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क्या अलग-अलग कमिटल ऑर्डर होने के बावजूद सेशंस कोर्ट जॉइंट ट्रायल कर सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने समझाया
सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया कि कमिटल ऑर्डर यह तय नहीं करते कि ट्रायल जॉइंट होगा या अलग-अलग; यह फ़ैसला पूरी तरह से ट्रायल कोर्ट का होता है।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने कहा,"...कमिटल ऑर्डर यह तय नहीं करते कि ट्रायल सिंगल, अलग-अलग या जॉइंट होगा; यह पूरी तरह से कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में है।" कोर्ट ने कहा कि "कमिटल ऑर्डर सेशंस कोर्ट को उन लोगों के ट्रायल का संज्ञान (कॉग्निज़ेंस) लेने का अधिकार देता है जिन्हें भेजा गया है, लेकिन यह ट्रायल के लिए संज्ञान लेने का आधार नहीं...
पिछली तारीख से टैक्स की देनदारी सही, लेकिन जुर्माना नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भले ही कानूनी संशोधन के ज़रिए पिछली तारीख से टैक्स की देनदारी सही तरीके से लागू की जा सकती है, लेकिन किसी डीलर पर पिछली तारीख से जुर्माना नहीं लगाया जा सकता, जिसने उस समय कानून का पालन किया था जब लेन-देन हुआ था।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने यह अंतर तब स्पष्ट किया, जब उन्होंने कर्नाटक सेल्स टैक्स एक्ट, 1957 में 2001 के संशोधन की संवैधानिक वैधता बरकरार रखी। इस संशोधन ने चीनी पर मिलने वाली छूट को पिछली तारीख से केवल "भारत में उत्पादित या...
यौन अपराधों में जेंडर से जुड़ी रूढ़िवादी सोच से निपटना: सुप्रीम कोर्ट की 2026 की गाइडलाइंस 2023 की हैंडबुक से कैसे अलग
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी (NJA) की एक्सपर्ट कमेटी ने हाल ही में जजों के लिए जेंडर-सेंसिटिव (लिंग-संवेदनशील), सर्वाइवर-सेंट्रिक (पीड़ित-केंद्रित) और सहानुभूतिपूर्ण कोर्ट प्रैक्टिस अपनाने के लिए कुछ गाइडलाइंस जारी कीं।ये गाइडलाइंस सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस अनिरुद्ध बोस की अध्यक्षता वाली कमेटी ने तैयार की हैं। यह कदम तब उठाया गया, जब चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि टॉप कोर्ट की 2023 की 'जेंडर स्टीरियोटाइप्स से निपटने पर...
S.101(2) JJ Act | JJB के आदेश के खिलाफ अपील की सुनवाई में चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट की मदद लेना ज़रूरी नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में साफ़ किया कि कानून के दायरे में आए बच्चे (Child in Conflict with Law) की शुरुआती जांच (Preliminary Assessment) करते समय चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट एक्सपर्ट की मदद लेने का नियम, जुवेनाइल जस्टिस (बच्चों की देखभाल और सुरक्षा) एक्ट, 2015 की धारा 101(2) पर उसी तरह लागू नहीं होगा।धारा 15(1) के प्रावधान के अनुसार, जब यह तय किया जा रहा हो कि कानून के दायरे में आए बच्चे पर बालिग की तरह मुकदमा चलाया जाए या नहीं तो बोर्ड के लिए चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट की एक्सपर्ट मदद लेना ज़रूरी है, बशर्ते...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (03 अगस्त, 2026 से 07 अगस्त, 2026 तक) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।Preventive Detention | प्रतिनिधित्व करने के अधिकार के बारे में न बताना गंभीर चूक, नज़रबंद व्यक्ति के खुद आवेदन करने पर भी यह कमी पूरी नहीं होती: सुप्रीम कोर्टसुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर नज़रबंद करने वाला अधिकारी नज़रबंद व्यक्ति को उसके सामने अपना पक्ष रखने (यानी प्रतिनिधित्व करने) के अधिकार के बारे...
अलग-अलग समस्याओं के लिए अलग-अलग समाधान चाहिए, कानूनी मदद स्थानीय हकीकत पर आधारित होनी चाहिए: CJI सूर्य कांत
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत ने शनिवार को कहा कि कानूनी मदद के लिए "एक ही तरीका सबके लिए" (one-size-fits-all) वाला नजरिया नहीं अपनाया जा सकता। उन्होंने जोर दिया कि समाधान स्थानीय हकीकत पर आधारित होने चाहिए और अलग-अलग समुदायों की खास जरूरतों को समझने के बाद ही तैयार किए जाने चाहिए।CJI इंदौर में नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (NALSA) द्वारा आयोजित "कानूनी मदद के जरिए न्याय तक पहुंच को मजबूत करना: एकजुट आवाज, बेहतर कल" विषय पर वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।CJI ने जोर दिया कि...
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान को पर्यावरण से जुड़े मुद्दों से निपटने के लिए अंतर-विभागीय समूह और नदी प्राधिकरण बनाने का निर्देश दिया
राजस्थान की नदियों में औद्योगिक प्रदूषण से निपटने के लिए स्वतः संज्ञान (suo motu) लेते हुए शुरू किए गए मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में 'एकीकृत समन्वय समूह' (Integrated Coordination Group) बनाने का निर्देश दिया। यह समूह 'उच्च-स्तरीय पारिस्थितिकी तंत्र निगरानी समिति' (High Level Ecosystem Oversight Committee) के साथ मिलकर काम करेगा और पारिस्थितिकी से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए व्यापक कार्य योजना पेश करेगा।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने यह आदेश पारित किया। इसमें...
दोषी लोगों की अपील में देरी को माफ़ करने में अदालतों को उदार रवैया अपनाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संवैधानिक अदालतों को दोषी लोगों की अपील में देरी को माफ़ करने की अर्ज़ी पर विचार करते समय उदार और सक्रिय रवैया अपनाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि प्रक्रियात्मक देरी किसी कैदी के उस अधिकार के रास्ते में नहीं आनी चाहिए जिसके तहत वह अपनी आज़ादी पर असर डालने वाली सज़ा को चुनौती दे सकता है।जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने यह टिप्पणी ओडिशा के एक व्यक्ति की सज़ा रद्द करते हुए की, जिसने ट्रिपल मर्डर केस में 22 साल जेल में बिताए। कोर्ट ने पाया कि अभियोजन...
वकीलों को कोर्ट परिसर में सभी के साथ शालीन व्यवहार करना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वकीलों का कोर्ट परिसर में शालीन और मर्यादित व्यवहार करना जरूरी है। वकील का कर्तव्य केवल अपने मुवक्किल के साथ ही नहीं, बल्कि विपक्षी वकील और उसके मुवक्किल के प्रति भी सम्मानजनक व्यवहार करना है।जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की पीठ ने कहा कि कोर्ट परिसर में वकील का अनुचित व्यवहार Advocates Act, 1961 के तहत पेशेवर कदाचार (Professional Misconduct) माना जा सकता है। ऐसे मामले में संबंधित State Bar Council या Bar Council of India संज्ञान ले सकती है।यह...
अभिषेक बनर्जी फिर पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, विदेश जाकर आंखों के इलाज की अनुमति मांगी
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी ने विदेश जाकर आंखों का इलाज कराने की अनुमति से इनकार करने वाले कलकत्ता हाईकोर्ट के 5 अगस्त के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।दरअसल, एक कथित भड़काऊ भाषण से जुड़े आपराधिक मामले में गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी के विदेश यात्रा पर रोक लगाई थी। इसके बाद उन्होंने अमेरिका में अपने पुराने विशेषज्ञ डॉक्टर से आंखों का इलाज कराने के लिए विदेश जाने की अनुमति मांगी थी।इससे पहले 20 जुलाई को हाईकोर्ट ने विदेश जाने की अनुमति देने...
113 जिला जज पद खाली, फिर भी कोई नियुक्ति नहीं; सुप्रीम कोर्ट का गुजरात HC को नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट की जिला जजों की 25% Direct Recruitment Quota भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है। इस भर्ती में 113 पदों के लिए प्रक्रिया हुई, लेकिन अंत में एक भी उम्मीदवार की नियुक्ति नहीं की गई।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की खंडपीठ ने अधिवक्ता प्रशांत भूषण की दलीलें सुनने के बाद नोटिस जारी किया।प्रारंभिक परीक्षा में 729 उम्मीदवार शामिल हुए, जिनमें से 31 मुख्य परीक्षा के लिए चुने गए। आखिर में केवल दो उम्मीदवार...
Know The Law | अनुसमर्थन का सिद्धांत (Doctrine Of Ratification): सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धांतों को समझाया
प्रशासनिक कानून में अनुसमर्थन के सिद्धांत को स्पष्ट करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब सक्षम अधिकारी किसी ऐसे काम को मंज़ूरी (अनुसमर्थन) देता है, जो शुरू में बिना अधिकार के किया गया तो वह मंज़ूरी मूल काम की तारीख से ही प्रभावी मानी जाती है। इससे वह काम ऐसा ही वैध हो जाता है जैसे कि शुरू से ही उसके लिए अधिकार मौजूद था।जस्टिस पमिदिघंटम श्री नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने इस सिद्धांत के दायरे और असर को समझाया। वे एक कर्मचारी के इस्तीफ़े को मंज़ूरी देने की वैधता से जुड़े विवाद पर फ़ैसला...
यूक्रेन के पास Black Sea में लापता दो भारतीय नाविकों का अब तक पता नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने बीमा क्लेम में मदद के लिए कहा
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि MV AGN Ragnar पर Black Sea में हुए ड्रोन हमले के बाद लापता हुए दो भारतीय नाविकों दीपक कुमार गुप्ता और रामचंद्र का व्यापक Search and Rescue (SAR) अभियान के बावजूद अब तक पता नहीं चल पाया है।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन की खंडपीठ के समक्ष शुक्रवार को केंद्र ने बताया कि यूक्रेनी अधिकारियों, Romanian Maritime Rescue Coordination Centre (MRCC), Romanian Coast Guard और अन्य Rescue Services ने व्यापक तलाश की, लेकिन दोनों...
किसी डॉक्यूमेंट को सबूत के तौर पर पेश के तौर पर मार्क करना ही उसकी सामग्री का सबूत नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (7 अगस्त) को कहा कि किसी ऐसे डॉक्यूमेंट को स्वीकार करने पर उठाई गई आपत्तियों पर, जो केस के फ़ैसले के लिए शुरुआती तौर पर ज़रूरी है, आम तौर पर शुरुआती स्टेज पर ही फ़ैसला नहीं किया जा सकता, सिर्फ़ इसलिए कि डॉक्यूमेंट को 'एग्ज़िबिट' के तौर पर पेश किया गया।कोर्ट ने कहा कि ट्रायल के शुरुआती स्टेज में किसी डॉक्यूमेंट को 'एग्ज़िबिट' (सबूत के तौर पर पेश) के तौर पर पेश करने का मतलब यह नहीं है कि उसकी सामग्री साबित हो गई; इसलिए 'एग्ज़िबिट' किए गए डॉक्यूमेंट्स को कानून के अनुसार...
SIR मामलों पर सुनवाई कर रहीं जज को मिल रही धमकियां: सुप्रीम कोर्ट ने 'बेहतर सुरक्षा' के लिए हाईकोर्ट जाने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से अनुरोध किया कि वu बेहतर सुरक्षा की मांग वाली उस याचिका पर विचार करें, जिसे पूर्व जज जस्टिस अनिंदिता रॉय सरस्वती के बेटे ने दायर किया था। जस्टिस सरस्वती अभी पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया के लिए अपीलेट ट्रिब्यूनल के तौर पर काम कर रही हैं।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने याचिकाकर्ता को कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के पास जाने की छूट देते हुए याचिका का निपटारा...
Preventive Detention | प्रतिनिधित्व करने के अधिकार के बारे में न बताना गंभीर चूक, नज़रबंद व्यक्ति के खुद आवेदन करने पर भी यह कमी पूरी नहीं होती: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर नज़रबंद करने वाला अधिकारी नज़रबंद व्यक्ति को उसके सामने अपना पक्ष रखने (यानी प्रतिनिधित्व करने) के अधिकार के बारे में नहीं बताता है तो नज़रबंदी का आदेश गैर-कानूनी हो जाएगा। ऐसा तब भी होगा, जब नज़रबंद व्यक्ति ने खुद ही ऐसा कोई आवेदन या पक्ष रखा हो।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने 'नशीले पदार्थों और साइकोट्रोपिक पदार्थों की अवैध तस्करी की रोकथाम अधिनियम, 1988' के तहत की गई नज़रबंदी रद्द की। बेंच ने पाया कि नज़रबंद करने वाले अधिकारी ने नज़रबंद व्यक्ति...
कैश विवाद मामले में जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ FIR की मांग वाली याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व जज यशवंत वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली रिट याचिका खारिज की। यह मामला आग लगने की घटना के दौरान उनके घर पर कथित तौर पर बिना हिसाब-किताब वाले कैश मिलने से जुड़ा था।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने वकील घनश्याम दयालु उपाध्याय की रिट याचिका को 'पब्लिसिटी इंटरेस्ट लिटिगेशन' (प्रचार पाने के लिए दायर याचिका) करार देते हुए खारिज किया। कोर्ट ने कहा कि उसने पहले भी ऐसी ही याचिकाएं खारिज की थीं।उपाध्याय ने जस्टिस वर्मा के खिलाफ FIR...
2013 रेप केस में आसाराम के बेटे नारायण साई को राहत नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने सज़ा पर रोक लगाने से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट के उस आदेश में दखल देने से इनकार कfया, जिसमें खुद को भगवान बताने वाले आसाराम के बेटे नारायण साई की उम्रकैद की सज़ा पर रोक लगाने से मना कर दिया गया था। यह मामला 2013 के रेप केस से जुड़ा है।जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने आदेश जारी कर हाईकोर्ट से कहा कि वह नारायण साई की सज़ा और दोषसिद्धि (Conviction) के खिलाफ अपील पर 3 महीने के अंदर फैसला करे।नारायण साई की ओर से सीनियर एडवोकेट एन हरिहरन पेश हुए।बता दें, 2013 में सूरत की दो बहनों ने पुलिस से...
राज्य के बाहर रजिस्टर्ड पब्लिक ट्रस्ट को एमपी अकोमोडेशन कंट्रोल एक्ट के तहत छूट का अधिकार : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि मध्य प्रदेश सरकार के 2018 के नोटिफिकेशन को देखते हुए मध्य प्रदेश के बाहर रजिस्टर्ड पब्लिक ट्रस्ट एमपी अकोमोडेशन कंट्रोल एक्ट, 1961 के तहत छूट पाने के हकदार हैं। नतीजतन, ऐसे ट्रस्ट पर बेदखली की कार्यवाही के दौरान एक्ट के तहत किरायेदारों को मिलने वाली पाबंदियां और सुरक्षा लागू नहीं होती हैं।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने कहा,"02.07.2018 के बाद वाले नोटिफिकेशन (जो 07.07.1989 के पहले वाले नोटिफिकेशन के क्रम में था) को देखते हुए हाईकोर्ट...
'पूरी तरह से अयोग्य': कस्टडी में मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ DGP को लगाई फटकार, दी अवमानना की चेतावनी
कस्टडी में हुई मौत के मामले में सीनियर पुलिस अधिकारियों की लापरवाही का संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में छत्तीसगढ़ पुलिस की कड़ी आलोचना की और डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (DGP) को "पूरी तरह से अयोग्य" करार दिया।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच एक व्यक्ति की पत्नी और दो बेटियों द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कस्टडी में टॉर्चर के कारण उनके पति/पिता की मौत हो गई। हालांकि उस व्यक्ति की मौत जनवरी 2024 में हुई, लेकिन पुलिस ने उसकी मौत की जांच...




















