गुजरात हाईकोर्ट

पुजारी का मंदिर की जमीन पर कोई मालिकाना हक नहीं, प्रतिकूल कब्जे का दावा नहीं कर सकता: गुजरात हाइकोर्ट
पुजारी का मंदिर की जमीन पर कोई मालिकाना हक नहीं, प्रतिकूल कब्जे का दावा नहीं कर सकता: गुजरात हाइकोर्ट

गुजरात हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि मंदिर का पुजारी केवल देवता का सेवक होता है। उसे मंदिर या उससे जुड़ी भूमि पर कोई मालिकाना अधिकार प्राप्त नहीं होता।इसी आधार पर हाइकोर्ट ने सार्वजनिक रास्ते पर बने एक गणेश मंदिर को लेकर पुजारी द्वारा किया गया प्रतिकूल कब्जे (एडवर्स पजेशन) का दावा खारिज कर दिया।जस्टिस जे.सी. दोषी इस मामले की सुनवाई कर रहे थे। विवाद एक सिविल वाद से जुड़ा था, जिसमें वादी महिला ने अपनी संपत्ति से सटे सार्वजनिक रास्ते पर बने गणेश मंदिर को हटाने की मांग की थी।वादी...

गुजरात हाईकोर्ट ने गुजराती में केस की सुनवाई से किया इनकार, कहा- हाईकोर्ट की आधिकारिक भाषा अंग्रेजी
गुजरात हाईकोर्ट ने 'गुजराती' में केस की सुनवाई से किया इनकार, कहा- हाईकोर्ट की आधिकारिक भाषा अंग्रेजी

गुजरात हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति की याचिका खारिज की, जो खुद पार्टी के तौर पर पेश हुआ था। उसने हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज (HCLS) कमेटी द्वारा जारी सर्टिफिकेट को चुनौती दी थी, जिसमें उसे कोर्ट के सामने अंग्रेजी भाषा में अपना केस लड़ने के लिए "अयोग्य" बताया गया।याचिकाकर्ता ने उस सर्टिफिकेट को चुनौती दी थी, जिसके तहत कमेटी ने याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट में खुद पार्टी के तौर पर अपना केस लड़ने की इजाजत देने से इनकार किया। याचिकाकर्ता ने इस आधार पर सर्टिफिकेट को रद्द करने की मांग की कि हाई कोर्ट में अंग्रेजी...

आपराधिक मुकदमे का सामना कर रहे आरोपी को विदेश यात्रा का अधिकार है या नहीं, यह तय करने का अधिकार पासपोर्ट प्राधिकरण को नहीं : गुजरात हाइकोर्ट
आपराधिक मुकदमे का सामना कर रहे आरोपी को विदेश यात्रा का अधिकार है या नहीं, यह तय करने का अधिकार पासपोर्ट प्राधिकरण को नहीं : गुजरात हाइकोर्ट

गुजरात हाइकोर्ट ने हाल ही में स्पष्ट किया कि किसी आपराधिक मामले का सामना कर रहे आरोपी को विदेश यात्रा का अधिकार है या नहीं, यह तय करने का अधिकार पासपोर्ट प्राधिकरण के पास नहीं है। अदालत ने कहा कि यह अधिकार केवल संबंधित ट्रायल कोर्ट के पास है, जो विदेश जाने की अनुमति मांगने पर आवश्यक शर्तें लगा सकता है।जस्टिस अनिरुद्ध पी. मयी की पीठ ने यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई करते हुए की जिसमें याचिकाकर्ता ने विदेश यात्रा के लिए पासपोर्ट जारी किए जाने की मांग की थी। याचिकाकर्ता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता...

Surat Rape Case: हाईकोर्ट ने नारायण साई की उम्रकैद की सज़ा सस्पेंड करने की याचिका पर नोटिस जारी किया
Surat Rape Case: हाईकोर्ट ने नारायण साई की उम्रकैद की सज़ा सस्पेंड करने की याचिका पर नोटिस जारी किया

गुजरात हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते 2019 में रेप केस में दोषी ठहराए गए नारायण साई की याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने अपनी उम्रकैद की सज़ा सस्पेंड करने की मांग की।जस्टिस इलेश जे वोरा और जस्टिस आरटी वच्छानी की डिवीज़न बेंच ने अपने आदेश में कहा:"नोटिस, जिसका जवाब 26.02.2026 को देना है। सरकारी वकील ने प्रतिवादी-राज्य की ओर से नोटिस लेने से छूट दी। याचिकाकर्ता के वकील को मूल शिकायतकर्ता की ओर से पेश होने वाले वकील श्री नंदीश ठक्कर को नोटिस देने की अनुमति दी गई।"साई को 30 अप्रैल, 2019 को सूरत...

सिर्फ संदेह सजा का आधार नहीं हो सकता, अपराध सिद्ध करने में राज्य विफल: गुजरात हाइकोर्ट ने गैंगरेप-हत्या मामले में तीनों की मौत की सजा रद्द की
सिर्फ संदेह सजा का आधार नहीं हो सकता, अपराध सिद्ध करने में राज्य विफल: गुजरात हाइकोर्ट ने गैंगरेप-हत्या मामले में तीनों की मौत की सजा रद्द की

गुजरात हाइकोर्ट ने एक अहम फैसले में गैंगरेप और हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए तीन आरोपियों की मौत की सजा को रद्द कर दिया।हाइकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार आरोपियों के खिलाफ अपराध को संदेह से परे साबित करने में असफल रही और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की पूरी श्रृंखला स्थापित नहीं हो सकी। ऐसे में केवल आशंका के आधार पर सजा को बरकरार नहीं रखा जा सकता।जस्टिस इलेश जे. वोरा और जस्टिस आर.टी. वछानी की खंडपीठ आरोपियों की अपील और मौत की सजा की पुष्टि के लिए भेजे गए संदर्भ पर सुनवाई कर रही थी।अदालत ने माना कि...

पीएम मोदी डिग्री विवाद: केजरीवाल-संजय सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस राजनीतिक रणनीति का हिस्सा, अलग ट्रायल से हाइकोर्ट का इनकार
पीएम मोदी डिग्री विवाद: केजरीवाल-संजय सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस 'राजनीतिक रणनीति' का हिस्सा, अलग ट्रायल से हाइकोर्ट का इनकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक डिग्री को लेकर दिए गए कथित बयानों से जुड़े मानहानि मामले में गुजरात हाइकोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका खारिज की।हाइकोर्ट ने कहा कि अरविंद केजरीवाल और सांसद संजय सिंह द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस एक सोची-समझी “राजनीतिक रणनीति” का हिस्सा प्रतीत होती है और दोनों के खिलाफ लगाए गए आरोप एक ही लेन-देन का हिस्सा हैं, इसलिए अलग-अलग ट्रायल का कोई आधार नहीं बनता।जस्टिस एम.आर. मेंगडेय ने अपने आदेश में कहा कि...

गुजरात में तोड़ी गई गौशाला: हाईकोर्ट ने दिया यथास्थिति का आदेश, ज़िला कलेक्टर से मांगा आचरण पर हलफनामा
गुजरात में तोड़ी गई गौशाला: हाईकोर्ट ने दिया यथास्थिति का आदेश, ज़िला कलेक्टर से मांगा 'आचरण' पर हलफनामा

गुजरात हाईकोर्ट ने गुरुवार (15 जनवरी) को सुरेंद्रनगर के चोटिला में एक मंदिर के पास स्थित गौशाला को तोड़ने पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि अधिकारियों द्वारा गुरुवार को पहले मौखिक आश्वासन दिए जाने के बावजूद, हटाने की कार्रवाई अभी भी की जा रही थी।बता दें, दिन में पहले याचिकाकर्ता – एक ट्रस्ट – के वकील ने जस्टिस नीरल आर मेहता के सामने कहा था कि उस समय तोड़फोड़ चल रही थी और संबंधित डिप्टी कलेक्टर ने बिना कोई नोटिस दिए यह कार्रवाई की थी।उन्होंने कहा था,"...मानते हैं...

जीवनसाथी के साथ बिना सहमति के यौन संबंध बनाने से ट्रॉमा होता है: गुजरात हाईकोर्ट
जीवनसाथी के साथ बिना सहमति के यौन संबंध बनाने से ट्रॉमा होता है: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि हालांकि शादी को यौन सहमति की स्वतः मंजूरी माना जाता है और शादीशुदा जोड़ों के बीच अंतरंगता सामान्य है, लेकिन यह सहमति से और आपसी सम्मान के साथ होनी चाहिए, जिसमें वैवाहिक रिश्ते में जीवनसाथी की शारीरिक स्वतंत्रता को मान्यता दी जाए।ऐसा करते हुए कोर्ट ने एक ऐसे व्यक्ति की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की, जिस पर उसकी पत्नी ने यौन उत्पीड़न और अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया।जस्टिस डीए जोशी ने अपने आदेश में कहा:"इसमें कोई शक नहीं कि...

तलाक के समय पिता को सौंपे गए बेटे की कस्टडी पर बाद में श्रेष्ठ अधिकार का दावा नहीं कर सकती मां: गुजरात हाइकोर्ट
तलाक के समय पिता को सौंपे गए बेटे की कस्टडी पर बाद में 'श्रेष्ठ अधिकार' का दावा नहीं कर सकती मां: गुजरात हाइकोर्ट

गुजरात हाइकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें नाबालिग बेटे की कस्टडी की मांग कर रही मां की याचिका को खारिज कर दिया गया था।हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि तलाक के समय मां ने अपनी पूरी सहमति और समझ के साथ बेटे की कस्टडी पिता को सौंपी थी, ऐसे में वह बाद में यह कहकर “श्रेष्ठ कस्टडी अधिकार” का दावा नहीं कर सकती कि बच्चा कम उम्र का है और उसे मां के साथ ही रहना चाहिए।यह अपील उस फैमिली कोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर की गई, जिसमें मां की स्थायी कस्टडी की मांग अस्वीकार करते हुए उसे केवल मुलाकात...

पीएम मोदी डिग्री मामला: गुजरात हाइकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की संजय सिंह से अलग ट्रायल की मांग खारिज की
पीएम मोदी डिग्री मामला: गुजरात हाइकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की संजय सिंह से अलग ट्रायल की मांग खारिज की

गुजरात हाइकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक डिग्री से जुड़े मानहानि मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका खारिज की। केजरीवाल ने इस मामले में पार्टी नेता संजय सिंह से अलग ट्रायल चलाने की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार करने से इनकार कर दिया।जस्टिस एम.आर. मेंगदे ने मंगलवार, 13 जनवरी को आदेश सुनाते हुए कहा कि याचिका खारिज की जाती है। फिलहाल आदेश की विस्तृत प्रति आना बाकी है। हाइकोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला पिछले महीने सुरक्षित...

IIM-अहमदाबाद ने स्टडेंट्स के निष्कासन को रद्द करने वाले आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में की अपील
IIM-अहमदाबाद ने स्टडेंट्स के निष्कासन को रद्द करने वाले आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में की अपील

IIM-अहमदाबाद ने गुजरात हाईकोर्ट में सिंगल जज के आदेश को चुनौती दी, जिसमें मैनेजमेंट में डॉक्टोरल प्रोग्राम कोर्स में नामांकित तीन स्टडेंट्स का संस्थान से निष्कासन रद्द कर दिया गया। इस आदेश में कहा गया कि यह कार्रवाई प्रोग्राम मैनुअल में बताए गए प्रोसीजर के अनुसार नहीं थी।मंगलवार (6 जनवरी) को सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने मौखिक रूप से संस्थान से प्रोग्राम मैनुअल में उन प्रावधानों को दिखाने के लिए कहा, जो संस्थान को स्टडेंट्स को पहले साल (प्रोग्राम के) के भीतर छोड़ने के लिए कहने की अनुमति देते हैं,...

प्रथम दृष्टया भारतीय नागरिकता स्थापित: बांग्लादेशी माता-पिता होने के आरोप के बावजूद गुजरात हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत दी
प्रथम दृष्टया भारतीय नागरिकता स्थापित: बांग्लादेशी माता-पिता होने के आरोप के बावजूद गुजरात हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत दी

गुजरात हाईकोर्ट ने उस व्यक्ति को नियमित जमानत प्रदान की, जिस पर बांग्लादेशी माता-पिता होने के बावजूद अवैध रूप से भारतीय पासपोर्ट प्राप्त करने का आरोप लगाया गया था।न्यायालय ने कहा कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी पासपोर्ट के आधार पर आरोपी ने प्रथम दृष्टया अपनी भारतीय नागरिकता स्थापित की है।जस्टिस निखिल एस. करियल ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता के विरुद्ध मुख्य आरोप यह है कि वह भारतीय नागरिक नहीं है। हालांकि रिकॉर्ड से यह प्रतीत होता है कि याचिकाकर्ता के पास भारतीय पासपोर्ट है, जिसे जाली नहीं...

गुजरात हाईकोर्ट ने नगर पालिका को आवारा सांड की टक्कर से मरने वाले मोटरसाइकिल सवार के परिवार को मुआवज़ा देने का निर्देश बरकरार रखा
गुजरात हाईकोर्ट ने नगर पालिका को आवारा सांड की टक्कर से मरने वाले मोटरसाइकिल सवार के परिवार को मुआवज़ा देने का निर्देश बरकरार रखा

गुजरात हाईकोर्ट ने वडोदरा नगर निगम को 2007 में आवारा सांड की टक्कर से मरने वाले मोटरसाइकिल सवार के परिवार को हर्जाने के तौर पर 9% सालाना ब्याज के साथ ₹4,84,473 देने का निर्देश देने वाला आदेश बरकरार रखा। कोर्ट ने कहा कि यह दुर्घटना निगम की लापरवाही के कारण हुई, क्योंकि उसने सार्वजनिक सड़कों और गलियों को आवारा पशुओं से मुक्त नहीं रखा था।फैयाज हुसैन नज़ीरअहमद अंसारी बनाम अहमदाबाद नगर निगम मामले में कोऑर्डिनेट बेंच के फैसले का हवाला देते हुए जस्टिस एम.के. ठक्कर ने अपने आदेश में रेस इप्सा लोक्विटुर...

अंबाजी मंदिर सार्वजनिक संपत्ति, तीर्थयात्रियों के अधिकारों में कटौती नहीं की जा सकती: गुजरात हाईकोर्ट ने शाही परिवार के विशेष अनुष्ठान करने का दावा खारिज किया
अंबाजी मंदिर सार्वजनिक संपत्ति, तीर्थयात्रियों के अधिकारों में कटौती नहीं की जा सकती: गुजरात हाईकोर्ट ने शाही परिवार के विशेष अनुष्ठान करने का दावा खारिज किया

गुजरात हाईकोर्ट ने पूर्व दांता शाही परिवार के वारिसों के अंबाजी मंदिर में नवरात्रि के आठवें दिन और एक खास तरीके से अनुष्ठान करने के "विशेष अधिकारों" का दावा खारिज किया, जिससे तीर्थयात्रियों की प्रार्थना करने के अधिकार में "कटौती" होती, जिसे कोर्ट ने कहा कि इसकी इजाज़त नहीं दी जा सकती, क्योंकि मंदिर एक सार्वजनिक धार्मिक संस्थान है।बता दें, मंदिर के संबंध में कई कार्यवाही हुई थीं, जिसमें अपीलकर्ता द्वारा (1948 में तत्कालीन दांता राज्य के शासक और भारत सरकार के बीच विलय के बाद) 1953 में बॉम्बे...

लाहौर 1947 के प्रचार के लिए राजकुमार संतोषी को विदेश जाने की अनुमति, गुजरात हाईकोर्ट ने जमानत की शर्त में दी ढील
लाहौर 1947 के प्रचार के लिए राजकुमार संतोषी को विदेश जाने की अनुमति, गुजरात हाईकोर्ट ने जमानत की शर्त में दी ढील

गुजरात हाईकोर्ट ने चेक बाउंस मामले में दोषी ठहराए गए फिल्म निर्देशक राजकुमार संतोषी को अपनी आगामी फिल्म 'लाहौर 1947' के प्रचार के लिए विदेश यात्रा की अनुमति दी।अदालत ने उनकी जमानत की एक शर्त में अस्थायी ढील देते हुए उन्हें 30 दिसंबर, 2025 से 4 जनवरी, 2026 तक विदेश जाने की इजाजत दी है।यह आदेश मंगलवार को जस्टिस पीएम रावल की अवकाशकालीन पीठ ने पारित किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि संतोषी को 5 जनवरी, 2026 की मध्यरात्रि तक भारत लौटना होगा।मामले के अनुसार ट्रायल कोर्ट ने राजकुमार संतोषी को परक्राम्य लिखत...

वक्फ संस्थानों को राज्य ट्रिब्यूनल के सामने विवाद उठाने के लिए कोर्ट फीस से छूट नहीं: गुजरात हाईकोर्ट
वक्फ संस्थानों को राज्य ट्रिब्यूनल के सामने विवाद उठाने के लिए कोर्ट फीस से छूट नहीं: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने बुधवार (17 दिसंबर) को अलग-अलग वक्फ संस्थानों द्वारा दायर याचिकाओं के एक बैच को खारिज कर दिया। इन याचिकाओं में गुजरात राज्य वक्फ ट्रिब्यूनल द्वारा पारित उन आदेशों को चुनौती दी गई थी, जिनमें वक्फ संपत्तियों से जुड़े विवादों पर वक्फ अधिनियम के तहत आवेदनों को अपर्याप्त कोर्ट फीस का हवाला देते हुए खारिज कर दिया गया।ऐसा करते हुए कोर्ट ने कहा कि राज्य में वक्फ अधिनियम की धारा 83(3) के तहत आवेदन दाखिल करने के लिए वक्फ संस्थानों को कोर्ट फीस देने से "कोई पूरी छूट" या माफी नहीं दी...

मात्र आशंका के आधार पर याचिका: गुजरात हाईकोर्ट ने संभावित कार्रवाई से संबंधित मस्जिद की याचिका पर सुनवाई से किया इनकार
मात्र आशंका के आधार पर याचिका: गुजरात हाईकोर्ट ने संभावित कार्रवाई से संबंधित मस्जिद की याचिका पर सुनवाई से किया इनकार

गुजरात हाईकोर्ट ने अहमदाबाद स्थित मस्जिद द्वारा दायर उस याचिका पर विचार करने से इनकार किया, जिसमें संबंधित प्राधिकरणों द्वारा संभावित कार्रवाई की आशंका जताई गई थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक कोई ठोस (Cause of Action) उत्पन्न नहीं होता तब तक केवल आशंका के आधार पर दायर की गई याचिका पर सुनवाई नहीं की जा सकती।मामले की सुनवाई जस्टिस मौना एम. भट्ट कर रही थीं। याचिका में प्रार्थना की गई कि प्रतिवादी प्राधिकरणों को निर्देश दिया जाए कि वे किसी भी प्रस्तावित कार्रवाई को विधि द्वारा निर्धारित प्रक्रिया...

गुजरात हाई कोर्ट ने नॉन-वेज बेचने और लीज की शर्त तोड़ने के आरोप में सील किए गए रेस्टोरेंट को म्युनिसिपैलिटी से संपर्क करने की इजाज़त दी
गुजरात हाई कोर्ट ने नॉन-वेज बेचने और लीज की शर्त तोड़ने के आरोप में सील किए गए रेस्टोरेंट को म्युनिसिपैलिटी से संपर्क करने की इजाज़त दी

गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार (16 दिसंबर) को एक रेस्टोरेंट को, जिसे लीज एग्रीमेंट का उल्लंघन करके नॉन-वेज खाना बेचने और न्यूसेंस फैलाने के आरोपों में सील कर दिया गया था, सील हटाने के लिए आनंद नगर निगम को एक अंडरटेकिंग देने की इजाज़त दी, और निर्देश दिया कि इस पर कानून के अनुसार विचार किया जाए।कोर्ट 2-12-2025 की तारीख वाले नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसके तहत याचिकाकर्ता को 10 दिनों के भीतर जगह (दुकान) खाली करने का निर्देश दिया गया, ऐसा न करने पर गुजरात प्रांतीय नगर निगम...

बहू को मंदिर जाने से मना करना क्रूरता नहीं: गुजरात हाईकोर्ट ने 498A IPC, दहेज हत्या मामले में ससुराल वालों को बरी करने का फैसला बरकरार रखा
बहू को मंदिर जाने से मना करना क्रूरता नहीं: गुजरात हाईकोर्ट ने 498A IPC, दहेज हत्या मामले में ससुराल वालों को बरी करने का फैसला बरकरार रखा

दहेज हत्या और क्रूरता के मामले में ससुराल वालों को बरी करने का फैसला बरकरार रखते हुए गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि बहू को उसके ससुराल वालों के साथ मंदिर जाने की इजाज़त न देना IPC की धारा 498A के तहत जुर्म नहीं माना जाएगा और न ही यह धारा (b) के तहत प्रॉपर्टी के लिए परेशान करने जैसा होगा।इस मामले में बहू ने अपने ससुराल वालों के साथ जाने की ज़िद की थी। हालांकि, उसे मना कर दिया गया, जिसके बाद उसने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।बता दें, धारा 498A (क्रूरता) के एक्सप्लेनेशन (a) में कहा गया,"इस धारा के मकसद...