गुजरात हाईकोर्ट

पर्स में मिले 45,420 रुपये भ्रष्टाचार का सबूत नहीं, गुजरात हाईकोर्ट ने सरकारी अधिकारी के खिलाफ FIR रद्द की
गुजरात हाईकोर्ट ने सरकारी अधिकारी के पर्स से छापेमारी के दौरान 45,420 रुपये मिलने के मामले में भ्रष्टाचार की FIR रद्द की। कोर्ट ने कहा कि केवल नकदी मिलने और अधिकारी द्वारा तत्काल संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे पाने से भ्रष्टाचार का अपराध साबित नहीं होता। इसके लिए अभियोजन को आवश्यक कानूनी तत्वों और आरोपों के समर्थन में साक्ष्य पेश करने होंगे।जस्टिस पीएम रावल ने मामले में FIR और आरोपपत्र का अवलोकन करने के बाद कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि अधिकारी ने अपने पद...

जन्म रजिस्टर में दर्ज तारीख से उम्र साबित नहीं होती, गुजरात हाईकोर्ट ने POCSO मामले में बरी करने का फैसला बरकरार रखा
गुजरात हाईकोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप से जुड़े POCSO मामले में आरोपी को बरी करने के निचली अदालत का फैसला बरकरार रखा। कोर्ट ने कहा कि केवल जन्म रजिस्टर पेश कर देने से पीड़िता की उम्र साबित नहीं हो जाती। अभियोजन को यह भी प्रमाणित करना होगा कि रजिस्टर में दर्ज जन्मतिथि की जानकारी किस स्रोत से मिली थी।जस्टिस इलेश जे. वोरा और जस्टिस आर.टी. वच्छानी की खंडपीठ शिकायतकर्ता की उस अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसकी नाबालिग बेटी के अपहरण और दुष्कर्म के आरोप में आरोपी को बरी किए जाने के फैसले को...

बलात्कार मामले में आसाराम की सजा और आजीवन कारावास के खिलाफ अपील पर अगले महीने सुनवाई करेगा गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट अगले महीने आसाराम की उस अपील पर सुनवाई करेगा, जो उसने गांधीनगर सत्र न्यायालय के उस फैसले के खिलाफ दायर की है, जिसमें उसे 2013 के बलात्कार मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।यह जानकारी मंगलवार (27 अक्टूबर) को आसाराम के वकील ने हाईकोर्ट को दी। उन्होंने बताया कि राजस्थान हाई कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ आसाराम की अपील, जिसमें उसकी दोषसिद्धि और सजा बरकरार रखी गई थी, 17 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है।इस दलील को सुनने के बाद जस्टिस इलेश...

ChatGPT के अत्यधिक इस्तेमाल से वैवाहिक विवाद बढ़ने का आरोप: गुजरात हाईकोर्ट ने माँ को दी गई बच्ची की कस्टडी में दखल देने से किया इनकार
गुजरात हाईकोर्ट ने नाबालिग बेटी की कस्टडी मां के पास रहने के मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार किया। मामले में मां ने आरोप लगाया कि पति की ChatGPT पर अत्यधिक निर्भरता ने उनके वैवाहिक विवाद को और बढ़ा दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि बच्ची की भलाई सर्वोपरि है और मौजूदा परिस्थितियों में मां के पास उसकी कस्टडी को अवैध नहीं कहा जा सकता।जस्टिस इलेश जे. वोरा और जस्टिस आर.टी. वच्छाणी की खंडपीठ पिता की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रही थी। पिता ने आरोप लगाया कि उसकी नाबालिग बेटी को मां...

'गार्जियंस एंड वार्ड्स एक्ट' के तहत कस्टडी की अर्जी पर उसी कोर्ट में सुनवाई होनी चाहिए, जहां बच्चा रहता है: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि 'गार्जियंस एंड वार्ड्स एक्ट' (अभिभावक और वार्ड अधिनियम) के तहत बच्चे की कस्टडी से जुड़ी कार्यवाही उसी फैमिली कोर्ट में सुनी जानी चाहिए, जिसके अधिकार क्षेत्र में बच्चा रहता है।कोर्ट एक अलग रह रही पत्नी की उस अर्जी पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उसने पति द्वारा दायर वैवाहिक मामले को हिम्मतनगर के फैमिली कोर्ट से राजकोट के फैमिली कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की थी। महिला अभी राजकोट में अपने माता-पिता के साथ रह रही है।महिला ने बताया कि वह अनपढ़ है और अपने बच्चों से बहुत दूर...

शिकायतकर्ता की पहली शादी कायम रहते दूसरी शादी करने पर सास के खिलाफ क्रूरता की FIR कायम नहीं रह सकती: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने सास के खिलाफ क्रूरता के आरोप में दर्ज FIR रद्द करते हुए कहा कि भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498ए लागू नहीं हो सकती, क्योंकि शिकायतकर्ता ने आरोपी के बेटे से उस समय शादी की थी जब उसकी पहली शादी कानूनी रूप से कायम थी।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसकी सास ने अपने बेटे यानी शिकायतकर्ता के पति को उसके साथ क्रूरता करने के लिए उकसाया था।जस्टिस पी.एम. रावल ने गौर किया कि शिकायतकर्ता ने 1 फरवरी 2007 को आरोपी के बेटे से शादी करने से पहले किसी अन्य व्यक्ति से विवाह किया था। उसकी पहली...

बैंक अधिकारियों द्वारा अपने अधिकारों का दुरुपयोग बैंकों में ग्राहकों के भरोसे को कम करता है: गुजरात हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इनकार किया
गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि जिन बैंक अधिकारियों पर ग्राहकों के पैसे की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है, यदि वे अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हैं तो यह उस बुनियादी ढांचे को ही चोट पहुंचाता है जिस पर वित्तीय संस्थान काम करते हैं। [2026 LiveLaw (Guj) 289]इस मामले में कोर्ट ने एक व्यक्ति की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की। कोर्ट ने पाया कि उस पर विशेष भूमिका निभाने का आरोप है—एक बैंक अधिकारी के रूप में उस पर एक विधवा ग्राहक के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है। यह पैसा उसे एक सरकारी योजना के तहत मिला था। जांच...

आपसी सहमति से साथ रहने और अलग होने के लिखित समझौते से शादी के झूठे वादे पर रेप का आरोप साबित करना मुश्किल: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि जब दो वयस्क आपसी सहमति से लिखित समझौते के तहत साथ रहते हैं। बाद में एक अन्य लिखित समझौते के जरिए अलग होने का फैसला करते हैं तो शादी के झूठे वादे के आधार पर रेप का आरोप साबित करना मुश्किल हो जाता है। हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी अपनी पूर्व लिव-इन पार्टनर से रेप के आरोपी व्यक्ति को ट्रायल कोर्ट द्वारा बरी किए जाने के फैसले को बरकरार रखते हुए की।जस्टिस इलेश जे. वोरा और जस्टिस आर.टी. वच्छानी की खंडपीठ ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय तक चला संबंध, उनका साथ रहना और सहमति से...

अडानी मानहानि केस: पत्रकार रवि नायर की अतिरिक्त सबूत पेश करने की अर्ज़ी पर सुनवाई से हाईकोर्ट जज ने खुद को अलग किया
गुजरात हाईकोर्ट के जज जस्टिस एस.वी. पिंटो ने मंगलवार (13 अक्टूबर) को पत्रकार रवि नायर की उस अर्ज़ी पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया, जिसमें उन्होंने सेशंस कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसने अडानी एंटरप्राइजेज़ लिमिटेड द्वारा दायर मानहानि केस से जुड़े अतिरिक्त सबूत रिकॉर्ड पर लाने की उनकी अर्ज़ी को खारिज कर दिया था।अडानी एंटरप्राइजेज़ लिमिटेड ने आपराधिक मानहानि का केस दायर करते हुए आरोप लगाया कि रवि नायर ने ऐसे कई ट्वीट प्रकाशित और प्रसारित किए जिनमें झूठे और मानहानि करने वाले बयान है, जिनका...

गुजरात हाईकोर्ट ने धर्म परिवर्तन और नाबालिग की शादी कराने के आरोपी मुस्लिम मौलवी को दी ज़मानत
गुजरात हाईकोर्ट ने मुस्लिम मौलवी को ज़मानत दी, जिस पर धर्म परिवर्तन कराने और उम्र का सबूत जांचे बिना नाबालिग की शादी कराने का आरोप है। [2026 LiveLaw (Guj) 281]आरोपी पर BNS की धाराओं 64(2)(i), 64(2)(m), 137(2), 87, 115(2), 351(3); POCSO एक्ट की धाराओं 4, 6, 17, 18; बाल विवाह निषेध अधिनियम की धाराओं 9 और 10; और गुजरात धर्म की स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 4A के तहत मामला दर्ज किया गया।जस्टिस हसमुख डी. सुथार ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता (एक मौलवी) पर आरोप है कि उसने ID प्रूफ, उम्र या किसी अन्य...

घरों के अवैध ध्वस्तीकरण के बाद पुनर्वास के वादे से पीछे नहीं हट सकता सूरत नगर निगम: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि वह सूरत नगर निगम को उन लोगों के पुनर्वास के समझौते से पीछे हटने की अनुमति नहीं देगा, जिनके घर जून में कथित अवैध ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान गिरा दिए गए। कोर्ट ने कहा कि निगम पहले प्रभावित लोगों को आवास देने पर सहमत हुआ था और अब वह अपना रुख नहीं बदल सकता।जस्टिस निखिल एस. करियल नासिर नगर इलाके में जून में चलाए गए ध्वस्तीकरण अभियान से प्रभावित निवासियों की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। इससे पहले सूरत नगर निगम ने निवासियों के इस आरोप का जोरदार विरोध किया कि उन्हें जो वैकल्पिक...

भगवान बुद्ध की तस्वीर वाली साड़ी बेचने पर FIR, गुजरात हाईकोर्ट ने किया रद्द; कहा- हर धार्मिक चित्रण को 295A के तहत अपराध नहीं माना जा सकता
गुजरात हाईकोर्ट ने साड़ी और टेक्सटाइल सामग्री पर भगवान गौतम बुद्ध की तस्वीर वाले प्रिंट बेचने के आरोप में दर्ज FIR को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि केवल किसी देवी-देवता या पूजनीय धार्मिक प्रतीक की तस्वीर को कपड़े पर प्रिंट करना या ऐसे कपड़े बेचना, अपने आप में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य नहीं माना जा सकता।जस्टिस पीएम रावल ने कहा कि IPC की धारा 295A हर प्रकार के कथित धार्मिक अपमान को दंडित नहीं करती। इस धारा के तहत अपराध तभी बनता है जब किसी धर्म या धार्मिक...

'किशोर प्रेम का मामला': गुजरात हाईकोर्ट ने POCSO FIR रद्द की, कहा- लड़की अपनी मर्ज़ी से माता-पिता का घर छोड़कर गई थी
गुजरात हाईकोर्ट ने व्यक्ति के खिलाफ अपहरण और POCSO का मामला रद्द किया। कोर्ट ने पाया कि यह "किशोर प्रेम" का मामला था, जिसमें लड़की आरोपी के साथ रिश्ते में थी और उसने अपनी मर्ज़ी से माता-पिता का घर छोड़ा, क्योंकि उसके पिता उस पर किसी और से शादी करने का दबाव डाल रहे थे। [2026 LiveLaw (Guj) 276]कोर्ट एक व्यक्ति की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें IPC की धारा 363 (अपहरण के लिए सज़ा) और 366 (शादी या अवैध संबंध के लिए मजबूर करना) और POCSO Act की धारा 18 (अपराध करने की कोशिश के लिए सज़ा) के तहत...

जाति-आधारित अपमान 'सार्वजनिक रूप से' नहीं हुआ, चश्मदीद गवाह ने अभियोजन का समर्थन नहीं किया: SC/ST Act के तहत बरी का फैसला बरकरार
गुजरात हाईकोर्ट ने जाति-सूचक शब्द इस्तेमाल करने और शिकायतकर्ता के साथ मारपीट करने के आरोपी तीन लोगों को बरी करने का फैसला बरकरार रखा। कोर्ट ने पाया कि चश्मदीद गवाह ने अभियोजन पक्ष के इस दावे का समर्थन नहीं किया कि कथित अपमानजनक शब्द सार्वजनिक रूप से अपमान करने के इरादे से कहे गए थे। [2026 LiveLaw (Guj) 274]आरोप है कि आरोपियों को पता था कि शिकायतकर्ता अनुसूचित जाति (चमार समुदाय) से है, इसलिए उन्होंने जानबूझकर सार्वजनिक रूप से शिकायतकर्ता के खिलाफ जाति-सूचक शब्दों का इस्तेमाल किया, जो अनुसूचित...

Telegram पर Re-NEET परीक्षा का पेपर लीक करने के आरोपी को मिली ज़मानत, हाईकोर्ट ने कहा - चार्जशीट दाखिल हो चुकी है
गुजरात हाईकोर्ट ने Telegram चैनलों पर Re-NEET परीक्षा के पेपर उपलब्ध कराने का विज्ञापन देने के आरोपी व्यक्ति को ज़मानत दी। कोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपी की हिरासत जारी रखने या उसे लंबा खींचने के लिए कोई ठोस कारण नहीं बता पाया।जस्टिस हसमुख डी. सुथार ने अपने आदेश में कहा कि आवेदक पर आरोप है कि उसने सह-आरोपियों के साथ मिलकर Re-NEET परीक्षा का पेपर लीक करने की साज़िश रची थी।आरोप है कि आरोपियों ने दो सिम कार्ड खरीदे, अलग-अलग Telegram चैनलों पर विज्ञापन दिए और छात्रों को सफलता का भरोसा दिलाकर...

Motor Accident Claims | मृत्यु के बाद भरे गए इनकम टैक्स रिटर्न का इस्तेमाल मृतक की आय का आकलन करने के लिए किया जा सकता है: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा कोई सख्त नियम नहीं है कि दुर्घटना के मुआवज़े को तय करने के लिए मृतक की आय की गणना करते समय मृत्यु के बाद भरे गए इनकम टैक्स रिटर्न पर विचार नहीं किया जा सकता। [2026 LiveLaw (Guj) 269]ऐसा करते हुए कोर्ट ने मृतक के परिवार को दिए जाने वाले दुर्घटना मुआवज़े में ₹6,16,342 की बढ़ोतरी की।कोर्ट मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल के उस आदेश के खिलाफ दावेदारों की अपील पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें 9% सालाना ब्याज दर के साथ ₹6,01,400 का मुआवज़ा दिया गया।मृतक अपना स्कूटर चला रहा था...

प्रधानमंत्री की एजुकेशनल क्वालिफिकेशन और डिग्री का खुलासा करने में कोई जनहित नहीं: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री की एजुकेशनल डिग्री का खुलासा करने में कोई जनहित नहीं है, क्योंकि वे जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं और संवैधानिक पद पर उनके चुनाव से उनकी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन का कोई लेना-देना नहीं है। [2026 LiveLaw (Guj) 263]कोर्ट ने यह बात केजरीवाल की उस अपील को खारिज करते हुए कही, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री से जुड़ी जानकारी के खुलासे के मामले में उन पर ₹25,000 का जुर्माना लगाने के आदेश को चुनौती दी थी।केजरीवाल ने मार्च 2023 के सिंगल जज...

पत्नी की तबीयत का हवाला देकर मांगी अंतरिम जमानत, गुजरात हाईकोर्ट ने आसाराम की याचिका खारिज की
गुजरात हाईकोर्ट ने बुधवार को आसाराम की 20 दिन की अस्थायी जमानत याचिका खारिज कर दी। आसाराम ने मानवीय आधार पर यह राहत मांगी थी ताकि अस्पताल में इलाज करा रही अपनी पत्नी से मिल सकें।जस्टिस गीता गोपी और जस्टिस एलएस पीरजादा की डिवीजन बेंच ने हालांकि उन्हें अपनी पत्नी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात करने की अनुमति दे दी।कोर्ट ने मंगलवार को पुलिस को आसाराम की पत्नी की स्वास्थ्य स्थिति की जांच कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था। आज पुलिस ने अस्पताल की रिपोर्ट और उनका इलाज कर रहे दोनों डॉक्टरों के...

पीएम मोदी की डिग्री की जानकारी स्वत: नहीं मांग सकता CIC, गुजरात हाईकोर्ट ने केजरीवाल की अपील खारिज की
गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्रीय सूचना आयोग यानी CIC सूचना का अधिकार कानून के तहत दूसरी अपील के चरण में किसी व्यक्ति के पत्र को आधार बनाकर खुद संज्ञान लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक डिग्री की जानकारी सार्वजनिक करने का निर्देश नहीं दे सकता। अदालत ने कहा कि CIC की ऐसी कार्रवाई सूचना का अधिकार कानून में निर्धारित प्रक्रिया के दायरे से बाहर थी और उसके पास ऐसा आदेश देने का अधिकार नहीं था।चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस डी.एन. राय की खंडपीठ ने यह टिप्पणी आम आदमी पार्टी के नेता...

PM Modi Degree Row: गुजरात हाईकोर्ट ने ₹25,000 का जुर्माना लगाने वाले आदेश के खिलाफ अरविंद केजरीवाल की अपील खारिज की
गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार (29 सितंबर) को आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल की वह अपील खारिज की, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री से जुड़ी जानकारी के खुलासे के मामले में उन पर ₹25,000 का जुर्माना लगाने वाले आदेश को चुनौती दी गई।केजरीवाल ने मार्च 2023 के सिंगल जज के फैसले के खिलाफ अपील की। उस फैसले में सेंट्रल इंफॉर्मेशन कमीशन (CIC) के 2016 का वह निर्देश रद्द किया गया, जिसमें गुजरात यूनिवर्सिटी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम की डिग्री से जुड़ी जानकारी देने के लिए कहा...
