जानिए हमारा कानून
Transfer Of Property Act के अंतर्गत किसी भी ट्रांसफर की जाने वाली प्रॉपर्टी की इनकम को स्टॉक करना
इस एक्ट की धारा 17 में प्रावधान है कि संचयन के लिए निर्देश-"(1) जहाँ कि सम्पत्ति के किसी अन्तरण के निर्बन्धन निर्दिष्ट करते हैं कि उस सम्पत्ति से उद्भूत आय(क) अन्तरक के जीवन से, या(ख) अन्तरण की तारीख से, अठारह वर्ष की कालावधि से अधिक कालावधि तक पूर्णत: या भागतः संचित की जाएगी, वहाँ एतस्मिन्पश्चात् यथा उपबंधित के सिवाय ऐसा निदेश वहाँ तक शून्य होगा, जहाँ तक कि वह कालावधि, जिसके दौरान संचय करना निर्दिष्ट है, पूर्वोक्त कालावधियों में से दीर्घतर कालावधि से अधिक हो और ऐसी अन्तिम वर्णित कालावधि का अन्त...
Know The Law | Specific Relief Act की धारा 12(3) के अनुसार अनुबंध के आंशिक निष्पादन की अनुमति कब दी जा सकती है?
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि विशिष्ट राहत अधिनियम, 1963 (Specific Relief Act (SRA)) की धारा 12(3) के तहत अनुबंध के आंशिक निष्पादन का दावा तब नहीं किया जा सकता, जब निष्पादित न किया गया हिस्सा पर्याप्त और गैर-पृथक हो और वादी न तो निष्पादित न किए गए हिस्से या नुकसान के लिए दावों को छोड़ता है और न ही अनुबंध को निष्पादित करने के लिए तत्परता दिखाता है।SRA की धारा 12(3) के अनुसार, अनुबंध के आंशिक निष्पादन का दावा करने के लिए वादी को या तो अनुबंध के अप्रतिपादित हिस्से से जुड़े दावों को छोड़ना होगा...
Transfer Of Property Act में इन्फॉर्मेशन कितनी तरह की होती हैं?
इस एक्ट के अंतर्गत सूचना के विषय में उल्लेख किया गया है तथा सूचना के प्रकारों पर विस्तार से उल्लेख मिलता है।सूचना के प्रकार - सूचना को निम्नलिखित श्रेणियों में विभक्त किया गया है-वास्तविक सूचना (Actual notice)विवक्षित सूचना (Constructive notice)अभ्यारोपित सूचना (Imputed notice)वास्तविक सूचना - वास्तविक सूचना से आशय तथ्य की उस स्थिति से है जिसमें तथ्य का असली ज्ञान या पता सम्बन्धित पक्ष को होता है। किसी व्यक्ति को किसी तथ्य की सूचना देने से आशय है, उस तथ्य से उसे परिचित कराना । वास्तविक सूचना तभी...
Transfer Of Property Act में किसी भी प्रॉपर्टी का ओरल ट्रांसफर
संपत्ति अंतरण अधिनियम 1882 की धारा 9 मौखिक अंतरण के संबंध में उल्लेख कर रही है। यह धारा उपबंधित करती है कि उस दशा में जिसमें विधि द्वारा कोई लेख अभिव्यक्त रूप से अपेक्षित नहीं है संपत्ति का अंतरण लिखे बिना किया जा सकता है। इस आलेख के अंतर्गत धारा 9 से संबंधित प्रमुख बातों का उल्लेख किया जा रहा जो मौखिक अंतरण पर प्रकाश डालती है। इससे पूर्व के आलेख में संपत्ति अंतरण के पश्चात होने वाले प्रभाव पर उल्लेख किया गया था जो कि इस अधिनियम की धारा 8 से संबंधित है।मौखिक अंतरण कानून का यह नियम है कि इसके...
व्यक्तिगत संपत्ति चिह्न की नकल: भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 347
भारतीय न्याय संहिता, 2023 (Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023) में संपत्ति चिह्न (Property Marks) की सुरक्षा और उनके दुरुपयोग के खिलाफ सख्त प्रावधान दिए गए हैं। जहां धारा 345 और 346 संपत्ति चिह्न के महत्व और उनके साथ छेड़छाड़ (Tampering) से संबंधित हैं, वहीं धारा 347 इन चिह्नों की नक़ल (Counterfeiting) को अपराध मानती है।इस लेख में धारा 347 का विस्तार से विश्लेषण किया गया है, इसके उद्देश्य, कानूनी प्रभाव और उदाहरणों के साथ। साथ ही, इसे पूर्व की धाराओं से जोड़ते हुए विषय को सरल और स्पष्ट तरीके से...
आर्म्स एक्ट में गिरफ्तारी और तलाशी की प्रक्रिया : आर्म्स एक्ट, 1959 की धारा 37
आर्म्स एक्ट, 1959 भारत में हथियारों और गोला-बारूद (Arms and Ammunition) के स्वामित्व, उपयोग और भंडारण को नियंत्रित करता है। इस अधिनियम की धारा 37 गिरफ्तारी और तलाशी (Arrest and Search) से संबंधित प्रक्रियाओं को स्पष्ट करती है।यह सुनिश्चित करती है कि इन प्रक्रियाओं को दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (CrPC) के तहत निर्धारित नियमों के अनुसार निष्पादित किया जाए। इस प्रावधान का उद्देश्य है कि कानूनी प्रक्रिया का पालन हो और व्यक्तियों के अधिकार सुरक्षित रहें। CrPC के अनुसार गिरफ्तारी और तलाशी की...
महिलाओं और पुरुषों की संख्या पर पाबंदी: क्या यह पेशे की स्वतंत्रता का उल्लंघन है?
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने होटल प्रिया बनाम महाराष्ट्र राज्य के मामले में एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया, जिसमें ऑर्केस्ट्रा बार (Orchestra Bars) में पुरुष और महिलाओं के लिए समान संख्या (Gender Cap) की शर्त को असंवैधानिक घोषित किया गया।यह निर्णय संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 15(1) (लैंगिक भेदभाव पर रोक), और अनुच्छेद 19(1)(g) (पेशा करने की स्वतंत्रता) पर आधारित है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे प्रतिबंध पितृसत्तात्मक (Patriarchal) सोच पर आधारित हैं और समानता व स्वतंत्रता के...
अपराध और अभियोजन से जुड़े प्रावधान: धारा 337, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023) ने अपराध और अभियोजन प्रक्रिया (Prosecution Process) में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इसकी धारा 337 अभियोजन और सुनवाई (Trial) से जुड़े सामान्य प्रावधानों को स्पष्ट करती है।इसमें विशेष रूप से डबल जिओपार्डी (Double Jeopardy) के सिद्धांत और इसके अपवादों (Exceptions) को शामिल किया गया है। यह धारा न्याय प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के साथ-साथ कुछ विशेष परिस्थितियों में पुनः सुनवाई (Retrial) की अनुमति देती है। दोहरी...
BNSS के तहत FIR की निःशुल्क प्रति प्राप्त करने का पीड़ित का अधिकार
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (संक्षेप में 'बीएनएसएस') के उद्देश्यों और कारणों के कथन में उल्लेख किया गया है कि उस क़ानून में नागरिक केंद्रित दृष्टिकोण अपनाया गया है क्योंकि इसमें पीड़ित को प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) की प्रति प्रदान करने का प्रावधान है। संबंधित प्रावधान की बारीकी से जांच करने पर, यह पाया जा सकता है कि उक्त कथन पूरी तरह से न्यायोचित नहीं है।दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (संक्षेप में 'संहिता') की धारा 154(1) पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी द्वारा संज्ञेय अपराध के संबंध में सूचना...
Transfer Of Property Act में शाश्वतता के विरुद्ध अंतरण
कानून का उद्देश्य सम्पत्ति को सदैव के लिए बाँधने के प्रयास को निवारित करना है। यह सिद्धान्त इस सामान्य उद्देश्य पर आधारित है कि अन्तरण की स्वतंत्रता अपने स्वयं के अंत के लिए प्रयोग में नहीं लायी जा सकती है और ऐसे सभी उपाय जो शाश्वतता सृष्ट करने के लिए आशयित हैं या जो सदैव के लिए सम्पत्ति को अन्तरण की शक्ति से परे रखने के लिए आशयित हैं शून्य होंगे। संपत्ति चलन में रहना चाहिए तथा किसी एक व्यक्ति का ही उस एकाधिकार बना रह जाना चाहिए।'शाश्वतता' का अर्थ है सम्पत्ति को अनिश्चितकाल तक एक स्थान पर बाँधे...
Transfer Of Property Act के अंतर्गत जन्म लेने के पहले बच्चे के फायदे में प्रॉपर्टी का ट्रांसफर
संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 अजन्मे बालक के लाभ के लिए किए जाने वाले अंतरण पर भी प्रतिबंध लगाता है। इससे संबंधित संपत्ति अंतरण अधिनियम की धारा 13 है।इस अधिनियम में वर्णित सिद्धान्त ऐसे अन्तरणों पर लागू होते हैं जिनमें अन्तरक और अन्तरिती दोनों ही जीवित व्यक्ति हों। ऐसे अन्तरण जो अन्तरक की मृत्यु के पश्चात् प्रभावी होते हैं उनकी वैधानिकता भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 द्वारा निर्धारित होती है, किन्तु यदि सम्पत्ति का अन्तरण अजन्मे अन्तरिती के पक्ष में किया जा रहा है तो ऐसे अन्तरण की वैधानिकता इस...
संपत्ति चिह्न और उनके दुरुपयोग को समझना: भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 345 और 346
भारतीय न्याय संहिता, 2023 (Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023) में संपत्ति चिह्न (Property Marks) के उपयोग और उनके दुरुपयोग से संबंधित प्रावधान दिए गए हैं।धारा 345 और 346 में संपत्ति चिह्न की परिभाषा, झूठे संपत्ति चिह्न (False Property Marks) के उपयोग के परिणाम, और इन चिह्नों से छेड़छाड़ (Tampering) करने पर दंड का प्रावधान है। इस लेख में इन प्रावधानों को सरल हिंदी में समझाया गया है, साथ ही व्यावहारिक उदाहरण भी दिए गए हैं। धारा 345: संपत्ति चिह्न और झूठे संपत्ति चिह्न का उपयोग (Property Marks and...
परिसरों में पाए गए आर्म्स के लिए आपराधिक जिम्मेदारी : धारा 34, 35 और 36 आर्म्स अधिनियम, 1959
आर्म्स अधिनियम, 1959 (Arms Act, 1959) भारत में आर्म्स और गोला-बारूद के अधिग्रहण, स्वामित्व, और उपयोग को नियंत्रित करने के लिए एक व्यापक कानून है।इस अधिनियम का अध्याय VI विविध प्रावधानों से संबंधित है जो कानून के अनुपालन और प्रभावी कार्यान्वयन के लिए आवश्यक हैं। इसमें धारा 34, 35 और 36 शामिल हैं, जो आर्म्स के भंडारण, जिम्मेदारी और अपराधों की जानकारी देने की आवश्यकता पर केंद्रित हैं। यह प्रावधान सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और आर्म्स के दुरुपयोग को रोकने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। धारा...
सरकारी कर्मचारी, विशेषज्ञ और पुलिस अधिकारियों के साक्ष्य: धारा 336 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 336 एक ऐसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया को स्थापित करती है जो सरकारी कर्मचारी, वैज्ञानिक विशेषज्ञ और चिकित्सा अधिकारियों द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट या दस्तावेज़ों को न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति देती है। यह धारा विशेष रूप से उन स्थितियों में लागू होती है जब ये अधिकारी अदालत में प्रत्यक्ष गवाही देने के लिए अनुपलब्ध होते हैं।यह प्रावधान न्यायिक प्रक्रिया को तेज और कुशल बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें अधिकारियों के...
क्या भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए का प्रभाव पिछली तिथि से होता है?
राजस्थान राज्य बनाम तेजमल चौधरी (State of Rajasthan v. Tejmal Choudhary) के मामले में, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (Prevention of Corruption Act, 1988) की धारा 17ए की व्याख्या पर चर्चा की गई।इस प्रावधान को 2018 में संशोधन के माध्यम से जोड़ा गया था, जिसका उद्देश्य सरकारी अधिकारियों को उनके आधिकारिक कार्यों के निर्णयों की जांच से पहले अनुमति (Prior Approval) के बिना जांच होने से बचाना है। इस मामले का मुख्य प्रश्न था कि क्या यह धारा पिछली तिथि से लागू हो सकती है। कानूनी संदर्भ और प्रावधान...
Transfer Of Property Act में प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने का प्रभाव
Transfer Of Property Act की धारा 8 ट्रांसफर के प्रभाव के संबंध में उल्लेख कर रही है। इस धारा का अर्थ यह है कि ट्रांसफर के पश्चात किन चीजों का जन्म होता है तथा संपत्ति के संबंध में क्या प्रभाव उत्पन्न होते हैं अर्थात यहां ट्रांसफर के बाद की अवस्था का उल्लेख किया जा रहा है।यह धारा उपबन्धित करती है कि जब तक कि कोई भिन्न आशय व्यक्त न हो या आवश्यक रूप से विवक्षित न हो सम्पत्ति का अन्तरण अन्तरितों के पक्ष में तत्काल हो उस समस्त हित का अन्तरण कर देता है।(1) अन्तरक तत्काल उस सम्पत्ति में संक्रमित...
Transfer Of Property Act में प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने के योग्य व्यक्ति
इस अधिनियम की धारा 7 जो कि ट्रांसफर करने के लिए सक्षम पक्षकारों का उल्लेख कर रही है। Transfer Of Property Act, 1882 की धारा 7 ट्रांसफर करने के लिए सक्षम व्यक्तियों का उल्लेख कर रही है। इस धारा के अनुसार कॉन्ट्रैक्ट करने के लिए सक्षम व्यक्ति ट्रांसफर कर सकता है अन्तरिती संपत्ति का हकदार व्यक्ति उसका ट्रांसफर कर सकता है।इस धारा के अध्ययन से यह तथ्य साबित होता है कि ट्रांसफर करने के लिए सक्षम व्यक्ति को मानने के लिए दो शर्तों का पालन होना आवश्यक है- पहली शर्त है कॉन्ट्रैक्ट करने के लिए सक्षम होना...
सिविल मामले में 'मुकदमा करने का अधिकार' कब प्राप्त होता है? सुप्रीम कोर्ट ने समझाया
सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि सिविल मामले में 'मुकदमा करने का अधिकार' कब प्राप्त होता है। इसने देखा कि "मुकदमा करने का अधिकार" तब प्राप्त होता है, जब कार्रवाई का कोई ऐसा कारण हो, जो कानूनी कार्रवाई को उचित ठहराता हो। इसका मतलब है कि वादी के पास राहत मांगने का एक ठोस अधिकार है। इस अधिकार का उल्लंघन या प्रतिवादी द्वारा धमकी दी गई।पंजाब राज्य बनाम गुरदेव सिंह, (1991) 4 एससीसी 1 के मामले का संदर्भ दिया गया, जहां यह देखा गया,"'मुकदमा करने का अधिकार' शब्द का अर्थ सामान्यतः कानूनी कार्यवाही के माध्यम से...
अनुपस्थित अभियुक्त के मामले में साक्ष्य का रिकॉर्ड: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 335
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 335 उन परिस्थितियों को संबोधित करती है जहां अभियुक्त (Accused) अनुपस्थित हो, चाहे वह फरार हो या अज्ञात हो। यह प्रावधान यह सुनिश्चित करता है कि अभियुक्त की अनुपस्थिति के कारण न्याय में देरी न हो और महत्वपूर्ण साक्ष्य (Evidence) सुरक्षित रखे जा सकें।यह धारा न्याय प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने और अभियुक्त के अधिकारों के साथ संतुलन स्थापित करने के लिए बनाई गई है। इस लेख में, हम धारा 335 के प्रावधानों का सरल भाषा में विस्तृत विश्लेषण करेंगे और इसके...
कंपनियों द्वारा अपराध और उनके लिए दंड : धारा 33 आर्म्स एक्ट, 1959
आर्म्स एक्ट, 1959 (Arms Act, 1959) का उद्देश्य भारत में हथियारों और गोला-बारूद (Ammunition) के अधिग्रहण, स्वामित्व, और उपयोग को नियंत्रित करना है। यह कानून सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और हथियारों के उचित उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है।इस अधिनियम की धारा 33 (Section 33) विशेष रूप से उन अपराधों पर ध्यान केंद्रित करती है जो कंपनियों द्वारा किए जाते हैं। यह प्रावधान यह सुनिश्चित करता है कि किसी कंपनी के संचालन में शामिल व्यक्तियों और कंपनी दोनों को उनकी जिम्मेदारियों के लिए...