दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश: IIT सीट आवंटन विवाद के बीच स्टूडेंट को JEE एडवांस्ड 2026 में अस्थायी अनुमति
दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश: IIT सीट आवंटन विवाद के बीच स्टूडेंट को JEE एडवांस्ड 2026 में अस्थायी अनुमति

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक स्टूडेंट को JEE एडवांस्ड 2026 परीक्षा में अस्थायी रूप से शामिल होने की अनुमति दी। मामला उसकी पात्रता को लेकर उठा विवाद है, जिसमें पूर्व में IIT सीट आवंटित होने के आधार पर उसे अपात्र घोषित किया गया।जस्टिस जस्मीत सिंह ने आदेश दिया कि स्टूडेंट को प्रवेश पत्र जारी किया जाए और उसे 17 मई को होने वाली JEE एडवांस्ड 2026 परीक्षा में अस्थायी रूप से बैठने दिया जाए। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि उसका परिणाम याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा।याचिकाकर्ता ने JEE एडवांस्ड 2026 की...

सह-दोषी का पैरोल पर होना, फरलो में रुकावट नहीं: बेटी के स्कूल एडमिशन के लिए आजीवन कारावास काट रहे दोषी को राहत
सह-दोषी का पैरोल पर होना, फरलो में रुकावट नहीं: बेटी के स्कूल एडमिशन के लिए आजीवन कारावास काट रहे दोषी को राहत

दिल्ली हाईकोर्ट ने यह फैसला दिया कि सिर्फ़ इसलिए कि कोई सह-दोषी पहले से ही पैरोल पर बाहर है, यह किसी दूसरे दोषी को फरलो देने से मना करने का आधार नहीं हो सकता। इसलिए कोर्ट ने आजीवन कारावास काट रहे एक दोषी को रिहा करने का निर्देश दिया, ताकि वह अपनी बेटी के स्कूल एडमिशन में मदद कर सके।जस्टिस मनोज जैन ने यह आदेश आजीवन कारावास काट रहे दोषी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। इस दोषी को दो हफ़्ते की फरलो मंज़ूर की गई, लेकिन जेल अधिकारियों ने उसे इस आधार पर रिहा नहीं किया कि उसका सह-दोषी पहले से ही...

भरण-पोषण मामले के लिए पत्नी RTI से नहीं मांग सकती पति की आयकर जानकारी: दिल्ली हाईकोर्ट
भरण-पोषण मामले के लिए पत्नी RTI से नहीं मांग सकती पति की आयकर जानकारी: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि वैवाहिक विवाद या भरण-पोषण दावे के समर्थन में पत्नी, सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act) के तहत पति की आयकर संबंधी जानकारी प्राप्त नहीं कर सकती।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने कहा कि पति की आयकर जानकारी निजी सूचना है। इसका प्रकटीकरण RTI Act के “वृहत्तर लोकहित” अपवाद के अंतर्गत नहीं आता।अदालत ने यह टिप्पणी केंद्रीय सूचना आयोग का आदेश रद्द करते हुए की, जिसमें आयकर विभाग को पति की शुद्ध करयोग्य आय संबंधी विवरण पत्नी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।पति ने केंद्रीय सूचना...

करिश्मा कपूर के बच्चों को अंतरिम राहत: दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रिया कपूर को संजय कपूर की संपत्ति हस्तांतरित करने से रोका
करिश्मा कपूर के बच्चों को अंतरिम राहत: दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रिया कपूर को संजय कपूर की संपत्ति हस्तांतरित करने से रोका

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर को उनकी संपत्तियों के हस्तांतरण या निस्तारण से रोकते हुए करिश्मा कपूर के बच्चों समायरा कपूर और उनके भाई को अंतरिम राहत प्रदान की।जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा कि कथित वसीयत को लेकर वादियों तथा संजय कपूर की माता रानी कपूर द्वारा संदिग्ध परिस्थितियों का उल्लेख किया गया और इन संदेहों को दूर करने का दायित्व प्रिया कपूर पर है, जिसका परीक्षण मुकदमे के दौरान होगा।अदालत ने कहा कि जब तक वाद लंबित है तब तक दिवंगत की संपत्ति संरक्षित रखी जानी...

अंतरराष्ट्रीय अभिरक्षा विवाद में हेबियस कॉर्पस याचिका सुनने से दिल्ली हाईकोर्ट का इनकार, पिता को NCPCR जाने का निर्देश
अंतरराष्ट्रीय अभिरक्षा विवाद में हेबियस कॉर्पस याचिका सुनने से दिल्ली हाईकोर्ट का इनकार, पिता को NCPCR जाने का निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक पिता द्वारा दायर हेबियस कॉर्पस याचिका पर सुनवाई से इनकार किया, जिसमें उसने अमेरिका में अपनी पूर्व पत्नी के साथ रह रहे नाबालिग पुत्र को अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने की मांग की थी।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के समक्ष जाने का निर्देश दिया यह कहते हुए कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय अभिरक्षा विवादों के समाधान के लिए आयोग के पास विशेष मध्यस्थता तंत्र उपलब्ध है।अदालत ने कहा,“NCPCR ऐसे मामलों से व्यापक रूप से...

सह-दोषियों को एक साथ पैरोल/फरलो देने पर पूर्ण रोक नहीं, उपयुक्त मामलों में मिल सकती है राहत: दिल्ली हाईकोर्ट
सह-दोषियों को एक साथ पैरोल/फरलो देने पर पूर्ण रोक नहीं, उपयुक्त मामलों में मिल सकती है राहत: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सह-दोषियों को एक साथ पैरोल या फरलो दिए जाने पर कोई पूर्ण प्रतिबंध नहीं है।अदालत ने कहा कि उपयुक्त परिस्थितियों में सक्षम प्राधिकारी कड़ी जांच के बाद ऐसी राहत प्रदान कर सकता है।जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंद्र दुडेजा की खंडपीठ उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें दिल्ली कारागार नियम, 2018 के नियम 1212 की टिप्पणी (2) और नियम 1224 की टिप्पणी (1) को चुनौती दी गई। इन प्रावधानों में कहा गया है कि सह-अभियुक्तों को एक साथ पैरोल या फरलो देना “सामान्यतः अनुमेय नहीं”...

बिना अवैध सरकारी लाभ से स्पष्ट संबंध के धन प्राप्ति को रिश्वत नहीं माना जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
बिना अवैध सरकारी लाभ से स्पष्ट संबंध के धन प्राप्ति को रिश्वत नहीं माना जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी लोकसेवक द्वारा धन प्राप्त करना मात्र, भले ही उसका संतोषजनक स्पष्टीकरण न दिया गया हो, तब तक रिश्वत नहीं माना जा सकता जब तक यह स्पष्ट रूप से सिद्ध न हो जाए कि वह राशि किसी अवैध सरकारी लाभ या पक्षपात के बदले दी गई थी।जस्टिस संजीव नरूला ने यह टिप्पणी करते हुए केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) के एक अधिकारी को सेवा से हटाने का आदेश रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर भ्रष्टाचार का आरोप टिकाऊ नहीं है।याचिकाकर्ता केंद्रीय भंडारण...

दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की अदालत में तीन पर चली पोर्न सामग्री, वर्चुअल सुनवाई  हुई बाधित
दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की अदालत में तीन पर चली पोर्न सामग्री, वर्चुअल सुनवाई हुई बाधित

दिल्ली हाइकोर्ट की वर्चुअल सुनवाई के दौरान बुधवार को उस समय कार्यवाही बाधित हो गई, जब अज्ञात यूजर ने ऑनलाइन मंच पर अश्लील सामग्री प्रसारित कर दी।यह घटना चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ के समक्ष हुई।जानकारी के अनुसार अदालत पूरक सूची के मामलों पर सुनवाई कर रही थी तभी एक अज्ञात व्यक्ति वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग मंच से जुड़ा और अपनी स्क्रीन शेयर कर अश्लील वीडियो चलाने लगा। अदालत के कर्मचारियों ने तत्काल वर्चुअल मंच बंद कर दिया।हालांकि, कुछ देर बाद जब सुनवाई दोबारा शुरू...

आतंकी हमलों में मारे गए लोगों के परिजनों को मुआवजा व सरकारी नौकरी देना नीतिगत विषय: दिल्ली हाईकोर्ट
आतंकी हमलों में मारे गए लोगों के परिजनों को मुआवजा व सरकारी नौकरी देना नीतिगत विषय: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में आतंकी हमलों में मारे गए लोगों के परिजनों को मुआवजा और सरकारी रोजगार लाभ देने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि यह सरकार का नीतिगत विषय है, जिस पर अदालत रिट क्षेत्राधिकार में निर्देश नहीं दे सकती।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ ने कहा कि याचिका में की गई मांगें नीति निर्धारण के दायरे में आती हैं। ऐसे मामलों में न्यायालय हस्तक्षेप नहीं कर सकता।मामला साउथ एशियन फोरम फॉर पीपल अगेंस्ट टेरर द्वारा दायर जनहित...

सार्वजनिक व्यक्तियों पर हर सामग्री हटाने योग्य नहीं, केवल आपत्तिजनक होने पर ही रोक संभव: अर्जुन कपूर मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी
सार्वजनिक व्यक्तियों पर हर सामग्री हटाने योग्य नहीं, केवल आपत्तिजनक होने पर ही रोक संभव: अर्जुन कपूर मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्टर अर्जुन कपूर की पर्सनालिटी राइट्स याचिका पर सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों के संबंध में प्रकाशित या प्रसारित हर सामग्री पर रोक नहीं लगाई जा सकती, जब तक वह मानहानिकारक या अपमानजनक न हो।अर्जुन कपूर ने अपनी छवि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित दुरुपयोग, डीपफेक और अश्लील सामग्री के खिलाफ व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाइकोर्ट का रुख किया।जस्टिस तुषार राव गेडेला ने मामले की सुनवाई करते हुए एक्टर की ओर से पेश...

अरविंद केजरीवाल के बाद मनीष सिसोदिया ने भी सुनवाई का किया बहिष्कार
अरविंद केजरीवाल के बाद मनीष सिसोदिया ने भी सुनवाई का किया बहिष्कार

मनीष सिसोदिया ने अरविंद केजरीवाल के बाद दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा को पत्र लिखकर कहा है कि वह सीबीआई के लिकर पॉलिसी मामले में आगे की सुनवाई में भाग नहीं लेंगे।अपने पत्र में सिसोदिया ने कहा कि वह महात्मा गांधी के सत्याग्रह के सिद्धांत को मानते हैं और उनका अंत:करण उन्हें इस मामले में आगे पेश होने की अनुमति नहीं देता। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका यह फैसला केवल आबकारी नीति मामले तक सीमित है और इसे न्यायपालिका के प्रति किसी प्रकार के अविश्वास के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।जस्टिस...

दिल्ली हाईकोर्ट ने AITA के चुनाव नतीजों को घोषिथ करने की दी मंजूरी, नए खेल कानून के तहत नए चुनाव कराने का दिया आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट ने AITA के चुनाव नतीजों को घोषिथ करने की दी मंजूरी, नए खेल कानून के तहत नए चुनाव कराने का दिया आदेश

दिल्ली हाई कोर्ट ने सितंबर 2024 में हुए ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन (AITA) के चुनाव नतीजों को घोषित करने की मंज़ूरी दी। कोर्ट ने नई चुनी गई संस्था को फेडरेशन के रोज़मर्रा के कामकाज को संभालने के लिए अंतरिम व्यवस्था के तौर पर काम करने की इजाज़त दी। साथ ही यह निर्देश भी दिया कि नए चुनाव 'नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट, 2025' और 'स्पोर्ट्स गवर्नेंस रूल्स, 2026' के मुताबिक कराए जाएं।जस्टिस मिनी पुष्करणा ने AITA चुनावों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि याचिका...

₹1,000 की रिश्वत: दिल्ली हाईकोर्ट ने 32 साल पुराने मामले में पुलिस कांस्टेबल की सज़ा रखी बरकरार
₹1,000 की रिश्वत: दिल्ली हाईकोर्ट ने 32 साल पुराने मामले में पुलिस कांस्टेबल की सज़ा रखी बरकरार

दिल्ली हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत पुलिस कांस्टेबल की सज़ा बरकरार रखी। कांस्टेबल पर 1994 में ₹1,000 की रिश्वत मांगने और लेने का आरोप था। कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष ने गैर-कानूनी तरीके से पैसे मांगने और लेने, दोनों ही बातों को सफलतापूर्वक साबित किया था।जस्टिस चंद्रशेखरन सुधा ने आरोपी की अपील खारिज की, जिसमें उसने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 13 के तहत अपनी सज़ा और दोषसिद्धि को चुनौती दी थी।ट्रायल कोर्ट ने उसे हर आरोप के लिए एक साल की कठोर कारावास की सज़ा सुनाई थी।...

बीना मोदी को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत, समझौते के बाद दर्ज हमला मामला हुआ रद्द
बीना मोदी को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत, समझौते के बाद दर्ज हमला मामला हुआ रद्द

दिल्ली हाईकोर्ट ने उद्योगपति बीना मोदी, सीनियर एडवोकेट ललित भसीन और सुरक्षा अधिकारी के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामला रद्द किया। यह मामला गोदफ्रे फिलिप्स इंडिया के कार्यकारी निदेशक समीर मोदी पर कथित हमले से जुड़ा था।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने यह आदेश तब पारित किया, जब अदालत को बताया गया कि पक्षकारों के बीच समझौता हो गया है और शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत वापस ली।समीर मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत को सूचित किया कि उन्होंने शिकायत वापस ले ली है। बीना मोदी भी वर्चुअल माध्यम से सुनवाई में...

अपनी खुद की शैक्षणिक योग्यता के बारे में गलत घोषणा करना RP Act की धारा 123(4) के तहत भ्रष्ट आचरण नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
अपनी खुद की शैक्षणिक योग्यता के बारे में गलत घोषणा करना RP Act की धारा 123(4) के तहत 'भ्रष्ट आचरण' नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि नामांकन हलफनामे में अपनी खुद की शैक्षणिक योग्यता के बारे में गलत घोषणा करना, Representation of the People Act, 1951 की धारा 123(4) के तहत "भ्रष्ट आचरण" नहीं माना जाएगा।जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनोद कुमार की एक डिवीज़न बेंच ने यह टिप्पणी तब की, जब वे 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में करोल बाग विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार के चुनाव को चुनौती देने वाली एक चुनाव याचिका से जुड़े एक संदर्भ का जवाब दे रहे थे।चुनाव याचिकाकर्ता ने चुने गए उम्मीदवार के चुनाव को इस...

नाबालिग सौतेली बेटियों से दुष्कर्म मामले में दोषी की सजा बरकरार, दिल्ली हाईकोर्ट ने की कड़ी टिप्पणी
नाबालिग सौतेली बेटियों से दुष्कर्म मामले में दोषी की सजा बरकरार, दिल्ली हाईकोर्ट ने की कड़ी टिप्पणी

दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग सौतेली बेटियों से दुष्कर्म के मामले में व्यक्ति की दोषसिद्धि और 15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा बरकरार रखी। अदालत ने कहा कि पीड़िताओं के बयानों में मामूली विरोधाभास अभियोजन के मामले को कमजोर नहीं करते।जस्टिस विमल कुमार यादव ने सुनवाई के दौरान पीड़िताओं की मां के आचरण पर भी गंभीर टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि मां ने बच्चियों के साथ हो रहे अत्याचार की जानकारी होने के बावजूद आवश्यक कदम नहीं उठाए।अदालत ने कहा,“प्रतीत होता है कि वह अत्यंत कठिन परिस्थिति में थी। उसने अपने पहले...

इंडियन मुजाहिदीन के संपर्क में थे, जिहादी सामग्री फैलाई: दिल्ली हाईकोर्ट ने UAPA आरोपी को 12 साल हिरासत में रहने के बावजूद ज़मानत देने से इनकार किया
'इंडियन मुजाहिदीन के संपर्क में थे, जिहादी सामग्री फैलाई': दिल्ली हाईकोर्ट ने UAPA आरोपी को 12 साल हिरासत में रहने के बावजूद ज़मानत देने से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को UAPA मामले में आरोपी दो लोगों को ज़मानत देने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि ये लोग न सिर्फ़ भारत में, बल्कि पाकिस्तान में भी इंडियन मुजाहिदीन के संपर्क में थे और जिहादी सामग्री फैलाते थे।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की डिवीज़न बेंच ने कहा कि लगभग 12 साल से हिरासत में होने के बावजूद, उन्हें रिहा करने का अधिकार नहीं है, क्योंकि यह लगातार खतरा बना हुआ है कि अगर उन्हें ज़मानत दी गई तो वे फिर से ऐसी ही गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं।कोर्ट ने कहा,"अपील...