गुजरात हाईकोर्ट

PM Modi की डिग्री का मामला: गुजरात यूनिवर्सिटी ने अरविंद केजरीवाल से हर्जाना मांगा, कहा- RTI अधिकारियों का समय बर्बाद नहीं होना चाहिए

गुजरात यूनिवर्सिटी ने बुधवार (16 सितंबर) को गुजरात हाईकोर्ट से आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर हर्जाना लगाने की मांग की। केजरीवाल ने सेंट्रल इन्फॉर्मेशन कमीशन (CIC) के उस आदेश को रद्द करने के फैसले को चुनौती देते हुए अपील की थी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने का निर्देश दिया गया था।यूनिवर्सिटी की ओर से चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस डीएन रे की डिवीजन बेंच के सामने पेश होते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हर्जाना लगाया...

70 साल की उम्र अग्रिम जमानत का आधार नहीं, यौन उत्पीड़न मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की

गुजरात हाईकोर्ट ने 21 वर्षीय महिला से कथित तौर पर बार-बार छेड़छाड़ और अश्लील मांग करने के आरोपी 70 वर्षीय व्यक्ति को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि आरोपी की उम्र निश्चित रूप से एक प्रासंगिक तथ्य है लेकिन केवल उम्र के आधार पर अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती, खासकर तब जब जांच के दौरान सामने आई सामग्री प्रथम दृष्टया आरोपों का समर्थन करती हो।जस्टिस संजीव जे. ठक्कर ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि जांच के दौरान सामने आए घटनाक्रम को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आरोपी पर भारतीय न्याय...

वक्फ संपत्ति की धार्मिक पहचान तय करने की जांच पर पूजा स्थल कानून की रोक नहीं: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि किसी धार्मिक स्थल की मूल प्रकृति और धार्मिक पहचान का पता लगाने के लिए वक्फ बोर्ड की ओर से की गई जांच, पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 की धारा 3 के तहत प्रतिबंधित नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी मौजूदा पूजा स्थल को एक धर्म या संप्रदाय से दूसरे में परिवर्तित करने और किसी संपत्ति की मूल प्रकृति व धार्मिक पहचान निर्धारित करने के बीच अंतर है।जस्टिस जे. सी. दोशी ने गुजरात वक्फ बोर्ड और वक्फ न्यायाधिकरण के उन आदेशों को बरकरार रखा, जिनके तहत पाटन स्थित ऐतिहासिक...

रिश्तेदारों को शादी पसंद नहीं तो FIR के जरिए बालिग दंपती को धमका-प्रताड़ित नहीं कर सकते: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि अगर किसी बालिग दंपती की शादी उनके रिश्तेदारों को पसंद नहीं है तो महज इस वजह से FIR दर्ज कराकर पुलिस मशीनरी का इस्तेमाल करते हुए उन्हें धमकाया या प्रताड़ित नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने एक विवाहित जोड़े को पुलिस सुरक्षा देते हुए निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें न तो परेशान किया जाए और न ही उनके खिलाफ किसी तरह की हिंसा होने दी जाए।जस्टिस एमके ठक्कर की अदालत उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें एक महिला के परिवार की ओर से उसके पति के खिलाफ दर्ज FIR को...

2013 दुष्कर्म मामले में आसाराम को गुजरात हाईकोर्ट से राहत नहीं, अस्थायी जमानत याचिका खारिज

गुजरात हाईकोर्ट ने 2013 के दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम की 20 दिन की अस्थायी जमानत की मांग मंगलवार को खारिज की। अदालत ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई आधार नहीं है, जिसके चलते याचिका पर विचार किया जाए। साथ ही अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का हवाला दिया, जिसमें आसाराम की तबीयत बिगड़ने पर उसे दोबारा सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की छूट दी गई।जस्टिस गीता गोपी और जस्टिस एलएस पीरजादा की पीठ के समक्ष आसाराम की ओर से सीनियर वकील ने दलील दी कि राजस्थान हाईकोर्ट ने पिछले महीने एक अन्य...

2013 दुष्कर्म मामले में आसाराम ने गुजरात हाईकोर्ट से मांगी अस्थायी जमानत, 7 सितंबर को होगी सुनवाई

2013 के दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम ने गुरुवार को गुजरात हाईकोर्ट का रुख करते हुए अस्थायी जमानत की मांग की।जस्टिस गीता गोपी और जस्टिस एल. एस. पीरजादा की खंडपीठ ने मामले को 7 सितंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। सुनवाई के दौरान आसाराम की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट ने बताया कि राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में एक अलग दुष्कर्म मामले में आसाराम को 20 दिन की पैरोल दी। उन्होंने गुजरात हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि राजस्थान हाईकोर्ट के इस आदेश को भी मौजूदा मामले में ध्यान में रखा...

गुजरात हाईकोर्ट में निवासियों की शिकायत: सूरत में तोड़े गए घरों के बदले मिलने वाले मकान जर्जर हालत में

सूरत के नासिर नगर में जून में चलाए गए कथित अवैध ध्वस्तीकरण अभियान में घर गंवाने वाले निवासियों ने गुजरात हाईकोर्ट में दावा किया कि पुनर्वास के लिए अब जिन मकानों का प्रस्ताव दिया जा रहा है उनकी हालत बेहद खराब और जर्जर है। निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि पहले उन्हें जहां मकान देने का आश्वासन दिया गया, बाद में पुनर्वास का स्थान बदल दिया गया।जस्टिस निखिल एस. करियल की अदालत में सोमवार को नासिर नगर के प्रभावित निवासियों की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई।निवासियों की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट ने...

पति ने बेटों को बनाया नामांकित, फिर भी पत्नी का पारिवारिक पेंशन पर हक नहीं छीना जा सकता: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि पेंशनभोगी की कानूनी रूप से विवाहित पत्नी का पारिवारिक पेंशन पर अधिकार केवल इस आधार पर खत्म नहीं हो सकता कि पति ने अपने जीवनकाल में पत्नी के बजाय किसी अन्य व्यक्ति, यहां तक कि अपने बेटों को नामांकित किया।जस्टिस नीरल आर. मेहता ने कहा कि पारिवारिक पेंशन का अधिकार वैधानिक प्रावधानों से तय होता है। इसके लिए मुख्य सवाल यह है कि पेंशनभोगी की मृत्यु के समय दावा करने वाला व्यक्ति उसकी कानूनी रूप से विवाहित पत्नी या पति था या नहीं।अदालत राजकोट नगर निगम की...

सहयोग पोर्टल पर हाईकोर्ट के निर्देश में बदलाव की मांग: X ने दायर की अर्जी

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने शुक्रवार को गुजरात हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर केंद्र सरकार के सहयोग पोर्टल पर मंचों को शामिल होने के निर्देश में बदलाव की मांग की। यह अर्जी उस जनहित याचिका में दाखिल की गई, जिसमें डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर डीपफेक तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार सामग्री के तेजी से बढ़ते प्रसार पर चिंता जताई गई।गुजरात हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस डीएन रे की खंडपीठ ने 10 अप्रैल को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से दाखिल जवाबों...

RTI आवेदक को जानकारी की भाषा नहीं आती तो रिकॉर्ड देखने के लिए तीसरे पक्ष को साथ नहीं ले जा सकता: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि अगर कोई RTI आवेदक किसी जानकारी को मांग रहा है और उसे उस जानकारी की भाषा या उसमें दी गई बातों की समझ नहीं है तो रिकॉर्ड की जांच के दौरान आवेदक के साथ किसी दूसरे व्यक्ति को ले जाने की अनुमति देना, पहली नज़र में किसी तीसरे पक्ष को जानकारी देने जैसा होगा।ऐसा करते हुए कोर्ट ने RTI आवेदक को उन रिकॉर्ड्स को देखने की अनुमति दी, जिनकी उसने मांग की थी, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि जांच के दौरान आवेदक के साथ किसी और को जाने की अनुमति नहीं होगी।आरोप था कि...

मकान गिराने की आशंका पर दायर याचिका गुजरात हाईकोर्ट ने निपटाई, कहा- कार्रवाई से पहले कानून के अनुसार नोटिस दे निगम

गुजरात हाईकोर्ट ने सूरत नगर निगम (Surat Municipal Corporation) द्वारा मकान तोड़े जाने की आशंका को लेकर दायर एक याचिका का निपटारा कर दिया। अदालत ने यह आदेश तब पारित किया जब नगर निगम ने स्पष्ट किया कि फिलहाल याचिकाकर्ता के मकान को ध्वस्त करने का उसका कोई इरादा नहीं है। निगम ने यह भी आश्वासन दिया कि यदि भविष्य में ऐसी कोई कार्रवाई की जाती है तो संबंधित व्यक्ति को विधि के अनुसार नोटिस जारी किया जाएगा और कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा यह आशंका जताते हुए खटखटाया...

बाद में अनुसूचित जातियों की सूची से जाति को हटाने पर पहले मिला प्रमोशन वापस नहीं लिया जा सकता: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि अनुसूचित जाति के किसी व्यक्ति को मिला जाति आरक्षण का लाभ संबंधित जाति को अनुसूचित जातियों की सूची से हटाए जाने पर बीच में रोका नहीं जा सकता।ऐसा करते हुए कोर्ट ने अधिकारी के डिमोशन (पद घटाने) का आदेश रद्द किया। उस अधिकारी को पहले उसकी जाति के आधार पर प्रमोशन मिला, लेकिन बाद में उसकी जाति को अनुसूचित जातियों की सूची से हटाए जाने के कारण उसका पद घटा दिया गया। कोर्ट ने कहा कि प्रमोशन वापस लेना और याचिकाकर्ता का पद घटाना सही नहीं ठहराया जा सकता।जस्टिस एनएस संजय गौडा...

समुदाय के लिए कब्रिस्तान होने के बावजूद मुस्लिम परिवार विवादित ज़मीन पर शव नहीं दफ़ना सकता: गुजरात हाई कोर्ट ने राहत देने से किया इनकार

गुजरात हाईकोर्ट ने एक गाँव के मुस्लिम निवासियों की याचिका खारिज की, जिसमें उन्हें एक नोटिस के खिलाफ चुनौती दी गई। इस नोटिस में उनसे पूछा गया कि समुदाय के लिए अलग से कब्रिस्तान होने के बावजूद उन्होंने विवादित ज़मीन पर शव क्यों दफ़नाया। [2026 LiveLaw (Guj) 201]विवादित ज़मीन के साइट इंस्पेक्शन (मौके की जाँच) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लिए कब्रिस्तान होने की बात कही गई, कोर्ट ने कहा कि जब पहले से ही दफ़नाने के लिए एक जगह तय थी, तो याचिकाकर्ताओं के लिए उस ज़मीन पर शव...

1956 से पहले हिंदू कानून में बेटी को गोद लेने की मान्यता नहीं थी, इसलिए संपत्ति पर दावा नहीं बनता: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि हिंदू दत्तक ग्रहण एवं भरण-पोषण अधिनियम, 1956 लागू होने से पहले प्राचीन हिंदू कानून में केवल पुत्र को गोद लेने की मान्यता थी। इसलिए उस दौर में किसी बेटी को गोद लिया गया माना नहीं जा सकता और वह दत्तक पिता की संपत्ति पर उत्तराधिकार का दावा नहीं कर सकती।जस्टिस जे. सी. दोशी ने एक महिला की अपील खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया। महिला ने अपने दत्तक पिता की अचल संपत्तियों पर स्वामित्व का दावा किया था, जिसे ट्रायल कोर्ट पहले ही खारिज कर चुकी थी।महिला का कहना था कि उसके जैविक पिता...

अपील लंबित रहते पति ने की दूसरी शादी: गुजरात हाईकोर्ट ने तलाक की डिक्री पर लगाई रोक

गुजरात हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में फैमिली कोर्ट द्वारा पति को दिए गए तलाक के फैसले के अमल पर रोक लगाई।कोर्ट ने पाया कि पत्नी की अपील लंबित रहने के दौरान पति ने दूसरी शादी कर ली, जिससे पत्नी अपने वैधानिक अपीलीय अधिकार का प्रभावी ढंग से उपयोग करने से वंचित हो गई।जस्टिस इलेश जे. वोरा और जस्टिस आर. टी. वच्छाणी की खंडपीठ ने कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 15 का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तलाक के खिलाफ दायर अपील दूसरी शादी के कारण निष्प्रभावी न हो जाए।.मामले में फैमिली कोर्ट ने पति की...

हाईकोर्ट ने अब तक की सबसे ज़्यादा मौत की सज़ाओं पर मुहर लगाई: 2008 अहमदाबाद धमाकों के फ़ैसले में जानिए कारण

गुजरात हाईकोर्ट ने 2008 के अहमदाबाद सीरियल धमाकों के मामले में 38 दोषियों को सुनाई गई मौत की सज़ा पर मुहर लगाई। यह किसी एक फ़ैसले में हाई कोर्ट द्वारा मंज़ूर की गई मौत की सज़ाओं की सबसे बड़ी संख्या है। कोर्ट ने कहा कि दोषियों ने अपने कामों के लिए "कोई पछतावा नहीं" दिखाया और "कानून के शासन के प्रति बहुत कम सम्मान" दिखाया।26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में कई जगहों पर बम धमाके हुए थे। इनमें राज्य सरकार द्वारा संचालित सिविल अस्पताल, अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा संचालित एलजी अस्पताल, बसें, खड़ी...