दिल्ली हाईकोर्ट

मामला एक इंच भी आगे नहीं बढ़ा: दिल्ली हाईकोर्ट ने ओपन जेल सुधारों को लेकर DG (जेल) को अवमानना ​​नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार (28 अक्टूबर) को दिल्ली के महानिदेशक (जेल) को अवमानना ​​नोटिस जारी किया। उन पर आरोप है कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के ओपन जेल सुधारों से जुड़े निर्देशों का पालन करने के बारे में खुद शपथ-पत्र (Affidavit) दाखिल नहीं किया, बल्कि अपने किसी अधीनस्थ (Subordinate) से ऐसा शपथ-पत्र दाखिल करवाया, जिसमें अधूरी जानकारी थी।एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन वासुदेव साम्ब्रे और जस्टिस संजय शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि DG (जेल) ने हाईकोर्ट के आदेशों की "पूरी तरह से अनदेखी" की। उन्हें इस मामले को...

CJP से 50 करोड़ मुआवजे की मांग वाली PIL पर दिल्ली हाईकोर्ट का सुनवाई से इनकार, सुप्रीम कोर्ट जाने की छूट दी

दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान आम लोगों को हुई परेशानी के लिए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पर 50 करोड़ रुपये का सामुदायिक जुर्माना लगाने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार किया।एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन वासुदेव सांब्रे और जस्टिस संजय शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि इसी तरह के मुद्दे पहले से सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं।कोर्ट ने याचिकाकर्ता को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट जाने की छूट देते हुए याचिका का निपटारा किया। याचिकाकर्ता...

हाईकोर्ट के बाहर की सड़कें भी पार्किंग के लिए इस्तेमाल हो रही हैं: फुटपाथों पर अतिक्रमण की PIL पर दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी

दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी में फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए टिप्पणी की कि हाईकोर्ट के बाहर की सड़कें भी पार्किंग के लिए इस्तेमाल हो रही हैं।एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन वासुदेव सांब्रे ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा,“आप फुटपाथों की बात कर रहे हैं? यहां सड़कों का भी इस्तेमाल पार्किंग के लिए हो रहा है। हाईकोर्ट के बाहर जाकर देखिए पार्किंग की वजह से चार लेन घिरी हुई मिलेंगी। यह आपके ही साथी वकीलों की वजह से है।” याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि...

14 साल बाद प्रवासी भारतीयों के पासपोर्ट फीस में 67% बढ़ोतरी अनुचित नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रवासी भारतीय नागरिकों के पासपोर्ट फीस में बढ़ोतरी के केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली जनहित याचिका खारिज की। कोर्ट ने कहा कि 14 साल बाद पासपोर्ट शुल्क में 67 प्रतिशत की बढ़ोतरी को अनुचित या अत्यधिक नहीं कहा जा सकता।एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन वासुदेव सांब्रे और जस्टिस संजय शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि पासपोर्ट फीस में पिछली बढ़ोतरी 2012 में हुई थी। सरकार ने 14 साल के अंतराल के बाद फीस संशोधित किया। पासपोर्ट जारी करने और नवीनीकरण की फीस तय करना सरकार की नीतिगत शक्तियों के...

दिल्ली हाईकोर्ट ने रेस कोर्स मस्जिद को बचाने की याचिका पर नोटिस जारी किया, केंद्र ने अगली सुनवाई तक इसे न गिराने का भरोसा दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को नमाज़ी की याचिका पर नोटिस जारी किया। याचिकाकर्ता ने 'रेस कोर्स मस्जिद' को गिराए जाने की आशंका जताते हुए इसके संरक्षण की मांग की।जस्टिस अनीश दयाल ने मामले की सुनवाई गुरुवार के लिए तय करते हुए, केंद्र सरकार (भूमि एवं विकास कार्यालय के ज़रिए) और दिल्ली वक्फ़ बोर्ड से जवाब मांगा।यह मस्जिद 'रेस कोर्स क्लब' के अंदर स्थित है। यह क्लब प्रधानमंत्री आवास (7, लोक कल्याण मार्ग) के पास लगभग 53 एकड़ में फैला हुआ है।याचिकाकर्ता सैयद अहमद सऊद की ओर से वकील एम. सुफियान सिद्दीकी पेश...

महिला पत्रकार के खिलाफ ACP विवेक भगत द्वारा दर्ज SC/ST Act FIR की जांच पर फिलहाल कोई रोक नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली पुलिस के ACP विवेक भगत द्वारा महिला पत्रकार के खिलाफ SC/ST Act के तहत दर्ज FIR की जांच पर कोई रोक नहीं लगेगी। महिला पत्रकार ने CEC के विरोध-प्रदर्शन के दौरान ACP पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया।जस्टिस मिनी पुष्करणा ने महिला पत्रकार और एक अन्य पुरुष पत्रकार (जो 'डिजी न्यूज़' नामक संगठन के मालिक हैं) द्वारा दायर याचिकाओं पर नोटिस जारी किया।कोर्ट ने मामले को 17 नवंबर को अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करते हुए कहा,"मैं अभी केवल नोटिस जारी कर रही हूं। [पुलिस]...

इंश्योरेंस कवर नोट की फोटोकॉपी मात्र वैध इंश्योरेंस पॉलिसी के होने का सबूत नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अगर इंश्योरेंस कंपनी यह सबूत पेश कर दे कि दुर्घटना में शामिल वाहन के लिए कोई कवर नोट जारी ही नहीं किया गया था, तो केवल कवर नोट की फोटोकॉपी दिखा देने से यह साबित नहीं हो जाता कि कोई वैध इंश्योरेंस पॉलिसी मौजूद है।जस्टिस अनीश दयाल ने कहा कि मोटर दुर्घटना मुआवजे के मामलों में 'संभावनाओं की प्रबलता' (Preponderance of Probabilities) का सिद्धांत लागू होता है, लेकिन केवल इसी आधार पर इंश्योरेंस कंपनी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। इसके लिए इंश्योरेंस कॉन्ट्रैक्ट (बीमा...

उम्र अधिक होने का मतलब यह नहीं कि गृहिणी परिवार में योगदान देना बंद कर देती है: दिल्ली हाईकोर्ट ने बढ़ाया दुर्घटना मुआवजा

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि मोटर दुर्घटना के मामलों में केवल अधिक उम्र होने के आधार पर किसी गृहिणी को घर के कामकाज और परिवार की देखभाल के लिए दी जाने वाली अवैतनिक सेवाओं के बदले मुआवजे से वंचित नहीं किया जा सकता।अदालत ने स्पष्ट किया कि बुजुर्ग महिलाएं भी घर के कामकाज, बच्चों और पोते-पोतियों की देखभाल सहित परिवार के लिए कई तरह की सेवाएं देती रहती हैं। केवल इसलिए उनके योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि इसके बदले उन्हें कोई वेतन नहीं मिलता। जस्टिस अनीश दयाल ने कहा कि सेवाओं के बदले आर्थिक...

गर्भपात के लिए 24 सप्ताह की सीमा ही अंतिम आधार नहीं, महिला के अधिकारों और परिस्थितियों पर भी विचार जरूरी: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी के मामले में केवल मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) अधिनियम के तहत निर्धारित 24 सप्ताह की सीमा के आधार पर फैसला नहीं किया जा सकता। प्रत्येक मामले में संबंधित महिला की उम्र, गर्भधारण की परिस्थितियों, मेडिकल राय और उसके अधिकारों व हितों को ध्यान में रखकर निर्णय लेना जरूरी है।जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की पीठ ने यह टिप्पणी 17 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता की याचिका स्वीकार करते हुए की। पीड़िता की गर्भावस्था 29 सप्ताह से अधिक की हो चुकी है।...

दिल्ली हाईकोर्ट ने EWS छात्रों के लिए स्कूल यूनिफॉर्म के बदले नकद सहायता का फैसला बरकरार रखा, पुनर्विचार याचिका खारिज की

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि दिल्ली सरकार का वह फैसला, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और वंचित समूह (DG) के छात्रों को स्कूल यूनिफॉर्म के बदले नकद सहायता देने की बात कही गई है, उसे पूरी तरह से मनमाना, सनकी या बिना किसी आधार वाला नहीं कहा जा सकता।जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद और जस्टिस रेनू भटनागर की खंडपीठ ने कहा कि किसी नीतिगत फैसले में अदालत का दखल तभी उचित है, जब वह इतना मनमाना या बिना किसी आधार वाला हो कि उससे अदालत की अंतरात्मा ही झकझोर जाए।अदालत ने यह टिप्पणी 'जस्टिस फॉर ऑल' नामक NGO की...

दिल्ली हाईकोर्ट में नेहा बोरा की दलील: लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन की मांग करने में कुछ भी गलत नहीं

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने गुरुवार (22 अक्टूबर) को दिल्ली हाईकोर्ट से कहा कि लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन की मांग करने में कुछ भी गलत नहीं है।यह बात बोरा की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान कही गई, जिसमें उन्होंने 16 अक्टूबर को 'लहरा दो तिरंगा' विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद शांति बनाए रखने के लिए 10,000 रुपये का पर्सनल बॉन्ड और एक ज़मानत (surety) देने के नोटिस को चुनौती दी थी।सुनवाई के दौरान, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) चेतन शर्मा ने कुछ सबूत पेश किए,...

दिल्ली हाईकोर्ट ने पीस बॉन्ड नोटिस के खिलाफ नेहा बोरा की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा, कल आएगा फैसला

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार (22 अक्टूबर) को 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन' (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। बोरा ने 16 अक्टूबर को हुए 'लहरा दो तिरंगा' विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद एक जांच के दौरान शांति बनाए रखने के लिए ₹10,000 का पर्सनल बॉन्ड और एक ज़मानत (Surety) देने के नोटिस को चुनौती दी थी।दोनों पक्षों को ढाई घंटे से अधिक समय तक सुनने के बाद जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया और कहा कि आदेश शुक्रवार शाम 6 बजे...

अपराध के दौरान मूक दर्शक बने रहना भी अपराध में शामिल होने जैसा: दिल्ली हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में आरोपी को जमानत देने से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने हत्या के आरोपी को जमानत देने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि कोई भी आरोपी यह कहकर अपनी आपराधिक जिम्मेदारी से नहीं बच सकता कि वह केवल एक 'मूक दर्शक' था, खासकर तब जब परिस्थितियां अपराध में उसकी संलिप्तता की ओर इशारा करती हों।जस्टिस विमल कुमार यादव ने कहा कि मामले की CCTV फुटेज से पता चलता है कि आरोपी की हमलावर (जो उसका बेटा है) के साथ पहले से ही मिलीभगत थी, और बेटे ने अपने पिता की सहमति से ही यह काम किया।कोर्ट ने टिप्पणी की,"कई बार, कुछ न करना और केवल एक मूक दर्शक बने रहना भी...

दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म दूसरा की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार किया, सौरव गांगुली की याचिका खारिज की

गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली द्वारा दायर मुकदमे में आने वाली फिल्म 'दूसरा' की रिलीज पर रोक लगाने से मना किया।जस्टिस दिनेश भट्ट ने कहा,"मैं इसे कल के लिए रख रहा हूँ। कोई रोक (स्टे) नहीं।" यह फिल्म 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।इस मुकदमे को सुनवाई के लिए तत्काल सूचीबद्ध (अर्जेंट लिस्टिंग) किया गया।गांगुली और फिल्म निर्माता कंपनी 'लव फिल्म्स एलएलपी' (Luv Films LLP) द्वारा दायर इस मुकदमे में आरोप लगाया गया कि गांगुली के व्यक्तित्व,...

बिना सोचे-समझे किसी छोटे संदिग्ध ट्रांजैक्शन के लिए बैंक पूरे अकाउंट को फ्रीज नहीं कर सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि बैंक किसी व्यक्ति के पूरे खाते को केवल एक छोटे संदिग्ध ट्रांजैक्शन के आधार पर पूरी तरह से फ्रीज नहीं कर सकता। ऐसा करने से पहले बैंक को 'प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों' (Principles of Natural Justice) का पालन करना चाहिए और मामले पर ठीक से विचार करना चाहिए।जस्टिस जसमीत सिंह ने यह टिप्पणी रुक्मणी सिंह नाम की महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए की। महिला ने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में मौजूद अपने बचत खाते को अनफ्रीज (चालू) कराने की मांग की थी।कोर्ट ने बैंक को निर्देश दिया कि वह...

बिना दोषसिद्धि के लंबित आपराधिक मामले, जमानत खारिज करने का एकमात्र आधार नहीं हो सकते: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसे लंबित आपराधिक मामलों में, जिनमें अभी तक दोषसिद्धि (कनविक्शन) नहीं हुई, केवल उनके आधार पर जमानत देने से इनकार नहीं किया जा सकता—खासकर तब, जब मामले की अन्य परिस्थितियां आरोपी के पक्ष में हों।जस्टिस सचिन दत्ता ने एक व्यक्ति को जमानत देते समय यह टिप्पणी की। यह व्यक्ति 4 जून, 2025 से न्यायिक हिरासत में था। उस पर मारपीट करने और भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा शस्त्र अधिनियम (Arms Act) के तहत अपराध करने के आरोप हैं।अदालत ने कहा,"याचिकाकर्ता का पहले कुछ ऐसे मामलों में शामिल...

स्वच्छ सार्वजनिक शौचालयों तक पहुंच जीवन के अधिकार का हिस्सा: दिल्ली हाईकोर्ट ने सोशल वर्क के छात्रों से औचक निरीक्षण कराने का प्रस्ताव दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि स्वच्छ सार्वजनिक शौचालयों तक पहुंच का अधिकार जीवन के अधिकार का हिस्सा है। अदालत ने दिल्ली नगर निगम (MCD) के पूरे क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति की निगरानी के लिए सोशल वर्क के छात्रों से औचक निरीक्षण कराने की व्यवस्था का प्रस्ताव दिया।एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन वासुदेव सांब्रे और जस्टिस संजय शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि अधिकारियों की ओर से प्रयास किए जाने के बावजूद सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति संतोषजनक नहीं है। इसी वजह से अदालत के समक्ष बार-बार शिकायतें आ रही...

दिल्ली हाईकोर्ट से CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका ने वापस ली न्यायिक हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका ने आज दिल्ली हाईकोर्ट से अपनी वह याचिका वापस ली, जिसमें स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी जिसके तहत उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी गई।यह मामला चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद द्वारा वैकल्पिक कानूनी उपाय उपलब्ध होने के आधार पर रिट याचिका पर सुनवाई करने में अनिच्छा जताए जाने के बाद याचिकाकर्ताओं ने इसे वापस लेने का फैसला किया।सुनवाई के...

CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका की न्यायिक हिरासत के खिलाफ दायर याचिका पर आज सुनवाई करेगा दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका की उस याचिका पर आज सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया, जिसमें उन्होंने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी, जिसके तहत उनकी न्यायिक हिरासत को दो और दिनों के लिए बढ़ा दिया गया।इस मामले को आज (बुधवार) तत्काल सुनवाई के लिए रखा गया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। यह मामला जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच के सामने सूचीबद्ध किया गया।इस बीच, दास और रंका को SEM कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा, क्योंकि...