झारखंड हाईकोट

'शराब पीने को लेकर अचानक हुई बहस के दौरान चाकू का एक वार, पूर्व-नियोजित हत्या नहीं': झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि अचानक हुई बहस के दौरान, आवेश में आकर और बिना किसी पूर्व योजना के चाकू से किया गया वार IPC की धारा 300 के 'अपवाद 4' (Exception 4) के दायरे में आ सकता है। ऐसे मामले में अपराध 'हत्या' की श्रेणी में न आकर 'गैर-इरादतन हत्या' (Culpable Homicide not Amounting to Murder) माना जाएगा।कोर्ट ने 88 वर्षीय एक पिता की हत्या की सजा को बदलकर IPC की धारा 304 (भाग II) के तहत अपराध में बदल दिया। इस पिता ने शराब पीने को लेकर हुई बहस के बाद अपने बेटे को चाकू घोंप दिया था, जिससे उसकी मौत हो...

ट्रेन से गिरकर व्यक्ति की मौत पर टिकट नहीं मिलने के आधार पर मुआवजा देने से इनकार नहीं किया जा सकता: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा है कि रेलवे दुर्घटनाओं में मुआवजे से जुड़े प्रावधानों की उदारतापूर्वक व्याख्या की जानी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि रेलवे अधिनियम की संकीर्ण और तकनीकी व्याख्या करने से बड़ी संख्या में पीड़ितों, विशेषकर गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को मुआवजे से वंचित होना पड़ सकता है, जो अपनी आर्थिक स्थिति के कारण रेल यात्रा पर निर्भर हैं।जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की एकल पीठ ने ट्रेन से गिरकर एक व्यक्ति की मौत के मामले में उसके परिवार को ₹8 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि मृतक के शव...

'CrPC की धारा 313 के तहत सवाल आरोपी को उसकी समझ आने वाली भाषा में समझाए जाने चाहिए': झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि CrPC की धारा 313 के तहत आरोपी से उसकी समझ आने वाली भाषा में ही सवाल पूछे जाने चाहिए। अगर उसके बयान को गलत तरीके से दर्ज किया जाता है, जिससे उसे अपने खिलाफ मौजूद सबूतों या परिस्थितियों को स्पष्ट करने के अधिकार पर असर पड़ता है तो यह उसे बरी करने का आधार बन सकता है। कोर्ट ने एक अनपढ़ व्यक्ति की हत्या की सजा और उम्रकैद रद्द की। उसका बयान पूरी तरह से अंग्रेजी में दर्ज किया गया। इस बात का कोई जिक्र नहीं था कि सवाल और जवाब उसे उसकी मातृभाषा में समझाए गए या नहीं।जस्टिस आनंद सेन...

आपसी सहमति से तलाक की डिक्री को भी दी जा सकती है चुनौती: झारखंड हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का फैसला रद्द किया
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा है कि हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13B के तहत आपसी सहमति से दिए गए तलाक के फैसले को आमतौर पर अपील के जरिए चुनौती नहीं दी जा सकती। हालांकि, अगर सहमति की वास्तविकता पर सवाल हो या कानून में तय जरूरी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया हो, तो ऐसी डिक्री के खिलाफ अपील की जा सकती है।जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने रांची फैमिली कोर्ट द्वारा 17 अगस्त 2024 को दिए गए आपसी सहमति से तलाक के फैसले को रद्द कर दिया। हाईकोर्ट ने पाया कि फैमिली कोर्ट ने...

पत्नी पर अपने विवाहेत्तर संबंध स्वीकार करने और 'प्रेमिका' के साथ 'छोटी बहन' की तरह रहने का दबाव डाल रहा था पति, झारखंड हाईकोर्ट ने तलाक की अर्जी मंजूरी की
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि यदि कोई पति अपनी पत्नी पर यह दबाव डालता है कि वह उसके विवाहेतर संबंध (Extramarital Relationship) को स्वीकार करे और उस महिला के साथ 'छोटी बहन' बनकर रहे, जिसके साथ उसके संबंध हैं, तो यह सबसे गंभीर किस्म की मानसिक क्रूरता है। अदालत ने पत्नी की अपील स्वीकार की, जिसमें उसने अपनी तलाक की याचिका खारिज किए जाने को चुनौती दी थी, और क्रूरता के आधार पर शादी को खत्म कर दिया।जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने कहा कि विवाह आपसी विश्वास और सम्मान...

दोषी की समयपूर्व रिहाई याचिका खारिज करने का फैसला पहले से तय होने जैसा, रिपोर्टों का विश्लेषण नहीं किया: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य सजा समीक्षा बोर्ड किसी दोषी की समयपूर्व रिहाई की याचिका को बिना उचित विचार-विमर्श के यांत्रिक तरीके से खारिज नहीं कर सकता। बोर्ड के लिए जरूरी है कि वह दोषी के आचरण, उम्र, दोबारा अपराध करने की प्रवृत्ति और समाज में पुनर्वास की संभावनाओं से जुड़ी प्रासंगिक रिपोर्टों पर विचार करे और अपने फैसले के कारण स्पष्ट करे।जस्टिस रोंगोन मुखोपाध्याय की सिंगल बेंच आजीवन कारावास की सजा काट रहे दोषी की रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता ने राज्य सजा समीक्षा बोर्ड द्वारा 25...

रेलवे विशेषज्ञों के फैसले पर दोबारा विचार नहीं कर सकते कोर्ट': झारखंड हाईकोर्ट ने रोड ओवर ब्रिज बनाने की मांग वाली याचिका खारिज की
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि रेलवे अधिकारियों के तकनीकी और नीतिगत फैसलों में अदालतों के हस्तक्षेप की गुंजाइश सीमित है।चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की खंडपीठ ने पलामू क्षेत्र में पंजरिकला गांव के पास लालगढ़ बिहार और राजहरा के बीच रोड ओवर ब्रिज (ROB) या गेटमैन युक्त रेलवे लेवल क्रॉसिंग बनाने की मांग वाली जनहित याचिका पर राहत देने से इनकार किया। जनहित याचिका में अधिकारियों को मौजूदा रेलवे लाइन पर गेटमैन युक्त लेवल क्रॉसिंग या रोड ओवर ब्रिज का निर्माण शुरू करने और निर्धारित समय में पूरा...

72 घंटे बाद वीर्य नहीं मिलना स्वाभाविक, FIR में तीन दिन की देरी का भी उचित स्पष्टीकरण: झारखंड हाईकोर्ट ने गैंगरेप की सजा बरकरार रखी
झारखंड हाईकोर्ट ने गैंगरेप के मामले में दोषी ठहराए गए आरोपियों की अपील खारिज करते हुए उनकी सजा बरकरार रखी।कोर्ट ने पीड़िता की गवाही को पूरी तरह विश्वसनीय और भरोसेमंद माना। उसने कहा कि FIR दर्ज कराने में तीन दिन की देरी, आरोपियों के नाम नहीं बता पाना और घटना के 72 घंटे बाद मेडिकल जांच में वीर्य नहीं मिलना, पीड़िता की गवाही को अविश्वसनीय बनाने के लिए पर्याप्त नहीं है। खासकर तब, जब उसके शरीर पर मिले चोटों के निशान उसकी बातों की पुष्टि करते हों। जस्टिस आनंद सेन और जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की...

एक ही अपराध के लिए जब POCSO और IPC दोनों के तहत आरोप लगें तो POCSO Act के तहत सिर्फ़ ज़्यादा सज़ा दी जानी चाहिए: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि जब किसी आरोपी को एक ही अपराध के लिए POCSO Act की धारा 4 और IPC की धारा 376(2)(f) दोनों के तहत दोषी ठहराया जाता है तो POCSO Act की धारा 42 के अनुसार कोर्ट को ज़्यादा सज़ा देनी चाहिए; यह दोनों अपराधों के लिए अलग-अलग सज़ाओं को एक के बाद एक (Consecutively) चलाने की इजाज़त नहीं देता है।जस्टिस आनंद सेन और जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की डिवीज़न बेंच सिमडेगा के एडिशनल सेशंस जज-कम-स्पेशल जज (POCSO) द्वारा स्पेशल (POCSO) केस नंबर 01/2014 में 02.07.2015 को दोषी ठहराने के फ़ैसले...

झारखंड हाईकोर्ट ने पुलिस स्टेशनों में CCTV कैमरे लगाने में देरी पर अवमानना का नोटिस जारी किया
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि समय-समय पर जारी न्यायिक आदेशों के बावजूद पुलिस स्टेशनों में CCTV कैमरे लगाने के निर्देशों का पालन करने में राज्य द्वारा बार-बार की गई देरी, पहली नज़र में "देरी करने की एक व्यवस्थित कोशिश, या सीधे तौर पर आदेश न मानने" जैसा लगता है।चीफ जस्टिस एम.एस. सोनाक और जस्टिस मनोज प्रसाद की डिवीजन बेंच झारखंड भर के पुलिस स्टेशनों में CCTV कैमरे लगाने के मुद्दे पर विचार कर रही थी।कोर्ट के 27.08.2026 के आदेश के बाद डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (DGP) ने 11.09.2026 को एक हलफनामा दायर किया।...

FIR दर्ज नहीं कराना पत्नी के साथ हुई क्रूरता की गवाही खारिज करने का आधार नहीं: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि वैवाहिक विवाद में केवल इस आधार पर पत्नी की गवाही को अविश्वसनीय नहीं माना जा सकता कि उसने पति के खिलाफ मारपीट और क्रूरता के आरोपों को लेकर FIR दर्ज नहीं कराई। अदालत ने स्पष्ट किया कि वैवाहिक मामलों में क्रूरता के आरोपों का आकलन उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाना चाहिए।जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ पत्नी की ओर से दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी। यह अपील फैमिली कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ दायर की गई, जिसमें विशेष विवाह अधिनियम, 1954 की धारा...

PMLA की रकम और मुख्य अपराध की रकम में 'गणितीय मेल' होना ज़रूरी नहीं: झारखंड हाईकोर्ट ने पूर्व CM मधु कोडा की याचिका खारिज की
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि 'शेड्यूल्ड ऑफ़ेंस' (मुख्य अपराध) से जुड़ी कार्यवाही में तय की गई रकम और 'प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002' (PMLA) के तहत अपराध से हुई कमाई (प्रोसीड्स ऑफ़ क्राइम) मानी जाने वाली संपत्ति की कीमत के बीच "गणितीय मेल" होना ज़रूरी नहीं है।जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की सिंगल जज बेंच झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोडा की ओर से CrPC की धारा 482 के तहत दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में रांची में PMLA मामलों के स्पेशल जज के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें...

केवल अपराधियों के संपर्क में आने की आशंका पर नाबालिग को जमानत से वंचित नहीं कर सकते: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि कानून से संघर्षरत नाबालिग को किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 (JJ Act) की धारा 12 के तहत जमानत देना सामान्य नियम है। केवल इस आशंका के आधार पर जमानत से इनकार नहीं किया जा सकता कि रिहा होने पर नाबालिग का संपर्क अपराधियों से हो सकता है। इसके लिए ठोस सामग्री और उचित आधार होना जरूरी है।जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की सिंगल बेंच नाबालिग सोनू साव की ओर से दायर आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में हजारीबाग के किशोर न्याय बोर्ड (JJB) और...

रद्द की गई JPSC और JSSC परीक्षाओं के ज़रिए नियुक्त कर्मचारियों की नौकरी खत्म करने पर लगी रोक हाईकोर्ट ने बढ़ाई
PTI के अनुसार झारखंड हाईकोर्ट ने बुधवार को उन सरकारी कर्मचारियों की नौकरी खत्म करने पर लगी रोक बढ़ाई, जिनकी नियुक्तियां झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित कुछ परीक्षाओं के रद्द होने से प्रभावित हुईं।जस्टिस दीपक रोशन उन कर्मचारियों द्वारा दायर कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे थे, जिन्होंने परीक्षाओं को रद्द करने और उसके बाद उनकी सेवाएं खत्म करने के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती दी थी।बुधवार को सुनवाई पूरी नहीं हो सकी और यह गुरुवार को जारी रहेगी।अंग्रेज़ी में...

'हम आर्टिकल 21 के दौर में जी रहे हैं': झारखंड हाईकोर्ट ने बरी होने के बाद भी महिला को हिरासत में रखने पर सवाल उठाए
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति की आज़ादी को कानून के अधिकार के बिना छीना नहीं जा सकता और एक आपराधिक मामले में बरी होने के बावजूद एक महिला को हिरासत में रखे जाने पर सवाल उठाए।जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस अखिल कुमार की डिवीज़न बेंच संविधान के आर्टिकल 226 के तहत दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में रीना देवी को कोर्ट के सामने पेश करने की मांग की गई ताकि उनकी हिरासत की कानूनी वैधता और उसे जारी रखने की न्यायिक समीक्षा की जा सके।यह याचिका जेल में बंद कैदियों से जुड़े...

'रेप पीड़िता के शरीर पर संघर्ष या विरोध के निशान न होना, उसकी बात पर अविश्वास करने का आधार नहीं': झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि रेप पीड़िता के शरीर पर संघर्ष या विरोध के निशान न होने को अकेले ही उसकी गवाही पर अविश्वास करने का आधार नहीं माना जा सकता, खासकर तब जब पीड़िता नाबालिग हो और मेडिकल सबूत घटना की पुष्टि करते हों।जस्टिस आनंद सेन और जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की डिवीजन बेंच ने उन अपीलकर्ताओं की अपील पर सुनवाई की, जिन्होंने IPC की धारा 376(D) और POCSO Act, 2012 की धारा 4, 8 और 12 के तहत अपनी सज़ा को चुनौती दी थी।अपीलकर्ताओं को सिमडेगा के एडिशनल सेशन जज-I-कम-स्पेशल जज (POCSO) ने स्पेशल...

हाईकोर्ट के सख्त निर्देश: हजारीबाग में चार महीने में 20 प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल चालू करे सरकार
झारखंड हाईकोर्ट ने हजारीबाग में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए राज्य सरकार और हजारीबाग नगर निगम को कई अहम निर्देश दिए। अदालत ने 20 प्रमुख चौराहों पर स्वचालित ट्रैफिक लाइट प्रबंधन प्रणाली को चार महीने के भीतर चालू करने और उसका परीक्षण पूरा करने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सिर्फ योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है बल्कि उनके क्रियान्वयन और नियमित निगरानी पर भी ध्यान देना होगा।चीफ जस्टिस एम.एस. सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ हजारीबाग में बदहाल...

बिहार का शराब कानून झारखंड में लागू नहीं, वाहन जब्ती मामले में हाईकोर्ट ने आदेश किया रद्द
झारखंड हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम, 2016 बिहार राज्य का कानून है और इसे झारखंड में चल रही कार्यवाही पर लागू नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने शराब की कथित अवैध ढुलाई के मामले में वाहन छोड़ने से इनकार करते हुए बिहार के कानून पर भरोसा करने के सत्र अदालत के आदेश को गंभीर कानूनी त्रुटि माना।जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की सिंगल बेंच वाणिज्यिक पिकअप वाहन के मालिक की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। वाहन को पिंड्राजोरा थाना कांड संख्या 18/2026 में जब्त किया गया। आरोप था कि वाहन से...

पत्नी की सिर्फ यह इच्छा कि पति घरजमाई बनकर रहे, क्रूरता नहीं: झारखंड हाईकोर्ट ने पति की तलाक याचिका खारिज की
झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी की केवल यह इच्छा कि उसका पति उसके मायके में घरजमाई बनकर रहे, हिंदू विवाह अधिनियम के तहत तलाक मांगने के लिए वैवाहिक क्रूरता नहीं मानी जा सकती। कोर्ट ने पति की तलाक की याचिका खारिज करने का फैमिली कोर्ट का फैसला बरकरार रखते हुए उसकी अपील भी खारिज की।जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ पति की ओर से दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी। पति ने हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13(1) (AI) के तहत क्रूरता के आधार पर तलाक की मांग की थी, जिसे फैमिली कोर्ट ने...

JPSC परीक्षा जांच में अभ्यर्थियों के उत्पीड़न की शिकायत, झारखंड हाईकोर्ट ने रिटायर्ड जस्टिस को बनाया निगरानी अधिकारी
झारखंड हाईकोर्ट ने 11वीं से 13वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की कार्रवाई पर नजर रखने के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस गौतम कुमार चौधरी को निगरानी अधिकारी नियुक्त किया। यह व्यवस्था उन अभ्यर्थियों की शिकायतों के मद्देनजर की गई, जिन्होंने जांच के दौरान उत्पीड़न और अनुचित दबाव की आशंका जताई।मामले की सुनवाई जस्टिस दीपक रोशन की एकल पीठ कर रही थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अभ्यर्थियों की ओर से पेश वकील ने कहा कि जांच कर रही SIT कुछ...
