मद्रास हाईकोर्ट

BJP नेताओ पर NaMo App के जरिए फंड जुटाने में धोखाधड़ी का आरोप, मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर
BJP नेताओ पर NaMo App के जरिए फंड जुटाने में धोखाधड़ी का आरोप, मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर

मद्रास हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके नेताओं पर NaMo ऐप के माध्यम से कथित रूप से धोखाधड़ी कर धन जुटाने का आरोप लगाया गया। याचिकाकर्ता ने इस मामले की जांच कराने और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।याचिका चेन्नई निवासी बीआर अरविंदाक्षन ने दायर की, जिसमें कहा गया कि NaMo ऐप और वेबसाइट के जरिए जनता से चंदा लिया गया लेकिन इसे सरकारी योजनाओं से जोड़कर प्रस्तुत किया गया, जबकि वास्तविकता में यह धन राजनीतिक दल के लिए एकत्र किया गया।याचिका में BJP के पूर्व...

ट्रायल कोर्ट ज़मानत देने की शर्त के तौर पर पासपोर्ट ज़ब्त करने का आदेश नहीं दे सकता: मद्रास हाईकोर्ट
ट्रायल कोर्ट ज़मानत देने की शर्त के तौर पर पासपोर्ट ज़ब्त करने का आदेश नहीं दे सकता: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि ट्रायल कोर्ट के पास ज़मानत देने की शर्त के तौर पर पासपोर्ट ज़ब्त करने का आदेश देने का अधिकार नहीं है।जस्टिस पी. धनबाल ने फ़ैसला दिया कि BNSS की धारा 109 (CrPC की धारा 104) के तहत कोर्ट के पास किसी भी दस्तावेज़ को ज़ब्त करने का अधिकार है, लेकिन पासपोर्ट को नहीं। कोर्ट ने कहा कि पासपोर्ट ज़ब्त करने का अधिकार सिर्फ़ पासपोर्ट अधिकारियों के पास है, जो पासपोर्ट एक्ट की धारा 10(3) के तहत दिया गया।कोर्ट ने आगे कहा कि पासपोर्ट ज़ब्त करने का अधिकार पासपोर्ट एक्ट की...

मुवक्किल के निर्देश पर दिए बयान पर वकील पर मानहानि नहीं: मद्रास हाईकोर्ट का अहम फैसला
मुवक्किल के निर्देश पर दिए बयान पर वकील पर मानहानि नहीं: मद्रास हाईकोर्ट का अहम फैसला

मद्रास हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि कोई वकील अपने मुवक्किल के निर्देश पर दिए गए बयानों के लिए मानहानि के मामले में अभियोजन का सामना नहीं कर सकता। अदालत ने कहा कि वकील केवल अपने मुवक्किल की ओर से बोलता है और तथ्यों की सत्यता की स्वतंत्र जांच करने की स्थिति में नहीं होता।जस्टिस जी.के. इलंथिरैयन ने कहा,“वकील मुवक्किल के निर्देशों के आधार पर ही कार्य करता है। ऐसे में उन बयानों की जिम्मेदारी मुवक्किल की होती है, न कि वकील की। इसके विपरीत कोई भी दृष्टिकोण वकीलों को प्राप्त कानूनी विशेषाधिकारों के खिलाफ...

शराब व्यक्तिगत पसंद, लेकिन सार्वजनिक असुविधा नहीं—रिक्रिएशन क्लब का लाइसेंस रद्द: मद्रास हाईकोर्ट
'शराब व्यक्तिगत पसंद, लेकिन सार्वजनिक असुविधा नहीं'—रिक्रिएशन क्लब का लाइसेंस रद्द: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में मनोरंजन क्लब को दिए गए शराब लाइसेंस (FL2) को रद्द करते हुए कहा है कि शराब पीना भले ही व्यक्तिगत पसंद हो, लेकिन इससे किसी इलाके के निवासियों को असुविधा या खतरा नहीं होना चाहिए।जस्टिस एन. सतीश कुमार और जस्टिस एम. जोतिरामन की खंडपीठ मदुरै के थंडलाई गांव स्थित PONS Recreation Club को दिए गए लाइसेंस के खिलाफ दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि यह इलाका जल्लिकट्टू जैसी सांस्कृतिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है और स्थानीय लोग...

श्रीदेवी की संपत्ति पर दावा करने वाली याचिका खारिज करने की मांग लेकर मद्रास हाईकोर्ट पहुंचे बोनी कपूर और उनकी बेटियां
श्रीदेवी की संपत्ति पर दावा करने वाली याचिका खारिज करने की मांग लेकर मद्रास हाईकोर्ट पहुंचे बोनी कपूर और उनकी बेटियां

फिल्म प्रोड्यूसर बोनी कपूर और उनकी बेटियां जान्हवी और खुशी कपूर चेंगलपट्टू के एडिशनल जिला जज के आदेश के खिलाफ मद्रास हाईकोर्ट पहुंचे हैं। इस आदेश में जज ने ईस्ट कोस्ट रोड के पास दिवंगत एक्ट्रेस श्रीदेवी की संपत्ति के संबंध में दायर याचिका खारिज करने से इनकार किया था।सोमवार (16 मार्च) को जब यह याचिका जस्टिस टीवी तमिलसेल्वी के सामने सुनवाई के लिए आई तो कोर्ट ने मामले को अंतिम निपटारे के लिए 26 मार्च, 2026 को उठाने का फैसला किया और मामले में चल रही सुनवाई (ट्रायल) पर रोक लगाने वाले अंतरिम आदेश को...

माता-पिता बच्चों को भयानक चूहा-दौड़ में दौड़ा रहे हैं, शिक्षा को केवल मेडिकल या इंजीनियरिंग सीटों तक पहुंचने का ज़रिया माना जा रहा है: मद्रास हाईकोर्ट
माता-पिता बच्चों को 'भयानक चूहा-दौड़' में दौड़ा रहे हैं, शिक्षा को केवल मेडिकल या इंजीनियरिंग सीटों तक पहुंचने का ज़रिया माना जा रहा है: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाई कोर्ट ने हाल ही में इस बात पर अफ़सोस जताया कि शिक्षा को प्राथमिकता केवल मेडिकल या इंजीनियरिंग सीटों में दाखिले के लिए दी जा रही है और माता-पिता अपने बच्चों को एक चूहा-दौड़ (Rat Race) में दौड़ा रहे हैं।जस्टिस भरत चक्रवर्ती ने टिप्पणी की कि माता-पिता बच्चों से आसान विषय चुनने को कह रहे हैं ताकि बच्चा केवल तीन विषयों पर ध्यान केंद्रित कर सके, जिससे NEET परीक्षा पास करना आसान हो जाए। कोर्ट ने आगे कहा कि हाई स्कूलों में, यहाँ तक कि मातृभाषा की भी बलि दी जा रही है ताकि बच्चा NEET की तैयारी...

“किशोर संबंधों में अक्सर लड़कों को भुगतने पड़ते हैं परिणाम”: POCSO के दुरुपयोग को रोकने के लिए जागरूकता जरूरी — मद्रास हाईकोर्ट
“किशोर संबंधों में अक्सर लड़कों को भुगतने पड़ते हैं परिणाम”: POCSO के दुरुपयोग को रोकने के लिए जागरूकता जरूरी — मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में एक युवक की दोषसिद्धि को रद्द कर दिया, जिसे निचली अदालत ने आईपीसी की धारा 366 तथा Protection of Children from Sexual Offences Act, 2012 की धारा 5(l) सहपठित धारा 6 के तहत एक नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप में दोषी ठहराया था।जस्टिस एन माला ने कहा कि यह मामला दो किशोरों के बीच सहमति से बने संबंध का प्रतीत होता है, जो अंततः माता-पिता के विरोध के कारण विवाद में बदल गया। अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसे मामलों में अक्सर परिणामों का सामना केवल लड़कों को करना पड़ता...

थिरुपरंकुंद्रम दीपथून मामले को मंत्री ने शरारतन राजनीतिक रंग दिया: मद्रास हाईकोर्ट की टिप्पणी
थिरुपरंकुंद्रम दीपथून मामले को मंत्री ने शरारतन राजनीतिक रंग दिया: मद्रास हाईकोर्ट की टिप्पणी

मद्रास हाईकोर्ट ने थिरुपरंकुंद्रम दीपथून (पत्थर स्तंभ) पर कार्तिगई दीपम जलाने के विवाद में तमिलनाडु के मंत्री एस. रेगुपथी की टिप्पणी पर कड़ी नाराज़गी जताई। अदालत ने कहा कि मंत्री ने घटनाक्रम को “शरारतन राजनीतिक रंग” दिया।मामले की सुनवाई जस्टिस जी आर स्वामीनाथन कर रहे थे। यह सुनवाई उस उप-आवेदन पर हो रही थी, जिसमें राज्य अधिकारियों के खिलाफ लंबित अवमानना याचिका में मंत्री को पक्षकार बनाने की मांग की गई।मामलामीडिया की 7 जनवरी 2026 की रिपोर्ट के आधार पर दलील दी गई कि मंत्री ने कथित रूप से कहा था कि...

धर्म त्यागे बिना नो कास्ट, नो रिलीजन प्रमाणपत्र नहीं मिल सकता: मद्रास हाइकोर्ट
धर्म त्यागे बिना 'नो कास्ट, नो रिलीजन' प्रमाणपत्र नहीं मिल सकता: मद्रास हाइकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने हाल ही में एक व्यक्ति की नो कास्ट, नो रिलीजन प्रमाणपत्र जारी करने की मांग खारिज की।अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक संबंधित व्यक्ति विधि सम्मत रीति-रिवाजों के अनुसार अपना धर्म त्याग नहीं करता, तब तक ऐसा प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जा सकता।जस्टिस कृष्णन रामासामी ने कहा,“जब तक याचिकाकर्ता हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार अपना धर्म त्याग नहीं करता, तब तक उसके अनुरोध पर विचार नहीं किया जा सकता। ऐसी स्थिति में इस प्रकार का प्रमाणपत्र जारी करने का प्रश्न ही नहीं उठता।” पूरा...

लघु दंड के बाद जांच अवधि लागू करना अवैध, कर्मचारी को पदोन्नति पर विचार का अधिकार: मद्रास हाइकोर्ट
लघु दंड के बाद जांच अवधि लागू करना अवैध, कर्मचारी को पदोन्नति पर विचार का अधिकार: मद्रास हाइकोर्ट

मद्रास हाइकोर्ट की खंडपीठ ने महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए कहा है कि लघु दंड की अवधि समाप्त होने के बाद पदोन्नति रोके रखने के लिए तथाकथित जांच अवधि लागू करना अवैध है। अदालत ने स्पष्ट किया कि दंड समाप्त होने के बाद कर्मचारी के पदोन्नति पर विचार से उसे वंचित नहीं किया जा सकता।जस्टिस सी. वी. कार्तिकेयन और जस्टिस आर. विजयकुमार की खंडपीठ ने विभाग द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।मामले की पृष्ठभूमिसंबंधित कर्मचारी विद्यालय शिक्षा विभाग में कार्यरत था। उसके विरुद्ध आरोपपत्र जारी...

जाति व्यवस्था पर मद्रास हाईकोर्ट का अहम आदेश- राज्य द्वारा आयोजित मंदिर उत्सवों में जाति को खत्म करने की कोशिश होनी चाहिए
जाति व्यवस्था पर मद्रास हाईकोर्ट का अहम आदेश- राज्य द्वारा आयोजित मंदिर उत्सवों में जाति को खत्म करने की कोशिश होनी चाहिए

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि हिंदू धार्मिक और चैरिटेबल एंडोमेंट डिपार्टमेंट के ज़रिए राज्य द्वारा आयोजित मंदिर उत्सव जाति को बनाए नहीं रख सकते।जस्टिस भरत चक्रवर्ती ने कहा कि भारत के रिपब्लिक बनने का मकसद सभी के साथ एक जैसा व्यवहार करना था। कोर्ट ने आगे कहा कि देश में हर अथॉरिटी की कोशिश जाति को खत्म करने की होनी चाहिए, न कि उसे बनाए रखने की। इस तरह कोर्ट ने कहा कि राज्य द्वारा आयोजित मंदिर उत्सव को इनविटेशन में जाति के नामों का इस्तेमाल करके जाति को बनाए रखने की इजाज़त नहीं दी जा...

द्रविड़ कड़गम द्वारा हिंदू धर्म पर स्पष्ट हमला : मद्रास हाइकोर्ट ने अमित मालवीय के खिलाफ FIR रद्द की
द्रविड़ कड़गम द्वारा हिंदू धर्म पर स्पष्ट हमला : मद्रास हाइकोर्ट ने अमित मालवीय के खिलाफ FIR रद्द की

मद्रास हाइकोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता अमित मालवीय के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करते हुए कहा कि तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री और युवा कल्याण एवं खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन के भाषण पर की गई प्रतिक्रिया के लिए उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही जारी रखना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा।जस्टिस एस. श्रीमथी ने कहा कि अमित मालवीय ने केवल मंत्री के भाषण पर प्रतिक्रिया दी थी, जो पहले से ही सार्वजनिक डोमेन में था। ऐसे में उनके खिलाफ कार्यवाही जारी रखने से उन्हें अपूरणीय क्षति और नुकसान होगा।हाइकोर्ट ने यह...

लंबित आपराधिक मामलों वाले लोग अधिवक्ता बन सकते हैं या नहीं? मद्रास हाईकोर्ट की बड़ी पीठ करेगी फैसला
लंबित आपराधिक मामलों वाले लोग अधिवक्ता बन सकते हैं या नहीं? मद्रास हाईकोर्ट की बड़ी पीठ करेगी फैसला

मद्रास हाईकोर्ट ने यह महत्वपूर्ण प्रश्न एक बड़ी पीठ (Larger Bench) को संदर्भित किया है कि क्या किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित होने पर उसे राज्य बार काउंसिल द्वारा अधिवक्ता के रूप में नामांकित (enrol) किया जा सकता है या नहीं।जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन और जस्टिस आर. कलैमाथी की खंडपीठ ने यह मुद्दा बड़ी पीठ को भेजते हुए कहा कि अधिवक्ता अधिनियम (Advocates Act) हाईकोर्ट को नामांकन के लिए अतिरिक्त शर्तें लगाने का अधिकार नहीं देता।कोर्ट ने यह भी नोट किया कि यद्यपि हाईकोर्ट की एक पूर्ण पीठ (Full...

BNSS की धारा 35 पुलिस को बिना रजिस्टर्ड केस के व्यक्तियों को बुलाने या पूछताछ करने का अधिकार नहीं देती: मद्रास हाईकोर्ट
BNSS की धारा 35 पुलिस को बिना रजिस्टर्ड केस के व्यक्तियों को बुलाने या पूछताछ करने का अधिकार नहीं देती: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि पुलिस के पास बिना रजिस्टर्ड केस के किसी व्यक्ति को बुलाने या उससे पूछताछ करने का अधिकार नहीं है।जस्टिस सुंदर मोहन ने इस तरह डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस द्वारा जारी नोटिस रद्द किया, जिसमें एक पत्रकार को बुलाया गया और उससे एक लेख के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया, जिसमें कथित तौर पर पुलिस के खिलाफ मानहानिकारक बयान थे। जज ने कहा कि यह धारा सिर्फ पुलिस को बिना वारंट के किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने का अधिकार देती है और बिना केस दर्ज किए किसी व्यक्ति से पूछताछ...

मद्रास हाईकोर्ट ने विजय की फिल्म जना नायकन को CBFC को U/A सर्टिफिकेट देने का निर्देश देने वाले आदेश पर लगाई रोक
मद्रास हाईकोर्ट ने विजय की फिल्म 'जना नायकन' को CBFC को U/A सर्टिफिकेट देने का निर्देश देने वाले आदेश पर लगाई रोक

मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार (9 जनवरी) को पहले दिए गए सिंगल जज के आदेश पर अस्थायी रोक लगाई, जिसमें CBFC को विजय अभिनीत तमिल फिल्म 'जना नायकन' को तुरंत U/A सर्टिफिकेट देने का निर्देश दिया गया था।चीफ जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस जी अरुल मुरुगन की डिवीजन बेंच ने अपने आदेश में कहा:"प्रतिवादी यूनियन ऑफ इंडिया को पर्याप्त समय नहीं दिया गया... UoI की एक मुख्य शिकायत यह थी कि उन्हें जवाब देने का समय नहीं दिया गया। दूसरी शिकायत यह है कि 6 जनवरी के पत्र को चुनौती नहीं दी गई, लेकिन कोर्ट (सिंगल...

मद्रास हाईकोर्ट ने DGCA से पूछा — क्या इंडिगो को थकान प्रबंधन मानकों से मिली छूट बढ़ाई जाएगी?
मद्रास हाईकोर्ट ने DGCA से पूछा — क्या इंडिगो को थकान प्रबंधन मानकों से मिली छूट बढ़ाई जाएगी?

मद्रास हाईकोर्ट ने नागरिक उड्डयन महानिदेशक (DGCA) से यह स्पष्ट करने के लिए कहा है कि क्या इंडिगो एयरलाइंस का संचालन करने वाली इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड को थकान संबंधी (Fatigue) मानकों के पालन से दी गई छूट को आगे भी बढ़ाया जाएगा। न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मीनारायण ने चेन्नई निवासी द्वारा दायर एक याचिका पर DGCA से जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसमें इस छूट को अवैध, निरस्त करने योग्य और नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं (CAR) के अनुरूप नहीं बताया गया है।अदालत ने आदेश में कहा,“श्री ए.आर.एल. सुंदरसन ने यह...

मंदिर में विशेष सम्मान को पूर्ण अधिकार के रूप में दावा नहीं किया जा सकता, पहला सम्मान हमेशा भगवान को: मद्रास हाईकोर्ट
मंदिर में विशेष सम्मान को पूर्ण अधिकार के रूप में दावा नहीं किया जा सकता, पहला सम्मान हमेशा भगवान को: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि मंदिर में विशेष सम्मान को पूर्ण अधिकार के रूप में दावा नहीं किया जा सकता और मंदिर में पहला सम्मान हमेशा भगवान को होता है। इस तरह कोर्ट ने एक आश्रम की याचिका खारिज की, जिसमें कांचीपुरम के श्री देवराज स्वामी मंदिर में अपने प्रमुख के लिए पहले विशेष सम्मान की मांग की गई।जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम और जस्टिस सी कुमारप्पन की बेंच ने कहा कि हालांकि प्रमुखों को सम्मानित करने की मौजूदा प्रथा थी, लेकिन क्या इसे अधिकार के रूप में दावा किया जा सकता है या नहीं, यह एक ऐसा...