कलकत्ता हाईकोर्ट
चार्जशीट दाखिल होना जमानत का आधार नहीं: कलकत्ता हाइकोर्ट ने POCSO आरोपी की जमानत रद्द की
कलकत्ता हाइकोर्ट ने 14 वर्षीय बालिका से कथित गंभीर दुष्कर्म के मामले में आरोपी kr जमानत रद्द करते हुए स्पष्ट किया कि केवल चार्जशीट दाखिल हो जाने के आधार पर POCSO जैसे गंभीर मामलों में जमानत नहीं दी जा सकती। अदालत ने कहा कि जमानत का विवेक स्वतः या रूटीन में नहीं, बल्कि आरोपों की गंभीरता, पीड़िता की संवेदनशीलता और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।जस्टिस बिवास पट्टनायक ने सेशंस कोर्ट के आदेश को निरस्त करते हुए कहा कि जमानत आदेश में स्पष्ट रूप से विचार का अभाव...
EPF Act के तहत मेडिकल ट्रेनी 'एम्प्लॉई' नहीं: कलकत्ता हाई कोर्ट ने रद्द की PF की मांग
कलकत्ता हाईकोर्ट ने एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड अपीलेट ट्रिब्यूनल का आदेश बरकरार रखा, जिसमें प्राइवेट कंपनी के खिलाफ लगाए गए प्रोविडेंट फंड का बकाया रद्द कर दिया गया था। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि मॉडल स्टैंडिंग ऑर्डर के तहत अप्रेंटिस के तौर पर रखे गए ट्रेनी मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव को EPF Act के तहत प्रोविडेंट फंड कंट्रीब्यूशन के लिए "एम्प्लॉई" नहीं माना जा सकता।जस्टिस शम्पा दत्त ने रीजनल प्रोविडेंट फंड कमिश्नर और दूसरी EPFO अथॉरिटीज़ की रिट याचिका खारिज की, जिसमें मेसर्स क्लार सेहेन प्राइवेट लिमिटेड...
सिर्फ़ 'आम गलत इस्तेमाल' के दावों पर रिश्तेदारों पर केस नहीं चलाया जा सकता: कलकत्ता हाईकोर्ट ने IPC की धारा 498A के तहत शादी के दौरान क्रूरता का केस रद्द किया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने शादी के दौरान क्रूरता के केस में आपराधिक कार्रवाई को कुछ हद तक रद्द किया। कोर्ट ने पति-पत्नी के खिलाफ खास आरोपों और परिवार के दूसरे सदस्यों के खिलाफ अस्पष्ट, हर तरह के आरोपों के बीच एक साफ़ लाइन खींची है। साथ ही दोहराया कि कोर्ट को क्रिमिनल कार्रवाई का इस्तेमाल रिश्तेदारों को “पूरी तरह फंसाने” के लिए होने से रोकना चाहिए।जस्टिस उदय कुमार, प्रैक्टिसिंग वकील आशीष कुमार दत्ता और उनके भाई तपस कुमार दत्ता की तरफ़ से CrPC की धारा 482 (BNSS की धारा 528) के तहत दायर याचिका पर सुनवाई...
माता-पिता की देखभाल को लेकर भाइयों के बीच अचानक हुई लड़ाई, जिससे मौत हुई, मर्डर नहीं: कलकत्ता हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सज़ा घटाकर 14 साल की
कलकत्ता हाईकोर्ट ने दो भाइयों की सज़ा को मर्डर से गैर-इरादतन हत्या में यह कहते हुए बदल दिया कि बूढ़े माता-पिता के भरण-पोषण की ज़िम्मेदारी को लेकर अचानक हुए पारिवारिक झगड़े से हुआ जानलेवा हमला पहले से सोचा-समझा नहीं था। इसलिए इसमें IPC की धारा 302 नहीं लगती।जस्टिस राजशेखर मंथा और जस्टिस अजय कुमार गुप्ता की एक डिवीजन बेंच ने नादिया में ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई उम्रकैद की सज़ा के खिलाफ ऐमुद्दीन शेख और एक अन्य की अपील को कुछ हद तक मंज़ूरी दी।प्रॉसिक्यूशन के अनुसार, अपील करने वाले और पीड़ित भाई-बहन...
सीनियर सिटीजन एक्ट के तहत भरण-पोषण न्यायाधिकरण बच्चों को बेदखल करने का आदेश नहीं दे सकता: कलकत्ता हाइकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत गठित भरण-पोषण न्यायाधिकरण को धारा 4 और 5 की कार्यवाही में बच्चों को संपत्ति से बेदखल करने का अधिकार नहीं है।न्यायालय ने स्पष्ट किया कि न्यायाधिकरण की शक्तियां केवल मासिक भरण-पोषण तय करने तक सीमित हैं, उन्हें परिसर खाली कराने तक विस्तारित नहीं किया जा सकता।जस्टिस कृष्णा राव ने उप-मंडल पदाधिकारी (जो भरण-पोषण न्यायाधिकरण के रूप में कार्य कर रहे थे) द्वारा पारित आदेशों में आंशिक...
पांच वर्ष के सहमति आधारित संबंध के बाद शादी से इनकार मात्र से दुष्कर्म का मामला नहीं बनता: कलकत्ता हाइकोर्ट ने मामला रद्द किया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि दो वयस्कों के बीच लंबे समय तक चले सहमति आधारित संबंध को केवल इसलिए दुष्कर्म के मामले में नहीं बदला जा सकता, क्योंकि बाद में संबंध खराब हो गया या विवाह नहीं हो सका।अदालत ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 417, 376, 313 और 506 के तहत दर्ज आपराधिक कार्यवाही रद्द की।जस्टिस चैतालि चटर्जी दास ने अभियुक्त अनिर्बान मुखर्जी द्वारा दायर आपराधिक पुनरीक्षण याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि दोनों के बीच लगभग पांच वर्षों तक सहमति से संबंध रहा। इस दौरान वे साथ...
एक ही वैवाहिक घटना पर दूसरी शिकायत कानून का दुरुपयोग: कलकत्ता हाइकोर्ट ने 498A का मामला किया रद्द
कलकत्ता हाइकोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि एक ही वैवाहिक घटना को लेकर समान आरोपों के आधार पर दूसरी आपराधिक कार्यवाही चलाना न केवल असंवैधानिक है बल्कि यह कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग भी है।कोर्ट ने दहेज उत्पीड़न और हत्या के प्रयास से जुड़े एक मामले में पति और उसके परिवारजनों के खिलाफ दर्ज दूसरी FIR रद्द की।जस्टिस चैताली चटर्जी दास ने कहा कि जब किसी घटना को लेकर पहले ही एक FIR दर्ज हो चुकी हो, तो उसी घटना के संबंध में दूसरी शिकायत अलग मंच पर दायर करना स्वीकार्य नहीं है। कोर्ट ने माना कि ऐसी कार्यवाही...
भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़बंदी: कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य को नौ जिलों में अधिग्रहित ज़मीन 31 मार्च तक BSF को सौंपने का निर्देश दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार (27 जनवरी) को पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया कि वह भारत-बांग्लादेश सीमा (IB) के पास नौ जिलों में अधिग्रहित ज़मीन 31 मार्च तक सीमा सुरक्षा बल (BSF) को बाड़बंदी के मकसद से सौंप दे।ये निर्देश चीफ जस्टिस सुजॉय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन की डिवीजन बेंच ने एक पूर्व डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ द्वारा दायर जनहित याचिका पर विचार करते हुए जारी किए, जिसमें पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा के बड़े हिस्से पर बाड़बंदी न होने की बात कही गई।याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि...
बेलडांगा हिंसा पर कलकत्ता हाईकोर्ट सख्त, CAPF के तत्काल इस्तेमाल का आदेश
बेलडांगा में हालिया हिंसा से जुड़े मामले की पोस्ट-लंच सुनवाई में कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया कि वह मुर्शिदाबाद में पहले से तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) का तुरंत उपयोग करे, ताकि हालात पर काबू पाया जा सके और नागरिकों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।चीफ जस्टिस सुजय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन की डिवीजन बेंच ने अपने विस्तृत आदेश में सभी पक्षों की अहम दलीलों को दर्ज करते हुए कहा कि “मुर्शिदाबाद में बार-बार हो रही घटनाएं चिंताजनक हैं।” बेंच ने जोर देकर कहा कि...
अदीना मस्जिद-आदिनाथ मंदिर विवाद: कलकत्ता हाइकोर्ट पहुंचा मामला, याचिका में दावा- 'हिंदू देवताओं से भरा है स्थल'
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में स्थित ऐतिहासिक अदीना स्मारक को लेकर एक नई कानूनी लड़ाई शुरू हो गई। कलकत्ता हाइकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर कर दावा किया गया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने अदीना मस्जिद के रूप में इस स्थल को गलत तरीके से वर्गीकृत किया, जबकि वहां हिंदू देवी-देवताओं की प्रतिमाएं और मंदिर के स्पष्ट अवशेष मौजूद हैं।चीफ जस्टिस सुजय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन की खंडपीठ ने सोमवार (19 जनवरी 2026) को इस मामले पर सुनवाई की। याचिकाकर्ता अधिवक्ता हरि शंकर जैन ने मांग की कि ASI...
कोलकाता हाइकोर्ट ने सहकारी बैंक कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी पर लगाने का निर्वाचन आयोग का निर्देश रद्द किया
कोलकाता हाइकोर्ट ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के संबंध में बालागेरिया सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के कर्मचारियों को चुनावी ड्यूटी पर लगाने के लिए जारी निर्वाचन आयोग (EC) का निर्देश रद्द कर दिया।हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि स्वायत्त सहकारी बैंक के कर्मचारी सरकारी कर्मचारी नहीं हैं और उन्हें चुनाव कार्य के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।यह आदेश जस्टिस कृष्णा राव ने बैंक के कर्मचारियों द्वारा दायर याचिका पर पारित किया। याचिकाकर्ताओं ने 19 सितंबर, 2025 को जारी उस पत्र को चुनौती दी थी, जिसमें...
प्रयाग ग्रुप मामला: 2,862 करोड़ की कथित धोखाधड़ी की गंभीरता, भगोड़ा घोषित होना और लापता धनराशि के चलते कलकत्ता हाइकोर्ट ने जमानत से किया इनकार
कलकत्ता हाइकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक बड़े मामले में प्रयाग ग्रुप के निदेशकों बसुदेब बागची और अविक बागची की नियमित जमानत याचिका खारिज की।अदालत ने कहा कि हजारों निवेशकों के साथ लगभग 2,862 करोड़ की कथित धोखाधड़ी, आरोपियों का भगोड़ा घोषित होना और अपराध से अर्जित भारी राशि का अब तक पता न चल पाना, धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 45 के तहत उन्हें किसी भी तरह की राहत देने से रोकता है।जस्टिस राजर्षि भारद्वाज और जस्टिस उदय कुमार की खंडपीठ ने कहा कि सार्वजनिक धन से जुड़े आर्थिक अपराध एक अलग...
I-PAC कार्यालय से कुछ भी जब्त नहीं हुआ: ED के बयान के बाद TMC की याचिका कलकत्ता हाईकोर्ट ने निस्तारित की
प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा कोलकाता हाईकोर्ट को यह बताने के बाद कि 8 जनवरी को I-PAC और उसके निदेशक प्रतीक जैन के कार्यालय से कोई भी दस्तावेज़ या उपकरण जब्त नहीं किए गए, कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) की उस याचिका का निपटारा कर दिया जिसमें पार्टी ने कथित रूप से जब्त किए गए अपने गोपनीय राजनीतिक डेटा की सुरक्षा की मांग की थी।जस्टिस सुव्रा घोष के समक्ष सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने कहा कि ED ने कुछ भी जब्त नहीं किया है और कथित तौर पर मुख्यमंत्री ममता...
I-PAC रेड के दौरान CM ममता बनर्जी द्वारा कथित दखलअंदाजी के खिलाफ ED की याचिका पर 14 जनवरी को होगी सुनवाई
कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार (9 जनवरी) को 2020 के कोयला घोटाले में चल रही जांच में रुकावट और इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) से जुड़े ठिकानों पर तलाशी अभियान के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा दखलअंदाजी के आरोप वाली ED की याचिका पर सुनवाई टाल दी, जिसके बाद कोर्टरूम में हंगामा हुआ।यह मामला जस्टिस सुव्रा घोष के सामने लिस्टेड है, अब इस पर अगली सुनवाई 14 जनवरी को होगी।हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में केंद्रीय एजेंसी ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट...
पति का पत्नी को उसके वर्कप्लेस पर बदनाम करना, सहकर्मियों के सामने उसकी पवित्रता पर सवाल उठाना मानसिक क्रूरता: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि अगर कोई पति अपनी पत्नी को उसके वर्कप्लेस पर बदनाम करता है, उसकी पवित्रता पर सवाल उठाता है और सहकर्मियों के सामने उसे गाली देता है, तो यह मानसिक क्रूरता है जिसके आधार पर शादी खत्म की जा सकती है।जस्टिस सब्यसाची भट्टाचार्य और जस्टिस सुप्रतिम भट्टाचार्य की डिवीजन बेंच ने कहा कि किसी जीवनसाथी द्वारा सार्वजनिक अपमान, चरित्र हनन और पेशेवर बदनामी किसी व्यक्ति की गरिमा और मानसिक शांति पर सीधा हमला है। इसे मामूली वैवाहिक कलह कहकर नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।कोर्ट एक महिला...
ChatGPT द्वारा IndiaMART का अनुचित बहिष्कार — OpenAI की सुनवाई तक राहत नहीं
कलकत्ता हाईकोर्ट ने यह माना है कि इंडिया मार्ट ने ChatGPT-जनित खोज परिणामों से कथित रूप से बाहर किए जाने के मामले में चयनात्मक भेदभाव का एक मज़बूत प्रथमदृष्टया (prima facie) मामला स्थापित किया है, परंतु अदालत ने अंतरिम राहत देने से इंकार कर दिया। अदालत का कहना था कि इस चरण पर कोई भी अंतरिम आदेश पारित करना, बिना ओपनएआई एवं अन्य प्रतिवादियों को सुने, वस्तुतः अंतिम राहत देने के समान होगा।यह आदेश जस्टिस रवि कृषन कपूर ने 24 दिसंबर 2025 को उच्च न्यायालय के बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) प्रभाग में...
फोन पर 'जातिसूचक' गाली-गलौज किए जाने पर SC/ST Act के प्रावधान लागू नहीं होते: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि जहां जाति के आधार पर गालियां कथित तौर पर टेलीफोन पर दी जाती हैं और सार्वजनिक रूप से नहीं, वहां अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) के प्रावधान पहली नज़र में लागू नहीं होंगे, जिससे विशेष कानून के तहत अग्रिम जमानत के लिए आवेदन स्वीकार्य नहीं होगा।यह टिप्पणी जस्टिस जय सेनगुप्ता ने SC/ST Act की धारा 3(1)(r) और 3(1)(s) के तहत अपराधों के साथ-साथ अन्य जमानती अपराधों के आरोप वाली FIR के संबंध में दायर अग्रिम जमानत याचिका का निपटारा करते हुए...
पोस्टमार्टम में शराब की गंध मिलने मात्र से मुआवजा नकारा नहीं जा सकता: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि सड़क दुर्घटना में मृत व्यक्ति के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पेट से शराब की गंध पाए जाने मात्र के आधार पर उसके कानूनी उत्तराधिकारियों को मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत मुआवजे से वंचित नहीं किया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि नशे में वाहन चलाने का आरोप तभी स्वीकार्य होगा जब इसे कानून के तहत निर्धारित तरीके से प्रमाणित किया जाए।जस्टिस बिस्वरूप चौधरी ने न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा दायर अपील खारिज करते हुए तामलुक की थर्ड एडिशनल जिला जज...
32,000 शिक्षकों की नियुक्ति रद्द करने का आदेश पलटा: कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा- मामूली अनियमितताओं के कारण पूरी व्यवस्था को बर्बाद नहीं किया जा सकता
कलकत्ता हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने लगभग 32,000 प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्तियां रद्द करने वाला सिंगल बेंच का विवादास्पद आदेश खारिज करते हुए उन्हें बड़ी राहत दी। यह मामला पश्चिम बंगाल में कैश-फॉर-जॉब्स टीईटी-भर्ती घोटाले से जुड़ा था।जस्टिस तपब्रत चक्रवर्ती और जस्टिस रीतोब्रतो कुमार मित्रा की खंडपीठ ने अपने फैसले में जोर देकर कहा कि प्रणालीगत दुर्भावना साबित नहीं हुई। असफल उम्मीदवारों के एक समूह को पूरी व्यवस्था को नुकसान पहुँचाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।यह आदेश तत्कालीन सिंगल बेंच जज अभिजीत...
देश की अंतरात्मा पर धब्बा: कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीवर में चार मैनुअल स्कैवेंजर्स की मौत पर हर परिवार को 30 लाख मुआवज़ा देने का आदेश दिया
एक कड़े फैसले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (KMC) और अन्य राज्य अधिकारियों को फरवरी 2021 में दक्षिण कोलकाता में सीवर की सफाई के दौरान चार मजदूरों की मौत और तीन अन्य के घायल होने के लिए गंभीर कमियों और लापरवाही का ज़िम्मेदार ठहराया।कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार बढ़ा हुआ मुआवज़ा देने का निर्देश दिया और कई कंप्लायंस-ओरिएंटेड निर्देश जारी किए।एक्टिंग चीफ जस्टिस सुजॉय पॉल और जस्टिस चैताली चटर्जी दास की डिवीजन बेंच ने एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ डेमोक्रेटिक राइट्स...



















