पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

लंबित सिविल मुकदमे में काम आने की दलील से तीसरे पक्ष की RTI सूचना नहीं मिल सकती: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि केवल यह कहना कि RTI Act के तहत मांगी गई जानकारी लंबित सिविल मुकदमे में मदद करेगी, तीसरे पक्ष से जुड़ी सूचना के खुलासे के लिए जरूरी बड़े सार्वजनिक हित को साबित नहीं करता।जस्टिस कीर्ति सिंह ने पंजाब राज्य सूचना आयोग के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें FIR से संबंधित सूचना देने से इनकार किया गया। कोर्ट ने कहा कि किसी लंबित मामले में कोई सूचना याचिकाकर्ता के लिए उपयोगी हो सकती है लेकिन केवल इस आधार पर निजी मुकदमे की जरूरत को RTI Act के तहत बड़े सार्वजनिक हित में...

अवैध तलाशी से PC-PNDT Act की शिकायत अपने आप रद्द नहीं होगी: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि यदि प्री-कन्सेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स (लिंग चयन निषेध) अधिनियम 1994 के तहत किसी केंद्र की तलाशी की अनुमति देने में प्रक्रिया संबंधी खामी रही हो तो केवल इस आधार पर आपराधिक शिकायत रद्द नहीं की जा सकती। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि तलाशी की वैधता और तलाशी के दौरान मिले साक्ष्यों की प्रासंगिकता व स्वीकार्यता अलग-अलग प्रश्न हैं।जस्टिस मनीषा बत्रा ने दो याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि यदि शिकायत में ऐसे विशिष्ट आरोप हैं, जो साबित होने पर संबंधित कानून के...

खुद की कमाई से देह व्यापार करने का आरोप भर से महिला पर मानव तस्करी का केस नहीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि यदि किसी महिला पर आरोप है कि वह खुद देह व्यापार में शामिल होकर उससे होने वाली कमाई से अपना जीवनयापन कर रही थी, तो केवल इस आधार पर उसके खिलाफ अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 की धारा 4 और 5 के तहत आरोप तय नहीं किए जा सकते। कोर्ट ने महिला के खिलाफ इन दोनों धाराओं में तय आरोपों को रद्द किया।यह मामला एक ऐसी महिला से जुड़ा था, जिसने शुरुआत में सामूहिक दुष्कर्म की FIR दर्ज कराई, लेकिन जांच के दौरान पुलिस ने उसे ही आरोपी बना दिया।जस्टिस मनीषा बत्रा ने मामले की...

76 साल के बीमार आरोपी को जमानत देते हुए हाईकोर्ट बोला- न्याय के लिए जज में रीढ़ की हड्डी होनी चाहिए

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 76 वर्षीय आरोपी को खराब स्वास्थ्य और पांच साल से अधिक समय से जेल में रहने के आधार पर अंतरिम जमानत दी। हाईकोर्ट ने कहा कि 75 वर्ष से अधिक उम्र के किसी बीमार व्यक्ति की जमानत याचिका पर फैसला करते समय अदालत को उसकी उम्र और स्वास्थ्य को बेहद संवेदनशीलता के साथ देखना चाहिए। ऐसी याचिका खारिज करने से पहले जज को इसके कारण भी स्पष्ट रूप से दर्ज करने चाहिए।जस्टिस अनूप चितकारा और जस्टिस हरमीत सिंह देओल की पीठ ने कहा कि अस्वस्थ वृद्धावस्था एक अभिशाप है।...

कोर्ट की गलती से पुलिस अधिकारी पर लगा जुर्माना, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आदेश वापस लिया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अपने ही पुराने आदेश में हुई तथ्यात्मक गलती को सुधारते हुए मेवात के पुलिस अधीक्षक पर लगाए गए 5 हजार रुपये के जुर्माने का आदेश वापस ले लिया। कोर्ट ने माना कि 7 सितंबर को जुर्माना लगाते समय यह तथ्य सही ढंग से दर्ज नहीं हो पाया कि राज्य सरकार की ओर से जवाब उसी दिन अदालत में पेश करने का प्रयास किया गया।जस्टिस सुमीत गोयल ने मामले में अदालत की गलती से किसी पक्ष को नुकसान न होने के सिद्धांत को लागू करते हुए कहा कि अदालत की अपनी भूल के कारण किसी व्यक्ति को नुकसान नहीं...

चीफ जस्टिस पर सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सौरव दास के खिलाफ आपराधिक अवमानना याचिका, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई का इंतजार

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में CJP के प्रवक्ता सौरव दास के खिलाफ आपराधिक अवमानना याचिका दायर की गई। याचिका में आरोप लगाया गया कि 20 अगस्त को 'X' पर किए गए उनके पोस्ट में हाईकोर्ट और तत्कालीन एक्टिंग चीफ जस्टिस, अब चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा की निष्पक्षता, निष्ठा और अधिकार पर गंभीर सवाल उठाए गए।याचिकाकर्ता का आरोप है कि पोस्ट में महंगाई भत्ते के बकाये के भुगतान से जुड़े डिवीजन बेंच के फैसले को राजनीतिक मंशा से जोड़कर पेश किया गया और अदालत की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। यह...

CBFC के रीजनल ऑफिसर के पास चार्दीकला फ़िल्म को सर्टिफ़िकेशन देने से मना करने का अधिकार नहीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि पंजाबी फ़िल्म "चार्दीकला" को सर्टिफ़िकेशन देने से मना करने वाले आदेश ऐसे अधिकारी ने दिए, जिसके पास ऐसा करने का अधिकार नहीं है। यह बात तब सामने आई, जब पता चला कि जिन तारीखों पर मनाही के आदेश जारी किए गए, उन तारीखों पर सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ फ़िल्म सर्टिफ़िकेशन (CBFC) की कानूनी शक्तियों का रीजनल ऑफिसर या चेयरपर्सन के पक्ष में कोई वैध डेलीगेशन (अधिकार सौंपना) मौजूद नहीं है। [2026 LL (PH) 321]जस्टिस हरकेश मनुजा ने कहा,"यह स्पष्ट किया जाता है कि अपीलकर्ता द्वारा दी गई...

पति का यात्रा का खर्च उठाने का प्रस्ताव पत्नी की केस ट्रांसफर की अर्ज़ी अपने-आप खारिज नहीं कर सकता: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पत्नी की अर्ज़ी पर हिसार की फैमिली कोर्ट से सोनीपत की फैमिली कोर्ट में पति द्वारा दायर तलाक की अर्ज़ी ट्रांसफर की। कोर्ट ने कहा कि सुनवाई के लिए यात्रा का खर्च उठाने का पति का प्रस्ताव कोई ऐसा सख्त नियम नहीं है, जिससे पत्नी की ट्रांसफर की मांग खारिज हो जाए और वैवाहिक मामलों में केस ट्रांसफर करते समय महिला पक्षकार की सुविधा को उचित महत्व दिया जाना चाहिए। [2026 LiveLaw (PH) 322]जस्टिस हरकेश मनुजा ने कहा,"प्रतिवादी के वकील ने जिन फैसलों का हवाला दिया, उनसे उनके मामले...

यारियां 2 में गैर-अमृतधारी कृपाण पहनने पर FIR रद्द, हाईकोर्ट ने कहा- जानबूझकर धार्मिक भावनाएं भड़काने का इरादा नहीं

फिल्म यारियां 2 के एक गाने में गैर-अमृतधारी एक्टर को कृपाण पहने दिखाने के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने निर्देशक, निर्माता और एक्टर के खिलाफ दर्ज FIR रद्द की। हाईकोर्ट ने कहा कि किसी फिल्म में धार्मिक प्रतीक का अनजाने में किया गया कलात्मक चित्रण, जब उसके पीछे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण मंशा न हो, भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 295-ए के तहत अपराध नहीं बनता।जस्टिस शालिनी नागपाल ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि किसी गाने में गैर-अमृतधारी सिख को श्री...

सीनियर सिटिज़न एक्ट का इस्तेमाल अलग रह रही बहू को साझा घर से निकालने के लिए नहीं किया जा सकता: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक सास की 'लेटर पेटेंट अपील' खारिज की। सास ने 'माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007' के तहत अपनी बहू को रिहायशी संपत्ति से बेदखल करने की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि इस कानून का इस्तेमाल वैवाहिक या संपत्ति से जुड़े विवादों को सुलझाने या ऐसी बहू को घर से निकालने के लिए नहीं किया जा सकता, जिसका साझा घर में रहने का अधिकार है।जस्टिस सुवीर सहगल और जस्टिस राजेश गौर ने कहा,"2007 के अधिनियम का मुख्य उद्देश्य बच्चों और रिश्तेदारों द्वारा वरिष्ठ...

लंबे समय तक जेल में रहने के बाद 25 आपराधिक मामले भी जमानत से इनकार का अकेला आधार नहीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कार चोरी से जुड़े मामले में लंबे समय से जेल में बंद आरोपी को नियमित जमानत देते हुए स्पष्ट किया कि किसी आरोपी के खिलाफ दर्ज कई अन्य आपराधिक मामले अपने आप में जमानत से इनकार करने का एकमात्र आधार नहीं हो सकते।जस्टिस मनीषा बत्रा ने कहा कि आरोपी की अन्य मामलों में संलिप्तता को जमानत का लाभ देने से इनकार करने का अकेला कारण नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने आरोपी की हिरासत की अवधि, मौजूदा अपराध की प्रकृति और मामले की परिस्थितियों को देखते हुए जमानत देना उचित माना, हालांकि कोर्ट ने...

आर्टिकल 21 का उल्लंघन: हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों की विदेश यात्रा पर हरियाणा सरकार का प्रतिबंध रद्द किया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार के उस आदेश को रद्द किया, जिसमें सरकारी कर्मचारियों की सरकारी या निजी विदेश यात्रा पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि बिना किसी व्यक्तिगत परिस्थिति पर विचार किए बिना लगाया गया ऐसा अंधाधुंध प्रतिबंध संविधान के आर्टिकल 14 और 21 का उल्लंघन करता है।जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने कहा,"नागरिकों के एक पूरे वर्ग पर केवल इसलिए पूरी तरह से रोक लगाना क्योंकि वे सरकारी सेवा में हैं, स्पष्ट रूप से मनमाना है। राज्य उन आदेशों के पीछे के मकसद... यानी ईंधन...

देश के लिए लड़ने वालों की तारीफ़ होनी चाहिए: हाईकोर्ट ने कहा- युद्ध में लगी चोट की पेंशन का बकाया सिर्फ़ तीन साल तक सीमित नहीं किया जा सकता

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आर्म्ड फोर्सेस ट्रिब्यूनल के उस आदेश को रद्द किया, जिसमें युद्ध में लगी चोट की पेंशन के बकाये को ओरिजिनल एप्लीकेशन दाखिल करने से पहले के तीन साल तक सीमित कर दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि जब पेंशन पाने का अधिकार ही विवाद में नहीं है तो सैनिक या - जैसा कि इस मामले में है - उनकी विधवा उस तारीख से बकाया पाने की हकदार हैं, जब से यह अधिकार शुरू हुआ। [2026 LiveLaw (PH) 297]जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी और जस्टिस अमरविंदर सिंह ग्रेवाल की डिवीज़न बेंच ने कहा,"जिस व्यक्ति ने देश के...

पति द्वारा बिज़नेस की देनदारी चुकाने का वादा पत्नी को चेक बाउंस के मुक़दमे से बरी नहीं करता: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 (NI Act) की धारा 138 के तहत महिला के ख़िलाफ़ चल रही कार्यवाही रद्द करने से इनकार किया। उस महिला पर उसके पति के साथ आरोप लगाया गया। कोर्ट ने कहा कि 'स्पेशल पावर ऑफ़ अटॉर्नी' (जिसमें पति को उसकी ओर से काम करने और उसके कामों को अपनी मंज़ूरी देने का अधिकार दिया गया) को सिर्फ़ इसलिए नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता, क्योंकि बाद में हुए एक समझौते में यह लिखा गया कि उसकी कंपनी बकाया रकम चुकाएगी। [2026 LiveLaw (PH) 296]जस्टिस आलोक जैन ने कहा...

नशीले पदार्थों और साइकोट्रोपिक पदार्थों की अवैध तस्करी की PITNDPS Act के तहत महिला की निवारक हिरासत रद्द किया: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने 'नशीले पदार्थों और साइकोट्रोपिक पदार्थों की अवैध तस्करी की रोकथाम अधिनियम, 1988' (PITNDPS एक्ट) के तहत एक महिला की निवारक हिरासत रद्द किया। कोर्ट ने माना कि अधिकारियों द्वारा उसे केंद्र सरकार के सामने अपनी बात रखने (रिप्रेजेंटेशन) के अधिकार के बारे में तुरंत न बताना, और उसके बाद उसकी अर्जी को आगे भेजने और उस पर फैसला लेने में बहुत ज़्यादा देरी करना, अनुच्छेद 22(5) के तहत संवैधानिक सुरक्षा उपायों का उल्लंघन था। [2026 LiveLaw (PH) 295]जस्टिस वीरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि...

मरते समय दिए गए बयान के अनुसार जलना दुर्घटना: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दहेज के कारण हुई मौत के मामले में 22 साल बाद व्यक्ति को बरी किया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 1998 के दहेज के कारण हुई मौत के मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बरी किया। कोर्ट ने कहा कि एविडेंस एक्ट की धारा 113-B के तहत कानूनी अनुमान लगाने से पहले अभियोजन पक्ष को IPC की धारा 304-B ​​के ज़रूरी आधार साबित करने होंगे।जस्टिस मनदीप पन्नू ने कहा कि जब मरने वाली महिला ने खुद लगातार यह कहा- जलने के तुरंत बाद और बाद में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने रिकॉर्ड किए गए मरते समय दिए गए बयान में - कि वह गलती से जली थी, तो अभियोजन पक्ष को दुर्घटना से मौत की संभावना को ठोस...

सिलेक्शन प्रोसेस शुरू होने के बाद मेडिकल फैकल्टी पोस्ट के लिए इंटरव्यू में कम-से-कम मार्क्स की शर्त नहीं जोड़ी जा सकती: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (HPSC) के उस फैसले को रद्द किया, जिसमें सरकारी मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती के लिए इंटरव्यू स्टेज में कम से कम क्वालिफाइंग मार्क्स की शर्त जोड़ी गई। कोर्ट ने कहा कि भर्ती करने वाली अथॉरिटी सिलेक्शन प्रोसेस शुरू होने के बाद एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया में बदलाव नहीं कर सकती, खासकर तब जब शॉर्टलिस्ट किए गए कैंडिडेट्स की लिस्ट पहले ही पब्लिश हो चुकी हो।बदलाव के समय और असर पर सवाल उठाते हुए जस्टिस हरप्रीत सिंह बरार ने कहा कि...