आरटीआई
भरण-पोषण मामले के लिए पत्नी RTI से नहीं मांग सकती पति की आयकर जानकारी: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि वैवाहिक विवाद या भरण-पोषण दावे के समर्थन में पत्नी, सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act) के तहत पति की आयकर संबंधी जानकारी प्राप्त नहीं कर सकती।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने कहा कि पति की आयकर जानकारी निजी सूचना है। इसका प्रकटीकरण RTI Act के “वृहत्तर लोकहित” अपवाद के अंतर्गत नहीं आता।अदालत ने यह टिप्पणी केंद्रीय सूचना आयोग का आदेश रद्द करते हुए की, जिसमें आयकर विभाग को पति की शुद्ध करयोग्य आय संबंधी विवरण पत्नी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।पति ने केंद्रीय सूचना...
सर्विस रिकॉर्ड निजी जानकारी, RTI Act के तहत इसका खुलासा करने से छूट: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि सर्विस रिकॉर्ड निजी जानकारी होती है, जिसे सूचना का अधिकार (RTI Act) के तहत सार्वजनिक करने से छूट मिली हुई। कोर्ट ने कहा कि ऐसी जानकारी को सार्वजनिक करने का आदेश तब तक नहीं दिया जा सकता, जब तक कि संबंधित अथॉरिटी इस बात से संतुष्ट न हो जाए कि व्यापक जनहित के लिए ऐसा करना ज़रूरी है।जस्टिस आबासाहेब डी. शिंदे एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। इस याचिका में राज्य सूचना आयोग के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस के सर्विस रिकॉर्ड को सार्वजनिक...
सूचना का अधिकार मौलिक अधिकार, 15 दिन में जवाब दें: कलकत्ता हाईकोर्ट का सख्त निर्देश
कलकत्ता हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश में स्पष्ट किया कि सूचना का अधिकार (RTI) संविधान के अनुच्छेद 19(1)(क) से उत्पन्न मौलिक अधिकार है और इसमें देरी स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने पश्चिम बंगाल सूचना आयोग के राज्य लोक सूचना अधिकारी को लंबित आरटीआई आवेदन का निपटारा 15 दिनों के भीतर करने का निर्देश दिया।जस्टिस राय चट्टोपाध्याय इस मामले की सुनवाई कर रहे थे, जिसमें याचिकाकर्ता ने वर्ष 2018 में मांगी गई जानकारी समय पर न मिलने और सूचना आयोग की कार्यवाही को चुनौती दी थी।अदालत ने अपने आदेश में कहा,“सूचना का...
RTI Act के तहत LIC की जानकारी मांगने के लिए पॉलिसी नंबर ज़रूरी नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि कोई भी व्यक्ति सूचना का अधिकार (RTI Act) के तहत भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की पॉलिसियों की जानकारी बिना पॉलिसी नंबर दिए भी मांग सकता है, लेकिन ऐसी रिक्वेस्ट के साथ पहचान की बुनियादी जानकारी देना ज़रूरी है, ताकि जानकारी ढूंढी जा सके।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की डिवीज़न बेंच ने पॉलिसीहोल्डर की तरफ से दायर इंट्रा-कोर्ट अपील खारिज की। इस पॉलिसीहोल्डर ने उन सभी LIC पॉलिसियों की पूरी लिस्ट मांगी थी, जिनमें वह बीमित थी, लेकिन उसने पॉलिसी...
जजों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें जनहित के दायरे में आतीं, RTI Act के तहत 'निजी जानकारी' नहीं: पत्रकार ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा
दिल्ली हाईकोर्ट को बुधवार को बताया गया कि किसी जज के खिलाफ भ्रष्टाचार और दुराचार के आरोपों वाली शिकायतों से जुड़ी जानकारी को, सूचना का अधिकार (RTI Act), 2005 के तहत "निजी जानकारी" का हवाला देकर सार्वजनिक करने से छूट नहीं दी जा सकती।यह दलील वकील प्रशांत भूषण ने दी, जो पत्रकार और RTI एक्टिविस्ट सौरव दास द्वारा दायर एक याचिका के मामले में जस्टिस पुरुशेंद्र कुमार कौरव के सामने पेश हुए।दास ने RTI के तहत यह जानकारी मांगी है कि क्या सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम को मद्रास हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस टी. राजा...
पत्नी भरण-पोषण की कार्यवाही के लिए RTI Act के तहत पति का IT रिटर्न नहीं मांग सकती, यह 'निजी जानकारी' के तहत छूट प्राप्त है: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि कोई भी जीवनसाथी, दूसरे जीवनसाथी का इनकम टैक्स रिटर्न और वित्तीय रिकॉर्ड, सूचना का अधिकार (RTI) एक्ट, 2005 के तहत आवेदन करके प्राप्त नहीं कर सकता; क्योंकि ऐसी जानकारी RTI Act की धारा 8(1)(j) के तहत 'निजी जानकारी' मानी जाती है, जिसे सार्वजनिक करने से छूट प्राप्त है।बेंगलुरु में बैठी पीठ ने अदालत के आदेश में यह टिप्पणी करते हुए गिरीश रामचंद्र देशपांडे बनाम CIC, 2012 AIR SCW 5865 मामले का हवाला दिया,"...किसी व्यक्ति द्वारा अपने इनकम टैक्स रिटर्न में दी गई जानकारी...
तत्काल टिकटों का 'मायाजाल': करोड़ों यात्रियों की जेब खाली, रेलवे की चांदी!
भारतीय रेलवे में सफर करने वाले आम आदमी के लिए तत्काल टिकट एक 'जरूरत' भी है और एक 'जुए' जैसा भी। हाल ही में आरटीआई (RTI) से प्राप्त चौंकाने वाले आंकड़ों ने यह साफ किया कि तत्काल बुकिंग के नाम पर यात्रियों को कितनी बड़ी आर्थिक चोट लग रही है। पिछले 5 वर्षों में तत्काल टिकटों की बुकिंग में 1000% से अधिक की वृद्धि हुई है, लेकिन साथ ही रिफंड न मिलने के कारण करोड़ों रुपये रेलवे के खजाने में जा रहे हैं।यह महत्वपूर्ण जानकारी एडवोकेट सचिन तिवारी द्वारा दायर की गई RTI के माध्यम से सामने आई। एडवोकेट तिवारी...
सुप्रीम कोर्ट ने CIC अपॉइंटमेंट्स के बारे में अपोज़िशन लीडर की असहमति को बताने का निर्देश देने से किया मना
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को चीफ इन्फॉर्मेशन कमिश्नर (CIC) और इन्फॉर्मेशन कमिश्नरों की नियुक्ति के बारे में अपोज़िशन लीडर के असहमति नोट को पब्लिश करने का निर्देश देने से मना किया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एनवी अंजारई की बेंच ने RTI एक्टिविस्ट अंजलि भारद्वाज की ओर से एडवोकेट प्रशांत भूषण की इस दलील को नहीं माना कि अपोज़िशन लीडर की असहमति को पब्लिश किया जाना चाहिए।CJI कांत ने कहा,"हम इस पर नहीं जाएंगे।" भूषण ने कहा कि लोगों को यह जानने का हक है कि...
पीएम केयर्स फंड कानूनी संस्था, लेकिन RTI Act के तहत उसे प्राइवेसी का अधिकार: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को मौखिक रूप से टिप्पणी की कि पीएम केयर्स फंड, एक कानूनी या सरकारी संस्था होने के बावजूद, सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act) के तहत प्राइवेसी के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की डिवीजन बेंच ने कहा कि भले ही यह फंड एक राज्य हो, लेकिन सिर्फ इसलिए कि यह एक पब्लिक अथॉरिटी है। कुछ सार्वजनिक काम करता है, इसका मतलब यह नहीं है कि वह अपने प्राइवेसी के अधिकार को खो देता है।कोर्ट एक गिरीश मित्तल द्वारा दायर अपील पर सुनवाई कर रहा...
RTI Act के तहत पासपोर्ट की कॉपी किसी तीसरे पक्ष को नहीं दी जा सकती: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि चेक अनादर के आरोपी व्यक्ति के पासपोर्ट से संबंधित जानकारी, जिसमें पासपोर्ट की प्रति भी शामिल है, व्यक्तिगत प्रकृति की है और सूचना के अधिकार अधिनियम (RTI Act) के तहत इसका खुलासा नहीं किया जा सकता।अदालत ने यह भी कहा कि इस खुलासे को RTI Act की धारा 8(1)(एच) के तहत छूट दी गई, क्योंकि यह ऐसी जानकारी है, जिसके खुलासे से जांच में बाधा उत्पन्न होगी और धारा 24(4) के अनुसार यह अधिनियम राज्य सरकार द्वारा गठित और स्थापित विशेष खुफिया और सुरक्षा संगठनों/इकाइयों पर लागू नहीं होता...
RTI कानून | केंद्रीय सूचना आयोग नीतिगत सुझाव नहीं दे सकता, केवल सूचना पारदर्शिता सुनिश्चित करना उसका कार्य: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 (RTI Act) के तहत गठित केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) का उद्देश्य केवल सार्वजनिक प्राधिकरणों द्वारा सूचना की पारदर्शिता और प्रकटीकरण सुनिश्चित करना है, न कि उन्हें किसी भी प्रकार के नीतिगत सुझाव देना।जस्टिस प्रतीक जलान ने यह टिप्पणी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) की याचिका स्वीकार करते हुए की, जिसमें CIC द्वारा जारी किए गए कारण बताओ नोटिस को चुनौती दी गई। यह नोटिस HPCL के एक निलंबित कर्मचारी की शिकायत पर जारी किया गया,...
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने केंद्रीय सूचना आयोग में लंबित RTI अपीलों के समयबद्ध निपटारे की याचिका पर नोटिस जारी किया
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने जनहित याचिका (PIL) पर नोटिस जारी किया, जिसमें केंद्रीय सूचना आयोग (CIC), नई दिल्ली के समक्ष सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 (RTI Act) के तहत दायर द्वितीय अपीलों के समयबद्ध निपटारे की मांग की गई, विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश से संबंधित मामलों में।यह याचिका जुनैद जाविद 28 वर्षीय RTI और सोशल एक्टिविस्ट द्वारा दायर की गई, जो बारामुला के निवासी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर से जुड़ी दूसरी अपीलों को सूचीबद्ध करने और उन पर सुनवाई में व्यवस्थित देरी हो...
'इतना आसान नहीं, इसमें भारी बुनियादी ढांचे के निवेश की आवश्यकता': आम जनता को CIC की सुनवाई में शामिल होने की अनुमति देने वाली जनहित याचिका पर हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को जनहित याचिका का निपटारा किया, जिसमें केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) को आम जनता के साथ-साथ पत्रकारों को भी कार्यवाही में प्रत्यक्ष और वर्चुअल रूप से शामिल होने की अनुमति देने का निर्देश देने की मांग की गई थी।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस अनीश दयाल की खंडपीठ ने टिप्पणी की कि यह मुद्दा उतना सरल नहीं है, जितना याचिकाकर्ता दर्शाना चाहते हैं। इसके लिए भारी बुनियादी ढांचे के निवेश की आवश्यकता है।यह याचिका सौरव दास सहित विभिन्न पत्रकारों द्वारा दायर की गई।CIC के समक्ष...
RTI Act की धारा 7 के तहत जांच शुरू करना पब्लिक इन्फॉर्मेशन ऑफिसर का कानूनी दायित्व नहीं: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में दिए गए एक फैसले में स्पष्ट किया कि सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 (RTI Act) की धारा 7 के तहत किसी पब्लिक इन्फॉर्मेशन ऑफिसर (PIO) के पास RTI आवेदनों के निस्तारण के दौरान कोई जांच शुरू करने की शक्ति या कर्तव्य नहीं है।यह निर्णय जस्टिस एन. नागरेश ने याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसमें याचिकाकर्ता ने अपने प्राचार्य पद पर नियुक्ति को मंजूरी देने का निर्देश मांगा था।याचिकाकर्ता को विधिवत चयन प्रक्रिया और यूनिवर्सिटी की मंजूरी के बाद कॉलेज का प्राचार्य नियुक्त किया गया था।...
CBI की 'Undesirable Contact Men' सूची में नाम शामिल किए जाने के कारण RTI Act से अपवाद नहीं माना जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति का नाम खुफिया एजेंसी की Undesirable Contact Men (अवांछनीय संपर्क व्यक्ति) सूची में शामिल करना और उसका प्रकाशन समाचार पत्रों तथा आधिकारिक वेबसाइट पर करना प्रथम दृष्टया (Prima Facie) मानवाधिकारों का उल्लंघन है, जैसा कि सूचना का अधिकार एक्ट (RTI Act) की धारा 24(1) के तहत परिभाषित किया गया है।प्रसंग के रूप में RTI Act की धारा 24(1) कहती है कि एक्ट उन खुफिया और सुरक्षा संगठनों पर लागू नहीं होता, जो द्वितीय अनुसूची में सूचीबद्ध हैं। हालांकि, इस धारा में यह अपवाद...
RTI Act की धारा 19(8)(b) के तहत मुआवजा केवल वास्तविक क्षति या हानि सिद्ध होने पर ही मिलेगा: पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने सूचना के विलंबित प्रेषण के कारण मुआवजे की मांग करने वाली याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 (RTI Act) की धारा 19(8)(b) के तहत मुआवजा केवल उसी स्थिति में दिया जा सकता है, जब याचिकाकर्ता यह सिद्ध कर सके कि उसे सूचना में हुई देरी के कारण वास्तविक क्षति या हानि हुई है।जस्टिस राजेश कुमार वर्मा की अध्यक्षता में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा,"याचिकाकर्ता ने मुआवजे की मांग के लिए अपने द्वारा झेली गई हानि या क्षति का कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। इसके...
सार्वजनिक परीक्षा में अन्य उम्मीदवारों के अंकों का खुलासा जनहित में RTI के तहत किया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट का आदेश बरकरार रखा, जिसमें यह कहा गया कि सूचना के अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI Act) के तहत सार्वजनिक परीक्षा में अन्य उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त अंकों का खुलासा करने के अनुरोध को जनहित में अस्वीकार नहीं किया जा सकता।11 नवंबर, 2024 को रिट याचिका में पारित आदेश द्वारा हाईकोर्ट ने RTI Act के तहत जिला कोर्ट, पुणे में जूनियर क्लर्क के पद पर भर्ती में खुद सहित अन्य उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त अंकों का खुलासा करने की मांग करने वाली प्रतिवादी की याचिका स्वीकार की थी।हाईकोर्ट...
अप्रैल में होगी राजनीतिक दलों को RTI Act के तहत लाने की याचिका पर सुनवाई
अप्रैल में सुप्रीम कोर्ट इस मुद्दे पर सुनवाई करेगा कि क्या सभी राजनीतिक दलों को RTI Act, 2005 के तहत 'सार्वजनिक प्राधिकरण' माना जा सकता है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) संजीव खन्ना और जस्टिस जस्टिस संजय कुमार की खंडपीठ सभी राजनीतिक दलों को सूचना के अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI Act) के तहत "सार्वजनिक प्राधिकरण" के रूप में लाने के निर्देश देने की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।ADR की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण ने जोर देकर कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में 10 साल से लंबित...
PM मोदी डिग्री मामला: जनहित नहीं, महज जिज्ञासा पर RTI स्वीकार्य नहीं- दिल्ली यूनिवर्सिटी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक डिग्री से जुड़े मामले में दिल्ली यूनिवर्सिटी ने मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट से कहा कि केवल जिज्ञासा सूचना के अधिकार (RTI) मंचों से संपर्क करने के लिए पर्याप्त नहीं है।SG तुषार मेहता ने जस्टिस सचिन दत्ता के समक्ष यूनिवर्सिटी की ओर से यह दलील दी।अदालत 2017 में दायर DU की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें केंद्रीय सूचना आयोग के एक आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें 1978 में बीए प्रोग्राम पास करने वाले छात्रों के रिकॉर्ड की जांच की अनुमति देने का निर्देश दिया गया...
क्या 'राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र' ट्रस्ट RTI Act के तहत सार्वजनिक प्राधिकरण है? दिल्ली हाईकोर्ट CIC से तय करने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) को यह तय करने का निर्देश दिया कि क्या "श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र" ट्रस्ट सूचना के अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI Act) की धारा 2(एच) के तहत एक सार्वजनिक प्राधिकरण है।जस्टिस संजीव नरूला ने CIC को RTI आवेदक नीरज शर्मा के साथ-साथ केंद्रीय गृह मंत्रालय के लोक सूचना अधिकारी (PIO) को सुनवाई का अवसर देने के बाद यथासंभव शीघ्रता से इस प्रश्न पर निर्णय लेने का निर्देश दिया।शर्मा के RTI आवेदन के जवाब में गृह मंत्रालय ने उन्हें सूचित किया कि ट्रस्ट का गठन केंद्र...

















