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यह बच्चे के भविष्य का सवाल है: सुप्रीम कोर्ट ने CBSE से मांगा जवाब, खाड़ी देश के छात्र के परिणाम पर सुनवाई शुक्रवार को
सुप्रीम कोर्ट ने सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय छात्र की याचिका पर CBSE को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। छात्र ने आरोप लगाया कि विशेष मूल्यांकन योजना लागू होने के बावजूद उसका कक्षा 12 सुधार परीक्षा का परिणाम घोषित नहीं किया गया, जिससे उसके उच्च शिक्षा में प्रवेश की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।जस्टिस मनमोहन और जस्टिस विजय बिश्नोई की अवकाशकालीन पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए CBSE और उसके क्षेत्रीय अधिकारी को नोटिस जारी किया।मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी।सुनवाई के दौरान CBSE की ओर से कहा गया...
सुप्रीम कोर्ट मंथली राउंड अप : मई, 2026
सुप्रीम कोर्ट में मई, 2026 में क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट मंथली राउंड अप। मई महीने के सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।रेलवे, बिजली अधिनियम के तहत 'उपभोक्ता', 'डीम्ड डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंसी' नहीं: सुप्रीम कोर्टसुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (8 मई) को फैसला सुनाया कि रेलवे, बिजली अधिनियम, 2003 के अर्थ के तहत एक 'उपभोक्ता' है। इस फैसले के साथ ही रेलवे का वह दावा खारिज हो गया, जिसमें वह 'डीम्ड डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंसी' (माना गया वितरण लाइसेंसी) का दर्जा मांग रहा था,...
आपसी सहमति से शादी से पहले बने शारीरिक संबंध को अकेले खराब चरित्र का सबूत नहीं माना जा सकता: सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस में नियुक्ति की मंज़ूरी दी
सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना राज्य स्तरीय पुलिस भर्ती बोर्ड को ऐसे उम्मीदवार को नियुक्त करने का निर्देश दिया, जिसे पुलिस कॉन्स्टेबल के तौर पर चुने जाने के बाद भी इसलिए हटा दिया गया, क्योंकि वह एक असफल प्रेम संबंध से जुड़े आपराधिक मामले में शामिल था। कोर्ट ने कहा कि दो अविवाहित बालिगों के बीच आपसी सहमति से शादी से पहले बने संबंधों को अकेले खराब नैतिक चरित्र का सबूत नहीं माना जा सकता।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने गजुल थिरुपति की अपील को मंज़ूरी दी और तेलंगाना हाईकोर्ट के सिंगल जज का...
TIP के बिना कोर्ट में पहली बार आरोपी की पहचान हमेशा अभियोजन पक्ष के लिए नुकसानदायक नहीं होती: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर शिकायत में आरोपी का ठीक से वर्णन किया गया या अपराध होने के तुरंत बाद उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया, तो टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड (TIP) के बिना कोर्ट में आरोपी की पहचान (डॉक आइडेंटिफिकेशन) अभियोजन पक्ष के मामले को कमजोर नहीं करेगी।जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने फिरौती के लिए अपहरण का अपराध करने के आरोपी दो व्यक्तियों की सजा बरकरार रखी।आरोपी ने सजा के खिलाफ तर्क दिया कि घटना के कई साल बाद बिना किसी TIP के गवाह द्वारा कोर्ट में पहली बार...
S. 138 NI Act | NGO की तरफ़ से चेक पर साइन करने वाले अधिकृत व्यक्ति को 'ड्रॉअर' माना जाएगा, बाउंस होने पर वही ज़िम्मेदार होगा: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब कोई कंपनी किसी व्यक्ति को अपनी तरफ़ से चेक जारी करने और उन पर साइन करने (जिसमें पेमेंट करने की ज़िम्मेदारी भी शामिल है) के लिए अधिकृत करती है तो ऐसे व्यक्ति को 'ड्रॉअर' माना जाएगा और उस पर नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 (NI Act) की धारा 138 के तहत ज़िम्मेदारी लागू होगी।जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने NGO के ट्रेज़रर की सज़ा बरकरार रखा। उन्हें NGO का अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (Authorized Signatory) नियुक्त किया गया था ताकि वह चेक जारी कर...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (01 जून, 2026 से 05 जून, 2026 तक) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत आरोपी को चार्जशीट में शामिल दस्तावेज़ देने से मना नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट (OSA) के तहत आरोपी व्यक्ति के खिलाफ़ अभियोजन पक्ष (Prosecution) द्वारा इस्तेमाल किए गए दस्तावेज़ों को उसे देने से सिर्फ़ इस आशंका के...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने क्यों कहा- 'विहान कुमार' और अन्य मामलों में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों ने 'बाढ़ के दरवाजे' खोल दिए और 'अराजक स्थिति' पैदा की?
एक अहम टिप्पणी में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि गैर-कानूनी गिरफ्तारियों पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया विहान कुमार (2025) का फैसला ने आरोपी व्यक्तियों के लिए अपनी हिरासत या रिमांड के आदेशों को चुनौती देने का एक "नया सिलसिला" (यानी 'पेंडोरा बॉक्स') शुरू कर दिया है, और वे ऐसा 'काफी देर से' भी कर सकते हैं।जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस विनय कुमार द्विवेदी की बेंच ने कहा कि इन फैसलों ने एक 'अराजक स्थिति' पैदा कर दी है, क्योंकि ये आरोपी को जांच या ट्रायल के किसी भी चरण में अपने मौलिक अधिकारों का...
'भारत में मेडिकल सुविधाएं किसी भी विदेशी देश के बराबर': सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी को इलाज के लिए USA जाने से रोका
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक आरोपी को विदेश यात्रा की अनुमति देने से इनकार किया, जो USA में अपनी बीमारी का इलाज कराना चाहता था। कोर्ट ने कहा कि उसकी बीमारी का इलाज भारत में उपलब्ध मेडिकल सुविधाओं से हो सकता है।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने तेलंगाना हाईकोर्ट का फैसला रद्द किया, जिसमें आरोपी (प्रतिवादी नंबर 2) को अपनी बीमारी के इलाज के लिए USA जाने की अनुमति दी गई थी।कोर्ट ने पाया कि आरोपी पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 306 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का...
Specific Relief Act | खरीदार द्वारा विक्रेता को कानूनी नोटिस भेजने में देरी 'स्पेसिफिक परफॉर्मेंस' से इनकार करने का आधार नहीं हो सकती: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रतिवादी (डिफेंडेंट) को बाकी रकम लेने और सेल डीड (बिक्री विलेख) निष्पादित करने के लिए कानूनी नोटिस भेजने में केवल देरी होने को वादी (प्लांटिफ) की अनुबंध पूरा करने की तत्परता और इच्छा की कमी नहीं माना जा सकता।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। इसमें अपीलकर्ता-वादी ने प्रतिवादी-डिफेंडेंट को बिक्री की कुल रकम का 93% भुगतान कर दिया था और बार-बार सेल डीड निष्पादित करने और बाकी रकम लेने के लिए कहा था। फिर भी उसे अनुबंध पूरा करने के...
DNA टेस्ट मामले में AIIMS के कार्यवाहक निदेशक को सुप्रीम कोर्ट का अवमानना नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने एक वैवाहिक विवाद में डीएनए परीक्षण से जुड़े मामले में AIIMS, नई दिल्ली के कार्यवाहक निदेशक डॉ. निखिल टंडन को अवमानना नोटिस जारी किया है। अदालत ने उन्हें 7 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने पहले AIIMS के निदेशक से यह स्पष्ट करने को कहा था कि अदालत के आदेश के बावजूद डीएनए परीक्षण समय पर क्यों नहीं कराया गया। AIIMS ने बताया था कि परीक्षण के प्रभारी अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके...
बिना विधायिका की सदस्यता के दीपक प्रकाश को बिहार का मंत्री बनाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की गई, जिसमें दीपक प्रकाश को बिहार का पंचायती राज मंत्री दोबारा नियुक्त करने को चुनौती दी गई। याचिका में कहा गया कि प्रकाश राज्य विधायिका के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं, इसलिए राज्य सरकार के मंत्रालय में कोई पद नहीं संभाल सकते। इसमें कहा गया कि संविधान के अनुच्छेद 164(4) के अनुसार, कोई व्यक्ति जो विधायक नहीं है, वह लगातार छह महीने तक मंत्री रह सकता है। इस दौरान उसे राज्य विधायिका की सदस्यता हासिल करनी होती है। यह छूट एक बार मिलने वाला मौका है और सरकार बदलने पर...
ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत आरोपी को चार्जशीट में शामिल दस्तावेज़ देने से मना नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट (OSA) के तहत आरोपी व्यक्ति के खिलाफ़ अभियोजन पक्ष (Prosecution) द्वारा इस्तेमाल किए गए दस्तावेज़ों को उसे देने से सिर्फ़ इस आशंका के आधार पर मना नहीं किया जा सकता कि ऐसे गोपनीय या अहम दस्तावेज़ देने से देश की सुरक्षा और संरक्षा को खतरा हो सकता है।जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की बेंच ने कहा,"...हमारी पक्की राय है कि अपीलकर्ताओं को दस्तावेज़ देने से सिर्फ़ इस आधार पर मना नहीं किया जा सकता कि उनके खिलाफ़ OSA के प्रावधान...
पाकिस्तान के लिए जासूसी की आरोपी यूट्यूबर ज्योति रानी को राहत नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की ज़मानत याचिका
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (5 जून) को यूट्यूबर ज्योति रानी (उर्फ ज्योति मल्होत्रा) की याचिका खारिज की। उन पर जासूसी करने और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों से जुड़े लोगों के साथ संवेदनशील जानकारी साझा करने का आरोप है।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के 7 मार्च के आदेश में दखल देने से इनकार किया। हाईकोर्ट ने उन्हें ज़मानत देने से मना कर दिया था।'ट्रैवल-विद-जो' (Travel-with-Jo) नाम का यूट्यूब चैनल चलाने वाली इस ब्लॉगर को 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद 16...
NIC ने किया कैदियों की समय से पहले रिहाई की प्रक्रिया के लिए 'E-Prison' सॉफ़्टवेयर लॉन्च: सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान
सुप्रीम कोर्ट ने 29 मई को उस मामले की कार्यवाही औपचारिक रूप से बंद की, जिसके कारण कैदियों की समय से पहले रिहाई के मामलों को प्रोसेस करने के लिए एक देशव्यापी डिजिटल सिस्टम बनाया गया था।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जेके माहेश्वरी, जस्टिस पंकज मित्तल, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने गौर किया कि नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) ने अलग-अलग संबंधित पक्षों के साथ मिलकर "E-Prisons Early Release Processing Module" लॉन्च किया।13 अप्रैल, 2026 को जस्टिस जेके...
सुप्रीम कोर्ट ने असम ट्रिब्यूनल द्वारा विदेशी घोषित की गईं चार महिलाओं के डिपोर्टेशन पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने उन चार विदेशी महिलाओं के डिपोर्टेशन पर रोक लगाई, जिन्हें असम में फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल ने हिरासत में लिया था। ये महिलाएं हैं- बसिरम नेसा, मुस्त नुरेज़ा बेगम, सलेहा खातून और सरभानु बेगम।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने असम सरकार, केंद्र सरकार और भारत के चुनाव आयोग (ECI) को नोटिस जारी करते हुए इस आदेश पर रोक लगाई। कोर्ट ने उनसे चार हफ़्ते के अंदर जवाब मांगा।50 साल की अनपढ़ सलेहा खातून 2 मार्च से गोलपारा डिटेंशन कैंप में बंद हैं। उन्होंने बताया है कि दरांग के फॉरेनर्स...
जांच के दौरान केस रिकॉर्ड खोना आपराधिक न्याय प्रणाली की जड़ों पर प्रहार: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात में 19 साल पुराने एक आपराधिक मामले की जांच के दौरान केस रिकॉर्ड खो जाने पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं आपराधिक न्याय प्रणाली की जड़ों पर प्रहार करती हैं और वास्तविक शिकायतों को निष्प्रभावी बना देती हैं।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने गुजरात सरकार को यह बताने का निर्देश दिया कि रिकॉर्ड खोने के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। साथ ही अदालत ने लंबित जांच छह सप्ताह के भीतर पूरी कर रिपोर्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट के...
MMDR Act के तहत रॉयल्टी में बढ़ोतरी कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों से ऊपर: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (4 जून) को कहा कि माइन्स एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट, 1957 (MMDR Act) के तहत खनिजों पर रॉयल्टी का भुगतान उसी दर पर किया जाना चाहिए, जो खदान से उनके असल डिस्पैच या हटाने की तारीख पर लागू हो, चाहे पार्टियों के बीच हुए कॉन्ट्रैक्ट में कोई भी दर तय की गई हो।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस नोंगमेइकापम कोटिश्वर सिंह की बेंच ने कहा,"...भुगतान खनिजों की आवाजाही (मूवमेंट) की तारीख पर किया जाना है। अगर आवाजाही की तारीख रॉयल्टी में बढ़ोतरी के बाद की तो कानूनी बदलाव से पहले...
IVF केंद्रों के दुरुपयोग से बाल तस्करी की आशंका, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने ART (Assisted Reproductive Technology) और सरोगेसी केंद्रों के माध्यम से संभावित बाल तस्करी को रोकने के लिए एक विशेष तंत्र और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) की आवश्यकता पर विचार शुरू किया है। अदालत ने यह चिंता उस समय जताई जब न्यायमित्र (Amicus Curiae) वरिष्ठ अधिवक्ता अपर्णा भट्ट ने बताया कि वर्तमान कानूनी ढांचे में ऐसे मामलों को रोकने के लिए कोई विशेष SOP मौजूद नहीं है।जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विश्वनाथन की पीठ 'पिंकी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य' बाल तस्करी मामले में अप्रैल...
मामला स्थगन/निपटाने की समय-सीमा तय करने के लिए गाइडलाइंस की मांग: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका
सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका खारिज की। इस याचिका में देश भर की अदालतों में केस टालने (स्थगन) को रेगुलेट करने, केस निपटाने की समय-सीमा तय करने और केस फ्लो मैनेजमेंट के लिए एक समान राष्ट्रीय पॉलिसी बनाने के लिए कई निर्देश जारी करने की मांग की गई।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने थोड़ी सुनवाई के बाद याचिका खारिज की।शुरुआत में ही जस्टिस नाथ ने याचिकाकर्ता से - जो खुद पेश हो रहे थे - वकील का बैंड पहनने के बारे में सवाल किया। जब याचिकाकर्ता ने जवाब दिया कि वह एक वकील हैं तो जस्टिस नाथ ने...
CBSE एग्जाम रद्द होने का मामला: इम्प्रूवमेंट परीक्षा का परिणाम घोषित न किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा सऊदी अरब का स्टूडेंट
सऊदी अरब के स्टूडेंट ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर CBSE से अपनी 12वीं कक्षा की इम्प्रूवमेंट परीक्षा का परिणाम घोषित करने का निर्देश देने की मांग की। स्टूडेंट का तर्क है कि युद्ध-संबंधी तनाव के कारण पश्चिम एशियाई देशों में परीक्षाएं रद्द होने से प्रभावित प्राइवेट उम्मीदवार CBSE की विशेष मूल्यांकन योजना का लाभ पाने के हकदार हैं।वकील राज किशोर चौधरी के माध्यम से प्रांशु जिगरकुमार पटेल द्वारा दायर याचिका में CBSE द्वारा परिणाम घोषित न करने को चुनौती दी गई। यह परिणाम उन स्टूडेंट्स के लिए...




















