पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

आदेश लिखाते समय टोकने पर वकील को अवमानना नोटिस, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
आदेश लिखाते समय टोकने पर वकील को अवमानना नोटिस, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक वकील के खिलाफ आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी किया, जिसने वर्चुअल सुनवाई के दौरान अदालत द्वारा आदेश लिखाए जाते समय कार्यवाही में व्यवधान डाला और खुले तौर पर अदालत के विचारों पर आपत्ति जताई।जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी और जस्टिस दीपक मंचंदा की खंडपीठ ने कहा कि अपील पर बहस पूरी हो चुकी थी। अदालत ओपन कोर्ट में आदेश लिखवा रही थी। उसी दौरान अपीलकर्ता की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित अधिवक्ता सुनील कुमार मुखी ने कार्यवाही में हस्तक्षेप शुरू किया।अदालत के...

झूठी पहचान बताने वाली महिला की गवाही अविश्वसनीय: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दुष्कर्म दोषी को बरी किया
झूठी पहचान बताने वाली महिला की गवाही अविश्वसनीय: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दुष्कर्म दोषी को बरी किया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 2002 के अपहरण और दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति को बरी किया।अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष की पूरी कहानी तब ढह गई जब यह सामने आया कि शिकायतकर्ता महिला ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर एक मृत महिला का नाम अपनाया था और अदालत के समक्ष झूठी जानकारी दी थी। जस्टिस शालिनी सिंह नागपाल ने कहा कि जिस महिला ने अपनी पहचान के बारे में झूठ बोला हो, उसकी गवाही को बिना परीक्षण के स्वीकार नहीं किया जा सकता।अदालत ने टिप्पणी की कि “धोखाधड़ी और न्याय साथ-साथ नहीं चल सकते” और...

लॉरेंस ऑफ पंजाब विवाद: रिलीज रोकने के निर्देश पर Zee की याचिका, पंजाब-केन्द्र से जवाब तलब
लॉरेंस ऑफ पंजाब विवाद: रिलीज रोकने के निर्देश पर Zee की याचिका, पंजाब-केन्द्र से जवाब तलब

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने OTT मंच Zee5 पर प्रस्तावित सीरीज लॉरेंस ऑफ पंजाब की रिलीज रोकने संबंधी निर्देशों को चुनौती देने वाली Zee एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड की याचिका पर पंजाब सरकार और केन्द्र सरकार से जवाब मांगा।जस्टिस जगमोहन बंसल ने मामले की सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया और दोनों सरकारों से जवाब दाखिल करने को कहा।अब मामले की अगली सुनवाई 11 मई को होगी।याचिका में Zee एंटरटेनमेंट ने 23 और 24 अप्रैल 2026 को जारी उन पत्रों को चुनौती दी, जिनमें उसे गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन पर...

प्राइवेट ट्रस्ट के साथ सर्विस विवाद रिट अधिकार क्षेत्र के तहत सुनवाई योग्य नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
प्राइवेट ट्रस्ट के साथ सर्विस विवाद रिट अधिकार क्षेत्र के तहत सुनवाई योग्य नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 'द ट्रिब्यून ट्रस्ट' के कर्मचारी द्वारा दायर रिट याचिका खारिज की। कोर्ट ने माना कि किसी निजी संस्था के साथ पूरी तरह से संविदात्मक रोज़गार से उत्पन्न होने वाले सर्विस विवाद संविधान के अनुच्छेद 226/227 के तहत रिट अधिकार क्षेत्र के दायरे में नहीं आते।जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने कहा,"प्रतिवादी-ट्रस्ट एक स्वतंत्र संस्था है, जिसके अपने नियम हैं, जो उसके कर्मचारियों की सेवा के आंतरिक विनियमन के लिए बनाए गए हैं। इसके अलावा... किसी भी वैधानिक नियम के अभाव में...

हरभजन सिंह पंजाब में नहीं रह रहे हैं: राज्य सरकार ने उनकी सुरक्षा हटाने को चुनौती देने वाली याचिका पर कहा
हरभजन सिंह पंजाब में नहीं रह रहे हैं: राज्य सरकार ने उनकी सुरक्षा हटाने को चुनौती देने वाली याचिका पर कहा

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को याचिका पर नोटिस जारी किया। यह याचिका पूर्व क्रिकेटर और अब सांसद (MP) बने हरभजन सिंह ने दायर की थी। इसमें उन्होंने अपनी सुरक्षा हटाए जाने को चुनौती दी और आरोप लगाया कि यह राजनीतिक बदले की भावना से किया गया और इसमें सही प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ।इस याचिका में 25 अप्रैल, 2026 का आदेश रद्द करने की मांग की गई। इस आदेश के तहत सिंह की सुरक्षा कथित तौर पर बिना किसी नए खतरे के आकलन, बिना किसी नोटिस या सुनवाई का मौका दिए हटा दी गई थी।पंजाब के एडवोकेट जनरल...

पंजाब के एंटी-सेक्रिलेज कानून को चुनौती देने वाली जनहित याचिका की सुनवाई पर रोक, याचिकाकर्ता के आचरण पर हाईकोर्ट सख्त
पंजाब के एंटी-सेक्रिलेज कानून को चुनौती देने वाली जनहित याचिका की सुनवाई पर रोक, याचिकाकर्ता के आचरण पर हाईकोर्ट सख्त

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के एंटी-सेक्रिलेज कानून को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर तत्काल कोई आदेश पारित करने से इनकार करते हुए कहा कि पहले यह देखा जाएगा कि याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता के पूर्ववृत्त और तथ्यों को कथित रूप से छिपाने के आरोपों के मद्देनजर अदालत पहले याचिका की सुनवाई योग्यता पर विचार करेगी।मामला जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026” की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली...

MNC में काम करने वाली पढ़ी-लिखी महिला ने महीनों तक FIR दर्ज नहीं कराई: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने रद्द किया रेप का केस
MNC में काम करने वाली पढ़ी-लिखी महिला ने महीनों तक FIR दर्ज नहीं कराई: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने रद्द किया रेप का केस

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज रेप का मामला रद्द किया। कोर्ट ने कहा कि दो समझदार लोगों के बीच लंबे समय तक चले आपसी सहमति वाले रिश्ते को शादी के वादे के टूटने के आधार पर रेप का मामला बनाकर आपराधिक श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।जस्टिस एन.एस शेखावत ने कहा,"यहां तक ​​कि दूसरे व्यक्ति से तलाक लेने से पहले भी प्रतिवादी नंबर 2 (महिला) 09.10.2022 से 17.10.2022 तक याचिकाकर्ता के साथ बाली गई। दोनों ने कई जगहों का दौरा किया और अलग-अलग हिल स्टेशनों पर एक ही होटल में साथ-साथ रुके। इसके...

BNSS की धारा 129 के तहत चल रही कार्यवाही के दौरान निवारक हिरासत वैध होने के लिए सख्त कानूनी मानकों को पूरा करना अनिवार्य: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
BNSS की धारा 129 के तहत चल रही कार्यवाही के दौरान निवारक हिरासत वैध होने के लिए सख्त कानूनी मानकों को पूरा करना अनिवार्य: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने यह फैसला दिया कि यद्यपि पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत निवारक हिरासत का इस्तेमाल तब भी किया जा सकता है, जब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 129 के तहत कार्यवाही चल रही हो, लेकिन ऐसी हिरासत को सख्त कानूनी मानकों को पूरा करना अनिवार्य है। ऐसा न होने पर उसे अवैध माना जाएगा।कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि समानांतर निवारक कार्यवाही के अस्तित्व से, हिरासत में लेने वाले प्राधिकारी द्वारा स्वतंत्र रूप से अपने विवेक का इस्तेमाल करने की आवश्यकता कम नहीं...

शादीशुदा महिला इतनी समझदार होती है कि नतीजों को समझ सके: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने शादी का झांसा देकर रेप का मामला रद्द किया
शादीशुदा महिला इतनी समझदार होती है कि नतीजों को समझ सके: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने शादी का झांसा देकर रेप का मामला रद्द किया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने शादी का झांसा देकर रेप के आरोपी व्यक्ति के खिलाफ दर्ज आपराधिक शिकायत और समन आदेश रद्द किया। कोर्ट ने कहा कि एक शादीशुदा महिला, जिसने अपने अलग रह रहे पति से तलाक नहीं लिया था, यह नहीं कह सकती कि उसने यौन संबंध बनाने की सहमति देते समय "तथ्यों की गलतफहमी" के तहत काम किया।जस्टिस एन.एस. शेखावत ने कहा,"शिकायतकर्ता खुद एक शादीशुदा महिला है, जिसने साल 2008 में बूर सिंह से शादी की थी। हालांकि, साल 2010 में वह अपने पति से अलग रहने लगी और शिकायत दर्ज होने की तारीख तक गांव पंजे...

Gurugram Demolitions: हाईकोर्ट ने अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की इजाज़त दी, कहा - सही प्रक्रिया का पालन ज़रूरी
Gurugram Demolitions: हाईकोर्ट ने अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की इजाज़त दी, कहा - सही प्रक्रिया का पालन ज़रूरी

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को गुरुग्राम में उन अतिक्रमणों को हटाने की इजाज़त दी, जो नगर निगम कानूनों का उल्लंघन करते पाए गए। साथ ही कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि ऐसी कार्रवाई में सही कानूनी प्रक्रिया का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।गुरुग्राम के निवासियों की तरफ से पेश हुए सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन ने सुप्रीम कोर्ट में मौखिक रूप से यह बात उठाई और गुरुग्राम में "स्टिल्ट प्लस फोर" इमारतों को निशाना बनाकर चल रहे तोड़फोड़ अभियान पर प्रकाश डाला।हाईकोर्ट ने अप्रैल में...

कार्यस्थल विवाद में गाली देना यौन उत्पीड़न नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने रद्द की FIR
कार्यस्थल विवाद में गाली देना यौन उत्पीड़न नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने रद्द की FIR

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि कार्यस्थल पर विवाद के दौरान “फ*** ऑफ” जैसे अपशब्द का प्रयोग, भले ही अनुचित हो, लेकिन यदि उसमें यौन आशय या संकेत न हो तो इसे यौन उत्पीड़न नहीं माना जा सकता।जस्टिस कीर्ति सिंह ने कहा कि किसी एक बार की अभद्र टिप्पणी, जिसमें यौन तत्व या लगातार ऐसा व्यवहार न हो उसे दंडनीय यौन उत्पीड़न की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।अदालत ने कहा, “सिर्फ एक अपमानजनक टिप्पणी, जिसमें यौन आशय न हो, कानून के उस स्तर को पूरा नहीं करती जो लैंगिक उत्पीड़न के लिए...

21 साल बाद बलात्कार के दोषी को हाईकोर्ट ने किया बरी, गवाही में विरोधाभास और सबूतों की कमी बनी वजह
21 साल बाद बलात्कार के दोषी को हाईकोर्ट ने किया बरी, गवाही में विरोधाभास और सबूतों की कमी बनी वजह

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने वर्ष 2005 में बलात्कार के मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बरी किया। अदालत ने कहा कि पीड़िता के बयानों में गंभीर विरोधाभास, ठोस साक्ष्यों का अभाव और फोरेंसिक रिपोर्ट में असंगतियों के कारण दोषसिद्धि को बरकरार रखना सुरक्षित नहीं है। गौरतलब है कि अपील लंबित रहने के दौरान आरोपी की मृत्यु हो चुकी थी।जस्टिस रुपिंदरजीत चहल ने अपने फैसले में कहा कि पीड़िता ने अलग-अलग चरणों पर घटना के बारे में भिन्न-भिन्न बयान दिए। उन्होंने पुलिस के समक्ष दिए गए बयान, दंड प्रक्रिया संहिता...

एक ही FIR में दोबारा गिरफ्तारी पर कारण दोबारा बताना जरूरी नहीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
एक ही FIR में दोबारा गिरफ्तारी पर कारण दोबारा बताना जरूरी नहीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम फैसला देते हुए कहा कि एक ही FIR में दूसरी बार गिरफ्तारी होने पर पुलिस को हर बार गिरफ्तारी के कारण दोबारा देने की आवश्यकता नहीं होती, यदि पहले ही यह प्रक्रिया पूरी की जा चुकी हो। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एक बार आरोपी को गिरफ्तारी के आधार बता दिए जाएं तो कानून में उन्हें बार-बार दोहराने की कोई अनिवार्यता नहीं है।जस्टिस जसजीत सिंह बेदी इस मामले में दायर आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें याचिकाकर्ताओं ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल कर अपनी दोबारा...

गिरफ्तारी वही मानी जाएगी जब स्वतंत्रता छीनी जाए, न कि पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज समय से: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
गिरफ्तारी वही मानी जाएगी जब स्वतंत्रता छीनी जाए, न कि पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज समय से: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी उस समय से मानी जाएगी, जब उसकी स्वतंत्रता वास्तव में सीमित हो जाती है न कि जब पुलिस अपने रिकॉर्ड में गिरफ्तारी का समय दर्ज करती है। अदालत ने कहा कि पुलिस दस्तावेजों में दर्ज समय अंतिम प्रमाण नहीं है बल्कि असली कसौटी यह है कि व्यक्ति की आवाजाही की स्वतंत्रता कब रोकी गई।जस्टिस सुमीत गोयल इस मामले की सुनवाई कर रहे थे, जिसमें याचिकाकर्ता अनुज कुमार सिंह ने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए रिहाई की मांग की। उनका...

स्टूडेंट होने से पति अपनी पत्नी के भरण-पोषण की ज़िम्मेदारी से मुक्त नहीं हो जाता: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इंजीनियरिंग स्टूडेंट को राहत देने से किया इनकार
स्टूडेंट होने से पति अपनी पत्नी के भरण-पोषण की ज़िम्मेदारी से मुक्त नहीं हो जाता: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इंजीनियरिंग स्टूडेंट को राहत देने से किया इनकार

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में यह टिप्पणी की कि पति का अपनी पत्नी का भरण-पोषण करना एक कानूनी कर्तव्य है और वह सिर्फ़ इस आधार पर इस ज़िम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकता कि वह एक स्टूडेंट है।जस्टिस शालिनी सिंह नागपाल की पीठ ने टिप्पणी की,"(पति) को यह दलील देने की अनुमति नहीं दी जा सकती कि वह आर्थिक तंगी के कारण अपनी पत्नी का भरण-पोषण करने में असमर्थ है, जब तक कि वह कमाने में सक्षम है। न ही उसे इस आधार पर मुक्त किया जा सकता है कि वह एक स्टूडेंट है। शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद, पत्नी का...

पत्नी का भविष्य के भरण-पोषण का अधिकार छोड़ने का समझौता सार्वजनिक नीति के खिलाफ, CrPC की धारा 125 के तहत दावा करने से नहीं रोकता: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पत्नी का भविष्य के भरण-पोषण का अधिकार छोड़ने का समझौता सार्वजनिक नीति के खिलाफ, CrPC की धारा 125 के तहत दावा करने से नहीं रोकता: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में यह टिप्पणी की कि कोई भी ऐसा समझौता, जिसमें पत्नी किसी तय रकम के बदले भविष्य में पति से भरण-पोषण का दावा करने का अपना अधिकार छोड़ देती है, वह सार्वजनिक नीति के खिलाफ है। साथ ही यह समझौता उसे CrPC की धारा 125 के तहत भरण-पोषण का दावा करने से नहीं रोक सकता, क्योंकि यह एक कानूनी अधिकार है।जस्टिस शालिनी सिंह नागपाल की बेंच ने पति द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका खारिज करते हुए कहा,"पत्नी द्वारा भरण-पोषण के अधिकार को छोड़ देने से भरण-पोषण के उसके दावे पर कोई असर...

हाईकोर्ट ने पत्रकार के Facebook Page को हटाने को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र और पंजाब सरकार से मांगा जवाब
हाईकोर्ट ने पत्रकार के Facebook Page को हटाने को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र और पंजाब सरकार से मांगा जवाब

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पत्रकार के Facebook पेज को हटाए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर भारत सरकार, Facebook और पंजाब सरकार से जवाब मांगा। कोर्ट ने कहा कि प्रतिवादियों को इस मामले में निर्देश लेने के लिए समय चाहिए।जस्टिस जगमोहन बंसल संविधान के अनुच्छेद 226/227 के तहत दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें याचिकाकर्ता के Facebook पेज "मनिंदरजीत सिद्धू" को प्रतिवादी नंबर 1 के प्लेटफॉर्म से हटाने के फैसले को रद्द करने की मांग की गई।याचिकाकर्ता 'लोक आवाज़ TV' से जुड़ा एक पत्रकार है।...

रिटायर्ड प्रिंसिपल से ₹3 करोड़ की ठगी का आरोप: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट मामले में आरोपी को दी ज़मानत
रिटायर्ड प्रिंसिपल से ₹3 करोड़ की ठगी का आरोप: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 'डिजिटल अरेस्ट' मामले में आरोपी को दी ज़मानत

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने साइबर धोखाधड़ी के कथित मामले में आरोपी को ज़मानत दी। इस मामले में रिटायर्ड प्रिंसिपल से "डिजिटल अरेस्ट" के तरीके से ₹3 करोड़ से ज़्यादा की ठगी की गई। कोर्ट ने टिप्पणी की कि याचिकाकर्ता की कथित भूमिका, हिरासत की अवधि और इस तथ्य को देखते हुए कि ट्रायल में अभी समय लगेगा, याचिकाकर्ता ज़मानत का हकदार है।जस्टिस मनीषा बत्रा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 483 के तहत दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थीं। इस याचिका में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी...