कर्नाटक हाईकोर्ट

ED की तलाशी और बैंक अकाउंट फ्रीज करने की कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी जा सकती है: कर्नाटक हाईकोर्ट
ED की तलाशी और बैंक अकाउंट फ्रीज करने की कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी जा सकती है: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई तलाशी और संपत्ति या बैंक अकाउंट फ्रीज करने की कार्रवाई को संविधान के अनुच्छेद 226 तथा दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 482 (अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 528) के तहत हाईकोर्ट में चुनौती दी जा सकती है।जस्टिस एम. नागप्रसन्ना ने गेमिंग कंपनी गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज की याचिका पर सुनवाई करते हुए ED की प्रारंभिक आपत्ति खारिज की। कंपनी ने 23 फरवरी को दर्ज...

ट्रेड यूनियन राज्य नहीं, प्रस्तावित हड़ताल रोकने के लिए नियोक्ता सीधे हाईकोर्ट नहीं जा सकता : कर्नाटक हाईकोर्ट
ट्रेड यूनियन 'राज्य' नहीं, प्रस्तावित हड़ताल रोकने के लिए नियोक्ता सीधे हाईकोर्ट नहीं जा सकता : कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि किसी प्रस्तावित हड़ताल को रोकने के लिए नियोक्ता द्वारा ट्रेड यूनियन के खिलाफ सीधे संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत याचिका दायर करना सामान्यतः स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि ट्रेड यूनियन संविधान के अनुच्छेद 12 के तहत 'राज्य' की श्रेणी में नहीं आती और न ही वह कोई सार्वजनिक कर्तव्य निभाने वाली संस्था है।जस्टिस अनंत रामनाथ हेगड़े की एकलपीठ ने बॉश ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की याचिका खारिज करते हुए कहा कि यदि सुलह...

अगर पहली शादी कायम है तो स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत मुस्लिम व्यक्ति की दूसरी शादी मान्य नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
अगर पहली शादी कायम है तो स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत मुस्लिम व्यक्ति की दूसरी शादी मान्य नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत की गई शादी, अगर पहले से कोई शादी कायम है तो वह शुरू से ही अमान्य (void ab initio) होती है, भले ही संबंधित पक्ष ऐसे पर्सनल लॉ (व्यक्तिगत कानून) के दायरे में आते हों, जो एक से ज़्यादा शादियों की इजाज़त देता हो। [2026 LiveLaw (Kar) 265]जस्टिस सचिन शंकर मगदुम की सिंगल जज बेंच ने कहा कि ऐसी शादी दूसरी पत्नी को कानूनी रूप से विवाहित पत्नी का दर्जा नहीं देती है।इस बात को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने एक महिला द्वारा दायर रिट याचिका पर...

घरेलू हिंसा कानून के तहत बालिग अविवाहित बेटी पोस्ट-ग्रेजुएशन के लिए पढ़ाई का खर्च मांग सकती है: कर्नाटक हाईकोर्ट
घरेलू हिंसा कानून के तहत बालिग अविवाहित बेटी पोस्ट-ग्रेजुएशन के लिए पढ़ाई का खर्च मांग सकती है: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि 'महिलाओं को घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, 2005' के तहत, पिता अपनी बालिग हो चुकी अविवाहित बेटी की पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए बाध्य है। कोर्ट ने माना कि बच्चे के बालिग होने पर माता-पिता की शिक्षा देने की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती। [2026 LiveLaw (Kar) 258]जस्टिस एच.पी. संदेश की सिंगल जज बेंच ने पिता की वह रिवीजन याचिका खारिज की, जिसमें उन्होंने ट्रायल कोर्ट और डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट के उन आदेशों को चुनौती दी थी, जिनमें उन्हें अपनी बेटी के...

प्रेम विवाह में दहेज मांग का आरोप पहली नजर में मानना मुश्किल, कर्नाटक हाईकोर्ट ने पति को जमानत दी
प्रेम विवाह में दहेज मांग का आरोप पहली नजर में मानना मुश्किल, कर्नाटक हाईकोर्ट ने पति को जमानत दी

कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा है कि यदि विवाह प्रेम विवाह (लव मैरिज) है, तो शादी के समय और उसके बाद दहेज मांगे जाने के आरोप पहली नजर में स्वीकार करना कठिन हो जाता है। इसी टिप्पणी के साथ अदालत ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने और दहेज प्रताड़ना के आरोपों में गिरफ्तार एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर पति को जमानत दे दी।जस्टिस एस. विश्वजीत शेट्टी की एकल पीठ ने कहा कि रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि पति-पत्नी ने वर्ष 2023 में दोनों परिवारों की सहमति से प्रेम विवाह किया था। दोनों निजी कंपनियों में...

2020 बेंगलुरु दंगा मामला: साढ़े पांच साल जेल में रहने के बाद आरोपी फैरोज पाशा को कर्नाटक हाईकोर्ट से जमानत
2020 बेंगलुरु दंगा मामला: साढ़े पांच साल जेल में रहने के बाद आरोपी फैरोज पाशा को कर्नाटक हाईकोर्ट से जमानत

कर्नाटक हाईकोर्ट ने वर्ष 2020 के बेंगलुरु दंगा मामले में आरोपी फैरोज पाशा को जमानत दी।कोर्ट ने कहा कि पाशा पिछले साढ़े पांच वर्षों से न्यायिक हिरासत में है और इसी मामले के कई सह-आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। ऐसे में समानता के सिद्धांत के आधार पर उसे भी जमानत दी जानी चाहिए।जस्टिस मोहम्मद नवाज और जस्टिस जी. बसवराज की खंडपीठ ने कहा कि आरोपी 12 अगस्त 2020 से जेल में है। आरोपपत्र में 267 गवाहों का उल्लेख किया गया और मुकदमे के जल्द पूरा होने की संभावना नहीं है। ऐसे में लंबे समय से जेल में...

POCSO मामले में वचनानंद स्वामी की अग्रिम जमानत रद्द, कर्नाटक हाईकोर्ट ने सेशन कोर्ट के आदेश पर जताई गंभीर आपत्ति
POCSO मामले में वचनानंद स्वामी की अग्रिम जमानत रद्द, कर्नाटक हाईकोर्ट ने सेशन कोर्ट के आदेश पर जताई गंभीर आपत्ति

कर्नाटक हाईकोर्ट ने POCSO के तहत दर्ज मामले में वचनानंद स्वामी को सेशन कोर्ट द्वारा दी गई अग्रिम जमानत रद्द की। अदालत ने कहा कि जिस तरीके से अग्रिम जमानत दी गई, वह गंभीर चिंता का विषय है।जस्टिस एम. नागप्रसन्ना ने शिकायतकर्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए 2 मई को सेशन कोर्ट द्वारा पारित अग्रिम जमानत का आदेश निरस्त किया। वचनानंद स्वामी के खिलाफ POCSO Act की विभिन्न धाराओं के तहत अप्राकृतिक यौन शोषण सहित गंभीर आरोप दर्ज हैं।हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि केवल आरोपपत्र दाखिल हो जाने के कारण अग्रिम...

नाबालिग से शादी और शारीरिक संबंध के आरोपी को कर्नाटक हाईकोर्ट से मिली जमानत, अदालत ने कहा— लड़की को थी सांसारिक समझ
नाबालिग से शादी और शारीरिक संबंध के आरोपी को कर्नाटक हाईकोर्ट से मिली जमानत, अदालत ने कहा— 'लड़की को थी सांसारिक समझ'

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की से शादी करने और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी 28 वर्षीय युवक को जमानत दे दी है। अदालत ने अपने आदेश में विशेष रूप से टिप्पणी की कि लड़की को अपने कार्यों के परिणामों के बारे में 'सांसारिक समझ' (Worldly Knowledge) थी।हाईकोर्ट की एकल पीठ के जस्टिस एस. विश्वजीत शेट्टी ने मामले की सुनवाई करते हुए नोट किया कि आरोपी और पीड़िता एक-दूसरे से प्यार करते थे, उन्होंने मंदिर में शादी की और काफी समय तक साथ रहे थे।कोर्ट ने फैसले में क्या कहा?जस्टिस एस....

बसवकल्याण हिंदू सम्मेलन को हाईकोर्ट की मंजूरी, लेकिन स्वामी अदृश्य कादेश्वर को भाषण देने पर रोक
बसवकल्याण हिंदू सम्मेलन को हाईकोर्ट की मंजूरी, लेकिन स्वामी अदृश्य कादेश्वर को भाषण देने पर रोक

कर्नाटक हाईकोर्ट ने 28 जून को प्रस्तावित बसवादी शिव शरण बृहत हिंदू समावेश कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी।हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में आमंत्रित कनेरी मठ के स्वामी अदृश्य कादेश्वर किसी भी प्रकार का भाषण नहीं दे सकेंगे।कलबुर्गी खंडपीठ में सुनवाई कर रहे जस्टिस एस. आर. कृष्णकुमार ने बसवकल्याण तहसीलदार के 11 जून के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसके जरिए कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार किया गया था।अदालत ने अपने आदेश में कहा कि स्वामी अदृश्य कादेश्वर कार्यक्रम में शारीरिक रूप से...

नाबालिग लड़के भी सुरक्षित नहीं: अप्राकृतिक यौनाचार मामले में वचनानंद स्वामी की अग्रिम जमानत रद्द करगा हाईकोर्ट
'नाबालिग लड़के भी सुरक्षित नहीं': अप्राकृतिक यौनाचार मामले में वचनानंद स्वामी की अग्रिम जमानत रद्द करगा हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने POCSO मामले में आरोपी वचनानंद स्वामी को मिली अग्रिम जमानत पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि वह इस आदेश को रद्द करेगा और आरोपी को नियमित जमानत के लिए आवेदन करने की स्वतंत्रता देगा।जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की पीठ शिकायतकर्ता की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें सत्र अदालत के 2 मई के आदेश को चुनौती दी गई है।सत्र अदालत ने वचनानंद स्वामी को अग्रिम जमानत दी थी। उनके खिलाफ POCSO Act की धाराओं 4, 6, 8, 10 और 12 के तहत मामला दर्ज है। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से पेश सीनियर...

डी.के. शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने के खिलाफ याचिका खारिज, कर्नाटक ने कहा- सिर्फ प्रचार पाने की कोशिश, लगाया 50 हजार का जुर्माना
डी.के. शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने के खिलाफ याचिका खारिज, कर्नाटक ने कहा- 'सिर्फ प्रचार पाने की कोशिश, लगाया 50 हजार का जुर्माना

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व में गठित मंत्रिपरिषद की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली जनहित याचिका खारिज की।अदालत ने याचिका को प्रचार पाने की कोशिश और न्यायपालिका के समय का अनुचित उपयोग बताते हुए याचिकाकर्ता पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।चीफ जस्टिस विभु बाखरू और जस्टिस के.एस. हेमलेखा की खंडपीठ ने मंगलप्पा हुलिकेरी नामक याचिकाकर्ता की याचिका खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी याचिका संविधान के अनुच्छेद 164(1ए) की गलत व्याख्या पर आधारित है।याचिकाकर्ता ने दावा...

चेक बाउंस मामलों में जुर्माना न भरने पर डिफॉल्ट सजा 6 महीने से अधिक नहीं हो सकती: कर्नाटक हाईकोर्ट
चेक बाउंस मामलों में जुर्माना न भरने पर डिफॉल्ट सजा 6 महीने से अधिक नहीं हो सकती: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि चेक बाउंस मामलों में जुर्माना अदा न करने पर दी जाने वाली डिफॉल्ट कारावास की अवधि अपराध के लिए निर्धारित अधिकतम सजा के एक-चौथाई से अधिक नहीं हो सकती। चूंकि परक्राम्य लिखत अधिनियम (NI Act) की धारा 138 के तहत अधिकतम सजा दो वर्ष है, इसलिए डिफॉल्ट सजा छह महीने से अधिक नहीं हो सकती।जस्टिस एम. नागप्रसन्ना ने कहा कि जुर्माना न भरने पर दी जाने वाली कारावास अतिरिक्त दंड नहीं, बल्कि अदालत के आदेश के पालन को सुनिश्चित करने का एक उपाय है। अदालत ने यह भी कहा कि एक ही लेन-देन से...

जांच एजेंसियों से भविष्य में मिलने वाले निर्देशों की आशंका में बैंक पूरा अकाउंट फ्रीज़ नहीं कर सकते: कर्नाटक हाईकोर्ट
जांच एजेंसियों से भविष्य में मिलने वाले निर्देशों की आशंका में बैंक पूरा अकाउंट फ्रीज़ नहीं कर सकते: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि कोई बैंक सिर्फ़ इस आशंका पर कि भविष्य में जांच एजेंसियों से अतिरिक्त रकम फ्रीज़ करने के निर्देश मिल सकते हैं, "पूरा बैंक अकाउंट" फ्रीज़ नहीं कर सकता।जस्टिस सूरज गोविंदराज की सिंगल जज बेंच ने इस बात पर ज़ोर दिया,"भविष्य की किसी घटना की संभावना या आशंका की तुलना कानूनी आदेश से नहीं की जा सकती। बैंक की शक्तियों का आधार कोई मौजूदा निर्देश या कानूनी अधिकार होना चाहिए, न कि भविष्य में होने वाली या न होने वाली काल्पनिक स्थितियां। अगर ऐसा तरीका अपनाया जाता है तो बैंक सीमित...

RTI के तहत सरकारी कर्मचारी के वित्तीय मामलों का खुलासा करने की ज़रूरत नहीं, जब तक कि कोई बड़ा जनहित न हो: कर्नाटक हाईकोर्ट
RTI के तहत सरकारी कर्मचारी के वित्तीय मामलों का खुलासा करने की ज़रूरत नहीं, जब तक कि कोई बड़ा जनहित न हो: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने RTI आवेदक की याचिका खारिज की। आवेदक ने राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) के पूर्व डिप्टी कंट्रोलर (सरकारी कर्मचारी) की संपत्ति और देनदारियों का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। कोर्ट ने कहा कि मांगी गई जानकारी निजी थी और उसका किसी जनहित से कोई लेना-देना नहीं था, इसलिए यह RTI Act की धारा 8(1)(j) के तहत सुरक्षित है।कोर्ट ने कहा कि आधिकारिक कार्यों, फैसलों, सार्वजनिक संसाधनों के इस्तेमाल और लोक प्रशासन से सीधे जुड़े मामलों की स्थिति अलग होगी।जस्टिस सुरह गोविंदराज ने कहा,"हालांकि,...

अगर यही उद्देश्य है तो लाइव स्ट्रीमिंग बंद करनी पड़ेगी: अभिलेखीय वीडियो मांगने वाले वकील से कर्नाटक हाईकोर्ट की मौखिक टिप्पणी
अगर यही उद्देश्य है तो लाइव स्ट्रीमिंग बंद करनी पड़ेगी: अभिलेखीय वीडियो मांगने वाले वकील से कर्नाटक हाईकोर्ट की मौखिक टिप्पणी

कर्नाटक हाईकोर्ट ने अदालत की कार्यवाही के अभिलेखीय वीडियो अपने "शैक्षणिक उद्देश्य" और "प्रदर्शन मूल्यांकन" के लिए उपलब्ध कराने की मांग करने वाले वकील की याचिका पर सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से कहा कि यदि इस तरह के उद्देश्यों के लिए रिकॉर्डिंग मांगी जाएगी तो अदालत को लाइव स्ट्रीमिंग बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।जस्टिस सूरज गोविंदराज की एकल पीठ वकील अंगद कामत की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में कर्नाटक में न्यायालयी कार्यवाहियों की लाइव स्ट्रीमिंग और रिकॉर्डिंग नियम, 2021 के तहत...

Comment On Ranya Rao | उत्तरी कन्नड़ बोली का इस्तेमाल कर रहा था: BJP MLA ने FIR रद्द करने की याचिका में कर्नाटक हाईकोर्ट से कहा
Comment On Ranya Rao | 'उत्तरी कन्नड़ बोली का इस्तेमाल कर रहा था': BJP MLA ने FIR रद्द करने की याचिका में कर्नाटक हाईकोर्ट से कहा

कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार (8 जून) को राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह कन्नड़ एक्ट्रेस रान्या राव के खिलाफ सोने की तस्करी के मामले में DRI (डायरेक्टरेट ऑफ़ रेवेन्यू इंटेलिजेंस) की रिपोर्ट और चार्जशीट समेत जांच और ट्रायल कोर्ट के सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखे। यह निर्देश BJP MLA बसंगौडा आर. पाटिल यतनाल द्वारा एक्ट्रेस के बारे में कथित तौर पर की गई टिप्पणी की सच्चाई का पता लगाने के लिए दिया गया।जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की सिंगल जज बेंच उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसे BJP MLA ने रान्या राव के खिलाफ...

महात्मा गांधी की हत्या जांच में देरी पर दायर याचिका खारिज: कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा- न्यायिक समय का दुरुपयोग नहीं हो सकता
महात्मा गांधी की हत्या जांच में देरी पर दायर याचिका खारिज: कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा- न्यायिक समय का दुरुपयोग नहीं हो सकता

कर्नाटक हाईकोर्ट ने महात्मा गांधी की हत्या की जांच में कथित 17 वर्ष की देरी, उनकी आत्मकथा के एक कथित लापता खंड और अन्य ऐतिहासिक मुद्दों की जांच की मांग वाली जनहित याचिका को खारिज की। अदालत ने याचिकाकर्ता पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।चीफ जस्टिस विभु बाखरू और जस्टिस के. एस. हेमलेखा की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा,"इसमें न राष्ट्रीय हित है और न ही जनहित। ऐसे मनमाने मामलों में न्यायालय का समय इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।"याचिका जागृत कर्नाटक, जागृत भारत' नामक संगठन की...

3 साल की प्रैक्टिस अनिवार्यता से छूट नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने न्यायिक कर्मचारियों को सिविल जज परीक्षा में बैठने की अनुमति पर रोक लगाई
3 साल की प्रैक्टिस अनिवार्यता से छूट नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने न्यायिक कर्मचारियों को सिविल जज परीक्षा में बैठने की अनुमति पर रोक लगाई

कर्नाटक हाईकोर्ट ने उस अंतरिम आदेश पर रोक लगाई, जिसमें न्यायिक सेवा में कार्यरत कर्मचारियों को तीन वर्ष की अनिवार्य वकालत की शर्त पूरी किए बिना सिविल जज (जूनियर डिवीजन) भर्ती परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई थी।जस्टिस सचिन शंकर मगदुम और जस्टिस राजेश राय के की खंडपीठ ने 7 मई को यह अंतरिम रोक लगाई। बाद में जस्टिस एच. पी. संदेश और जस्टिस पी. श्री सुधा की अवकाशकालीन पीठ ने 12 मई को इस रोक को हटाने से इनकार किया।खंडपीठ ने कहा कि भर्ती नियमों में किया गया संशोधन सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश के...

हज किराये में अतिरिक्त 10 हजार रुपये वसूली को चुनौती देने वाली याचिका खारिज, गैर-यात्री को सुनवाई का अधिकार नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
हज किराये में अतिरिक्त 10 हजार रुपये वसूली को चुनौती देने वाली याचिका खारिज, गैर-यात्री को सुनवाई का अधिकार नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने हज यात्रियों से बढ़े हुए हवाई ईंधन दामों के कारण अतिरिक्त 10 हजार रुपये लेने संबंधी परिपत्र को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की। अदालत ने कहा कि जिसने खुद हज यात्रा के लिए पंजीकरण नहीं कराया, उसे इस मामले में याचिका दायर करने का अधिकार नहीं है।जस्टिस एस. विश्वजीत शेट्टी की एकल पीठ ने 7 मई को यह आदेश पारित किया।अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता ने वर्ष 2026 की हज यात्रा के लिए अपना नाम पंजीकृत नहीं कराया और न ही हज समिति के पास कोई राशि जमा की है। ऐसे में वह संबंधित परिपत्र से...