राज�थान हाईकोट

पति-पत्नी में सुलह के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने तलाक की डिक्री रद्द कर बहाल किया विवाह
राजस्थान हाईकोर्ट ने अलग रह रहे पति-पत्नी के बीच तलाक की डिक्री के बाद हुई सुलह को देखते हुए तलाक का फैसला रद्द कर उनका विवाह बहाल किया। कोर्ट ने कहा कि वैवाहिक विवाद केवल कानूनी दावों का टकराव नहीं होते, बल्कि इनके पीछे मानवीय रिश्ते और परिवार का जीवन जुड़ा होता है। महाभारत का संदर्भ देते हुए कोर्ट ने कहा कि जब पक्षकार स्वयं मतभेद खत्म कर साथ रहने का रास्ता चुनते हैं तो कानून को जहां तक संभव हो, उस शांति और पुनर्मिलन की राह को आसान बनाना चाहिए।जस्टिस उमा शंकर व्यास और जस्टिस समीर जैन की खंडपीठ...

नगर निकाय चुनाव में नामांकन खारिज होने को सिर्फ चुनाव याचिका से चुनौती दी जा सकती है: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने नगर निकाय चुनाव में नामांकन पत्र खारिज किए जाने के खिलाफ दायर याचिका खारिज करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया को चुनौती देने के लिए संविधान के अनुच्छेद 243-ZG के तहत विशेष रोक लागू है। नामांकन पत्र के गलत तरीके से खारिज किए जाने का मामला भी चुनाव से जुड़ा है और इसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत चुनाव याचिका के जरिए ही चुनौती दी जा सकती है।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने कहा कि राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 31 के तहत नामांकन पत्र को अनुचित तरीके से स्वीकार या खारिज करना...

गंभीर अपराध में दोषसिद्धि से पेंशन अपने आप जब्त नहीं हो सकती, सुनवाई का मौका देना जरूरी: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि किसी कर्मचारी के गंभीर अपराध में दोषी ठहराए जाने के आधार पर उसकी पूरी पेंशन स्वतः रोकना या जब्त करना उचित नहीं है। संबंधित प्राधिकारी को पेंशन पर दंडात्मक कार्रवाई करने से पहले कर्मचारी को नोटिस देकर अपना पक्ष रखने और परिस्थितियां बताने का उचित अवसर देना जरूरी है।जस्टिस आनंद शर्मा की पीठ ने राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के सेवानिवृत्त सहायक लेखा अधिकारी की पूरी पेंशन रोकने और जब्त करने का आदेश रद्द किया। कोर्ट ने कहा कि भले ही कर्मचारी की दोषसिद्धि...

राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: केयर लीवर्स को सरकारी शिक्षा और नौकरियों में मिलेगा 1% क्षैतिज आरक्षण
राजस्थान हाईकोर्ट ने बाल देखरेख संस्थानों में पले-बढ़े और 18 वर्ष की उम्र के बाद वहां से बाहर आने वाले युवाओं यानी केयर लीवर्स के पुनर्वास और उनके अधिकारों को लेकर महत्वपूर्ण अंतरिम निर्देश जारी किए।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने केंद्र और राज्य सरकार को केयर लीवर्स के लिए सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश और सभी श्रेणियों की सरकारी सेवाओं में 1 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने की व्यापक नीति 12 सप्ताह में अधिसूचित करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि बाल देखरेख संस्थानों से निकलने वाले अनेक...

राजस्थान हाईकोर्ट ने CLAT कैंडिडेट की रिज़र्वेशन कैटेगरी बदलने की याचिका खारिज की
राजस्थान हाईकोर्ट ने CLAT-कंसोर्टियम द्वारा पहली प्रोविज़नल लिस्ट जारी होने के बाद CLAT-2026 की एक कैंडिडेट की याचिका खारिज कर दी। कैंडिडेट अपनी रिज़र्वेशन कैटेगरी को 'अनरिज़र्व्ड जनरल-महिला' से बदलकर 'जनरल-राजस्थान डोमिसाइल' (राजस्थान का मूल निवासी) करवाना चाहती थी।जस्टिस मनीष शर्मा की बेंच ने कहा कि कट-ऑफ तारीख खत्म होने के बाद एप्लीकेशन फ़ॉर्म में देर से सुधार या बदलाव करना, खासकर रिज़र्वेशन कैटेगरी बदलना, एडमिशन प्रोसेस की पवित्रता को खत्म कर देगा, इसलिए इसकी इजाज़त नहीं दी जा सकती।कोर्ट ने...

शादी के बाद बदले हालात: राजस्थान हाईकोर्ट ने दुष्कर्म और POCSO FIR रद्द की, कहा- विवाद का मूल आधार अब नहीं रहा
राजस्थान हाईकोर्ट ने पक्षकारों के बीच समझौते और बाद में उनके विवाह को ध्यान में रखते हुए दुष्कर्म और POCSO Act के तहत दर्ज FIR रद्द की।जस्टिस अनिल कुमार उपमन की पीठ ने कहा कि परिस्थितियों में आए बदलाव से स्पष्ट है कि विवाद का मूल आधार अब अस्तित्व में नहीं है और मामले में दोषसिद्धि की संभावना बेहद कम है। मामले में याचिकाकर्ता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और POCSO Act के तहत मामला दर्ज किया गया था। याचिकाकर्ता ने दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के आधार पर एफआईआर और उससे जुड़ी आपराधिक...

राजस्थान हाईकोर्ट ने वोटर लिस्ट से नाम हटाने के खिलाफ याचिका खारिज की, आर्टिकल 243ZG के तहत रोक का हवाला दिया
राजस्थान हाईकोर्ट ने नगर पालिका आम चुनाव 2026 के लिए वोटर लिस्ट से अपना नाम हटाए जाने को चुनौती देने वाली व्यक्ति की याचिका खारिज की। कोर्ट ने भारत के संविधान के आर्टिकल 243-ZG के तहत लगाई गई रोक का हवाला दिया।आर्टिकल 243 ZG अदालतों को नगर पालिका चुनावों से जुड़े मामलों में दखल देने से रोकता है।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की बेंच ने कहा कि यह मामला आने वाले नगर पालिका चुनावों में वोट डालने से जुड़ा है, जिसके लिए राजस्थान राज्य चुनाव आयोग ने पहले ही विस्तृत चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है, इसलिए चुनाव...

राजस्थान हाईकोर्ट ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा के नतीजों की घोषणा पर रोक लगाई, मामला 'आंसर की' पर आपत्तियों से जुड़ा
राजस्थान हाईकोर्ट ने असिस्टेंट प्रोफेसर (अंग्रेज़ी) के पद पर भर्ती प्रक्रिया में चुने गए उम्मीदवारों के अंतिम नतीजों की घोषणा पर रोक लगाई।जस्टिस गणेश राम मीना की बेंच एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि असिस्टेंट प्रोफेसर (अंग्रेज़ी) पद के लिए हुई लिखित परीक्षा की मॉडल 'आंसर की' (जो 31.12.2025 को जारी की गई) पर उठाई गई आपत्तियों पर विचार किए बिना ही राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि दिसंबर 2025 में राज्य ने भर्ती प्रक्रिया की लिखित...

सरकारी डिस्पेंसरी के रिकॉर्ड की जिम्मेदारी प्रभारी डॉक्टर की, अधीनस्थ पर नहीं डाल सकते दोष: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकारी आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी के प्रभारी डॉक्टर को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की सजा बरकरार रखते हुए कहा कि डिस्पेंसरी के रिकॉर्ड और उसमें होने वाली प्रविष्टियों की जिम्मेदारी प्रभारी अधिकारी की होती है। अधीनस्थ कर्मचारी ने अपना काम ठीक से नहीं किया तो इससे प्रभारी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो जाता।जस्टिस आनंद शर्मा ने सरकारी आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी, किशनपुर, बेराठ के प्रभारी रहे डॉक्टर की याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।बता दें, डॉक्टर को एक अन्य सरकारी...

गैर-वाणिज्यिक मुकदमों में लिखित बयान की देरी माफ करने का कोई तय फार्मूला नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि गैर-वाणिज्यिक दीवानी मुकदमों में लिखित बयान दाखिल करने की समय-सीमा को लेकर कोई कठोर या तय फार्मूला नहीं अपनाया जा सकता। हर मामले में देरी के कारणों को उसके तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर परखा जाना चाहिए।जस्टिस सुदेश बंसल ने कहा कि दीवानी प्रक्रिया संहिता (CPC) के आदेश 8 नियम 1 के तहत लिखित बयान दाखिल करने की समय-सीमा अनिवार्य नहीं, बल्कि निर्देशात्मक है। हालांकि निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद लिखित बयान दाखिल करने की अनुमति मांगने वाले पक्ष को देरी के लिए पर्याप्त...

सार्वजनिक रिकॉर्ड में उपलब्ध दस्तावेज जुटाने के लिए Order XI का सहारा नहीं, कानून आलसी पक्षकार की मदद नहीं करता: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) के Order XI के नियम 12 और 14 के तहत दस्तावेजों की खोज और पेशी की प्रक्रिया का इस्तेमाल केवल इसलिए नहीं किया जा सकता कि किसी पक्षकार को अपने विरोधी के जरिए सबूत हासिल करना सुविधाजनक लग रहा है। यदि मांगे गए दस्तावेज सार्वजनिक रिकॉर्ड का हिस्सा हैं और संबंधित पक्ष उन्हें कानून के तहत खुद हासिल कर सकता है तो अदालत की प्रक्रिया को सबूत जुटाने का माध्यम नहीं बनाया जा सकता।जस्टिस संजीत पुरोहित ने यह टिप्पणी ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने...

सरकारी कर्मचारी के लिए इस्तीफा देकर चुनाव लड़ना पड़ा भारी, हाईकोर्ट ने खारिज की री-जॉइनिंग की याचिका
चुनाव लड़ने के लिए सरकारी नौकरी से इस्तीफा देने वाले कर्मचारी को चुनाव हारने के बाद दोबारा सेवा में लौटने की कोशिश भारी पड़ी। राजस्थान हाईकोर्ट ने साफ किया कि राजनीतिक दल के आधिकारिक उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने के बाद सरकारी कर्मचारी राजनीतिक निष्पक्षता का दावा नहीं कर सकता।हाईकोर्ट ने कहा कि केवल यह पता चलना कि इस्तीफा देने के बाद पेंशन संबंधी लाभ नहीं मिलेंगे, इस्तीफा वापस लेने के लिए बाध्यकारी कारण नहीं माना जा सकता। जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ ने उत्तर पश्चिम...

जैसलमेर के रामदेवरा मंदिर में साफ़-सफ़ाई, हेल्थकेयर और कानून-व्यवस्था की देखरेख के लिए हाईकोर्ट ने बनाई कमेटी
राजस्थान हाईकोर्ट ने जैसलमेर के रामदेवरा मंदिर ट्रस्ट के साथ मिलकर काम करने के लिए कमेटी बनाई। यह कमेटी भक्तों के लिए साफ़-सफ़ाई, हेल्थकेयर और कानून-व्यवस्था की ज़रूरतों पर नज़र रखेगी और इस संबंध में बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएँ तैयार करेगी।जस्टिस मुन्नूरी लक्ष्मण और जस्टिस चंद्र शेखर शर्मा की डिवीज़न बेंच एक PIL (जनहित याचिका) पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि कुछ खास महीनों में रोज़ाना आने वाले लगभग 2-3 लाख भक्तों के लिए उचित इंफ्रास्ट्रक्चर और साफ़-सफ़ाई व हेल्थकेयर जैसी...

रेवेन्यू केस को खारिज करना और साथ ही रिमांड ऑर्डर रद्द करना, वादी को अपील के अधिकार से वंचित करता है: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने रेवेन्यू बोर्ड का आदेश रद्द करते हुए कहा कि अगर रिमांड ऑर्डर के खिलाफ अपील दायर की जाती है। साथ ही ऊपरी अदालत इस बात से संतुष्ट होती है कि आदेश सही या उचित नहीं था, तो मामले को नए सिरे से फैसला करने के लिए पहली अपीलीय अदालत में वापस भेजा (रिमांड) जा सकता है, लेकिन वादी के रेवेन्यू केस को खारिज नहीं किया जा सकता।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की बेंच ने कहा कि अगर केस खारिज करने वाले ऐसे आदेशों की अनुमति दी जाती है तो अपील करने वाले को पहली अपील के अधिकार का लाभ उठाने से वंचित कर...

बिना बार काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कोई वकील के तौर पर प्रैक्टिस नहीं कर सकता, राजस्थान हाईकोर्ट ने फर्जी वकील पर लगाया 50 हजार का जुर्माना
राजस्थान हाईकोर्ट ने बिना बार काउंसिल में पंजीकरण के खुद को वकील बताकर अदालतों में पेश होने वाले एक व्यक्ति की याचिका खारिज करते हुए उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। व्यक्ति पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2) के तहत आरोप है। यह धारा प्रतिरूपण कर धोखाधड़ी करने से संबंधित है।जस्टिस रवि चिरानिया ने कहा कि कोई भी व्यक्ति तब तक वकील के तौर पर प्रैक्टिस नहीं कर सकता या खुद को वकील नहीं बता सकता, जब तक वह एडवोकेट अधिनियम 961 के प्रावधानों के अनुसार संबंधित राज्य की बार काउंसिल में...

जवाबदेही तय नहीं हुई तो पेपरलेस कोर्ट का सपना कागजों पर ही रहेगा, राजस्थान हाईकोर्ट ने दस्तावेज अपलोड में लापरवाही पर जताई नाराजगी
राजस्थान हाईकोर्ट ने मुकदमों की फाइलों को डिजिटल करने और दस्तावेजों को पेपरलेस मॉड्यूल पर अपलोड करने में बरती जा रही सुस्त और लापरवाह कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई है।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने कहा कि दस्तावेज समय पर अपलोड नहीं होने से पेपरलेस तरीके से काम कर रही अदालतों को परेशानी होती है और पेपरलेस कोर्ट की पूरी व्यवस्था का उद्देश्य ही प्रभावित होता है। पीठ ने कहा कि 2 नवंबर 2020 को रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी स्थायी आदेश में अब उचित संशोधन की जरूरत है। यह आदेश फिलहाल आपराधिक...

जमानत में देरी रोकने के लिए राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा निर्देश, 3-7 दिन में FIR की फैक्टुअल रिपोर्ट देने को कहा
राजस्थान हाईकोर्ट ने जमानत अर्जियों की सुनवाई में होने वाली अनावश्यक देरी को रोकने के लिए Government Advocate-cum-Additional Advocate General (GA-cum-AAG) के कार्यालय को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।जस्टिस रवि चिरानिया ने कहा कि खासकर छोटे/सामान्य अपराधों (petty offences) में जमानत अर्जी दाखिल होने के बाद संबंधित पुलिस थाने से 3 से 7 दिनों के भीतर FIR की फैक्टुअल रिपोर्ट मंगाई जाए, ताकि पहली सुनवाई में ही जमानत पर फैसला किया जा सके।अभी क्या होता था?कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि सामान्य...

पत्नी का साथ रहने से इनकार और पति पर झूठा केस करना क्रूरता: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा है कि पत्नी द्वारा पति के साथ सहवास से इनकार करना और उसके खिलाफ झूठा आपराधिक मामला दर्ज कराना वैवाहिक क्रूरता की श्रेणी में आता है। कोर्ट ने इसी आधार पर पति को तलाक की डिक्री देते हुए विवाह समाप्त कर दिया।जस्टिस इंदरजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ फैमिली कोर्ट द्वारा पति की तलाक याचिका खारिज किए जाने के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी।क्या है मामला?पति के अनुसार, दोनों की शादी 2004 में हुई थी, लेकिन शादी की शुरुआत से ही पत्नी का व्यवहार उसके और परिवार के...

अवैध खनन में जब्त वाहन आपराधिक मामला खत्म होने पर अपने आप नहीं छूटेगा: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने अहम फैसला देते हुए कहा कि अवैध खनन के मामले में जब्त वाहन को केवल आपराधिक कार्यवाही खत्म होने के आधार पर अपने आप रिहा नहीं किया जा सकता। खनन विभाग की ओर से शुरू की गई जब्ती की कार्यवाही और मोटर वाहन अधिनियम के तहत चलने वाली आपराधिक कार्यवाही अलग-अलग हैं। वाहन की रिहाई का फैसला खनन विभाग की कार्यवाही को ध्यान में रखने के बाद ही किया जा सकता है।मामले में याचिकाकर्ता का वाहन मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत दर्ज शिकायत में जब्त किया गया। वाहन चालक ने अपना अपराध स्वीकार किया था।...

बीमा कंपनी ने सुरक्षा खामियों की जानकारी के बावजूद प्रीमियम लिया, डकैती में बैंक का नुकसान भरना होगा: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि यदि किसी बैंक ने बीमा पॉलिसी लेने से पहले अपनी सुरक्षा व्यवस्था में कमी की जानकारी बीमा कंपनी को दे दी थी और इसके बावजूद कंपनी ने प्रीमियम स्वीकार कर पॉलिसी जारी की, तो बाद में डकैती में हुए नुकसान का दावा केवल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सुरक्षा निर्देशों का पालन नहीं होने के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की अदालत ने कहा कि बीमा कंपनी ने बैंक की सुरक्षा संबंधी स्थिति की जानकारी होने के बावजूद प्रीमियम स्वीकार कर पॉलिसी जारी की थी। ऐसे में वह...
