पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

NDPS Act| गाड़ियां कबाड़ बन जाती हैं, कीमत खत्म हो जाती है: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दिया ज़ब्त गाड़ियों को छोड़ने का आदेश
NDPS Act| गाड़ियां कबाड़ बन जाती हैं, कीमत खत्म हो जाती है: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दिया ज़ब्त गाड़ियों को छोड़ने का आदेश

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने NDPS मामले में ज़ब्त किए गए एक ट्रक को फाइनेंशियल बॉन्ड पर छोड़ने का आदेश दिया। कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि गाड़ियों को लंबे समय तक बेकार खड़ा रखने से वे खराब हो जाती हैं, आर्थिक नुकसान होता है और इससे कोई फायदा नहीं होता।जस्टिस अनूप चितकारा और जस्टिस सुखविंदर कौर ने कहा,"...जब ज़ब्त की गई किसी गाड़ी को पार्किंग में खड़ा करके इस्तेमाल नहीं किया जाता तो इसका कोई मकसद पूरा नहीं होता। आखिरकार, यह गाड़ी सड़क पर चलने लायक नहीं रह जाती और इसे तोड़कर कबाड़ बनाना पड़ता...

पति/पत्नी का अपने पुराने पार्टनर से एक बार मिलना ही अकेले व्यभिचार नहीं माना जाएगा: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पति/पत्नी का अपने पुराने पार्टनर से एक बार मिलना ही अकेले व्यभिचार नहीं माना जाएगा: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के आदेश को सही ठहराया, जिसमें कहा गया था कि पति या पत्नी का अपने पुराने पार्टनर से सिर्फ़ एक बार मिलना अपने आपमें व्यभिचार नहीं माना जा सकता।साथ ही कोर्ट ने दोहराया कि पति या पत्नी और उनके परिवार वालों पर झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाना मानसिक क्रूरता मानी जाएगी, जिसके आधार पर तलाक़ दिया जा सकता है।जस्टिस गुरविंदर सिंह गिल और जस्टिस रमेश कुमार ने कहा,"ट्रायल कोर्ट ने अपने सही विवेक से यह भी पाया कि 11.01.2023 को पत्नी का अकेले ही दूसरे व्यक्ति (रेस्पोंडेंट...

PM Modi से जुड़े कथित वीडियो मामले में मधु किश्वर को अग्रिम जमानत से राहत नहीं, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की
PM Modi से जुड़े कथित वीडियो मामले में मधु किश्वर को अग्रिम जमानत से राहत नहीं, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने लेखिका और सोशल एक्टिविस्ट मधु किश्वर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े कथित वीडियो को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर साझा करने के मामले में अग्रिम जमानत देने से इनकार किया। हाईकोर्ट ने कहा कि मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं का खुलासा होना बाकी है।जस्टिस अमन चौधरी ने अपने आदेश में कहा कि संबंधित वीडियो भले ही पहले अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डाला गया, लेकिन याचिकाकर्ता द्वारा अपनी टिप्पणियों के साथ उसे साझा किए जाने के बाद उसे लगभग 1.74 लाख...

मुकदमेबाज़ वकील पर दोष मढ़कर सालों की देरी के बाद खत्म हो चुकी कार्यवाही को दोबारा शुरू नहीं कर सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
मुकदमेबाज़ वकील पर दोष मढ़कर सालों की देरी के बाद खत्म हो चुकी कार्यवाही को दोबारा शुरू नहीं कर सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक आपराधिक पुनरीक्षण याचिका (criminal revision petition) को वापस लिए जाने के आधार पर खारिज करने वाला आदेश वापस लेने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने यह माना कि किसी मुकदमेबाज़ को बार-बार मौके दिए जाने के बाद भी केवल अपने वकील की गलतियों का आरोप लगाकर लंबे समय से लंबित कार्यवाही को दोबारा शुरू करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।जस्टिस नीरजा के. कालसन ने कहा,"रिकॉर्ड से जो आचरण सामने आया, वह किसी एक तारीख के किसी एक काम तक ही सीमित नहीं है। बल्कि, इस कोर्ट द्वारा बार-बार मौके...

सरकारी कर्मचारी द्वारा किसी समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियों का सामाजिक प्रभाव ज़्यादा होता है: हाईकोर्ट ने अग्रिम ज़मानत से किया इनकार
सरकारी कर्मचारी द्वारा किसी समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियों का सामाजिक प्रभाव ज़्यादा होता है: हाईकोर्ट ने अग्रिम ज़मानत से किया इनकार

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (UHBVNL) के अधीक्षण अभियंता (Superintending Engineer) गीतू राम तंवर द्वारा दायर अग्रिम ज़मानत की दूसरी याचिका खारिज की। यह याचिका एक FIR के संबंध में दायर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि उन्होंने एक वीडियो प्रसारित किया था, जिसमें विशेष समुदाय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां थीं।जस्टिस सुमीत गोयल ने टिप्पणी की,"जांच के दौरान इकट्ठा की गई सामग्री से पहली नज़र में यह पता चलता है कि बातचीत के दौरान एक विशेष समुदाय को निशाना बनाते...

कुछ दिव्यांग कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने का फ़ायदा हटाना उचित: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
कुछ दिव्यांग कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने का फ़ायदा हटाना उचित: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार के उस फ़ैसले को सही ठहराया, जिसमें उसने अपने सर्विस नियमों में बदलाव करके कुछ खास कैटेगरी के दिव्यांग कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने का फ़ायदा वापस ले लिया था। कोर्ट ने कहा कि कर्मचारियों की अलग-अलग कैटेगरी के लिए रिटायरमेंट की अलग-अलग उम्र तय करना कोई गैर-कानूनी भेदभाव नहीं है।जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर ने कहा,"यह बात पूरी तरह से तय है कि एम्प्लॉयर (नियोक्ता) के पास यह पूरा अधिकार है कि वह काम की प्रकृति और जनसेवा की...

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का आदेश: आग में जले दस्तावेज दोबारा तैयार कराने के लिए उम्रकैद कैदी को पैरोल
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का आदेश: आग में जले दस्तावेज दोबारा तैयार कराने के लिए उम्रकैद कैदी को पैरोल

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने उम्रकैद कैदी को आग की घटना में नष्ट हुए जरूरी दस्तावेज दोबारा तैयार कराने के लिए 8 सप्ताह की पैरोल देने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि केवल शांति भंग होने की आशंका के आधार पर पैरोल से इनकार करना कानूनन सही नहीं माना जा सकता।जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने कहा,“मामले के तथ्यों से स्पष्ट है कि याचिकाकर्ता की समाज में गहरी जड़ें हैं और अपने भाई से मिलने तथा आग में जल चुके दस्तावेज दोबारा तैयार कराने के लिए पैरोल मांगने का उसका कारण उचित...

जुर्माना न भरने पर जेल की सज़ा, बकाया रकम के अनुपात में होनी चाहिए: NI Act मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
जुर्माना न भरने पर जेल की सज़ा, बकाया रकम के अनुपात में होनी चाहिए: NI Act मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने चेक बाउंस के मामले में दोषी की सज़ा घटाकर उतनी की, जितनी वह पहले ही काट चुका है, जबकि शिकायतकर्ता को दी जाने वाली मुआवज़े की रकम बढ़ा दी। कोर्ट ने इस सिद्धांत पर ज़ोर दिया कि जब पैसे के बकाया का भुगतान न करने पर जेल की सज़ा दी जाती है तो "आज़ादी की कीमत भी अनुपात में होनी चाहिए।"जस्टिस अनूप चितकारा ने कहा,"आपराधिक न्यायशास्त्र में एक मुख्य सैद्धांतिक चिंता के तौर पर जो मूल सिद्धांत उभरा है, वह यह है कि जुर्माना/मुआवज़े की रकम न भरने के कारण जेल में बंद होने से अपनी...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मरीज़ों को लुभाने के लिए जानबूझकर पैकेज रेट कम करने वाले पैनल में शामिल अस्पतालों पर सख्ती की
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मरीज़ों को लुभाने के लिए 'जानबूझकर' पैकेज रेट कम करने वाले पैनल में शामिल अस्पतालों पर सख्ती की

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक को आदेश दिया कि वे पैनल में शामिल सभी अस्पतालों के पैकेज रेट की जाँच करें और पॉलिसी के उल्लंघन के मामलों में सख्त कार्रवाई करें, जिसमें लाइसेंस रद्द करना भी शामिल है।कोर्ट ने अस्पतालों की उस प्रथा के खिलाफ भी चेतावनी दी, जिसमें वे मरीज़ों को लुभाने के लिए जानबूझकर कम पैकेज रेट देते हैं। बाद में ज़रूरी प्रक्रियाओं के लिए अलग से पैसे वसूलते हैं; कोर्ट ने कहा कि ऐसे आचरण की अनुमति नहीं दी जा सकती।जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 24 साल पुराने घोषित अपराधी का आदेश रद्द किया, कहा - आरोपी को कार्यवाही की जानकारी नहीं थी
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 24 साल पुराने 'घोषित अपराधी' का आदेश रद्द किया, कहा - आरोपी को कार्यवाही की जानकारी नहीं थी

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को 'घोषित अपराधी' करार देने वाला 24 साल पुराना आदेश रद्द किया। कोर्ट ने पाया कि ट्रायल की कार्यवाही से उसकी गैरमौजूदगी जानबूझकर नहीं थी, बल्कि उसे इस बारे में जानकारी ही नहीं थी।जस्टिस राजेश भारद्वाज ने कहा कि याचिकाकर्ता आदेशों के बावजूद गैरमौजूद रहा, क्योंकि उसे चल रही कार्यवाही के बारे में पता ही नहीं था। इसकी वजह यह थी कि वह गुजरात में रह रहा था। लेकिन अब याचिकाकर्ता कार्यवाही में शामिल होने और ट्रायल का सामना करने के लिए उत्सुक और तैयार है।कोर्ट एक...

अफीम की खेती में कोई व्यावसायिक मात्रा नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने NDPS के तहत 20 साल की सज़ा को स्पष्ट रूप से अवैध बताया
अफीम की खेती में कोई 'व्यावसायिक मात्रा' नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने NDPS के तहत 20 साल की सज़ा को 'स्पष्ट रूप से अवैध' बताया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि एक ट्रायल कोर्ट ने अफीम के पौधों की खेती से जुड़े एक मामले में NDPS Act की धारा 18(b) के तहत एक आरोपी को 20 साल की कठोर कारावास की सज़ा देकर "स्पष्ट रूप से अवैध" काम किया। कोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए कहा कि अफीम के पौधों की खेती को "व्यावसायिक मात्रा" से जुड़ा मामला नहीं माना जा सकता।बता दें, धारा 18(b) अफीम के पौधों और अफीम से जुड़े उल्लंघन के लिए सज़ा का प्रावधान करती है। यदि उल्लंघन में व्यावसायिक मात्रा शामिल हो तो इसके लिए कम-से-कम दस साल की...

डॉक्टरों के बिना अस्पताल सिर्फ ईंट-पत्थर की इमारत, स्वास्थ्य सेवाएं कागजी आश्वासन नहीं हो सकतीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
डॉक्टरों के बिना अस्पताल सिर्फ ईंट-पत्थर की इमारत, स्वास्थ्य सेवाएं कागजी आश्वासन नहीं हो सकतीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा में आयुष विभाग के डॉक्टरों की असमान तैनाती पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं केवल कागजी आश्वासन बनकर नहीं रह सकतीं। अदालत ने कहा कि डॉक्टरों के बिना अस्पताल केवल ईंट-पत्थर की इमारत बनकर रह जाते हैं, जो नागरिकों के जीवन के अधिकार की रक्षा नहीं कर सकते।जस्टिस संदीप मौदगिल ने कहा,“संवैधानिक मूल्यों से संचालित कल्याणकारी राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं केवल आंकड़ों या कागजी दावों तक सीमित नहीं रह सकतीं। यह जमीनी स्तर पर डॉक्टरों और कार्यरत...

PCPNDT Act में रिकॉर्ड रखने में लापरवाही गंभीर अपराध, इसे मामूली गलती नहीं माना जा सकता: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
PCPNDT Act में रिकॉर्ड रखने में लापरवाही गंभीर अपराध, इसे मामूली गलती नहीं माना जा सकता: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बरनाला की क्लीनिक संचालिका की सजा बरकरार रखते हुए कहा कि PCPNDT Act के तहत अनिवार्य रिकॉर्ड, विशेषकर फॉर्म एफ का सही रखरखाव नहीं करना गंभीर कानूनी उल्लंघन है और इसे केवल तकनीकी या प्रक्रियात्मक चूक नहीं माना जा सकता।जस्टिस रमेश चंदर दिमरी ने 80 वर्षीय डॉ. पुष्प लता मित्तल की याचिका खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराया।डॉ. मित्तल को गर्भाधान पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम, 1994 की धारा 29 के उल्लंघन का दोषी ठहराया गया, जिसके लिए धारा 23 के...

नेशनल हाईवेज़ अधिग्रहण | पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बढ़ी हुई मुआवज़े की रकम पर ज़्यादा ब्याज़ देने का फ़ैसला सुनाया
नेशनल हाईवेज़ अधिग्रहण | पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बढ़ी हुई मुआवज़े की रकम पर ज़्यादा ब्याज़ देने का फ़ैसला सुनाया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फ़ैसला सुनाया कि जिन ज़मीन मालिकों की ज़मीन नेशनल हाईवेज़ एक्ट के तहत अधिग्रहित की जाती है, वे 'भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवज़े और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013' के ज़्यादा फ़ायदेमंद प्रावधानों के तहत ब्याज़ पाने के हकदार हैं, न कि सिर्फ़ 1956 के एक्ट के सीमित दायरे के तहत।ज़मीन मालिकों की तरफ़ से दायर याचिका को मंज़ूर करते हुए जस्टिस हरकेश मनुजा ने "एक आर्बिट्रल अवार्ड में बदलाव करते हुए 2013 के एक्ट की धारा 72 के मुताबिक ज़मीन पर...

जितना गंभीर अपराध, उतने मजबूत सबूत जरूरी: दुष्कर्म साजिश मामले में महिला को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने किया बरी
जितना गंभीर अपराध, उतने मजबूत सबूत जरूरी: दुष्कर्म साजिश मामले में महिला को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने किया बरी

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने वर्ष 2002 के दुष्कर्म मामले में आपराधिक साजिश के आरोप में दोषी ठहराई गई महिला को बरी करते हुए कहा कि केवल शक या सीमित भूमिका के आधार पर किसी व्यक्ति को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120-बी के तहत दोषी नहीं ठहराया जा सकता।जस्टिस रूपिंदरजीत चहल ने कहा,“अपराध कितना भी गंभीर या विचलित करने वाला क्यों न हो, केवल संदेह कानूनी सबूत का स्थान नहीं ले सकता। आपराधिक न्याय व्यवस्था का स्थापित सिद्धांत है 'जितना गंभीर अपराध, उतने मजबूत सबूत।' इसलिए कानून स्पष्ट रूप से कहता है...

ED ने PMLA की औपचारिकता निभाने के लिए पहले से तैयार किए गिरफ्तारी के आधार: पंजाब मंत्री संजीव अरोड़ा का हाईकोर्ट में आरोप
ED ने PMLA की औपचारिकता निभाने के लिए पहले से तैयार किए गिरफ्तारी के आधार: पंजाब मंत्री संजीव अरोड़ा का हाईकोर्ट में आरोप

पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री संजीव अरोड़ा ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनकी गिरफ्तारी के आधार पहले से तैयार कर रखे थे और यह केवल धन शोधन निवारण कानून (PMLA) के तहत औपचारिकता पूरी करने के लिए किया गया।मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ के समक्ष हुई।संजीव अरोड़ा की ओर से सीनियर एडवोकेट पुनीत बाली ने अदालत में कहा कि गिरफ्तारी के 17 पन्नों के आधार महज 35 मिनट में टाइप किए गए।उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “ED को...

भर्ती के नतीजे घोषित होने के बाद उम्मीदवार आरक्षित उप-श्रेणी नहीं बदल सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
भर्ती के नतीजे घोषित होने के बाद उम्मीदवार आरक्षित उप-श्रेणी नहीं बदल सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने उम्मीदवार की वह याचिका खारिज की, जिसमें उसने भर्ती प्रक्रिया के नतीजे घोषित होने के बाद अपनी जाति की उप-श्रेणी में सुधार की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि उम्मीदवार आवेदन के समय चुनी गई श्रेणी से बंधे होते हैं और बाद के चरण में इसमें बदलाव की मांग नहीं कर सकते।जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने कहा,"सहानुभूति या निष्पक्षता भर्ती की निर्धारित शर्तों से ऊपर नहीं हो सकती। अगर स्पष्ट रोक वाले नियमों के बावजूद ऐसी मांगों पर विचार किया जाता है तो इससे मुकदमों की बाढ़ आ जाएगी,...

पुलिस थानों में CCTV निगरानी पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट सख्त, कहा- केवल कागजी रिपोर्ट से नहीं चलेगा काम
पुलिस थानों में CCTV निगरानी पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट सख्त, कहा- केवल कागजी रिपोर्ट से नहीं चलेगा काम

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पुलिस थानों में CCTV कैमरों की निगरानी और उनके कामकाज को लेकर गंभीर चिंता जताई। अदालत ने कहा कि निगरानी समितियां यांत्रिक तरीके से काम कर रही हैं जिससे पूरी व्यवस्था का उद्देश्य ही विफल हो रहा है।जस्टिस विनोद एस. भारद्वाज ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ प्रशासन से विस्तृत जवाब मांगा। अदालत ने पूछा कि पिछले पांच वर्षों में जिला स्तरीय निगरानी समितियों से मिली रिपोर्टों की वास्तव में कितनी जांच हुई और उनमें कौन-कौन सी कमियां पाई गईं।अदालत ने कहा कि केवल बड़े पैमाने पर...

व्यक्तिगत स्वतंत्रता दिखावे की चीज नहीं, वास्तविक अधिकार है: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आरोपी को दी जमानत
व्यक्तिगत स्वतंत्रता दिखावे की चीज नहीं, वास्तविक अधिकार है: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आरोपी को दी जमानत

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक ऐसे आरोपी को जमानत दी, जो सुप्रीम कोर्ट द्वारा उसकी सजा रद्द किए जाने के बावजूद 15 वर्षों से अधिक समय तक जेल में बंद रहा।जस्टिस अनूप चितकारा और जस्टिस सुखविंदर कौर की खंडपीठ ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता के महत्व पर जोर देते हुए कहा,“स्वतंत्रता कोई दिखावटी चीज नहीं है, यह वास्तविक अधिकार है।” अदालत ने कहा कि जब किसी व्यक्ति के खिलाफ प्रभावी सजा मौजूद नहीं है, तब उसे लगातार जेल में रखना उचित नहीं ठहराया जा सकता।मामला वर्ष 2006 में दर्ज एक हत्या के मुकदमे से जुड़ा है,...

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हत्या के दोषी पाए गए बच्चे को दी गई 10 साल की सज़ा रद्द की, कहा- IPC की धारा 302 के तहत ऐसी सज़ा गैर-कानूनी
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हत्या के दोषी पाए गए बच्चे को दी गई 10 साल की सज़ा रद्द की, कहा- IPC की धारा 302 के तहत ऐसी सज़ा गैर-कानूनी

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हत्या के दोषी पाए गए कानून के साथ संघर्षरत बच्चे को दी गई 10 साल की सज़ा रद्द की। कोर्ट ने कहा कि IPC की धारा 302 के तहत ऐसी सज़ा साफ़ तौर पर गैर-कानूनी है।कोर्ट ने साफ़ किया कि भले ही किसी किशोर पर वयस्क की तरह मुकदमा चलाया जाए, लेकिन हत्या के लिए सज़ा सिर्फ़ आजीवन कारावास (रिहाई की संभावना के साथ) ही हो सकती है, न कि कोई तय समय की सज़ा।बता दें, IPC की धारा 302 हत्या के लिए मौत या आजीवन कारावास की सज़ा का प्रावधान करती है। साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता...