गौहाटी हाईकोर्ट
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केवल सुनी-सुनाई बातों के आधार पर कार्यवाही नहीं चल सकती : गुवाहाटी हाइकोर्ट
गुवाहाटी हाइकोर्ट ने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत किसी आरोपी के खिलाफ कार्यवाही तब तक कायम नहीं रह सकती, जब तक रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री ठोस न हो और उसका सीधा संबंध आरोपी के आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन से स्थापित न होता हो। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल सुनी-सुनाई बातों (हियरसे) के आधार पर आपराधिक कार्यवाही जारी रखना कानूनन उचित नहीं है।जस्टिस संजीव कुमार शर्मा की एकल पीठ ने यह टिप्पणी एक होमगार्ड कर्मी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें विशेष अदालत में लंबित...
लोक अदालत में समझौता पक्षकारों की स्वतंत्र सहमति से ही संभव, वकील को बिना लिखित अधिकार समझौता करने का हक नहीं: गुवाहाटी हाइकोर्ट
गुवाहाटी हाइकोर्ट ने नेशनल लोक अदालत में दर्ज किए गए समझौते की वैधता पर अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत कोई भी समझौता तभी मान्य होगा जब वह पक्षकारों द्वारा स्वयं अपनी स्वतंत्र सहमति से किया गया हो।जस्टिस संजय कुमार मेधी ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि वकील द्वारा बिना किसी लिखित प्राधिकार के किया गया समझौता कानूनी रूप से वैध नहीं माना जा सकता और न ही उसे अनिवार्य माना जा सकता है।अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम...
सेवा में तीन साल से कम शेष होने के आधार पर अनुकंपा नियुक्ति से इनकार नहीं किया जा सकता: गुवाहाटी हाइकोर्ट
गुवाहाटी हाइकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि किसी सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के समय उसकी सेवा में तीन साल से कम अवधि शेष होने के आधार पर उसके आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति से वंचित करना मनमाना है और यह संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है।चीफ जस्टिस अशुतोष कुमार और जस्टिस अरुण देव चौधरी की खंडपीठ ने स्पष्ट रूप से कहा कि मृतक कर्मचारी की शेष सेवा अवधि के आधार पर किया गया यह वर्गीकरण न तो तार्किक है और न ही इसका उद्देश्य से कोई सीधा संबंध है।हाइकोर्ट ने कहा,“हम पाते हैं कि मृत कर्मचारी की बची...
अनुशासन नियम लागू होने पर बिना विभागीय जांच संविदा कर्मचारी की सेवा समाप्त नहीं की जा सकती: गौहाटी हाइकोर्ट
गौहाटी हाइकोर्ट ने अहम फैसला देते हुए कहा कि यदि किसी संविदा कर्मचारी की नियुक्ति में स्पष्ट रूप से वैधानिक अनुशासन और अपील नियम लागू किए गए तो कथित अनुशासनहीनता के आधार पर उसकी सेवा बिना विभागीय जांच के समाप्त नहीं की जा सकती।हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में सेवा समाप्ति दंडात्मक मानी जाएगी और नियमों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन अनिवार्य होगा।चीफ जस्टिस आशुतोष कुमार और जस्टिस अरुण देव चौधरी की खंडपीठ ने यह फैसला असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में संविदा पर नियुक्त परियोजना...
सरोगेसी कानून में आयु सीमा वैध, पहली कोशिश असफल होने के आधार पर छूट नहीं दी जा सकती: गुवाहाटी हाइकोर्ट
गुवाहाटी हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरोगेसी से संबंधित कानून में तय की गई आयु सीमा पूरी तरह संवैधानिक है। इसमें केवल इस आधार पर इसमें छूट नहीं दी जा सकती कि दंपति की पहली सरोगेसी कोशिश असफल हो गई। अदालत ने कहा कि व्यक्तिगत कठिनाइयां चाहे जितनी भी वास्तविक हों, वे जनहित में बनाए गए वैधानिक प्रावधानों को शिथिल करने या निरस्त करने का आधार नहीं बन सकतीं।इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस अशुतोष कुमार और जस्टिस अरुण देव चौधरी की खंडपीठ ने की। अदालत ने कहा कि सरोगेसी कानून के तहत लगाए गए प्रतिबंध वैध राज्य...
सिविल जज मुस्लिम शादी खत्म करने का आदेश नहीं दे सकते, फैमिली कोर्ट ही सक्षम फोरम: गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कहा कि सिविल जज के पास तलाक के रूप में मुस्लिम शादी को खत्म करने को प्रमाणित करने और तलाक का घोषणात्मक आदेश देने का अधिकार क्षेत्र नहीं है और सक्षम कोर्ट फैमिली कोर्ट या फैमिली कोर्ट न होने पर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट होगा।ऐसा करते हुए हाईकोर्ट ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन) कe एक आदेश बरकरार रखा, जिसने अपीलीय कोर्ट – सिविल जज (जूनियर डिवीजन) द्वारा पारित आदेश खारिज कर दिया, जिसने एक वैवाहिक मुकदमे में एक व्यक्ति को तलाक के रूप में घोषणात्मक राहत दी और लिखित तलाक की पुष्टि के लिए एक...
प्रेम संबंध में विफलता और शादी से इनकार स्वतः ही आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला नहीं: गुवाहाटी हाइकोर्ट
गुवाहाटी हाइकोर्ट ने हाल ही में महत्वपूर्ण कानूनी व्यवस्था देते हुए स्पष्ट किया कि किसी प्रेम संबंध का टूट जाना या शादी करने से मना कर देना, भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 306 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का आधार नहीं बन सकता। अदालत ने एक व्यक्ति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों को रद्द कर दिया, जिसमें आरोपी पर एक नाबालिग लड़की को जान देने के लिए मजबूर करने का आरोप था।जस्टिस अंजन मोनी कलिता ने अपने आदेश में कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसी कोई सामग्री नहीं है, जो यह दर्शाती हो कि आरोपी ने...
POSH कानून के तहत सुलह के बाद भी नियोक्ता को विभागीय कार्रवाई का अधिकार बना रहता है: गौहाटी हाईकोर्ट
गौहाटी हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें चीफ़ जस्टिस अशुतोष कुमार और जस्टिस अरुण देव चौधरी शामिल थे, ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा है कि POSH अधिनियम, 2013 की धारा 10(4) के तहत सुलह (conciliation) हो जाने के बाद केवल आंतरिक शिकायत समिति (ICC) द्वारा आगे की जांच पर रोक लगती है, लेकिन इससे नियोक्ता को सेवा नियमों के तहत स्वतंत्र विभागीय कार्यवाही शुरू करने से नहीं रोका जा सकता, खासकर जब बाद में नया साक्ष्य सामने आए और कार्यस्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक हो।मामले की पृष्ठभूमिमामले में...
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने ART Act के तहत आयु-सीमा को ठहराया वैध, कहा- मां और बच्चे के हित में है प्रावधान
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (रेगुलेशन) अधिनियम, 2021 (ART Act) की धारा 21(g) की संवैधानिक वैधता बरकरार रखते हुए कहा कि ART सेवाओं के लिए तय की गई आयु-सीमा मां और होने वाले बच्चे के कल्याण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निर्धारित की गई।अधिनियम की धारा 21(g) के अनुसार ART सेवाएं 21 वर्ष से अधिक और 50 वर्ष से कम आयु की महिलाओं तथा 21 वर्ष से अधिक और 55 वर्ष से कम आयु के पुरुषों को ही प्रदान की जा सकती हैं।चीफ जस्टिस अशुतोष कुमार और जस्टिस अरुण देव चौधरी की खंडपीठ ने यह फैसला एक...
असम पंचायत नियमों का नियम 47(1) सिर्फ़ बाज़ार सेटलमेंट के लिए सबसे ज़्यादा बोली की सीमा तय करता है, सबसे कम सही दर तय नहीं करता: गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कहा कि असम पंचायत (वित्तीय) नियम, 2002 का नियम 47(1) सिर्फ़ बाज़ारों के सेटलमेंट के लिए ऊपरी सीमा तय करता है और कानूनी योजना में किसी न्यूनतम या "सबसे कम सही" बोली की शर्त को पढ़ने की अनुमति नहीं देता है।कोर्ट ने आगे कहा कि टेंडर से जुड़े आंकड़ों से निकाले गए प्रशासनिक नोटिस या अनुमानों का इस्तेमाल नियम 47(1) में ऐसी शर्तें जोड़ने के लिए नहीं किया जा सकता, जो नियम में खुद नहीं दी गईं।जस्टिस देवाशीष बरुआ ने नियम 47(1) के दायरे की जांच करते हुए कहा,"ऊपर बताए गए नियम को देखने...
S. 11 Cattle Preservation Act | सर्कल ऑफिसर को परिसर में घुसने, जांच करने का अधिकार हो सकता है, लेकिन उसे सील करने का नहीं: गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कहा कि असम पशु संरक्षण अधिनियम (Cattle Preservation Act) 2021 की धारा 11 के तहत सर्कल ऑफिसर को ऐसे परिसर में घुसने और जांच करने का अधिकार दिया जा सकता है, जहां कानून का उल्लंघन हुआ हो, जिसमें एक मांस की दुकान भी शामिल है। हालांकि ऑफिसर के पास परिसर को सील करने का कोई अधिकार या क्षेत्राधिकार नहीं है।कोर्ट ने कहा कि कानून ऐसे अधिकारियों को परिसर में घुसने और जांच करने और वहां मिली सामग्री को जब्त करने की अनुमति देता है, लेकिन यह परिसर को पूरी तरह से सील करने तक नहीं है, जहां...
2018 तेजू पुलिस स्टेशन लिंचिंग केस | गुवाहाटी हाईकोर्ट ने आरोपियों की रिहाई का आदेश रद्द किया, हत्या के आरोप तय करने का निर्देश दिया
राज्य द्वारा दायर आपराधिक याचिका पर सुनवाई करते हुए जिसमें ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई और जिसमें 2018 में अरुणाचल प्रदेश के तेजू पुलिस स्टेशन से दो बलात्कार और हत्या के संदिग्धों को बाहर निकालकर सार्वजनिक रूप से पीट-पीटकर मार डालने के आरोपी छह प्रतिवादियों को बरी कर दिया गया था, गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कहा कि जांच के दौरान इकट्ठा किए गए सबूतों से आरोपियों के खिलाफ गंभीर संदेह पैदा होता है। इसलिए साजिश, सरकारी कर्मचारियों को काम करने से रोकने और हत्या सहित आरोपों पर पूरी सुनवाई की...
भूमि पासबुक जारी होने के बाद आवंटी का अधिकार व स्वामित्व तब तक बना रहता है, जब तक रद्द न किया जाए : गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया कि जब सरकारी भूमि के आवंटन का हस्तांतरण सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित हो जाता है और आवंटी के पक्ष में भूमि पासबुक जारी हो जाती है तो वह व्यक्ति उस भूमि पर अधिकार और स्वामित्व बनाए रखता है। यह अधिकार तब तक बना रहता है, जब तक कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा विधिवत रूप से आवंटन को रद्द या वापस न लिया जाए।जस्टिस अंजन मोनी कलिता ने यह टिप्पणी अपील खारिज करते हुए की। उन्होंने कहा कि यह दलील स्वीकार्य नहीं है कि भूमि पासबुक केवल राजस्व भुगतान या वित्तीय...
महिला ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों को पुरुषों जैसी कठोर चयन प्रक्रिया से नहीं गुजरना चाहिए: गुवाहाटी हाईकोर्ट, राज्य को दी आरक्षण नीति पर सलाह
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने पुलिस भर्ती विज्ञापन में ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों को पुरुष अभ्यर्थियों के साथ क्लब किए जाने को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि महिला ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों को पुरुष उम्मीदवारों जैसी कठोर चयन प्रक्रिया से नहीं गुजारा जा सकता। अदालत ने राज्य सरकार को सुझाव दिया कि भविष्य की भर्तियों में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए अधिक समावेशी और न्यायसंगत नीति अपनाई जाए।यह मामला उस भर्ती विज्ञापन से जुड़ा था, जिसमें सब-इंस्पेक्टर और कांस्टेबल पदों के लिए ट्रांसजेंडर...
रिटायरमेंट के बाद सेवा विस्तार संभव नहीं, परंतु पदोन्नति के आधार पर सीमित वित्तीय लाभ मिलेंगे: गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया कि रिटायरमेंट के बाद पदोन्नति के आधार पर सेवा अवधि बढ़ाना कानून के अनुरूप नहीं है। ऐसी किसी भी सिफारिश को कर्मचारी के रिटायरमेंट हो जाने के बाद प्रभावी नहीं किया जा सकता। हालांकि, न्यायालय ने यह भी कहा कि कैरियर उन्नयन योजना के तहत की गई पदोन्नति को केवल पेंशन रूप से मान्य कर वित्तीय लाभ दिए जा सकते हैं। भले ही कर्मचारी वास्तविक रूप से उच्च पद पर कार्यभार ग्रहण न कर पाया हो।चीफ जस्टिस अशुतोष कुमार और जस्टिस अरुण देव चौधरी की खंडपीठ ने यह...
POCSO पीड़िता की गवाही की विश्वसनीयता खत्म हो जाती है, जब DNA रिपोर्ट में आरोपी को जैविक पिता होने से इनकार किया जाता है: गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कहा कि जब DNA रिपोर्ट में आरोपी को पीड़िता द्वारा जन्मे बच्चे का जैविक पिता होने से अंतिम रूप से खारिज कर दिया जाता है तो पीड़िता की गवाही की विश्वसनीयता खत्म हो जाती है।जस्टिस माइकल ज़ोथनखुमा और जस्टिस मिताली ठाकुरिया की खंडपीठ ने दोहराया कि यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) की धारा 29 के तहत अनुमान तभी लागू होता है, जब अभियोजन पक्ष मूलभूत तथ्य स्थापित कर लेता है।भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 415 के तहत अपील, भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा...
बांग्लादेश से हो रहा अवैध प्रवास बदल रहा असम की जनसांख्यिकी, राज्य में बढ़ रहा है असंतोष: गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी में कहा कि बांग्लादेश से हो रहा अवैध प्रवास असम की जनसांख्यिकी (demography) को बदल रहा है, जिसके कारण राज्य में व्यापक असंतोष फैल रहा है।कोर्ट ने यह भी माना कि राज्य सरकार के पास “घोषित विदेशी नागरिकों” (declared foreign nationals) को देश से बाहर निकालने की पूरी शक्ति है। अगर किसी कारण से ऐसे व्यक्तियों को निष्कासित (expel) नहीं किया जा सकता, तो राज्य सरकार उन्हें रोजगार पाने, भूमि खरीदने, भारतीय नागरिक से विवाह करने आदि से रोक सकती है — इसके...
गुवाहाटी हाईकोर्ट का फैसला: सेना कर्मियों के बच्चों को नागालैंड के सेंट्रल पूल MBBS कोटे से बाहर रखना वैध
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने उस मेडिकल उम्मीदवार को राहत देने से इनकार किया, जिसे कट-ऑफ अंक हासिल करने के बावजूद नागालैंड सरकार को आवंटित सेंट्रल पूल MBBS कोटे की सीट से वंचित कर दिया गया। कोर्ट ने कहा कि रक्षा कर्मियों के बच्चों के लिए पहले से ही समर्पित कोटा होने के कारण उन्हें सेंट्रल पूल के 'कमी वाले राज्य के कोटे से बाहर रखना भेदभावपूर्ण नहीं है।चीफ जस्टिस आशुतोष कुमार और जस्टिस अरुण देव चौधरी की खंडपीठ ने सिंगल बेंच के उस फैसले को पलट दिया, जिसने उम्मीदवार के पक्ष में फैसला सुनाया था।मामला और...
हाईकोर्ट ने CNN-News18 एंकर अकांक्षा स्वरूप के खिलाफ कामाख्या मंदिर पर विवादित बयान पर FIR खारिज की
गौहाटी हाईकोर्ट ने CNN-News18 की एंकर अकाशा स्वरूप के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द कर दिया। यह मामला उस टीवी शो से जुड़ा था जिसमें उन्होंने कहा था कि मां कामाख्या मंदिर में नरबलि की प्रथा होती है।कोर्ट ने कहा कि अकाशा का यह बयान लापरवाही में दिया गया था, लेकिन इसमें धार्मिक भावनाएं आहत करने की कोई जानबूझकर मंशा नहीं थी। यह टिप्पणी उन्होंने मेघालय में एक व्यक्ति की मौत पर चर्चा के दौरान की थी। चैनल ने बाद में माफी मांग ली थी और बयान को अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया था। जस्टिस शमीमा जहां ने कहा कि यह...
भावी नियमितीकरण से पहले मानद सेवा अवधि के लिए बकाया वेतन का दावा नहीं किया जा सकता: गुवाहाटी हाईकोर्ट
जस्टिस माइकल ज़ोथनखुमा और जस्टिस अंजन मोनी कलिता की गुवाहाटी हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि यदि नियुक्ति की शर्तें स्वीकार कर ली गई हों और नियमितीकरण आदेश के तहत लाभ केवल भावी रूप से प्रदान किए गए हों तो कोई कर्मचारी नियमितीकरण से पहले मानद सेवा अवधि के लिए बकाया वेतन का दावा नहीं कर सकता।पृष्ठभूमि तथ्यअपीलकर्ता को तर्कशास्त्र और दर्शनशास्त्र विषय के शिक्षक के रूप में नियुक्त किया गया। उन्हें शासी निकाय के दिनांक 03.03.2000 के प्रस्ताव नंबर 6 के अनुसरण में विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा पारित...















