तेलंगाना हाईकोर्ट
तेलंगाना हाईकोर्ट: पत्नी को पति के पास जाने से रोकने का आदेश रद्द, कहा—“अभूतपूर्व”
तेलंगाना हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के उस अंतरिम आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें पत्नी को तलाक कार्यवाही के दौरान अपने पति, उसके घर और कार्यस्थल के पास जाने से पूरी तरह रोक दिया गया था।जस्टिस शुमी भट्टाचार्य और जस्टिस गाडि प्रवीण कुमार की खंडपीठ ने कहा कि यह आदेश “अभूतपूर्व” है और किसी व्यक्ति की आवाजाही पर इस तरह की रोक लगाने के लिए बहुत ठोस और विश्वसनीय कारण होने चाहिए, जो इस मामले में मौजूद नहीं थे।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सिर्फ इस आधार पर कि पत्नी ने पति के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए हैं या...
चुनाव के दौरान मतदाता से कथित दुर्व्यवहार मामला: हाईकोर्ट ने BJP नेता माधवी लता को दी अंतरिम राहत
तेलंगाना हाईकोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता माधवी लता के खिलाफ दर्ज FIR पर फिलहाल आगे की कार्यवाही पर रोक लगाई। बता दें, यह मामला 2024 के हैदराबाद लोकसभा चुनाव के दौरान कथित रूप से मतदान प्रक्रिया में बाधा डालने और एक महिला मतदाता का नकाब जबरन हटाने के आरोप से जुड़ा है।जस्टिस जे. श्रीनिवास राव की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया और कहा कि फिलहाल FIR में आगे की कार्यवाही स्थगित रहेगी। अदालत ने यह भी नोट किया कि धारा 155(2) के तहत आवश्यक अनुमति नहीं ली गई।यह मामला मलाकपेट...
असम सीएम की पत्नी के पासपोर्ट पर विवाद: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को मिली 1 हफ़्ते की अग्रिम जमानत, संबंधित कोर्ट में जाने की अनुमति
तेलंगाना हाईकोर्ट ने शुक्रवार (10 अप्रैल) को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को एक हफ़्ते की अग्रिम ज़मानत दी। यह ज़मानत असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराई गई FIR के सिलसिले में दी गई, जिसमें उन पर कई पासपोर्ट रखने के आरोप लगाए गए।जस्टिस के. सुजाना ने फ़ैसला सुनाते हुए कहा,"याचिकाकर्ता को संबंधित कोर्ट में अर्ज़ी दाख़िल करने के लिए एक हफ़्ते का समय दिया जाता है... याचिकाकर्ता को शर्तों के साथ एक हफ़्ते की राहत दी जाती है।" अग्रिम ज़मानत की अर्ज़ी हैदराबाद...
रिटायर जज को 8 हफ्तों में पुरानी पेंशन योजना का लाभ दें: तेलंगाना हाईकोर्ट का निर्देश
तेलंगाना हाईकोर्ट ने अहम आदेश में रिटायर जज जस्टिस जी. श्री देवी को पुरानी पेंशन योजना का लाभ 8 सप्ताह के भीतर देने का निर्देश दिया। अदालत ने संबंधित अधिकारियों से इस प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने को कहा।जस्टिस पी. सैम कोशी और जस्टिस नरसिंग राव नंदिकोंडा की खंडपीठ ने यह आदेश पारित करते हुए याचिका का निपटारा किया। अदालत ने यह नोट किया कि संबंधित प्राधिकरण पहले ही याचिकाकर्ता को पुरानी पेंशन योजना के तहत लाभ देने की मंजूरी दे चुका है।अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया कि 13 मार्च, 2026 को भारत सरकार...
असम सीएम की पत्नी के 'पासपोर्ट' पर विवाद: हाईकोर्ट ने पवन खेड़ा की अग्रिम ज़मानत याचिका पर सुरक्षित रखा फ़ैसला
तेलंगाना हाईकोर्ट ने गुरुवार (9 अप्रैल) को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम ज़मानत याचिका पर अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया। यह याचिका असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज FIR के सिलसिले में दायर की गई थी, जिसमें उन पर कई पासपोर्ट रखने के आरोप लगाए गए।जस्टिस के. सुजाना शुक्रवार को इस मामले पर अपना फ़ैसला सुना सकती हैं।अग्रिम ज़मानत याचिका हैदराबाद में दायर की गई, जहां खेड़ा का निवास स्थान है।खेड़ा की ओर से पेश हुए सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि मानहानि...
पासपोर्ट विवाद में असम सीएम की पत्नी द्वारा FIR में अग्रिम ज़मानत के लिए तेलंगाना हाईकोर्ट पहुंचे पवन खेड़ा
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी द्वारा दायर FIR में अग्रिम ज़मानत की मांग करते हुए तेलंगाना हाईकोर्ट में अर्ज़ी दी। यह FIR उन आरोपों के बीच दायर की गई, जिनमें उन पर एक से ज़्यादा पासपोर्ट रखने का आरोप लगाया गया।इस मामले की सुनवाई गुरुवार (9 अप्रैल) को जस्टिस के. सुजाना की बेंच के सामने होगी।यह FIR गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में BNS की धाराओं 175 (चुनाव के संबंध में झूठा बयान), 35, 36, 318 (धोखाधड़ी), 338 (कीमती वसीयत, सिक्योरिटी आदि की जालसाज़ी), 337...
लंबित आपराधिक मामले में ट्रायल कोर्ट के NOC बिना पासपोर्ट री-इश्यू नहीं होगा: तेलंगाना हाईकोर्ट
तेलंगाना हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जिन व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं, वे पासपोर्ट के नवीनीकरण या पुनः जारी करने के लिए सीधे आवेदन नहीं कर सकते। ऐसे मामलों में पहले संबंधित ट्रायल कोर्ट से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) प्राप्त करना अनिवार्य है।यह निर्णय जस्टिस नागेश भीमपाका ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसमें एक शोध वैज्ञानिक ने पासपोर्ट पुनः जारी न किए जाने को चुनौती दी थी।मामले के अनुसार, याचिकाकर्ता अमेरिका में कार्यरत है और उसके खिलाफ उसकी पत्नी द्वारा IPC की धारा...
सोशल मीडिया पोस्ट फॉरवर्ड करना BNS के तहत अपराध नहीं, मंशा जरूरी: तेलंगाना हाईकोर्ट
तेलंगाना हाईकोर्ट ने अहम फैसले में कहा कि केवल सोशल मीडिया पर किसी सामग्री को आगे बढ़ा देना (फॉरवर्ड करना) अपने आप में अपराध नहीं है, जब तक उसमें गलत मंशा या दुष्प्रेरणा (इरादा) साबित न हो। अदालत ने इसी आधार पर फेक न्यूज फैलाने के आरोप में दर्ज FIR रद्द की।जस्टिस के. सुजना की सिंगल बेंच ने कहा,“मान भी लिया जाए कि याचिकाकर्ताओं ने सामग्री प्रसारित या फॉरवर्ड की तब भी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के आवश्यक तत्व पूरे नहीं होते। ऐसे में कार्यवाही जारी रखना कानून की प्रक्रिया का...
फीस बकाया होने के आधार पर छात्रों के मूल प्रमाणपत्र रोकना अवैध: तेलंगाना हाईकोर्ट
तेलंगाना हाईकोर्ट ने कहा है कि शैक्षणिक संस्थान केवल फीस बकाया होने के आधार पर छात्रों के मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र रोक नहीं सकते, क्योंकि ये प्रमाणपत्र छात्र की संपत्ति होते हैं और उन्हें बकाया वसूली के लिए दबाव बनाने के साधन के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।जस्टिस सुरेपल्ली नंदा की एकल पीठ ने कहा कि विश्वविद्यालय किसी भी बहाने से छात्र के मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र (मार्कशीट और डिग्री प्रमाणपत्र सहित) अपने पास नहीं रख सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि फीस बकाया है तो संस्थान को उसकी वसूली के...
न्याय के विफल होने से बचाने के लिए आवश्यक हो तो अतिरिक्त साक्ष्य स्वीकार किया जाना चाहिए: तेलंगाना हाइकोर्ट
तेलंगाना हाइकोर्ट ने चेक अनादरण मामले में अपीलीय अदालत द्वारा अतिरिक्त साक्ष्य स्वीकार करने से इनकार करने का आदेश रद्द किया। हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 391 के तहत अतिरिक्त साक्ष्य लेने की शक्ति तभी प्रयोग की जानी चाहिए जब न्याय के हित में ऐसा करना आवश्यक हो और न्याय के विफल होने की आशंका हो।जस्टिस तिरुमला देवी ईडा ने आपराधिक याचिका स्वीकार करते हुए 25 जुलाई, 2025 को थर्ड एडिशनल जिला जस्टिस, एल.बी. नगर द्वारा पारित आदेश निरस्त किया।मामले में वास्तविक...
लॉन्ग टर्म वीज़ा नहीं होने पर पुलिस की घर पर जांच को चुनौती: तेलंगाना हाईकोर्ट ने पासपोर्ट प्राधिकरण को पक्षकार बनाने की अनुमति दी
तेलंगाना हाइकोर्ट ने मंगलवार को हैदराबाद निवासी एक व्यक्ति द्वारा दायर रिट अपील पर सुनवाई की, जिसमें उसने विशेष शाखा (स्पेशल ब्रांच) पुलिस द्वारा उसके घर पर की जा रही डोमिसिलरी विज़िट्स को चुनौती दी है। याचिकाकर्ता का कहना है कि उसका जन्म भारत में हुआ है, जबकि उसके पास लॉन्ग टर्म वीज़ा नहीं है।चीफ़ जस्टिस अपरेश कुमार सिंह और जस्टिस जी. एम. मोहिउद्दीन की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। अदालत ने पासपोर्ट प्राधिकरण को पक्षकार (इम्पलीड) बनाने की अनुमति दी और संबंधित अधिकारियों को...
पति की गर्लफ्रेंड को IPC की धारा 498A के तहत 'रिश्तेदार' नहीं माना जा सकता: तेलंगाना हाईकोर्ट ने महिला के खिलाफ केस किया रद्द
तेलंगाना हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में क्रिमिनल कंप्लेंट में आरोपी नंबर 2 के तौर पर खड़ी महिला के खिलाफ क्रिमिनल कार्रवाई रद्द की और दोहराया कि इंडियन पैनल कोड (IPC) की धारा 498A के तहत गर्लफ्रेंड को पुरुष का "रिश्तेदार" नहीं माना जा सकता।जस्टिस तिरुमाला देवी ईडा ने हैदराबाद के XIII एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के सामने पेंडिंग एक कंप्लेंट केस में कार्रवाई रद्द करने की मांग वाली याचिका पर विचार करते हुए आगे पाया कि कंप्लेंट में लगाए गए आरोपों में 498A, 354D, 427 और 506 IPC के तहत...
संप्रभुता के खिलाफ गतिविधियों के आरोप अहम: तेलंगाना हाइकोर्ट ने उर्दू पत्रकार का पासपोर्ट रद्द करने का फैसला बरकरार रखा
तेलंगाना हाइकोर्ट ने उर्दू भाषा के पत्रकार द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए उनका पासपोर्ट रद्द किए जाने के फैसले को सही ठहराया।हाइकोर्ट ने कहा कि पासपोर्ट का नवीनीकरण कोई स्वचालित अधिकार नहीं है और जब किसी व्यक्ति की गतिविधियों को देश की संप्रभुता और अखंडता के लिए प्रतिकूल बताया गया हो तो अदालत को अत्यंत सावधानी बरतनी होती है।जस्टिस नागेश भीमपाका ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा कि सार्वजनिक हित और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में प्राकृतिक न्याय के...
मंदिरों, स्कूलों और अस्पतालों के 100 मीटर दायरे में मांसाहार की बिक्री व सेवन को लेकर नीति बनाए राज्य: तेलंगाना हाइकोर्ट
तेलंगाना हाइकोर्ट ने राज्य सरकार और ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम को निर्देश दिया कि वह मंदिरों, शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों के 100 मीटर के दायरे में मांसाहारी और मांस उत्पादों की बिक्री व सेवन को विनियमित करने के लिए एक समग्र नीति तैयार करें। हाइकोर्ट ने यह नीति चार सप्ताह के भीतर बनाने का निर्देश दिया।जस्टिस बी. विजयसेन रेड्डी ने यह निर्देश एक रिट याचिका का निपटारा करते हुए दिया। यह याचिका एक रेस्तरां संचालक द्वारा दायर की गई, जिसमें पुलिस और नगर निगम अधिकारियों द्वारा कथित उत्पीड़न और उसके...
यदि दोनों पक्ष हिंदू विवाह अधिनियम के अधीन न हों तो विवाह वैध नहीं: तेलंगाना हाइकोर्ट
तेलंगाना हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय में अनुसूचित जनजाति की महिला और अनुसूचित जाति के पुरुष के बीच हिंदू विवाह अधिनियम 1955 के तहत पंजीकृत विवाह को शून्य घोषित किया।हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि विवाह के किसी एक पक्ष पर हिंदू विवाह अधिनियम लागू नहीं होता तो उस अधिनियम के अंतर्गत किया गया विवाह कानूनन टिकाऊ नहीं हो सकता।जस्टिस के. लक्ष्मण और जस्टिस वाकिटी रामकृष्ण रेड्डी की खंडपीठ ने अनुसूचित जनजाति की महिला द्वारा दायर अपील को स्वीकार करते हुए फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसमें विवाह को...
आधार और वोटर आईडी नागरिकता का प्रमाण नहीं, रिकॉर्ड में विदेशी नागरिकता होने पर वीज़ा नियमों का पालन अनिवार्य: तेलंगाना हाईकोर्ट
तेलंगाना हाईकोर्ट ने जन्म से भारतीय नागरिक होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति को राहत देने से इनकार कर दिया है। याचिकाकर्ता ने पुलिस और इमिग्रेशन अधिकारियों को उसे लॉन्ग टर्म वीज़ा (LTV) के लिए आवेदन करने के लिए बाध्य करने से रोकने की मांग की थी।जस्टिस नागेश भीमाबाका ने रिट याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और शैक्षणिक प्रमाणपत्र अपने आप में भारतीय नागरिकता सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं, खासकर तब जब आधिकारिक रिकॉर्ड में विदेशी नागरिकता...
“अटकलों पर आधारित”: प्रिया कपूर के बेटे ने करिश्मा कपूर के बच्चों की पार्टिशन याचिका का दिल्ली हाईकोर्ट में विरोध किया
दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की संपत्ति को लेकर चल रहे पारिवारिक विवाद में उनकी दूसरी पत्नी प्रिया कपूर के बेटे अज़ारियस एस. कपूर ने शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट में करिश्मा कपूर के बच्चों—समायरा कपूर और कियान राज कपूर—द्वारा दायर मुकदमे का जोरदार विरोध किया।जस्टिस ज्योति सिंह की अदालत में पेश होते हुए सीनियर एडवोकेट अखिल सिब्बल ने कहा कि वादियों का पूरा मामला “सिर्फ अनुमान और कल्पना” पर आधारित है। “बच्चों को पहले से पता था कि वे वसीयत से बाहर हैं” — सिब्बल सिब्बल ने अदालत को बताया कि वादियों को...
NEET-PG: तेलंगाना हाईकोर्ट ने NRI कोटे के तहत एडमिशन के लिए OCI कार्ड धारक की याचिका पर विचार करने का निर्देश दिया
तेलंगाना हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए केंद्र सरकार के अधिकारियों को निर्देश दिया कि ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड धारक स्टूडेंट की याचिका पर विचार किया जाए, जिसने NRI कोटा के अंतर्गत NEET-PG में एडमिशन की पात्रता का दावा किया।चीफ जस्टिस अपरेश कुमार सिंह और जस्टिस जी.एम. मोहिउद्दीन की खंडपीठ ने यह आदेश स्टूडेंट की याचिका पर पारित किया। याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि उसने एम्बेसी सर्टिफिकेट ऑफ स्पॉन्सर के लिए विदेश मंत्रालय में आवेदन किया। हालांकि, इसे यह कहते हुए...
तेलंगाना हाईकोर्ट राजनीतिक भाषणों पर FIR दर्ज करने पर रोक लगाई, सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े मामलों में जारी कीं विस्तृत गाइडलाइन्स
तेलंगाना हाईकोर्ट ने कहा कि कठोर, आपत्तिजनक या आलोचनात्मक राजनीतिक भाषणों पर पुलिस को स्वचालित या यांत्रिक ढंग से FIR दर्ज नहीं करनी चाहिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पोस्ट के मामलों में केवल तभी FIR दर्ज की जा सकती है, जब साम्प्रदायिक विद्वेष फैलाने, सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा पहुंचाने या हिंसा भड़काने का स्पष्ट प्रथम दृष्टया मामला बने।जस्टिस एन. तुकारामजी ने विस्तृत आदेश पारित करते हुए कहा कि राजनीतिक अभिव्यक्ति से जुड़े मामलों में FIR दर्ज करने से पहले अनिवार्य रूप से विधिक राय ली...
तेलंगाना हाईकोर्ट ने कालेश्वरम परियोजना में कथित अनियमितताओं को लेकर BRS नेताओं केसीआर और टी हरीश राव के खिलाफ 'कोई प्रतिकूल कार्रवाई नहीं' करने का निर्देश दिया
तेलंगाना हाईकोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में पूर्व मुख्यमंत्री और बीआरएस प्रमुख के चंद्रशेखर राव (केसीआर) और पार्टी नेता टी. हरीश राव के खिलाफ कालेश्वरम परियोजना में कथित अनियमितताओं पर जांच आयोग की रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर अगली सुनवाई तक "कोई प्रतिकूल कार्रवाई" न करने का निर्देश दिया है। संदर्भ के लिए, कालेश्वरम परियोजना गोदावरी नदी पर एक सिंचाई परियोजना है।2 सितंबर को सुनवाई के दौरान, राज्य की ओर से उपस्थित महाधिवक्ता ने निर्देश दिया कि कालेश्वरम परियोजना पर जांच आयोग द्वारा प्रस्तुत...



















