पटना हाईकोट

PDS कॉन्ट्रैक्टर पर कालाबाज़ारी के लिए अनाज डायवर्ट करने का आरोप: ट्रायल का इंतज़ार किए बिना ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है- पटना हाईकोर्ट
PDS कॉन्ट्रैक्टर पर कालाबाज़ारी के लिए अनाज डायवर्ट करने का आरोप: ट्रायल का इंतज़ार किए बिना ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है- पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने कहा कि पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) के तहत अनाज के ट्रांसपोर्टेशन के लिए नियुक्त कॉन्ट्रैक्टर को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और उसका कॉन्ट्रैक्ट खत्म किया जा सकता है, भले ही कालाबाज़ारी के लिए अनाज डायवर्ट करने के आरोपों से जुड़ी आपराधिक कार्यवाही का नतीजा अभी न आया हो। कोर्ट ने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ी कार्रवाई आपराधिक दायित्व से अलग है और इसे स्वतंत्र रूप से किया जा सकता है, अगर कॉन्ट्रैक्टर का व्यवहार कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों के मुताबिक नहीं पाया जाता है।जस्टिस सुधीर...

पुरानी दुश्मनी मात्र से अभियोजन का मामला खारिज नहीं किया जा सकता, वही घटना का कारण भी हो सकती है: पटना हाईकोर्ट
पुरानी दुश्मनी मात्र से अभियोजन का मामला खारिज नहीं किया जा सकता, वही घटना का कारण भी हो सकती है: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने कहा है कि पक्षों के बीच पूर्व से चली आ रही दुश्मनी (Prior Enmity) मात्र इस आधार पर अभियोजन के मामले को अविश्वसनीय नहीं बनाया जा सकता। यदि वही दुश्मनी घटना के पीछे एक संभावित कारण (Motive) भी प्रस्तुत करती है, तो केवल इसी आधार पर अभियोजन के साक्ष्यों को खारिज नहीं किया जा सकता।जस्टिस पूर्णेंदु सिंह की एकलपीठ ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 323 सहपठित धारा 34 के तहत दोषी ठहराया गया था। हालांकि, अदालत ने मामले के तथ्यों और...

लापरवाही और खामियों से भरी जांच का उदाहरण: पटना हाईकोर्ट ने हत्या के दोषी को बरी किया, जांच अधिकारी के खिलाफ जांच के आदेश
लापरवाही और खामियों से भरी जांच का उदाहरण: पटना हाईकोर्ट ने हत्या के दोषी को बरी किया, जांच अधिकारी के खिलाफ जांच के आदेश

पटना हाईकोर्ट ने हत्या के एक मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बरी करते हुए पुलिस जांच पर कड़ी टिप्पणी की।अदालत ने कहा कि यह मामला अनुचित, लापरवाहीपूर्ण और उदासीन जांच का एक क्लासिक उदाहरण है। साथ ही जांच में गंभीर चूक पाए जाने पर संबंधित जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच कराने का भी निर्देश दिया। जस्टिस बिबेक चौधरी और जस्टिस राणा विक्रम सिंह की खंडपीठ एडिशनल सेशन जज, मधेपुरा के उस फैसले के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें आरोपी को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302/34 तथा...

2011 की सीधी नियुक्ति को बाद में कार्यकाल आधारित नहीं बनाया जा सकता: पटना हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय का फैसला रद्द किया
2011 की सीधी नियुक्ति को बाद में कार्यकाल आधारित नहीं बनाया जा सकता: पटना हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय का फैसला रद्द किया

पटना हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत वर्ष 2010 में बनाए गए उपबंध, जिन्हें वर्ष 2017 में अधिसूचित किया गया, उन्हें पूर्व प्रभाव से लागू कर वर्ष 2011 में सीधी भर्ती के जरिए हुई स्थायी नियुक्ति को कार्यकाल आधारित नियुक्ति में नहीं बदला जा सकता। अदालत ने कहा कि जब तक किसी कानून में स्पष्ट रूप से या आवश्यक रूप से पूर्व प्रभाव से लागू होने का प्रावधान न हो, तब तक उसे भविष्य के लिए ही प्रभावी माना जाएगा, विशेषकर तब जब उससे कर्मचारियों के अर्जित सेवा...

राजनीतिक दुश्मनी का आरोप FIR रद्द करने का आधार नहीं, यदि उसमें संज्ञेय अपराध का खुलासा हो: पटना हाईकोर्ट
राजनीतिक दुश्मनी का आरोप FIR रद्द करने का आधार नहीं, यदि उसमें संज्ञेय अपराध का खुलासा हो: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने कहा है कि सिर्फ राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता या दुर्भावना (Mala Fide) का आरोप लगाकर एफआईआर रद्द नहीं कराई जा सकती, यदि उसमें प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध का खुलासा होता हो।जस्टिस अरुण कुमार झा की एकलपीठ ने यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें एक राजनेता ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की थी। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि उसकी पत्नी प्रखंड प्रमुख हैं और राजनीतिक दुश्मनी के कारण उसे झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है।राज्य सरकार ने अदालत को...

किशोर न्याय कानून का उद्देश्य सुधार, सजा नहीं; केवल अपराध की गंभीरता के आधार पर जमानत से इनकार नहीं किया जा सकता: पटना हाईकोर्ट
किशोर न्याय कानून का उद्देश्य सुधार, सजा नहीं; केवल अपराध की गंभीरता के आधार पर जमानत से इनकार नहीं किया जा सकता: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने कहा कि किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 (JJ Act) का उद्देश्य कानून से संघर्षरत बच्चों को दंडित करना नहीं, बल्कि उनका सुधार और पुनर्वास करना है। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल आरोपित अपराध की गंभीरता या किशोर की आयु जमानत देने से इनकार करने का आधार नहीं हो सकती।जस्टिस जितेंद्र कुमार ने हत्या के मामले में आरोपी किशोर की जमानत याचिका खारिज किए जाने के खिलाफ दायर अपील पर यह महत्वपूर्ण टिप्पणी की। हालांकि मामले के तथ्यों को देखते हुए अदालत ने ट्रायल कोर्ट का...

तकनीकी पात्रता पर विशेषज्ञ समिति के फैसले में अदालतें नहीं करेंगी दखल, जब तक दुर्भावना या स्पष्ट मनमानी साबित न हो: पटना हाईकोर्ट
तकनीकी पात्रता पर विशेषज्ञ समिति के फैसले में अदालतें नहीं करेंगी दखल, जब तक दुर्भावना या स्पष्ट मनमानी साबित न हो: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत न्यायिक समीक्षा की शक्ति का प्रयोग करते समय अदालतें विशेषज्ञ निविदा समितियों द्वारा तय की गई तकनीकी पात्रता का नए सिरे से मूल्यांकन नहीं कर सकतीं।अदालत केवल तभी हस्तक्षेप कर सकती है जब निर्णय दुर्भावनापूर्ण, मनमाना या स्पष्ट रूप से विकृत और अवैध साबित हो। जस्टिस सुधीर सिंह और जस्टिस रंजन कुमार झा की खंडपीठ एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें याचिकाकर्ता संयुक्त उद्यम को तकनीकी रूप से सफल घोषित करने और उसकी...

विशेषज्ञ समिति के तकनीकी मूल्यांकन में अदालतें दखल नहीं दे सकतीं, जब तक दुर्भावना या स्पष्ट मनमानी साबित न हो: पटना हाईकोर्ट
विशेषज्ञ समिति के तकनीकी मूल्यांकन में अदालतें दखल नहीं दे सकतीं, जब तक दुर्भावना या स्पष्ट मनमानी साबित न हो: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत न्यायिक समीक्षा करते समय अदालतें विशेषज्ञ निविदा समितियों द्वारा किए गए तकनीकी पात्रता मूल्यांकन का दोबारा आकलन नहीं कर सकतीं। केवल तब हस्तक्षेप किया जा सकता है, जब निर्णय दुर्भावनापूर्ण, मनमाना या स्पष्ट रूप से विकृत एवं अवैध साबित हो।जस्टिस सुधीर सिंह और जस्टिस रंजन कुमार झा की खंडपीठ एक संयुक्त उद्यम द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी।याचिका में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की विभिन्न निविदाओं में...

पुलिस की बर्बरता नहीं रुकी तो कानून का राज खत्म हो जाएगा, पुलिस नाजी जर्मनी जैसी बन सकती है: पटना हाईकोर्ट
पुलिस की बर्बरता नहीं रुकी तो कानून का राज खत्म हो जाएगा, पुलिस 'नाजी जर्मनी' जैसी बन सकती है: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने कथित पुलिस हिरासत में यातना के एक गंभीर मामले में सख्त रुख अपनाते हुए बक्सर जिले के मुरार थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि यदि पुलिस की ऐसी बर्बरता पर अंकुश नहीं लगाया गया तो कानून का शासन और नागरिकों के जीवन एवं स्वतंत्रता की संवैधानिक सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी, तथा पुलिस का स्वरूप "नाजी जर्मनी" की पुलिस जैसा हो सकता है।जस्टिस जितेंद्र कुमार की एकल पीठ उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें मुरार थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी...

टेंडर का हिस्सा न होने वाली शर्त के आधार पर बोली लगाने वाले को अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता: पटना हाईकोर्ट
'टेंडर का हिस्सा न होने वाली शर्त के आधार पर बोली लगाने वाले को अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता': पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने कहा कि किसी बोली लगाने वाले को ऐसी शर्त के आधार पर दंडित, अयोग्य या ब्लैकलिस्ट नहीं किया जा सकता जो मूल टेंडर नोटिस (NIT) का हिस्सा नहीं थी। कोर्ट ने दोहराया कि राज्य के अधिकारियों को टेंडर की शर्तों के अनुसार ही सख्ती से काम करना होता है और वे मनमाने ढंग से उनसे हट नहीं सकते।जस्टिस सुधीर सिंह और जस्टिस शैलेंद्र सिंह की डिवीजन बेंच एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में बिहार राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम (BSFC), कैमूर के जिला प्रबंधक द्वारा 29.12.2017 को जारी...

कई स्तरों पर गलत इरादे से प्रेरित: पटना हाईकोर्ट ने पैसे मांगने के आरोपी ADJ का CrPC की धारा 319 के तहत दिया गया आदेश रद्द किया
'कई स्तरों पर गलत इरादे से प्रेरित': पटना हाईकोर्ट ने पैसे मांगने के आरोपी ADJ का CrPC की धारा 319 के तहत दिया गया आदेश रद्द किया

पटना हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में CrPC की धारा 319 के तहत एक व्यक्ति को ट्रायल का सामना करने के लिए बुलाने वाला आदेश रद्द किया। कोर्ट ने कहा कि यह कार्यवाही "कई स्तरों पर गलत इरादे से प्रेरित" लग रही थी और ट्रायल कोर्ट ने जिन सबूतों के आधार पर यह फैसला लिया, वह CrPC की धारा 319 के तहत शक्तियों का इस्तेमाल करने के लिए "बहुत कम" हैं।जस्टिस अंशुल की सिंगल जज बेंच क्रिमिनल मिसलेनियस याचिका पर सुनवाई कर रही थी। यह याचिका भागलपुर के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज-VII द्वारा 22.08.2019 को दिए गए...

लॉरेंस बिश्नोई गैंग से खतरे का दावा; पटना हाईकोर्ट ने पप्पू यादव की Y+ सुरक्षा बहाल की
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से खतरे का दावा; पटना हाईकोर्ट ने पप्पू यादव की 'Y+' सुरक्षा बहाल की

पटना हाईकोर्ट ने पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की सुरक्षा 'Y+' से घटाकर 'Y' करने के बिहार सरकार के फैसले को रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि यह निर्णय मनमाना था और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किए बिना लिया गया।जस्टिस जितेंद्र कुमार की पीठ ने कहा कि सुरक्षा कम करने से पहले न तो पप्पू यादव से कोई इनपुट लिया गया और न ही आदेश उन्हें बताया गया। कोर्ट ने पाया कि सरकार के पास ऐसा कोई ठोस रिकॉर्ड नहीं था जिससे साबित हो कि उन्हें मिलने वाला खतरा कम हो गया था।पप्पू यादव ने लॉरेंस...

देश का पेट भरने वाले किसान को आपदा में अकेला नहीं छोड़ा जा सकता: पटना हाईकोर्ट
देश का पेट भरने वाले किसान को आपदा में अकेला नहीं छोड़ा जा सकता: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से फसल बर्बाद होने वाले किसानों को केवल प्रक्रियात्मक कारणों के आधार पर मुआवजे से वंचित नहीं किया जा सकता।अदालत ने टिप्पणी की कि देश का पेट भरने वाले किसान को संकट के समय अपने हाल पर नहीं छोड़ा जा सकता। चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू और जस्टिस हरीश कुमार की खंडपीठ फसल क्षति से जुड़े मुआवजे के मामले पर सुनवाई कर रही थी।सुनवाई के दौरान बिहार कृषि विभाग के निदेशक, मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी और साहेबगंज के प्रखंड विकास पदाधिकारी वीडियो...

पुस्तकालयाध्यक्षों के खाली पद शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर संकट: पटना हाईकोर्ट
पुस्तकालयाध्यक्षों के खाली पद शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर संकट: पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने बिहार के विश्वविद्यालयों में लाइब्रेरियन, डिप्टी लाइब्रेरियन और असिस्टेंट लाइब्रेरियन के बड़ी संख्या में खाली पड़े पदों पर गंभीर चिंता जताई है।अदालत ने कहा कि पुस्तकालयाध्यक्षों की अनुपस्थिति से विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है और पुस्तकालयों का संचालन लगभग ठप हो चुका है। चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू और जस्टिस हरीश कुमार की खंडपीठ इस मामले पर सुनवाई कर रही थी।अदालत ने शुरुआत में ही कहा कि पुस्तकालय किसी भी शैक्षणिक संस्थान का जीवंत और केंद्रीय...