कर्नाटक हाईकोर्ट
'जॉब्लेस' पति और 'हैंडसम सैलरी' वाली पत्नी: कर्नाटक हाईकोर्ट ने मेंटेनेंस बढ़ाने से किया इनकार
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसले में घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत पत्नी को दी गई भरण-पोषण राशि बढ़ाने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि पत्नी अच्छी आय अर्जित कर रही है, जबकि पति ने स्वयं को बेरोजगार बताया है, ऐसे में भरण-पोषण बढ़ाने का कोई आधार नहीं बनता।जस्टिस वी श्रीसनंदा की एकल पीठ ने साथ ही पति की उस याचिका को भी खारिज कर दिया, जिसमें उसने 2015 के पारिवारिक न्यायालय के आदेश को रद्द करने की मांग की थी। इस आदेश के तहत पति को पत्नी को ₹9,000 प्रतिमाह (₹5,000 किराया और ₹4,000...
कांतारा मिमिक्री विवाद: एक्टर रणवीर सिंह माफी हलफनामे में करेंगे संशोधन, कर्नाटक हाइकोर्ट में दिया आश्वासन
कर्नाटक हाइकोर्ट में चल रहे 'कांतारा' मिमिक्री विवाद मामले में एक्टर रणवीर सिंह ने अदालत को बताया कि वह अपने माफी के हलफनामे की भाषा को संशोधित करेंगे। उन्होंने कहा कि वह शिकायतकर्ता के साथ बैठकर ऐसा मसौदा तैयार करेंगे, जिससे वास्तविक खेद स्पष्ट रूप से व्यक्त हो सके।जस्टिस एम नागप्रसन्ना के समक्ष सुनवाई के दौरान एक्टर की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट साजन पूवय्या ने कहा कि माफी का हलफनामा पहले ही दाखिल किया जा चुका है और उसमें मंदिर जाकर प्रार्थना करने का भी उल्लेख है।हालांकि, शिकायतकर्ता के वकील ने...
MUDA जमीन आवंटन मामले में ED ने खटखटाया कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा, क्लोजर रिपोर्ट को दी चुनौती
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कर्नाटक के बहुचर्चित MUDA (मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण) जमीन आवंटन मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट का रुख किया।ED ने लोकायुक्त पुलिस द्वारा दाखिल 'बी रिपोर्ट' को स्वीकार करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी, जिससे मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके परिवार को राहत मिली थी।यह मामला मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उनकी पत्नी पार्वती, साले मल्लिकार्जुन स्वामी, भूमि स्वामी देवराजु और पूर्व मूडा आयुक्त जी.टी. दिनेश कुमार से जुड़ा है।आरोप है कि मुख्यमंत्री की पत्नी को लाभ पहुंचाने के लिए...
S. 35 BNSS | पेशी का नोटिस फिजिकली ही दिया जाना चाहिए, WhatsApp या ईमेल मान्य तरीके नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में यह टिप्पणी की कि धारा 35(3) पुलिस को यह अधिकार नहीं देती कि वह WhatsApp या ईमेल के ज़रिए गिरफ्तारी से पहले का नोटिस या FIR की कॉपी भेजे। कोर्ट ने साफ किया कि गिरफ्तारी से पहले के चरण में नोटिस को फिजिकली (व्यक्तिगत रूप से) देना अनिवार्य है, जैसा कि विधायिका का इरादा था।जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की सिंगल बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों पर भरोसा करते हुए यह माना कि BNSS की धारा 35 [CrPC की धारा 41A] के तहत नोटिस का इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजा जाना अमान्य है, जैसा कि...
MUDA जमीन घोटाला: सीएम सिद्धारमैया को राहत देने वाली बी रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
कर्नाटक हाईकोर्ट ने मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) जमीन घोटाले से जुड़े मामले में बड़ा कदम उठाते हुए बी रिपोर्ट (क्लोजर रिपोर्ट) स्वीकार करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया।जस्टिस एस सुनील दत्त यादव की एकल पीठ ने इस मामले में राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उनकी पत्नी बीएम पार्वती, रिश्तेदार मल्लिकार्जुन स्वामी, भूमि मालिक देवराजु, प्रवर्तन निदेशालय और लोकायुक्त पुलिस को नोटिस जारी किया।यह याचिका स्नेहमयी कृष्णा द्वारा दायर की गई, जिसमें 28 जनवरी को ट्रायल कोर्ट...
पत्नी भरण-पोषण की कार्यवाही के लिए RTI Act के तहत पति का IT रिटर्न नहीं मांग सकती, यह 'निजी जानकारी' के तहत छूट प्राप्त है: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि कोई भी जीवनसाथी, दूसरे जीवनसाथी का इनकम टैक्स रिटर्न और वित्तीय रिकॉर्ड, सूचना का अधिकार (RTI) एक्ट, 2005 के तहत आवेदन करके प्राप्त नहीं कर सकता; क्योंकि ऐसी जानकारी RTI Act की धारा 8(1)(j) के तहत 'निजी जानकारी' मानी जाती है, जिसे सार्वजनिक करने से छूट प्राप्त है।बेंगलुरु में बैठी पीठ ने अदालत के आदेश में यह टिप्पणी करते हुए गिरीश रामचंद्र देशपांडे बनाम CIC, 2012 AIR SCW 5865 मामले का हवाला दिया,"...किसी व्यक्ति द्वारा अपने इनकम टैक्स रिटर्न में दी गई जानकारी...
Google और MeitY ने कर्नाटक हाईकोर्ट में श्रीलंकाई सुप्रीम कोर्ट के जज की रिट याचिका की सुनवाई योग्यता पर उठाया सवाल
Google और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने कर्नाटक हाईकोर्ट में श्रीलंकाई सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस अहमद नवाज़ द्वारा दायर रिट याचिका की स्वीकार्यता पर सवाल उठाया। इस याचिका में उन्होंने अपने खिलाफ प्रकाशित कुछ ऑनलाइन लेखों को हटाने की मांग की थी।उन्होंने क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र (Territorial Jurisdiction) के आधार पर याचिका पर सवाल उठाया।Google LLC की ओर से पेश वकील एडवोकेट मनु पी कुलकर्णी ने दलील दी:“यह याचिका यहां क्यों दायर की गई, योर लॉर्डशिप? यह स्वीकार्य नहीं है।...
सहयोग पोर्टल और कंटेंट हटाने के आदेशों को चुनौती: कर्नाटक हाइकोर्ट ने केंद्र सरकार को जारी किया नोटिस
कर्नाटक हाइकोर्ट ने सोशल मीडिया मंच एक्स कॉर्प की याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया।बता दें, यह याचिका उस फैसले के खिलाफ दायर की गई, जिसमें अदालत की एकल पीठ ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 79(3)(बी) के तहत अधिकारियों को 'सहयोग पोर्टल' के माध्यम से आपत्तिजनक सामग्री हटाने के निर्देश देने का अधिकार मान्य ठहराया था।चीफ जस्टिस विभू बाखरू और जस्टिस सी. पूनाचा की खंडपीठ ने अपील को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 11 जून को...
श्रीलंका के जज पहुंचे कर्नाटक हाईकोर्ट, अपने खिलाफ ऑनलाइन कंटेंट हटाने की मांग
कर्नाटक हाईकोर्ट ने गुरुवार (5 मार्च) को श्रीलंका के सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज जस्टिस अहमद नवाज़ की रिट याचिका पर नोटिस जारी किया। याचिका में भारत के संविधान के तहत उनके "भूल जाने के अधिकार" का इस्तेमाल करते हुए कुछ कथित रूप से बदनाम करने वाले कंटेंट को हटाने की मांग की गई।याचिका में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय के साथ-साथ गूगल इंडिया को पिटीशनर के बारे में सभी कथित रूप से बदनाम करने वाले कंटेंट को हटाने और इसी तरह के कंटेंट को दोबारा बनाने से रोकने का निर्देश देने...
चिन्नास्वामी स्टेडियम भगदड़: कर्नाटक क्राउड कंट्रोल बिल 2025 कंसल्टेशन के लिए भेजा गया, हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान वाली PIL बंद की
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ से जुड़ी एक स्वतः संज्ञान वाली PIL बंद की। यह घटना 2025 IPL फाइनल में रॉयल चैलेंजर बैंगलोर (RCB) की जीत का जश्न मनाने के लिए एक इवेंट से पहले हुई। कोर्ट को बताया गया कि क्राउड कंट्रोल की देखरेख करने वाला एक बिल स्टेट असेंबली ने कंसल्टेशन के लिए भेजा है।बता दें, हाईकोर्ट ने पिछले साल इस घटना का स्वतः संज्ञान लिया और कर्नाटक सरकार से इस हादसे की वजह का पता लगाने और भविष्य में इसे कैसे रोका जाए, यह बताने को कहा था। बता दें, बेंगलुरु...
EPF Act: बकाया की 25% से कम नहीं हो सकती विलंब दंड राशि- कर्नाटक हाइकोर्ट
कर्नाटक हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया कि कर्मचारी भविष्य निधि अंशदान के भुगतान में देरी पर लगाया गया दंड बकाया राशि के 25 प्रतिशत से कम नहीं किया जा सकता। अदालत ने इस सिद्धांत को लागू करते हुए केंद्रीय सरकारी औद्योगिक न्यायाधिकरण के उस आदेश में संशोधन किया, जिसमें तीन लाख रुपये से अधिक की दंड राशि को घटाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया।मामला उस आदेश से संबंधित है जिसमें 5 दिसंबर 2016 को सहायक भविष्य निधि आयुक्त ने कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम (EPF Act) की धारा 14बी के तहत एक...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने IAS ऑफिसर रोहिणी सिंधुरी के खिलाफ IPS ऑफिसर रूपा मौदगिल की मानहानि की शिकायत पर संज्ञान लेने का आदेश बरकरार रखा
कर्नाटक हाईकोर्ट ने IAS ऑफिसर रोहिणी सिंधुरी की याचिका खारिज की, जिसमें IPS ऑफिसर डी रूपा मौदगिल द्वारा दर्ज की गई क्रिमिनल मानहानि की शिकायत पर संज्ञान लेने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई। कोर्ट ने कहा कि यह आदेश सोच-समझकर और पूरी तरह से सोच-समझकर दिया गया।जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने अपने आदेश में कहा कि जब सिंधुरी ने मौदगिल के खिलाफ क्रिमिनल मानहानि की कार्रवाई की थी तो हाईकोर्ट में इसे चुनौती देने वाली मौदगिल की याचिका इस आधार पर खारिज की गई कि मौदगिल ने कथित बयान अच्छी नीयत से...
आप रणवीर सिंह हो सकते हैं, लेकिन धार्मिक भावनाओं को आहत नहीं कर सकते: हाइकोर्ट की सख्त टिप्पणी, जांच पर अंतरिम रोक
कर्नाटक हाइकोर्ट ने मंगलवार को एक्टर रणवीर सिंह को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वह भले ही बड़े कलाकार हों, लेकिन उन्हें किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का अधिकार नहीं है।अदालत ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक मंच पर बोलते समय उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से कहा,“आप एक एक्टर हैं और लाखों लोग आपसे प्रभावित होते हैं। जब आपके पास ऐसा प्रभाव है तो आपको जिम्मेदार होना चाहिए। आप किसी की नकल कर सकते हैं। कुछ भी कर सकते हैं लेकिन किसी की...
रिश्वत की मांग और स्वीकारोक्ति के बिना भ्रष्टाचार का मामला नहीं बनता: कर्नाटक हाइकोर्ट ने दोहराया सिद्धांत
कर्नाटक हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि किसी लोक सेवक के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला तभी बनता है, जब रिश्वत की मांग और स्वीकारोक्ति दोनों के ठोस प्रमाण हों। केवल मांग या केवल स्वीकारोक्ति के आधार पर अपराध सिद्ध नहीं किया जा सकता।जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने कहा कि धारा 7 का मूल तत्व ही मांग और स्वीकार है।उन्होंने कहा," सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों के समेकित अध्ययन से स्पष्ट है कि धारा 7 की आत्मा मांग और स्वीकारोक्ति है। यदि मांग है पर स्वीकार नहीं तो अपराध...
राहुल गांधी का कथित बदनाम करने वाले पब्लिकेशन से कोई लेना-देना नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने BJP का मानहानि मामला खारिज किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार (17 फरवरी) को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि मामला में कार्रवाई खारिज की, जिसमें राज्य BJP ने कथित बदनाम करने वाले विज्ञापन और उससे जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर केस किया था। कोर्ट ने कहा कि पार्टी पीड़ित व्यक्ति नहीं है।ऐसा करते हुए कोर्ट ने आगे कहा कि अपनी फोटो के इस्तेमाल के अलावा, गांधी का कथित बदनाम करने वाले विज्ञापन से कोई लेना-देना नहीं था।यह मामला कांग्रेस पार्टी के “करप्शन रेट कार्ड” विज्ञापन से जुड़ा है, जिसमें दावा किया गया कि...
केंद्र धोखाधड़ी से मिले एम्प्लॉयमेंट वीज़ा पर रह रहे विदेशी नागरिक को 'लीव इंडिया नोटिस' जारी कर सकता है: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने ऑस्ट्रेलियाई नागरिक को जारी 'लीव इंडिया' नोटिस को सही ठहराया, जो एम्प्लॉयमेंट वीज़ा पर रह रहा था। कोर्ट ने कहा कि वीज़ा गलत जानकारी देकर हासिल किया गया था, क्योंकि पोस्ट के लिए लोकल टैलेंट को भर्ती करने का कोई प्रोसेस नहीं किया गया।कोर्ट ने माना कि लीव इंडिया नोटिस नेचुरल जस्टिस के सिद्धांतों का उल्लंघन नहीं है और याचिकाकर्ता गलत जानकारी देकर मिले कॉन्ट्रैक्ट वाले वीज़ा पर रह रहा एक विदेशी नागरिक है। उसे नागरिकता चाहने वाले नागरिक या लंबे समय से रहने वाले नागरिक जैसा प्रोसेस...
Indian Succession Act | पत्नी और बच्चों के जीवित रहने पर मां को विरासत में हिस्सा नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि यदि कोई पुत्र बिना वसीयत (इंटेस्टेट) के मृत्यु को प्राप्त होता है और उसके पीछे पत्नी व बच्चे (प्रत्यक्ष वंशज) जीवित हैं, तो उसकी मां को भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम के तहत संपत्ति में हिस्सा नहीं मिलेगा।जस्टिस ज्योति एम ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें मृतक की पत्नी और बच्चों द्वारा दायर उत्तराधिकार प्रमाणपत्र (Succession Certificate) की याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी गई थी कि मृतक की मां भी कानूनी उत्तराधिकारी है।मामला क्या...
सीनियर सिटीजन की संपत्ति ट्रांसफर पर अहम फैसला: गिफ्ट डीड में 'भरण-पोषण' की स्पष्ट शर्त होना ज़रूरी नहीं- कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007 की धारा 23 की व्याख्या करते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि यदि कोई वरिष्ठ नागरिक अपनी संपत्ति बच्चों या परिजनों के पक्ष में गिफ्ट डीड के माध्यम से ट्रांसफर करता है, तो उस गिफ्ट डीड में भरण-पोषण (maintenance) की स्पष्ट शर्त लिखी होना अनिवार्य नहीं है, ताकि बाद में उस ट्रांसफर को धारा 23 के तहत शून्य (void) घोषित किया जा सके।जस्टिस सुरज गोविंदराज ने कहा कि धारा 23 के तहत सीनियर सिटीजन के भरण-पोषण का...
'वकालत पर बुरा असर पड़ेगा': कर्नाटक हाईकोर्ट ने विरोधियों के लिए पेश होने वाले वकीलों के खिलाफ FIR दर्ज करने के खतरनाक चलन पर चिंता जताई
कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार (3 फरवरी) को शिकायतकर्ताओं द्वारा अपने विरोधियों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों के खिलाफ FIR दर्ज करने के खतरनाक चलन पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे वकालत के पेशे पर बुरा असर पड़ेगा।कोर्ट एक वकील की याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उसने एक FIR को चुनौती दी, जिसमें उसे आरोपी बनाया गया। इसमें BNS की धारा 69 (धोखे से यौन संबंध बनाना, आदि) का अपराध भी शामिल है।मामला जब सुनवाई के लिए आया तो याचिकाकर्ता के वकील ने इस बात पर ज़ोर दिया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ सिर्फ़ एक...
JJ Act के तहत छोटे अपराध के लिए नाबालिग के खिलाफ FIR टिकाऊ नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने केस रद्द किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार (03 फरवरी) को आरोपी के खिलाफ FIR रद्द की, जिसे अपराध दर्ज होने के समय नाबालिग बताया गया। कोर्ट ने कहा कि उसके खिलाफ लगाया गया अपराध जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (JJ Act) के तहत एक छोटा अपराध था। इसलिए उसके खिलाफ FIR दर्ज नहीं की जा सकती थी।जस्टिस एम नागप्रसन्ना याचिकाकर्ता की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसने IPC की धारा 341 (गलत तरीके से रोकना), 323 (जानबूझकर साधारण चोट पहुंचाने की सज़ा), 324 (खतरनाक हथियारों या साधनों से जानबूझकर चोट पहुंचाना), 506 (आपराधिक धमकी), 354(B)...


















