राज�थान हाईकोट

राजस्थान सिविल सेवा अपीलीय न्यायाधिकरण में खाली पद भरें, वरना DoP के प्रधान सचिव को पेश होना होगा: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान सिविल सेवा अपीलीय न्यायाधिकरण में खाली पद भरें, वरना DoP के प्रधान सचिव को पेश होना होगा: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कार्मिक विभाग (DoP) के प्रधान सचिव को निर्देश दिया कि अगर अगली सुनवाई की तारीख से पहले राजस्थान सिविल सेवा अपीलीय न्यायाधिकरण, जयपुर में खाली पदों पर नियुक्तियां नहीं की जाती हैं तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होना होगा।जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ ने एडवोकेट जनरल का यह बयान दर्ज करने के बाद यह निर्देश जारी किया कि न्यायाधिकरण के दो सदस्यों की नियुक्ति एक सप्ताह के भीतर कर दी जाएगी।एक प्रैक्टिसिंग वकील द्वारा दायर रिट याचिका में बताया गया कि...

राजस्थान हाईकोर्ट ने मौत की सज़ा वाले सभी पेंडिंग मामलों पर फ़ैसला सुनाया: 9 मामलों में सज़ा बदली, 2 में बरी किया
राजस्थान हाईकोर्ट ने मौत की सज़ा वाले सभी पेंडिंग मामलों पर फ़ैसला सुनाया: 9 मामलों में सज़ा बदली, 2 में बरी किया

एक अहम घटनाक्रम में जोधपुर स्थित राजस्थान हाई कोर्ट ने मौत की सज़ा से जुड़े सभी पेंडिंग मामलों (रेफ़रेंस केस) पर अपना फ़ैसला सुनाया।पहला मामला 3 अक्टूबर, 2025 को तय किया गया था (स्टेट बनाम अर्जुन सिंह), जबकि बाकी 10 मामलों पर फ़ैसला इसी साल सुनाया गया। आखिरी फ़ैसला 6 अगस्त को जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चंद्र शेखर शर्मा की डिवीज़न बेंच ने सुनाया।कुल मिलाकर डिवीज़न बेंच ने 7 अप्रैल से 6 अगस्त के बीच मौत की सज़ा से जुड़े 10 मामलों पर फ़ैसला सुनाया।इन 11 मामलों में से सिर्फ़ दो मामलों में...

शादी के 4 साल बाद पति पर ड्रग्स, काला जादू और दुष्कर्म के आरोप; राजस्थान हाईकोर्ट ने FIR रद्द की
शादी के 4 साल बाद पति पर ड्रग्स, काला जादू और दुष्कर्म के आरोप; राजस्थान हाईकोर्ट ने FIR रद्द की

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महिला द्वारा अपने पति के खिलाफ दर्ज उस FIR को रद्द कर दिया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पति ने ड्रग्स, दवाइयों और काले जादू का इस्तेमाल कर उसे शादी के लिए मजबूर किया और बाद में उसके साथ दुष्कर्म किया। अदालत ने कहा कि यह आपराधिक कार्यवाही कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है।जस्टिस अनूप कुमार ढंड की पीठ ने कहा कि FIR शादी के लगभग चार साल बाद और बेटी के जन्म के एक साल बाद दर्ज कराई गई। अदालत ने पाया कि आरोप अस्पष्ट और प्रथम दृष्टया अविश्वसनीय हैं।मामले में महिला, जो पहले से...

13 साल से अधिक जेल में रहने के बाद आसाराम को पहली पैरोल, राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा- राज्य की आशंकाएं महज कल्पना
13 साल से अधिक जेल में रहने के बाद आसाराम को पहली पैरोल, राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा- राज्य की आशंकाएं महज कल्पना

राजस्थान हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराए जा चुके स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम को 20 दिन की पहली पैरोल देने का आदेश दिया।अदालत ने कहा कि आसाराम की उम्र और 13 वर्ष से अधिक समय तक जेल में रहने के तथ्य को देखते हुए वह पहली पैरोल पाने के हकदार हैं। एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने पैरोल आवेदन खारिज करने के लिए राज्य सरकार की ओर से दिए गए कारणों को खारिज करते हुए कहा कि वे भ्रामक हैं और बिना किसी आधार के महज कल्पना पर आधारित हैं।अदालत ने अपने आदेश में...

वकील से मारपीट के आरोप की जांच में गंभीर खामियां, राजस्थान हाईकोर्ट ने पुलिस आयुक्त को निगरानी का दिया निर्देश
वकील से मारपीट के आरोप की जांच में गंभीर खामियां, राजस्थान हाईकोर्ट ने पुलिस आयुक्त को निगरानी का दिया निर्देश

राजस्थान हाईकोर्ट ने वकील के साथ कथित मारपीट और अभद्रता के मामले की जांच में गंभीर खामियों पर चिंता जताते हुए पुलिस आयुक्त को स्वयं जांच की निगरानी करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और पक्षपात रहित होनी चाहिए।जस्टिस अनिल कुमार उपमन की पीठ उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें एक वकील ने आरोप लगाया कि रेस्तरां में भोजन करने के बाद लौटते समय कुछ पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की और अभद्र व्यवहार किया।याचिकाकर्ता का यह भी आरोप था कि संबंधित पुलिसकर्मी उस समय शराब के...

वक्फ संपत्तियों में जजों के सरकारी आवास, मंदिर और स्कूल दर्ज होने की खबर पर राजस्थान हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
वक्फ संपत्तियों में जजों के सरकारी आवास, मंदिर और स्कूल दर्ज होने की खबर पर राजस्थान हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक समाचार रिपोर्ट में किए गए दावों का स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज करने का निर्देश दिया।रिपोर्ट में दावा किया गया कि जोधपुर में जजों के सरकारी आवास, स्कूल, कॉलेज, मंदिर तथा कई सार्वजनिक और निजी संपत्तियां आधिकारिक अभिलेखों में वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज हैं। जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस प्रवीर भटनागर की खंडपीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि राजस्व अभिलेखों में भिन्न स्थिति होने के बावजूद अनेक बड़ी संपत्तियों को वक्फ गजट में दर्ज कर...

जनहित के आधार पर कानूनी समय-सीमा को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने देरी से अवार्ड जारी होने के कारण ज़मीन अधिग्रहण कार्यवाही रद्द की
जनहित के आधार पर कानूनी समय-सीमा को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने देरी से अवार्ड जारी होने के कारण ज़मीन अधिग्रहण कार्यवाही रद्द की

राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान हाउसिंग बोर्ड द्वारा 2011 में शुरू की गई ज़मीन अधिग्रहण की कार्यवाही रद्द की। कोर्ट ने माना कि 2017 में जारी किया गया अवार्ड, 'ज़मीन अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवज़ा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013' के तहत तय अनिवार्य समय-सीमा के दायरे में नहीं था।जस्टिस आनंद शर्मा की बेंच ने कहा कि एक बार जब 2013 के अधिनियम की धारा 24(1)(a) लागू हो गई तो कार्यवाही पर धारा 25 की समय-सीमा लागू होगी, न कि पुराने 'ज़मीन अधिग्रहण अधिनियम, 1894' की धारा 11A।कोर्ट...

RPwD Act के तहत प्रोबेशनर भी कर्मचारी, सर्विस के दौरान विकलांगता होने पर नौकरी से नहीं निकाला जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
RPwD Act के तहत प्रोबेशनर भी 'कर्मचारी', सर्विस के दौरान विकलांगता होने पर नौकरी से नहीं निकाला जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि सर्विस के दौरान विकलांग होने वाले प्रोबेशनरी सरकारी कर्मचारी को 'दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016' (RPwD Act) की धारा 20 के तहत सुरक्षा पाने का अधिकार है, और उसे सिर्फ़ इसलिए नौकरी से नहीं निकाला जा सकता क्योंकि वह प्रोबेशन पर था।जस्टिस रेखा बोराना की बेंच ने एक कॉन्स्टेबल को राहत दी, जिसकी सर्विस प्रोबेशन पीरियड के दौरान एक दुर्घटना में 100% विकलांगता होने के बाद खत्म कर दी गई। कोर्ट ने कहा कि रेगुलर भर्ती प्रक्रिया से नियुक्त कर्मचारी सिर्फ़ इसलिए "कर्मचारी" नहीं रह...

POCSO और किशोर मामलों की जांच करने वाले पुलिस अधिकारियों को कानूनी प्रशिक्षण दिया जाए: राजस्थान हाईकोर्ट
POCSO और किशोर मामलों की जांच करने वाले पुलिस अधिकारियों को कानूनी प्रशिक्षण दिया जाए: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि POCSO और किशोरों से जुड़े मामलों की जांच करने वाले पुलिस अधिकारियों को आयु निर्धारण से संबंधित कानूनी प्रावधानों का समुचित प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने यह टिप्पणी एक पॉक्सो मामले में जमानत देते हुए की, जहां जांच के दौरान पीड़िता की आयु निर्धारित करने की वैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।जस्टिस अशोक कुमार जैन ने कहा कि राजस्थान के पुलिस महानिदेशक को इस बात पर विचार करना चाहिए कि ऐसे मामलों की जांच करने वाले अधिकारियों को व्यापक कानूनी प्रशिक्षण दिया जाए...

गिरफ़्तारी के लिखित कारण न देने से आरोपी को ज़मानत का अधिकार नहीं मिलता, जब तक कि कोई नुकसान न हुआ हो: राजस्थान हाईकोर्ट
गिरफ़्तारी के लिखित कारण न देने से आरोपी को ज़मानत का अधिकार नहीं मिलता, जब तक कि कोई नुकसान न हुआ हो: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि गिरफ़्तारी के लिखित कारण न देने से आरोपी को ज़मानत का अधिकार अपने-आप नहीं मिल जाता, जब तक कि यह साबित न हो जाए कि इससे उसे कोई नुकसान हुआ है। [2026 LiveLaw (Raj) 307]कोर्ट ने कहा कि हालांकि गिरफ़्तारी के लिखित कारण देना ज़रूरी होता है, लेकिन असली बात यह है कि क्या आरोपी को गिरफ़्तारी के कारणों के बारे में बताया गया, क्या गिरफ़्तारी की जानकारी परिवार वालों को दी गई, और क्या प्रक्रिया में हुई किसी चूक से आरोपी को सच में कोई नुकसान हुआ।जस्टिस प्रमिल कुमार माथुर की बेंच...

होटलों के लिए उदयपुर की पहाड़ियों को बेरहमी से काटा गया, शहर की हालत दयनीय: हाईकोर्ट
होटलों के लिए उदयपुर की पहाड़ियों को "बेरहमी से काटा गया", शहर की हालत 'दयनीय': हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने उदयपुर की पहाड़ियों के बड़े पैमाने पर विनाश पर दुख जताया। कोर्ट ने कहा कि शहर की पहाड़ियों और पर्वतों को "बेरहमी से काटा गया" और उनकी जगह होटल, रिसॉर्ट और कमर्शियल इमारतें बना दी गई हैं, जिससे शहर की हालत "दयनीय" हो गई।जस्टिस समीर जैन की सिंगल-जज बेंच ने बसंत होटल्स प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई करते हुए ये बातें कहीं। कंपनी ने अपने होटल प्रोजेक्ट पर 2018 की हिल पॉलिसी लागू करने को चुनौती दी थी और अधिकारियों पर भेदभावपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाया।24 जुलाई को सुनवाई के...

गवाहों को धमकाना या सामाजिक बहिष्कार करना कानून के राज पर हमला, जांच अधिकारी तत्काल करें कार्रवाई: राजस्थान हाईकोर्ट
गवाहों को धमकाना या सामाजिक बहिष्कार करना कानून के राज पर हमला, जांच अधिकारी तत्काल करें कार्रवाई: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि गवाहों को धमकाना, उन पर दबाव बनाना या उनका सामाजिक बहिष्कार करना कानून के शासन की मूल भावना पर सीधा प्रहार है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान गवाहों को डराने-धमकाने या सामाजिक रूप से अलग-थलग करने का प्रयास आपराधिक न्याय व्यवस्था में गंभीर हस्तक्षेप है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।जस्टिस फरजंद अली की एकल पीठ ने जांच अधिकारी (IO) को निर्देश दिया कि यदि किसी गवाह की ओर से धमकी, दबाव या सामाजिक बहिष्कार की शिकायत दी जाती है तो उसका निष्पक्ष...

बड़ी साजिश का खुलासा होने पर दूसरी FIR दर्ज करना वैध, भले ही जानकारी पहली जांच में मिली हो: राजस्थान हाईकोर्ट
बड़ी साजिश का खुलासा होने पर दूसरी FIR दर्ज करना वैध, भले ही जानकारी पहली जांच में मिली हो: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि पहली FIR की जांच के दौरान ऐसा नया तथ्य सामने आता है, जिससे किसी अलग आपराधिक गतिविधि, अलग घटना या बड़ी साजिश का खुलासा होता है तो उसके आधार पर दूसरी FIR दर्ज करना पूरी तरह वैध है। केवल इस वजह से कि दूसरी एफआईआर का आधार पहली जांच के दौरान मिला, उसे अवैध नहीं माना जा सकता।जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू ने यह टिप्पणी करते हुए दूसरी FIR रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज की।याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि उनके खिलाफ दर्ज दूसरी FIR उसी लेनदेन से संबंधित है, जिसके लिए...

NDPS मामले में आरोपी नहीं है मालिक तो सिर्फ वाहन का रजिस्ट्रेशन न होना अंतरिम सुपुर्दगी रोकने का आधार नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
NDPS मामले में आरोपी नहीं है मालिक तो सिर्फ वाहन का रजिस्ट्रेशन न होना अंतरिम सुपुर्दगी रोकने का आधार नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि यदि किसी NDPS मामले में वाहन का मालिक आरोपी नहीं है तो केवल इस आधार पर कि वाहन का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है, उसे अंतरिम सुपुर्दगी देने से इनकार नहीं किया जा सकता।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की सिंगल बेंच ने NDPS मामले में जब्त अपंजीकृत कार को उसके मालिक के सुपुर्द करने का आदेश दिया। हालांकि, अदालत ने शर्त रखी कि वाहन मालिक 30 दिनों के भीतर उसका पंजीकरण कराएगा और तब तक उसे सार्वजनिक सड़क पर नहीं चलाएगा।मामला उस याचिका से जुड़ा था जिसमें ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी...

POCSO मामले में बरी: राजस्थान हाईकोर्ट ने बिना सुनवाई के पुलिस अधिकारी से मुआवज़ा वसूलने का आदेश रद्द किया
POCSO मामले में बरी: राजस्थान हाईकोर्ट ने बिना सुनवाई के पुलिस अधिकारी से मुआवज़ा वसूलने का आदेश रद्द किया

राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में POCSO मामले में पुलिस अधिकारी से ₹3 लाख का मुआवज़ा वसूलने का आदेश रद्द किया। कोर्ट ने कहा कि उन्हें पहले नोटिस दिए बिना और सुनवाई का मौका दिए बिना उनके खिलाफ कोई भी प्रतिकूल आदेश नहीं दिया जा सकता।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की सिंगल जज बेंच ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना याचिकाकर्ता-पुलिस अधिकारी से मुआवज़ा वसूलने का आदेश देकर प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन किया।याचिकाकर्ता ने कोटा के POCSO मामलों के स्पेशल जज के आदेश को चुनौती दी...

आत्महत्या मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने टीचर्स को दी राहत, कहा- छात्रा को पढ़ाई और उपस्थिति को लेकर डांटना आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं
आत्महत्या मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने टीचर्स को दी राहत, कहा- छात्रा को पढ़ाई और उपस्थिति को लेकर डांटना आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं

राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि किसी छात्र या छात्रा को अनियमित उपस्थिति, कमजोर शैक्षणिक प्रदर्शन या अनुशासनहीनता के लिए डांटना अथवा अनुशासनात्मक कार्रवाई करना आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं माना जा सकता।अदालत ने कहा कि जब तक आत्महत्या के लिए उकसाने, जानबूझकर सहायता करने या आवश्यक आपराधिक मंशा का स्पष्ट प्रमाण न हो, तब तक ऐसा मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 305 के तहत नहीं बनता।जस्टिस कुलदीप माथुर की पीठ ने कक्षा 12 की एक छात्रा की आत्महत्या के मामले में शिक्षकों के खिलाफ धारा 305...

जोधपुर में मांस दुकानों की जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर दखल से हाईकोर्ट का इनकार
जोधपुर में मांस दुकानों की जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर दखल से हाईकोर्ट का इनकार

राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर में कथित अवैध पशु वध और बिना लाइसेंस संचालित मांस दुकानों की जांच की मांग वाली जनहित याचिका का निस्तारण करते हुए कहा कि शहर में मांस व्यापार को नियंत्रित करने के लिए पहले से ही कानूनी व्यवस्था मौजूद है। ऐसे में अदालत को नियामकीय व्यवस्था के सूक्ष्म पहलुओं में हस्तक्षेप करने या विस्तृत जांच के आदेश देने की आवश्यकता नहीं है।डॉ. जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस प्रवीर भटनागर की खंडपीठ ने हालांकि यह स्पष्ट किया कि यदि कोई दुकान आवश्यक लाइसेंस के बिना संचालित होती पाई...

रील बनाकर लोकप्रियता हासिल करना पुलिस अधिकारी का गंभीर कदाचार: राजस्थान हाईकोर्ट, DGP को जांच के आदेश
रील बनाकर लोकप्रियता हासिल करना पुलिस अधिकारी का गंभीर कदाचार: राजस्थान हाईकोर्ट, DGP को जांच के आदेश

राजस्थान हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर रील बनाकर लोकप्रियता हासिल करने के आरोपों में एक पुलिस निरीक्षक के खिलाफ जांच के आदेश दिए।अदालत ने कहा कि पुलिस अधिकारी द्वारा अपने बेटे के साथ रील बनाना और उन्हें सोशल मीडिया मंचों पर साझा कर प्रशंसकों की संख्या बढ़ाने का प्रयास बेहद गंभीर कदाचार है। जस्टिस अशोक कुमार जैन ने राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (DGP) को पूरे मामले की जांच कर दो महीने के भीतर रिपोर्ट अदालत में पेश करने का निर्देश दिया।मामला एक जमानत याचिका से जुड़ा था जिसमें आरोपी पर लापरवाही से वाहन...