केरल हाईकोर्ट

समझौते की कई कोशिशें नाकाम होने के बाद पत्नी का साथ रहने का प्रस्ताव पति की तलाक की अर्ज़ी को खारिज नहीं कर सकता: केरल हाईकोर्ट
समझौते की कई कोशिशें नाकाम होने के बाद पत्नी का साथ रहने का प्रस्ताव पति की तलाक की अर्ज़ी को खारिज नहीं कर सकता: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि अगर पति-पत्नी के बीच सुलह की कई कोशिशें नाकाम हो गई हैं तो सिर्फ़ इसलिए पति को तलाक देने से मना नहीं किया जा सकता कि पत्नी साथ रहने को तैयार है। [2026 LiveLaw (Ker) 406]जस्टिस जे. निशा भानु और जस्टिस शोभा अन्नामा ईपेन की डिवीज़न बेंच ने पत्नी की अपील खारिज की, जिसमें उसने फैमिली कोर्ट द्वारा पति को दिए गए शादी खत्म करने के आदेश (डिक्री) को चुनौती दी थी।कोर्ट ने पाया कि पति-पत्नी के बीच सुलह के लिए बातचीत (मीडिएशन) के ज़रिए कई कोशिशें की गईं, लेकिन वे...

भरण-पोषण नहीं देना आर्थिक उत्पीड़न, यह भी घरेलू हिंसा में आता है: केरल हाईकोर्ट
भरण-पोषण नहीं देना आर्थिक उत्पीड़न, यह भी घरेलू हिंसा में आता है: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि पति द्वारा पत्नी और बच्चे का भरण-पोषण नहीं करना आर्थिक उत्पीड़न है और यह महिलाओं का घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, 2005 के तहत घरेलू हिंसा की श्रेणी में आता है।जस्टिस जोबिन सेबेस्टियन ने यह टिप्पणी उस आपराधिक पुनर्विचार याचिका खारिज करते हुए की, जिसमें एक पति ने पत्नी और नाबालिग बेटी को भरण-पोषण देने संबंधी निचली अदालतों के आदेश को चुनौती दी थी।मामला घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 12 के तहत दायर याचिका से जुड़ा है। चित्तूर की न्यायिक प्रथम श्रेणी...

कुछ घटनाओं के आधार पर नहीं टूट सकता विवाह, पूरे वैवाहिक जीवन को देखना होगा: केरल हाईकोर्ट
कुछ घटनाओं के आधार पर नहीं टूट सकता विवाह, पूरे वैवाहिक जीवन को देखना होगा: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि मानसिक क्रूरता का आकलन करते समय पूरे वैवाहिक जीवन को समग्र रूप से देखा जाना चाहिए। वर्षों के दौरान हुई कुछ अलग-अलग घटनाओं या सामान्य वैवाहिक विवादों को मानसिक क्रूरता मानकर तलाक नहीं दिया जा सकता।डॉ. जस्टिस ए. के. जयशंकरन नांबियार और जस्टिस प्रीता ए. के. की खंडपीठ ने यह टिप्पणी पति की अपील खारिज करते हुए की। पति ने फैमिली कोर्ट द्वारा उसकी तलाक याचिका खारिज किए जाने के आदेश को चुनौती दी थी।हाईकोर्ट ने कहा कि मानसिक क्रूरता की कोई ऐसी निश्चित और...

विदेशी वकील भारत में गवाहों से क्रॉस एग्जामिनेशन नहीं कर सकते, केवल कार्यवाही देख सकते हैं: केरल हाईकोर्ट
विदेशी वकील भारत में गवाहों से क्रॉस एग्जामिनेशन नहीं कर सकते, केवल कार्यवाही देख सकते हैं: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि भारत में अदालत द्वारा नियुक्त वकील आयुक्त के समक्ष विदेशी वकील गवाहों की मुख्य परीक्षा या क्रॉस एग्जामिनेशन नहीं कर सकते।अदालत ने कहा कि साक्ष्य दर्ज करना न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है और यह भारत में विधि व्यवसाय के दायरे में आता है, जिसकी अनुमति केवल भारतीय कानून के अनुसार अधिकृत वकीलों को है।जस्टिस मोहम्मद नियास सी. पी. ने कहा,"अधिवक्ता आयुक्त के समक्ष साक्ष्य दर्ज करना न्यायिक कार्यवाही का हिस्सा है और यह भारत में विधि व्यवसाय की श्रेणी में आता है। विदेशी...

केरल वक्फ बोर्ड के गठन को फिर हाईकोर्ट में चुनौती, CPI(M) नेता की नियुक्ति पर भी उठे सवाल
केरल वक्फ बोर्ड के गठन को फिर हाईकोर्ट में चुनौती, CPI(M) नेता की नियुक्ति पर भी उठे सवाल

केरल हाईकोर्ट में राज्य वक्फ बोर्ड के गठन को चुनौती देते हुए एक और जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। याचिका में CPI(M) नेता और पूर्व विधायक कुन्हाम्मद कुट्टी मास्टर की बोर्ड में नियुक्ति पर भी सवाल उठाए गए हैं।यह याचिका सेवानिवृत्त जूनियर वारंट ऑफिसर स्टालिन वी.एम. ने दायर की है। उनका कहना है कि राज्य सरकार ने 2 फरवरी 2026 के आदेश के जरिए वक्फ बोर्ड के 11 में से 9 सदस्यों की नियुक्ति की, लेकिन यह संशोधित वक्फ अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। याचिका में कहा गया है कि कानून के अनुसार बोर्ड...

निजी स्थान पर भी जातिसूचक अपमान सार्वजनिक दृष्टि में माना जा सकता है, यदि कई लोग मौजूद हों: केरल हाईकोर्ट
निजी स्थान पर भी जातिसूचक अपमान सार्वजनिक दृष्टि में माना जा सकता है, यदि कई लोग मौजूद हों: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) की व्याख्या करते हुए महत्वपूर्ण टिप्पणी की कि किसी निजी स्थान पर की गई जातिसूचक टिप्पणी भी सार्वजनिक दृष्टि के दायरे में आ सकती है, यदि वहां अन्य लोग मौजूद हों और अपमानजनक शब्द सुन सकें।जस्टिस ए. बदरुद्दीन ने SC/ST Act से जुड़े मामलों की विशेष अदालत, त्रिशूर द्वारा अग्रिम जमानत अर्जी खारिज किए जाने के आदेश को चुनौती देने वाली अपील पर यह फैसला सुनाया।अदालत ने कहा,“यह स्थापित विधिक सिद्धांत है कि 'सार्वजनिक...

POSH Act के तहत संस्थान के निदेशक के खिलाफ भी आंतरिक शिकायत समिति कर सकती है जांच : केरल हाईकोर्ट
POSH Act के तहत संस्थान के निदेशक के खिलाफ भी आंतरिक शिकायत समिति कर सकती है जांच : केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि यदि किसी संस्थान का निदेशक उसके प्रशासन और प्रबंधन पर पूर्ण नियंत्रण नहीं रखता और वह कार्यकारी समिति द्वारा नियुक्त कर्मचारी की श्रेणी में आता है तो उसके खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत की जांच संस्थान की आंतरिक शिकायत समिति कर सकती है।जस्टिस अनिल के. नरेंद्रन और जस्टिस मुरली कृष्ण एस. की खंडपीठ उस अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें एकल पीठ के फैसले को चुनौती दी गई।मामला इंटीग्रेटेड रूरल टेक्नोलॉजी सेंटर के निदेशक से जुड़ा है। संस्थान की एक महिला...

POCSO मामलों में उम्र साबित करने के लिए हर बार दस्तावेज जरूरी नहीं, यदि मौखिक गवाही को चुनौती न दी जाए: केरल हाईकोर्ट
POCSO मामलों में उम्र साबित करने के लिए हर बार दस्तावेज जरूरी नहीं, यदि मौखिक गवाही को चुनौती न दी जाए: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने कहा है कि POCSO Act के तहत मामलों में यदि पीड़िता और उसकी मां द्वारा बताई गई उम्र को ट्रायल के दौरान चुनौती नहीं दी जाती, तो केवल दस्तावेजी प्रमाण के अभाव में दोषसिद्धि को खारिज नहीं किया जा सकता।जस्टिस ए. बदरुद्दीन ने यह फैसला एक आपराधिक अपील पर सुनाते हुए दिया, जिसमें आरोपी ने POCSO Act की धाराओं 7 और 8 तथा IPC की धारा 354 के तहत हुई अपनी सजा को चुनौती दी थी।अभियोजन के अनुसार आरोपी एक अपार्टमेंट परिसर में सुरक्षा गार्ड था। उसने आठ वर्षीय बच्ची को कैमरा दिखाने के बहाने सुरक्षा...

बिना कारण अलग रहने की बात कहने पर आपसी सहमति से तलाक ठुकराया नहीं जा सकता : केरल हाईकोर्ट
बिना कारण अलग रहने की बात कहने पर आपसी सहमति से तलाक ठुकराया नहीं जा सकता : केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने कहा कि केवल इस आधार पर आपसी सहमति से तलाक की याचिका खारिज नहीं की जा सकती कि पति-पत्नी ने अलग रहने का कोई कारण नहीं बताया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि दोनों पक्ष विवाह समाप्त करने पर सहमत हैं, तो फैमिली कोर्ट को तलाक देने से इनकार नहीं करना चाहिए।जस्टिस जे. निशा बानू और जस्टिस शोभा अन्नम्मा ईपेन की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाते हुए फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसने आपसी सहमति से तलाक की संयुक्त याचिका खारिज की थी।मामले में दंपति का विवाह मई, 2023 में रोमन कैथोलिक रीति-रिवाज से...

द केरल स्टोरी 2 के खिलाफ नई जनहित याचिका पर सुनवाई से हाइकोर्ट का इनकार, दूसरी पीठ पर टिप्पणी करने पर याचिकाकर्ता को फटकार
'द केरल स्टोरी 2' के खिलाफ नई जनहित याचिका पर सुनवाई से हाइकोर्ट का इनकार, दूसरी पीठ पर टिप्पणी करने पर याचिकाकर्ता को फटकार

केरल हाइकोर्ट ने गुरुवार को फिल्म 'द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड' के टाइटल को बदलने की मांग वाली नई जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार किया। अदालत ने कहा कि इसी मुद्दे से जुड़े मामले पहले से ही एक अन्य समन्वय पीठ के समक्ष लंबित हैं, इसलिए इस चरण में हस्तक्षेप करना न्यायिक अनुशासन के खिलाफ होगा।चीफ जस्टिस सौमेन सेन और जस्टिस श्याम कुमार वी.एम. की खंडपीठ ने मौखिक रूप से कहा कि यदि इस याचिका पर अभी कोई आदेश दिया जाता है तो उससे उस आदेश का प्रभाव कम हो जाएगा, जिसके तहत दूसरी पीठ ने फिल्म की रिलीज की...

Breaking | केरल हाईकोर्ट ने द केरल स्टोरी 2 मूवी की रिलीज़ पर लगी रोक हटाई, सिंगल बेंच के ऑर्डर पर रोक
Breaking | केरल हाईकोर्ट ने 'द केरल स्टोरी 2' मूवी की रिलीज़ पर लगी रोक हटाई, सिंगल बेंच के ऑर्डर पर रोक

केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार (27 फरवरी) को मूवी 'द केरल स्टोरी 2 - गोज़ बियॉन्ड' की रिलीज़ का रास्ता साफ़ किया।जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और जस्टिस पी.वी. बालकृष्णन की डिवीज़न बेंच ने सिंगल जज के उस ऑर्डर पर रोक लगाई, जिसमें होने वाली इसकी रिलीज़ पर रोक लगा दी गई और केस दो हफ़्ते बाद पोस्ट किया गया।कोर्ट ने यह ऑर्डर प्रोड्यूसर विपुल अमृतलाल शाह की रिट अपील में दिया, जो सिंगल जज के उस कॉमन ऑर्डर के खिलाफ़ थीं, जिसमें मूवी की रिलीज़ पर 15 दिनों के लिए रोक लगाई गई।सिंगल जज ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ़...

सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका: केरल हाईकोर्ट ने Kerala Story 2 की रिलीज पर लगाई रोक, CBFC को पुनः परीक्षण का निर्देश
सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका: केरल हाईकोर्ट ने Kerala Story 2 की रिलीज पर लगाई रोक, CBFC को पुनः परीक्षण का निर्देश

केरल हाईकोर्ट ने फिल्म Kerala Story 2: Goes Beyond की रिलीज पर अंतरिम रोक लगाई। बता दें, यह फिल्म 27 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी।अदालत ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) को फिल्म का पुनः परीक्षण करने का निर्देश दिया।जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने अपने आदेश में कहा कि टीज़र की सामग्री, जिसे फिल्म का हिस्सा माना गया, प्रथम दृष्टया सार्वजनिक धारणा को प्रभावित करने और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की क्षमता रखती है।अदालत ने कहा कि ऐसी सामग्री का प्रसार जो कानून-व्यवस्था या सामाजिक...

केरल की कोई डिग्निटी नहीं, डिग्निटी तो इंडिया की है: केरल स्टोरी 2 के प्रोड्यूसर ने हाईकोर्ट में कहा
'केरल की कोई डिग्निटी नहीं, डिग्निटी तो इंडिया की है': केरल स्टोरी 2 के प्रोड्यूसर ने हाईकोर्ट में कहा

द केरल स्टोरी 2: गोज़ बियॉन्ड के प्रोड्यूसर ने उन याचिकाकर्ताओं के लोकस स्टैंडाई पर आपत्ति जताई, जिन्होंने केरल हाई कोर्ट में फिल्म को दिए गए सेंसर सर्टिफिकेशन को राज्य की कथित बदनामी को चुनौती देने वाली याचिकाएं दायर कीं।प्रोड्यूसर की ओर से पेश सीनियर वकील ने जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस के सामने कहा कि याचिकाएं पब्लिक इंटरेस्ट की हैं और याचिकाकर्ताओं को कोई पर्सनल शिकायत नहीं है। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ताओं की दलीलें ऐसी हैं कि वे कह रहे हैं कि उनकी डिग्निटी पर असर पड़ा है क्योंकि केरल की...

केरल सौहार्दपूर्ण राज्य, फिल्म छवि खराब करती है : हाइकोर्ट ने केरल स्टोरी 2 पर केंद्र से मांगा जवाब
केरल सौहार्दपूर्ण राज्य, फिल्म छवि खराब करती है : हाइकोर्ट ने 'केरल स्टोरी 2' पर केंद्र से मांगा जवाब

केरल हाइकोर्ट ने फिल्म केरल स्टोरी 2: गोज़ बियॉन्ड को दी गई प्रमाणन प्रमाणपत्र को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से आज ही अपना रुख स्पष्ट करने को कहा।अदालत ने यह भी पूछा कि क्या निर्णय से पहले फिल्म का विशेष प्रदर्शन न्यायालय के समक्ष कराया जा सकता है।जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने फिल्म के कुछ संवादों का लिप्यंतरण देखने के बाद मौखिक रूप से टिप्पणी की,“केरल पूरी तरह सौहार्द में रहता है। लेकिन आपने यह दिखाया कि ऐसी घटनाएं पूरे केरल में हो रही हैं। यह एक गलत संकेत देता है और...

SC/ST Act | विरोध याचिका पर विचार करते समय स्पेशल कोर्ट को पुलिस की रेफर रिपोर्ट जांचकर कारणयुक्त आदेश देना अनिवार्य: केरल हाइकोर्ट
SC/ST Act | विरोध याचिका पर विचार करते समय स्पेशल कोर्ट को पुलिस की रेफर रिपोर्ट जांचकर कारणयुक्त आदेश देना अनिवार्य: केरल हाइकोर्ट

केरल हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) के तहत दायर विरोध याचिका (प्रोटेस्ट शिकायत) पर विचार करते समय स्पेशल कोर्ट को जांच अधिकारी द्वारा दाखिल की गई रेफर रिपोर्ट का परीक्षण करना होगा और उसे स्वीकार या अस्वीकार करने के संबंध में कारणयुक्त आदेश पारित करना अनिवार्य है।जस्टिस ए. बदरुद्दीन एक अपील पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें स्पेशल कोर्ट द्वारा SC/ST Act की धारा 3(1)(r) और 3(1)(s) के तहत संज्ञान लेने के आदेश को चुनौती दी गई।मामले में...

खतरनाक पेड़ काटने के लिए मालिक को नोटिस जरूरी नहीं: केरल हाइकोर्ट 92 वर्षीय बुजुर्ग को 9 साल बाद राहत
खतरनाक पेड़ काटने के लिए मालिक को नोटिस जरूरी नहीं: केरल हाइकोर्ट 92 वर्षीय बुजुर्ग को 9 साल बाद राहत

केरल हाइकोर्ट ने एक बेहद मानवीय और सख्त टिप्पणी के साथ यह स्पष्ट किया कि यदि कोई पेड़ लोगों की जान और संपत्ति के लिए खतरा बन चुका है तो नगर निगम का सचिव मालिक को नोटिस दिए बिना भी ऐसे पेड़ों को कटवा सकता है। यह अधिकार केरल म्युनिसिपैलिटी एक्ट 1994 की धारा 412(2) के तहत दिया गया।जस्टिस पी.वी. कुन्हीकृष्णन ने यह राहत एक 92 वर्षीय बुजुर्ग को देते हुए दी, जो पिछले 9 वर्षों से अपने पड़ोसी की जमीन पर खड़े खतरनाक पेड़ों को कटवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे।कोर्ट ने इस पूरे मामले में...

केरल हाईकोर्ट ने दिया कुरान की शिक्षा देने वाले स्कूल को बंद करने का आदेश, कहा- RTE Act की मान्यता नहीं
केरल हाईकोर्ट ने दिया कुरान की शिक्षा देने वाले स्कूल को बंद करने का आदेश, कहा- 'RTE Act की मान्यता नहीं'

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में एक स्कूल को बंद करने का आदेश दिया, जो अपने स्टूडेंट्स को कुरान और उससे जुड़े विषय पढ़ा रहा था, क्योंकि यह राइट ऑफ चिल्ड्रन टू फ्री एंड कंपल्सरी एजुकेशन एक्ट, 2009 (RTE Act) की धारा 18 के अनुसार बिना वैध मान्यता के चल रहा था।जस्टिस हरिशंकर वी. मेनन दो संबंधित रिट याचिकाओं पर विचार कर रहे थे, जिनमें से एक दो व्यक्तियों ने दायर की। इन्होंने स्कूल के खिलाफ शिकायत की थी। इस शिकायत के बाद असिस्टेंट एजुकेशनल ऑफिसर ने डिस्ट्रिक्ट एजुकेशनल ऑफिसर को रिपोर्ट भेजी, जिसमें पाया...

जहां स्थिति मिलिट्री सर्विस से संबंधित नहीं है, वहां कोई दिव्यांगता पेंशन नहीं: केरल हाईकोर्ट
जहां स्थिति मिलिट्री सर्विस से संबंधित नहीं है, वहां कोई दिव्यांगता पेंशन नहीं: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल के उस आदेश को चुनौती देने वाली रिट याचिका खारिज की, जिसमें पूर्व सैनिक की जनरलाइज्ड एंग्जायटी डिसऑर्डर के लिए विकलांगता पेंशन न दिए जाने के खिलाफ आवेदन को खारिज कर दिया गया।जस्टिस के. नटराजन और जस्टिस जॉनसन जॉन की डिवीजन बेंच ने कहा कि कैजुअल्टी पेंशनरी अवार्ड्स, 1982 के एंटाइटेलमेंट नियमों के तहत सेवा में शामिल होने के समय सदस्य की अच्छी मानसिक स्थिति के बारे में जो अनुमान लगाए जाते हैं, वे तब लागू नहीं होते जब मेडिकल असेसमेंट से यह पता नहीं...