राज�थान हाईकोट

मास्टर प्लान में ग्रीन बेल्ट घोषित भूमि का उपयोग नहीं बदला जा सकता, विपरीत कार्रवाई अवैध: राजस्थान हाईकोर्ट
मास्टर प्लान में ग्रीन बेल्ट घोषित भूमि का उपयोग नहीं बदला जा सकता, विपरीत कार्रवाई अवैध: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि किसी भूमि को मास्टर प्लान में ग्रीन बेल्ट के रूप में अधिसूचित किया गया है, तो उसके भूमि उपयोग परिवर्तन, नियमितीकरण या पट्टा जारी करने जैसी सभी प्रशासनिक कार्रवाइयों को मास्टर प्लान के अनुरूप ही होना होगा। इसके विपरीत की गई कोई भी कार्रवाई अवैध होगी और रद्द की जा सकती है।जस्टिस आनंद शर्मा की एकलपीठ ने यह फैसला उस याचिका पर सुनाया, जिसमें धारा 90A, राजस्थान भूमि राजस्व अधिनियम के तहत ग्रीन बेल्ट की भूमि का उपयोग बदलकर पट्टे जारी किए गए थे। बाद में प्राधिकरण ने इन...

35 साल बाद मिला इंसाफ: करंट से महिला की मौत पर मुआवजा तीन गुना बढ़ाया, राजस्थान हाईकोर्ट ने बिजली विभाग को ठहराया जिम्मेदार
35 साल बाद मिला इंसाफ: करंट से महिला की मौत पर मुआवजा तीन गुना बढ़ाया, राजस्थान हाईकोर्ट ने बिजली विभाग को ठहराया जिम्मेदार

राजस्थान हाईकोर्ट ने करीब 35 वर्ष पुराने करंट लगने से मौत के मामले में पीड़ित परिवार को बड़ी राहत देते हुए मुआवजे की राशि लगभग 40 हजार रुपये से बढ़ाकर करीब 1.20 लाख रुपये की।अदालत ने स्पष्ट कहा कि बिजली जैसी खतरनाक वस्तु के प्रसारण से यदि किसी व्यक्ति की जान जाती है तो बिजली विभाग की पूर्ण जिम्मेदारी (सख्त दायित्व) बनती है और ऐसे मामलों में लापरवाही साबित करना भी आवश्यक नहीं है।जस्टिस संदीप तनेजा की पीठ ने माना कि दुर्घटना वाले स्थान की बिजली लाइन लंबे समय से मरम्मत के अभाव में खराब थी। साथ ही...

चार्जशीट दाखिल करने से पहले SHO स्वतंत्र विवेक का करें इस्तेमाल, महज पोस्ट ऑफिस नहीं हैं: राजस्थान हाईकोर्ट
चार्जशीट दाखिल करने से पहले SHO स्वतंत्र विवेक का करें इस्तेमाल, महज 'पोस्ट ऑफिस' नहीं हैं: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा है कि स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) केवल जांच अधिकारी (IO) द्वारा तैयार की गई चार्जशीट अदालत भेजने वाले "पोस्ट ऑफिस" नहीं हैं। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और कानून के अनुरूप हुई है।जस्टिस अनूप कुमार ढंड की पीठ ने ट्रायल कोर्ट द्वारा SHO के खिलाफ लिए गए संज्ञान को बरकरार रखते हुए कहा कि चार्जशीट दाखिल करना महज औपचारिकता नहीं है। SHO को रिकॉर्ड और साक्ष्यों का स्वतंत्र रूप से परीक्षण करना अनिवार्य है।मामला क्या था?याचिकाकर्ता एक सड़क दुर्घटना में...

आर्टिकल 21 के तहत शादी का अधिकार: राजस्थान हाईकोर्ट ने हत्या के दोषी को ओपन एयर जेल में शादी करने की इजाज़त दी
'आर्टिकल 21 के तहत शादी का अधिकार': राजस्थान हाईकोर्ट ने हत्या के दोषी को ओपन एयर जेल में शादी करने की इजाज़त दी

राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में ओपन एयर कैंप में बंद हत्या के एक दोषी को ज़मानत पर रिहा हुई महिला दोषी के साथ शादी करने की इजाज़त दी। कोर्ट ने कहा कि शादी का अधिकार संविधान के आर्टिकल 21 के तहत जीवन और व्यक्तिगत आज़ादी के अधिकार का एक अहम हिस्सा है।जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस प्रवीर भटनागर की डिवीज़न बेंच ने कहा,"दो सहमत बालिगों के बीच शादी करना भारत के संविधान के आर्टिकल 21 के तहत गारंटीकृत जीवन और व्यक्तिगत आज़ादी के अधिकार का एक अहम हिस्सा है। शादी की संस्था को सभी प्रमुख धर्मों और...

राजस्थान हाईकोर्ट ने पत्नी की हत्या के लिए मौत की सज़ा पाए व्यक्ति को बरी किया, जांच में कमियां बताईं
राजस्थान हाईकोर्ट ने पत्नी की हत्या के लिए मौत की सज़ा पाए व्यक्ति को बरी किया, जांच में कमियां बताईं

राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में पत्नी की हत्या के आरोप में ट्रायल कोर्ट से मौत की सज़ा पाए एक व्यक्ति को बरी किया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष ऐसी परिस्थितियां साबित करने में नाकाम रहा, जो सिर्फ़ उसी के दोषी होने की ओर इशारा करती हों और जांच में गंभीर कमियां हैं।जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चंद्र शेखर शर्मा की बेंच ने दोहराया कि शक कितना भी मज़बूत क्यों न हो, वह कानूनी सबूत की जगह नहीं ले सकता और जहां सबूतों के आधार पर दो राय मुमकिन हों, वहां आरोपी के पक्ष वाली राय को ही माना जाता...

अंतरिम आदेश के लिए नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर की रिपोर्ट से किसी पक्ष के अधिकार तय नहीं होते: राजस्थान हाईकोर्ट
अंतरिम आदेश के लिए नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर की रिपोर्ट से किसी पक्ष के अधिकार तय नहीं होते: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा है कि सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) के आदेश 39 नियम 7 के तहत नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर का उद्देश्य किसी पक्ष के लिए साक्ष्य जुटाना नहीं, बल्कि अदालत को विवादित संपत्ति की वास्तविक स्थिति का निष्पक्ष आकलन उपलब्ध कराना है। अदालत ने स्पष्ट किया कि कमिश्नर की रिपोर्ट से किसी भी पक्ष का कोई मौलिक (Substantive) अधिकार न तो बनता है और न ही समाप्त होता है।जस्टिस फरजंद अली की एकलपीठ उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा आदेश 39 नियम 7 CPC के तहत स्थानीय निरीक्षण...

नियमों में शामिल दिव्यांगता पर ही मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, अदालत नई श्रेणी नहीं जोड़ सकती: राजस्थान हाईकोर्ट
नियमों में शामिल दिव्यांगता पर ही मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, अदालत नई श्रेणी नहीं जोड़ सकती: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने 75 प्रतिशत दिव्यांगता से ग्रस्त एक सरकारी कर्मचारी के बेटे को अनुकंपा नियुक्ति देने से इनकार करने के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि अनुकंपा नियुक्ति केवल उन्हीं दिव्यांगताओं के मामलों में दी जा सकती है, जिन्हें नियमों में स्पष्ट रूप से शामिल किया गया। अदालत कानून में नई श्रेणी नहीं जोड़ सकती।डॉ. जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस संदीप शाह की खंडपीठ ने कहा कि कल्याणकारी कानूनों की उदार व्याख्या की जा सकती है, लेकिन अदालत विधायिका द्वारा जानबूझकर बाहर रखी गई श्रेणियों को...

वन विभाग की असंवेदनशीलता निंदनीय: हाथी गांव में हाथियों के कल्याण पर राजस्थान हाईकोर्ट सख्त, मुख्य वन संरक्षक को किया तलब
वन विभाग की असंवेदनशीलता निंदनीय': हाथी गांव में हाथियों के कल्याण पर राजस्थान हाईकोर्ट सख्त, मुख्य वन संरक्षक को किया तलब

राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर के आमेर स्थित हाथी गांव में पालतू हाथियों के कल्याण से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई के दौरान वन विभाग के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने संबंधित मुख्य वन संरक्षक को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया।एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने वन विभाग के वकील द्वारा यह कहे जाने पर आश्चर्य जताया कि उन्हें मामले के तथ्यों की जानकारी नहीं है और उनके पास केस की फाइल भी उपलब्ध नहीं है।कोर्ट ने कहा कि यह याचिका वर्ष...

राजस्थान हाईकोर्ट ने ऊंटों की आबादी में भारी गिरावट पर चिंता जताई, पशुपालन विभाग के डायरेक्टर को तलब किया
राजस्थान हाईकोर्ट ने ऊंटों की आबादी में भारी गिरावट पर चिंता जताई, पशुपालन विभाग के डायरेक्टर को तलब किया

राजस्थान में ऊंटों की आबादी में आई भारी गिरावट—लगभग 15 लाख से घटकर 1.5 लाख रह जाने—पर चिंता जताते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने पशुपालन विभाग के डायरेक्टर को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने और राज्य के इस पशु के संरक्षण, प्रजनन और स्वास्थ्य देखभाल के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में बताने का आदेश दिया।राजस्थान हाईकोर्ट की एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की डिवीजन बेंच ने कहा कि पारंपरिक रूप से ऊंट पालने वाले समुदायों के धीरे-धीरे दूसरे कामों की ओर बढ़ने से बढ़ती...

राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला: राजस्थान हाईकोर्ट ने भारत-पाक सीमा पर मस्जिदों और दरगाहों को जारी बेदखली नोटिस के खिलाफ याचिकाएं खारिज कीं
'राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला': राजस्थान हाईकोर्ट ने भारत-पाक सीमा पर मस्जिदों और दरगाहों को जारी बेदखली नोटिस के खिलाफ याचिकाएं खारिज कीं

राजस्थान हाईकोर्ट ने भारत-पाकिस्तान सीमा के 50 किलोमीटर के दायरे में स्थित मस्जिदों, मदरसों और दरगाहों को जारी 'कारण बताओ' (show-cause) और बेदखली नोटिस को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं को खारिज किया। कोर्ट ने कहा कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और इसमें धार्मिक भेदभाव का कोई पहलू नहीं है। [2026 LiveLaw (Raj) 279]कोर्ट कई मदरसों, मस्जिदों और दरगाहों की उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जिनमें राज्य अधिकारियों द्वारा जारी बेदखली/खाली करने और 'कारण बताओ' नोटिस की वैधता को चुनौती दी गई। ये...

कोर्ट स्कूल रिकॉर्ड में जन्म तिथि बदलने के लिए एजुकेशन बोर्ड को निर्देश नहीं दे सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
कोर्ट स्कूल रिकॉर्ड में जन्म तिथि बदलने के लिए एजुकेशन बोर्ड को निर्देश नहीं दे सकता: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि कोर्ट एजुकेशन बोर्ड को स्कूल सर्टिफिकेट में दर्ज जन्म तिथि बदलने का निर्देश नहीं दे सकता; कोर्ट ने माना कि ऐसी रिक्वेस्ट पर सबसे पहले संबंधित बोर्ड को ही विचार करना चाहिए। [2026 LiveLaw (Raj) 278]राजस्थान बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन को एक छात्रा की 10वीं क्लास की मार्कशीट में उसकी जन्म तिथि बदलने का निर्देश देने वाले सिंगल जज का आदेश रद्द करते हुए एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की डिवीज़न बेंच ने साफ़ किया कि अगर कोई व्यक्ति बोर्ड के फ़ैसले...

माइनिंग लीज़ होल्डर्स को अपने अलॉटेड एरिया में अवैध माइनिंग रोकनी होगी, उल्लंघन पर लीज़ रद्द हो सकती है: राजस्थान हाईकोर्ट
माइनिंग लीज़ होल्डर्स को अपने अलॉटेड एरिया में अवैध माइनिंग रोकनी होगी, उल्लंघन पर लीज़ रद्द हो सकती है: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि माइनिंग लीज़ होल्डर्स की यह ज़िम्मेदारी है कि वे सुनिश्चित करें कि उन्हें अलॉट किए गए एरिया में अवैध माइनिंग न हो। कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर लीज़ होल्डर्स अनधिकृत माइनिंग में शामिल पाए जाते हैं, तो उनकी लीज़ रद्द की जा सकती है। [2026 LiveLaw (Raj) 279]एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की डिवीज़न बेंच ने आगे स्पष्ट किया कि ऐसे उल्लंघन सामने आने पर माइनिंग इंजीनियर नियमों का उल्लंघन करने वाले माइनिंग ऑपरेटर्स की लीज़ रद्द कर सकते हैं।बता दें,...

प्राचार्य पर अभद्र व्यवहार और शिकायत निवारण समिति नहीं होने के आरोप: राजस्थान हाईकोर्ट ने लॉ कॉलेज और प्राचार्य को जारी किया नोटिस
प्राचार्य पर अभद्र व्यवहार और शिकायत निवारण समिति नहीं होने के आरोप: राजस्थान हाईकोर्ट ने लॉ कॉलेज और प्राचार्य को जारी किया नोटिस

राजस्थान हाईकोर्ट ने लॉ स्टूडेंट की याचिका पर सुनवाई करते हुए डॉ. भीमराव आंबेडकर लॉ यूनिवर्सिटी से संबद्ध एस.एस. जैन सुबोध लॉ कॉलेज और उसके प्राचार्य को नोटिस जारी किया। याचिका में प्राचार्य पर स्टूडेंट के साथ अभद्र व्यवहार करने और कॉलेज में अनिवार्य छात्र शिकायत निवारण समिति के कार्यरत नहीं होने का आरोप लगाया गया।जस्टिस शुभा मेहता की पीठ ने याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई के बाद संबंधित पक्षों से जवाब मांगा।याचिका के अनुसार, स्टूडेंट का आरोप है कि उसे दीक्षांत समारोह की सूचना नहीं दी गई और न ही...

राजस्थान हाईकोर्ट ने फ़र्ज़ी क्लीयरेंस सर्टिफ़िकेट से इंटर्नशिप पाने के आरोपी विदेशी MBBS ग्रेजुएट की ज़मानत याचिका खारिज की
राजस्थान हाईकोर्ट ने फ़र्ज़ी क्लीयरेंस सर्टिफ़िकेट से इंटर्नशिप पाने के आरोपी विदेशी MBBS ग्रेजुएट की ज़मानत याचिका खारिज की

राजस्थान हाईकोर्ट ने कई विदेशी MBBS ग्रेजुएट को ज़मानत देने से इनकार किया। इन पर आरोप है कि इन्होंने फ़र्ज़ी 'फ़ॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन' (FMGE) क्लीयरेंस सर्टिफ़िकेट का इस्तेमाल करके सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में ज़रूरी इंटर्नशिप हासिल की थी। [2026 LiveLaw (Raj) 276]जस्टिस रवि चिरानिया की बेंच ने कहा,"हालांकि याचिकाकर्ता छात्र हैं, लेकिन FMGE के फ़र्ज़ी सर्टिफ़िकेट का इस्तेमाल करने की उनकी स्वीकार की गई हरकत साफ़ तौर पर दिखाती है कि प्रोफ़ेशनल डिग्री होने के बावजूद उन्होंने ऊपर बताई...

PPP मॉडल के तहत NGO से सैलरी मिलने की वजह से सरकारी अस्पतालों के अनुभव को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
PPP मॉडल के तहत NGO से सैलरी मिलने की वजह से सरकारी अस्पतालों के अनुभव को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मेडिकल सेवाएँ देने से मिले अनुभव और उससे जुड़े फ़ायदों से संबंधित लोगों को सिर्फ़ इसलिए वंचित नहीं किया जा सकता, क्योंकि उनकी सैलरी राज्य सरकार द्वारा मंज़ूर प्रशासनिक व्यवस्था के तहत एक चैरिटेबल ट्रस्ट के ज़रिए दी जाती थी।जस्टिस नूपुर भाटी की बेंच ने कहा कि सैलरी देने का तरीका कानूनी रूप से महत्वपूर्ण नहीं है, क्योंकि यह असल में दी गई सेवा और हासिल किए गए अनुभव के निर्विवाद तथ्य को कम नहीं कर सकता।बता दें, याचिकाकर्ताओं ने नर्सिंग ऑफिसर...

संविधान के तहत क्रिमिनल रिट पिटीशन जैसा कोई कॉन्सेप्ट नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट ने रजिस्ट्री को इन्हें रिट पिटीशन के तौर पर रजिस्टर करने का निर्देश दिया
'संविधान के तहत क्रिमिनल रिट पिटीशन जैसा कोई कॉन्सेप्ट नहीं': राजस्थान हाईकोर्ट ने रजिस्ट्री को इन्हें 'रिट पिटीशन' के तौर पर रजिस्टर करने का निर्देश दिया

राजस्थान हाईकोर्ट ने अपनी रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वह किसी भी मामले को "क्रिमिनल रिट पिटीशन" के तौर पर रजिस्टर न करे, क्योंकि भारत के संविधान में ऐसा कोई कॉन्सेप्ट नहीं है। [2026 LiveLaw (Raj) 273]एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की डिवीजन बेंच ने कहा कि संबंधित रोस्टर के सामने रखने के मकसद से मामले की जांच करना कोर्ट का काम है।बता दें, कोर्ट एक ऐसी याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसे "क्रिमिनल रिट पिटीशन" के तौर पर दायर किया गया था और रजिस्ट्री ने भी इसे इसी तरह...

रिकॉर्ड में पहले से मौजूद दस्तावेजों को प्रदर्शन के रूप में दर्ज करने से किसी पक्ष को नुकसान नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
रिकॉर्ड में पहले से मौजूद दस्तावेजों को प्रदर्शन के रूप में दर्ज करने से किसी पक्ष को नुकसान नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट

हाईकोर्ट ने कहा कि यदि कोई दस्तावेज पहले से ही न्यायालय के रिकॉर्ड का हिस्सा है, तो उसे बाद में प्रदर्शन (एक्ज़िबिट) के रूप में दर्ज करने की अनुमति देने से दूसरे पक्ष को कोई वास्तविक नुकसान नहीं होता।कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल तकनीकी या लिपिकीय त्रुटियों के आधार पर न्यायिक प्रक्रिया को बाधित नहीं किया जाना चाहिए।जस्टिस फरजंद अली ने किराया अधिकरण के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें बेदखली याचिका में संशोधन की अनुमति दी गई थी।यह संशोधन डाक रसीद और प्राप्ति पावती (एडी कार्ड) का उल्लेख जोड़ने...

भर्ती प्रक्रिया पूरी हो जाने या समय बीत जाने मात्र से याचिका खारिज नहीं की जा सकती: राजस्थान हाईकोर्ट
भर्ती प्रक्रिया पूरी हो जाने या समय बीत जाने मात्र से याचिका खारिज नहीं की जा सकती: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका को केवल इस आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता कि उसके लंबित रहने के दौरान छह महीने से अधिक समय बीत गया या बाद की भर्ती प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं।एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि अदालत में लंबित रहने के कारण किसी भी वादकारी को नुकसान नहीं उठाना चाहिए। न्यायालय की देरी का खामियाजा किसी पक्षकार को नहीं भुगतना पड़ सकता।अदालत ने यह भी कहा कि किसी...

शादी के बहाने रोहिंग्या लड़कियों की तस्करी: राजस्थान हाईकोर्ट ने आरोपी म्यांमार के नागरिकों की ज़मानत याचिका खारिज की
शादी के बहाने रोहिंग्या लड़कियों की तस्करी: राजस्थान हाईकोर्ट ने आरोपी 'म्यांमार के नागरिकों' की ज़मानत याचिका खारिज की

राजस्थान हाईकोर्ट ने म्यांमार के रहने वाले और शादी का झांसा देकर रोहिंग्या मूल की लड़कियों को गैर-कानूनी तरीके से भारत लाने और फिर उन्हें बेच देने के आरोपी तीन लोगों की ज़मानत याचिका खारिज की।जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस भुवन गोयल की डिवीज़न बेंच ने कहा कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों, सुरक्षित गवाहों के बयानों और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए ज़मानत याचिका खारिज करने के फैसले को बरकरार रखा जाना चाहिए।कोर्ट स्पेशल जज (NIA मामले) के उस आदेश के खिलाफ दायर आपराधिक अपीलों पर सुनवाई कर रहा था,...

राजस्थान हाईकोर्ट ने हत्या की जांच में पुलिस की जानबूझकर की गई चूक की ओर इशारा किया, नाबालिग आरोपी की ज़मानत याचिका खारिज की
राजस्थान हाईकोर्ट ने हत्या की जांच में पुलिस की 'जानबूझकर' की गई चूक की ओर इशारा किया, नाबालिग आरोपी की ज़मानत याचिका खारिज की

पुलिस की जांच में 'जानबूझकर' चूक की आशंका जताते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में हत्या के मामले में 13 साल के आरोपी की ज़मानत याचिका खारिज करने का फैसला बरकरार रखा। [2026 LiveLaw (Raj) 268]जस्टिस रवि चिरानिया की बेंच ने कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा उस समय पोस्टमार्टम न कराने के लिखित इनकार के बावजूद, परिवार को शव सौंपते समय पंचनामा करना पुलिस का कर्तव्य था।कोर्ट ने कहा,"...हालांकि शिकायतकर्ता ने उस समय हाथ से लिखा पत्र देकर पोस्टमार्टम कराने से इनकार किया, लेकिन अस्पताल में मौजूद पुलिस अधिकारी...