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सुप्रीम कोर्ट में हंगामे की घटना की SCBA ने की निंदा, अदालत की कार्यवाही के वीडियो प्रसार पर दिशा-निर्देश बनाने की मांग
सुप्रीम कोर्ट में हंगामे की घटना की SCBA ने की निंदा, अदालत की कार्यवाही के वीडियो प्रसार पर दिशा-निर्देश बनाने की मांग

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने सुप्रीम कोर्ट की एक अदालत में सुनवाई के दौरान एक पक्षकार द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार, कागजात फेंकने और हंगामा करने की घटना की कड़ी निंदा की है। एसोसिएशन ने कहा कि अदालत की गरिमा और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान हर हाल में बनाए रखा जाना चाहिए।यह घटना जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस आलोक आराधे की पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान हुई थी।SCBA ने जारी बयान में कहा कि अदालत के भीतर कथित रूप से किया गया यह व्यवहार अपमानजनक और न्यायालय की गरिमा के प्रतिकूल...

CJI पर फेंके पेपर, गाली-गलौज के साथ किया हंगामा: सुप्रीम कोर्ट ने वकील के खिलाफ एक्शन लेने से किया इनकार
CJI पर फेंके पेपर, गाली-गलौज के साथ किया हंगामा: सुप्रीम कोर्ट ने वकील के खिलाफ एक्शन लेने से किया इनकार

शुक्रवार (10 जुलाई) को सुप्रीम कोर्ट में एक पिटीशनर की अपील पर सुनवाई के दौरान अजीब नज़ारे देखने को मिले। पिटीशनर ने बदतमीज़ी की, कोर्टरूम में केस के पेपर फेंके और चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया (CJI) के खिलाफ़ गंदी भाषा का इस्तेमाल किया।जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की पार्शियल कोर्ट वर्किंग डेज़ बेंच के सामने प्रबल प्रताप नामक व्यक्ति इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा अपनी रिट पिटीशन खारिज किए जाने के खिलाफ़ खुद पेश हुए। उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(4) के तहत अपनी...

सुप्रीम कोर्ट ने नॉन-गजेटेड ग्रुप B अधिकारियों के लिए नेवी भर्ती नियमों को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने नॉन-गजेटेड ग्रुप B अधिकारियों के लिए नेवी भर्ती नियमों को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (10 जुलाई) को 'ऑल इंडिया क्लर्क्स एसोसिएशन' की याचिका पर नोटिस जारी किया। यह याचिका केरल हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती देती है, जिसमें रक्षा मंत्रालय (नेवी) के ग्रुप 'B' (नॉन-गजेटेड) मिनिस्ट्रियल स्टाफ पदों के लिए भर्ती नियम, 2019 को सही ठहराया गया। इन नियमों के तहत ऑफिस सुपरिटेंडेंट के पद पर प्रमोशन के लिए ज़रूरी सर्विस का समय 8 साल से बढ़ाकर 10 साल कर दिया गया।जस्टिस नोंगमेइकापम कोटिश्वर सिंह और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच के सामने याचिकाकर्ता एसोसिएशन ने तर्क...

अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी: CBI जांच की मांग वाली याचिकाओं पर 13 जुलाई को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी: CBI जांच की मांग वाली याचिकाओं पर 13 जुलाई को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट सोमवार (13 जुलाई) को अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग करने वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई करेगा।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच इस मामले से जुड़ी तीन रिट याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।इनमें से एक याचिका नरेंद्र कुमार गोस्वामी ने खुद दायर की, जिसमें मामले की CBI (सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन) से जांच कराने की मांग की गई। वह 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' (जो अयोध्या राम मंदिर का प्रबंधन कर रहा...

Delhi Rent Act| बैंक के विलय से किरायेदारी अधिकार भी हस्तांतरित होते हैं, मकान मालिक की लिखित सहमति न हो तो बेदखली होगी: सुप्रीम कोर्ट
Delhi Rent Act| बैंक के विलय से किरायेदारी अधिकार भी हस्तांतरित होते हैं, मकान मालिक की लिखित सहमति न हो तो बेदखली होगी: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि यदि किरायेदार बैंक का किसी अन्य बैंक में विलय (Amalgamation) हो जाता है, तो यह किरायेदारी अधिकारों का हस्तांतरण (Transfer of Tenancy) माना जाएगा। यदि ऐसा हस्तांतरण मकान मालिक की लिखित सहमति के बिना होता है, तो दिल्ली किराया नियंत्रण अधिनियम (Delhi Rent Control Act) की धारा 14(1)(b) के तहत बेदखली का आधार बनता है।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन. कोटिस्वर सिंह की खंडपीठ ने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के खिलाफ बेदखली का आदेश बहाल करते हुए कहा...

बच्चे के यौन शोषण की रिपोर्ट नहीं करती थी स्कूल हेडमिस्ट्रेस: सुप्रीम कोर्ट ने फिर से शुरू किया POCSO केस, कहा - खुद जांच करना कोई बहाना नहीं
बच्चे के यौन शोषण की रिपोर्ट नहीं करती थी स्कूल हेडमिस्ट्रेस: सुप्रीम कोर्ट ने फिर से शुरू किया POCSO केस, कहा - खुद जांच करना कोई बहाना नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (9 जुलाई) को फैसला सुनाया कि अगर किसी स्कूल अधिकारी को बच्चे से यौन उत्पीड़न की सीधी शिकायत मिलती है तो वह खुद "जांच-पड़ताल" करके और यह नतीजा निकालकर कि "कुछ नहीं हुआ है," अधिकारियों को घटना की रिपोर्ट करने की आपराधिक जिम्मेदारी से नहीं बच सकता।कोर्ट ने कहा कि 'बच्चों का यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम, 2012' (POCSO Act) की धारा 19 के तहत घटना की रिपोर्ट न करने पर POCSO Act की धारा 21 के तहत आपराधिक जिम्मेदारी बनती है, जिसमें छह महीने तक की जेल या जुर्माना या दोनों हो...

Commercial Courts Act | दस्तावेज़ों की बड़ी संख्या उन्हें देर से पेश करने का कोई बहाना नहीं: सुप्रीम कोर्ट
Commercial Courts Act | दस्तावेज़ों की बड़ी संख्या उन्हें देर से पेश करने का कोई बहाना नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (9 जुलाई) को कहा कि सबूतों का केवल 'बड़ी मात्रा में होना' कमर्शियल कोर्ट्स एक्ट, 2015 के तहत उन्हें देर से पेश करने के लिए "उचित कारण" नहीं माना जा सकता।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस नोंगमेइकापम कोटिश्वर सिंह की बेंच ने कहा,"...यह अच्छी तरह से स्थापित है कि जब वादी सबूत पेश करता है तो उससे न केवल सभी दस्तावेज़ पेश करने की उम्मीद की जाती है, बल्कि दूसरी तरफ से उसके गवाहों से पूछे जा सकने वाले सवालों का सही अंदाज़ा लगाने की भी उम्मीद की जाती है। रुक-रुक कर या टुकड़ों में काम...

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के मालवीय नगर और साकेत इलाकों में अनधिकृत निर्माणों से निपटने के लिए सर्वे का आदेश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के मालवीय नगर और साकेत इलाकों में अनधिकृत निर्माणों से निपटने के लिए सर्वे का आदेश दिया

अनधिकृत निर्माण और ज़मीन के ग़ैर-कानूनी इस्तेमाल के मामले में दिल्ली नगर निगम (MCD) के कामकाज पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आज राजधानी के मालवीय नगर और साकेत इलाकों में सर्वे का आदेश दिया।इसके अलावा, कोर्ट ने न्यूज़ रिपोर्ट पर भी ध्यान दिया, जिसमें कहा गया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के गुरुग्राम में लगभग 93% प्रतिष्ठानों में आग से सुरक्षा के उपाय नहीं हैं। कोर्ट ने गुरुग्राम विकास प्राधिकरण के वाइस चेयरमैन को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और...

एमपी धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम: सुप्रीम कोर्ट ने परिवार को धर्म बदलने के लिए मजबूर करने के आरोपी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाई
एमपी धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम: सुप्रीम कोर्ट ने परिवार को धर्म बदलने के लिए मजबूर करने के आरोपी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को ऐसे व्यक्ति के खिलाफ आगे की आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगाई, जो हिंदू धर्म का पालन करने वाला बताया जाता है और जिस पर मध्य प्रदेश में एक परिवार को इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर करने का आरोप है।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की बेंच ने यह आदेश दिया और साथ ही उस व्यक्ति की याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें एमपी धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3 और 5 और IPC की धारा 506 के तहत दर्ज FIR रद्द करने से...

एशियन गेम्स ड्रेसाज टीम चयन विवाद: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, जस्टिस के.वी. विश्वनाथन ने खुद को मामले से अलग किया
एशियन गेम्स ड्रेसाज टीम चयन विवाद: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, जस्टिस के.वी. विश्वनाथन ने खुद को मामले से अलग किया

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय ड्रेसाज (Dressage) टीम के चयन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई टाल दी। सुनवाई के दौरान जस्टिस के.वी. विश्वनाथन ने स्वयं को मामले की सुनवाई से अलग (Recuse) कर लिया, जिसके बाद मामला मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर उपयुक्त पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का आदेश दिया गया।हालांकि, बाद में याचिकाकर्ता की ओर से मामले का उल्लेख वरिष्ठतम उपलब्ध पीठ के समक्ष किया गया। जस्टिस एम.एम. सुंदरेश अमानुल्लाह की पीठ ने मामले को 10 जुलाई को सूचीबद्ध करने की...

ओरांव जनजाति की परंपरा के तहत चाचा-ससुर अपनी भतीजी के पति को घर-दामाद के तौर पर नहीं अपना सकते: सुप्रीम कोर्ट
ओरांव जनजाति की परंपरा के तहत चाचा-ससुर अपनी भतीजी के पति को 'घर-दामाद' के तौर पर नहीं अपना सकते: सुप्रीम कोर्ट

ओरांव आदिवासी समुदाय में विरासत से जुड़ी पारंपरिक प्रथाओं के मामले में अहम घटनाक्रम में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (9 जुलाई) को कहा कि मान्यता प्राप्त पारंपरिक कानून के तहत कोई चाचा-ससुर अपनी भतीजी के पति को 'घर-दामाद' (घर में रहने वाला दामाद) के तौर पर शामिल नहीं कर सकता।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस नोंगमेइकापम कोटिश्वर सिंह की बेंच ने कहा,"प्रचलित पारंपरिक कानून में ऐसी कोई बात साबित नहीं हुई है कि कोई चाचा-ससुर अपनी भतीजी के पति को अपना घर-दामाद बना सके।" बेंच ने ट्रायल कोर्ट, पहली अपीलीय अदालत...

PMLA की शक्तियां खुला सरकारी आतंकवाद: दुष्यंत दवे, Interview में कहा- लोगों के अधिकारों के उल्लंघन के बावजूद जज मूकदर्शक बने रहते हैं
PMLA की शक्तियां 'खुला सरकारी आतंकवाद': दुष्यंत दवे, Interview में कहा- लोगों के अधिकारों के उल्लंघन के बावजूद जज मूकदर्शक बने रहते हैं

सीनियर एडवोकेट कपिल सिबल के साथ एक इंटरव्यू में सिस्टम की कमियों से निराश होकर वकालत छोड़ देने वाले पूर्व सीनियर एडवोकेट दुष्यंत दवे ने हाल ही में 'प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) के तहत मिली शक्तियों की तुलना "खुले सरकारी आतंकवाद" से की।उन्होंने अफ़सोस जताया कि कानून के तहत लोगों के अधिकारों के साफ़ उल्लंघन के बावजूद, आज के जज "मूकदर्शक" बने रहते हैं और सही आदेश पारित करने में नाकाम रहते हैं।दवे ने कहा,"आज एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) के पास जिस तरह की शक्तियां हैं, वे चौंकाने वाली...

खाड़ी देशों के 12वीं के छात्रों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने CBSE से मांगा जवाब, परीक्षा रद्द होने के बाद अपनाई गई मूल्यांकन नीति को दी चुनौती
खाड़ी देशों के 12वीं के छात्रों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने CBSE से मांगा जवाब, परीक्षा रद्द होने के बाद अपनाई गई मूल्यांकन नीति को दी चुनौती

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम एशिया और खाड़ी देशों में 12वीं बोर्ड परीक्षाएं रद्द होने के बाद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा अपनाई गई विशेष मूल्यांकन नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर CBSE से जवाब मांगा।जस्टिस के. वी. विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की अवकाशकालीन पीठ ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, कतर, ओमान और बहरीन के सीबीएसई से संबद्ध विद्यालयों में पढ़ने वाले 30 नियमित छात्रों की याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया।याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वर्ष 2025-26 की बोर्ड...

वकीलों की अनुशासन व्यवस्था का व्यापक ऑडिट कराए BCI, जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित हो : सुप्रीम कोर्ट
वकीलों की अनुशासन व्यवस्था का व्यापक ऑडिट कराए BCI, जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित हो : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों की अनुशासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को निर्देश दिया कि वह अपने और सभी राज्य बार काउंसिलों की अनुशासनात्मक व्यवस्था का व्यापक प्रदर्शन ऑडिट कराए।जस्टिस पामिडिघंटम श्री नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने कहा कि वकालत का पेशा स्व-नियमन का विशेषाधिकार रखता है, इसलिए इसके साथ पारदर्शिता, जवाबदेही और संस्थागत प्रभावशीलता भी सुनिश्चित होनी चाहिए।अदालत ने वकीलों के लिए निरंतर विधिक शिक्षा की आवश्यकता पर...

वकीलों के लिए कंटीन्यूइंग लीगल एजुकेशन ज़रूरी: सुप्रीम कोर्ट ने BCI से नेशनल लीगल एकेडमी बनाने को कहा
वकीलों के लिए 'कंटीन्यूइंग लीगल एजुकेशन' ज़रूरी: सुप्रीम कोर्ट ने BCI से नेशनल लीगल एकेडमी बनाने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को वकीलों के लिए 'कंटीन्यूइंग लीगल एजुकेशन' (CLE) को संस्थागत रूप देने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया। कोर्ट ने कहा कि न्याय प्रणाली में क्षमता, नैतिक मानकों और जनता के भरोसे को बनाए रखने के लिए जीवन भर पेशेवर रूप से सीखते रहना ज़रूरी है।कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को CLE कार्यक्रम शुरू करने और उन्हें संस्थागत रूप देने का निर्देश दिया। साथ ही जजों के लिए 'नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी' की तर्ज पर वकीलों के लिए 'नेशनल लीगल एकेडमी' (NLA) स्थापित करने की संभावनाओं पर...

एशियन गेम्स 2026 ड्रेसाज टीम चयन विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए 9 जुलाई की तारीख तय की
एशियन गेम्स 2026 ड्रेसाज टीम चयन विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए 9 जुलाई की तारीख तय की

सुप्रीम कोर्ट ने एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय ड्रेसाज (Dressage) टीम के चयन को चुनौती देने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार कर ली है। अदालत ने मामले को 9 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस शील नागू की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख (Mentioning) किया गया, जिसके बाद पीठ ने शीघ्र सुनवाई की अनुमति दे दी।मामला दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ दायर किया गया है, जिसमें हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ...

बार काउंसिल के अधिकार क्षेत्र में दखल नहीं दे सकता IBA, वकीलों की ब्लैकलिस्टिंग पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला
बार काउंसिल के अधिकार क्षेत्र में दखल नहीं दे सकता IBA, वकीलों की ब्लैकलिस्टिंग पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) केवल धोखाधड़ी में लापरवाही के आरोपों के आधार पर किसी पैनल वकील का नाम 'कौशन लिस्ट' में डालकर उसे प्रभावी रूप से ब्लैकलिस्ट नहीं कर सकता। अदालत ने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई से अधिवक्ता के पेशे और प्रतिष्ठा पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की खंडपीठ ने यह फैसला उस विशेष अनुमति याचिका (SLP) पर सुनाया, जिसमें एक अधिवक्ता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी,...