राज�थान हाईकोट
भर्ती परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाने का मामला: राजस्थान हाईकोर्ट ने फॉरेस्ट ऑफिसर के खिलाफ़ बरकरार रखी FIR
भर्ती परीक्षा में डमी कैंडिडेट का इस्तेमाल करने की आरोपी फॉरेस्ट ऑफिसर के खिलाफ FIR रद्द करने से इनकार करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक परीक्षा प्रक्रिया में हेरफेर से जुड़े अपराधों को शुरुआती स्तर पर ही हल्के में नहीं लिया जा सकता।जस्टिस फरजंद अली की बेंच याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कार्यरत फॉरेस्ट गार्ड पर आरोप है कि संबंधित परीक्षा में उसकी जगह एक डमी कैंडिडेट शामिल हुआ था। इसी वजह से उस पद पर उसका गैर-कानूनी चयन हुआ।कोर्ट ने कहा,"आरोप एक संवैधानिक भर्ती संस्था द्वारा...
POCSO Case: राजस्थान हाईकोर्ट ने पीड़िता की उम्र से जुड़े दस्तावेज़ मंगाने की आरोपी की अर्ज़ी को आंशिक रूप से दी मंज़ूरी
राजस्थान हाईकोर्ट ने POCSO मामले के आरोपी की उस अर्ज़ी को आंशिक रूप से मंज़ूरी दी, जिसमें उसने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत उसकी CrPC की धारा 91 की अर्ज़ी खारिज की गई थती। इस अर्ज़ी में पीड़िता की उम्र तय करने के लिए कम्युनिटी हेल्थ सेंटर द्वारा जारी उसके एडमिशन टिकट को पेश करने की मांग की गई।ट्रायल कोर्ट ने यह कहते हुए अर्ज़ी खारिज की थी कि आरोपी द्वारा पीड़िता की उम्र के संबंध में जिरह (Cross-Examination) पहले ही पूरी की जा चुकी है।CrPC की धारा 91 (दस्तावेज़ या अन्य चीज़...
ठोस सबूत के बिना आरोपी को पूरे दिन पुलिस स्टेशन में नहीं बिठाया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने दिया हत्या की जांच की निगरानी का निर्देश
हत्या की FIR रद्द करने की याचिका पर सुनवाई करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने दौसा के पुलिस अधीक्षक (SP) को निर्देश दिया कि वह 5 साल से ज़्यादा समय से लंबित जांच की निगरानी करें। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि आरोपियों को पूछताछ के बहाने बेवजह परेशान न किया जाए, जब तक कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत न हो।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की बेंच ने कहा कि जांच अधिकारी को आरोपी को पुलिस स्टेशन बुलाने और उन्हें सुबह से शाम तक वहीं रहने के लिए मजबूर करने की इजाज़त नहीं दी जा सकती, जब तक कि उनके खिलाफ किसी ठोस सबूत की...
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य की आर्द्रभूमि के लिए खतरों पर स्वतः संज्ञान लिया, तुरंत सुरक्षा उपाय करने के आदेश दिए
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य भर में वेटलैंड्स (आर्द्रभूमि) को प्रदूषण, अतिक्रमण, सीवेज बहाव, पानी के फैलाव में कमी और संरक्षण के अपर्याप्त उपायों आदि से होने वाले खतरों पर स्वतः संज्ञान लिया।संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत अधिकार, अनुच्छेद 48A और 51(A)(g) के तहत कर्तव्यों और 'पब्लिक ट्रस्ट डॉक्ट्रिन' (सार्वजनिक विश्वास सिद्धांत) पर जोर देते हुए डॉ. जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस रेखा बोराना की डिवीजन बेंच ने कहा कि राजस्थान में वेटलैंड्स के संरक्षण और टिकाऊ प्रबंधन के लिए व्यापक जनहित में...
पेनल्टी के आधार पर पुरानी रिक्तियों के लिए पदोन्नति नहीं रोकी जा सकती: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारी की पदोन्नति पर विचार करते समय पिछले सात वर्षों के सेवा रिकॉर्ड की गणना संबंधित पद की रिक्ति उत्पन्न होने की तिथि से की जाएगी, न कि उस घटना की तिथि से जिसके आधार पर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई हो।जस्टिस आनंद शर्मा की पीठ ने कहा कि किसी कर्मचारी पर लगाई गई दंडात्मक कार्रवाई (Penalty) का प्रभाव पदोन्नति पर पड़ सकता है, लेकिन यह प्रभाव केवल उन पदोन्नतियों पर लागू होगा जो दंड आदेश जारी होने के बाद दी जानी हैं। जिन पदोन्नतियों के लिए रिक्तियां दंड...
राज्य के बाहर यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व करने पर स्पोर्ट्स कोटे के तहत नियुक्ति से इनकार नहीं किया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने दी उम्मीदवार को राहत
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक उम्मीदवार को राहत दी, जिसने "बेहतरीन खिलाड़ी" (आउटस्टैंडिंग स्पोर्ट्स पर्सन) कैटेगरी में टीचर के पद पर नियुक्ति की मांग की थी। पहले उसे यह लाभ देने से इनकार कर दिया गया था क्योंकि चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए जारी उसका सर्टिफिकेट हरियाणा का प्रतिनिधित्व करने के लिए था, न कि राजस्थान का।ऐसा करते हुए कोर्ट ने विज्ञापन का हवाला दिया और कहा कि ज़रूरी शर्त 'एसोसिएशन ऑफ़ इंडियन यूनिवर्सिटीज़' द्वारा मान्यता प्राप्त 'ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट' में किसी व्यक्तिगत या...
राजस्थान हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ता के नार्को-टेस्ट से इनकार पर जताई हैरानी, हत्या की नई जांच के दिए आदेश
राजस्थान हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में शिकायतकर्ता का नार्को-टेस्ट करने से संबंधित अधिकारी के इनकार पर हैरानी जताई – जबकि शिकायतकर्ता ने इसके लिए सहमति दी थी – और इनकार का आधार यह बताया गया कि वह हिंदी में पारंगत नहीं है।कोर्ट ने कहा कि इसके बजाय अधिकारियों को किसी ऐसे व्यक्ति को नियुक्त करना चाहिए, जो उस गवाह/संदिग्ध या पीड़ित की मातृभाषा से परिचित हो, जिसकी मौजूदगी में यह टेस्ट किया जा सके। कोर्ट ने आगे कहा कि जांच अधिकारी केवल इस आधार पर जांच बंद नहीं कर सकता कि अज्ञात आरोपी व्यक्ति नहीं मिल...
गलत Answer Key और प्रश्नों से प्रभावित हो रही भर्ती प्रक्रिया, राजस्थान हाईकोर्ट ने SOP बनाने के दिए निर्देश
राजस्थान हाईकोर्ट ने सार्वजनिक भर्ती परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रही गलत उत्तर कुंजी (Answer Key) और त्रुटिपूर्ण प्रश्नों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार को वरिष्ठ IAS अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि समिति भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करे।जस्टिस आनंद शर्मा की पीठ शिक्षक ग्रेड-III लेवल-II भर्ती 2022 से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ताओं का...
वर्षों तक चुप रहने वाले दावेदार को नहीं मिलेगा पुरानी अवधि का ब्याज: राजस्थान हाईकोर्ट ने बरकरार रखा कॉमर्शियल कोर्ट का फैसला
राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि कोई दावेदार लंबे समय तक अपने कथित अधिकार को लेकर निष्क्रिय बना रहता है और उचित समय के भीतर भुगतान की मांग तक नहीं करता तो वह बाद में उस अवधि के लिए ब्याज की मांग नहीं कर सकता, जब वह स्वयं बिना किसी उचित कारण के चुप बैठा रहा हो।एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश मिश्रा और जस्टिस बिपिन गुप्ता की खंडपीठ ने कहा कि कानून उन लोगों की सहायता करता है, जो अपने अधिकारों के प्रति सजग रहते हैं न कि उन लोगों की जो वर्षों तक अपने अधिकारों पर सोए रहते...
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वैध अनुमति के बिना कोर्ट 'जल अधिनियम' के तहत अपराध का संज्ञान नहीं ले सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड या बोर्ड द्वारा अधिकृत किसी सक्षम अधिकारी की ओर से 'जल अधिनियम' की धारा 49 के तहत शिकायतकर्ता के पक्ष में वैध अनुमति न होने पर कोई भी आपराधिक कोर्ट इस अधिनियम के तहत किसी अपराध का संज्ञान नहीं ले सकता।अधिनियम की धारा 49 के अनुसार, कोई भी कोर्ट इस अधिनियम के तहत किसी अपराध का संज्ञान तब तक नहीं लेगा, जब तक कि शिकायत निम्नलिखित द्वारा न की गई हो: (क) प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड या उसकी ओर से इस संबंध में अधिकृत कोई अधिकारी; या(ख) कोई भी ऐसा व्यक्ति...
निर्धारित समय के बाद शराब बिक्री पर सख्त हुआ राजस्थान हाईकोर्ट, औचक निरीक्षण के आदेश
राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर में निर्धारित समय सीमा के बाद भी खुलेआम शराब बिक्री के मामलों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे जनस्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताया। अदालत ने कहा कि नियमों की अनदेखी कर देर रात तक शराब की बिक्री संविधान के अनुच्छेद 21 और अनुच्छेद 47 के उद्देश्यों को प्रभावित करती है तथा नागरिकों के सुरक्षित और गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार पर प्रतिकूल असर डालती है।डॉ. जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और डॉ. जस्टिस नूपुर भाटी की खंडपीठ ने इस मामले में अंतरिम आदेश...
संशोधित वेतन नियम | जान-बूझकर प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर इसे छोड़ने से जुड़ा 'नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस' नहीं मांग सकते: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने उस आदेश को रद्द किया, जिसमें राज्य सरकार को उन मेडिकल अधिकारियों का वेतन बढ़ाने का निर्देश दिया गया था, जिन्होंने 'नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस' (NPA) का विकल्प नहीं चुना था, ताकि उनका वेतन उन जूनियर अधिकारियों के बराबर हो सके, जिन्होंने NPA का विकल्प चुना था।बता दें, कानून में यह प्रावधान है कि उन मेडिकल अधिकारियों को NPA (मूल वेतन का 20% की दर से गणना की जाती है) का भुगतान किया जाए, जो कोई भी प्राइवेट प्रैक्टिस न करने का विकल्प चुनते हैं; किसी भी उल्लंघन के मामले में उन पर...
POCSO आरोपी को सशर्त जमानत: राजस्थान हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया इस्तेमाल करने पर लगाया एक साल का बैन
POCSO आरोपी को ज़मानत देते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अनोखी शर्त रखी है, जिसके तहत आरोपी 1 (एक) साल तक किसी भी तरह के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। यह शर्त पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगाई गई।जस्टिस अशोक कुमार जैन की बेंच ने यह टिप्पणी की कि अगर इस दौरान आरोपी अपने असली नाम या किसी भी काल्पनिक नाम से सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हुए पाया जाता है तो उसकी ज़मानत रद्द कर दी जाएगी।मामले की पृष्ठभूमि यह है कि नाबालिग पीड़िता के पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार...
गोल्ड मेडल विवाद: राजस्थान हाइकोर्ट ने NLU जोधपुर से छात्र की अंकतालिका जारी करने पर मांगी जानकारी
राजस्थान हाईकोर्ट ने वर्ष 2025 के 17वें दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल से वंचित किए जाने का आरोप लगाने वाले एक छात्र की याचिका पर सुनवाई करते हुए राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (NLU) जोधपुर को छात्र की अंकतालिका जारी करने के संबंध में आवश्यक निर्देश और जानकारी पूरी करने को कहा।जस्टिस संजीत पुरोहित की पीठ ने 22 मई को मामले की सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय को यह निर्देश दिया। अदालत ने मामले को जुलाई 2026 के दूसरे सप्ताह के लिए सूचीबद्ध करते हुए कहा कि इस बीच विश्वविद्यालय छात्र की अंकतालिका जारी...
गरीबी जमानत के अधिकार में बाधा नहीं बन सकती, जमानतदार न मिलने पर आरोपी को जेल में नहीं रखा जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि किसी आरोपी को केवल इस वजह से अनिश्चितकाल तक जेल में नहीं रखा जा सकता कि वह जमानतदारों की व्यवस्था करने में सक्षम नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि गरीबी किसी व्यक्ति के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकार को प्रभावित नहीं कर सकती।जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने यह टिप्पणी करते हुए एक आरोपी के लिए लगाई गई दो जमानतदार प्रस्तुत करने की शर्त को निरस्त कर दिया और उसे बढ़े हुए निजी मुचलके पर रिहा करने का निर्देश दिया।मामला घर में घुसपैठ के एक आरोपी...
महिला के कपड़े पहनाकर आरोपी को बाजार में घुमाना गरिमा पर सीधा हमला: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने आरोपी को कथित तौर पर महिला के कपड़े पहनाकर भीड़भाड़ वाले बाजार में घुमाने और उसका सिर मुंडवाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि ऐसी घटना मानव गरिमा और संवैधानिक नैतिकता के मूल सिद्धांतों पर सीधा प्रहार करती है।जस्टिस फरजंद अली की पीठ ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता के आरोप सही हैं तो उसके पास हर्जाना, मुआवजा या व्यक्तिगत क्षति से संबंधित कानूनी कार्यवाही शुरू करने का विकल्प खुला है।मामला एक धोखाधड़ी के आरोपी द्वारा दायर याचिका से जुड़ा था। याचिकाकर्ता का आरोप था कि पुलिस...
आदर्श कोऑपरेटिव सोसाइटी 'घोटाला': राजस्थान हाईकोर्ट ने अधूरी चार्जशीट के आधार पर सह-आरोपी को दी गई डिफ़ॉल्ट ज़मानत रद्द की
राजस्थान हाईकोर्ट ने IPC, प्राइज़ चिट्स एंड मनी सर्कुलेशन स्कीम (बैनिंग) एक्ट और IT Act (2000) के तहत कथित ₹9238 करोड़ के लोन घोटाले के मामले में सह-आरोपियों में से एक राजीव कुमार राणा को CrPC की धारा 167 (2) के तहत दी गई डिफ़ॉल्ट ज़मानत रद्द की।आरोपी को 4 हफ़्तों के भीतर सरेंडर करने को कहा गया। राज्य सरकार ने हाई कोर्ट में अर्ज़ी देकर ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई ज़मानत रद्द करने की मांग की थी; ट्रायल कोर्ट ने पुलिस द्वारा जमा की गई चार्जशीट को अधूरा मानते हुए CrPC की धारा 167(2) का इस्तेमाल करते...
आपराधिक मामलों की तेज़ी से जांच करने का मामला: राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से अच्छी सुविधाओं वाली जांच लैब बनाने पर विचार करने को कहा
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि आज के तेज़ रफ़्तार ज़माने में, जहां अपराधी अपराध करने के लिए नए और आधुनिक तरीके अपना रहे हैं, पुलिस की जांच व्यवस्था को आधुनिक और अच्छी सुविधाओं वाली जांच लैब से मज़बूत बनाना ज़रूरी है, जिनमें पर्याप्त वैज्ञानिक सुविधाएं हों।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की बेंच ने राजस्थान में ऐसी लैब की कमी और इसके चलते राज्य पुलिस का दूसरे राज्यों में मौजूद लैब से मिलने वाली रिपोर्ट और विश्लेषण पर निर्भर रहने की बात पर ज़ोर दिया। बेंच ने कहा कि इससे बेवजह देरी होती है, जिससे निष्पक्ष जाँच...
'अश्लील तस्वीरें फाइल करना निजता का हनन': राजस्थान हाईकोर्ट ने यौन अपराध पीड़ितों की पहचान की सुरक्षा के लिए दिशानिर्देश जारी किए
यौन अपराध से जुड़े मामलों की याचिकाओं में पक्षों की "अश्लील" तस्वीरें और वीडियो लगाने की प्रथा पर गंभीर संज्ञान लेते हुए, जिससे पीड़िता/पीड़ित की पहचान उजागर हो जाती है, राजस्थान हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट रजिस्ट्री और राज्य की निचली अदालतों के लिए ऐसी सामग्री को फाइल करने के संबंध में कई निर्देश जारी किए।अदालत ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ऐसी प्रथा के कारण पीड़िता की पहचान उजागर होने के बाद उस पर कितने बुरे प्रभाव पड़ते हैं।अनुच्छेद 21 के घोर उल्लंघन को रेखांकित करते हुए जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने...
'यह नहीं कह सकते कि मीडिया की निगेटिव कवरेज से ट्रायल खराब हुआ': राजस्थान हाईकोर्ट ने 2013 के रेप केस में आसाराम की उम्रकैद की सज़ा बरकरार रखी
राजस्थान हाईकोर्ट ने बुधवार (27 मई) को आदेश बरकरार रखते हुए आसाराम को 2013 में जोधपुर आश्रम में नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न और रेप करने के मामले में दोषी ठहराया और उसे उम्रकैद की सज़ा सुनाई। हालांकि, कोर्ट ने गैंग रेप और गंभीर यौन हमले के आरोपों में उसे दोषी ठहराने वाला फैसला रद्द कर दिया।ऐसा करते हुएकोर्ट ने आसाराम की इस दलील को खारिज किया कि मीडिया के दुष्प्रचार के कारण ट्रायल खराब हो गया। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि वह आसाराम को उसकी उम्र के आधार पर कोई रियायत नहीं दे सकता, क्योंकि वह...
















