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सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तान के साथ संवेदनशील सैन्य जानकारी साझा करने के आरोपी व्यक्ति की जमानत रद्द की

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट का वह आदेश खारिज किया, जिसमें जासूसी के मामले के आरोपी को केवल इस आधार पर नियमित जमानत दी गई कि उसे गिरफ्तारी के कारण लिखित रूप में नहीं बताए गए।खंडपीठ ने कहा,"गिरफ्तारी के कारणों को बताने के तरीके या रूप को लेकर उठाई गई कोई बहुत ही तकनीकी आपत्ति, जमानत से जुड़े मुख्य नियमों को दरकिनार करते हुए नियमित जमानत पाने का कोई स्वतः आधार नहीं बन सकती।" जस्टिस एम.एम. सुंदेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की खंडपीठ ने यह टिप्पणी करते हुए प्रतिवादी झाबरा राम को...

बंगाल में लॉजिकल डिसक्रिपेंसी श्रेणी को अंतरिम व्यवस्था के तौर पर अनुमति दी गई, लेकिन इसकी वैधता पर अभी फैसला होना बाकी: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मौखिक रूप से कहा कि चुनाव आयोग (ECI) द्वारा मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) में इस्तेमाल की जा रही "लॉजिकल डिसक्रिपेंसी (LD)" श्रेणी की वैधता पर अभी फैसला होना बाकी है। कोर्ट ने आगे कहा कि उसने पश्चिम बंगाल में इस श्रेणी के इस्तेमाल को "अंतरिम व्यवस्था" के तौर पर अनुमति दी है।कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि बिहार SIR मामले में दिए गए उसके फैसले को "लॉजिकल डिसक्रिपेंसी" श्रेणी की मंजूरी नहीं माना जा सकता, क्योंकि बिहार में इस श्रेणी का इस्तेमाल नहीं किया...

14वीं महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उद्धव सेना की अयोग्यता याचिका निरर्थक: शिंदे ने सुप्रीम कोर्ट से कहा

शिवसेना विवाद में सीनियर वकील ध्रुव मेहता ने आज सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दलील दी कि महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद एकनाथ शिंदे गुट के विधायकों को अयोग्य घोषित नहीं किया जा सकता है, उन्होंने दलबदल विरोधी कानून के तहत विधायकों को अयोग्य घोषित करने की उद्धव ठाकरे गुट की याचिका का विरोध किया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ शिव सेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सदस्य सुनील प्रभु की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें 10वीं अनुसूची...

DHL रियल एस्टेट स्कैम मामले में जमानत याचिकाओं पर सुनवाई पर रोक का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाई, जिसके तहत रोहतक सेशन डिवीजन के न्यायिक अधिकारियों को ऐसे मामले में जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करने से रोक दिया गया था, जिसमें बड़े पैमाने पर रियल एस्टेट निवेश घोटाले का आरोप है। इस मामले में निवेशकों के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का आरोप है।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने 27 अक्टूबर को यह आदेश दिया। यह आदेश हाईकोर्ट के 30 सितंबर के फैसले को चुनौती देने वाली 'स्पेशल लीव पिटिशन' (SLP) पर...

कोई नुकसान न होने पर गिरफ्तारी के आधार बताने में प्रक्रियात्मक कमी होने पर भी आरोपी को जमानत नहीं मिलेगी: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (28 अक्टूबर) को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के लिए जासूसी करने के आरोपी एक व्यक्ति की जमानत रद्द की। कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी के आधार बताने में अगर कोई प्रक्रियात्मक चूक हुई भी है तो भी इससे आरोपी को अपने बचाव का मौका न मिलने जैसा कोई नुकसान नहीं हुआ, इसलिए केवल इस आधार पर उसे जमानत नहीं दी जा सकती।जस्टिस एम.एम. सुंदेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने राजस्थान हाईकोर्ट का वह आदेश रद्द किया, जिसमें आरोपी को जमानत दी गई। आरोपी पर 'ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट' (Official...

कारगिल में तैनात सैनिक को युद्ध चोट पेंशन देने का फैसला बक़रार, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की केंद्र सरकार की आपत्ति

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (28 अक्टूबर) को पूर्व सैनिक को 'युद्ध चोट पेंशन' (War Injury Pension) देने के फैसले को बरकरार रखा। यह पेंशन उन्हें उस बीमारी के लिए दी गई है, जो 'ऑपरेशन रक्षक' के तहत कारगिल में उनकी तैनाती के दौरान हुई थी।जस्टिस पमिदिघंटम श्री नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने केंद्र सरकार की उस अपील को खारिज किया, जिसमें हाईकोर्ट और आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल (AFT) के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसके तहत पूर्व सैनिक को 'विकलांगता पेंशन' (Disability Pension) की जगह 'युद्ध चोट पेंशन'...

इजरायल को कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में युद्ध अपराध और गाजा में नरसंहार बंद करना चाहिए: मुरलीधर के नेतृत्व वाला संयुक्त राष्ट्र जांच आयोग

संयुक्त राष्ट्र जांच आयोग की नई रिपोर्ट में पाया गया कि अक्टूबर 2025 में हुए संघर्ष विराम के बावजूद, इजरायल जानबूझकर फिलिस्तीनी नागरिकों को निशाना बना रहा है और गाजा में नरसंहार, युद्ध अपराध तथा मानवता के खिलाफ अपराध कर रहा है। फिलिस्तीनियों की बढ़ती हत्याएं और उन्हें पहुँचाया जा रहा नुकसान, इजरायल द्वारा अपने क्षेत्रीय नियंत्रण को बढ़ाने की नीति का "सीधा परिणाम" है, जिसे 'कम से कम आबादी के लिए अधिकतम जमीन' (maximum land for minimum population) कहा जाता है।रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि इजरायली...

CEC ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर सवाल, RTI रिकॉर्ड के आधार पर सुप्रीम कोर्ट में नई अर्जी

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी की नियुक्तियों को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में नई अर्जी दाखिल की है। इसमें सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिले दस्तावेजों को रिकॉर्ड पर रखने की अनुमति मांगी गई है।याचिकाकर्ता सूरी पयाला का आरोप है कि इन नियुक्तियों के लिए गठित सर्च कमेटी और चयन समिति के सामने रखे गए रिकॉर्ड में उम्मीदवारों के चुनाव कराने के अनुभव और उनकी ईमानदारी का विशिष्ट आकलन किए जाने का विवरण नहीं मिलता।उन्होंने अपनी...

दिवाली के बाद दिल्ली में और बिगड़ेगा प्रदूषण, सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी- हम घर पर नहीं बैठ सकते

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि दिवाली के बाद राजधानी की हवा और ज्यादा खराब हो सकती है। सुनवाई के दौरान जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा कि जज घर पर बैठकर प्रदूषण से बच नहीं सकते, क्योंकि अदालत चलाने के लिए उन्हें शारीरिक रूप से कोर्ट आना पड़ता है।दरअसल, कोर्ट एक मामले में अगली सुनवाई की तारीख तय कर रहा था। सीनियर एडवोकेट इंदिरा जयसिंह ने अनुरोध किया कि मामले को दिवाली की छुट्टियों के बाद 17 नवंबर को सूचीबद्ध किया जाए। वहीं, प्रतिवादी पक्ष के वकील ने...

CJI पर टिप्पणी से जुड़े अवमानना मामले में निखिल वागले को वर्चुअली, संजय राउत को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पत्रकार निखिल वागले को वर्चुअल माध्यम से और शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया। यह मामला चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और न्यायपालिका के खिलाफ कथित टिप्पणियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) की ओर से दायर आपराधिक अवमानना याचिका से जुड़ा है।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने दोनों को 17 नवंबर को दोपहर 2 बजे पेश होने का निर्देश दिया। एससीबीए ने भारत के अटॉर्नी...

CBI ने सुप्रीम कोर्ट से 2021 पश्चिम बंगाल चुनाव-बाद हिंसा के मामलों को ट्रांसफर करने की याचिका वापस ली

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बुधवार को अपनी वे याचिकाएं वापस लीं, जिनमें 2021 में चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामलों की सुनवाई को पश्चिम बंगाल से बाहर ट्रांसफर करने की मांग की गई।CBI की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बदले हुए हालात का हवाला देते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) की अध्यक्षता वाली बेंच से इन ट्रांसफर याचिकाओं को वापस लेने की अनुमति मांगी।ये याचिकाएं 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद हुई हिंसा से जुड़े मामलों के संबंध में दायर की गई थीं।केंद्रीय एजेंसी ने अपनी...

अलग-अलग अपराधों में उम्रकैद की सजा लगातार नहीं चल सकती, एक मामले में छूट से दूसरे की सजा खत्म नहीं होगी: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि अलग-अलग अपराधों में दी गई उम्रकैद की सजाएं लगातार यानी एक के बाद एक नहीं चल सकतीं। हालांकि, दोनों सजाओं को इस तरह एक-दूसरे के ऊपर लागू किया जा सकता है कि एक अपराध में सजा में छूट या उसे कम किए जाने से दूसरे अपराध की उम्रकैद अपने आप समाप्त न हो।जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस अरुण पल्ली की बेंच ने 2016 में संविधान पीठ द्वारा दिए गए मुथुरामलिंगम एवं अन्य बनाम राज्य फैसले पर भरोसा करते हुए यह टिप्पणी की।कोर्ट ने निर्देश दिया कि भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 के तहत...

कॉलेजियम सिस्टम सरकार द्वारा जजों की नियुक्ति करने की तरह काम करता है: जस्टिस रेखा शर्मा

दिल्ली हाईकोर्ट की रिटायर्ड जज जस्टिस रेखा शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की आलोचना करते हुए कहा कि यह उस पुरानी व्यवस्था से बेहतर नहीं है, जिसमें सरकार जजों की नियुक्ति करती थी। उन्होंने कहा कि कॉलेजियम सिस्टम भी जजों की नियुक्ति अपनी "मनमर्जी" से ही करता है।जस्टिस शर्मा 'कैंपेन फॉर ज्यूडिशियल अकाउंटेबिलिटी एंड रिफॉर्म्स' (CJAR) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में 'भारत के सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों की जवाबदेही' विषय पर बोल रही थीं।उन्होंने बताया कि पहले जजों की नियुक्ति सरकार करती थी, जिसे...

मामलों के आवंटन में CJI का हस्तक्षेप खत्म करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में उचित रोस्टर सिस्टम की ज़रूरत: जस्टिस ओक

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस अभय एस. ओक ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में एक ऐसी उचित रोस्टर सिस्टम लागू होनी चाहिए, जिससे बेंचों को मामले सौंपने की प्रक्रिया में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के व्यक्तिगत हस्तक्षेप की संभावना पूरी तरह खत्म हो जाए।नई दिल्ली में 'कैंपेन फॉर ज्यूडिशियल अकाउंटेबिलिटी एंड रिफॉर्म्स' द्वारा आयोजित एक सेमिनार में "जजों की जवाबदेही" विषय पर बोलते हुए जस्टिस ओक ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में व्यवस्थित रोस्टर न होने से इस बात पर सवाल उठते हैं कि आखिर किस बेंच को कौन सा मामला...

ज्यादातर दवाएं मूल्य नियंत्रण के दायरे से बाहर क्यों हैं? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से सवाल पूछा, आदेश सुरक्षित रखा

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार से पूछा कि वह और अधिक दवाओं को मूल्य नियंत्रण के दायरे में लाने से क्यों हिचकिचा रही है। कोर्ट ने कहा कि बाजार की ताकतों पर निर्भर रहना और फार्मास्युटिकल उद्योग के विकास की चिंता करना, मरीजों को ऐसी कीमतों पर दवाएं खरीदने के लिए मजबूर करने का सही कारण नहीं हो सकता, जो उनकी खरीद लागत से सैकड़ों गुना ज्यादा हो सकती हैं।जस्टिस संदीप मेहता ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से पूछा, जो केंद्र की दवा मूल्य निर्धारण नीति का बचाव कर रही थीं,"मैडम भाटी, आप...

UAPA | सिर्फ विदेशी नागरिक होने के आधार पर जमानत से इनकार नहीं किया जा सकता, भारत में अवैध प्रवेश साबित करना जरूरी: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (27 अक्टूबर) को कहा कि 'गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम' (UAPA) के तहत किसी विदेशी नागरिक को जमानत देने पर कोई रोक नहीं है।भारत सरकार की अपील खारिज करते हुए जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने मद्रास हाईकोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें श्रीलंका का नागरिक होने के आरोपी एक व्यक्ति को जमानत दी गई थी।कोर्ट ने कहा कि धारा 43D (7) के तहत किसी विदेशी नागरिक को जमानत देने के लिए कड़े नियम होने के बावजूद, अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा...

एसिड अटैक की बढ़ती घटनाएं नीति की विफलता का संकेत: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से दिशानिर्देशों की समीक्षा करने को कहा

एसिड अटैक पीड़ितों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से अपनी नीतिगत दिशानिर्देशों की समीक्षा करने को कहा है। कोर्ट ने गौर किया कि दिशानिर्देश होने के बावजूद एसिड अटैक की घटनाएं बढ़ी हैं।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अर्चना पाठक दवे के सामने अपनी राय रखी। कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वे पिछले कुछ वर्षों में एसिड अटैक की घटनाओं को लेकर 'नेशनल क्राइम ब्यूरो रिकॉर्ड्स' के डेटा की जांच करें।CJI ने...

वंदे मातरम् के छह छंदों को चुनौती का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जारी किया नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के 28 जनवरी और 9 जुलाई, 2026 के आदेशों को चुनौती देने वाली दो याचिकाओं पर नोटिस जारी किया, जिसमें निर्दिष्ट अवसरों पर गायन और वादन के लिए 'वंदे मातरम' का छह छंद संस्करण निर्धारित किया गया।एक याचिका अनुसूचित जाति के बौद्ध, अंबेडकरवादी कार्यकर्ता और अखिल भारतीय पिछड़ा और अल्पसंख्यक समुदाय कर्मचारी महासंघ (BAMCEF) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष बीडी बोरकर द्वारा दायर की गई।दूसरी याचिका केरल के पूर्व IAS अधिकारी बालाकृष्णन सत्यभामा मावोजी द्वारा दायर की गई, जो अनुसूचित जाति...