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जानिए संविधान के रक्षक भारत के सुप्रीम कोर्ट की शक्तियांजानिए संविधान के रक्षक भारत के सुप्रीम कोर्ट की शक्तियां

भारत के सुप्रीम कोर्ट (उच्चतम न्यायालय) को संविधान का रक्षक कहा जाता है तथा समय-समय पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा संविधान की रक्षा की गई है। संवैधानिक व्यवस्था के माध्यम से ही उच्चतम न्यायालय को इतना महत्व...

साक्ष्य अधिनियम भाग 3 : जानिए क्या होते हैं तथ्य, विवाधक तथ्य एवं सुसंगत तथ्यसाक्ष्य अधिनियम भाग 3 : जानिए क्या होते हैं तथ्य, विवाधक तथ्य एवं सुसंगत तथ्य

साक्ष्य अधिनियम के तहत पिछले दो आलेख में हमने देखा कि साक्ष्य में सबूत का भार किस पर होता है? इसके अलावा हमने यह भी देखा कि किस तरह एक ही संव्यवहार के भाग होने वाले तथ्यों की सुसंगति क्या होती है और...

साक्ष्य विधि : क्या होती है एक ही संव्यवहार के भाग होने वाले तथ्यों की सुसंगति, जानिए रेस जेस्टे का सिद्धांत
साक्ष्य विधि : क्या होती है एक ही संव्यवहार के भाग होने वाले तथ्यों की सुसंगति, जानिए रेस जेस्टे का सिद्धांत

साक्ष्य विधि का कार्य उन नियमों का प्रतिपादन करना है, जिनके द्वारा न्यायालय के समक्ष तथ्य साबित और खारिज किए जाते हैं। किसी तथ्य को साबित करने के लिए जो प्रक्रिया अपनाई जा सकती है, उसके नियम साक्ष्य...

क्या सांसद/विधायक वकालत कर सकते हैं, जानिए अधिवक्ता अधिनियम और सुप्रीम कोर्ट का विचार
क्या सांसद/विधायक वकालत कर सकते हैं, जानिए अधिवक्ता अधिनियम और सुप्रीम कोर्ट का विचार

वकालत पेशे से जुड़ा हर व्यक्ति यह मानता और महसूस करता है कि वकील, मुखर प्रकृति के होते हैं और वे अपनी तार्किक सोच के लिए दुनियाभर में जाने जाते हैं। कानून की शिक्षा ग्रहण करने के पश्च्यात, उन्हें...

क्या होता है सबूत का भार? जानिए साक्ष्य अधिनियम की खास बातें
क्या होता है सबूत का भार? जानिए साक्ष्य अधिनियम की खास बातें

साक्ष्य विधि का कार्य उन नियमों का प्रतिपादन करना है, जिनके द्वारा न्यायालय के समक्ष तथ्य साबित और खारिज किए जाते हैं। किसी तथ्य को साबित करने के लिए जो प्रक्रिया अपनाई जा सकती है, उसके नियम साक्ष्य...

ट्रायल शुरू होने के बाद याचिका में संशोधन: सुप्रीम कोर्ट की व्याख्या
ट्रायल शुरू होने के बाद याचिका में संशोधन: सुप्रीम कोर्ट की व्याख्या

उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि साक्ष्य के स्तर पर याचिकाओं में संशोधन की अनुमति केवल तभी दी जा सकती है, जब न्यायालय इस बात से संतुष्ट हो कि सम्यक तत्परता के बावजूद पक्षकार ट्रायल शुरू होने से पहले...

निर्भया मामला: जानिए क्यों बदली गई दोषियों को फांसी दिए जाने की तारीख?
निर्भया मामला: जानिए क्यों बदली गई दोषियों को फांसी दिए जाने की तारीख?

जैसा कि हम सब जानते हैं कि निर्भया बलात्कार-हत्या के मामले में चारों दोषियों को फांसी देने की तारीख में बदलाव किया गया है। अब चारों दोषियों को 1 फरवरी, 2020 को फांसी दी जाएगी। इससे पहले दिल्ली की एक...

क्या वकीलों को है विरोध प्रदर्शन या न्यायालय का बहिष्कार करने का अधिकार?
क्या वकीलों को है विरोध प्रदर्शन या न्यायालय का बहिष्कार करने का अधिकार?

न्यायालय, न्याय का एक ऐसा मंदिर है जहाँ एक हर कोई अपने विवाद को सुलझाने/निपटाने के लिए आता है। वकील एवं न्यायिक अधिकारी ऐसे लोगों को न्याय दिलाने में एक अहम् भूमिका निभाते हैं। यह भी अपेक्षा की जाती...

ग्रेच्युटी कानून के बारे में जानिए खास बातें
ग्रेच्युटी कानून के बारे में जानिए खास बातें

ग्रेच्युटी को हिंदी भाषा में उपदान कहा जाता है। इसका अर्थ नौकरी पेशा व्यक्तियों को रिटायरमेंट या बीमारी के कारण नौकरी नहीं कर पाने के कारण एक निश्चित धनराशि दी जाती है। यह धनराशि उस नियोजक द्वारा दी...

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