पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

अपील में दोषसिद्धि बरकरार रहने के बाद भी हो सकता है चेक बाउंस मामले में समझौता: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
अपील में दोषसिद्धि बरकरार रहने के बाद भी हो सकता है चेक बाउंस मामले में समझौता: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि परक्राम्य लिखत अधिनियम (NI Act ) की धारा 138 के तहत चेक अनादरण (चेक बाउंस) के मामलों में अपील में दोषसिद्धि बरकरार रहने के बाद भी समझौता किया जा सकता है। यदि पक्षकार आपसी सहमति से विवाद सुलझा लेते हैं तो हाईकोर्ट अपने अंतर्निहित अधिकारों का प्रयोग करते हुए दोषसिद्धि को भी निरस्त कर सकता है।जस्टिस सुमीत गोयल ने यह भी स्पष्ट किया कि समझौते के समय सामान्यतः लगाए जाने वाले खर्च (कॉस्ट) को माफ करने का अधिकार अदालतों के पास है, लेकिन इसका...

हमले में कृपाण का इस्तेमाल करने के आरोपी सिख व्यक्ति पर आर्म्स एक्ट के तहत आरोप सही: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
हमले में कृपाण का इस्तेमाल करने के आरोपी सिख व्यक्ति पर आर्म्स एक्ट के तहत आरोप सही: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि कृपाण का इस्तेमाल करके चोट पहुँचाने के आरोपी सिख व्यक्ति को आरोप तय करने के चरण में संविधान के आर्टिकल 25 के स्पष्टीकरण I (Explanation I) के तहत मिलने वाली संवैधानिक सुरक्षा का दावा करने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने माना कि कृपाण को आस्था की ज़रूरी चीज़ के तौर पर रखा गया था या हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया गया, इसका फ़ैसला सिर्फ़ ट्रायल के दौरान ही हो सकता है।इस तरह कोर्ट ने उन आरोपियों के समूह के ख़िलाफ़ IPC की धारा 307 (हत्या की कोशिश) के तहत लगे आरोप को...

राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बकाया पैसे रोककर अपना वित्तीय संकट हल नहीं कर सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बकाया पैसे रोककर अपना वित्तीय संकट हल नहीं कर सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार और पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) द्वारा दायर 'लेटर्स पेटेंट अपील्स' (LPA) खारिज की। कोर्ट ने कहा कि जब राज्य ने महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) देने के लिए केंद्र सरकार का तरीका अपनाया तो उस पर बकाया किस्तों का भुगतान करने की बाध्यता बन गई। राज्य वित्तीय तंगी का बहाना बनाकर इन्हें अनिश्चित काल के लिए टाल नहीं सकता।एक्टिंग चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर ने कहा,"कल्याणकारी राज्य अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की...

महंगाई भत्ते का बकाया चुकाए बिना बड़े विज्ञापन अभियान नहीं चला सकेगी पंजाब सरकार: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
महंगाई भत्ते का बकाया चुकाए बिना बड़े विज्ञापन अभियान नहीं चला सकेगी पंजाब सरकार: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) की वह अपील खारिज की, जिसमें कर्मचारियों और पेंशनरों को लंबित महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) का भुगतान करने के सिंगल बेंच के आदेश को चुनौती दी गई। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया कि जब तक कर्मचारियों और पेंशनरों का पूरा बकाया नहीं चुकाया जाता, तब तक वह बड़े पैमाने पर विज्ञापन अभियानों पर खर्च नहीं करेगी।एक्टिंग चीफ जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने कहा कि वित्तीय...

फोन पर दी गई जातिसूचक गालियां SC/ST Act के तहत अपराध नहीं, यदि घटना सार्वजनिक दृश्य में न हो: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
फोन पर दी गई जातिसूचक गालियां SC/ST Act के तहत अपराध नहीं, यदि घटना 'सार्वजनिक दृश्य' में न हो: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने फोन पर कथित रूप से जातिसूचक गालियां दी हैं, तो मात्र इस आधार पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) की धाराएं लागू नहीं होंगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि इन धाराओं के तहत अपराध तभी बनता है, जब कथित घटना पब्लिक व्यू में घटित हुई हो।जस्टिस आलोक जैन ने ट्रायल कोर्ट का वह आदेश बरकरार रखा, जिसमें आरोपी को SC/ST Act की धारा 3(1)(र) और 3(1)(स) के आरोपों से आरोपमुक्त कर दिया गया।मामले...

शांतिपूर्ण प्रदर्शन मौलिक अधिकार, लेकिन इसके नाम पर अदालतों तक लोगों की पहुंच नहीं रोकी जा सकती: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
शांतिपूर्ण प्रदर्शन मौलिक अधिकार, लेकिन इसके नाम पर अदालतों तक लोगों की पहुंच नहीं रोकी जा सकती: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कानूनी सहायता रक्षा अधिवक्ता (LADC) योजना के विरोध में चल रही वकीलों की हड़ताल पर सुनवाई के दौरान कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना मौलिक अधिकार है, लेकिन इसके नाम पर लोगों को अदालतों तक पहुंचने और न्याय पाने से वंचित नहीं किया जा सकता।एक्टिंग चीफ जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्र और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा,"न्याय तक पहुंच को अवरुद्ध नहीं किया जा सकता। शांतिपूर्ण प्रदर्शन का मतलब यह नहीं है कि 27 दिनों तक वादकारियों को अदालतों तक...

पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने 20 साल पुराने दोहरे हत्याकांड मामले में दो लोगों को बरी किया, कहा- सिर्फ़ लास्ट सीन थ्योरी काफ़ी नहीं
पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने 20 साल पुराने दोहरे हत्याकांड मामले में दो लोगों को बरी किया, कहा- सिर्फ़ 'लास्ट सीन' थ्योरी काफ़ी नहीं

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने महिला और उसके 11 साल के बेटे की हत्या के लगभग 20 साल बाद दो लोगों को बरी किया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष (Prosecution) घटनाओं की ऐसी पूरी कड़ी साबित करने में नाकाम रहा, जिस पर कोई शक न हो, और बिना किसी पुख्ता सबूत के सिर्फ़ "लास्ट सीन" थ्योरी (यानी उन्हें आखिरी बार साथ देखा गया) के आधार पर उन्हें दोषी नहीं ठहराया जा सकता। [2026 LiveLaw (PH) 244]जस्टिस राजेश भारद्वाज और जस्टिस दीपक मनचंदा ने कहा,"हमारी सोच यह है कि अभियोजन पक्ष अपील करने वालों के खिलाफ़ अपना मामला...

वकील बेशर्मी से अदालतों का काम रोक रहे, दबाव में नहीं झुकेगी व्यवस्था: वकीलों की हड़ताल पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
वकील बेशर्मी से अदालतों का काम रोक रहे, दबाव में नहीं झुकेगी व्यवस्था: वकीलों की हड़ताल पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कानूनी सहायता रक्षा अधिवक्ता (LADC) योजना के विरोध में वकीलों की हड़ताल पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि योजना के दुरुपयोग को लेकर कोई वास्तविक शिकायत है तो उस पर विचार किया जा सकता है लेकिन अदालतों का कामकाज ठप करना किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।एक्टिंग चीफ जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्र और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ यह टिप्पणी जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कर रही थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि वकीलों की लगातार हड़ताल के कारण पूरे पंजाब में वादकारियों...

हिंसक संघर्ष के दावे के बावजूद चोटों का न होना: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 22 साल पहले रेप के मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बरी किया
हिंसक संघर्ष के दावे के बावजूद चोटों का न होना: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 22 साल पहले रेप के मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बरी किया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 2004 में रेप के मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बरी किया। कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष के सबूतों में कई कमियां थीं, जिनमें पीड़िता के हिंसक संघर्ष के दावे के बावजूद शरीर पर कोई चोट न होना शामिल है। इन कमियों के कुल असर से एक उचित संदेह पैदा होता है, जो दोषसिद्धि को पलटने के लिए काफी है। [2026 LL (PH) 240]जस्टिस रूपिंदरजीत चहल ने कहा,"हिंसक शारीरिक संघर्ष के खास आरोप के बावजूद चोटों का बिल्कुल न होना, घटना स्थल पर कथित तौर पर कुचली गई गेहूं की फसल का कोई निशान न...

उम्मीद है समझदारी से काम लिया जाएगा और मामला शांति से सुलझाया जाएगा: LADC स्कीम के खिलाफ वकीलों की हड़ताल पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
'उम्मीद है समझदारी से काम लिया जाएगा और मामला शांति से सुलझाया जाएगा': LADC स्कीम के खिलाफ वकीलों की हड़ताल पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई। इसमें आरोप लगाया गया कि 'लीगल एड डिफेंस काउंसिल' (LADC) स्कीम के खिलाफ वकीलों की हड़ताल की वजह से पंजाब में लोगों को न्याय नहीं मिल पा रहा है।पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट, बार काउंसिल के सदस्यों और सीनियर वकीलों की बात सुनने के बाद कोर्ट ने उम्मीद जताई कि यह विवाद बिना किसी कानूनी दखल के शांति से सुलझा लिया जाएगा।एक्टिंग चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की डिवीजन बेंच ने कहा:"हमारी गुजारिश...

हरभजन सिंह की सुरक्षा इसलिए नहीं हटाई गईकि उन्होंने AAP छोड़ी, उनके घर के बाहर गद्दार कहकर विरोध करना कोई खतरा नहीं: हाईकोर्ट
हरभजन सिंह की सुरक्षा इसलिए नहीं हटाई गईकि उन्होंने AAP छोड़ी, उनके घर के बाहर 'गद्दार' कहकर विरोध करना कोई खतरा नहीं: हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस लेने के मामले में दखल देने से इनकार किया। कोर्ट का मानना ​​है कि आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़ने के बाद उनके घर के बाहर विरोध-प्रदर्शन और उन्हें "गद्दार" बताने वाले पोस्टर लगाने से उनकी जान और आज़ादी को खतरा साबित नहीं होता।जस्टिस त्रिभुवन दहिया ने कहा,"यह नहीं कहा जा सकता कि याचिकाकर्ता की सुरक्षा अचानक पार्टी छोड़ने की वजह से हटाई गई। सुरक्षा हटाने का फैसला रिव्यू कमेटी ने बहुत पहले ही ले लिया था, जिसे नकारा नहीं गया। उनके घर...

सतलुज को ओटीटी से हटाने के खिलाफ याचिका पर सुनवाई से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का इनकार
'सतलुज' को ओटीटी से हटाने के खिलाफ याचिका पर सुनवाई से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का इनकार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने गायक और एक्टर दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म 'सतलुज' को OTT प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार किया। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता इस मामले में उपयुक्त पक्षकार नहीं है।एक्टिंग चीफ जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान पूछा कि जब याचिकाकर्ता न तो फिल्म के निर्देशक हैं और न ही निर्माता, तो उन्हें यह याचिका दायर करने का अधिकार कैसे है।इस पर याचिकाकर्ता ने कहा,"हम याचिका वापस ले लेते हैं और इसे फिल्म के...

सीनियर सिटिज़न से जुड़ी कार्यवाही मौत के साथ खत्म हो जाती है, बचे हुए पक्ष सिविल फोरम में पारिवारिक समझौते के विवाद को आगे बढ़ा सकते हैं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
सीनियर सिटिज़न से जुड़ी कार्यवाही मौत के साथ खत्म हो जाती है, बचे हुए पक्ष सिविल फोरम में पारिवारिक समझौते के विवाद को आगे बढ़ा सकते हैं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने साफ़ किया कि 'माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007' के तहत शुरू की गई कार्यवाही वरिष्ठ नागरिक की मौत के बाद जारी नहीं रहती, क्योंकि ऐसी कार्यवाही का मुख्य आधार ही उनकी मौत के साथ खत्म हो जाता है। [2026 LiveLaw (PH) 235]जस्टिस कीर्ति सिंह ने कहा,"इस अधिनियम के तहत कार्यवाही का मकसद वरिष्ठ नागरिकों के जीवनकाल में उनके कल्याण को सुनिश्चित करना है। जिस वरिष्ठ नागरिक के कहने पर ऐसी कार्यवाही शुरू की गई, उनके न रहने पर कार्यवाही का मूल आधार ही...

हिंसक विरोध करना, सरकार के खिलाफ नारेबाजी या असहमति व्यक्त करना राजद्रोह नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
हिंसक विरोध करना, सरकार के खिलाफ नारेबाजी या असहमति व्यक्त करना राजद्रोह नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि केवल हिंसक विरोध प्रदर्शन में भाग लेना, सरकार के खिलाफ नारे लगाना या असहमति व्यक्त करना स्वचालित रूप से देशद्रोह का अपराध नहीं है।जस्टिस विनोद एस भारद्वाज और जस्टिस सुखविंदर कौर ने कहा,"हिंसक विरोध को दंगा माना जा सकता है, लेकिन हिंसा की ऐसी कार्रवाई को सरकार के खिलाफ नफरत या अवमानना ​​का कार्य नहीं माना जाएगा। एक निर्वाचित लोकतंत्र में सरकार या शासन के खिलाफ नारेबाजी, उसके नागरिकों के खिलाफ राजद्रोह के आरोप लगाने के लिए पर्याप्त नहीं होगी।"न्यायालय ने आगे...

2017 डेरा हिंसा: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने राम रहीम के समर्थकों को बरी करने के फैसले को सही ठहराया
2017 डेरा हिंसा: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने राम रहीम के समर्थकों को बरी करने के फैसले को सही ठहराया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार की उस अपील को खारिज किया, जिसमें डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के चार समर्थकों को बरी किए जाने को चुनौती दी गई। इन समर्थकों पर अगस्त 2017 में डेरा प्रमुख को दोषी ठहराए जाने के बाद भड़की हिंसा के दौरान कैथल के कलायत में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (UHBVN) के ऑफिस में तोड़फोड़ करने और आग लगाने का आरोप था। [2026 LiveLaw (PH) 230]कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के बरी करने के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष न तो आरोपियों की पहचान...

जेल में ड्रग्स बेचने का मामला: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ़ ट्रायल पर लगाई रोक
जेल में ड्रग्स बेचने का मामला: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ़ ट्रायल पर लगाई रोक

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बठिंडा सेंट्रल जेल में सिक्योरिटी ड्यूटी पर तैनात एक कॉन्स्टेबल के खिलाफ़ ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाई। उस पर जेल में ड्रग्स बेचने के आरोप में NDPS Act, 1985 और प्रिज़न्स एक्ट, 1894 की धारा 52 के तहत चार्जशीट दाखिल की गई।जस्टिस रमेश चंद्र डिमरी ने पुलिसकर्मी की उस याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें FIR, फाइनल रिपोर्ट और उससे जुड़े आदेशों को रद्द करने की मांग की गई।कोर्ट ने आदेश दिया,"नोटिस का जवाब 09.09.2026 तक आना चाहिए। इस बीच ट्रायल कोर्ट के सामने आगे की...

सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद दूसरी याचिका सुनवाई योग्य नहीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद दूसरी याचिका सुनवाई योग्य नहीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब किसी आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक खारिज हो चुकी हो, तब उसी मामले में दोबारा अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल नहीं की जा सकती। अदालत ने यह भी कहा कि बाद में हुआ समझौता भी अग्रिम जमानत पर दोबारा विचार करने का आधार नहीं बन सकता।जस्टिस सुमीत गोयल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 482 के तहत दायर दूसरी अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।मामला पंजाब के कपूरथला में दर्ज धोखाधड़ी और विदेश भेजने...

बेअंत सिंह हत्या मामले के दोषी जगतार सिंह हवारा की पैरोल अर्जी पर जल्द फैसला लिया जाए: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का आदेश
बेअंत सिंह हत्या मामले के दोषी जगतार सिंह हवारा की पैरोल अर्जी पर जल्द फैसला लिया जाए: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का आदेश

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे जगतार सिंह हवारा की पैरोल अर्जी पर शीघ्र निर्णय लेने के निर्देश दिए। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध प्रक्रिया अपनाकर पैरोल आवेदन का निस्तारण करने को कहा है।जस्टिस विनोद एस. भारद्वाज और जस्टिस सुखविंदर कौर की खंडपीठ ने आदेश दिया कि दिल्ली की मंडोली स्थित केंद्रीय जेल संख्या-15 के अधीक्षक एक सप्ताह के भीतर हवारा की पैरोल अर्जी चंडीगढ़ के गृह सचिव को भेजें।अदालत ने आगे निर्देश...

नियमों के पालन किया जाएगा: भरोसा मिलने पर हाईकोर्ट ने गुरुग्राम ज़िला कोर्ट को टावर ऑफ़ जस्टिस में शिफ्ट करने की मंज़ूरी दी
नियमों के पालन किया जाएगा: भरोसा मिलने पर हाईकोर्ट ने गुरुग्राम ज़िला कोर्ट को 'टावर ऑफ़ जस्टिस' में शिफ्ट करने की मंज़ूरी दी

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को हरियाणा राज्य के अधिकारियों को गुरुग्राम ज़िला अदालतों को तुरंत नए बने ज्यूडिशियल कोर्ट कॉम्प्लेक्स ('टावर ऑफ़ जस्टिस') में शिफ्ट करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि और देरी करने से जनहित को नुकसान होगा, क्योंकि मौजूदा कोर्ट कॉम्प्लेक्स में हाल ही में लगी आग के बाद से न्यायिक कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ।कोर्ट ने हरियाणा PWD (B&R) के इंजीनियर-इन-चीफ़ (बिल्डिंग्स) और HOD का बयान दर्ज किया कि इमारत हर तरह से पूरी हो चुकी है और सभी कानूनी नियमों का पालन...