मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

क्रिमिनल कंटेम्प्ट केस चलने के बावजूद पेश होने पर हाईकोर्ट ने वकील को जारी किया कारण बताओ नोटिस
क्रिमिनल कंटेम्प्ट केस चलने के बावजूद पेश होने पर हाईकोर्ट ने वकील को जारी किया कारण बताओ नोटिस

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक वकील को क्रिमिनल कंटेम्प्ट के लिए सज़ा के बावजूद बेल के मामले में पेश होने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया। कोर्ट ने कहा कि जिस टोन और अंदाज़ में वह बहस कर रहा था, उससे कोर्ट को डराने और प्रभावित करने की जानबूझकर की गई कोशिश का पता चलता है।जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के की बेंच ने कहा कि वकील की बातों में संयम, शिष्टाचार और कोर्ट के अधिकारी से उम्मीद किए जाने वाले नैतिक मानकों का पालन न करने की कमी दिखी।कोर्ट ने कहा,"सबमिट करने का तरीका, टोन और तरीका कोर्ट को डराने और प्रभावित...

क्रिमिनल केस में बरी होने से एम्प्लॉयर पर डिपार्टमेंटल कार्रवाई करने पर कोई रोक नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिसवाले को राहत देने से मना किया
क्रिमिनल केस में बरी होने से एम्प्लॉयर पर डिपार्टमेंटल कार्रवाई करने पर कोई रोक नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिसवाले को राहत देने से मना किया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर ऑफ़ पुलिस की अपील खारिज की, जिसमें उसे नौकरी से निकालने के आदेश को चुनौती दी गई। कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सिर्फ़ क्रिमिनल कार्रवाई से बरी होने से एम्प्लॉयर को डिपार्टमेंटल कार्रवाई शुरू करने से नहीं रोका जा सकता।जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस अनिल वर्मा की डिवीज़न बेंच ने दोहराया कि सिर्फ़ क्रिमिनल कोर्ट से बरी होने से एम्प्लॉयर को नियमों और रेगुलेशन के हिसाब से डिपार्टमेंटल कार्रवाई करने की पावर का इस्तेमाल करने से नहीं रोका जा सकता। क्रिमिनल...

तकनीकी आधार पर परेशान नहीं किया जा सकता: एमपी हाइकोर्ट ने NEET-PG अभ्यर्थी के मूल दस्तावेज लौटाने का आदेश दिया
तकनीकी आधार पर परेशान नहीं किया जा सकता: एमपी हाइकोर्ट ने NEET-PG अभ्यर्थी के मूल दस्तावेज लौटाने का आदेश दिया

मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने NEET-PG अभ्यर्थी के मूल प्रमाणपत्र रोके जाने पर सख्त रुख अपनाते हुए चिकित्सा शिक्षा निदेशक को दस्तावेज तत्काल लौटाने का निर्देश दिया।अदालत ने कहा कि जब मूल दस्तावेज प्राधिकरण के पास ही हैं तो मात्र तकनीकी आधार पर अभ्यर्थी को परेशान नहीं किया जा सकता।जस्टिस जय कुमार पिल्लई ने कहा,“यह निर्विवाद है कि मूल दस्तावेज प्रतिवादी क्रमांक 2 अर्थात मेडिकल शिक्षा निदेशक के पास हैं। जब उन्हें यह ज्ञात था कि दस्तावेज उनके पास हैं तो साधारण तकनीकी कारणों से याचिकाकर्ता को प्रताड़ित कर...

कानून का उपयोग निजी दुश्मनी निकालने के लिए नहीं: एमपी हाइकोर्ट ने सरकारी अधिकारी पर दर्ज अश्लीलता की FIR रद्द की
कानून का उपयोग निजी दुश्मनी निकालने के लिए नहीं: एमपी हाइकोर्ट ने सरकारी अधिकारी पर दर्ज अश्लीलता की FIR रद्द की

मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने एक केंद्रीय सरकारी कर्मचारी के खिलाफ दर्ज FIR को निरस्त करते हुए कहा कि आपराधिक कानून का उपयोग निजी रंजिश या तुच्छ विवादों के निपटारे के साधन के रूप में नहीं किया जा सकता।अदालत ने पाया कि मेडिकल रिपोर्ट और घटनाक्रम की परिस्थितियां आरोपों को संदिग्ध और अविश्वसनीय बनाती हैं।जस्टिस हिमांशु जोशी ने कहा कि अदालत गंभीर दंडात्मक प्रावधानों को प्रतिशोध के औजार के रूप में उपयोग करने की बढ़ती प्रवृत्ति से आंखें नहीं मूंद सकती।उन्होंने कहा,“आपराधिक कानून, विशेषकर महिलाओं की गरिमा और...

स्कूल परिसर में तंबाकू बेचने पर कर्मचारी की बर्खास्तगी बरकरार, हाइकोर्ट ने खारिज की याचिका
स्कूल परिसर में तंबाकू बेचने पर कर्मचारी की बर्खास्तगी बरकरार, हाइकोर्ट ने खारिज की याचिका

मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने ग्वालियर स्थित सिंधिया स्कूल के एक चपरासी की सेवा समाप्ति को सही ठहराते हुए उसकी याचिका खारिज की।कर्मचारी पर स्कूल परिसर के भीतर तंबाकू, सिगरेट, बीड़ी और गुटखा बेचने का आरोप है।जस्टिस आनंद सिंह बहारावत की पीठ ने कहा,“याचिकाकर्ता की सेवाएं गंभीर आरोपों के कारण समाप्त की गईं। राज्य और केंद्र सरकार ने स्कूल परिसरों के निर्धारित क्षेत्रों में ऐसे पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश और नियम बनाए हैं।”मामले के अनुसार याचिकाकर्ता ने दलील दी कि 28 वर्ष की सेवा के बाद उसे...

एमपी मेडिकल एडमिशन नियम 2018 | PG अभ्यर्थी ने NRI कोटा को स्ट्रे वैकेंसी राउंड तक बढ़ाने की मांग को लेकर खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा
एमपी मेडिकल एडमिशन नियम 2018 | PG अभ्यर्थी ने NRI कोटा को स्ट्रे वैकेंसी राउंड तक बढ़ाने की मांग को लेकर खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा

PG मेडिकल कोर्स में NRI कोटा के तहत एडमिशन चाहने वाले एक अभ्यर्थी ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एम.पी. मेडिकल एजुकेशन एडमिशन रूल्स, 2018 के नियम 14(2) की वैधता को चुनौती दी।याचिका विशेष रूप से उस प्रावधान के खिलाफ है, जिसके तहत तीसरे काउंसलिंग राउंड के बाद रिक्त NRI सीटों को अन्य श्रेणी में परिवर्तित करने की अनुमति दी गई।याचिकाकर्ता का तर्क है कि ऐसी सीटों को स्ट्रे वैकेंसी राउंड तक NRI अभ्यर्थियों के लिए सुरक्षित रखा जाना चाहिए।जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की...

खेदजनक स्थिति: ठेकेदार का 2014 से भुगतान लंबित, भिंड नगर परिषद से हाइकोर्ट ने मांगा जवाब
खेदजनक स्थिति: ठेकेदार का 2014 से भुगतान लंबित, भिंड नगर परिषद से हाइकोर्ट ने मांगा जवाब

मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने भिंड नगर परिषद द्वारा वर्ष 2014 से ठेकेदार के बकाया भुगतान नहीं किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने इस स्थिति को खेदजनक बताते हुए संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा।मामला रामकुमार मिश्रा द्वारा दायर रिट याचिका से जुड़ा है जिसमें उन्होंने वर्ष 2014 से 2017 के बीच कराए गए कार्यों का भुगतान न किए जाने की शिकायत की।सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने फरवरी, 2026 में मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा जारी एक पत्र का उल्लेख किया। इस पत्र में याचिकाकर्ता के बकाया दावा...

स्टाम्प ड्यूटी एग्ज़िक्यूशन की तारीख पर तय होनी चाहिए, न कि इंपाउंडिंग या रजिस्ट्रार के ऑर्डर पर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ज़्यादा डिमांड रद्द की
स्टाम्प ड्यूटी एग्ज़िक्यूशन की तारीख पर तय होनी चाहिए, न कि इंपाउंडिंग या रजिस्ट्रार के ऑर्डर पर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ज़्यादा डिमांड रद्द की

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने माना कि किसी इंस्ट्रूमेंट पर स्टाम्प ड्यूटी उसके एग्ज़िक्यूशन की तारीख से तय होनी चाहिए, न कि उस तारीख पर जब उसे इंपाउंड किया गया या उस तारीख पर जब रजिस्ट्रार ऑफ़ स्टाम्प्स बाद में कोई ऑर्डर पास करता है।जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीज़न बेंच ने कहा;"संबंधित कानून और नियमों से यह साफ़ है कि स्टाम्प ड्यूटी डॉक्यूमेंट के एग्ज़िक्यूशन की तारीख के हिसाब से तय की जानी है, न कि उस तारीख पर जब डॉक्यूमेंट इंपाउंड किया गया या जब रजिस्ट्रार ऑफ़ स्टाम्प्स बाद में...

शादीशुदा बेटी अगर अकेली कानूनी वारिस है तो वह एक्स-ग्रेटिया और लीव एनकैशमेंट पाने की हकदार: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
शादीशुदा बेटी अगर अकेली कानूनी वारिस है तो वह एक्स-ग्रेटिया और लीव एनकैशमेंट पाने की हकदार: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने माना कि अगर शादीशुदा बेटी मृतक की अकेली कानूनी वारिस है तो वह लीव एनकैशमेंट और एक्स-ग्रेटिया पेमेंट पाने की हकदार है।जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीज़न बेंच ने 14 नवंबर 1972 के नोटिफिकेशन का ज़िक्र करते हुए कहा,"यह नोटिफिकेशन शादीशुदा बेटी को इससे बाहर नहीं करता। यह नियम मरने वाले के कानूनी वारिसों के बीच झगड़े को सुलझाने के लिए बनाया गया, मतलब अगर मरने वाले के एक से ज़्यादा बेटे/बेटी हैं तो सबसे बड़ा बेटा ही एक्स-ग्रेसिया पाने का हक़दार है। दूसरा, अगर...

थर्मल पावर प्लांट से फ्लाई ऐश के ट्रांसपोर्ट से पब्लिक हेल्थ को होने वाले खतरे के खिलाफ पत्रकार की याचिका पर नोटिस जारी
थर्मल पावर प्लांट से फ्लाई ऐश के ट्रांसपोर्ट से पब्लिक हेल्थ को होने वाले खतरे के खिलाफ पत्रकार की याचिका पर नोटिस जारी

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार (25 फरवरी) को झाबुआ पावर प्लांट से फ्लाई ऐश के ट्रांसपोर्ट से होने वाले पर्यावरण और पब्लिक हेल्थ को होने वाले खतरे को हाईलाइट करने वाली एक पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन पर नोटिस जारी किए।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने शुरुआती दलीलें सुनीं और मामले को आगे विचार के लिए स्वीकार किया।यह याचिका पत्रकार नीलेश स्थापक ने फाइल की, जिसमें कहा गया कि झाबुआ पावर लिमिटेड (रिस्पॉन्डेंट नंबर 9) द्वारा चलाए जा रहे थर्मल पावर प्लांट से फ्लाई ऐश...

सरकारी कर्मचारियों, पुलिस को बिना इजाज़त छुट्टी पर जाने का कोई अधिकार नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
सरकारी कर्मचारियों, पुलिस को बिना इजाज़त छुट्टी पर जाने का कोई अधिकार नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने माना कि किसी सरकारी कर्मचारी या पुलिस वाले को बिना पहले से इजाज़त छुट्टी पर जाने और बाद में जमा हुई छुट्टियों में से गैरहाज़िरी को एडजस्ट करने का कोई अधिकार नहीं है।जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीज़न बेंच ने एक हेड कांस्टेबल की इस बात को खारिज किया कि उसकी गैरहाज़िरी को मौजूद छुट्टियों के बैलेंस में एडजस्ट किया जा सकता है।बेंच ने कहा,"पुलिस सर्विस या किसी दूसरी सरकारी सर्विस में कर्मचारियों या अधिकारियों को यह अधिकार नहीं है कि वे बड़े अधिकारियों से...

गोला-बारूद कोटा कटौती पर लंबित चुनौती के बीच एमपी हाइकोर्ट का अंतरिम आदेश, निशानेबाजों को 1,000 कारतूस जारी करने के निर्देश
गोला-बारूद कोटा कटौती पर लंबित चुनौती के बीच एमपी हाइकोर्ट का अंतरिम आदेश, निशानेबाजों को 1,000 कारतूस जारी करने के निर्देश

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट आगामी प्रतियोगिताओं को देखते हुए प्रसिद्ध और उभरते निशानेबाजों को अंतरिम राहत देते हुए प्रत्येक याचिकाकर्ता को 1,000 कारतूस जारी करने के निर्देश दिए ।यह आदेश गोला-बारूद के कोटा में की गई कटौती को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया गया।जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने कहा,“इन परिस्थितियों में और प्रत्युत्तर के पैरा 21 को ध्यान में रखते हुए प्रतिवादी अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि प्रत्येक याचिकाकर्ता को 1,000 कारतूस जारी किए जाएं, ताकि वे आगामी...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट दिया ने महिलाओं, दिव्यांगों, गंभीर रूप से बीमार और सीनियर सिटिज़न्स के लिए सुविधाओं के ऑडिट का निर्देश
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट दिया ने महिलाओं, दिव्यांगों, गंभीर रूप से बीमार और सीनियर सिटिज़न्स के लिए सुविधाओं के ऑडिट का निर्देश

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल को ऑडिट रिपोर्ट फाइल करने का निर्देश दिया, जिसमें हाईकोर्ट परिसर, डिस्ट्रिक्ट कोर्ट और तहसील कोर्ट की बिल्डिंग में महिलाओं, दिव्यांगों, पुरानी बीमारी से पीड़ित लोगों और सीनियर सिटिज़न्स को उपलब्ध सुविधाओं की लिस्ट हो। यह निर्देश एक पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन में दिया गया, जिसमें पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं की मांग की गई।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने निर्देश दिया,"हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल आज से चार हफ़्ते के अंदर...

भोजशाला मंदिर - कमाल मौला विवाद: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पक्षकारों से ASI सर्वे रिपोर्ट पर दो हफ़्ते में आपत्तियां दर्ज करने को कहा
भोजशाला मंदिर - कमाल मौला विवाद: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पक्षकारों से ASI सर्वे रिपोर्ट पर दो हफ़्ते में आपत्तियां दर्ज करने को कहा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार (23 फरवरी) को सभी पार्टियों को विवादित भोजशाला मंदिर सह कमाल मौला मस्जिद परिसर में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया (ASI) द्वारा किए गए साइंटिफिक सर्वे के बारे में अपनी आपत्तियां और राय जमा करने का निर्देश दिया।जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की डिवीज़न बेंच ने आगे आदेश दिया कि 22 जनवरी, 2026 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार साइट की यथास्थिति बनाए रखी जाए।बेंच ने निर्देश दिया;"पक्षकारों को इस बात पर कोई विवाद नहीं है कि रिपोर्ट उन्हें पहले ही दी जा...

सगी बहन की हत्या में सजा निलंबित करने से इनकार, कोर्ट ने कहा- ईर्ष्या से उपजी मानसिक विकृति, राज्य बनाए मानसिक स्वास्थ्य नीति
सगी बहन की हत्या में सजा निलंबित करने से इनकार, कोर्ट ने कहा- ईर्ष्या से उपजी मानसिक विकृति, राज्य बनाए मानसिक स्वास्थ्य नीति

मध्यप्रदेश हाइकोर्ट ने सगी बहन की कथित हत्या के मामले में दोषियों की सजा निलंबित करने से इंकार करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला भाई-बहन की ईर्ष्या से उपजी मानसिक विकृति का प्रतीत होता है।अदालत ने राज्य सरकार को व्यापक मानसिक स्वास्थ्य नीति बनाने और स्कूल–कॉलेजों व जिला अस्पतालों में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया।जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस रत्नेश चंद्र सिंह बिसेन की खंडपीठ ने आदेश में कहा कि आदेश की प्रति राज्य के मुख्य सचिव को दी जाए ताकि नागरिकों विशेषकर...

ट्रांसफर पिटीशन में पत्नी की सुविधा अब सबसे ज़रूरी नहीं, वीसी सुविधा या आने-जाने का मुआवज़ा दिया जा सकता है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
ट्रांसफर पिटीशन में पत्नी की सुविधा अब सबसे ज़रूरी नहीं, वीसी सुविधा या आने-जाने का मुआवज़ा दिया जा सकता है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने माना कि शादी के झगड़ों में ट्रांसफर पिटीशन पर फैसला करने के लिए पत्नी की सुविधा अब अकेली या सबसे ज़रूरी बात नहीं है, क्योंकि अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा या आने-जाने के खर्च का मुआवज़ा जैसे सही विकल्प मौजूद हैं।जस्टिस दीपक खोत की बेंच ने कहा,"ट्रांसफर एप्लीकेशन पर फैसला करने के लिए पत्नी/महिला की सुविधा सबसे ज़रूरी बात नहीं है और ट्रांसफर की कार्रवाई के विकल्प दिए गए , जैसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए। अगर मामले को उस जगह के गवाहों से साबित करना है जहाँ मामला चल रहा...

मजिस्ट्रेट विवादित मालिकाना हक के आधार पर कंडीशनल सीज़र का आदेश नहीं दे सकते: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने डकैती के मामले में सीज़र रद्द किया
मजिस्ट्रेट विवादित मालिकाना हक के आधार पर कंडीशनल सीज़र का आदेश नहीं दे सकते: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने डकैती के मामले में सीज़र रद्द किया

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने माना कि मजिस्ट्रेट CrPC की धारा 156(3) के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए विवादित टाइटल या मालिकाना हक के फैसले पर निर्भर कंडीशनल निर्देश जारी नहीं कर सकता, क्योंकि ऐसे मामले ट्रायल या सिविल कार्यवाही के दायरे में आते हैं।जस्टिस हिमांशु जोशी की बेंच ने कहा,"जांच के दौरान सीज़र करने की शक्ति जांच से जुड़े संबंधित प्रावधानों के तहत पुलिस के पास है। मजिस्ट्रेट CrPC की धारा 156(3) के तहत अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करते हुए टाइटल के फैसले पर निर्भर कंडीशनल निर्देश जारी...

पुजारी सिर्फ़ भगवान का सेवक: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मंदिर की प्रॉपर्टी पर पुजारी के मालिकाना हक का दावा किया खारिज
'पुजारी सिर्फ़ भगवान का सेवक': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मंदिर की प्रॉपर्टी पर पुजारी के मालिकाना हक का दावा किया खारिज

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अशोकनगर ज़िले में मौजूद मंदिर गणेश जी के पुजारी का मंदिर से जुड़ी खेती की ज़मीन पर दावा खारिज किया।जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया की बेंच ने कहा कि पुजारी सिर्फ़ भगवान का सेवक होता है और मंदिर की ज़मीन और उससे जुड़ी प्रॉपर्टी मंदिर के भगवान की होती हैं।कोर्ट ने कहा; "मैनेजर या पुजारी भगवान का सेवक होता है और मंदिर की प्रॉपर्टी भगवान की होती है, मैनेजर/पुजारी की नहीं। इसलिए भले ही वादी के पहले के लोगों को पुजारी या मैनेजर बनाया गया हो, फिर भी वादी मंदिर की प्रॉपर्टी को अपनी या...

अपराधी दया को अधिकार के तौर पर नहीं मांग सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य द्वारा सज़ा में बदलाव के बाद कांस्टेबल की बहाली की अर्ज़ी खारिज की
'अपराधी दया को अधिकार के तौर पर नहीं मांग सकता': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य द्वारा सज़ा में बदलाव के बाद कांस्टेबल की बहाली की अर्ज़ी खारिज की

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस कांस्टेबल की कंपलसरी रिटायरमेंट के खिलाफ अर्ज़ी यह कहते हुए खारिज की कि एक बार जब राज्य ने दया याचिका में उसकी बर्खास्तगी को कंपलसरी रिटायरमेंट में बदलकर नरमी दिखाई तो उसके पास आगे ज्यूडिशियल रिव्यू की मांग करने का कोई लागू करने लायक अधिकार नहीं है।जस्टिस आनंद सिंह बहरावत की बेंच ने कहा,"दया कानूनी अधिकारों का विषय नहीं है। यह वहीं से शुरू होती है, जहां कानूनी अधिकार खत्म होते हैं। एक अपराधी व्यक्ति को दया के अधिकार के इस्तेमाल के संबंध में होम सेक्रेटरी द्वारा अपने...

फॉरेनर्स एक्ट के तहत सेविंग्स क्लॉज़ के रद्द होने के बाद नई कार्रवाई शुरू करने का अधिकार नहीं देता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने साफ़ किया
फॉरेनर्स एक्ट के तहत सेविंग्स क्लॉज़ के रद्द होने के बाद नई कार्रवाई शुरू करने का अधिकार नहीं देता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने साफ़ किया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में एक घर के मालिक के खिलाफ तय समय में फॉर्म सी जमा न करने पर दर्ज FIR को यह कहते हुए रद्द किया कि इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 के लागू होने के बाद फॉरेनर्स एक्ट, 1946 के तहत नई कार्रवाई शुरू नहीं की जा सकती।जस्टिस हिमांशु जोशी की बेंच ने कहा,"सेविंग क्लॉज़ रद्द हो चुके फॉरेनर्स एक्ट, 1946 को फिर से लागू करने के लिए काम नहीं करता, और न ही यह इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 के लागू होने के बाद होने वाले कामों या चूक के संबंध में नई कार्रवाई शुरू करने या उसके...