हाईकोर्ट

खुली पहुँच वाली सरकारी ज़मीन पर परमिट पाने वाला व्यक्ति सिर्फ़ अपने इस्तेमाल का अधिकार नहीं जता सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि जिस सरकारी ज़मीन पर किसी व्यक्ति को आने-जाने की इजाज़त दी गई, उस पर सिर्फ़ उसी का अधिकार नहीं हो सकता, भले ही उसने वहाँ कोई सड़क या गेट बनाया हो। कोर्ट ने कहा कि आने-जाने का रास्ता याचिकाकर्ता और दूसरों, दोनों के लिए खुला रहना चाहिए। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता को आने-जाने से तब तक नहीं रोका जा सकता जब तक उसे सही नोटिस न दिया जाए।जस्टिस अरुण आर. पेडनेकर 'द डेक्कन को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड' की रिट याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। सोसाइटी ने कलेक्टर के 17...

किरायेदार-लैंडलॉर्ड विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, बिक्री समझौते से अपने आप खत्म नहीं होती किरायेदारी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि कोई किरायेदार अपने मकान मालिक से किराए की संपत्ति खरीदने का एग्रीमेंट टू सेल करता है, तो केवल समझौता हो जाने से किरायेदारी खत्म नहीं होती। साथ ही, किरायेदार की कब्जे की स्थिति अपने आप ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट, 1882 की धारा 53-A के तहत बिक्री समझौते के आंशिक पालन में कब्जा नहीं मानी जा सकती।जस्टिस डॉ. योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि किरायेदार को यह साबित करना होगा कि समझौते के बाद पुरानी किरायेदारी स्पष्ट रूप से या निहित रूप से समाप्त (surrender) हो गई थी...

बिना वैलिड परमिट और फिटनेस सर्टिफिकेट के गाड़ी चलाना इंश्योरेंस पॉलिसी का उल्लंघन: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि बिना वैलिड परमिट और फिटनेस सर्टिफिकेट के ट्रांसपोर्ट गाड़ी चलाना इंश्योरेंस पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन है।कोर्ट ने कहा कि इंश्योरेंस कंपनी पर मुआवज़े की पूरी ज़िम्मेदारी नहीं डाली जा सकती, लेकिन "पे एंड रिकवर" (पहले भुगतान करें और फिर वसूलें) सिद्धांत लागू करते हुए इंश्योरेंस कंपनी को निर्देश दिया कि वह पहले मुआवज़े की रकम का भुगतान करे और फिर गाड़ी के मालिक से वह रकम वसूल ले।जस्टिस सुशील कुकरेजा ने कहा:"चूंकि दुर्घटना के दिन संबंधित गाड़ी के पास परमिट और फिटनेस...

लंबे समय तक जेल में रहने के बाद सिर्फ़ विदेशी होने या भागने के जोखिम के आधार पर UAPA के तहत ज़मानत से इनकार नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि सिर्फ़ इस बात से कि कोई आरोपी विदेशी नागरिक है या उसके भागने का जोखिम है, UAPA के तहत उसे ज़मानत देने से इनकार करना सही नहीं ठहराया जा सकता, खासकर तब जब वह व्यक्ति लंबे समय से जेल में हो। [2026 LiveLaw (Del) 864]जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की बेंच ने ब्रिटिश नागरिक जगतार सिंह जोहल को ज़मानत देते हुए यह टिप्पणी की। जोहल हत्या और UAPA के सात मामलों में आठ साल से ज़्यादा समय से हिरासत में हैं।कोर्ट ने कहा कि भागने के जोखिम से जुड़ी चिंताओं को ज़मानत की उचित...

मराठा कोटा पर चुनौती: बॉम्बे हाईकोर्ट ने 3 जजों की नई बेंच बनाई, 9 अक्टूबर से फिर से शुरू होगी सुनवाई

बॉम्बे हाईकोर्ट की तीन जजों की नई बेंच 'महाराष्ट्र राज्य सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग आरक्षण अधिनियम, 2024' की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फिर से सुनवाई शुरू करेगी। यह कानून राज्य में शिक्षा और सरकारी नौकरियों में मराठा समुदाय को 10% आरक्षण देता है।इस नई फुल-बेंच (पूर्ण पीठ) की अध्यक्षता जस्टिस मकरंद कार्निक करेंगे। बेंच के अन्य सदस्यों में जस्टिस निजामुद्दीन जमादार और जस्टिस संदीप मारणे होंगे। बता दें, यह तीसरी बेंच होगी, जो इस मामले में दलीलों पर सुनवाई शुरू...

वकील की अपनी संलिप्तता प्रथमदृष्टया सामने हो तो कार्यालय की तलाशी संभव, वकील-मुवक्किल गोपनीयता पूर्ण सुरक्षा नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि वकील-मुवक्किल के बीच कानूनी रूप से संरक्षित गोपनीय संवाद और दस्तावेजों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन यह सुरक्षा वकील के खिलाफ जांच में पूर्ण बाधा नहीं बन सकती। यदि जांच एजेंसियों के सामने प्रथमदृष्टया ऐसी सामग्री हो, जिससे संकेत मिले कि वकील केवल कानूनी सलाहकार की भूमिका तक सीमित नहीं है और खुद जांच के दायरे में आए मामलों में शामिल हो सकता है, तो उसके कार्यालय की तलाशी ली जा सकती है।जस्टिस अनिल क्षतरपाल और जस्टिस शैल जैन की खंडपीठ ने अधिवक्ता पुनीत बत्रा की याचिका...

साइन किया हुआ खाली चेक, भले विवरण किसी और ने भरे हों, कानूनी देनदारी की धारणा बनेगी: उत्तराखंड हाईकोर्ट

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कहा कि चेक पर हस्ताक्षर किए जाने की बात स्वीकार होने पर परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 (NI Act) की धारा 118(ए) और 139 के तहत कानूनी धारणा लागू हो जाती है। चेक के बाकी विवरण किसी अन्य व्यक्ति द्वारा भरे जाने या हस्ताक्षर और अन्य लिखावट में अंतर होने से यह धारणा अपने आप समाप्त नहीं होती।जस्टिस आलोक महरा एक आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें धारा 138 के तहत दोषसिद्धि और सत्र अदालत द्वारा अपील खारिज किए जाने को चुनौती दी गई। ट्रायल कोर्ट ने याचिकाकर्ता को एक साल...

चार्जशीट के बिना तीन महीने से अधिक सरकारी कर्मचारी का निलंबन जारी नहीं रह सकता: झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि किसी सरकारी कर्मचारी का निलंबन सामान्य तौर पर तीन महीने से आगे जारी नहीं रखा जा सकता, यदि इस अवधि में उसे चार्जशीट नहीं दी गई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि विभागीय कार्यवाही शुरू किए बिना लंबे समय तक निलंबन जारी रखना उसे दंड के रूप में इस्तेमाल करने जैसा होगा।जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ केंद्र सरकार की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) के आदेश को चुनौती दी गई। अधिकरण ने लंबे समय से निलंबित डाक विभाग के...

इंस्टाग्राम से संतुष्ट नहीं तो इस्तेमाल न करें: अकाउंट निलंबन मामले में एमपी हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कॉपीराइट उल्लंघन की शिकायतों के बाद इंस्टाग्राम पोस्ट हटाए जाने और अकाउंट निलंबित किए जाने को चुनौती देने वाली सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर की याचिका पर गुरुवार को फैसला सुरक्षित रख लिया।जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक रूसिया की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि इंस्टाग्राम की मालिक कंपनी मेटा है और यदि उपयोगकर्ता उसकी सेवाओं से संतुष्ट नहीं है तो वह प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल न करने का विकल्प चुन सकता है।याचिकाकर्ता '@memenasha' नाम से इंस्टाग्राम अकाउंट चलाता है और...

कानून की गलत व्याख्या मात्र से अर्ध-न्यायिक अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई नहीं हो सकती: झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि कानून की गलत व्याख्या या कानून की गलती, यदि किसी अर्ध-न्यायिक प्राधिकारी ने अपने वैध अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करते हुए की, तो केवल इसी आधार पर उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती। विभागीय कार्रवाई के लिए आरोपों में बाहरी प्रभाव, अनुचित उद्देश्य या अन्य ऐसे तत्व सामने आने चाहिए, जो महज कानूनी गलती से आगे जाकर कदाचार की ओर संकेत करें।जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की उस याचिका पर...

दतिया किले की संपत्ति विवाद में हाईकोर्ट की अंतरिम रोक, जमीन बेचने और तीसरे पक्ष का अधिकार बनाने पर पाबंदी

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दतिया किले से जुड़े संपत्ति विवाद में अंतरिम राहत देते हुए अगली सुनवाई तक विवादित जमीन को बेचने, हस्तांतरित करने या उस पर किसी तीसरे पक्ष का अधिकार बनाने पर रोक लगाई।जस्टिस अमित सेठ की पीठ ने हेमलता सिंह और उनके बेटे की अपील पर प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए यह अंतरिम आदेश दिया। अपीलकर्ताओं ने ट्रायल कोर्ट के 24 मार्च 2026 के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें उनकी अस्थायी निषेधाज्ञा की मांग खारिज कर दी गई। मूल दीवानी मुकदमे में उन्होंने विवादित संपत्तियों पर स्वामित्व की...

लंबित सिविल मुकदमे में काम आने की दलील से तीसरे पक्ष की RTI सूचना नहीं मिल सकती: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि केवल यह कहना कि RTI Act के तहत मांगी गई जानकारी लंबित सिविल मुकदमे में मदद करेगी, तीसरे पक्ष से जुड़ी सूचना के खुलासे के लिए जरूरी बड़े सार्वजनिक हित को साबित नहीं करता।जस्टिस कीर्ति सिंह ने पंजाब राज्य सूचना आयोग के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें FIR से संबंधित सूचना देने से इनकार किया गया। कोर्ट ने कहा कि किसी लंबित मामले में कोई सूचना याचिकाकर्ता के लिए उपयोगी हो सकती है लेकिन केवल इस आधार पर निजी मुकदमे की जरूरत को RTI Act के तहत बड़े सार्वजनिक हित में...

फर्जी TET प्रमाणपत्र से मिली नौकरी शुरू से ही शून्य, बर्खास्तगी से पहले नियमित विभागीय जांच जरूरी नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि यदि सरकारी नियुक्ति जिस प्रमाणपत्र के आधार पर हुई, वह निर्णायक रूप से फर्जी पाया जाता है तो ऐसी नियुक्ति शुरू से ही शून्य मानी जाएगी। ऐसी नियुक्ति को रद्द करना दंडात्मक बर्खास्तगी नहीं है, इसलिए उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के तहत नियमित विभागीय जांच कराना जरूरी नहीं है।जस्टिस मंजू रानी चौहान ने कहा कि ऐसे मामलों में कारण बताओ नोटिस देना और प्राकृतिक न्याय के व्यापक सिद्धांतों का पालन करना पर्याप्त है। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह...

UAPA के तहत संपत्ति कुर्की की पुष्टि के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील हो सकती है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (UAPA) की धारा 25(6) के तहत आतंकवाद की आय बताकर किसी संपत्ति की जब्ती या कुर्की की पुष्टि करने वाले आदेश को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अधिनियम, 2008 की धारा 21 के तहत हाईकोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसा आदेश अंतरिम प्रकृति का नहीं, बल्कि अंतिम आदेश होता है।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की डिवीजन बेंच ने कहा कि UAPA की धारा 25(6) के तहत संपत्ति की जब्ती या कुर्की की पुष्टि से संबंधित आदेश...

पर्सनैलिटी राइट्स मामले में ब्लैंकेट रोक नहीं लगा सकते: दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्ट्रेस मीनाक्षी चौधरी के अश्लील कंटेंट हटाने का दिया आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्ट्रेस मीनाक्षी चौधरी के खिलाफ इंटरनेट पर पोस्ट किए गए अश्लील और यौन रूप से स्पष्ट कंटेंट को हटाने का निर्देश दिया। जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने मामले में एकतरफा अंतरिम आदेश पारित करते हुए आपत्तिजनक सामग्री हटाने का निर्देश दिया। हालांकि जस्टिस ने स्पष्ट किया कि पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दायर मुकदमे में अन्य राहतों को लेकर इस स्तर पर कोई व्यापक या ब्लैंकेट रोक का आदेश नहीं दिया जा सकता।सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एक्ट्रेस के वकील से यह बताने को कहा कि प्रतिवादी किस तरह...

अनुकंपा नियुक्ति में पद से ज्यादा दावेदार हों तो लिखित परीक्षा उचित: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि अनुकंपा नियुक्ति के लिए उपलब्ध पदों की तुलना में आश्रित अभ्यर्थियों की संख्या अधिक हो, तो उनके बीच चयन के लिए ऑब्जेक्टिव टाइप टेस्ट कराना अनुचित नहीं है।जस्टिस अरिंदम सिन्हा और जस्टिस सत्य वीर सिंह की खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश सब-इंस्पेक्टर एवं इंस्पेक्टर (सिविल पुलिस) सर्विस रूल्स, 2015 के नियम 5(1) में शामिल उस नोट को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज कर दीं, जिसके तहत अनुकंपा नियुक्तियां प्रत्येक वर्ष सीधी भर्ती से भरे जाने वाले पदों के अधिकतम 5 प्रतिशत तक सीमित...

DUSU Polls: हाईकोर्ट ने विजय जुलूस पर लगाई रोक, छात्र संगठनों को समन भेजकर पूछा- क्यों न उन पर भारी जुर्माना लगाया जाए?

दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (DUSU) के चल रहे चुनावों में छात्र संगठनों, उम्मीदवारों या किसी और के द्वारा जीत का जुलूस निकालने पर रोक लगाई।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने सभी छात्र संगठनों और उनके उम्मीदवारों को नोटिस जारी कर पूछा कि क्यों न उन पर लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों और समय-समय पर जारी अदालती आदेशों के उल्लंघन के लिए भारी चुनावी जुर्माना लगाया जाए।जब कोर्ट को बताया गया कि वोटिंग चल रही है और नतीजे कल (शनिवार) आएंगे, तो...

मकान-मालिक के साथ बिक्री का समझौता करने से किरायेदारी खत्म नहीं होती और न ही किरायेदार का कब्ज़ा पार्ट परफॉर्मेंस में बदलता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि जब कोई किरायेदार अपने मकान-मालिक से किराये पर ली गई प्रॉपर्टी खरीदने का समझौता करता है तो सिर्फ़ समझौता करने से किरायेदारी खत्म नहीं होती और न ही इससे किरायेदार का कब्ज़ा 'ट्रांसफर ऑफ़ प्रॉपर्टी एक्ट, 1882' की धारा 53-A के तहत समझौते के आंशिक पालन (पार्ट परफॉर्मेंस) के तौर पर माना जाता है।कोर्ट ने कहा कि किरायेदार को यह साबित करना होगा कि किरायेदारी को साफ़ तौर पर या इशारों में खत्म (सरेंडर) कर दिया गया और उसके बाद उसका कब्ज़ा बिक्री के समझौते के आधार पर था।जस्टिस डॉ....

CJP सदस्य ने जर्जर सरकारी स्कूल का वीडियो दिखाने पर UP Police की FIR के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया

'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के सदस्य और छात्र ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने की मांग की। यह FIR फर्रुखाबाद के सरकारी प्राइमरी स्कूल की हालत दिखाने वाला वीडियो रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया पर शेयर करने के आरोप में दर्ज की गई।गौरव भारती उर्फ ​​गौरव कुमार द्वारा दायर याचिका में 19 अगस्त को BNS की धारा 352 और 353 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66 के तहत दर्ज FIR को चुनौती दी गई।याचिकाकर्ता ने गिरफ्तारी और उसके बाद होने वाली आपराधिक कार्यवाही से सुरक्षा...