पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पत्रकारिता की आज़ादी को इसलिए कम नहीं किया जा सकता, क्योंकि सरकारी अधिकारियों को बुरा लगता है: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पत्रकारिता की आज़ादी को इसलिए कम नहीं किया जा सकता, क्योंकि सरकारी अधिकारियों को बुरा लगता है: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि किसी सरकारी अधिकारी की निजी भावनाएं राज्य की कार्रवाई की वैधता का आकलन करने का पैमाना नहीं बन सकतीं।जस्टिस विनोद एस. भारद्वाज ने कहा,“सिर्फ इसलिए कि किसी सरकारी पद पर बैठे व्यक्ति को बुरा लगता है, यह वह पैमाना नहीं हो सकता जिस पर राज्य की कार्रवाई को मापा जाए। यह राज्य द्वारा दिखाए जाने वाले विचारों से भी प्रभावित नहीं होगा।”कोर्ट ने आगे कहा कि पैमाना हमेशा सामान्य समझदारी और सीधे संबंध का होना चाहिए। किसी प्रतिक्रिया की दूर की संभावना या भावनाओं को जानबूझकर...

आय छिपाने पर पत्नी को नहीं मिलेगा भरण-पोषण, धारा 125 CrPC के तहत दावा खारिज: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
आय छिपाने पर पत्नी को नहीं मिलेगा भरण-पोषण, धारा 125 CrPC के तहत दावा खारिज: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 125 के तहत भरण-पोषण की मांग को खारिज किए जाने को चुनौती देने वाली पत्नी की याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने अपनी नौकरी, आय और वित्तीय संपत्तियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां जानबूझकर छिपाईं, इसलिए वह भरण-पोषण की हकदार नहीं है।जस्टिस आलोक जैन ने कहा कि धारा 125 CrPC का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को दरिद्रता व बेसहारा स्थिति से बचाना है और यह केवल उन्हीं मामलों में लागू होती है, जहां महिला स्वयं का...

महत्वपूर्ण DNA साक्ष्य आरोपी के सामने न रखने से ट्रायल हुआ दूषित: पंजाब-हरियाणा हाइकोर्ट ने मौत की सजा रद्द की, नए सिरे से सुनवाई के आदेश
महत्वपूर्ण DNA साक्ष्य आरोपी के सामने न रखने से ट्रायल हुआ दूषित: पंजाब-हरियाणा हाइकोर्ट ने मौत की सजा रद्द की, नए सिरे से सुनवाई के आदेश

पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने एक पांच वर्षीय बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या से जुड़े मामले में दोषी ठहराए गए विनोद उर्फ मुन्ना को दी गई मौत की सजा रद्द की। हाइकोर्ट ने कहा कि आरोपी का बयान दर्ज करते समय दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 313 के तहत गंभीर प्रक्रियात्मक चूक हुई, जिससे पूरे ट्रायल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।हाइकोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि DNA रिपोर्ट और अन्य अहम फोरेंसिक साक्ष्य आरोपी के समक्ष नहीं रखे गए, जिससे उसे अपना पक्ष स्पष्ट करने का अवसर नहीं मिला। यह आरोपी के साथ अन्याय है...

सर्विस के दौरान विकलांगता के लिए सहानुभूति की ज़रूरत है, सज़ा की नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अनाधिकृत अनुपस्थिति के लिए कर्मचारी के खिलाफ चार्जशीट रद्द की
सर्विस के दौरान विकलांगता के लिए सहानुभूति की ज़रूरत है, सज़ा की नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अनाधिकृत अनुपस्थिति के लिए कर्मचारी के खिलाफ चार्जशीट रद्द की

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा रोडवेज के कर्मचारी का दावा खारिज करने वाला आदेश रद्द कर दिया, जिसे सर्विस के दौरान 70% विकलांगता हो गई। कोर्ट ने राज्य को निर्देश दिया कि उसे रिटायरमेंट की उम्र तक पूरी सर्विस सुविधाओं के साथ एक सुपरन्यूमरेरी पद पर रखा जाए।जस्टिस संदीप मौदगिल ने कहा,"एक कर्मचारी जिसने अपनी ज़िंदगी का सबसे अच्छा समय सार्वजनिक सेवा में लगाया, उसे अपनी सबसे कमज़ोर स्थिति में कठोरता का सामना नहीं करना चाहिए। सर्विस के दौरान हुई दिव्यांगता के लिए दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि...

अगर घर के काम आउटसोर्स किए जाएं तो उन्हें ज़्यादा सैलरी मिलेगी: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना मुआवज़ा बढ़ाकर ₹1.18 करोड़ किया
अगर घर के काम आउटसोर्स किए जाएं तो उन्हें ज़्यादा सैलरी मिलेगी: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना मुआवज़ा बढ़ाकर ₹1.18 करोड़ किया

इस बात पर ज़ोर देते हुए कि एक गृहिणी का काम सिर्फ़ देखभाल करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई तरह की सेवाएं शामिल हैं, जिनके लिए अगर उन्हें आउटसोर्स किया जाए तो काफ़ी ज़्यादा पैसे मिलेंगे, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना क्लेम में दिए गए मुआवज़े को बढ़ाकर ₹58.22 लाख से ₹1.18 करोड़ कर दिया।जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने कहा,"एक गृहिणी का काम सिर्फ़ देखभाल से कहीं ज़्यादा है, इसमें पूरे परिवार के लिए खाना बनाना; किराने का सामान और घर का सामान खरीदना; घर और आस-पास की सफ़ाई और रखरखाव;...

एक बार जब कोई मामला फाइनल हो जाता है तो ट्रायल कोर्ट उसे दोबारा नहीं खोल सकता या स्पष्टीकरण के लिए हाईकोर्ट को रेफर नहीं कर सकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
एक बार जब कोई मामला फाइनल हो जाता है तो ट्रायल कोर्ट उसे दोबारा नहीं खोल सकता या स्पष्टीकरण के लिए हाईकोर्ट को रेफर नहीं कर सकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने कहा कि एक बार जब ट्रायल कोर्ट किसी मामले पर अंतिम फैसला दे देता है तो उसके पास उस मामले को दोबारा खोलने, उस पर फिर से विचार करने या उसी मामले को हाई कोर्ट को रेफर करने का अधिकार क्षेत्र नहीं होता है, खासकर जब आदेश फाइनल हो गया हो और उचित कानूनी उपायों से उसे चुनौती न दी गई हो।चीफ जस्टिस अरुण पल्ली और जस्टिस रजनेश ओसवाल की बेंच ने कहा कि किसी तय मामले पर दोबारा बहस की अनुमति देना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा, और जो वादी किसी प्रतिकूल आदेश को चुनौती देने में विफल रहा...

प्रसव के बाद पत्नी को पति का साथ आवश्यक: पंजाब-हरियाणा हाइकोर्ट ने NDPS आरोपी को छह सप्ताह की अंतरिम जमानत दी
प्रसव के बाद पत्नी को पति का साथ आवश्यक: पंजाब-हरियाणा हाइकोर्ट ने NDPS आरोपी को छह सप्ताह की अंतरिम जमानत दी

पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने NDPS Act के तहत दर्ज मामले में आरोपी को मानवीय आधार पर छह सप्ताह की अंतरिम जमानत प्रदान की। अदालत ने आरोपी की पत्नी द्वारा हाल ही में बच्ची को जन्म देने और प्रसवोत्तर अवधि में पति के सहयोग की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह राहत दी।जस्टिस संजय वशिष्ठ ने कहा कि याचिकाकर्ता की पत्नी पहले गर्भवती थी और 5 जनवरी, 2026 को उसने एक बच्ची को जन्म दिया। ऐसे समय में पत्नी को अपने सबसे करीबी सहचर, यानी पति की आवश्यकता होती है। अदालत ने यह भी कहा कि मां और नवजात शिशु दोनों के...

हाईकोर्ट ने दशकों तक सफाई कर्मचारियों को रेगुलर न करने पर हरियाणा सरकार को फटकारा, कहा- वे समाज को व्यवस्थित रखते हैं
हाईकोर्ट ने दशकों तक सफाई कर्मचारियों को रेगुलर न करने पर हरियाणा सरकार को फटकारा, कहा- वे समाज को व्यवस्थित रखते हैं

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार द्वारा पार्ट-टाइम सफाई कर्मचारी की सेवाओं को रेगुलर न करने पर कड़ी आपत्ति जताई है, जो 1986 से लगातार काम कर रहा है। कोर्ट ने कहा कि लगभग चार दशकों तक काम करवाने के बाद भी सेवा की सुरक्षा न देना निष्पक्षता, समानता और सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों पर चोट करता है और वे ऐसे काम करते हैं, जो समाज के व्यवस्थित कामकाज के लिए बहुत ज़रूरी हैं।जस्टिस संदीप मौदगिल ने कहा,"यह कोर्ट ऐसी स्थिति से परेशान हुए बिना नहीं रह सकता, जहां एक कर्मचारी, जिसे नाममात्र के...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने दुरुपयोग को रोकने के लिए NRI सेल को ईमेल से मिली शिकायतों की ज़्यादा जांच करने को कहा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने दुरुपयोग को रोकने के लिए NRI सेल को ईमेल से मिली शिकायतों की ज़्यादा जांच करने को कहा

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने NRI सेल को ईमेल से मिली शिकायतों के आधार पर पंजाब में FIR दर्ज करने पर "गंभीर और चिंताजनक" चिंता जताई।जस्टिस आलोक जैन ने कहा,"ऐसे मामलों में स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर बनाने और लागू करने और जांच का लेवल बढ़ाने की बहुत ज़रूरत है, जहां NRI सेल को ईमेल के ज़रिए शिकायतें मिलती हैं, खासकर लगाए गए आरोपों की सच्चाई के बारे में और यह तय करने के लिए कि क्या इस देश के अधिकार क्षेत्र में कोई अपराध हुआ या नहीं।"सुनवाई के दौरान R.K. जायसवाल, ADGP (NRI), ने बताया कि कई महिलाएं...

सरकारी पद का दुरुपयोग: हाईकोर्ट ने ₹12 करोड़ के घोटाले में फरीदाबाद नगर निगम अधिकारियों को गिरफ्तारी से पहले जमानत देने से इनकार किया
'सरकारी पद का दुरुपयोग': हाईकोर्ट ने ₹12 करोड़ के घोटाले में फरीदाबाद नगर निगम अधिकारियों को गिरफ्तारी से पहले जमानत देने से इनकार किया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फरीदाबाद नगर निगम के दो अधिकारियों को यह देखते हुए अग्रिम जमानत देने से इनकार किया कि बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी और सरकारी फंड के गबन के आरोप गिरफ्तारी से पहले की स्टेज पर सावधानी बरतने की मांग करते हैं।जस्टिस सुमीत गोयल ने कहा,"याचिकाकर्ताओं के खिलाफ आरोप भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत अपराधों से संबंधित हैं, जो अपने आप में गंभीर हैं। सरकारी कर्मचारी द्वारा भ्रष्टाचार सिर्फ़ किसी व्यक्ति के खिलाफ अपराध नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज...

इंडिपेंडेंट एक्सपर्ट मेडिकल राय के बिना डॉक्टरों पर मेडिकल लापरवाही के लिए मुकदमा नहीं चलाया जा सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
इंडिपेंडेंट एक्सपर्ट मेडिकल राय के बिना डॉक्टरों पर मेडिकल लापरवाही के लिए मुकदमा नहीं चलाया जा सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

बच्चे के जन्म के बाद एक महिला की मौत के लिए मेडिकल लापरवाही के आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द करते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने विश्वसनीय विशेषज्ञ जांच के बिना मेडिकल प्रोफेशनल्स को आपराधिक मुकदमों का सामना कराने के खिलाफ चेतावनी दी।जस्टिस मनीषा बत्रा ने कहा,"जांच अधिकारी और प्राइवेट शिकायतकर्ता से हमेशा यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि उन्हें मेडिकल साइंस का ज्ञान हो ताकि यह तय किया जा सके कि आरोपी मेडिकल प्रोफेशनल का काम IPC की धारा 304-A के तहत आपराधिक कानून के दायरे में...

कमज़ोर लोगों के हाउसिंग एप्लीकेशन पर उदारता से विचार करें: हाई कोर्ट ने चंडीगढ़ को अनाथ नाबालिग को फ्लैट देने का निर्देश दिया
'कमज़ोर लोगों के हाउसिंग एप्लीकेशन पर उदारता से विचार करें': हाई कोर्ट ने चंडीगढ़ को अनाथ नाबालिग को फ्लैट देने का निर्देश दिया

इस बात पर ज़ोर देते हुए कि बहुत ज़्यादा तकनीकी आपत्तियों से कमज़ोर वर्गों के लिए बनी कल्याणकारी योजनाएं नाकाम नहीं होनी चाहिए, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन को एक याचिकाकर्ता को छोटा फ्लैट देने का निर्देश दिया, जो याचिका दायर करते समय नाबालिग थी। यह फ्लैट उसके मृत पिता की जगह दिया जाएगा, जिन्हें चंडीगढ़ स्मॉल फ्लैट्स स्कीम, 2006 के तहत पहले ही योग्य पाया गया।जस्टिस अनूपिंदर सिंह ग्रेवाल और जस्टिस दीपक मनचंदा ने कहा,"समाज के कमज़ोर वर्गों के पुनर्वास के लिए उनके रहने के अधिकार को...

भावनाओं के साथ खिलवाड़: हाईकोर्ट ने गुरु ग्रंथ साहिब के लापता स्वरूपों को लेकर SGPC कर्मचारियों के रिटायरमेंट बेनिफिट्स रोकने के फैसले को सही ठहराया
'भावनाओं के साथ खिलवाड़': हाईकोर्ट ने गुरु ग्रंथ साहिब के लापता स्वरूपों को लेकर SGPC कर्मचारियों के रिटायरमेंट बेनिफिट्स रोकने के फैसले को सही ठहराया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के पूर्व कर्मचारियों द्वारा रिटायरमेंट बेनिफिट्स जारी करने की मांग वाली रिट याचिकाओं के एक बैच को खारिज कर दिया, जो श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूपों के लापता होने से संबंधित है।जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने कहा कि हालांकि SGPC के खिलाफ रिट याचिकाएं सुनवाई योग्य हैं, लेकिन याचिकाकर्ताओं को कोई राहत नहीं मिल सकती, क्योंकि उनका सस्पेंशन/टर्मिनेशन SGPC सेवा नियमों और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करते हुए विधिवत...

ताज़ा अपराध के बाद 5 साल की सज़ा पूरी किए बिना हार्डकोर कैदी को इमरजेंसी पैरोल पर रिहा नहीं किया जा सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
ताज़ा अपराध के बाद 5 साल की सज़ा पूरी किए बिना हार्डकोर कैदी को इमरजेंसी पैरोल पर रिहा नहीं किया जा सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सज़ा काट रहे कैदी को इमरजेंसी पैरोल देने से मना किया, जिसने अपनी पत्नी की मौत के कारण अस्थायी रिहाई मांगी। कोर्ट ने कहा कि उसने अपने ताज़ा अपराध के बाद पांच साल की जेल की सज़ा पूरी करने की कानूनी शर्त पूरी नहीं की, जैसा कि हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिज़नर्स (टेम्पररी रिलीज़) एक्ट, 2022 के तहत ज़रूरी है।हालांकि, मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए कोर्ट ने याचिकाकर्ता को सीमित घंटों के लिए पुलिस सुरक्षा में कस्टडी पैरोल पर अपनी मृत पत्नी के अंतिम संस्कार और...

भगवद्गीता राज्य को लोककल्याण के कर्तव्य की याद दिलाती है: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण का आदेश
भगवद्गीता राज्य को लोककल्याण के कर्तव्य की याद दिलाती है: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण का आदेश

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि भारतीय संवैधानिक व्यवस्था राजधर्म की सभ्यतागत अवधारणा पर आधारित है, जहां शासन का मार्गदर्शन न्याय, निष्पक्षता और करुणा से होना चाहिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कोई भी कल्याणकारी राज्य कर्मचारियों से वर्षों तक निरंतर सेवा लेकर उन्हें स्थायी असुरक्षा में नहीं रख सकता।जस्टिस संदीप मौदगिल ने भगवद्गीता के लोकसंग्रह के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि सार्वजनिक शक्ति का प्रयोग केवल प्रशासनिक सुविधा के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक स्थिरता और सामूहिक कल्याण के लिए होना...

विस्तृत आदेश से पहली जमानत याचिका खारिज होने के बाद केवल लंबी हिरासत आधार नहीं बन सकती — पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
विस्तृत आदेश से पहली जमानत याचिका खारिज होने के बाद केवल लंबी हिरासत आधार नहीं बन सकती — पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने आदर्श ग्रुप ऑफ कंपनियों से जुड़े एसएफआईओ (SFIO) जांच मामले में आरोपी द्वारा दायर दूसरी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि क्रमिक/दूसरी जमानत याचिका स्वतः ही अवैध नहीं होती, लेकिन केवल लम्बी अवधि की हिरासत को आधार बनाकर जमानत नहीं दी जा सकती, जब तक कि परिस्थितियों में कोई ठोस और महत्वपूर्ण बदलाव न दिखाया जाए।जस्टिस मनिषा बत्रा ने कहा —“यद्यपि दूसरी या क्रमिक नियमित जमानत याचिका केवल अनुरक्षण (maintainability) के आधार पर खारिज नहीं की जा सकती,...

दोषी को तब तक सलाखों के पीछे रहना होगा जब तक वह पुरुषत्व के ढलने के करीब न हो: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 5 साल की बच्ची के रेप और मर्डर में मौत की सज़ा कम की
दोषी को तब तक सलाखों के पीछे रहना होगा जब तक वह 'पुरुषत्व के ढलने' के करीब न हो: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 5 साल की बच्ची के रेप और मर्डर में मौत की सज़ा कम की

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने साढ़े पांच साल की बच्ची के रेप और मर्डर के दोषी वीरेंद्र उर्फ ​​भोलू की मौत की सज़ा को उम्रकैद में बदल दिया। उसे कम से कम 30 साल की सज़ा बिना किसी छूट के काटनी होगी और पीड़ित परिवार को 30 लाख रुपये का जुर्माना देना होगा।कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा सेक्शन 201, 120-B IPC के तहत दोषी ठहराई गई दोषी की मां को यह देखते हुए बरी कर दिया कि "कमला देवी की एकमात्र गलती यह थी कि वह अपने राजा-बेटे को बचाने की कोशिश कर रही थी, जिसके लिए उसे भारतीय दंड संहिता के तहत सज़ा नहीं दी...

HSVP प्लॉट के देरी से अलॉटमेंट के लिए विस्थापितों से मौजूदा कीमत नहीं वसूल सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ₹3 लाख का जुर्माना लगाया
HSVP प्लॉट के देरी से अलॉटमेंट के लिए विस्थापितों से 'मौजूदा कीमत' नहीं वसूल सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ₹3 लाख का जुर्माना लगाया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP, पहले HUDA) ज़मीन से विस्थापित लोगों को अलॉट किए गए प्लॉट के लिए मौजूदा रिज़र्व कीमत नहीं वसूल सकता, जब अलॉटमेंट में देरी खुद अथॉरिटी की वजह से हुई हो। कोर्ट ने यह भी फैसला सुनाया कि राजीव मनचंदा बनाम HUDA मामले में फुल बेंच के फैसले के अनुसार 11% ब्याज लगाना "उचित ब्याज" नहीं है और निर्देश दिया कि इसके बजाय 5.5% ब्याज लिया जाए।कोर्ट विस्थापितों को अलॉट किए गए प्लॉट की कीमत तय करने, ब्याज और पेमेंट के तरीके से जुड़े...

अनुकंपा नियुक्ति अधिकार नहीं, आवेदक की वैवाहिक स्थिति, पारिवारिक आय और निर्भरता प्रासंगिक: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
अनुकंपा नियुक्ति अधिकार नहीं, आवेदक की वैवाहिक स्थिति, पारिवारिक आय और निर्भरता प्रासंगिक: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने दोहराया कि अनुकंपा नियुक्ति कोई निहित अधिकार नहीं है, बल्कि एक रियायत है, जिसे नीति के अनुसार सख्ती से दिया जाना चाहिए और केवल सरकारी कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान मृत्यु के कारण होने वाली तत्काल वित्तीय कठिनाई को कम करने के लिए दिया जाना चाहिए।एक रिट याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने एक विवाहित बेटी के अनुकंपा नियुक्ति का दावा खारिज करने का फैसला यह मानते हुए सही ठहराया कि अथॉरिटी उसके वैवाहिक स्थिति, पति की आय, अन्य कमाने वाले भाई-बहनों की मौजूदगी और लगातार निर्भरता की...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने डीवाई पाटिल यूनिवर्सिटी के खिलाफ MBBS एडमिशन धोखाधड़ी मामला रद्द किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने डीवाई पाटिल यूनिवर्सिटी के खिलाफ MBBS एडमिशन धोखाधड़ी मामला रद्द किया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कथित MBBS एडमिशन के संबंध में धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के आरोप वाली लगभग दो दशक पुरानी आपराधिक शिकायत रद्द की। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं पर सिर्फ इसलिए आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया जा सकता, क्योंकि किसी तीसरे पक्ष ने कथित तौर पर उनके नाम और दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल करके शिकायतकर्ता के साथ धोखाधड़ी की थी।जस्टिस विनोद एस. भारद्वाज ने कहा,"शिकायतकर्ता के साथ सचिन शाह द्वारा किए गए गलत बयानी के आधार पर पैसे की धोखाधड़ी की गई। यह गलत बयानी याचिकाकर्ता नंबर...