कर्नाटक हाईकोर्ट

पत्नी के मानसिक विकार के बेबुनियाद दावे 'क्रूरता', ये अनुच्छेद 21 के तहत सुरक्षित गरिमा पर प्रहार करते हैं: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि जीवनसाथी पर मानसिक विकार या मानसिक रूप से अनुपस्थित (Absent-Minded) होने के बेबुनियाद आरोप लगाना कानूनी रूप से 'क्रूरता' है। ऐसे दावे किसी व्यक्ति की मूल गरिमा और भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत सम्मानजनक जीवन जीने के अधिकार पर प्रहार करते हैं।जस्टिस अशोक एस. किनागी और जस्टिस सुब्रमण्य रंगा राव की खंडपीठ ने एक पति द्वारा दायर अपील खारिज की। पति ने क्रूरता और मानसिक विकार के आधार पर तलाक की मांग की थी। अदालत ने कहा कि किसी विशेषज्ञ चिकित्सा गवाह या इलाज करने वाले...

छापेमारी दल में महिला पुलिसकर्मी नहीं थी, कर्नाटक हाईकोर्ट ने लॉज संचालकों के खिलाफ ITP एक्ट के तहत FIR की रद्द
कर्नाटक हाईकोर्ट ने वेश्यावृत्ति संचालित करने के आरोपों को लेकर दो लॉज संचालकों के खिलाफ अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 (ITP Act) के तहत दर्ज FIR और आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी। कोर्ट ने पाया कि छापेमारी के दौरान वैधानिक प्रावधानों के तहत अनिवार्य महिला सदस्य को छापेमारी दल में शामिल नहीं किया गया था। कोर्ट ने यह भी पाया कि मामले की जांच करने वाले अधिकारी को अधिनियम के तहत विशेष पुलिस अधिकारी (Special Police Officer) के रूप में अधिकृत किए जाने का आधार रिकॉर्ड पर नहीं था।जस्टिस वेंकटेश...

कोर्ट के आदेश के बिना सुनवाई की पुरानी रिकॉर्डिंग पाने का अधिकार नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की
कर्नाटक हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अदालत की कार्यवाही की पुरानी श्रव्य-दृश्य रिकॉर्डिंग की प्रतियां प्राप्त करना किसी भी पक्षकार का असीमित अधिकार नहीं है। इसके लिए अदालत का विशेष आदेश आवश्यक है।जस्टिस सी. एम. पूनाचा की एकल पीठ ने इस संबंध में दायर याचिका खारिज करते हुए कहा कि कर्नाटक में अदालत की कार्यवाही के सीधे प्रसारण और रिकॉर्डिंग से जुड़े वर्ष 2021 के नियम किसी याचिकाकर्ता को रिकॉर्डिंग की प्रतियां मांगने का स्वतः अधिकार नहीं देते।मामले में 72 वर्षीय याचिकाकर्ता ने एक रिट अपील में हुई...

सोशल मीडिया पर खबर शेयर करना सांप्रदायिक अपराध नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने X अकाउंट एडमिन के खिलाफ FIR रद्द की
कर्नाटक हाईकोर्ट ने पुत्तूर में एक महिला के कथित पीछा करने और चाकू से धमकी देने की घटना से जुड़ी खबर X (पूर्व में ट्विटर) पर शेयर करने के मामले में अकाउंट एडमिन के खिलाफ दर्ज FIR रद्द कर दी है।जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने कहा कि किसी घटना की खबर साझा करने मात्र से भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) के तहत अपराध नहीं बनता, जब तक संबंधित अपराध के आवश्यक तत्व मौजूद न हों। कोर्ट ने एक ही घटना को लेकर कई FIR दर्ज करने पर पुलिस की आलोचना भी की।क्या है मामला?याचिकाकर्ता संदीप कुमार...

कार्यपालक मजिस्ट्रेट की इन्क्वेस्ट रिपोर्ट केवल जांच में मदद करती है, पुलिस की अंतिम रिपोर्ट का विकल्प नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 174 के तहत तैयार की गई इन्क्वेस्ट रिपोर्ट, जो भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के अनुरूप है केवल तथ्यों का पता लगाने वाली रिपोर्ट होती है। इसका उद्देश्य जांच में सहायता करना है। यह न तो जांच प्रक्रिया को समाप्त करती है और न ही पुलिस की अंतिम रिपोर्ट का स्थान ले सकती है।जस्टिस सूरज गोविंदराज ने इस आधार पर पुलिस को जांच पूरी करने और सकलेशपुरा स्थित अतिरिक्त सिविल जज एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) की अदालत के...

सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना करते हुए उसे 'न्याय से वंचित करना' कहना अपराध नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने FIR रद्द की
असहमति जताने के अधिकार के दायरे को स्पष्ट करते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में 13 लोगों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द की। इन लोगों पर आरोप था कि उन्होंने एक सार्वजनिक दीवार पर ऐसे नारे लिखे थे, जिनमें सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले की आलोचना की गई थी। [2026 LiveLaw (Kar) 425]जस्टिस एच.पी. संदेश की सिंगल बेंच ने कहा कि किसी फैसले के प्रति केवल असंतोष जताना, देशद्रोह या समाज में अशांति फैलाने के बराबर नहीं है।कोर्ट ने कहा,"...ऐसा लगता है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के संबंध में आवाज उठाई गई। इसमें केवल...

AIBE पास किए बिना वकालत जारी रखने वाले वकीलों के खिलाफ हो सकती है आपराधिक कार्रवाई: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि अनिवार्य दो साल की अवधि के भीतर ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) पास किए बिना अदालतों में वकालत जारी रखने वाले वकीलों को भारतीय दंड संहिता (IPC) और एडवोकेट्स एक्ट, 1961 की धारा 45 के तहत आपराधिक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।जस्टिस एच.पी. संदेश ने स्पष्ट किया कि एडवोकेट्स एक्ट के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की व्यवस्था मौजूद होने का अर्थ यह नहीं है कि आपराधिक अदालतों का अधिकार क्षेत्र समाप्त हो जाता है। यदि किसी व्यक्ति का आचरण स्वतंत्र रूप से किसी आपराधिक अपराध के...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने अमित मालवीय और अर्नब गोस्वामी के खिलाफ FIR रद्द की, इस्तांबुल कांग्रेस का अंतरराष्ट्रीय कार्यालय होने के दावे से जुड़ा था मामला
कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार को बीजेपी के पूर्व IT सेल प्रमुख अमित मालवीय और रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी के खिलाफ दर्ज FIR रद्द कर दी। यह मामला एक टेलीविजन कार्यक्रम में कथित तौर पर किए गए उस गलत दावे से जुड़ा था, जिसमें तुर्किये के इस्तांबुल स्थित कांग्रेस सेंटर को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अंतरराष्ट्रीय कार्यालय बताया गया था।जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने मालवीय और गोस्वामी की ओर से दायर आपराधिक याचिकाओं को मंजूर करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 192...

'शो कॉज़ नोटिस' के साथ ड्रग लाइसेंस सस्पेंड नहीं किया जा सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि 'शो कॉज़ नोटिस' (कारण बताओ नोटिस) और लाइसेंस सस्पेंशन (निलंबन) आदेश को एक साथ मिलाकर जारी नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लाइसेंस सस्पेंड या रद्द करने का आदेश तभी दिया जा सकता है, जब लाइसेंस धारक को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाए कि उसके खिलाफ ऐसी कार्रवाई क्यों न की जाए।बता दें कि 'ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक रूल्स, 1945' के नियम 66(1) के तहत अगर लाइसेंस धारक शर्तों या कानूनों का पालन नहीं करता है तो लाइसेंसिंग अथॉरिटी उसका लाइसेंस सस्पेंड या रद्द कर सकती है। ऐसा...

रेप और जातिगत दुर्व्यवहार के आरोपों का सामना कर रहे वकील को कर्नाटक हाईकोर्ट से राहत नहीं, अग्रिम जमानत याचिका खारिज
कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक वकील को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है, जिस पर एक महिला के साथ बार-बार रेप, अप्राकृतिक यौन अपराध और जाति आधारित दुर्व्यवहार करने के आरोप हैं। अदालत ने कहा कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और मामले में जांच की आवश्यकता है।जस्टिस राजेश्वरी एन. हेगड़े की पीठ ने आरोपी की उस आपराधिक अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उसने सत्र न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत देने से इनकार करने के आदेश को चुनौती दी थी।हाईकोर्ट ने कहा कि मामले में कथित निजी वीडियो, फोनपे लेनदेन,...

समलैंगिक जोड़ों को गिफ्ट टैक्स छूट से बाहर रखना मनमाना, 'बुद्धिगम्य अंतर' का तर्क लागू नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट में दलील
समलैंगिक जोड़े ने कर्नाटक हाईकोर्ट में दलील दी कि आयकर अधिनियम, 1961 (Income Tax Act) के तहत विवाहित जोड़ों को मिलने वाली गिफ्ट टैक्स छूट से समलैंगिक साथियों को बाहर रखने को संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत 'बुद्धिगम्य अंतर' के सिद्धांत से उचित नहीं ठहराया जा सकता। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि यह बहिष्कार लिंग के आधार पर होता है, इसलिए संविधान के अनुच्छेद 15 में दिए गए भेदभाव-विरोधी संरक्षण का भी उल्लंघन करता है।जस्टिस बी.एम. श्याम प्रसाद के समक्ष सुनवाई के दौरान यह दलील दी गई। याचिका में समलैंगिक...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने SC-ST आरक्षण बढ़ाने वाला कानून रद्द किया, कहा- 50% की सीमा का उल्लंघन असंवैधानिक
कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए शिक्षा संस्थानों में दाखिले और सरकारी नौकरियों में आरक्षण बढ़ाने वाले कानून के प्रावधानों को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया। कानून के तहत एससी आरक्षण 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 17 प्रतिशत और एसटी आरक्षण 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत किया गया था। इससे राज्य में कुल आरक्षण 50 प्रतिशत से बढ़कर 56 प्रतिशत हो गया था।चीफ जस्टिस विभु बाखरू और जस्टिस के.एस. हेमलेखा की खंडपीठ ने कहा कि कुल आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा बाध्यकारी...

SIR में मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने के आरोप: BJP नेता रवि पाटिल के खिलाफ FIR की जांच पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने लगाई रोक
कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार (13 अक्टूबर) को भाजपा नेता डॉ. रवि बसालिंगप्पागौड़ा पाटिल और अन्य के खिलाफ दर्ज FIR में आगे की जांच पर रोक लगा दी। यह मामला मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कथित तौर पर थोक में फॉर्म नंबर 7 के जरिए मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने के आरोपों से जुड़ा है।जस्टिस वेंकटेश नाइक टी ने धारवाड़ में सुनवाई करते हुए कहा कि समान तथ्यों वाले एक अन्य मामले में समन्वय पीठ द्वारा दिए गए आदेश को देखते हुए, अगली सुनवाई तक जांच पर रोक लगाना न्यायिक अनुशासन बनाए रखने के...

बिल्डर ने प्रोजेक्ट बंद कर फ्लैट तीसरे पक्ष को बेच दिया तो कर्जदार के खिलाफ FIR दर्ज नहीं करा सकता बैंक: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने अहम फैसले में होम लोन लेने वाले व्यक्ति के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामला रद्द किया। इस मामले में बिल्डर ने आवासीय परियोजना अधूरी छोड़ दी और संबंधित फ्लैट किसी तीसरे व्यक्ति को बेच दिया था, जबकि बैंक का कर्ज बकाया रह गया। हाईकोर्ट ने कहा कि केवल कर्ज बकाया रहने या मूल लेन-देन विफल हो जाने से अपने आप कोई आपराधिक अपराध नहीं बन जाता।जस्टिस सूरज गोविंदराज ने कहा कि वित्तीय संस्थानों, विशेषकर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को किसी ग्राहक के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने से पहले सावधानी...

थप्पड़ मारने के बाद गिरने से हुई पत्नी की मौत: कर्नाटक हाईकोर्ट ने पति की हत्या की सजा गैर-इरादतन हत्या में बदली
कर्नाटक हाईकोर्ट ने पत्नी की हत्या के मामले में पति को मिली सजा को बदलते हुए हत्या के अपराध को गैर-इरादतन हत्या माना। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर पाया कि पति के थप्पड़ मारने के बाद गिरने से पत्नी के सिर पर लगी चोट सामान्य परिस्थितियों में मौत का कारण बनने के लिए पर्याप्त है। हालांकि, पति को इस बात का ज्ञान था कि उसके कृत्य से पत्नी की मौत हो सकती है।जस्टिस मोहम्मद नवाज और जस्टिस बी. प्रमोद की खंडपीठ ने आरोपी पति की अपील आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए भारतीय दंड संहिता (IPC) की...

कर्नाटक SIT: वोटर लिस्ट से नाम हटाने की कोशिश के आरोप में BJP बूथ एजेंटों पर दर्ज दो FIR पर हाईकोर्ट की रोक
कर्नाटक हाईकोर्ट ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कथित तौर पर बड़ी संख्या में फॉर्म-7 आपत्तियां दाखिल कर मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश करने के आरोप में बीजेपी के दो बूथ लेवल एजेंटों के खिलाफ दर्ज दो FIR पर रोक लगाई। यह मामला बेंगलुरु के मल्लेश्वरम विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा है।जस्टिस अनंत रमनाथ हेगड़े ने दोनों एजेंटों की ओर से दायर अलग-अलग रिट याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अंतरिम राहत दी। याचिकाकर्ता जी.एस. वसंतलक्ष्मी और दीपक सिंह आर. ने FIR रद्द करने की मांग की थी। ये FIR...

कर्नाटक हाईकोर्ट में बताया गया: इनकम टैक्स एक्ट के तहत 'जीवनसाथी' वाले फ़ायदों से समलैंगिक जोड़ों को बाहर रखना आर्टिकल 15 का उल्लंघन
शुक्रवार (9 अक्टूबर) को कर्नाटक हाईकोर्ट को बताया गया कि इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत 'जीवनसाथी' वाले फ़ायदों से समलैंगिक जोड़ों को बाहर रखना लिंग के आधार पर भेदभाव है और यह संविधान के आर्टिकल 15 का उल्लंघन करता है।याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश होते हुए डॉ. ध्रुव जानसेन-संघवी ने जस्टिस बी एम श्याम प्रसाद के सामने तर्क दिया कि यह मामला मूल रूप से आर्टिकल 15 के तहत समानता के बारे में है, न कि समलैंगिक जोड़ों के शादी करने के अधिकार के बारे में।यह चुनौती इनकम टैक्स एक्ट की धारा 56(2)(x) के पांचवें...

BNS की धारा 69 के तहत महिला के खिलाफ नहीं चल सकता मामला: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 69 के तहत किसी महिला को आरोपी नहीं बनाया जा सकता। यह धारा धोखे से या शादी का झूठा वादा कर, बिना उसे पूरा करने की मंशा के, किसी महिला के साथ यौन संबंध बनाने को अपराध बनाती है, बशर्ते वह कृत्य बलात्कार की श्रेणी में न आता हो।जस्टिस अनंत रामनाथ हेगड़े ने एक महिला के खिलाफ दर्ज FIR को आंशिक रूप से रद्द करते हुए यह टिप्पणी की। महिला को मामले में आरोपी नंबर-2 बनाया गया था, जबकि उसका पति आरोपी नंबर-1 था।कोर्ट ने कहा कि धारा 69 का...

COVID वैक्सीनेशन की कवरेज के दौरान महिला की तस्वीर गलती से कैमरे में आना 'अश्लील चित्रण' नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी सार्वजनिक COVID-19 वैक्सीनेशन कार्यक्रम की रिपोर्टिंग के दौरान किसी व्यक्ति या महिला का कैमरे में अनजाने में आ जाना अपने आप में अश्लील तरीके से तस्वीर लेने के बराबर नहीं है।कोर्ट ने यह भी कहा कि SC/ST (Prevention of Atrocities) Act, 1989 के प्रावधान किसी ऐसे व्यक्ति के खिलाफ नहीं लगाए जा सकते, जिसका कथित अपराध से संबंधित कोई विशिष्ट आपराधिक इरादा प्रथम दृष्टया सामने नहीं आता।जस्टिस वी. श्रीशानंद ने एक मीडिया एजेंसी में काम करने वाले कैमरामैन के खिलाफ दर्ज...

किसी महिला के शारीरिक रूप-रंग पर 'बॉडी शेमिंग' करना IPC की धारा 509 के तहत मर्यादा के अपमान का अपराध नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में शिकायतकर्ता के साथ बॉडी शेमिंग और मौखिक दुर्व्यवहार करने के आरोपी दो लोगों के खिलाफ महिला की मर्यादा भंग करने की आपराधिक कार्यवाही रद्द की। कोर्ट ने कहा कि अकेले बॉडी शेमिंग करना IPC की धारा 509 के तहत महिला की मर्यादा भंग करने का अपराध नहीं बनता। [2026 LiveLaw (Kar) 399]धारा 509 के अनुसार, जो कोई भी किसी महिला की मर्यादा का अपमान करने के इरादे से कोई शब्द कहता है, कोई आवाज़ या इशारा करता है, या कोई वस्तु दिखाता है - इस इरादे से कि वह शब्द या आवाज़ उस महिला द्वारा...
