बॉम्बे हाईकोर्ट
'दुर्घटना' में अचानक फिसलना भी शामिल, मुआवज़े के लिए दूसरे वाहन की संलिप्तता ज़रूरी नहीं : बॉम्बे हाईकोर्ट
एक महत्वपूर्ण आदेश में बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि किसी सड़क दुर्घटना (Accident) के लिए किसी अन्य वाहन की संलिप्तता आवश्यक नहीं है। मोटरसाइकिल के फिसलने या स्किड होने को भी दुर्घटना माना जाएगा और पीड़ितों को मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) के तहत मुआवजा पाने का अधिकार होगा।हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए मृत महिला के परिजनों को 7,82,800 रुपये मुआवजा और 7.5% वार्षिक ब्याज देने का आदेश दिया। महिला की मौत उस समय हुई थी जब उनकी साड़ी मोटरसाइकिल की चैन में फँस गई, जिससे मोटरसाइकिल फिसल गई और...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने समलैंगिक जोड़े की याचिका पर नोटिस जारी किया, टैक्स छूट में 'पति/पत्नी' की परिभाषा में शामिल करने की माँग
बॉम्बे हाईकोर्ट ने भारत के अटॉर्नी जनरल को नोटिस जारी किया है, जो एक 'समलैंगिक जोड़े' द्वारा दाखिल की गई याचिका पर जारी हुआ है। इस याचिका में आयकर अधिनियम (IT Act) की धारा 56(2)(x) की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है। यह प्रावधान विषमलैंगिक (heterosexual) दंपतियों के बीच दिए गए उपहारों पर कर छूट देता है।जस्टिस बर्गेस कोलाबावाला और जस्टिस फिरदौश पूनावाला की खंडपीठ ने केंद्र सरकार से इस याचिका पर रुख स्पष्ट करने को कहा है। यह याचिका पैयो अशीहो और उनके साथी विवेक दीवान ने दायर की है। दोनों ने...
शेयरधारक को दी गई व्यावसायिक अग्रिम राशि, जिसका कंपनी के काम में उपयोग नहीं किया गया, आयकर अधिनियम के तहत डीम्ड लाभांश मानी जाएगी: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि जहां कोई कंपनी अपने किसी शेयरधारक को अग्रिम राशि प्रदान करती है और यह प्रदर्शित नहीं होता कि इस अग्रिम राशि का उपयोग कंपनी के व्यवसाय के लिए किया गया है, वहां आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 2(22)(e) के अंतर्गत उस राशि को लाभांश माना जाएगा। न्यायालय ने आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसने ऐसे अग्रिमों को लाभांश के रूप में जोड़ने को सही ठहराया था।चीफ जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस संदीप वी मार्ने की खंडपीठ एक निजी कंपनी के...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने लीलावती अस्पताल की शिकायत की पुष्टि किए बिना HDFC MD शशिधर जगदीशन को नोटिस जारी करने के मजिस्ट्रेट के आदेश को रद्द किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एचडीएफसी बैंक के प्रबंध निदेशक शशिधर जगदीशन को राहत देते हुए एक न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा लीलावती कीर्तिलाल मेहता मेडिकल ट्रस्ट की ओर से उनके खिलाफ दर्ज एक निजी शिकायत पर उन्हें नोटिस जारी करने के आदेश को रद्द कर दिया है। गौरतलब है कि शिकायतकर्ता ट्रस्ट मुंबई में प्रसिद्ध लीलावती अस्पताल चलाता है। अपनी प्राथमिकी में, ट्रस्ट ने जगदीशन पर पूर्व ट्रस्टी चेतन मेहता से 2.05 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया है, ताकि उन्हें वित्तीय सलाह दी जा सके और ट्रस्ट के संचालन पर...
MCOCA Act के तहत चल रही समवर्ती कार्यवाही SC/ST Act के तहत मुकदमे में देरी के लिए पर्याप्त कारण नहीं: हाईकोर्ट ने जमानत दी
बॉम्बे हाईकोर्ट (नागपुर पीठ) ने माना कि महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम, 1999 (MACOCA Act) के तहत लंबित मुकदमे का अपने आप में किसी अन्य मुकदमे को स्थगित रखने का पर्याप्त कारण नहीं है। इसलिए मुकदमे में प्रगति के बिना लंबे समय तक हिरासत में रखना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत शीघ्र सुनवाई के अधिकार का उल्लंघन है।जस्टिस उर्मिला जोशी-फाल्के की पीठ गोंदिया सेशन कोर्ट द्वारा आईपीसी, शस्त्र अधिनियम, SC/ST Act और बॉम्बे पुलिस एक्ट के तहत हत्या और अन्य अपराधों के आरोपी जुल्फिकार उर्फ छोटू को...
ग्राम पंचायत के नए प्रतिनिधि पुराने फैसले रद्द नहीं कर सकते: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट (नागपुर बेंच) ने माना है कि ग्रामपंचायत के निर्वाचित निकाय में बाद में बदलाव, अपने आप में, अपने पहले निकाय द्वारा पारित निर्णयों या प्रस्तावों को रद्द करने का औचित्य नहीं ठहराता है। ऐसा दृष्टिकोण स्थानीय प्रशासन की स्थिरता को कमजोर करेगा और पंचायती राज संस्थाओं के उद्देश्य के विपरीत है।जस्टिस श्रीमती एमएस जावलकर और जस्टिस प्रवीण एस. पाटिल की खंडपीठ सिद्धार्थ ईश्वर मोटघरे द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद, वर्धा के 22 दिसंबर,...
सीरियल पसंद नहीं तो मत देखो: बॉम्बे हाईकोर्ट की टिप्पणी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने ज़ी टीवी के नए धारावाहिक "तुम से तुम तक" पर दर्ज FIR रद्द करने की याचिका पर सुनवाई करते हुए शिकायतकर्ता की नीयत और पहचान को लेकर कड़ी टिप्पणियां कीं। यह धारावाहिक 46 वर्षीय पुरुष और 19 वर्षीय लड़की की प्रेम कहानी पर आधारित है।जस्टिस रविंद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंकड़ की खंडपीठ ने शिकायतकर्ता सुनील शर्मा से पूछा,“सीरियल में क्या आपत्तिजनक है? अगर आपकी सोच के अनुसार देखें तो हमें टीवी ही बंद करना पड़ेगा अगर 46 साल का अभिनेता 19 साल की लड़की से प्यार करता है तो इससे भावनाएं कैसे...
सिर्फ आधार, पैन और वोटर आईडी होना भारतीय नागरिकता का सबूत नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कथित बांग्लादेशी नागरिक को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा था कि केवल आधार कार्ड, पैन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र जैसे दस्तावेज होने से कोई व्यक्ति भारत का नागरिक नहीं हो जाता है और संबंधित व्यक्ति को इन दस्तावेजों के सत्यापन को रिकॉर्ड में रखना होगा।एक एकल कोर्ट ने याचिकाकर्ता को जमानत देने से इनकार कर दिया, जिसे पिछले साल ठाणे पुलिस ने इस आधार पर बुक किया था कि वह एक बांग्लादेशी नागरिक है और उसने भारतीय अधिकारियों को गुमराह किया और आधार कार्ड, पैन...
जुआ-संबंधी गतिविधियों में उम्मीदवार की संलिप्तता नैतिक पतन, सार्वजनिक सेवा के लिए सीधे विचार नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
किसी उम्मीदवार का जुए से जुड़ी किसी गतिविधि में शामिल होना निश्चित रूप से नैतिक पतन है और रिट कोर्ट किसी नियोक्ता को ऐसे व्यक्ति को सार्वजनिक सेवा, खासकर न्यायपालिका में, के लिए विचार करने का आदेश नहीं दे सकते, बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में यह निर्णय दिया। जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस मंजूषा देशपांडे की खंडपीठ ने जयेश लिमजे नामक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया, जिसने मुंबई के सिटी सिविल सत्र न्यायालय के प्रशासन के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसने 9 जून को उसका नाम चयन सूची से हटा...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गाजा में नरसंहार के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की सीपीआई (एम) की याचिका पर मुंबई पुलिस का रुख पूछा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार (11 अगस्त) को मुंबई पुलिस को कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) द्वारा फिलिस्तीन में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने, युद्धविराम का आह्वान करने और गाजा में जारी नरसंहार की निंदा करने के लिए दायर याचिका पर अपना रुख स्पष्ट करने का आदेश दिया। गौरतलब है कि यह दूसरी बार है जब माकपा ने गाजा में नरसंहार के विरोध में प्रदर्शन की अनुमति मांगने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इससे पहले, जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखड की पीठ ने पार्टी की आलोचना की थी कि वह...
MV Act की धारा 166 के तहत बीमा दावेदार कम कोर्ट फीस का भुगतान करने के लिए दावे की राशि सीमित कर सकता है: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि एक दावेदार मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 166 के तहत अपील दायर करते समय दावे की राशि सीमित कर सकता है ताकि प्रारंभिक चरण में कम कोर्ट फीस का लाभ उठाया जा सके और उसे मूल कार्यवाही में दावा की गई पूरी राशि पर कोर्ट फीस का भुगतान करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सके।जस्टिस शैलेश पी. ब्रह्मे MV Act की धारा 166 के तहत दावा न्यायाधिकरण द्वारा पारित निर्णय को चुनौती देने वाली अपील पर सुनवाई कर रहे थे। अपीलकर्ता ने शुरू में दुर्घटना के लिए 40 लाख रुपये के मुआवजे का दावा किया...
मनोरंजन कर के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन मूवी टिकट बुकिंग में कोई फर्क नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र एंटरटेनमेंट ड्यूटी एक्ट की धारा 2(बी) में जोड़े गए सातवें प्रावधान की संवैधानिक वैधता बरकरार रखी। इस प्रावधान के तहत सिनेमा मालिकों द्वारा ऑनलाइन मूवी टिकट बुकिंग के लिए वसूले जाने वाले अतिरिक्त शुल्क को भी मनोरंजन कर के दायरे में शामिल किया गया। अदालत ने कहा कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग की प्रक्रिया ऑफलाइन टिकट बुकिंग से अलग नहीं है। इसे संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची II के प्रविष्टि 62 के तहत कर योग्य माना जा सकता है।जस्टिस एम.एस. सोनक और जस्टिस जितेंद्र जैन की खंडपीठ...
बॉम्बे हाईकोर्ट का निर्देश: AJEY फिल्म की सर्टिफिकेशन के लिए योगी आदित्यनाथ की NOC की ज़रूरत नहीं, CBFC केवल आपत्तिजनक सीन बताएं
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) को निर्देश दिया कि वह फिल्म 'अजेय: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ अ योगी' के सर्टिफिकेशन के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लेने पर ज़ोर न दे।फिल्म निर्माता की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट को बताया गया कि CBFC के सीईओ ने उन्हें योगी आदित्यनाथ से मिलकर NOC लाने को कहा था तभी फिल्म को सर्टिफाई किया जाएगा। साथ ही CBFC अध्यक्ष ने खुद फिल्म निर्माताओं को योगी से मिलने के लिए समय दिलाने की बात कही...
महाराष्ट्र अपार्टमेंट स्वामित्व अधिनियम के तहत रखरखाव शुल्क फ्लैट मालिकों के प्रस्ताव द्वारा संशोधित नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि कॉन्डोमिनियम में अपार्टमेंट मालिकों को महाराष्ट्र अपार्टमेंट स्वामित्व अधिनियम, 1970 की धारा 10 के अनुसार अपने अविभाजित हित के अनुपात में साझा क्षेत्रों के लिए रखरखाव शुल्क का भुगतान करना होगा। न्यायालय ने कहा कि इस वैधानिक आवश्यकता को अपार्टमेंट मालिकों के संघ द्वारा पारित प्रस्तावों द्वारा संशोधित या रद्द नहीं किया जा सकता है जो इकाई के आकार की परवाह किए बिना समान शुल्क लगाने की मांग करते हैं।जस्टिस मिलिंद एन. जाधव ट्रेजर पार्क कॉन्डोमिनियम के सदस्यों द्वारा दायर एक...
तकनीकी आधार पर खारिज याचिका नहीं रोकेगी मुआवज़े की नई उम्मीद: बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
भूमि अधिग्रहण मामलों में मुआवज़े की पुनः गणना को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि यदि ज़मीन अधिग्रहण अधिनियम की धारा 18 के तहत दाखिल याचिका तकनीकी कारणों से खारिज हो गई हो और उसका गुण-दोष के आधार पर निपटारा नहीं हुआ हो तो प्रभावित व्यक्ति को धारा 28-A के तहत पुन: मुआवज़े की मांग करने का पूरा हक है।जस्टिस आर.जी. अवचट और जस्टिस नीरज पी. धोटे की खंडपीठ ने यह फैसला उस याचिका पर सुनाया, जिसमें उस्मानाबाद जिले की एक ज़मीन मालकिन ने मुआवज़े की बढ़ोतरी के लिए राहत मांगी थी।वर्ष...
क्या जाति जांच समितियां स्वतः संज्ञान लेकर जाति प्रमाणपत्रों को मान्य करने वाले अपने ही आदेशों को वापस ले सकती हैं? बॉम्बे हाईकोर्ट की बड़ी बेंच करेगी फ़ैसला
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार (4 अगस्त) को यह मामला एक बड़ी पीठ को सौंप दिया ताकि यह तय किया जा सके कि क्या जाति जांच समिति (सीएससी) को जाति प्रमाणपत्रों को वैधता प्रदान करने वाले अपने ही आदेशों को इस आधार पर स्वतः वापस लेने का अधिकार है कि वे धोखाधड़ी, गलत बयानी या तथ्यों को छिपाने के कारण दूषित थे। जस्टिस मनीष पिताले और जस्टिस यशवराज खोबरागड़े की खंडपीठ ने इसी मुद्दे पर विभिन्न खंडपीठों के अलग-अलग विचारों को देखते हुए, यह राय व्यक्त की कि इस मुद्दे को एक बड़ी पीठ के माध्यम से 'आधिकारिक रूप से'...
"पुलिस किसी का पक्ष क्यों ले रही है?", बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुस्लिम परिवार की FIR दर्ज करने से इनकार करने पर पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार (5 अगस्त) को पुणे पुलिस के एक थाना प्रभारी (SHO) के आचरण पर हैरानी जताई, जिन्होंने एक मुस्लिम परिवार की शिकायत पर इस आधार पर FIR दर्ज करने से इनकार कर दिया कि एक हिंदू परिवार द्वारा रोड रेज के एक मामले में उनके खिलाफ पहले ही FIR दर्ज की जा चुकी है। अदालत ने पुणे के पुलिस आयुक्त को संबंधित अधिकारी के खिलाफ 'कड़ी' कार्रवाई करने का आदेश दिया।जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखड की खंडपीठ ने कहा कि रोड रेज की शुरुआत हिंदू परिवार - केसवानी परिवार - के घर के बाहर हॉर्न...
एल्गर परिषद मामले के आरोपी ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया, बीमार पिता से मिलने के लिए अंतरिम ज़मानत मांगी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार (6 अगस्त) को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को भीमा कोरेगांव एल्गर परिषद मामले के आरोपी रमेश गायचोर द्वारा दायर याचिका पर निर्देश प्राप्त करने और जवाब दाखिल करने का आदेश दिया। गायचोर ने अपने बीमार पिता से मिलने के लिए अस्थायी ज़मानत मांगी है।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस राजेश पाटिल की खंडपीठ ने NIA को जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ़्ते का समय दिया।गाइचोर ने स्पेशल कोर्ट के 1 जुलाई, 2025 के आदेश को चुनौती दी, जिसने उनकी अंतरिम ज़मानत याचिका खारिज कर दी थी।गाइचोर के अनुसार उनके...
प्राथमिक न्यायालय ज़िला परिषद और पंचायत समितियों अधिनियम के तहत अधिकारियों के विरुद्ध वाद दायर करने की नोटिस अवधि को माफ नहीं कर सकता : बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि महाराष्ट्र ज़िला परिषद और पंचायत समितियां अधिनियम की धारा 280 तथा महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम की धारा 180 के तहत वाद दायर करने से पूर्व अनिवार्य नोटिस देने की जो शर्त है, उसे प्राथमिक न्यायालय माफ नहीं कर सकता। यह स्थिति दीवानी प्रक्रिया संहिता (CPC) की धारा 80(2) से अलग है, जो सीमित विवेकाधिकार प्रदान करती है। कोर्ट ने कहा कि इन प्रावधानों का अनुपालन न होने की स्थिति में वाद सुनवाई योग्य नहीं माना जाएगा।जस्टिस शैलेश पी. ब्रह्मे ने यह टिप्पणी उस सिविल...
"क्या संविधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों पर फिल्म बनाने का कोई नियम-विरोध है : बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBFC से पूछा, कहा- 'अजेय' फिल्म देखें और प्रमाणन पर निर्णय लें
बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) को निर्देश दिया कि वह 'अजेय' फिल्म को देखकर उस पर प्रमाणन (सर्टिफिकेशन) को लेकर विधिसम्मत निर्णय ले। यह फिल्म उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीवन पर आधारित एक पुस्तक पर आधारित है।जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और न्यायमूर्ति डॉ. नीला गोखले की खंडपीठ ने नाराजगी जताई कि CBFC ने 17 जुलाई को अदालत में यह कहकर आश्वासन दिया कि वह नियमों के अनुसार निर्णय लेगा। फिर भी उसने फिल्म देखे बिना ही फिल्म निर्माताओं का आवेदन अस्वीकार कर दिया।कोर्ट...


















