गौहाटी हाईकोर्ट
Custodial Death | गुवाहाटी हाईकोर्ट ने दिया बिज़नेसमैन की विधवा को ₹25 लाख का मुआवज़ा, कहा- पुलिस वालों के ख़िलाफ़ चल रहा ट्रायल कोई रुकावट नहीं
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने इस हफ़्ते की शुरुआत में असम सरकार को बिज़नेसमैन की विधवा को ₹20 लाख का अतिरिक्त मुआवज़ा देने का निर्देश दिया। अंतरिम राहत के तौर पर पहले ही ₹5 लाख दिए जा चुके थे। यह मुआवज़ा उस बिज़नेसमैन की मौत के लिए दिया गया, जिसे 2020 में पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर अगवा किया, बेरहमी से प्रताड़ित किया और मार डाला।पब्लिक लॉ रेमेडी (सार्वजनिक कानून के तहत उपाय) के तहत मुआवज़ा देते हुए जस्टिस कल्याण राय सुराना और जस्टिस शमीमा जहान की बेंच ने कस्टडी में हिंसा की बर्बर घटनाओं पर कड़ी आपत्ति...
'हेट स्पीच' PILs | इंटरव्यू के चुनिंदा हिस्से वास्तविक अर्थ को बिगाड़ सकते हैं: असम सीएम ने गुवाहाटी हाईकोर्ट से कहा, पूरे ट्रांसक्रिप्ट मांगे
अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ कथित हेट स्पीच के मामले में कार्रवाई की मांग करने वाली जनहित याचिकाओं (PIL) के जवाब में असम सीएम डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के सामने कहा कि उन पर लगे आरोप न्यूज़ क्लिपिंग की फोटोकॉपी पर आधारित हैं, जिनमें से कुछ चुनिंदा लाइनें निकाली गई हैं जो उनके असली इरादे को बिगाड़ सकती हैं।अपने हलफनामे में सीएम सरमा ने याचिकाकर्ताओं द्वारा इस्तेमाल की गई सामग्री की असलियत पर गंभीर सवाल उठाए।उन्होंने यह भी कहा कि किसी इंटरव्यू से चुनिंदा हिस्से या कुछ लाइनें...
POCSO मामलों में पूरा प्रवेश या हाइमन फटना जरूरी नहीं: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने 20 साल की सजा बरकरार रखी
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने POCSO Act के महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट किया कि यौन उत्पीड़न साबित करने के लिए पूरा प्रवेश या हाइमन का फटना जरूरी नहीं है।अदालत ने कहा कि मामूली स्तर का प्रवेश भी कानून के तहत भेदक यौन उत्पीड़न माना जाएगा।हाईकोर्ट ने 9 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोपी सतीश राय की सजा बरकरार रखते हुए उसकी अपील खारिज की। आरोपी को स्पेशल POCSO कोर्ट ने गंभीर भेदक यौन उत्पीड़न का दोषी मानते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।जस्टिस माइकल जोथनखुमा और जस्टिस संजीव कुमार शर्मा की...
फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल में नागरिकता साबित करने की पूरी जिम्मेदारी व्यक्ति की, सिर्फ मौखिक दावे पर्याप्त नहीं : गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कहा है कि फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल के समक्ष नागरिकता साबित करने का पूरा भार संबंधित व्यक्ति (प्रोसीडी) पर होता है और इसे केवल अस्पष्ट दलीलों, विरोधाभासी वोटर लिस्ट या बिना प्रमाणित दस्तावेजों के आधार पर पूरा नहीं किया जा सकता।जस्टिस संजय कुमार मेधी और जस्टिस प्रांजल दास की खंडपीठ डाबिर रहमान द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में वर्ष 2018 में फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें उसे 25 मार्च 1971 के बाद भारत आया विदेशी घोषित किया गया...
नागरिकता साबित करने के लिए NRC अंश स्वीकार्य साक्ष्य नहीं: गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के अंशों को साक्ष्य के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता।जस्टिस संजय कुमार मेधी और जस्टिस शमीमा जहां की खंडपीठ ने कहा कि हाल ही में दिए गए एक फैसले में भी अदालत यह स्पष्ट कर चुकी है कि नागरिकता तय करने के मामलों में NRC दस्तावेजों का कानूनी महत्व नहीं है।अदालत ने कहा,“याचिकाकर्ता ने NRC विवरण पर भरोसा किया जिसमें उसे अबुल हाकी का पुत्र बताया गया था। लेकिन यह दस्तावेज साक्ष्य के रूप में...
परिवार के एक सदस्य को विदेशी घोषित करने से बाकी सदस्य स्वतः विदेशी नहीं हो जाते: गुवाहाटी हाइकोर्ट
गुवाहाटी हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी परिवार के एक सदस्य को विदेशी घोषित कर देने मात्र से उसके अन्य परिजन स्वतः विदेशी नहीं माने जा सकते। अदालत ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ अलग से कार्यवाही और संदर्भ आवश्यक है।जस्टिस संजय कुमार मेधी और जस्टिस शमीमा जहां की खंडपीठ एक महिला की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। महिला ने विदेशी न्यायाधिकरण के 2019 के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें उसे और उसके बेटों-बेटियों को विदेशी घोषित कर दिया गया।हाईकोर्ट ने महिला को विदेशी घोषित करने का...
बिना धोखाधड़ी के रिटायर कर्मचारी से अतिरिक्त ग्रेच्युटी की वसूली नहीं हो सकती: गुवाहाटी हाइकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने दोहराया कि यदि किसी रिटायर कर्मचारी को विभाग की गणना के आधार पर अधिक ग्रेच्युटी का भुगतान हुआ हो और उसमें कर्मचारी की कोई धोखाधड़ी या गलत जानकारी न हो तो उससे वह राशि वापस नहीं ली जा सकती।जस्टिस बुडी हाबुंग ने कहा कि कर्मचारी रिटायर हो चुका है, ग्रेच्युटी की गणना विभाग ने स्वयं की थी और भुगतान भी विभाग ने ही किया था। ऐसे में बाद में विभागीय पुनर्गणना के आधार पर वसूली करना कानूनसम्मत नहीं है।अदालत ने कहा,“जब अधिक भुगतान विभाग की अपनी गणना के कारण हुआ हो और कर्मचारी की ओर से...
चार्जशीट के बिना पेंडिंग जांच के आधार पर प्रमोशन से इनकार नहीं किया जा सकता: गुवाहाटी हाईकोर्ट
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे महिला सब-इंस्पेक्टर के मामले पर फिर से विचार करें ताकि उन्हें सब-इंस्पेक्टर (UB) के पद पर स्थायी किया जा सके और इंस्पेक्टर (UB) के पद पर प्रमोट किया जा सके। कोर्ट ने इस बात को ध्यान में रखा कि उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला पेंडिंग होने के बावजूद, कोई चार्जशीट दायर नहीं की गई।इस मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस बुडी हाबुंग ने टिप्पणी की,"दोनों पक्षकारों के वकीलों की दलीलों पर विचार करने और रिकॉर्ड पर मौजूद दस्तावेजों को देखने के बाद इस...
निर्दोष महिला को विवाद में घसीटा, राजनीतिक लाभ के लिए किया इस्तेमाल: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत से इनकार करते हुए कहा
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि उन्होंने राजनीतिक लाभ पाने के लिए निर्दोष महिला को विवाद में घसीटा है और मामले में हिरासत में पूछताछ जरूरी है।जस्टिस पार्थिवज्योति सैकिया की पीठ ने कहा कि यह मामला केवल मानहानि का नहीं है बल्कि इसमें गंभीर आरोप शामिल हैं, जिनकी जांच के लिए आरोपी से हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। अदालत ने कहा कि यह जानना जरूरी है कि खेड़ा को दस्तावेज किसने उपलब्ध कराए और इस पूरे प्रकरण में और कौन...
असम CM की पत्नी की FIR: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने पवन खेड़ा को अग्रिम ज़मानत देने से किया इनकार
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज की। यह याचिका असम के CM हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी, रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा दायर एक FIR के संबंध में थी, जिसमें रिनिकी पर कई पासपोर्ट रखने के आरोप लगाए गए थे।जस्टिस पार्थिवज्योति सैकिया की बेंच ने 21 अप्रैल को दोनों पक्षों की विस्तृत सुनवाई के बाद अपना अंतिम आदेश सुरक्षित रख लिया था।खेड़ा की ओर से पेश होते हुए सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि CM हिमंत ने खेड़ा के खिलाफ कथित तौर पर बयान दिया। साथ ही यह भी कहा...
पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित, गुवाहाटी हाईकोर्ट में दोनों पक्षकारों की जोरदार बहस
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा द्वारा दर्ज FIR से जुड़ा है, जिसमें कई पासपोर्ट रखने के आरोप लगाए गए ।जस्टिस पार्थिवज्योति सैकिया की पीठ ने दोनों पक्षकारों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रखा।याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि यह मामला राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री...
हेट स्पीच याचिकाएं: असम CM पर आरोप- नोटिस के बाद भी भड़काऊ बयान जारी, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
गुवाहाटी हाईकोर्ट में दायर हेट स्पीच से जुड़ी जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि हिमंत बिस्वा सरमा ने अदालत के नोटिस के बाद भी कथित तौर पर भड़काऊ बयान देना जारी रखा है। कोर्ट ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री को जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का अतिरिक्त समय दे दिया।चीफ जस्टिस अशुतोष कुमार और जस्टिस अरुण देव चौधरी की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 28 मई के लिए तय की है और निर्देश दिया है कि तब तक सभी प्रतिवादी अपना हलफनामा दाखिल करें।सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट...
पासपोर्ट विवाद: पवन खेड़ा ने अग्रिम जमानत के लिए गुवाहाटी हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा द्वारा दर्ज FIR के मामले में अग्रिम जमानत के लिए गुवाहाटी हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट की वेबसाइट के अनुसार यह याचिका सोमवार 20 अप्रैल को दाखिल की गई।यह मामला कथित तौर पर कई पासपोर्ट रखने के आरोपों से जुड़ा है। इससे पहले तेलंगाना हाईकोर्ट ने 10 अप्रैल को खेड़ा को एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी और उन्हें संबंधित न्यायालय में जाने की अनुमति दी थी। यह याचिका हैदराबाद में दायर की गई, जहां...
DNA रिपोर्ट नेगेटिव होने पर भी पीड़िता का बयान सर्वोपरि: यौन उत्पीड़न के मामले में गुवाहाटी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि यदि पीड़िता की गवाही विश्वसनीय है और उसे अन्य मेडिकल सबूतों से समर्थन मिलता है, तो केवल 'नेगेटिव' डीएनए (DNA) रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को बरी नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि जब अभियोजन पक्ष गवाही के माध्यम से अपराध सिद्ध कर देता है, तो DNA रिपोर्ट का मिलान न होना मामले को कमजोर नहीं करता।मामले की पृष्ठभूमियह फैसला जस्टिस प्रांजल दास की एकल पीठ ने सुनाया। मामला एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की से जुड़ा है जिसके साथ उस समय बलात्कार किया गया...
वैवाहिक बलात्कार भले अपराध नहीं, लेकिन प्रेम संबंध में जबरन संबंध अपराध—FIR रद्द करने से इनकार: गौहाटी हाईकोर्ट
गौहाटी हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि प्रेम संबंध (love relationship) होने से बलात्कार के अपराध की गंभीरता कम नहीं हो जाती। अदालत ने कहा कि यदि महिला की इच्छा के विरुद्ध जबरन शारीरिक संबंध बनाया जाता है, तो वह आपराधिक कृत्य ही रहेगा।जस्टिस प्रांजल दास की पीठ एक आपराधिक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें आरोपी ने अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने की मांग की थी। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) और POCSO अधिनियम की धारा 4 के तहत दर्ज अपराधों से जुड़ा है।मामले...
प्रशिक्षण पूरा किए बिना असम राइफल्स से मुक्त होने पर बहाली का अधिकार नहीं: गुवाहाटी हाइकोर्ट
गुवाहाटी हाइकोर्ट की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि जिस अभ्यर्थी ने न तो अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया हो और न ही असम राइफल्स अधिनियम, 2006 के तहत औपचारिक रूप से बल का सदस्य बना हो उसे सेवा में पुनर्बहाली का अधिकार प्राप्त नहीं है, विशेषकर तब जब उसने स्वयं लिखित आवेदन और शपथपत्र देकर सेवा से मुक्त होने का अनुरोध किया हो।जस्टिस उन्नी कृष्णन नायर और जस्टिस यारेनजुंगला लोंगकुमेर की खंडपीठ ने एकलपीठ के निर्णय को बरकरार रखते हुए अभ्यर्थी की अपील खारिज की।मामले के अनुसार, कर्मचारी चयन आयोग द्वारा असम...
'विभाजनकारी प्रवृत्ति' : मुसलमानों के खिलाफ कथित हेट स्पीच पर असम सीएम को हाईकोर्ट का नोटिस
गौहाटी हाईकोर्ट ने गुरुवार (26 फरवरी) को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ अल्पसंख्यक समुदायों के विरुद्ध कथित घृणास्पद भाषण (हेट स्पीच) देने से रोकने की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) और दो संबद्ध मामलों पर नोटिस जारी किया।चीफ़ जस्टिस अशुतोष कुमार और जस्टिस अरुण देव चौधरी की खंडपीठ ने केंद्र सरकार, असम राज्य, डीजीपी और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को नोटिस जारी किया। अदालत ने अंतरिम राहत की मांग पर भी नोटिस दिया और मामले को बिहू अवकाश के बाद सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।PIL में क्या...
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने आर्टिकल 22(5) के सेफगार्ड्स का उल्लंघन पर एक्टिविस्ट विक्टर दास की NSA डिटेंशन रद्द की
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने नेशनल सिक्योरिटी एक्ट, 1980 (NSA) के तहत विक्टर दास की प्रिवेंटिव डिटेंशन को यह कहते हुए रद्द किया कि आर्टिकल 22(5) के तहत संवैधानिक सेफगार्ड्स का उल्लंघन किया गया।जस्टिस कल्याण राय सुराणा और जस्टिस अंजन मोनी कलिता की डिवीजन बेंच ने 7 अक्टूबर, 2025 के डिटेंशन ऑर्डर, डिटेंशन के आधार और राज्य सरकार की मंज़ूरी रद्द की और निर्देश दिया कि अगर किसी और मामले में ज़रूरत न हो तो दास को तुरंत रिहा किया जाए।दास को असमिया सिंगर ज़ुबीन गर्ग की मौत के बाद हुई घटनाओं के बाद गुवाहाटी के...
जिस विषय में पुनर्मूल्यांकन का आवेदन नहीं, उसमें अंक घटाना गलत: गुवाहाटी हाइकोर्ट
गुवाहाटी हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिस विषय में पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन नहीं किया गया हो, उस विषय के अंकों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कोई बदलाव नहीं कर सकता। अदालत ने कहा कि किसी विषय के पुनर्मूल्यांकन के दौरान दूसरे विषय के पहले से दिए गए अंक घटाना नियमों के विपरीत है।जस्टिस नेल्सन सैलो की पीठ ने कहा,“जब याचिकाकर्ता के पुत्र ने निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार केवल विज्ञान विषय में पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया तो यह समझ से परे है कि उस पुनर्मूल्यांकन के दौरान गणित विषय के अंक...
शादीशुदा दंपति और नाबालिग बच्चे के हित में कार्यवाही समाप्त: गौहाटी हाइकोर्ट ने बाल विवाह और POCSO मामला किया रद्द
गुवाहाटी हाइकोर्ट ने विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बाल विवाह निषेध अधिनियम और POCSO Act के तहत चल रही आपराधिक कार्यवाही रद्द की।अदालत ने कहा कि जब दोनों पक्ष विवाह कर चुके हैं, साथ रह रहे हैं और उनका एक नाबालिग बच्चा भी है, तो मुकदमे को जारी रखना निरर्थक होगा।जस्टिस प्रांजल दास ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 528 के तहत अपने विशेष अधिकार का प्रयोग करते हुए यह आदेश पारित किया।उन्होंने कहा,“वर्तमान मामले के तथ्यों से जो वस्तुस्थिति सामने आई, उसे अनदेखा नहीं किया जा...
















