में आयुर्वेदिक इलाज के लिए जाने की इजाज़त मांगी। इससे पहले, इस साल जनवरी में एक स्पेशल NIA कोर्ट ने उनकी ऐसी ही अर्ज़ी खारिज की थी।राउत ने शहर की स्पेशल NIA कोर्ट के 21 जनवरी, 2026 के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें 29 जनवरी से 7 फरवरी तक केरल के पूनथोट्टम आयुर्वेदाश्रम जाने की उनकी अर्ज़ी खारिज कर दी गई। वह अपने रूमेटाइड आर्थराइटिस और सोग्रेन सिंड्रोम के इलाज के लिए आयुर्वेदिक आश्रम जाना चाहते...
गलत जानकारी देना ही मिथ्या प्रस्तुतीकरण नहीं: 45 साल पुरानी हाउसिंग सोसायटी का पंजीकरण रद्द करने से बॉम्बे हाईकोर्ट का इनकार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल गलत या अधूरी जानकारी देना अपने आप में 'मिथ्या प्रस्तुतीकरण' नहीं माना जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी सहकारी समिति का पंजीकरण तभी रद्द किया जा सकता है, जब यह साबित हो कि पंजीकरण जानबूझकर धोखा देकर, तथ्य छिपाकर या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त किया गया था। बाद की घटनाओं या पंजीकरण से जुड़े किसी कथित त्रुटिपूर्ण निर्णय के आधार पर पंजीकरण रद्द नहीं किया जा सकता।जस्टिस संदीप वी. मारणे ने यह फैसला एलीट डायग्नोस्टिक सेंटर प्राइवेट...
सरकारी नीतियों के विरोध पर नागरिक को शहर से बाहर नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन आयोजित करना या असहमति जताना किसी नागरिक को शहर से बाहर (Extern) करने का आधार नहीं हो सकता। अदालत ने कहा कि ऐसी कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अनुच्छेद 21 के तहत गरिमा के साथ जीने के अधिकार का उल्लंघन है।जस्टिस माधव जे. जामदार ने सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के सचिव सईद अहमद अब्दुल वाहिद चौधरी के खिलाफ जारी एक्सटर्नमेंट आदेश और उसके खिलाफ पारित अपीलीय आदेश को रद्द कर दिया। अदालत...
पूरे महाराष्ट्र में नेताओं की खरीद-फरोख्त चल रही है; अगर आपके खिलाफ FIR हैं तो पाला बदल लीजिए, वहां एक 'वॉशिंग मशीन' है: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार (2 जुलाई) को मौखिक रूप से टिप्पणी की कि पूरे महाराष्ट्र राज्य में नेताओं की खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) चल रही है। कोर्ट ने सत्ताधारी पार्टी की ओर इशारा करते हुए कहा कि कोई भी राजनीतिक नेता 'वॉशिंग मशीन' में शामिल होकर अपने खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों को बंद करवा सकता है।जस्टिस माधव जामदार, सोशलिस्ट डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के महासचिव सईद अहमद अब्दुल वाहिद चौधरी (49) की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। सईद ने केंद्र सरकार और BJP के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के कारण...
बॉम्बे हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी: 'नागरिकों को भारत सरकार का गुलाम बनाया जा रहा है, विरोध करने पर केस दर्ज किए जाते हैं'
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार (2 जुलाई) को कहा कि सिर्फ़ इसलिए कि कोई नागरिक केंद्र सरकार के कुछ फ़ैसलों का विरोध कर रहा है और उसके ख़िलाफ़ नारे लगा रहा है, उसे किसी इलाके से बाहर निकालने (एक्सटर्नमेंट) का आधार नहीं बनाया जा सकता। [2026 LiveLaw (Bom) 305]सिंगल-जज जस्टिस माधव जामदार ने मुंबई पुलिस द्वारा सईद अहमद अब्दुल वाहिद चौधरी (49) के ख़िलाफ़ एक्सटर्नमेंट ऑर्डर जारी करने पर कड़ी नाराज़गी जताई। सईद 'सोशलिस्ट डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया' (SDPI) के जनरल सेक्रेटरी हैं और केंद्र सरकार के कई...



















