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S. 92 CPC | पब्लिक ट्रस्ट के खिलाफ़ केस करने की इजाज़त वाली अर्ज़ी पेंडिंग होने पर सिविल कोर्ट अंतरिम आदेश नहीं दे सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (18 सितंबर) को कहा कि जब तक 'कोड ऑफ़ सिविल प्रोसीजर, 1908' (CPC) की धारा 92 के तहत केस करने की इजाज़त मांगने वाली अर्ज़ी पेंडिंग है, तब तक सिविल कोर्ट सुरक्षा या बचाव से जुड़े अंतरिम आदेश नहीं दे सकता।चूंकि CPC की धारा 92 के तहत लोगों के समूह की ओर से केस (रिप्रेजेंटेटिव सूट) करने के लिए कोर्ट से पहले इजाज़त लेना ज़रूरी है, इसलिए जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने कहा कि धारा 92 CPC के तहत इजाज़त मिलना केस शुरू करने के लिए एक ज़रूरी शर्त है। जब तक ऐसी इजाज़त...

जस्टिस उज्ज्वल भुइयां के बचाव में उतरे जस्टिस ओक, दिल्ली मेट्रो आर्बिट्रेशन फ़ैसले का किया समर्थन
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस अभय ओका ने सुप्रीम कोर्ट के 2024 के दिल्ली मेट्रो फ़ैसले पर जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की सार्वजनिक आलोचना का बचाव किया। उन्होंने कहा कि जजों का यह फ़र्ज़ है कि वे वही कहें जो उन्हें संवैधानिक और कानूनी रूप से सही लगे, और भारत में विदेशी निवेश लाने की ज़िम्मेदारी उनकी नहीं है।जस्टिस भुइयां ने "भारत में आर्बिट्रेशन: सुधार, प्रासंगिकता और आगे की राह" विषय पर लेक्चर के दौरान दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड बनाम दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड मामले...

ममता बनर्जी ने TMC का नाम और चुनाव चिह्न फ्रीज़ करने के ECI के आदेश के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की संस्थापक ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। उन्होंने पार्टी के विरोधी गुटों के बीच विवाद के चलते भारत के चुनाव आयोग (ECI) के उस फ़ैसले को चुनौती दी, जिसमें ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) का नाम और उसके आरक्षित चुनाव चिह्न 'फूल और घास' (Flowers & Grass) को फ्रीज़ कर दिया गया।ECI के फ़ैसले को चुनौती देने वाली यह रिट याचिका 18 सितंबर को दायर की गई। ECI और विरोधी गुट के प्रमुख रिताब्रत बनर्जी को इसमें प्रतिवादी बनाया...

एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल हत्याएं बढ़ रही हैं, संविधान ऐसे शॉर्टकट तरीकों को मंज़ूरी नहीं देता: जस्टिस उज्ज्वल भुइयां
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने देश में एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल हत्याओं (बिना कानूनी प्रक्रिया के हत्या) और पुलिस हिंसा की घटनाओं में बढ़ोतरी पर चिंता जताई। उन्होंने उस तरीके पर सवाल उठाए, जिससे कभी-कभी आरोपियों को पुलिस कस्टडी में लिया जाता है और कथित एनकाउंटर या अन्य घटनाओं में मार दिया जाता है।शुक्रवार को नई दिल्ली में 'सेंटर फॉर डिस्कोर्स ऑन क्रिमिनल एंड कॉन्स्टिट्यूशनल ज्यूरिस्प्रूडेंस' द्वारा आयोजित "आपराधिक मुकदमों में नैतिकता, मीडिया द्वारा ट्रायल और बयानों की स्वीकार्यता पर...

West Bengal SIR | 37 लाख अपीलें पेंडिंग, अपीलीय ट्रिब्यूनल ने 3% से भी कम का निपटारा किया: ECI ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
पश्चिम बंगाल SIR मामले में चुनाव आयोग (ECI) ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया, जिसमें कहा गया कि अपीलीय ट्रिब्यूनल के सामने दायर 97% से ज़्यादा अपीलें अभी भी पेंडिंग हैं।16 सितंबर को दायर हलफनामे में बताया गया कि अपीलीय ट्रिब्यूनल के सामने कुल 38 लाख (38,20,683) से ज़्यादा अपीलें दायर की गईं। इनमें से सिर्फ़ 1,02,231 (लगभग 2.68%) का निपटारा किया गया, जबकि 37,18,452 पर अभी फैसला होना बाकी है।उल्लेखनीय है कि आयोग ने कोर्ट को नाम हटाने के खिलाफ दायर अपीलों और नाम शामिल करने के खिलाफ दायर...

सीनियर के अंडर ट्रेनिंग लिए बिना ऑफिस शुरू करने वाले युवा वकील कानूनी पेशे की 'बारीकियों' को नहीं सीख पाते: जस्टिस बीवी नागरत्ना
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीवी नागरत्ना ने गुरुवार को कहा कि जो युवा वकील अपनी लॉ डिग्री मिलने के तुरंत बाद स्वतंत्र प्रैक्टिस शुरू कर देते हैं, वे सीनियर वकीलों के अंडर ट्रेनिंग लिए बिना "वकालत के असली कौशल", "सॉफ्ट स्किल्स" और कानूनी पेशे की "बारीकियों" को नहीं सीख पाते।उन्होंने कहा,"हम जानते हैं कि आजकल युवा बहुत महत्वाकांक्षी हैं। लेकिन जब तक आप किसी सीनियर के साथ ट्रेनिंग नहीं लेते, तब तक आप इस पेशे की बारीकियों को नहीं जान पाएंगे। पीढ़ियों से ऐसा ही होता आ रहा है। पेशे की बारीकियां, यह नेक...

शराब पर पाबंदी के बावजूद गुजरात में ज़हरीली शराब से कई हादसे हुए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दशकों से शराब पर सख़्त पाबंदी की नीति होने के बावजूद, गुजरात में मेथनॉल-युक्त अवैध शराब से जुड़े कई बड़े ज़हरीली शराब (हच) के हादसे हुए हैं। कोर्ट ने यह बात मेथनॉल पर महाराष्ट्र की पाबंदियों की संवैधानिक वैधता की जांच करते हुए कही।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने कहा कि "ड्राई स्टेट" (शराब-मुक्त राज्य) होने के बावजूद, गुजरात में राज्य के गठन और आज़ादी के बाद से कम-से-कम दस बड़े ज़हरीली शराब के हादसे हुए, जिनमें 600 से ज़्यादा लोगों की जान गई।...

सुप्रीम कोर्ट ने PMLA मामले में अल-फलाह चेयरमैन को कैंसर पीड़ित पत्नी के साथ रहने के लिए 5 दिन की पैरोल दी
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को पांच दिन की पैरोल दी। वह अल-फलाह ग्रुप के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के दो मामलों में हिरासत में हैं। उन्हें यह राहत इसलिए दी गई ताकि वे अपनी पत्नी के साथ रह सकें, जो स्टेज-IV कैंसर से पीड़ित हैं।जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने आदेश दिया कि सिद्दीकी को 18 सितंबर से पैरोल पर रिहा किया जाए और वह 23 सितंबर को शाम 4.30 बजे तक जेल वापस लौट आएं।कोर्ट ने माना कि...

सभी अदालतों में महिला वकीलों की यौन उत्पीड़न की शिकायतों के लिए नियम बनाए केंद्र और BCI: सुप्रीम कोर्ट
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) से कहा कि वे मिलकर हाईकोर्ट, ज़िला अदालतों, तालुका अदालतों, ट्रिब्यूनल और अन्य अर्ध-न्यायिक संस्थाओं में प्रैक्टिस करने वाली महिला वकीलों की यौन उत्पीड़न की शिकायतों से निपटने के लिए नियम बनाएं।जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा कि 'कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013' (POSH Act) को कानूनी पेशे से जुड़ी महिलाओं पर "सख्त और एक ही तरह से" (Straitjacket...

राज्य बार काउंसिल की तरह BCI में भी 30% महिला प्रतिनिधित्व की मांग, सुप्रीम कोर्ट में याचिका
सुप्रीम कोर्ट के समक्ष याचिका दायर की गई, जिसमें बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) में महिलाओं का कम-से-कम 30% प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के निर्देश देने की मांग की गई, जिसमें कहा गया कि हाल ही में राज्य बार काउंसिल के लिए न्यायालय द्वारा निर्देशित लिंग-प्रतिनिधित्व सुधारों को कानूनी पेशे को नियंत्रित करने वाले शीर्ष वैधानिक निकाय तक बढ़ाया जाना चाहिए।आवेदन योगमाया एम.जी. द्वारा दायर किया गया। राज्य बार काउंसिल के चुनावों से संबंधित लंबित कार्यवाही में। यह BCI के शीघ्र पुनर्गठन और शीर्ष नियामक संस्था...

NEET-UG पेपर लीक के बाद NTA सुधारों की निगरानी, सुप्रीम कोर्ट ने कार्यालय का निरीक्षण करने के संकेत दिए
NEET-UG 2026 पेपर लीक के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में सुधारों की निगरानी कर रहे सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वह नई दिल्ली के मिंटो रोड स्थित NTA के स्थायी कार्यालय का दौरा कर उसकी कार्यप्रणाली का जायजा ले सकता है।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने यह संकेत NTA में संरचनात्मक सुधार की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिए। मामले में फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन और यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट ने याचिकाएं दाखिल कीं। याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील तन्वी दुबे और...

चोट गंभीर होना जरूरी नहीं, हत्या के प्रयास की धारा 307 IPC के लिए इरादा या मौत का ज्ञान जरूरी: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हत्या के प्रयास के अपराध के लिए भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 307 लागू करने के लिए पीड़ित को लगी चोट का गंभीर या जानलेवा होना जरूरी नहीं है। इसके लिए यह देखना महत्वपूर्ण है कि चोट पहुंचाने वाले कृत्य के पीछे हत्या का इरादा था या आरोपी को इस बात का ज्ञान था कि उसके कृत्य से मौत हो सकती है।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने यह टिप्पणी एक पीड़ित के भाई की याचिका खारिज करते हुए की। याचिकाकर्ता ने मुकदमे की कार्यवाही काफी आगे बढ़ जाने के बाद...

रात 1 बजे वाहन उठाना 'गुंडागर्दी': लोन रिकवरी के लिए फाइनेंसर बल प्रयोग नहीं कर सकते, सुप्रीम कोर्ट ने ₹10 लाख मुआवजा दिया
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हाइपोथिकेटेड वाहन की जब्ती का फाइनेंसर का अधिकार बल, धोखे या लोन एग्रीमेंट की शर्तों का उल्लंघन करके इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। लोन की रिकवरी या वाहन की जब्ती केवल कानूनी प्रक्रिया के तहत ही की जा सकती है।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की खंडपीठ ने यह टिप्पणी करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश रद्द कर दिया। कोर्ट ने वाहन मालिक को ₹10 लाख मुआवजा देने का निर्देश दिया, जिसका ट्रक कथित तौर पर रात करीब 1 बजे स्टीयरिंग लॉक तोड़कर बिना किसी पूर्व नोटिस के उठा लिया...

सुप्रीम कोर्ट ने Income Tax Act की धारा 147A रद्द करने वाले फ़ैसले पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की याचिका पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के हालिया फ़ैसले पर रोक लगाई। हाईकोर्ट ने इस फ़ैसले में इनकम टैक्स एक्ट (Income Tax Act) की धारा 147A को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया था।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने केंद्र सरकार की स्पेशल लीव पिटिशन (विशेष अनुमति याचिका) के अंतिम निपटारे तक इस फ़ैसले पर रोक लगाई।कोर्ट ने आदेश दिया: "हाईकोर्ट के विवादित फ़ैसले और आदेश पर तब तक रोक रहेगी, जब तक मुख्य मामले का अंतिम निपटारा नहीं हो जाता।...

“जब तक हम मामले की सुनवाई पूरी करेंगे, आपकी कार चार्ज हो जाएगी”: जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने सुप्रीम कोर्ट में EV चार्जिंग स्टेशन लगाने को कहा
एक मामले की सुनवाई के दौरान, जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने मौखिक रूप से कहा कि सुप्रीम कोर्ट में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग पॉइंट की सुविधा होने से ज़्यादा लोग इलेक्ट्रिक कारें अपनाने के लिए प्रोत्साहित होंगे। उन्होंने कहा कि जब तक कोर्ट की कार्यवाही चलेगी, तब तक उनकी गाड़ियाँ पूरी तरह चार्ज हो जाएँगी।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच एक मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें सीनियर एडवोकेट दामा शेषद्रि नायडू पेश हुए और EV चार्जिंग का मुद्दा उठाया गया। सुनवाई के दौरान, जस्टिस नरसिम्हा ने...

शिक्षकों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने का मामला: सुप्रीम कोर्ट की युवा वकीलों को सलाह- रातों-रात मुद्दों को PIL में न बदलें
जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने एक युवा वकील को, जिन्होंने रिट याचिका दायर की थी, सलाह दी कि ऐसी याचिकाएं दायर करने से पहले वह अच्छी तरह सोच-विचार कर लें। उन्होंने वकील को याद दिलाया कि युवा वकील देश का भविष्य हैं और इस पेशे को आगे बढ़ाने के लिए भी जिम्मेदार हैं।एक युवा वकील ने सुप्रीम कोर्ट में शिक्षकों की रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने की ज़रूरत से जुड़ा मुद्दा उठाते हुए याचिका दायर की। यह मामला जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच के सामने आया।शुरुआत में ही, जस्टिस नरसिम्हा ने सवाल किया कि एक...

POCSO Act के तहत दोषी होने की धारणा पक्की नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने व्यक्ति को बरी किया
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (17.09.2026) को एक व्यक्ति को 'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम, 2012' (POCSO Act) की धारा 6 और 'भारतीय दंड संहिता, 1860' (IPC, अब 'भारतीय न्याय संहिता, 2023' की धारा 137) की धारा 363 के तहत दोषी ठहराए जाने के मामले में बरी किया।कोर्ट ने कहा कि POCSO Act की धारा 29 और 30 के तहत दोषी होने की कानूनी धारणा पक्की (Absolute) नहीं है, और एक बार जब आरोपी सफलतापूर्वक विसंगतियों और सबूतों के समर्थन की कमी (Non-Corroboration) को उजागर कर देता है, तो "दोषी होने की धारणा...

सभी मेडिकल ग्रेजुएट, चाहे वे भारतीय हों या विदेशी, उन्हें एक जैसा स्टाइपेंड मिलना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) से यह पता लगाने को कहा कि क्या राजस्थान, आंध्र प्रदेश, केरल, गुजरात और झारखंड राज्यों में विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट को स्टाइपेंड का भुगतान किया गया, या नहीं।कोर्ट ने मौखिक रूप से यह भी कहा कि वह इस बारे में विस्तृत निर्देश जारी करेगा कि सभी अंडरग्रेजुएट मेडिकल ग्रेजुएट को - चाहे वे भारतीय हों या विदेशी - स्टाइपेंड मिलना चाहिए और यह भुगतान दोनों के लिए समान होना चाहिए। इसके अलावा, कोर्ट ने कहा कि वह देखेगा कि क्या स्टाइपेंड का भुगतान न होने के मामलों को...

सुप्रीम कोर्ट का सवाल- लोगों ने संयुक्त शिवसेना को वोट दिया था तो 2019 के वोट शेयर को शिंदे गुट के समर्थन का सबूत कैसे माना जा सकता है?
शिवसेना मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सवाल उठाया कि क्या 2019 के चुनावों में यूनाइटेड शिवसेना को मिले वोटों को बाद में एकनाथ शिंदे गुट के समर्थन का सबूत माना जा सकता है? शिंदे गुट ने चुनाव आयोग के उस फैसले का बचाव करने के लिए MLA और वोट-शेयर के आंकड़ों का सहारा लिया था, जिसमें उसे असली शिवसेना के तौर पर मान्यता दी गई थी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच उद्धव ठाकरे की उस चुनौती पर सुनवाई कर रही है, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग के उस...

रद्द किए गए नियमों के तहत प्रमोशन का दावा करने का कोई पक्का अधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (17 सितंबर) को फिर से कहा कि लागू नियमों के तहत बनने वाली प्रमोशन वाली पोस्ट को ज़रूरी नहीं कि उन्हीं नियमों के तहत भरा जाए, खासकर तब जब वे नियम अब रद्द कर दिए गए हों। कोर्ट ने माना कि ऐसी प्रमोशन वाली पोस्ट को नए नियमों के तहत भरा जा सकता है, जिनमें भर्ती के नए तरीके बताए गए।जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने कहा,"सरकार के पॉलिसी फ़ैसले को देखते हुए कर्मचारी को रद्द किए गए नियमों के अनुसार प्रमोशन पर विचार किए जाने का कोई पक्का अधिकार नहीं...
