आरटीआई

RTI आवेदक को जानकारी की भाषा नहीं आती तो रिकॉर्ड देखने के लिए तीसरे पक्ष को साथ नहीं ले जा सकता: गुजरात हाईकोर्ट
RTI आवेदक को जानकारी की भाषा नहीं आती तो रिकॉर्ड देखने के लिए 'तीसरे पक्ष' को साथ नहीं ले जा सकता: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि अगर कोई RTI आवेदक किसी जानकारी को मांग रहा है और उसे उस जानकारी की भाषा या उसमें दी गई बातों की समझ नहीं है तो रिकॉर्ड की जांच के दौरान आवेदक के साथ किसी दूसरे व्यक्ति को ले जाने की अनुमति देना, पहली नज़र में किसी तीसरे पक्ष को जानकारी देने जैसा होगा।ऐसा करते हुए कोर्ट ने RTI आवेदक को उन रिकॉर्ड्स को देखने की अनुमति दी, जिनकी उसने मांग की थी, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि जांच के दौरान आवेदक के साथ किसी और को जाने की अनुमति नहीं होगी।आरोप था कि...

जजों के वेतन का ब्योरा RTI Act से बाहर नहीं, नागरिकों को जानकारी देने से इनकार नहीं किया जा सकता: मद्रास हाईकोर्ट
जजों के वेतन का ब्योरा RTI Act से बाहर नहीं, नागरिकों को जानकारी देने से इनकार नहीं किया जा सकता: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि जजों के वेतनमान और वेतन संबंधी जानकारी सूचना का अधिकार (RTI Act) अधिनियम की धारा 8 के तहत गोपनीय जानकारी नहीं है। चूंकि जजों का वेतन भारत की संचित निधि से दिया जाता है, इसलिए नागरिकों को इसकी जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है।जस्टिस एम. धंडपानी ने कहा,"जजों का वेतन भारत की संचित निधि से दिया जाता है। यह सार्वजनिक धन है, इसलिए भारत का कोई भी नागरिक उनके वेतन संबंधी जानकारी जानने से वंचित नहीं किया जा सकता। यह RTI Act की धारा 8 के तहत अपवाद की...

RTI Act | धारा 5 की शर्तें पूरी किए बिना फर्स्ट अपीलेट अथॉरिटी को डीम्ड पब्लिक इन्फॉर्मेशन ऑफिसर नहीं माना जा सकता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
RTI Act | धारा 5 की शर्तें पूरी किए बिना 'फर्स्ट अपीलेट अथॉरिटी' को 'डीम्ड पब्लिक इन्फॉर्मेशन ऑफिसर' नहीं माना जा सकता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI Act) के तहत 'फर्स्ट अपीलेट अथॉरिटी' (प्रथम अपीलीय प्राधिकारी) को धारा 5(4) और 5(5) में बताई गई कानूनी शर्तों को पूरा किए बिना 'डीम्ड पब्लिक इन्फॉर्मेशन ऑफिसर' (मानित जन सूचना अधिकारी) नहीं माना जा सकता और न ही उन पर अधिनियम की धारा 20(1) के तहत जुर्माना लगाया जा सकता है। कोर्ट ने पाया कि राज्य सूचना आयोग ने ज़रूरी निष्कर्ष दर्ज किए बिना ही जुर्माना लगा दिया था। [2026 LiveLaw (Chh) 75]जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद 'फर्स्ट अपीलेट...

RTI Act | सुनवाई का अवसर दिए बिना सूचना अधिकारी पर जुर्माना नहीं लगाया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
RTI Act | सुनवाई का अवसर दिए बिना सूचना अधिकारी पर जुर्माना नहीं लगाया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act), 2005 की धारा 20 के तहत सूचना देने में देरी पर लोक सूचना अधिकारी (PIO) पर जुर्माना लगाने से पहले उसे सुनवाई का उचित अवसर देना अनिवार्य है। अदालत ने कहा कि केवल बिना आधार के राय बनाकर दंड नहीं लगाया जा सकता, बल्कि उपलब्ध अभिलेखों और तथ्यों के आधार पर विधिसम्मत राय बनाना आवश्यक है।यह फैसला जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने सुनाया।मामले में याचिकाकर्ता एक खंड शिक्षा अधिकारी होने के...

लोक सूचना अधिकारी पर जुर्माना लगाने से पहले अलग नोटिस देना अनिवार्य, अपील का नोटिस पर्याप्त नहीं: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
लोक सूचना अधिकारी पर जुर्माना लगाने से पहले अलग नोटिस देना अनिवार्य, अपील का नोटिस पर्याप्त नहीं: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI Act) के तहत किसी लोक सूचना अधिकारी पर जुर्माना लगाने से पहले राज्य सूचना आयोग के लिए धारा 20(1) के तहत अलग से नोटिस जारी करना और सुनवाई का उचित अवसर देना अनिवार्य है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अपील की कार्यवाही के दौरान जारी नोटिस को अंतिम नोटिस मानकर सीधे जुर्माना नहीं लगाया जा सकता।जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद एक लोक सूचना अधिकारी की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। याचिका में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के उस...

RTI अपीलों के निस्तारण के लिए 45 दिन की समयसीमा तय करने से हाईकोर्ट का इनकार, CIC को लंबित मामलों के समाधान की व्यवस्था सुधारने का निर्देश
RTI अपीलों के निस्तारण के लिए 45 दिन की समयसीमा तय करने से हाईकोर्ट का इनकार, CIC को लंबित मामलों के समाधान की व्यवस्था सुधारने का निर्देश

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) को सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act) के तहत दूसरी अपीलों का निस्तारण 45 दिनों के भीतर करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया।अदालत ने कहा कि RTI Act, 2005 में दूसरी अपीलों और शिकायतों के निस्तारण के लिए कोई वैधानिक समयसीमा निर्धारित नहीं है, इसलिए अदालत ऐसी समयसीमा तय नहीं कर सकती। हालांकि, हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आयोग अपीलों को वर्षों तक लंबित नहीं रख सकता। उसे लंबित मामलों का बोझ कम करने और नए मामलों के शीघ्र निस्तारण के...

लोकायुक्त की एसपीई को RTI से बाहर नहीं रखा जा सकता: सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की एमपी सरकार की अधिसूचना
लोकायुक्त की एसपीई को RTI से बाहर नहीं रखा जा सकता: सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की एमपी सरकार की अधिसूचना

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि मध्य प्रदेश लोकायुक्त संगठन की स्पेशल पुलिस एस्टैब्लिशमेंट (SPE) को सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम से छूट नहीं दी जा सकती। अदालत ने राज्य सरकार की वर्ष 2011 की उस अधिसूचना को रद्द कर दिया, जिसके तहत एसपीई को RTI कानून के दायरे से बाहर रखा गया था।जस्टिस जे.के. महेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की खंडपीठ ने कहा कि एसपीई भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच करती है और इसे RTI अधिनियम की धारा 24(4) के तहत "खुफिया एवं सुरक्षा संगठन" नहीं माना...

RTI के तहत सरकारी कर्मचारी के वित्तीय मामलों का खुलासा करने की ज़रूरत नहीं, जब तक कि कोई बड़ा जनहित न हो: कर्नाटक हाईकोर्ट
RTI के तहत सरकारी कर्मचारी के वित्तीय मामलों का खुलासा करने की ज़रूरत नहीं, जब तक कि कोई बड़ा जनहित न हो: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने RTI आवेदक की याचिका खारिज की। आवेदक ने राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) के पूर्व डिप्टी कंट्रोलर (सरकारी कर्मचारी) की संपत्ति और देनदारियों का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। कोर्ट ने कहा कि मांगी गई जानकारी निजी थी और उसका किसी जनहित से कोई लेना-देना नहीं था, इसलिए यह RTI Act की धारा 8(1)(j) के तहत सुरक्षित है।कोर्ट ने कहा कि आधिकारिक कार्यों, फैसलों, सार्वजनिक संसाधनों के इस्तेमाल और लोक प्रशासन से सीधे जुड़े मामलों की स्थिति अलग होगी।जस्टिस सुरह गोविंदराज ने कहा,"हालांकि,...

RTI आवेदक को भर्ती परीक्षा की मेरिट लिस्ट और मार्क्स पाने का अधिकार, लेकिन सोशल मीडिया पर पब्लिश नहीं कर सकते: सिक्किम हाईकोर्ट
RTI आवेदक को भर्ती परीक्षा की मेरिट लिस्ट और मार्क्स पाने का अधिकार, लेकिन सोशल मीडिया पर पब्लिश नहीं कर सकते: सिक्किम हाईकोर्ट

सिक्किम हाईकोर्ट ने सिक्किम पब्लिक सर्विस कमीशन (SPSC) को निर्देश दिया कि वह सिक्किम सर्विसेज़ (कंबाइंड रिक्रूटमेंट) परीक्षा, 2022 में शामिल हुए उम्मीदवारों की एक संयुक्त मेरिट लिस्ट और इंटरव्यू के मार्क्स उपलब्ध कराएं। कोर्ट ने RTI आवेदक से यह वचन भी लिया कि इस जानकारी को किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पब्लिश नहीं किया जाएगा।सूचना आयोग के जानकारी देने के आदेश का पालन करने की SPSC की सहमति को दर्ज करते हुए, जस्टिस मीनाक्षी मदन राय ने "राज्य जन सूचना अधिकारी को RTI आवेदक द्वारा मांगी गई...

भरण-पोषण मामले के लिए पत्नी RTI से नहीं मांग सकती पति की आयकर जानकारी: दिल्ली हाईकोर्ट
भरण-पोषण मामले के लिए पत्नी RTI से नहीं मांग सकती पति की आयकर जानकारी: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि वैवाहिक विवाद या भरण-पोषण दावे के समर्थन में पत्नी, सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act) के तहत पति की आयकर संबंधी जानकारी प्राप्त नहीं कर सकती।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने कहा कि पति की आयकर जानकारी निजी सूचना है। इसका प्रकटीकरण RTI Act के “वृहत्तर लोकहित” अपवाद के अंतर्गत नहीं आता।अदालत ने यह टिप्पणी केंद्रीय सूचना आयोग का आदेश रद्द करते हुए की, जिसमें आयकर विभाग को पति की शुद्ध करयोग्य आय संबंधी विवरण पत्नी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।पति ने केंद्रीय सूचना...

सर्विस रिकॉर्ड निजी जानकारी, RTI Act के तहत इसका खुलासा करने से छूट: बॉम्बे हाईकोर्ट
सर्विस रिकॉर्ड निजी जानकारी, RTI Act के तहत इसका खुलासा करने से छूट: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि सर्विस रिकॉर्ड निजी जानकारी होती है, जिसे सूचना का अधिकार (RTI Act) के तहत सार्वजनिक करने से छूट मिली हुई। कोर्ट ने कहा कि ऐसी जानकारी को सार्वजनिक करने का आदेश तब तक नहीं दिया जा सकता, जब तक कि संबंधित अथॉरिटी इस बात से संतुष्ट न हो जाए कि व्यापक जनहित के लिए ऐसा करना ज़रूरी है।जस्टिस आबासाहेब डी. शिंदे एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। इस याचिका में राज्य सूचना आयोग के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस के सर्विस रिकॉर्ड को सार्वजनिक...

सूचना का अधिकार मौलिक अधिकार, 15 दिन में जवाब दें: कलकत्ता हाईकोर्ट का सख्त निर्देश
सूचना का अधिकार मौलिक अधिकार, 15 दिन में जवाब दें: कलकत्ता हाईकोर्ट का सख्त निर्देश

कलकत्ता हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश में स्पष्ट किया कि सूचना का अधिकार (RTI) संविधान के अनुच्छेद 19(1)(क) से उत्पन्न मौलिक अधिकार है और इसमें देरी स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने पश्चिम बंगाल सूचना आयोग के राज्य लोक सूचना अधिकारी को लंबित आरटीआई आवेदन का निपटारा 15 दिनों के भीतर करने का निर्देश दिया।जस्टिस राय चट्टोपाध्याय इस मामले की सुनवाई कर रहे थे, जिसमें याचिकाकर्ता ने वर्ष 2018 में मांगी गई जानकारी समय पर न मिलने और सूचना आयोग की कार्यवाही को चुनौती दी थी।अदालत ने अपने आदेश में कहा,“सूचना का...

जजों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें जनहित के दायरे में आतीं, RTI Act के तहत निजी जानकारी नहीं: पत्रकार ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा
जजों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें जनहित के दायरे में आतीं, RTI Act के तहत 'निजी जानकारी' नहीं: पत्रकार ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा

दिल्ली हाईकोर्ट को बुधवार को बताया गया कि किसी जज के खिलाफ भ्रष्टाचार और दुराचार के आरोपों वाली शिकायतों से जुड़ी जानकारी को, सूचना का अधिकार (RTI Act), 2005 के तहत "निजी जानकारी" का हवाला देकर सार्वजनिक करने से छूट नहीं दी जा सकती।यह दलील वकील प्रशांत भूषण ने दी, जो पत्रकार और RTI एक्टिविस्ट सौरव दास द्वारा दायर एक याचिका के मामले में जस्टिस पुरुशेंद्र कुमार कौरव के सामने पेश हुए।दास ने RTI के तहत यह जानकारी मांगी है कि क्या सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम को मद्रास हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस टी. राजा...

पत्नी भरण-पोषण की कार्यवाही के लिए RTI Act के तहत पति का IT रिटर्न नहीं मांग सकती, यह निजी जानकारी के तहत छूट प्राप्त है: कर्नाटक हाईकोर्ट
पत्नी भरण-पोषण की कार्यवाही के लिए RTI Act के तहत पति का IT रिटर्न नहीं मांग सकती, यह 'निजी जानकारी' के तहत छूट प्राप्त है: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि कोई भी जीवनसाथी, दूसरे जीवनसाथी का इनकम टैक्स रिटर्न और वित्तीय रिकॉर्ड, सूचना का अधिकार (RTI) एक्ट, 2005 के तहत आवेदन करके प्राप्त नहीं कर सकता; क्योंकि ऐसी जानकारी RTI Act की धारा 8(1)(j) के तहत 'निजी जानकारी' मानी जाती है, जिसे सार्वजनिक करने से छूट प्राप्त है।बेंगलुरु में बैठी पीठ ने अदालत के आदेश में यह टिप्पणी करते हुए गिरीश रामचंद्र देशपांडे बनाम CIC, 2012 AIR SCW 5865 मामले का हवाला दिया,"...किसी व्यक्ति द्वारा अपने इनकम टैक्स रिटर्न में दी गई जानकारी...

सुप्रीम कोर्ट ने CIC अपॉइंटमेंट्स के बारे में अपोज़िशन लीडर की असहमति को बताने का निर्देश देने से किया मना
सुप्रीम कोर्ट ने CIC अपॉइंटमेंट्स के बारे में अपोज़िशन लीडर की असहमति को बताने का निर्देश देने से किया मना

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को चीफ इन्फॉर्मेशन कमिश्नर (CIC) और इन्फॉर्मेशन कमिश्नरों की नियुक्ति के बारे में अपोज़िशन लीडर के असहमति नोट को पब्लिश करने का निर्देश देने से मना किया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एनवी अंजारई की बेंच ने RTI एक्टिविस्ट अंजलि भारद्वाज की ओर से एडवोकेट प्रशांत भूषण की इस दलील को नहीं माना कि अपोज़िशन लीडर की असहमति को पब्लिश किया जाना चाहिए।CJI कांत ने कहा,"हम इस पर नहीं जाएंगे।" भूषण ने कहा कि लोगों को यह जानने का हक है कि...