पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

डंकी रूट से मानव तस्करी मामले में आरोपियों को राहत नहीं, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जमानत से किया इनकार
डंकी रूट से मानव तस्करी मामले में आरोपियों को राहत नहीं, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जमानत से किया इनकार

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने डंकी रूट के जरिए अवैध तरीके से लोगों को विदेश भेजने वाले मानव तस्करी गिरोह से जुड़े आरोपियों को नियमित जमानत देने से इनकार किया।अदालत ने कहा कि यह अपराध बेहद गंभीर है। इसके अंतरराष्ट्रीय प्रभाव हैं। इसलिए आरोपियों को राहत नहीं दी जा सकती।जस्टिस गुरविंदर सिंह गिल और जस्टिस रमेश कुमारी की पीठ आरोपियों की उस अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें विशेष जज (NIA) द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने को चुनौती दी गई थी।मामले में आरोप है कि आरोपी लोगों को कानूनी तरीके से विदेश...

बच्चे की कस्टडी पिता के पास हो तो हैबियस कॉर्पस याचिका नहीं चलेगी: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
बच्चे की कस्टडी पिता के पास हो तो हैबियस कॉर्पस याचिका नहीं चलेगी: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा कि जब बच्चा अपने प्राकृतिक अभिभावक (नेचुरल गार्जियन) के पास हो और उसके जीवन या सुरक्षा को कोई तात्कालिक खतरा न हो तो ऐसे मामलों में हैबियस कॉर्पस याचिका सुनवाई योग्य नहीं होती।जस्टिस सुमीत गोयल ने यह फैसला एक मां की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसमें उसने अपनी 9 वर्षीय बेटी की कस्टडी पाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।पूरा मामलामां ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी को पिता और उसके परिवार ने अवैध रूप से अपने पास रखा हुआ है। उसने कहा कि मां होने...

सोशल मीडिया फ़ोटो पर आधारित Arms Act का केस टिकने लायक नहीं, कब्ज़े का कोई सबूत नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने FIR रद्द की
सोशल मीडिया फ़ोटो पर आधारित Arms Act का केस टिकने लायक नहीं, कब्ज़े का कोई सबूत नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने FIR रद्द की

पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने फ़ैसला दिया कि Arms Act की धारा 25(1-B)(a) और 29(B) के तहत मुक़दमा तब तक नहीं चलाया जा सकता, जब तक कि गैर-कानूनी कब्ज़ा, हथियारों की सुपुर्दगी, या ज़रूरी अपराधिक इरादा जैसे ज़रूरी तत्व मौजूद न हों। कोर्ट ने टिप्पणी की कि ऐसा लगता है कि यह मुक़दमा राजनीतिक रंजिश की पृष्ठभूमि में शुरू किया गया, क्योंकि याचिकाकर्ता एक राजनीतिक हस्ती हैं और विपक्षी राजनीतिक दल के सदस्य हैं।जस्टिस सूर्य प्रताप सिंह बजरंग दास और एक अन्य व्यक्ति द्वारा CrPC की धारा 482 के तहत दायर एक...

बिजली चोरी के मामलों में आदेश पारित करने से पहले अथॉरिटी को आरोपी के साथ प्रतिकूल सामग्री साझा करनी चाहिए: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
बिजली चोरी के मामलों में आदेश पारित करने से पहले अथॉरिटी को आरोपी के साथ प्रतिकूल सामग्री साझा करनी चाहिए: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि बिजली अधिनियम की धारा 135 के तहत बिजली की कथित चोरी के मामलों में मूल्यांकन करने वाली अथॉरिटी का यह कर्तव्य है कि वह मूल्यांकन आदेश पारित करने से पहले उपभोक्ता को प्रतिकूल सामग्री से अवगत कराए और सुनवाई का अवसर प्रदान करे। कोर्ट ने टिप्पणी की कि किसी भी नागरिक दायित्व का निर्धारण भले ही वह धारा 135 के तहत हो, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करते हुए किया जाना चाहिए और इसे किसी यांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से नहीं किया जा सकता।जस्टिस जगमोहन बंसल...

सिर्रा सॉन्ग विवाद: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने गायक गुरु रंधावा के खिलाफ कार्यवाही पर लगाई रोक
सिर्रा सॉन्ग विवाद: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने गायक गुरु रंधावा के खिलाफ कार्यवाही पर लगाई रोक

पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने पंजाबी गायक गुरु रंधावा के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगाई।बता दें, यह मामला उनके गाने 'सिर्रा' के एक बोल को लेकर दर्ज शिकायत से जुड़ा है, जिसमें जाट-सिख समुदाय की मानहानि का आरोप लगाया गया।जस्टिस सूर्य प्रताप सिंह की पीठ ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि अगली सुनवाई तक ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही स्थगित रहेगी।शिकायत में आरोप लगाया गया कि गीत की एक पंक्ति “जम्मेया नूं गुड़ती च मिलदी अफीम आ” जाट-सिख समुदाय की छवि को खराब करती है और धार्मिक परंपरा...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बच्चे के रेप-मर्डर केस में मौत की सज़ा को उम्रकैद में बदला, 50 साल की जेल और ₹75 लाख का जुर्माना लगाया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बच्चे के रेप-मर्डर केस में मौत की सज़ा को उम्रकैद में बदला, 50 साल की जेल और ₹75 लाख का जुर्माना लगाया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि हालांकि POCSO Act और IPC के तहत नाबालिग के रेप और मर्डर का आरोप पूरी तरह से साबित हो गया। फिर भी यह मामला "दुर्लभतम से दुर्लभ" (Rarest of Rare) श्रेणी में नहीं आता, जिसके लिए मौत की सज़ा दी जाए। कोर्ट ने कहा कि बिना किसी छूट के 50 साल की असल जेल की सज़ा अपराध की गंभीरता और सज़ा तय करने के तय सिद्धांतों के बीच सही संतुलन बनाएगी।जस्टिस अनूप चितकारा और जस्टिस सुखविंदर कौर की एक डिवीज़न बेंच मौत की सज़ा की पुष्टि के लिए आए एक मामले (Death Reference) के...

Spurious Liquor Death: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ENA सप्लाई करने के आरोपी व्यक्ति को ज़मानत देने से इनकार किया, जल्द सुनवाई का आदेश
Spurious Liquor Death: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ENA सप्लाई करने के आरोपी व्यक्ति को ज़मानत देने से इनकार किया, जल्द सुनवाई का आदेश

यह देखते हुए कि गंभीर अपराधों में ज़मानत से इनकार को जल्द सुनवाई के संवैधानिक आदेश के साथ संतुलित किया जाना चाहिए, पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने कहा कि जहां लंबे समय तक हिरासत में रहने के बावजूद ज़मानत नहीं दी जा सकती, वहां अदालतों को "न्याय के साथ खिलवाड़" को रोकने के लिए सुनवाई को जल्द से जल्द पूरा करना सुनिश्चित करना चाहिए।अदालत एक ऐसे आरोपी से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही थी, जिस पर कथित तौर पर एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ENA) की सप्लाई करने का आरोप है। इसी ENA का इस्तेमाल कथित तौर पर शराब...

चेक बाउंस के सभी मामलों को आरोपी को नोटिस मिलने के बाद मीडिएशन के लिए भेजा जाना चाहिए: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
चेक बाउंस के सभी मामलों को आरोपी को नोटिस मिलने के बाद मीडिएशन के लिए भेजा जाना चाहिए: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 (NI Act) के तहत चेक बाउंस के सभी मामलों में ट्रायल कोर्ट को आरोपी को नोटिस मिलने के तुरंत बाद मामलों को मीडिएशन के लिए भेजना चाहिए। कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ऐसे विवाद मुख्य रूप से मुआवज़े से जुड़े होते हैं और बातचीत से सुलझाने पर बेहतर तरीके से हल हो जाते हैं।कोर्ट ने कहा कि NI Act के मामलों को देखने वाले हर ट्रायल कोर्ट और सेशन कोर्ट को ऐसे विवादों को सक्रिय रूप से मीडिएशन के लिए भेजना चाहिए, जब तक कि...

प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने परीक्षा घोटाले के मामले में MBBS स्टूडेंट का निष्कासन रद्द किया
प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने परीक्षा घोटाले के मामले में MBBS स्टूडेंट का निष्कासन रद्द किया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में आदेश रद्द किया, जिसमें पं. बी.डी. शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान यूनिवर्सिटी से एक MBBS स्टूडेंट को कथित परीक्षा घोटाले के सिलसिले में निष्कासित कर दिया गया था। कोर्ट ने यह माना कि यह सज़ा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किए बिना दी गई।ऐसा करते हुए कोर्ट ने यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर को निर्देश दिया कि वे स्टूडेंट को अनुशासन बोर्ड की सिफारिशें उपलब्ध कराने और उसे व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर देने के बाद इस मामले पर फिर से विचार करें।जस्टिस कुलदीप तिवारी ने...

आत्महत्या के लिए उकसाने का इरादा न होने पर ज़हर खाकर मर जाओ जैसी कोई बात कहना आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
आत्महत्या के लिए उकसाने का इरादा न होने पर "ज़हर खाकर मर जाओ" जैसी कोई बात कहना आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने एक महिला को बरी किया, जिसे अपनी सौतेली बेटी को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी ठहराया गया था। कोर्ट ने कहा कि शक सबूत की जगह नहीं ले सकता और अगर आत्महत्या के लिए उकसाने का कोई इरादा न हो तो कही गई छोटी-मोटी बातें कानून के तहत आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं मानी जाएंगी।जस्टिस रूपिंदरजीत चहल ने कहा,"अगर बहस के लिए यह मान भी लिया जाए कि मौत आत्महत्या थी तो भी अभियोजन पक्ष को यह साबित करना होगा कि IPC की धारा 107 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने की बात साबित होती है।" ...

BREAKING: पत्रकार रामचंदर छत्रपति हत्या मामले में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम बरी
BREAKING: पत्रकार रामचंदर छत्रपति हत्या मामले में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम बरी

पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने वर्ष 2002 के चर्चित पत्रकार रामचंदर छत्रपति हत्या मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए गुरमीत राम रहीम सिंह को बरी कर दिया। हालांकि अदालत ने मामले में अन्य तीन दोषियों की सजा और दोषसिद्धि बरकरार रखी।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस विक्रम अग्रवाल की खंडपीठ ने दोषसिद्धि के खिलाफ दायर अपीलों पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया।अदालत ने कुलदीप, निर्मल और कृष्ण लाल की दोषसिद्धि और आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखी। इससे पहले केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की विशेष अदालत ने इन सभी...

पंजाब एंड हरियाणा कोर्ट ने हत्या कर दिए गए व्यक्ति के सिर पर मैं चोर हूं लिखने के आरोपी को अग्रिम जमानत देने से किया इनकार
पंजाब एंड हरियाणा कोर्ट ने हत्या कर दिए गए व्यक्ति के सिर पर 'मैं चोर हूं' लिखने के आरोपी को अग्रिम जमानत देने से किया इनकार

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ऐसे मामले में आरोपी आदमी को अग्रिम जमानत देने से मना किया, जिसमें एक व्यक्ति की कथित तौर पर मौत हो गई, जब आरोपियों ने उसका आधा सिर ज़बरदस्ती मुंडवा दिया था और उसे छत पर ले जाकर बेइज्जत किया। कोर्ट ने माना कि आरोपों की प्रकृति और जांच के स्टेज को देखते हुए कस्टडी में पूछताछ ज़रूरी है।जस्टिस सुमीत गोयल ने आरोपी शशि कांत द्विवेदी की याचिका खारिज करते हुए यह आदेश दिया, जिसमें कहा गया,"इस स्टेज पर रिकॉर्ड पर ऐसा कोई मटीरियल नहीं है, जिससे यह माना जा सके कि याचिकाकर्ता के...

प्रॉपर्टी डील में सिविल स्कोर सेटल करने के लिए क्रिमिनल प्रोसीडिंग्स का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने FIR रद्द की
'प्रॉपर्टी डील में सिविल स्कोर सेटल करने के लिए क्रिमिनल प्रोसीडिंग्स का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता': पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने FIR रद्द की

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक लैंड एग्रीमेंट विवाद से जुड़ी धोखाधड़ी और जालसाजी की FIR यह मानते हुए रद्द की कि क्रिमिनल केस सिविल लायबिलिटी से बचने के लिए दर्ज किया गया और यह क्रिमिनल प्रोसेस का गलत इस्तेमाल था।जस्टिस एच.एस. ग्रेवाल ने कहा,"पहली नज़र में पिटीशनर्स के खिलाफ आरोप नहीं बनते, क्योंकि जिस एग्रीमेंट टू सेल की बात हो रही है, वह एक असली डॉक्यूमेंट है, जो एक रजिस्टर्ड एग्रीमेंट है। कटिंग या ओवरराइटिंग का कोई आरोप नहीं है, जो रिकॉर्ड में साफ दिख सकता है और यह आरोप कि "Rs.1.25 करोड़" के...

जज पर झूठे आरोप लगाने के आरोपी के खिलाफ केस रद्द, हाईकोर्ट ने DGP से BNSS की धारा 215 पर पुलिस अवेयरनेस प्रोग्राम चलाने को कहा
जज पर झूठे आरोप लगाने के आरोपी के खिलाफ केस रद्द, हाईकोर्ट ने DGP से BNSS की धारा 215 पर पुलिस अवेयरनेस प्रोग्राम चलाने को कहा

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ज्यूडिशियल ऑफिसर के खिलाफ झूठे आरोप लगाने के आरोपी व्यक्ति के खिलाफ शुरू की गई क्रिमिनल कार्रवाई यह मानते हुए रद्द की कि मुकदमा कोड ऑफ़ क्रिमिनल प्रोसीजर (CrPC) की धारा 195 के तहत ज़रूरी प्रोसीजरल सेफगार्ड्स का उल्लंघन करके शुरू किया गया।जस्टिस सुमीत गोयल ने कहा कि स्टेशन हाउस ऑफिसर द्वारा फाइल किया गया कलंद्रा मेंटेनेबल नहीं था, जहां ओरिजिनल कंप्लेंट एक बड़े पुलिस अथॉरिटी को की गई। कार्रवाई रद्द करते हुए कोर्ट ने पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस को भारतीय नागरिक...

नो वर्क नो पे तब लागू नहीं होता, जब अधिकारी कर्मचारी को उसकी गलती के बिना काम से दूर रखते हैं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
'नो वर्क नो पे' तब लागू नहीं होता, जब अधिकारी कर्मचारी को उसकी गलती के बिना काम से दूर रखते हैं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि अगर किसी कर्मचारी को पहले गलत तरीके से प्रमोशन न मिलने के बाद रेट्रोस्पेक्टिव या डीम्ड प्रमोशन दिया जाता है तो एम्प्लॉयर “नो वर्क नो पे” के सिद्धांत का इस्तेमाल करके उसे होने वाले पैसे के फायदे देने से मना नहीं कर सकता।कोर्ट ने एक सरकारी कर्मचारी की उस याचिका को मंज़ूरी दी, जिसमें उसने डिपार्टमेंट के आदेशों के उन क्लॉज़ को चुनौती दी थी, जिनमें उसे रेट्रोस्पेक्टिव प्रमोशन देने के बावजूद सैलरी का बकाया देने से मना कर दिया गया।जस्टिस संदीप मौदगिल ने कहा,"'नो...

दिव्यांग कर्मचारी की सुलभ आवास की मांग पर पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने याचिका को जनहित याचिका माना
दिव्यांग कर्मचारी की सुलभ आवास की मांग पर पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने याचिका को जनहित याचिका माना

पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने शारीरिक रूप से दिव्यांग व्यक्ति द्वारा दायर याचिका को जनहित याचिका के रूप में स्वीकार की। याचिकाकर्ता ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के प्रावधानों के अनुरूप संरचनात्मक रूप से उपयुक्त और आवश्यक सुलभता संशोधनों वाले आवास के आवंटन की मांग की।याचिकाकर्ता स्वयं अदालत में उपस्थित हुए। उन्हें दाहिने पैर में स्थायी दिव्यांगता है, जिसमें अंग का क्षीण होना और छोटा होना दाहिनी ओर की मांसपेशियों का पक्षाघात तथा कूल्हे और घुटने के जोड़ों में विकृति शामिल है। उन्हें दाहिने पैर...

किसी महिला को देखकर गली में आज चांद निकला कहना अश्लील या सेक्शुअली नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने FIR रद्द की
किसी महिला को देखकर 'गली में आज चांद निकला' कहना अश्लील या सेक्शुअली नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने FIR रद्द की

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरुग्राम के एक रहने वाले के खिलाफ हाउसिंग सोसाइटी ग्रुप में किए गए WhatsApp कमेंट को लेकर दर्ज FIR रद्द की। कोर्ट ने कहा कि यह कमेंट, हालांकि "अच्छे टेस्ट में नहीं" है, लेकिन इंडियन पैनल कोड (IPC) के तहत अश्लीलता, सेक्शुअल हैरेसमेंट या शर्मिंदगी का अपमान नहीं है।कमेंट किया गया था,"जाने कितने दिनों के बाद सोसाइटी में अब चांद निकला।" जस्टिस शालिनी सिंह नागपाल ने कहा,"IPC की धारा 294 के तहत दोषी ठहराने के लिए इस्तेमाल किए गए शब्द ऐसे होने चाहिए, जो उस व्यक्ति के मन...