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अपील, याचिकाओं और अन्य कार्यवाहियों पर शुल्क - धारा 15 और 16 राजस्थान कोर्ट फीस मूल्यांकन अधिनियम, 1961
अपील, याचिकाओं और अन्य कार्यवाहियों पर शुल्क - धारा 15 और 16 राजस्थान कोर्ट फीस मूल्यांकन अधिनियम, 1961

राजस्थान कोर्ट फीस और वाद मूल्यांकन अधिनियम, 1961 न्यायिक कार्यवाहियों में शुल्क की गणना और संग्रहण (Collection) को सुव्यवस्थित करने के लिए एक विस्तृत कानूनी ढांचा प्रदान करता है। इस अधिनियम में पहले ही वादपत्र (Plaint) पर शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया को विस्तार से समझाने के लिए धारा 10 से लेकर धारा 13 तक के प्रावधान दिए गए हैं।इन धाराओं में यह स्पष्ट किया गया है कि किस प्रकार वादी को वाद की विषय-वस्तु (Subject Matter) का मूल्यांकन प्रस्तुत करना होगा, न्यायालय द्वारा इस मूल्यांकन की समीक्षा कैसे...

न्यायालय के निर्णय का अनुवाद और जिला मजिस्ट्रेट को भेजने की प्रक्रिया: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 405 और 406
न्यायालय के निर्णय का अनुवाद और जिला मजिस्ट्रेट को भेजने की प्रक्रिया: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 405 और 406

न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अभियुक्त (Accused) और अन्य पक्षकारों (Parties) को यह जानने का अधिकार होता है कि न्यायालय ने क्या निर्णय दिया और वह निर्णय किस आधार पर दिया गया। कई बार न्यायालय की आधिकारिक भाषा अभियुक्त या अन्य पक्षकारों की भाषा से भिन्न होती है। ऐसे मामलों में निर्णय (Judgment) का अनुवाद (Translation) आवश्यक हो जाता है ताकि सभी संबंधित पक्ष न्यायिक प्रक्रिया को पूरी तरह समझ सकें।इसके अतिरिक्त, न्यायिक प्रशासन (Judicial Administration) में समन्वय...

विशेष कारणों का उल्लेख और न्यायालय द्वारा निर्णय में बदलाव पर रोक: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 402 और 403
विशेष कारणों का उल्लेख और न्यायालय द्वारा निर्णय में बदलाव पर रोक: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 402 और 403

न्यायिक प्रणाली का मुख्य उद्देश्य केवल अपराधियों को दंड देना नहीं बल्कि उन्हें सुधारने और पुनर्वास (Rehabilitation) का अवसर देना भी है। कई मामलों में, अपराध की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय आरोपी को सीधे सजा देने की बजाय प्रोबेशन (Probation) पर छोड़ सकता है या युवा अपराधियों (Juvenile Offenders) के लिए विशेष पुनर्वास कार्यक्रम लागू कर सकता है।हालांकि, कुछ मामलों में न्यायालय को यह उपयुक्त नहीं लगता और वह प्रोबेशन या पुनर्वास की सुविधा नहीं देता। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bharatiya...