बॉम्बे हाईकोर्ट

नई डीम्ड कन्वेयन्स याचिका मेरिट के आधार पर पहले खारिज होने के बाद सुनवाई योग्य नहीं, क्वासी-ज्यूडिशियल अथॉरिटीज़ रेस जुडिकाटा से बंधी हैं: बॉम्बे हाईकोर्ट
नई डीम्ड कन्वेयन्स याचिका मेरिट के आधार पर पहले खारिज होने के बाद सुनवाई योग्य नहीं, क्वासी-ज्यूडिशियल अथॉरिटीज़ रेस जुडिकाटा से बंधी हैं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना कि एक बार जब एक क्वासी-ज्यूडिशियल अथॉरिटी ने डीम्ड कन्वेयन्स के लिए किसी एप्लीकेशन पर मेरिट के आधार पर फैसला कर लिया और नई एप्लीकेशन फाइल करने की छूट दिए बिना उसे खारिज किया तो वह बाद में उसी मुद्दे पर सिर्फ इसलिए अलग राय नहीं ले सकती, क्योंकि नई एप्लीकेशन बदले हुए रूप में पेश की गई।कोर्ट ने कहा कि ऐसा करने से फाइनलिटी के सिद्धांत को नुकसान होगा, क्योंकि हर असफल एप्लीकेंट बस मेज़रमेंट बदल सकता है या राहत को फिर से तय कर सकता है और अथॉरिटी को उसी मुद्दे पर फिर से फैसला...

महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता में बाधा नहीं बन सकता राज्य: बॉम्बे हाईकोर्ट
महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता में बाधा नहीं बन सकता राज्य: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाइकोर्ट ने कहा कि आज जब अधिक से अधिक महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए कार्यबल में शामिल हो रही हैं तब उन्हें मातृत्व लाभ से वंचित करना उनके देखभालकर्ता की भूमिका से समझौता करने जैसा होगा। अदालत ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका को निर्देश दिया कि केईएम अस्पताल में कार्यरत एक डॉक्टर को शीघ्र मातृत्व लाभ प्रदान किया जाए।जस्टिस रियाज छागला और जस्टिस अद्वैत सेठना की खंडपीठ ने अपने निर्णय में कहा कि मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 का उद्देश्य मातृत्व की गरिमा की रक्षा करना और महिला तथा उसके...

कम दंड और घटता भय कानून उल्लंघन की वजह: दंडात्मक प्रावधानों का सख्ती से पालन जरूरी- बॉम्बे हाइकोर्ट
कम दंड और घटता भय कानून उल्लंघन की वजह: दंडात्मक प्रावधानों का सख्ती से पालन जरूरी- बॉम्बे हाइकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि देश में कानूनों के बार-बार उल्लंघन का एक प्रमुख कारण उनका कम निवारक प्रभाव और कानून का घटता भय है। अदालत ने स्पष्ट किया कि दंडात्मक प्रावधानों को केवल औपचारिकता के रूप में नहीं बल्कि प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए।सिंगल बेंच जज जस्टिस जितेंद्र जैन ने 17 फरवरी को पारित आदेश में कहा कि दंडात्मक प्रावधानों का दोहरा उद्देश्य होता है पहला, दोषी को दंडित करना और दूसरा, दूसरों को कानून तोड़ने से रोकना।अदालत ने कहा,“दंडात्मक प्रावधानों का दोहरा प्रभाव होता है एक, अपराधी या...

आत्महत्या की धमकी देकर साथ चलने को मजबूर करना अपहरण: बॉम्बे हाइकोर्ट की गोवा पीठ ने दोषसिद्धि बरकरार रखी
आत्महत्या की धमकी देकर साथ चलने को मजबूर करना अपहरण: बॉम्बे हाइकोर्ट की गोवा पीठ ने दोषसिद्धि बरकरार रखी

बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी नाबालिग लड़की को यह कहकर साथ चलने के लिए मजबूर करे कि अन्यथा वह आत्महत्या कर लेगा, तो यह प्रलोभन की श्रेणी में आएगा और ऐसे हालात में अपहरण का अपराध बनता है।सिंगल बेंच जज जस्टिस श्रीराम शिरसाट ने 16 फरवरी को दिए गए निर्णय में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 363 (अपहरण) और धारा 376 (बलात्कार) तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत आरोपी की दोषसिद्धि को बरकरार रखा।अदालत के समक्ष पीड़िता ने अपने बयान में...

मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम को मुकदमे का हथियार नहीं बनाया जा सकता: बॉम्बे हाइकोर्ट ने पिता की मानसिक जांच की मांग ठुकराई
मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम को मुकदमे का हथियार नहीं बनाया जा सकता: बॉम्बे हाइकोर्ट ने पिता की मानसिक जांच की मांग ठुकराई

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में स्पष्ट किया कि मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम 2017 की धारा 105 का उपयोग किसी पक्षकार के विरुद्ध मुकदमेबाजी में रणनीतिक हथियार के रूप में नहीं किया जा सकता। अदालत ने एक याचिका खारिज करते हुए कहा कि यह प्रावधान मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा के लिए है न कि प्रतिद्वंद्वी पक्ष को परेशान करने के लिए।सिंगल जज जस्टिस फरहान दुबाश ने 17 फरवरी को पारित आदेश में कहा कि यदि किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति को उसके विरोधी द्वारा चुनौती दिए जाने मात्र पर...

क्या शुरुआती पढ़ाई के दौरान फीस न देने पर किसी स्टूडेंट को स्कूल से निकाला जा सकता है? बॉम्बे हाईकोर्ट का जवाब
क्या शुरुआती पढ़ाई के दौरान फीस न देने पर किसी स्टूडेंट को स्कूल से निकाला जा सकता है? बॉम्बे हाईकोर्ट का जवाब

वर्तमान समय में पढ़ाई की अहमियत पर ज़ोर देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक 13 साल की लड़की की मदद की, जिसे फीस न देने पर उसके स्कूल से निकाल दिया गया था।नागपुर सीट पर बैठे जस्टिस अनिल किलोर और जस्टिस राज वाकोडे की डिवीजन बेंच ने बच्चों के फ्री और ज़रूरी शिक्षा के अधिकार एक्ट, 2009 के तहत स्कूल के काम को 'गैर-कानूनी और मनमाना' माना। इसलिए भंडारा ज़िले के फादर एग्नेल स्कूल को क्लास 7वीं में लड़की को फिर से एडमिशन देने का आदेश दिया और स्टूडेंट के माता-पिता को दो हफ़्ते के अंदर 23,900 रुपये...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने भारतीय ध्वज के उल्टे प्रदर्शन के लिए 85 वर्षीय बुजुर्ग के खिलाफ FIR रद्द की, नेशनल ऑनर एक्ट के तहत अपमान का इरादा ज़रूरी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने भारतीय ध्वज के 'उल्टे' प्रदर्शन के लिए 85 वर्षीय बुजुर्ग के खिलाफ FIR रद्द की, नेशनल ऑनर एक्ट के तहत 'अपमान का इरादा' ज़रूरी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि 2017 में रिपब्लिक डे मनाते समय रेजिडेंशियल सोसाइटी की छत पर तिरंगा उल्टा दिखाकर उसका अपमान करने के लिए 85 साल के एक आदमी के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करते हुए भारतीय राष्ट्रीय झंडे को उल्टा दिखाकर - केसरिया नीचे - उसका अपमान करने का 'इरादा' होना ज़रूरी है।सिंगल-जज जस्टिस अश्विन भोबे ने सोमवार (23 फरवरी) को सुनाए अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता वीके नारायणन, जो तिलक नगर, चेंबूर के रहने वाले हैं, 2017 में रिपब्लिक डे सेलिब्रेशन के दौरान छत पर बस मौजूद थे।प्रॉसिक्यूशन केस के...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने चौकीदार चोर कमेंट पर मानहानि केस रद्द करने की राहुल गांधी की अर्जी पर फैसला सुरक्षित रखा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 'चौकीदार चोर' कमेंट पर मानहानि केस रद्द करने की राहुल गांधी की अर्जी पर फैसला सुरक्षित रखा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उस अर्जी पर फैसला सुरक्षित रखा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “चोरों के सरदार” और “कमांडर-इन-थीफ” बताने वाली उनकी कथित टिप्पणियों पर क्रिमिनल मानहानि की शिकायत रद्द करने की मांग की गई।जस्टिस एन. आर. बोरकर ने सभी पक्षों की डिटेल में दलीलें सुनने के बाद निर्देश दिया कि मामले को फैसले के लिए सुरक्षित रखा जाए और गांधी को पहले दी गई अंतरिम राहत जारी रखने का आदेश दिया। यह शिकायत भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक कार्यकर्ता महेश श्रीश्रीमल...

Anil Deshmukh
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनिल देशमुख केस में वकील के खिलाफ ED की शिकायत खारिज की, क्राइम से कोई कमाई नहीं मिली

बॉम्बे हाईकोर्ट ने किशोर देवानी के खिलाफ एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) का केस खारिज किया। किशोर देवानी पेशे से वकील हैं और राज्य के पूर्व होम मिनिस्टर अनिल देशमुख के करीबी बताए जाते हैं। उन पर करोड़ों रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग केस में केस दर्ज है।सिंगल जज जस्टिस अश्विन भोबे ने इस प्रोसेस और देवानी के खिलाफ ED केस को भी खारिज किया। देवानी पर आरोप है कि उन्होंने मुंबई के अलग-अलग बार मालिकों से हर महीने 100 करोड़ रुपये गैर-कानूनी तरीके से कमाए गए पैसे को लॉन्ड्रिंग करने में देशमुख और उनके परिवार की...

एम्प्लॉईज़ कम्पनसेशन एक्ट के तहत क्लेम के लिए ड्राइवर के तौर पर शॉर्ट-टर्म एंप्लॉयमेंट भी काफी: बॉम्बे हाईकोर्ट
एम्प्लॉईज़ कम्पनसेशन एक्ट के तहत क्लेम के लिए ड्राइवर के तौर पर शॉर्ट-टर्म एंप्लॉयमेंट भी काफी: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि किसी व्यक्ति को शॉर्ट-टर्म के लिए भी हायर करने से एम्प्लॉईज़ कम्पनसेशन एक्ट के तहत 'एम्प्लॉई-एम्प्लॉयर' का रिश्ता बन जाएगा।इसलिए सिंगल-जज जस्टिस जितेंद्र जैन ने एक लेबर कमिश्नर को तिलकधारी गुप्ता नाम के एक व्यक्ति के परिवार को कम्पनसेशन देने का आदेश दिया, जिसे जवाहर गुप्ता ने दो महीने के लिए 'हायर' किया ताकि वह ठाणे से राजस्थान तक अपनी कार चला सके, जहां जवाहर के भाई का अंतिम संस्कार होना था। राजस्थान जाते समय, यानी 29 मार्च, 2009 को कार का एक्सीडेंट हो गया और...

अनिल अंबानी को झटका: बॉम्बे हाइकोर्ट ने धोखाधड़ी वर्गीकरण पर रोक का अंतरिम आदेश किया रद्द
अनिल अंबानी को झटका: बॉम्बे हाइकोर्ट ने धोखाधड़ी वर्गीकरण पर रोक का अंतरिम आदेश किया रद्द

बॉम्बे हाइकोर्ट ने उद्योगपति अनिल अंबानी को बड़ा झटका देते हुए तीन बैंकों बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन ओवरसीज बैंक और आईडीबीआई बैंक की अपीलों को मंजूर कर लिया है।इन बैंकों ने एकल जस्टिस के उस अंतरिम आदेश को चुनौती दी, जिसमें अंबानी के खिलाफ शुरू की गई धोखाधड़ी वर्गीकरण की कार्यवाही पर रोक लगा दी गई।चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखड़ की खंडपीठ ने सोमवार को अपना फैसला सुनाया। हालांकि आदेश की विस्तृत प्रति अभी उपलब्ध नहीं कराई गई।इससे पहले एकल जस्टिस मिलिंद जाधव ने 24 जनवरी को दिए अपने आदेश...

अगर मुस्लिम ड्राइवर, पैसेंजर मुंबई एयरपोर्ट के पास टेम्पररी शेड में नमाज़ पढ़ सकते हैं तो इंसानी आधार पर विचार करें: बॉम्बे हाईकोर्ट ने MMRDA से कहा
अगर मुस्लिम ड्राइवर, पैसेंजर मुंबई एयरपोर्ट के पास टेम्पररी शेड में नमाज़ पढ़ सकते हैं तो 'इंसानी' आधार पर विचार करें: बॉम्बे हाईकोर्ट ने MMRDA से कहा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) को अगले हफ़्ते तक एक बयान देने का निर्देश दिया, जिसमें यह बताया जाए कि क्या वह पूरी तरह से 'इंसानी' आधार पर ऑटोरिक्शा, टैक्सी, ओला-उबर ड्राइवरों और यहां तक कि पैसेंजर को भी छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) के डोमेस्टिक टर्मिनल के पास एक टेम्पररी शेड में नमाज़ पढ़ने की इजाज़त देने पर विचार करेगा, कम-से-कम रमज़ान के पवित्र महीने के लिए तो।जस्टिस बर्गेस कोलाबावाला और जस्टिस फिरदौस पूनीवाला की डिवीजन...

IPC की धारा 498A का बिना सोचे-समझे इस्तेमाल इसके मकसद को कम करता है: बॉम्बे हाईकोर्ट ने पढ़ी-लिखी महिलाओं द्वारा कानून के गलत इस्तेमाल पर दुख जताया, FIR रद्द की
IPC की धारा 498A का बिना सोचे-समझे इस्तेमाल इसके मकसद को कम करता है: बॉम्बे हाईकोर्ट ने पढ़ी-लिखी महिलाओं द्वारा कानून के गलत इस्तेमाल पर दुख जताया, FIR रद्द की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने आदमी और उसके परिवार के खिलाफ फाइल की गई FIR रद्द करते हुए कहा कि "बहुत पढ़ी-लिखी" महिला शिकायतकर्ताओं द्वारा इंडियन पैनल कोड (IPC) की धारा 498A का "बिना सोचे-समझे" इस्तेमाल करना, सिर्फ धारा 498A के मकसद को कम करता है।सिंगल-जज जस्टिस प्रवीण पाटिल ने पढ़ी-लिखी महिलाओं द्वारा सिर्फ बदला लेने के लिए पति और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ धारा 498A के तहत FIR दर्ज कराने के "परेशान करने वाले पैटर्न" पर ध्यान दिया।जस्टिस पाटिल ने 20 फरवरी को दिए गए आदेश में कहा,"यह कोर्ट हाल के दिनों...

अगर MRTP Act के तहत खरीद नोटिस के 24 महीने के अंदर अधिग्रहण के लिए कोई कदम नहीं उठाया जाता है तो ज़मीन का रिज़र्वेशन खत्म हो जाता है: बॉम्बे हाईकोर्ट
अगर MRTP Act के तहत खरीद नोटिस के 24 महीने के अंदर अधिग्रहण के लिए कोई कदम नहीं उठाया जाता है तो ज़मीन का रिज़र्वेशन खत्म हो जाता है: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि अगर महाराष्ट्र रीजनल एंड टाउन प्लानिंग एक्ट, 1966 (MRTP Act) की धारा 127(1) के तहत तय समय खत्म होने के बाद ज़मीन के अधिग्रहण के लिए कोई कदम नहीं उठाया जाता है तो ज़मीन को ऐसे रिज़र्वेशन, अलॉटमेंट या डेज़िग्नेशन से मुक्त माना जाता है। कोर्ट ने कहा कि एक बार जब एक वैलिड खरीद नोटिस दिया जाता है और प्लानिंग अथॉरिटी चौबीस महीने के अंदर अधिग्रहण के लिए कदम नहीं उठाती है तो यह चूक कानूनी तौर पर काल्पनिक मानी जाती है और अथॉरिटी टेक्निकल ऑब्जेक्शन उठाकर ऐसे नतीजे को नहीं हरा...

परिवार की मर्ज़ी के खिलाफ़ लव रिलेशनशिप को रोकने के लिए हमला करना पब्लिक ऑर्डर के खिलाफ़ नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने प्रिवेंटिव डिटेंशन रद्द किया
परिवार की मर्ज़ी के खिलाफ़ लव रिलेशनशिप को रोकने के लिए हमला करना 'पब्लिक ऑर्डर' के खिलाफ़ नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने प्रिवेंटिव डिटेंशन रद्द किया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस महीने की शुरुआत में यह फैसला सुनाया कि लड़की के परिवार को एतराज़ होने पर भी किसी लड़के को लव रिलेशनशिप जारी रखने से रोकने के लिए उस पर हमला करना 'व्यक्तिगत' काम है। इसे 'प्रिवेंटिव डिटेंशन' कानूनों के तहत किसी व्यक्ति को हिरासत में लेना 'पब्लिक ऑर्डर' के खिलाफ़ नहीं माना जा सकता।कोल्हापुर सर्किट सीट पर बैठे जस्टिस रवींद्र अवचट और जस्टिस अजीत कडेथंकर की डिवीजन बेंच ने सोलापुर के रहने वाले आदित्य माने के खिलाफ़ पास किए गए प्रिवेंटिव डिटेंशन ऑर्डर रद्द किया।बेंच ने कहा कि माने...

एकल मां को पूर्ण अभिभावक मानना दान नहीं, संवैधानिक निष्ठा: बॉम्बे हाइकोर्ट ने दिया बच्ची के स्कूल अभिलेख से पिता का नाम हटाने का आदेश
एकल मां को पूर्ण अभिभावक मानना दान नहीं, संवैधानिक निष्ठा: बॉम्बे हाइकोर्ट ने दिया बच्ची के स्कूल अभिलेख से पिता का नाम हटाने का आदेश

बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि किसी एकल मां को बच्चे की नागरिक पहचान के लिए पूर्ण अभिभावक के रूप में मान्यता देना कोई दान नहीं, बल्कि संविधान के प्रति निष्ठा है। अदालत ने नाबालिग बच्ची के स्कूल रिकॉर्ड से उसके पिता का नाम हटाने और उसकी जाति मराठा के स्थान पर मां की जाति महार (अनुसूचित जाति) दर्ज करने का आदेश दिया।जस्टिस विभा कंकणवाडी और जस्टिस हितेन वेणगावकर की खंडपीठ ने कहा कि जो मां अपने बच्चे का अकेले पालन-पोषण कर रही है, उसके अधिकारों को विधिवत मान्यता मिलनी...

इंग्लैंड की अदालतों ने देश छोड़ने पर रोक लगाई, भारत लौटने की तारीख नहीं बता सकता: विजय माल्या ने बॉम्बे हाइकोर्ट से कहा
इंग्लैंड की अदालतों ने देश छोड़ने पर रोक लगाई, भारत लौटने की तारीख नहीं बता सकता: विजय माल्या ने बॉम्बे हाइकोर्ट से कहा

उद्योगपति विजय माल्या ने बॉम्बे हाइकोर्ट से कहा कि इंग्लैंड की अदालतों के आदेशों के कारण वह वहां की न्यायिक सीमा से बाहर नहीं जा सकते, इसलिए वह यह स्पष्ट रूप से नहीं बता सकते कि भारत कब लौटेंगे।चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखाड़ की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। इससे पहले 22 दिसंबर, 2025 को अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक माल्या भारत वापस नहीं आते तब तक भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम की वैधता को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर सुनवाई नहीं की जाएगी। पिछले सप्ताह अदालत ने उन्हें एक...

मोबाइल फ़ोन/व्हाट्सएप से समन भेजना BNSS के तहत मान्य: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कांस्टेबल पर लगाया गया जुर्माना रद्द किया
मोबाइल फ़ोन/व्हाट्सएप से समन भेजना BNSS के तहत मान्य: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कांस्टेबल पर लगाया गया जुर्माना रद्द किया

एक अहम आदेश में बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना कि इलेक्ट्रॉनिक तरीके से या मोबाइल फ़ोन से भी समन भेजना कानूनी होगा, क्योंकि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के नियमों के तहत इसकी इजाज़त है।नागपुर सीट पर बैठी सिंगल-जज जस्टिस उर्मिला जोशी-फाल्के ने स्पेशल POCSO कोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसमें कांस्टेबल पर बाल शोषण के मामले में सरकारी गवाहों को मोबाइल फ़ोन, खासकर WhatsApp के ज़रिए समन भेजने पर जुर्माना लगाया गया।21 जनवरी के आदेश को चुनौती देते हुए पब्लिक प्रॉसिक्यूटर डीवी चौहान ने बताया कि स्पेशल POCSO...

एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने मशहूर डायलॉग खामोश समेत अपनी पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने मशहूर डायलॉग 'खामोश' समेत अपनी पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

बॉलीवुड के दिग्गज एक्ट्रेस शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी पर्सनालिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए बंबई हाइकोर्ट में याचिका दायर की। उन्होंने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि उनके नाम, तस्वीर और खास तौर पर उनके प्रसिद्ध संवाद खामोश का बिना अनुमति उपयोग किया जा रहा है।यह मामला सोमवार को जस्टिस शर्मिला देशमुख की एकल पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया। अदालत ने अंतरिम आदेश पर निर्णय सुरक्षित रख लिया।अपने वकील हिरेन कामोद के माध्यम से दायर याचिका में सिन्हा ने कहा कि उनका चार दशकों से अधिक लंबा और प्रभावशाली फिल्मी...