हाईकोर्ट

संविधान के बजाय शासकों के प्रति वफादारी, कानून के शासन को परेशानी माना जाता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी नौकरशाही की कड़ी आलोचना की
'संविधान के बजाय शासकों के प्रति वफादारी, कानून के शासन को परेशानी माना जाता है': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी नौकरशाही की कड़ी आलोचना की

इस हफ़्ते जारी अपने तीसरे ऐसे आदेश में, जिसमें उत्तर प्रदेश की नौकरशाही के हालात पर कड़ी टिप्पणियां की गईं, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक बार फिर राज्य के प्रशासनिक तंत्र की तीखी आलोचना की।अपने 31 पन्नों के आदेश में जस्टिस विनोद दिवाकर की बेंच ने कहा कि उत्तर प्रदेश ऐतिहासिक रूप से राजनेताओं और नौकरशाहों की "सामंती मानसिकता" से चलता रहा है। इसने लंबे समय से संवैधानिक शासन को जनसेवा के बजाय व्यक्तिगत प्रभुत्व का साधन बना दिया है।कोर्ट ने कहा कि राज्य का प्रशासनिक तंत्र लगातार सरकारों के दौर में गहरे...

एनकाउंटर में हत्याएं, चुनिंदा लोगों पर कार्रवाई: हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस को टारगेटेड कार्रवाई के लिए फटकारा, गैंगस्टर एक्ट के गलत इस्तेमाल पर उठाए सवाल
'एनकाउंटर में हत्याएं, चुनिंदा लोगों पर कार्रवाई': हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस को टारगेटेड कार्रवाई के लिए फटकारा, गैंगस्टर एक्ट के गलत इस्तेमाल पर उठाए सवाल

एक सिविल विवाद को लेकर परिवार के 3 सदस्यों के खिलाफ शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही रद्द करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस को 'उत्तर प्रदेश गैंगस्टर और असामाजिक गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1986' (UAPA) के टारगेटेड इस्तेमाल के लिए कड़ी फटकार लगाई।जस्टिस विनोद दिवाकर की बेंच ने इस बात पर भी ध्यान दिलाया कि कैसे एनकाउंटर में हत्याएं और 'असुविधाजनक' माने जाने वाले लोगों के खिलाफ चुनिंदा कार्रवाई समय-समय पर कोर्ट के ध्यान में आती रही हैं।इस मामले में पुलिस की मनमानी का सबसे बड़ा...

राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य की आर्द्रभूमि के लिए खतरों पर स्वतः संज्ञान लिया, तुरंत सुरक्षा उपाय करने के आदेश दिए
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य की आर्द्रभूमि के लिए खतरों पर स्वतः संज्ञान लिया, तुरंत सुरक्षा उपाय करने के आदेश दिए

राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य भर में वेटलैंड्स (आर्द्रभूमि) को प्रदूषण, अतिक्रमण, सीवेज बहाव, पानी के फैलाव में कमी और संरक्षण के अपर्याप्त उपायों आदि से होने वाले खतरों पर स्वतः संज्ञान लिया।संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत अधिकार, अनुच्छेद 48A और 51(A)(g) के तहत कर्तव्यों और 'पब्लिक ट्रस्ट डॉक्ट्रिन' (सार्वजनिक विश्वास सिद्धांत) पर जोर देते हुए डॉ. जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस रेखा बोराना की डिवीजन बेंच ने कहा कि राजस्थान में वेटलैंड्स के संरक्षण और टिकाऊ प्रबंधन के लिए व्यापक जनहित में...

ज़्यादातर लोग बहुत देर होने से पहले वसीयत क्यों नहीं लिखते: विरासत की प्लानिंग क्यों ज़रूरी है?
ज़्यादातर लोग बहुत देर होने से पहले वसीयत क्यों नहीं लिखते: विरासत की प्लानिंग क्यों ज़रूरी है?

ज़िम्मेदारियां, परिवार में गलतफहमियां, बचत और प्रॉपर्टी होने के बावजूद, बहुत से लोग बिना कोई कानूनी रूप से मान्य वसीयत छोड़े ही दुनिया से चले जाते हैं। तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। यह देरी इसलिए होती है, क्योंकि लोग अपनी मौत के बारे में बात करने में असहज महसूस करते हैं और डरते हैं। लोगों को हमेशा लगता है कि उनके पास अभी बहुत समय है और वे अपनी मौत और वसीयत के बारे में बात करने को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। हालांकि, असल में वे बिना वसीयत के मरने के नतीजों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। दुर्भाग्य से...

एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट मालिकाना हक के विवाद का फैसला किए बिना गांव के रास्ते से रुकावट हटाने का आदेश दे सकते हैं: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट मालिकाना हक के विवाद का फैसला किए बिना गांव के रास्ते से रुकावट हटाने का आदेश दे सकते हैं: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कल्पा के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) के उस आदेश को सही ठहराया, जिसमें गांव वालों द्वारा दशकों से इस्तेमाल किए जा रहे रास्ते से रुकावट हटाने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि मजिस्ट्रेट ने केवल क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (CrPC) की धारा 147 के तहत इस्तेमाल के मौजूदा अधिकार की रक्षा की थी, न कि मालिकाना हक के किसी सवाल पर फैसला सुनाया था।कोर्ट ने कहा कि हालांकि मालिकाना हक के विवादों का फैसला केवल सिविल कोर्ट ही कर सकता है, लेकिन एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को रुकावटें हटाने...

NDPS Act| गाड़ियां कबाड़ बन जाती हैं, कीमत खत्म हो जाती है: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दिया ज़ब्त गाड़ियों को छोड़ने का आदेश
NDPS Act| गाड़ियां कबाड़ बन जाती हैं, कीमत खत्म हो जाती है: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दिया ज़ब्त गाड़ियों को छोड़ने का आदेश

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने NDPS मामले में ज़ब्त किए गए एक ट्रक को फाइनेंशियल बॉन्ड पर छोड़ने का आदेश दिया। कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि गाड़ियों को लंबे समय तक बेकार खड़ा रखने से वे खराब हो जाती हैं, आर्थिक नुकसान होता है और इससे कोई फायदा नहीं होता।जस्टिस अनूप चितकारा और जस्टिस सुखविंदर कौर ने कहा,"...जब ज़ब्त की गई किसी गाड़ी को पार्किंग में खड़ा करके इस्तेमाल नहीं किया जाता तो इसका कोई मकसद पूरा नहीं होता। आखिरकार, यह गाड़ी सड़क पर चलने लायक नहीं रह जाती और इसे तोड़कर कबाड़ बनाना पड़ता...

DNA जांच में खामियों पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा- वैज्ञानिक साक्ष्य के अभाव में भारी मन से देनी पड़ी जमानत
DNA जांच में खामियों पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा- वैज्ञानिक साक्ष्य के अभाव में भारी मन से देनी पड़ी जमानत

बलात्कार और हत्या के एक गंभीर मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत देते हुए उत्तर प्रदेश की फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की बदहाल स्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई।हाईकोर्ट ने कहा कि पर्याप्त वैज्ञानिक साक्ष्य उपलब्ध न होने के कारण उसे भारी मन और गहरे दर्द के साथ आरोपी को जमानत देनी पड़ रही है।जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की पीठ ने कहा कि DNA प्रोफाइल तैयार न हो पाने के पीछे पुरानी मशीनें और FSL की अधूरी आधारभूत सुविधाएं प्रमुख कारण हैं।अदालत ने टिप्पणी की कि इसके लिए किसी और को नहीं, बल्कि...

DGP के पास शिकायत भेजना पर्याप्त नहीं, पहले थाने के प्रभारी अधिकारी से संपर्क जरूरी: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
DGP के पास शिकायत भेजना पर्याप्त नहीं, पहले थाने के प्रभारी अधिकारी से संपर्क जरूरी: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि किसी संज्ञेय अपराध की शिकायत में सीधे पुलिस महानिदेशक (DGP) के पास जाने को दंड प्रक्रिया संहिता (CrPc) की धारा 154(1) का पालन नहीं माना जा सकता। शिकायतकर्ता को सबसे पहले संबंधित थाने के प्रभारी अधिकारी के समक्ष सूचना देनी होगी तभी वह मजिस्ट्रेट के समक्ष जांच के लिए आवेदन कर सकता है।जस्टिस राकेश कैंथला ने इस आधार पर एक FIR और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नाहन द्वारा पारित आदेश रद्द कर दिया।अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता ने कानून द्वारा...

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित प्रदर्शन पर तत्काल सुनवाई से दिल्ली हाईकोर्ट का इनकार
कॉकरोच जनता पार्टी' के प्रस्तावित प्रदर्शन पर तत्काल सुनवाई से दिल्ली हाईकोर्ट का इनकार

'दिल्ली हाईकोर्ट ने शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित 'कॉकरोच जनता पार्टी' के प्रदर्शन को लेकर दायर जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार किया।इस याचिका में प्रदर्शन के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और महत्वपूर्ण सार्वजनिक ढांचे की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाने की मांग की गई थी।अवकाशकालीन पीठ, जिसमें जस्टिस सौरभ बनर्जी और जस्टिस अमित शर्मा शामिल थे, के समक्ष मामले का उल्लेख किया गया। हालांकि पीठ ने इसे तत्काल सूचीबद्ध करने से मना कर दिया।यह याचिका सेव इंडिया फाउंडेशन नामक संस्था की...

अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ने वाले सोशल मीडिया पोस्ट पर उत्तराखंड हाईकोर्ट सख्त, सुरेश राठौर के खिलाफ दो FIR रद्द, दो पर जांच जारी
अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ने वाले सोशल मीडिया पोस्ट पर उत्तराखंड हाईकोर्ट सख्त, सुरेश राठौर के खिलाफ दो FIR रद्द, दो पर जांच जारी

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक सुरेश राठौर के खिलाफ दर्ज चार FIR में से दो रद्द की, जबकि दो अन्य मामलों में जांच जारी रखने की अनुमति दी।अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति को जघन्य अपराध से जोड़कर उसकी छवि खराब करने का प्रयास गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।जस्टिस राकेश थपलियाल ने मामले की सुनवाई के दौरान सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ वीडियो और ऑडियो सामग्री के प्रतिलेखों का अवलोकन किया।अदालत ने कहा कि बिना किसी ठोस आधार के किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से...

पेनल्टी के आधार पर पुरानी रिक्तियों के लिए पदोन्नति नहीं रोकी जा सकती: राजस्थान हाईकोर्ट
पेनल्टी के आधार पर पुरानी रिक्तियों के लिए पदोन्नति नहीं रोकी जा सकती: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारी की पदोन्नति पर विचार करते समय पिछले सात वर्षों के सेवा रिकॉर्ड की गणना संबंधित पद की रिक्ति उत्पन्न होने की तिथि से की जाएगी, न कि उस घटना की तिथि से जिसके आधार पर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई हो।जस्टिस आनंद शर्मा की पीठ ने कहा कि किसी कर्मचारी पर लगाई गई दंडात्मक कार्रवाई (Penalty) का प्रभाव पदोन्नति पर पड़ सकता है, लेकिन यह प्रभाव केवल उन पदोन्नतियों पर लागू होगा जो दंड आदेश जारी होने के बाद दी जानी हैं। जिन पदोन्नतियों के लिए रिक्तियां दंड...

News24 के पत्रकार पर सामाजिक शांति भंग करने का आरोप: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लगाई गिरफ्तारी पर रोक
News24 के पत्रकार पर 'सामाजिक शांति भंग' करने का आरोप: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लगाई गिरफ्तारी पर रोक

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को News24 रिपोर्टर शाहनवाज़ को गिरफ़्तारी से अंतरिम राहत दी। उन पर मुरादाबाद में FIR दर्ज की गई थी, जिसमें आरोप था कि उन्होंने X (पहले ट्विटर) पर एक वीडियो रीपोस्ट करके नगर निगम की आलोचना की थी।जस्टिस विक्रम डी. चौहान और जस्टिस लक्ष्मी कांत शुक्ला की बेंच ने निर्देश दिया कि जब तक मामले की अगली सुनवाई नहीं होती, तब तक पत्रकार के ख़िलाफ़ कोई सख़्त कार्रवाई न की जाए, बशर्ते वह जांच में सहयोग करें।बेंच ने एडिशनल गवर्नमेंट एडवोकेट को इस मामले में निर्देश प्राप्त करने के...

दो साल बाद बिना किसी धोखाधड़ी सबूत के भवन निर्माण की अनुमति रद्द नहीं कर सकता निगम: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
दो साल बाद बिना किसी धोखाधड़ी सबूत के भवन निर्माण की अनुमति रद्द नहीं कर सकता निगम: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इंदौर नगर निगम द्वारा जारी भवन निर्माण अनुमति निरस्तीकरण और ध्वस्तीकरण (डिमोलिशन) नोटिस को रद्द करते हुए कहा कि एक बार सक्षम प्राधिकारी द्वारा वैध रूप से भवन निर्माण की अनुमति दिए जाने और उसके आधार पर निर्माण कार्य हो जाने के बाद, धोखाधड़ी या तथ्य छिपाने का कोई प्रमाण न होने पर अनुमति वापस नहीं ली जा सकती।जस्टिस जय कुमार पिल्लई की पीठ ने कहा कि बिना किसी धोखाधड़ी के सबूत के, नागरिक द्वारा भारी निवेश कर निर्माण किए जाने के बाद अनुमति रद्द करना मनमाना, अनुचित और संविधान के...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने टीबी स्क्रीनिंग गाइडलाइंस को सही ठहराया, कहा- रेडियोग्राफ़र एसोसिएशन की निजी आशंकाएं प्रशासनिक नतीजों की जगह नहीं ले सकतीं
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने टीबी स्क्रीनिंग गाइडलाइंस को सही ठहराया, कहा- रेडियोग्राफ़र एसोसिएशन की निजी आशंकाएं प्रशासनिक नतीजों की जगह नहीं ले सकतीं

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 'कम्युनिटी में टीबी स्क्रीनिंग के लिए अल्ट्रापोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे डिवाइस (HHXray) के इंस्टॉलेशन और ऑपरेशन से जुड़ी गाइडलाइंस' को सही ठहराया। कोर्ट ने कहा कि रेडियोग्राफ़र एसोसिएशन की रेडिएशन के खतरों को लेकर आशंकाएं और अनौपचारिक प्रयोग, औपचारिक प्रशासनिक नतीजों की जगह नहीं ले सकते।याचिकाकर्ता एसोसिएशन 'प्रगतिशील रेडियोग्राफ़र संघ' (जो राज्य भर के सरकारी रेडियोग्राफ़र और एक्स-रे टेक्नीशियन का प्रतिनिधित्व करता है) ने टीबी स्क्रीनिंग के लिए अल्ट्रापोर्टेबल हैंडहेल्ड...

राज्य के बाहर यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व करने पर स्पोर्ट्स कोटे के तहत नियुक्ति से इनकार नहीं किया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने दी उम्मीदवार को राहत
राज्य के बाहर यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व करने पर स्पोर्ट्स कोटे के तहत नियुक्ति से इनकार नहीं किया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने दी उम्मीदवार को राहत

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक उम्मीदवार को राहत दी, जिसने "बेहतरीन खिलाड़ी" (आउटस्टैंडिंग स्पोर्ट्स पर्सन) कैटेगरी में टीचर के पद पर नियुक्ति की मांग की थी। पहले उसे यह लाभ देने से इनकार कर दिया गया था क्योंकि चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए जारी उसका सर्टिफिकेट हरियाणा का प्रतिनिधित्व करने के लिए था, न कि राजस्थान का।ऐसा करते हुए कोर्ट ने विज्ञापन का हवाला दिया और कहा कि ज़रूरी शर्त 'एसोसिएशन ऑफ़ इंडियन यूनिवर्सिटीज़' द्वारा मान्यता प्राप्त 'ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट' में किसी व्यक्तिगत या...

नाबालिग को जेल भेजने का मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जुडिशियल ऑफिसर से मांगा जवाब, गिरफ्तारी करने वाले पुलिसकर्मियों को किया तलब
'नाबालिग' को जेल भेजने का मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जुडिशियल ऑफिसर से मांगा जवाब, गिरफ्तारी करने वाले पुलिसकर्मियों को किया तलब

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चोरी के आरोप में जेल भेजे गए नाबालिग को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया और उसकी हिरासत को पहली नज़र में 'गैर-कानूनी' करार दिया।जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस दिवेश चंद्र सामंत की बेंच ने संबंधित जुडिशियल मजिस्ट्रेट से पर्सनल हलफनामा भी मांगा, जिसमें नाबालिग की उम्र की पुष्टि किए बिना न्यायिक हिरासत की मंज़ूरी देने के लिए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया।कोर्ट ने गौर किया कि FIR दर्ज होने के समय 17 साल से कम उम्र के नाबालिग की उम्र को नज़रअंदाज़ करने के अलावा, मजिस्ट्रेट ने इस बात...

पुलिस सुधार पर हाईकोर्ट के निर्देशों को नहीं मानते IAS अधिकारी: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किया कौटिल्य का ज़िक्र, मामला DoPT को भेजा
पुलिस सुधार पर हाईकोर्ट के निर्देशों को नहीं मानते IAS अधिकारी: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किया कौटिल्य का ज़िक्र, मामला DoPT को भेजा

एक अनोखे आदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को सीनियर IAS अधिकारी संजय प्रसाद के व्यवहार का मामला 'डिपार्टमेंट ऑफ़ पर्सनल एंड ट्रेनिंग' (DoPT) को भेजा, ताकि 'कैबिनेट की नियुक्ति समिति' (ACC) भविष्य की नियुक्तियों के लिए उनकी उपयुक्तता का आकलन कर सके।यह सख्त आदेश जस्टिस विनोद दिवाकर की बेंच ने दिया। उन्होंने UP सरकार में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (होम) के तौर पर काम कर रहे प्रसाद की कोर्ट के अधिकार को कमज़ोर करने की जानबूझकर की गई कोशिश पर नाराज़गी जताई।फटकार लगाने के लिए कोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों...

ईंधन बचत के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा कदम, कार-पूलिंग और हाइब्रिड सुनवाई को बढ़ावा
ईंधन बचत के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा कदम, कार-पूलिंग और हाइब्रिड सुनवाई को बढ़ावा

ईंधन की खपत कम करने और संसाधनों के कुशल उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज स्थित प्रधान पीठ और लखनऊ खंडपीठ के लिए कई मितव्ययिता (austerity) उपाय लागू किए हैं। ये कदम भारत के मुख्य न्यायाधीश के पत्र और केंद्र सरकार के कार्यालय ज्ञापन के अनुरूप उठाए गए हैं।नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री अधिकारियों को कार-पूलिंग अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। साथ ही सभी श्रेणी के कर्मचारियों से भी वाहन साझा करने और जहां संभव हो, सार्वजनिक परिवहन का अधिकतम उपयोग करने को कहा गया...