बॉम्बे हाईकोर्ट

महिला की संपत्ति पर भाई का दावा खारिज, हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत पति के वारिसों को प्राथमिकता: बॉम्बे हाईकोर्ट का अहम फैसला

बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 15(1) पूरी तरह लागू है और जब तक इसे असंवैधानिक घोषित नहीं किया जाता इसका पालन अनिवार्य है। अदालत ने कहा कि किसी महिला की मृत्यु के बाद उसकी संपत्ति के उत्तराधिकार का क्रम इसी प्रावधान के अनुसार तय होगा।जस्टिस फिरदौस पी. पूनीवाला ने यह फैसला उस अंतरिम आवेदन पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसमें मृत महिला के भाई ने खुद को एकमात्र वारिस बताते हुए संपत्ति के प्रबंधन का अधिकार मांगा था और अन्य पक्षों को संपत्ति से छेड़छाड़ करने से रोकने की...

NIA ने बिल्कुल नई कहानी पेश की, ATS और CBI के निष्कर्षों को नज़रअंदाज़ किया: मालेगांव धमाकों की जांच पर बॉम्बे हाईकोर्ट

2006 के मालेगांव बम विस्फोट मामले में चार व्यक्तियों को आरोपमुक्त करने के अपने आदेश में, बॉम्बे हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने कहा कि एनआईए ने महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की गई जांच का पालन नहीं किया और विस्फोटों के संबंध में एक 'पूरी तरह से नई कहानी' पेश कर दी।गौरतलब है कि मामले की शुरुआती जांच करने वाली एटीएस ने दावा किया था कि नौ व्यक्तियों (जिन्हें बाद में बरी कर दिया गया) ने साजिश रची थी और 8...

सर्विस रिकॉर्ड निजी जानकारी, RTI Act के तहत इसका खुलासा करने से छूट: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि सर्विस रिकॉर्ड निजी जानकारी होती है, जिसे सूचना का अधिकार (RTI Act) के तहत सार्वजनिक करने से छूट मिली हुई। कोर्ट ने कहा कि ऐसी जानकारी को सार्वजनिक करने का आदेश तब तक नहीं दिया जा सकता, जब तक कि संबंधित अथॉरिटी इस बात से संतुष्ट न हो जाए कि व्यापक जनहित के लिए ऐसा करना ज़रूरी है।जस्टिस आबासाहेब डी. शिंदे एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। इस याचिका में राज्य सूचना आयोग के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस के सर्विस रिकॉर्ड को सार्वजनिक...

मालेगांव ब्लास्ट मामला: हाईकोर्ट से चार आरोपियों को बड़ी राहत, आरोप तय करने का आदेश रद्द

वर्ष 2006 के मालेगांव बम विस्फोट मामले में चार आरोपियों को बड़ी राहत देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को विशेष अदालत द्वारा उनके खिलाफ आरोप तय करने का आदेश रद्द किया।हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस श्याम चंदक की खंडपीठ ने यह फैसला आरोपियों द्वारा दायर अपीलों पर सुनाया। अदालत ने माना कि आरोपियों ने प्रथम दृष्टया ऐसा मामला प्रस्तुत किया, जिसमें विशेष NIA अदालत के आदेश में हस्तक्षेप करना उचित है। हालांकि फैसले की विस्तृत प्रति अभी उपलब्ध नहीं कराई गई।यह मामला 8 सितंबर, 2006 को...

आम आदमी कहां जाए? हाईकोर्ट ने अवैध फेरीवालों के मुद्दे पर एक-दूसरे पर ज़िम्मेदारी डालने के लिए BMC और पुलिस को फटकारा

बॉम्बे हाईकोर्ट में अवैध फेरीवालों के मुद्दे पर सुनवाई मंगलवार (21 अप्रैल) को एक दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई, जब कोर्ट ने दो वकीलों को तुरंत CST रेलवे स्टेशन से लेकर हाईकोर्ट तक के इलाके का मुआयना करने के लिए भेजा।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाटा की डिवीज़न बेंच ने उपनगरीय गोरेगांव के BJP पार्षद हर्ष पटेल की शिकायत पर संज्ञान लिया। हर्ष पटेल ने बताया कि नागरिक निकाय अवैध फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रहा है, जिसके चलते वे सभी सार्वजनिक जगहों, यहाँ तक कि रेलवे प्लेटफॉर्म पर भी अपनी...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने की कार्तिक आर्यन के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा की, AI से बने कंटेंट को हटाने का दिया निर्देश

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बॉलीवुड एक्टर कार्तिक आर्यन के 'पर्सनैलिटी राइट्स' (व्यक्तित्व अधिकारों) की रक्षा करते हुए यह टिप्पणी की कि एक्टर से जुड़ा जो कंटेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाया गया, वह पहली नज़र में अश्लील है और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाता है, साथ ही उनकी ब्रांड वैल्यू को भी कम करता है।सिंगल-जज जस्टिस शर्मिला देशमुख ने 15 अप्रैल को आर्यन के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा करते हुए अंतरिम आदेश पारित किया। उन्होंने विभिन्न सोशल मीडिया इंटरमीडियरीज़ (मध्यस्थों) को निर्देश दिया कि वे उस...

चाइल्ड केयर लीव पॉलिसी मातृत्व की रक्षा करती है, इसे मना करना माँ और उसके बच्चे के अधिकारों का उल्लंघन: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि चाइल्ड केयर लीव (CCL) पॉलिसी लाकर कानून ने पारिवारिक स्थिरता में एक महिला के योगदान और अपने बच्चों के पालन-पोषण में उसकी भूमिका को मान्यता दी। इसलिए सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस पॉलिसी के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए इसे ठीक से लागू किया जाए।सिंगल-जज जस्टिस डॉ. नीला गोखले ने कहा कि महिलाओं को CCL देना न केवल उनके अपने अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि उनके बच्चों के अधिकारों की भी रक्षा करता है।जस्टिस गोखले ने टिप्पणी की,"कानून पारिवारिक स्थिरता में एक महिला...

धुरंधर स्क्रिप्ट विवाद: बॉम्बे हाईकोर्ट का दोनों पक्षकारों से समझौता करने का निर्देश, कहा- मानहानि मुकदमा आगे बढ़ाने की ज़रूरत नहीं

'धुरंधर' फ़िल्म के निर्देशक आदित्य धर द्वारा फ़िल्मकार संतोष कुमार के ख़िलाफ़ दायर मानहानि के मुक़दमे में एक नया मोड़ आया। संतोष कुमार ने आदित्य धर पर अपनी 'स्क्रिप्ट' की 'नक़ल' करने का आरोप लगाया। इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार (16 अप्रैल) को दोनों पक्षों से आग्रह किया कि वे इस विवाद को 'सुलझाने' की कोशिश करें और इसे मानहानि का मुक़दमा दायर करने की हद तक 'आगे न बढ़ाएं'।ग़ौरतलब है कि कुमार ने मीडिया के सामने दावा किया कि फ़िल्म 'धुरंधर' की स्क्रिप्ट असल में उनके मूल काम की नक़ल है,...

रिपोर्टिंग करें, तड़का न लगाएं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने रिपब्लिक टीवी और अर्नब गोस्वामी को दी नसीहत

बॉम्बे हाईकोर्ट ने उद्योगपति अनिल अंबानी से जुड़े मामलों की कवरेज को लेकर रिपब्लिक टीवी और उसके एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी को सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि रिपोर्टिंग करते समय अनावश्यक सजावट (एम्बेलिशमेंट) से बचें।जस्टिस आरिफ डॉक्टर ने साफ किया कि कोर्ट किसी तरह का प्रतिबंध (गैग ऑर्डर) लगाने के पक्ष में नहीं है लेकिन रिपोर्टिंग का लहजा संयमित होना चाहिए।सुनवाई के दौरान अंबानी की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि चैनल पर प्रसारित कार्यक्रमों में फ्रॉडस्टर और स्टुपिड जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा...

अनिश्चितकाल तक रोक नहीं लगा सकते: हाईकोर्ट ने इंग्लैंड निवासी डॉक्टर से मांगा जांच में सहयोग का भरोसा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में यूके में कार्यरत डॉक्टर डॉ. संग्राम पाटिल को राहत देते हुए कहा कि किसी व्यक्ति को अनिश्चितकाल तक रोका नहीं जा सकता।जस्टिस अश्विन भोबे ने सुनवाई के दौरान डॉक्टर पाटिल को निर्देश दिया कि वह अदालत में लिखित आश्वासन (अंडरटेकिंग) दाखिल करें जिसमें यह स्पष्ट हो कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर भारत वापस आएंगे।अदालत ने कहा कि जांच एजेंसी को भी अपनी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी...

1993 बम धमाका मामला: अबू सलेम को राहत नहीं, हाईकोर्ट ने समयपूर्व रिहाई की याचिका खारिज की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 1993 मुंबई बम धमाका मामले के दोषी अबू सलेम की समयपूर्व रिहाई की याचिका खारिज की। सलेम ने दावा किया था कि वह 25 साल की सजा पूरी कर चुका है और भारत-पुर्तगाल के बीच हुए प्रत्यर्पण समझौते के अनुसार उसे रिहा किया जाना चाहिए।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खाता की खंडपीठ ने ओपन कोर्ट में आदेश सुनाते हुए कहा कि इस समय रिहाई पर कोई अंतिम टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।अदालत ने कहा,“सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार रिहाई और रिमिशन की गणना रिहाई से एक माह पहले की जानी है, इसलिए इस स्तर पर...

बिना प्रक्रिया बैंक अकाउंट फ्रीज करना गैरकानूनी: बॉम्बे हाईकोर्ट ने अधिकारी पर 25 हजार का जुर्माना लगाया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए बिना बैंक अकाउंट अटैच करना संविधान के अनुच्छेद 300ए के तहत संपत्ति के अधिकार का उल्लंघन है। अदालत ने इस मामले में संबंधित अधिकारी पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।जस्टिस जी. एस. कुलकर्णी और जस्टिस आरती साठे की खंडपीठ याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें राज्य कर विभाग द्वारा 23 जनवरी, 2026 को जारी बैंक अकाउंट की अस्थायी अटैचमेंट आदेश को चुनौती दी गई।याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि बिना कोई ठोस आधार बनाए, बिना उचित कारण...

पोंडा उपचुनाव पर रोक: बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कहा- एक वर्ष से कम शेष कार्यकाल होने पर चुनाव नहीं

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गोवा के पोंडा विधानसभा क्षेत्र के प्रस्तावित उपचुनाव रद्द करते हुए महत्वपूर्ण फैसला दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि किसी सीट के लिए होने वाले उपचुनाव के बाद निर्वाचित प्रतिनिधि के पास एक वर्ष से कम कार्यकाल बचता है तो ऐसा उपचुनाव नहीं कराया जा सकता।यह मामला भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा 16 मार्च 2026 को जारी अधिसूचना को चुनौती देने से जुड़ा था, जिसमें पोंडा सीट पर उपचुनाव की घोषणा की गई।जस्टिस वाल्मीकि मेनेज़ेस और जस्टिस अमित एस. जामसांडेकर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान...

साइबर ठगी में फंसे कारोबारी को राहत: बॉम्बे हाईकोर्ट ने HDFC बैंक को ₹38.04 लाख लौटाने का दिया आदेश

बॉम्बे हाईकोर्ट ने साइबर धोखाधड़ी के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए HDFC बैंक को निर्देश दिया कि वह पुणे के कारोबारी को 38.04 लाख रुपये वापस करे। अदालत ने कहा कि ग्राहक की कोई गलती नहीं पाई गई और वह “शून्य देयता” के सिद्धांत का लाभ पाने का हकदार है।जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजूषा देशपांडे की खंडपीठ ने यह आदेश देते हुए स्पष्ट किया कि धोखाधड़ी सिम स्वैपिंग/क्लोनिंग के जरिए की गई, जिसमें ग्राहक की कोई भूमिका नहीं थी।मामले के अनुसार, 14 सितंबर 2021 को कारोबारी के खाते में तीन अज्ञात लोगों को...

प्रेम संबंध में विवाह कर संतान होने पर किशोरों को परेशान नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट ने POCSO FIR रद्द की

बॉम्बे हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि प्रेम संबंध में जुड़े दो किशोर यदि विवाह कर लेते हैं और उनके संबंध से संतान जन्म लेती है तो ऐसे मामलों में पोक्सो कानून और बाल विवाह निषेध कानून के तहत उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए।औरंगाबाद पीठ में जस्टिस संतोष चपलगांवकर ने राहुल सुरुषे के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करते हुए यह टिप्पणी की। यह FIR लड़की के पिता की शिकायत पर दर्ज की गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि युवक ने उनकी नाबालिग बेटी से संबंध बनाकर विवाह किया।अदालत ने पाया कि घटना के...

अदालतें असली और मनगढ़ंत मामलों में फ़र्क करें, जहां लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा हो: बॉम्बे हाईकोर्ट ने MCOCA आरोपी को ज़मानत देने से किया इनकार

महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) 1999 के तहत आरोपी द्वारा किए गए 'सोची-समझी' कोशिश को देखते हुए, ताकि मुक़दमा शुरू ही न हो, बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में इस बात पर ज़ोर दिया कि अदालतों को 'लंबे समय तक जेल में रहने' के 'असली' मामलों और 'मनगढ़ंत' मामलों के बीच फ़र्क करना चाहिए; ऐसे मामलों में मुक़दमे में देरी का कारण आरोपी ही होता है।सिंगल जज जस्टिस रवींद्र जोशी ने रंगदारी के मामले में आरोपी द्वारा दायर ज़मानत याचिका पर फ़ैसला सुनाते हुए कहा कि उनके सामने पेश आवेदक विक्रम भुतेकर ने...