कर्नाटक हाईकोर्ट

वक्फ बोर्ड नियमों को दरकिनार कर एड हॉक समिति नहीं बना सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट की धारवाड़ पीठ ने कहा कि वक्फ बोर्ड वैधानिक प्रक्रिया को दरकिनार कर किसी वक्फ संस्था के प्रबंधन के लिए अपनी मर्जी से एड हॉक समिति नियुक्त नहीं कर सकता।हाईकोर्ट ने राज्य वक्फ बोर्ड की ओर से 11 महीने के लिए बनाई गई 11 सदस्यीय तदर्थ समिति से संबंधित कार्यालय ज्ञापन रद्द किया। जस्टिस सचिन शंकर मगदुम ने मुडलगि की बज्मे तौहीद तंजीम समिति की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया।याचिका में वक्फ संस्था के प्रबंधन और निगरानी के लिए बोर्ड द्वारा तदर्थ समिति गठित करने के फैसले को...

मंदिर के चढ़ावे पर विवाद: कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा- आरती की थाली में आया चढ़ावा पुजारी की निजी आय, संयुक्त परिवार की संपत्ति नहीं
कर्नाटक हाईकोर्ट की कलबुर्गी बेंच ने कहा कि मंगल-आरती (पूजा-अनुष्ठान) की थाली में भक्तों द्वारा वंशानुगत अर्चक (मंदिर के पुजारी) को दिया गया चढ़ावा उनकी व्यक्तिगत आय है, जो 'हिंदू गेन्स ऑफ़ लर्निंग एक्ट, 1930' की धारा 3 के तहत सुरक्षित है और यह संयुक्त परिवार की संपत्ति का हिस्सा नहीं है।जस्टिस आर. नटराज और जस्टिस त्यागराज एन. इनावल्ली की डिवीजन बेंच ने कहा,"भक्तों द्वारा अर्चक को दिया गया चढ़ावा वह पारिश्रमिक है, जो उन्हें पवित्र जीवन जीने और आगम शास्त्र में उनकी विद्वता, क्रियाओं और कैंकर्यों...

खड़गे परिवार के ट्रस्ट को जमीन आवंटन मामले में जांच का रास्ता साफ, कर्नाटक हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का आदेश किया रद्द
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके परिवार से जुड़े ट्रस्ट को बेंगलुरु विकास प्राधिकरण की जमीन आवंटित किए जाने में कथित अनियमितताओं की जांच से जुड़े मामले में अहम फैसला सुनाया। हाईकोर्ट ने कहा कि निजी शिकायत के साथ लगाए गए हलफनामे में कमी एक ऐसी प्रक्रिया संबंधी त्रुटि है, जिसे दूर किया जा सकता है। केवल इस आधार पर जांच की वैधानिक प्रक्रिया को रोककर मामले को अदालत की जांच के लिए भेजना उचित नहीं है।जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने निचली अदालत के उस आदेश को रद्द किया,...

तलाकशुदा पुरुष से शादी करने वाली महिला तलाक के आदेश की पुष्टि न करने तक मेंटेनेंस का दावा नहीं कर सकती: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट की धारवाड़ बेंच ने कहा कि जो महिला जानबूझकर किसी ऐसे पुरुष से शादी करती है, जिसे वह तलाकशुदा मानती है, वह CrPC की धारा 125 के तहत गुजारा-भत्ते का दावा नहीं कर सकती, अगर उसने यह पुष्टि नहीं की कि तलाक का आदेश अंतिम हो चुका था या अपील में उस पर रोक (स्टे) लगी हुई।जस्टिस गीता के.बी. ने एक महिला की उस रिवीजन याचिका खारिज की, जिसमें उसने फैमिली कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें उसे गुजारा-भत्ता देने से इनकार कर दिया गया।कोर्ट ने कहा,"जब याचिकाकर्ता को यह पता चल जाता है कि...

कोविड में बीमार माता-पिता की देखभाल के लिए मायके गई पत्नी वापस नहीं लौटी थी: कर्नाटक हाईकोर्ट ने खारिज किया भरण-पोषण का दावा
कर्नाटक हाईकोर्ट ने भरण-पोषण की मांग करने वाली पत्नी की पुनर्विचार याचिका खारिज करते हुए कहा कि वैवाहिक घर छोड़ने का उचित और वाजिब कारण साबित नहीं होने पर पत्नी पति से भरण-पोषण की मांग नहीं कर सकती। अदालत ने पाया कि पत्नी कोविड के दौरान बीमार माता-पिता और बहन की देखभाल के लिए मायके गई थी और बाद में पति के वापस लौटने के आग्रह के बावजूद वैवाहिक घर नहीं लौटी।जस्टिस डॉ. चिलकुर सुमलता ने मैसूरु फैमिली कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा कि भरण-पोषण का अधिकार अपने आप नहीं मिल जाता।...

पति-पत्नी का अलग-अलग कमरों में रहना अपने आप में क्रूरता नहीं, किंतु लंबे समय से चल रहे झगड़ों का कुल असर मायने रखता है: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक पति की अपील खारिज की। पति ने फैमिली कोर्ट द्वारा मानसिक क्रूरता के आधार पर दिए गए तलाक के आदेश और पत्नी को दिए गए स्थायी गुजारे-भत्ते (एलिमनी) को चुनौती दी थी। ऐसा करते हुए कोर्ट ने एक अहम बात कही कि एक ही घर में अलग-अलग कमरों में रहना, अपने आप में क्रूरता नहीं माना जा सकता। [2026 LiveLaw (Kar) 318]कोर्ट ने आदेश में कहा,"...अकेले इस आधार पर ऐसी व्यवस्था [अलग-अलग कमरे] को क्रूरता नहीं माना जा सकता। सिर्फ़ इस बात से कि पति-पत्नी अलग-अलग कमरों में रहते हैं, क्रूरता...

भवन मंजूरी के बाद Occupancy Certificate के लिए नई शर्त नहीं लगा सकते: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि भवन का Occupancy Certificate (OC) जारी करने के लिए नगरपालिका अधिकारी बाद में ऐसी शर्त नहीं लगा सकते, जिसके तहत मालिक को बिना मुआवजे के सड़क चौड़ीकरण के लिए जमीन छोड़नी पड़े, खासकर जब भवन लाइसेंस के समय ऐसी शर्त नहीं लगाई गई थी।जस्टिस बी.एम. श्याम प्रसाद की एकल पीठ ने संपत्ति मालिकों की याचिका स्वीकार करते हुए अधिकारियों को Relinquishment Deed की मांग किए बिना OC जारी करने का निर्देश दिया, बशर्ते निर्माण स्वीकृत योजना के अनुरूप हो।क्या था मामला?याचिकाकर्ताओं के पास...

पूर्व राजाओं की निजी संपत्ति के उत्तराधिकार पर 26वें संविधान संशोधन का असर नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 5(ii) की संवैधानिक वैधता बरकरार रखते हुए कहा कि पूर्व रियासतों के शासकों की निजी संपत्तियों और अविभाज्य संपदाओं के उत्तराधिकार के संबंध में इस प्रावधान की प्रासंगिकता केवल इसलिए समाप्त नहीं हो जाती, क्योंकि 26वें संविधान संशोधन के जरिए पूर्व शासकों को मिलने वाली प्रिवी पर्स तथा उनके कुछ विशेषाधिकार समाप्त कर दिए गए।जस्टिस एमजीएस कमल ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 291 और 362 का संबंध पूर्व शासकों को प्रिवी पर्स, व्यक्तिगत अधिकारों,...

ED की तलाशी और बैंक अकाउंट फ्रीज करने की कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी जा सकती है: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई तलाशी और संपत्ति या बैंक अकाउंट फ्रीज करने की कार्रवाई को संविधान के अनुच्छेद 226 तथा दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 482 (अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 528) के तहत हाईकोर्ट में चुनौती दी जा सकती है।जस्टिस एम. नागप्रसन्ना ने गेमिंग कंपनी गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज की याचिका पर सुनवाई करते हुए ED की प्रारंभिक आपत्ति खारिज की। कंपनी ने 23 फरवरी को दर्ज...

ट्रेड यूनियन 'राज्य' नहीं, प्रस्तावित हड़ताल रोकने के लिए नियोक्ता सीधे हाईकोर्ट नहीं जा सकता : कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि किसी प्रस्तावित हड़ताल को रोकने के लिए नियोक्ता द्वारा ट्रेड यूनियन के खिलाफ सीधे संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत याचिका दायर करना सामान्यतः स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि ट्रेड यूनियन संविधान के अनुच्छेद 12 के तहत 'राज्य' की श्रेणी में नहीं आती और न ही वह कोई सार्वजनिक कर्तव्य निभाने वाली संस्था है।जस्टिस अनंत रामनाथ हेगड़े की एकलपीठ ने बॉश ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की याचिका खारिज करते हुए कहा कि यदि सुलह...

अगर पहली शादी कायम है तो स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत मुस्लिम व्यक्ति की दूसरी शादी मान्य नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत की गई शादी, अगर पहले से कोई शादी कायम है तो वह शुरू से ही अमान्य (void ab initio) होती है, भले ही संबंधित पक्ष ऐसे पर्सनल लॉ (व्यक्तिगत कानून) के दायरे में आते हों, जो एक से ज़्यादा शादियों की इजाज़त देता हो। [2026 LiveLaw (Kar) 265]जस्टिस सचिन शंकर मगदुम की सिंगल जज बेंच ने कहा कि ऐसी शादी दूसरी पत्नी को कानूनी रूप से विवाहित पत्नी का दर्जा नहीं देती है।इस बात को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने एक महिला द्वारा दायर रिट याचिका पर...

घरेलू हिंसा कानून के तहत बालिग अविवाहित बेटी पोस्ट-ग्रेजुएशन के लिए पढ़ाई का खर्च मांग सकती है: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि 'महिलाओं को घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, 2005' के तहत, पिता अपनी बालिग हो चुकी अविवाहित बेटी की पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए बाध्य है। कोर्ट ने माना कि बच्चे के बालिग होने पर माता-पिता की शिक्षा देने की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती। [2026 LiveLaw (Kar) 258]जस्टिस एच.पी. संदेश की सिंगल जज बेंच ने पिता की वह रिवीजन याचिका खारिज की, जिसमें उन्होंने ट्रायल कोर्ट और डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट के उन आदेशों को चुनौती दी थी, जिनमें उन्हें अपनी बेटी के...

'शादी में अब रुचि नहीं रही' कहकर पति तलाक नहीं मांग सकता, विवाह जीवनभर का संस्कार: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि सिर्फ इस आधार पर कि पति की शादी में अब रुचि (Interest) नहीं रही, उसे तलाक नहीं दिया जा सकता। अदालत ने कहा कि हिंदू कानून के तहत विवाह एक संस्कार (Sacrament) है, कोई अनुबंध (Contract) नहीं, इसलिए कोई भी व्यक्ति केवल यह कहकर वैवाहिक संबंध से अलग नहीं हो सकता कि अब उसका विवाह में मन नहीं है।जस्टिस डी. के. सिंह और जस्टिस टी. एम. नदाफ की खंडपीठ ने फैमिली कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें पति की तलाक याचिका खारिज कर दी गई थी।...

प्रेम विवाह में दहेज मांग का आरोप पहली नजर में मानना मुश्किल, कर्नाटक हाईकोर्ट ने पति को जमानत दी
कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा है कि यदि विवाह प्रेम विवाह (लव मैरिज) है, तो शादी के समय और उसके बाद दहेज मांगे जाने के आरोप पहली नजर में स्वीकार करना कठिन हो जाता है। इसी टिप्पणी के साथ अदालत ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने और दहेज प्रताड़ना के आरोपों में गिरफ्तार एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर पति को जमानत दे दी।जस्टिस एस. विश्वजीत शेट्टी की एकल पीठ ने कहा कि रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि पति-पत्नी ने वर्ष 2023 में दोनों परिवारों की सहमति से प्रेम विवाह किया था। दोनों निजी कंपनियों में...

2020 बेंगलुरु दंगा मामला: साढ़े पांच साल जेल में रहने के बाद आरोपी फैरोज पाशा को कर्नाटक हाईकोर्ट से जमानत
कर्नाटक हाईकोर्ट ने वर्ष 2020 के बेंगलुरु दंगा मामले में आरोपी फैरोज पाशा को जमानत दी।कोर्ट ने कहा कि पाशा पिछले साढ़े पांच वर्षों से न्यायिक हिरासत में है और इसी मामले के कई सह-आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। ऐसे में समानता के सिद्धांत के आधार पर उसे भी जमानत दी जानी चाहिए।जस्टिस मोहम्मद नवाज और जस्टिस जी. बसवराज की खंडपीठ ने कहा कि आरोपी 12 अगस्त 2020 से जेल में है। आरोपपत्र में 267 गवाहों का उल्लेख किया गया और मुकदमे के जल्द पूरा होने की संभावना नहीं है। ऐसे में लंबे समय से जेल में...

POCSO मामले में वचनानंद स्वामी की अग्रिम जमानत रद्द, कर्नाटक हाईकोर्ट ने सेशन कोर्ट के आदेश पर जताई गंभीर आपत्ति
कर्नाटक हाईकोर्ट ने POCSO के तहत दर्ज मामले में वचनानंद स्वामी को सेशन कोर्ट द्वारा दी गई अग्रिम जमानत रद्द की। अदालत ने कहा कि जिस तरीके से अग्रिम जमानत दी गई, वह गंभीर चिंता का विषय है।जस्टिस एम. नागप्रसन्ना ने शिकायतकर्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए 2 मई को सेशन कोर्ट द्वारा पारित अग्रिम जमानत का आदेश निरस्त किया। वचनानंद स्वामी के खिलाफ POCSO Act की विभिन्न धाराओं के तहत अप्राकृतिक यौन शोषण सहित गंभीर आरोप दर्ज हैं।हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि केवल आरोपपत्र दाखिल हो जाने के कारण अग्रिम...

नाबालिग से शादी और शारीरिक संबंध के आरोपी को कर्नाटक हाईकोर्ट से मिली जमानत, अदालत ने कहा— 'लड़की को थी सांसारिक समझ'
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की से शादी करने और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी 28 वर्षीय युवक को जमानत दे दी है। अदालत ने अपने आदेश में विशेष रूप से टिप्पणी की कि लड़की को अपने कार्यों के परिणामों के बारे में 'सांसारिक समझ' (Worldly Knowledge) थी।हाईकोर्ट की एकल पीठ के जस्टिस एस. विश्वजीत शेट्टी ने मामले की सुनवाई करते हुए नोट किया कि आरोपी और पीड़िता एक-दूसरे से प्यार करते थे, उन्होंने मंदिर में शादी की और काफी समय तक साथ रहे थे।कोर्ट ने फैसले में क्या कहा?जस्टिस एस....

बसवकल्याण हिंदू सम्मेलन को हाईकोर्ट की मंजूरी, लेकिन स्वामी अदृश्य कादेश्वर को भाषण देने पर रोक
कर्नाटक हाईकोर्ट ने 28 जून को प्रस्तावित बसवादी शिव शरण बृहत हिंदू समावेश कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी।हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में आमंत्रित कनेरी मठ के स्वामी अदृश्य कादेश्वर किसी भी प्रकार का भाषण नहीं दे सकेंगे।कलबुर्गी खंडपीठ में सुनवाई कर रहे जस्टिस एस. आर. कृष्णकुमार ने बसवकल्याण तहसीलदार के 11 जून के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसके जरिए कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार किया गया था।अदालत ने अपने आदेश में कहा कि स्वामी अदृश्य कादेश्वर कार्यक्रम में शारीरिक रूप से...

'नाबालिग लड़के भी सुरक्षित नहीं': अप्राकृतिक यौनाचार मामले में वचनानंद स्वामी की अग्रिम जमानत रद्द करगा हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने POCSO मामले में आरोपी वचनानंद स्वामी को मिली अग्रिम जमानत पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि वह इस आदेश को रद्द करेगा और आरोपी को नियमित जमानत के लिए आवेदन करने की स्वतंत्रता देगा।जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की पीठ शिकायतकर्ता की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें सत्र अदालत के 2 मई के आदेश को चुनौती दी गई है।सत्र अदालत ने वचनानंद स्वामी को अग्रिम जमानत दी थी। उनके खिलाफ POCSO Act की धाराओं 4, 6, 8, 10 और 12 के तहत मामला दर्ज है। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से पेश सीनियर...

डी.के. शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने के खिलाफ याचिका खारिज, कर्नाटक ने कहा- 'सिर्फ प्रचार पाने की कोशिश, लगाया 50 हजार का जुर्माना
कर्नाटक हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व में गठित मंत्रिपरिषद की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली जनहित याचिका खारिज की।अदालत ने याचिका को प्रचार पाने की कोशिश और न्यायपालिका के समय का अनुचित उपयोग बताते हुए याचिकाकर्ता पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।चीफ जस्टिस विभु बाखरू और जस्टिस के.एस. हेमलेखा की खंडपीठ ने मंगलप्पा हुलिकेरी नामक याचिकाकर्ता की याचिका खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी याचिका संविधान के अनुच्छेद 164(1ए) की गलत व्याख्या पर आधारित है।याचिकाकर्ता ने दावा...
