पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हत्या के दोषी पाए गए बच्चे को दी गई 10 साल की सज़ा रद्द की, कहा- IPC की धारा 302 के तहत ऐसी सज़ा गैर-कानूनी
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हत्या के दोषी पाए गए बच्चे को दी गई 10 साल की सज़ा रद्द की, कहा- IPC की धारा 302 के तहत ऐसी सज़ा गैर-कानूनी

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हत्या के दोषी पाए गए कानून के साथ संघर्षरत बच्चे को दी गई 10 साल की सज़ा रद्द की। कोर्ट ने कहा कि IPC की धारा 302 के तहत ऐसी सज़ा साफ़ तौर पर गैर-कानूनी है।कोर्ट ने साफ़ किया कि भले ही किसी किशोर पर वयस्क की तरह मुकदमा चलाया जाए, लेकिन हत्या के लिए सज़ा सिर्फ़ आजीवन कारावास (रिहाई की संभावना के साथ) ही हो सकती है, न कि कोई तय समय की सज़ा।बता दें, IPC की धारा 302 हत्या के लिए मौत या आजीवन कारावास की सज़ा का प्रावधान करती है। साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता...

राजनीतिक प्रतिशोध का मामला, BJP सांसदों जैसी राहत दी जाए: ED गिरफ्तारी के खिलाफ पंजाब मंत्री संजीव अरोड़ा की हाईकोर्ट से मांग
राजनीतिक प्रतिशोध का मामला, BJP सांसदों जैसी राहत दी जाए: ED गिरफ्तारी के खिलाफ पंजाब मंत्री संजीव अरोड़ा की हाईकोर्ट से मांग

पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री संजीव अरोड़ा ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई अपनी गिरफ्तारी को हाईकोर्ट में चुनौती दी। उन्होंने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत हुई गिरफ्तारी, गिरफ्तारी के आधार और रिमांड आदेश रद्द करने की मांग करते हुए इसे कानून और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की और अगली सुनवाई 14 मई के लिए तय की।संजीव अरोड़ा की ओर से सीनियर एडवोकेट पुनीत बाली ने अदालत में कहा,“पंजाब में राजनीतिक प्रतिशोध की...

केवल व्यभिचार के आरोप लगाकर पत्नी को अंतरिम भरण-पोषण से वंचित नहीं किया जा सकता : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
केवल व्यभिचार के आरोप लगाकर पत्नी को अंतरिम भरण-पोषण से वंचित नहीं किया जा सकता : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि केवल पत्नी पर व्यभिचार (Adultery) के आरोप लगाकर उसे दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 125 के तहत अंतरिम भरण-पोषण से वंचित नहीं किया जा सकता, जब तक कि ऐसे आरोपों के समर्थन में ठोस और कानूनी रूप से स्वीकार्य साक्ष्य मौजूद न हों।जस्टिस नीरजा के. कालसन ने कहा कि वैवाहिक मुकदमेबाजी को “चरित्र हनन” का मंच नहीं बनने दिया जा सकता, ताकि लंबित कार्यवाही के दौरान किसी जीवनसाथी को आर्थिक रूप से परेशान किया जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल आरोप, बिना मजबूत...

सरकारी नौकरी का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से ठगी गंभीर अपराध, समझौते से आरोप कम नहीं होते: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
सरकारी नौकरी का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से ठगी गंभीर अपराध, समझौते से आरोप कम नहीं होते: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से ठगी के मामले में अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि इस तरह के अपराध समाज पर गंभीर प्रभाव डालते हैं और संस्थागत प्रक्रियाओं में लोगों का भरोसा कमजोर करते हैं।जस्टिस सुमीत गोयल ने कहा कि,“फर्जी नियुक्ति पत्रों और सरकारी नौकरी के झूठे आश्वासनों के जरिए बेरोजगार युवाओं का शोषण करना गंभीर अपराध है। केवल पक्षों के बीच समझौता हो जाने या कुछ रकम लौटाने का दावा करने से आरोपों की गंभीरता कम नहीं हो जाती।” अदालत ने कहा कि...

नियमों की कमी के कारण PwD कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण से वंचित नहीं किया जा सकता: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
नियमों की कमी के कारण PwD कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण से वंचित नहीं किया जा सकता: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

यह देखते हुए कि जिस राज्य को अपने कर्मचारियों के लिए अभिभावक की तरह काम करना चाहिए, वह एक "अनिच्छुक बाधा" बन जाता है, पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार को एक PwD कर्मचारी के डिप्टी फॉरेस्ट रेंजर के पद पर प्रमोशन के मामले पर फिर से विचार करने का निर्देश दिया।जस्टिस संदीप मौदगिल ने कहा,"यह एक दुखद बात है कि दिव्यांग व्यक्तियों की गरिमा और भविष्य की सुरक्षा के लिए बनाए गए लाभकारी कानूनों की ढाल होने के बावजूद, न्याय की राह अभी भी एक कठिन यात्रा बनी हुई है। करुणा से बना कानून एक आश्रय...

बीजेपी में शामिल होने के बाद राजिंदर गुप्ता की फैक्ट्री पर छापा, राजनीतिक बदले की आशंका से इनकार नहीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
बीजेपी में शामिल होने के बाद राजिंदर गुप्ता की फैक्ट्री पर छापा, राजनीतिक बदले की आशंका से इनकार नहीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्राइडेंट लिमिटेड की फैक्ट्री पर पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) की ओर से की गई छापेमारी को लेकर कहा है कि राजनीतिक प्रतिशोध की आशंका प्रथम दृष्टया उचित प्रतीत होती है।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने कहा कि छापेमारी का समय विशेष रूप से सुनवाई योग्य है, क्योंकि कंपनी के चेयरमैन एमेरिटस राजिंदर गुप्ता ने 24 अप्रैल 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामा था और उसके कुछ ही दिनों बाद 30 अप्रैल को छापा मारा...

मातृ देवो भव: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बुज़ुर्ग माँ को ₹30,000 का अंतरिम गुज़ारा-भत्ता सही ठहराया, बेटे की सैलरी से कटाने का निर्देश
'मातृ देवो भव': पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बुज़ुर्ग माँ को ₹30,000 का अंतरिम गुज़ारा-भत्ता सही ठहराया, बेटे की सैलरी से कटाने का निर्देश

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक आदेश को सही ठहराया, जिसमें दो बेटों को अपनी बुज़ुर्ग विधवा माँ को अंतरिम गुज़ारा भत्ते के तौर पर हर महीने ₹30,000 देने का निर्देश दिया गया था। साथ ही कोर्ट ने भुगतान के तरीके में बदलाव किया ताकि सैलरी से कटौती और बेटों के अकाउंट से माँ के अकाउंट में ऑटो-डेबिट के ज़रिए इस आदेश का असरदार तरीके से पालन सुनिश्चित किया जा सके।जस्टिस नीरजा के. कालसन ने कहा,"यह याद दिलाना ज़रूरी हो जाता है कि अपने माता-पिता का भरण-पोषण करने का बच्चे का फ़र्ज़ सिर्फ़ कानूनी नहीं है,...

आरोपी अग्रिम ज़मानत न मिलने के बाद बिना सरेंडर किए या हालात बदले बिना FIR रद्द करने की मांग नहीं कर सकता: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
आरोपी अग्रिम ज़मानत न मिलने के बाद बिना सरेंडर किए या हालात बदले बिना FIR रद्द करने की मांग नहीं कर सकता: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की, जिसमें FIR रद्द करने की मांग की गई। कोर्ट ने कहा कि अग्रिम ज़मानत न मिलने के बाद कोई भी आरोपी सीधे तौर पर कोर्ट के 'अंतर्निहित क्षेत्राधिकार' (inherent jurisdiction) का इस्तेमाल करके FIR रद्द करने की मांग नहीं कर सकता, खासकर तब जब उसने न तो सरेंडर किया हो और न ही जांच में सहयोग किया हो।जस्टिस सुमीत गोयल ने कहा,"याचिकाकर्ता की यह कोशिश 'प्रक्रियात्मक पैंतरा' है। इसका मकसद अलग-अलग कानूनी रास्तों को आपस में मिलाकर अपने खिलाफ आए फैसलों से बचने की एक चाल...

बच्चे की देखभाल करने वाली नानी CrPC की धारा 125 के तहत नाबालिग की याचिका दायर कर सकती है: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
बच्चे की देखभाल करने वाली नानी CrPC की धारा 125 के तहत नाबालिग की याचिका दायर कर सकती है: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 125 के तहत नाबालिग बच्चे की ओर से भरण-पोषण की मांग करने वाली याचिका तब भी स्वीकार्य है, जब उसे बच्चे की नानी ने दायर किया हो—बशर्ते कि बच्चे की वास्तविक देखभाल वही कर रही हो।कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि याचिका की स्वीकार्यता को लेकर उठाई गई तकनीकी आपत्ति के पीछे एक गहरा मुद्दा छिपा है—कि क्या किसी नाबालिग के भरण-पोषण के वैधानिक अधिकार को केवल इसलिए खत्म किया जा सकता है, क्योंकि याचिका उसकी माँ ने दायर नहीं...

नियमित ज़मानत मिलने के बाद अग्रिम ज़मानत नहीं मिल सकती, भले ही बाद में कोई गंभीर अपराध जोड़ दिया गया हो: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
नियमित ज़मानत मिलने के बाद अग्रिम ज़मानत नहीं मिल सकती, भले ही बाद में कोई गंभीर अपराध जोड़ दिया गया हो: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि जिस आरोपी को पहले ही नियमित ज़मानत मिल चुकी है, वह सिर्फ़ इसलिए अग्रिम ज़मानत नहीं मांग सकता कि बाद में उसके ख़िलाफ़ कोई ज़्यादा गंभीर अपराध जोड़ दिया गया। कोर्ट ने दोहराया कि ऐसे आरोपी को "कानून की हिरासत में" (Constructive Custody of Law) माना जाता है।जस्टिस मनीषा बत्रा ने कहा कि याचिकाकर्ता की पिछली याचिका को कोर्ट ने 06.04.2026 को ही खारिज किया था। उसके तुरंत बाद 16.04.2026 को यह मौजूदा याचिका दायर की गई।कोर्ट ने आगे कहा, "याचिका में...

दल बदल के बाद कार्रवाई का आरोप: ट्राइडेंट की याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
दल बदल के बाद कार्रवाई का आरोप: ट्राइडेंट की याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्राइडेंट लिमिटेड की उस याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें कंपनी ने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा उसके बरनाला स्थित संयंत्र पर की गई कथित छापेमारी के बाद किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की।कंपनी का आरोप है कि यह कार्रवाई उसके मालिक और सांसद राजिंदर गुप्ता द्वारा आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद की गई।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि बोर्ड को केवल कानून और विधिसम्मत...

आदेश लिखाते समय टोकने पर वकील को अवमानना नोटिस, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
आदेश लिखाते समय टोकने पर वकील को अवमानना नोटिस, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक वकील के खिलाफ आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी किया, जिसने वर्चुअल सुनवाई के दौरान अदालत द्वारा आदेश लिखाए जाते समय कार्यवाही में व्यवधान डाला और खुले तौर पर अदालत के विचारों पर आपत्ति जताई।जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी और जस्टिस दीपक मंचंदा की खंडपीठ ने कहा कि अपील पर बहस पूरी हो चुकी थी। अदालत ओपन कोर्ट में आदेश लिखवा रही थी। उसी दौरान अपीलकर्ता की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित अधिवक्ता सुनील कुमार मुखी ने कार्यवाही में हस्तक्षेप शुरू किया।अदालत के...

झूठी पहचान बताने वाली महिला की गवाही अविश्वसनीय: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दुष्कर्म दोषी को बरी किया
झूठी पहचान बताने वाली महिला की गवाही अविश्वसनीय: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दुष्कर्म दोषी को बरी किया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 2002 के अपहरण और दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति को बरी किया।अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष की पूरी कहानी तब ढह गई जब यह सामने आया कि शिकायतकर्ता महिला ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर एक मृत महिला का नाम अपनाया था और अदालत के समक्ष झूठी जानकारी दी थी। जस्टिस शालिनी सिंह नागपाल ने कहा कि जिस महिला ने अपनी पहचान के बारे में झूठ बोला हो, उसकी गवाही को बिना परीक्षण के स्वीकार नहीं किया जा सकता।अदालत ने टिप्पणी की कि “धोखाधड़ी और न्याय साथ-साथ नहीं चल सकते” और...

लॉरेंस ऑफ पंजाब विवाद: रिलीज रोकने के निर्देश पर Zee की याचिका, पंजाब-केन्द्र से जवाब तलब
लॉरेंस ऑफ पंजाब विवाद: रिलीज रोकने के निर्देश पर Zee की याचिका, पंजाब-केन्द्र से जवाब तलब

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने OTT मंच Zee5 पर प्रस्तावित सीरीज लॉरेंस ऑफ पंजाब की रिलीज रोकने संबंधी निर्देशों को चुनौती देने वाली Zee एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड की याचिका पर पंजाब सरकार और केन्द्र सरकार से जवाब मांगा।जस्टिस जगमोहन बंसल ने मामले की सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया और दोनों सरकारों से जवाब दाखिल करने को कहा।अब मामले की अगली सुनवाई 11 मई को होगी।याचिका में Zee एंटरटेनमेंट ने 23 और 24 अप्रैल 2026 को जारी उन पत्रों को चुनौती दी, जिनमें उसे गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन पर...

प्राइवेट ट्रस्ट के साथ सर्विस विवाद रिट अधिकार क्षेत्र के तहत सुनवाई योग्य नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
प्राइवेट ट्रस्ट के साथ सर्विस विवाद रिट अधिकार क्षेत्र के तहत सुनवाई योग्य नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 'द ट्रिब्यून ट्रस्ट' के कर्मचारी द्वारा दायर रिट याचिका खारिज की। कोर्ट ने माना कि किसी निजी संस्था के साथ पूरी तरह से संविदात्मक रोज़गार से उत्पन्न होने वाले सर्विस विवाद संविधान के अनुच्छेद 226/227 के तहत रिट अधिकार क्षेत्र के दायरे में नहीं आते।जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने कहा,"प्रतिवादी-ट्रस्ट एक स्वतंत्र संस्था है, जिसके अपने नियम हैं, जो उसके कर्मचारियों की सेवा के आंतरिक विनियमन के लिए बनाए गए हैं। इसके अलावा... किसी भी वैधानिक नियम के अभाव में...

हरभजन सिंह पंजाब में नहीं रह रहे हैं: राज्य सरकार ने उनकी सुरक्षा हटाने को चुनौती देने वाली याचिका पर कहा
हरभजन सिंह पंजाब में नहीं रह रहे हैं: राज्य सरकार ने उनकी सुरक्षा हटाने को चुनौती देने वाली याचिका पर कहा

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को याचिका पर नोटिस जारी किया। यह याचिका पूर्व क्रिकेटर और अब सांसद (MP) बने हरभजन सिंह ने दायर की थी। इसमें उन्होंने अपनी सुरक्षा हटाए जाने को चुनौती दी और आरोप लगाया कि यह राजनीतिक बदले की भावना से किया गया और इसमें सही प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ।इस याचिका में 25 अप्रैल, 2026 का आदेश रद्द करने की मांग की गई। इस आदेश के तहत सिंह की सुरक्षा कथित तौर पर बिना किसी नए खतरे के आकलन, बिना किसी नोटिस या सुनवाई का मौका दिए हटा दी गई थी।पंजाब के एडवोकेट जनरल...

पंजाब के एंटी-सेक्रिलेज कानून को चुनौती देने वाली जनहित याचिका की सुनवाई पर रोक, याचिकाकर्ता के आचरण पर हाईकोर्ट सख्त
पंजाब के एंटी-सेक्रिलेज कानून को चुनौती देने वाली जनहित याचिका की सुनवाई पर रोक, याचिकाकर्ता के आचरण पर हाईकोर्ट सख्त

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के एंटी-सेक्रिलेज कानून को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर तत्काल कोई आदेश पारित करने से इनकार करते हुए कहा कि पहले यह देखा जाएगा कि याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता के पूर्ववृत्त और तथ्यों को कथित रूप से छिपाने के आरोपों के मद्देनजर अदालत पहले याचिका की सुनवाई योग्यता पर विचार करेगी।मामला जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026” की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली...

MNC में काम करने वाली पढ़ी-लिखी महिला ने महीनों तक FIR दर्ज नहीं कराई: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने रद्द किया रेप का केस
MNC में काम करने वाली पढ़ी-लिखी महिला ने महीनों तक FIR दर्ज नहीं कराई: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने रद्द किया रेप का केस

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज रेप का मामला रद्द किया। कोर्ट ने कहा कि दो समझदार लोगों के बीच लंबे समय तक चले आपसी सहमति वाले रिश्ते को शादी के वादे के टूटने के आधार पर रेप का मामला बनाकर आपराधिक श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।जस्टिस एन.एस शेखावत ने कहा,"यहां तक ​​कि दूसरे व्यक्ति से तलाक लेने से पहले भी प्रतिवादी नंबर 2 (महिला) 09.10.2022 से 17.10.2022 तक याचिकाकर्ता के साथ बाली गई। दोनों ने कई जगहों का दौरा किया और अलग-अलग हिल स्टेशनों पर एक ही होटल में साथ-साथ रुके। इसके...

BNSS की धारा 129 के तहत चल रही कार्यवाही के दौरान निवारक हिरासत वैध होने के लिए सख्त कानूनी मानकों को पूरा करना अनिवार्य: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
BNSS की धारा 129 के तहत चल रही कार्यवाही के दौरान निवारक हिरासत वैध होने के लिए सख्त कानूनी मानकों को पूरा करना अनिवार्य: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने यह फैसला दिया कि यद्यपि पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत निवारक हिरासत का इस्तेमाल तब भी किया जा सकता है, जब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 129 के तहत कार्यवाही चल रही हो, लेकिन ऐसी हिरासत को सख्त कानूनी मानकों को पूरा करना अनिवार्य है। ऐसा न होने पर उसे अवैध माना जाएगा।कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि समानांतर निवारक कार्यवाही के अस्तित्व से, हिरासत में लेने वाले प्राधिकारी द्वारा स्वतंत्र रूप से अपने विवेक का इस्तेमाल करने की आवश्यकता कम नहीं...