हाईकोर्ट

AIBE पास किए बिना वकालत जारी रखने वाले वकीलों के खिलाफ हो सकती है आपराधिक कार्रवाई: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि अनिवार्य दो साल की अवधि के भीतर ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) पास किए बिना अदालतों में वकालत जारी रखने वाले वकीलों को भारतीय दंड संहिता (IPC) और एडवोकेट्स एक्ट, 1961 की धारा 45 के तहत आपराधिक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।जस्टिस एच.पी. संदेश ने स्पष्ट किया कि एडवोकेट्स एक्ट के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की व्यवस्था मौजूद होने का अर्थ यह नहीं है कि आपराधिक अदालतों का अधिकार क्षेत्र समाप्त हो जाता है। यदि किसी व्यक्ति का आचरण स्वतंत्र रूप से किसी आपराधिक अपराध के...

BJP के टिकट पर यूपी विधानसभा चुनाव लड़ना चाहता है हत्या का दोषी, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सजा पर लगाई रोक
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2017 के एक हत्या मामले में दोषी ठहराए गए नंदलाल राय उर्फ बबलू राय की दोषसिद्धि और सजा पर रोक लगाई। कोर्ट ने यह आदेश उस समय दिया, जब राय ने बताया कि वह 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में या संभव होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहता है।जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस विनय कुमार द्विवेदी की पीठ ने राय की आपराधिक अपील पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। उसे 2025 में हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था।हाईकोर्ट ने कहा कि...

एंटी-CEC प्रदर्शनों के बीच नेहा बोरा ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया, पुलिस के शांति बनाए रखने के लिए ₹10,000 के बॉन्ड संबंधी नोटिस को दी चुनौती
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की छात्र नेता नेहा बोरा ने दिल्ली पुलिस की ओर से जारी उस नोटिस को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है, जिसमें उन्हें जांच की अवधि के दौरान शांति बनाए रखने के लिए ₹10,000 का बॉन्ड और एक जमानतदार पेश करने का निर्देश दिया गया है। बोरा की कानूनी टीम के मुताबिक, मामले में तत्काल सुनवाई के लिए हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच के समक्ष याचिका लगाने की मांग की जा रही है।नेहा बोरा को शुक्रवार शाम कनॉट प्लेस में प्रस्तावित 'लहरा दो तिरंगा' मार्च से पहले दिल्ली पुलिस...

मुंबई में CEC विरोधी प्रदर्शनों के दौरान अवैध हिरासत के आरोप, बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से मांगा जवाब
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को महाराष्ट्र सरकार को उन याचिकाओं पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया, जिनमें आरोप लगाया गया कि 10 और 11 अक्टूबर को मुंबई में चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने कई लोगों को अवैध रूप से हिरासत में लिया था।चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की डिवीजन बेंच ने कम-से-कम सात लोगों के हलफनामों को रिकॉर्ड पर लिया। इन लोगों का दावा है कि वे प्रदर्शन में शामिल नहीं थे, फिर भी पुलिस ने उन्हें अवैध रूप से हिरासत में लिया। कुछ...

72 घंटे बाद वीर्य नहीं मिलना स्वाभाविक, FIR में तीन दिन की देरी का भी उचित स्पष्टीकरण: झारखंड हाईकोर्ट ने गैंगरेप की सजा बरकरार रखी
झारखंड हाईकोर्ट ने गैंगरेप के मामले में दोषी ठहराए गए आरोपियों की अपील खारिज करते हुए उनकी सजा बरकरार रखी।कोर्ट ने पीड़िता की गवाही को पूरी तरह विश्वसनीय और भरोसेमंद माना। उसने कहा कि FIR दर्ज कराने में तीन दिन की देरी, आरोपियों के नाम नहीं बता पाना और घटना के 72 घंटे बाद मेडिकल जांच में वीर्य नहीं मिलना, पीड़िता की गवाही को अविश्वसनीय बनाने के लिए पर्याप्त नहीं है। खासकर तब, जब उसके शरीर पर मिले चोटों के निशान उसकी बातों की पुष्टि करते हों। जस्टिस आनंद सेन और जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की...

एक्टर इमरान खान के भारत छोड़ने के नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट 26 अक्टूबर को करेगा सुनवाई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अमेरिकी नागरिक और ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारक एक्टर इमरान खान की याचिका पर 26 अक्टूबर को सुनवाई करने पर सहमति जताई। एक्टर ने विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी (FRRO) की ओर से जारी उस नोटिस को चुनौती दी, जिसमें कथित तौर पर चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) के खिलाफ प्रदर्शन में हिस्सा लेने की कोशिश के आरोप में उन्हें भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया।चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की डिवीजन बेंच ने सीनियर एडवोकेट वेंकटेश धोंड की ओर से याचिका का उल्लेख...

साइबर ठगी की शिकार महिला को SBI लौटाए ₹3.73 लाख: केरल हाईकोर्ट ने कहा- बैंक महिला की लापरवाही साबित नहीं कर सका
केरल हाईकोर्ट ने साइबर ठगी की शिकार महिला को 3.73 लाख लौटाने का निर्देश भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को दिया। महिला ने धोखाधड़ी का पता चलते ही 24 घंटे के भीतर बैंक और पुलिस को इसकी सूचना दी थी।जस्टिस हरिशंकर वी. मेनन ने कहा कि बैंक यह साबित नहीं कर सका कि महिला धोखाधड़ी वाले लेनदेन में शामिल थी। समय पर शिकायत किए जाने के कारण वह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के तहत शून्य देयता की हकदार है। याचिकाकर्ता SBI की खाताधारक है और उसके पास बैंक का एटीएम कार्ड भी है। उसे जानकारी मिली थी कि बैंक 29...

काम के बोझ की आड़ नहीं ले सकते: रिमांड में मजिस्ट्रेट की लापरवाही पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार करने का निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रिमांड की अर्जियों की उचित जांच किए बिना आरोपियों को नियमित रूप से पुलिस या न्यायिक हिरासत में भेजने की घटनाओं पर चिंता जताते हुए ज्यूडिशियल ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (JTRI) लखनऊ को मजिस्ट्रेटों के लिए प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करने और जल्द-से-जल्द उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।कोर्ट ने कहा कि मजिस्ट्रेट रिमांड की कार्यवाही के दौरान न्यायिक काम के अत्यधिक बोझ का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते, क्योंकि ऐसे मामलों का सीधा संबंध संविधान के अनुच्छेद 21 और 22 के...

रिटायरमेंट के समय लिया गया 'इंडेंनिटी बॉन्ड' राज्य को गलत तरीके से तय किए गए वेतन की वसूली करने का अधिकार नहीं देता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी सरकारी कर्मचारी से उसके रिटायरमेंट के समय लिया गया कोई 'अंडरटेकिंग' या 'इंडेंनिटी बॉन्ड' राज्य को इस बात का अधिकार नहीं देता कि वह वेतनमान गलत तरीके से तय होने के कारण दिए गए अतिरिक्त वेतन की वसूली कर सके। ऐसी वसूली केवल तभी की जा सकती है, जब वह 'अंडरटेकिंग' वेतन तय करते समय ही दी गई हो, जिसे बाद में गलत पाया गया हो।'पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट बनाम जगदेव सिंह' मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए जस्टिस अनीश कुमार गुप्ता ने कहा:"जगदेव सिंह मामले में...

Public Tender| सड़क बनाने के अनुभव की तुलना टाउनशिप के आंतरिक विकास कार्यों से नहीं की जा सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सड़क बनाने और उसके रखरखाव का अनुभव टाउनशिप के आंतरिक विकास कार्यों के अनुभव के बराबर नहीं हो सकता। साथ ही यह अनुभव टेंडर की एक अनिवार्य शर्त थी, जिसमें किसी भी तरह की छूट नहीं दी जा सकती।जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस कुणाल रवि सिंह की खंडपीठ ने कहा:"यदि प्राधिकरण सड़क बनाने के कार्य अनुभव को टाउनशिप के आंतरिक विकास कार्यों के अनुभव के बराबर मान लेता है तो पात्रता की शर्त का कोई अर्थ ही नहीं रह जाएगा। ऐसा इसलिए है, क्योंकि टाउनशिप विकसित करने के लिए जिस विशेष प्रकार...

स्वीकार किए गए अनुबंध संबंधी बकाया का भुगतान न करना मनमाना, इसकी वसूली के लिए रिट याचिका दायर की जा सकती है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अनुबंध संबंधी उन बकायों को रोक कर रखना, जिन्हें राज्य प्राधिकरण स्वयं स्वीकार करता है, मनमाना कदम है। ऐसे बकायों की वसूली के लिए भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत रिट याचिका दायर की जा सकती है।न्यायालय ने स्पष्ट किया कि रिट अधिकार क्षेत्र (Writ Jurisdiction) में धन संबंधी दावों पर विचार न करने का नियम कोई कठोर या पूर्ण नियम नहीं है; यह उन मामलों में लागू नहीं होता, जहां प्राधिकरण स्वयं बकाया राशि स्वीकार करता है। जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की...

फर्जी आधार कार्ड बनवाने में मदद का आरोप: राजस्थान हाईकोर्ट ने खारिज की सरकारी अधिकारियों की जमानत याचिका
राजस्थान हाईकोर्ट ने उन आरोपियों की दूसरी जमानत याचिका भी खारिज की, जिन पर UIDAI (आधार कार्ड प्रोजेक्ट) की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाने का आरोप है। इन लोगों ने एक ऐसे व्यक्ति की मदद की थी, जो आधार कार्ड एनरोलमेंट/अपडेशन सेंटर चला रहा था, लेकिन यह सेंटर UIDAI की शर्तों के अनुसार नहीं था।जमानत मांगने वाले ये लोग सरकारी अधिकारी हैं, जो प्रोग्रामर और असिस्टेंट प्रोग्रामर के तौर पर काम कर रहे थे। इन पर आरोप है कि ये फर्जी आधार कार्ड बनाने, उनमें हेरफेर करने और जाली दस्तावेज तैयार करने में शामिल थे।...

अवैध संबंध के आरोप से किसी महिला का 'विधवा' के रूप में कानूनी दर्जा खत्म नहीं होता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अगर किसी महिला की शादी और उसके पति की मौत की बात मान ली गई तो उसका 'विधवा' होना एक कानूनी परिणाम है। यह दर्जा सिर्फ इसलिए खत्म नहीं हो जाता, क्योंकि उस पर पति की मौत के बाद किसी दूसरे पुरुष के साथ संबंध रखने का आरोप है।जस्टिस अनिल कुमार-X ने कहा:"विधवा का दर्जा, शादी और पति की मौत से मिलने वाला एक कानूनी दर्जा है। इसे सिर्फ इसलिए खत्म नहीं किया जा सकता, क्योंकि कोई व्यक्ति या समाज अपनी निजी मान्यताओं, आचरण या सुविधा के आधार पर इस दर्जे को मानने से इनकार कर दे। किसी...

सिर्फ विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से पुलिस के काम में बाधा डालने का 'साझा इरादा' साबित नहीं होता: दिल्ली हाईकोर्ट ने रद्द की FIR
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि किसी विरोध प्रदर्शन में केवल शामिल हो जाने भर से यह साबित नहीं हो जाता कि व्यक्ति का पुलिस के वैध निर्देशों को न मानने या पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डालने का कोई 'साझा इरादा' (common intention) था।जस्टिस संजीव नरूला ने यह टिप्पणी तब की, जब उन्होंने खुर्शीद अहमद के खिलाफ दर्ज FIR रद्द की। अहमद SSC परीक्षा की तैयारी करने वाला स्टूडेंट है, जो 24 अगस्त 2025 को दिल्ली के रामलीला मैदान में परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल हुआ।कोर्ट ने...

एक्टर इमरान खान ने एंटी-CEC प्रदर्शन में हिस्सा लेने पर मिले 'भारत छोड़ो' नोटिस को बॉम्बे हाईकोर्ट में दी चुनौती
एक्टर इमरान खान ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इसमें उन्होंने 'फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर' (FRRO) द्वारा जारी उस "भारत छोड़ो" नोटिस को चुनौती दी, जिसमें उन्हें 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने के लिए कहा गया।गौरतलब है कि इमरान अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास OCI कार्ड है। उन्हें पिछले हफ्ते मुंबई पुलिस ने हिरासत में लिया था। वह मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे।अपनी याचिका में खान ने कहा कि उन्हें अपना पक्ष रखने का कोई...

दिल्ली हाईकोर्ट ने अर्जुन कपूर के 'पर्सनैलिटी राइट्स' मामले में फैसला सुनाया, उल्लंघन करने वाले लिंक हटाने का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्टर अर्जुन कपूर के उस मुकदमे पर फैसला सुनाया, जिसमें उन्होंने अपने 'पर्सनैलिटी' (व्यक्तित्व) और 'पब्लिसिटी राइट्स' (प्रचार अधिकारों) की सुरक्षा की मांग की थी। यह मामला उनके नाम, इमेज और हुबहू दिखने वाली विशेषताओं के अनधिकृत व्यावसायिक इस्तेमाल (जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस - AI से बना कंटेंट भी शामिल है) के खिलाफ है।जस्टिस पुरषेंद्र कुमार कौरव ने कहा कि चूंकि किसी भी प्रतिवादी (डिफेंडेंट) ने कोई लिखित बयान दाखिल नहीं किया और न ही मुकदमे में लगाए गए आरोपों का कोई खंडन किया,...

FSSAI का ब्रिटानिया को अपने बिस्किट के लेबल से 'नो एडेड शुगर' और 'नो मैदा' जैसे दावों को हटाने का आदेश: दिल्ली हाईकोर्ट ने लगाई रोक
दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के आदेश पर रोक लगाई। इस आदेश में ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड को अपने बिस्किट और कुकीज़ की पैकेजिंग से 'नो एडेड शुगर', 'नो मैदा' और 'नो पाम ऑयल' (पाम ऑयल नहीं) जैसे दावों को हटाने के लिए कहा गया।16 अक्टूबर को दिए गए आदेश में जस्टिस अमित महाजन ने प्रथम दृष्टया (prima facie) यह माना कि किसी उत्पाद के बारे में इन तथ्यों को बताना, खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन नहीं माना जा सकता। इसे ऐसा नहीं कहा जा सकता कि इससे अन्य निर्माताओं के...

वाराणसी के धार्मिक संस्थान से ₹4 करोड़ से अधिक के गबन का आरोप, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अकाउंटेंट की जमानत खारिज की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी स्थित एक धार्मिक संस्थान के ₹4 करोड़ से अधिक के कथित गबन के मामले में आरोपी अकाउंटेंट विवेक कुमार की दोनों जमानत अर्जियां खारिज कर दी हैं। आरोपी पर कथित तौर पर बैंक की फर्जी जमा रसीदें तैयार करके और धार्मिक चढ़ावे की रकम का गबन करके संस्थान को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है।जस्टिस कृष्ण पहल की पीठ ने आरोपों की प्रकृति और गंभीरता को देखते हुए आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि यदि कोई कानूनी बाधा नहीं...

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जानकारी न मिलने पर GAC अकाउंट सस्पेंशन की अपीलों को खारिज नहीं कर सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा गठित डिजिटल नियामक संस्था, ग्रिवेंस अपीलेट कमिटी (GAC), यूजर्स की अपीलों को केवल इसलिए खारिज नहीं कर सकती, क्योंकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जरूरी जानकारी देने में विफल रहे हैं।जस्टिस अमित महाजन ने कहा कि कमिटी के पास सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को यह निर्देश देने की पर्याप्त शक्तियां हैं कि वे जानकारी दें और स्पष्ट करें कि किसी खास कंटेंट या यूजर के अकाउंट को क्यों हटाया या सस्पेंड किया गया, या यूजर की शिकायत को पहले क्यों खारिज कर दिया गया।कोर्ट ने कहा,"इस...

अंतरदेशीय गोद लेने की प्रक्रिया में गड़बड़ियों पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, CARA को अपात्र परिवारों को बच्चों के रेफरल रोकने और जवाबदेही तय करने के निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने अंतरदेशीय दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया में प्रशासनिक लापरवाही, ऑनलाइन पोर्टल की खामियों और अपात्र भावी दत्तक माता-पिता को बच्चों के रेफरल दिए जाने पर केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) को कई निर्देश जारी किए।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने प्राधिकरण को निर्देश दिया कि वह पंजीकरण के समय, होम स्टडी रिपोर्ट के दोबारा सत्यापन के दौरान और किसी बच्चे को गोद लेने के लिए रेफर करने से पहले भावी दत्तक माता-पिता की पात्रता की जांच सुनिश्चित करे। अदालत ने यह भी कहा कि ऑनलाइन पोर्टल...
