जानिए हमारा कानून
वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981, की धारा 21: वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए सहमति तंत्र
वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981, औद्योगिक स्रोतों से होने वाले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक महत्वपूर्ण नियामक तंत्र (Critical Regulatory Mechanism) स्थापित करता है। धारा 21 इस ढाँचे (Framework) का एक आधारशिला (Cornerstone) है, जो औद्योगिक संयंत्रों (Industrial Plants) के लिए एक घोषित वायु प्रदूषण नियंत्रण क्षेत्र (Air Pollution Control Area) में स्थापित या संचालित होने से पहले राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (State Pollution Control Board - SPCB) से सहमति (Consent)...
भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 16-17: महानिदेशक और आयोग के अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति
हमने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India - CCI) के प्रमुख पदाधिकारियों, यानी अध्यक्ष (Chairperson) और सदस्यों (Members) के बारे में विस्तार से चर्चा की। लेकिन CCI का काम सिर्फ इन्हीं कुछ लोगों तक सीमित नहीं है।Competition Act के नियमों का उल्लंघन करने वाले मामलों की जांच करने और आयोग को उसके कार्यों में सहायता देने के लिए एक बड़ी टीम की आवश्यकता होती है। भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 16 (Section 16) और धारा 17 (Section 17) इसी टीम के बारे में बात करती हैं। धारा 16:...
क्या जिला न्यायपालिका से नियुक्त हाईकोर्ट जज की पेंशन उनकी अंतिम सैलरी के अनुसार तय होनी चाहिए?
संवैधानिक और विधिक ढांचा (Constitutional and Statutory Framework)यह मामला मुख्य रूप से High Court Judge की Pension से जुड़ा है, विशेषकर तब जब वह Judge District Judiciary (जिला न्यायपालिका) से प्रोन्नत होकर High Court में नियुक्त होते हैं और बीच में थोड़े समय का Break (अवधि-रहित अंतराल) आ जाता है। इसमें संविधान के अनुच्छेद 217 और अनुच्छेद 221 प्रमुख हैं। अनुच्छेद 217, High Court Judge की नियुक्ति को नियंत्रित करता है, जबकि अनुच्छेद 221(2) कहता है कि किसी Judge को Parliament द्वारा तय की गई...
क्या Negotiable Instruments Act की धारा 143A के तहत अंतरिम मुआवज़ा देना अदालत की मजबूरी है या विवेकाधीन अधिकार?
Supreme Court ने Rakesh Ranjan Shrivastava बनाम झारखंड राज्य (2024) में यह तय किया कि Negotiable Instruments Act, 1881 की धारा 143A(1) में अदालत को जो शक्ति दी गई है कि वह चेक बाउंस (Cheque Bounce) के मामलों में अंतरिम मुआवज़ा (Interim Compensation) देने का आदेश दे सकती है वह अनिवार्य (Mandatory) है या विवेकाधीन (Discretionary)।अदालत ने यह स्पष्ट किया कि इस धारा में प्रयुक्त “may” (कर सकती है) शब्द को अनिवार्य नहीं माना जा सकता। इस निर्णय ने इस कानून के दुरुपयोग को रोकने और निष्पक्षता सुनिश्चित...
वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 19-20 : वायु प्रदूषण नियंत्रण क्षेत्रों की घोषणा और विनियमन
वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981, का अध्याय IV, वायु प्रदूषण को सक्रिय रूप से रोकने और नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार की विशिष्ट शक्तियों (Specific Powers) को रेखांकित करता है।ये धाराएँ सरकार को सख्त प्रदूषण नियंत्रण (Stricter Pollution Control) के लिए विशिष्ट क्षेत्रों (Specific Areas) को नामित करने और प्रदूषण के स्रोतों (Sources of Pollution), जैसे कुछ ईंधन, उपकरण और यहाँ तक कि सामग्री को जलाने पर भी प्रतिबंध लगाने का अधिकार देती हैं। यह अधिनियम ऑटोमोबाइल (Automobiles) से...
पंजीकरण अधिनियम, 1908 - धारा 47- 50: पंजीकरण और गैर-पंजीकरण के प्रभाव
धारा 47. पंजीकृत दस्तावेज़ कब से प्रभावी होता है (Time from which registered document operates)यह धारा पंजीकरण के सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांतों में से एक को स्थापित करती है: पंजीकरण का पूर्वव्यापी प्रभाव (retrospective effect)। इसमें कहा गया है कि एक पंजीकृत दस्तावेज़ उस समय से प्रभावी माना जाएगा जिस समय से वह प्रभावी होना शुरू होता, यदि उसके पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होती या उसे पंजीकृत नहीं किया गया होता। यह पंजीकरण के समय से प्रभावी नहीं होता। • उदाहरण: यदि एक संपत्ति का बिक्री विलेख 1 जनवरी को...
भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 12-15 : CCI के अध्यक्ष और सदस्यों के लिए सेवा के नियम
हमने पिछले खंडों में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India - CCI) के गठन, संरचना और सदस्यों के कार्यकाल से संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधानों को देखा। अब हम इस बात पर चर्चा करेंगे कि जब अध्यक्ष (Chairperson) और सदस्य (Members) अपना कार्यकाल पूरा कर लेते हैं, तो उनके लिए क्या नियम होते हैं।साथ ही, CCI के भीतर उनके प्रशासनिक अधिकार, वेतन और सेवा की शर्तें क्या हैं, और कुछ कमियों के बावजूद आयोग का काम कैसे जारी रहता है। भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 12 (Section 12), 13 (Section...
पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 42 - 46: वसीयत के जमा करने पर प्रक्रिया
आइए पंजीकरण अधिनियम, 1908 (Registration Act, 1908) के भाग IX को समझते हैं, जो वसीयतों को जमा करने (Deposit of Wills) से संबंधित है। पंजीकरण के अलावा, यह भाग एक अतिरिक्त सुविधा प्रदान करता है जहाँ कोई व्यक्ति अपनी वसीयत को गोपनीय तरीके से रजिस्ट्रार के पास जमा कर सकता है, जिससे उसकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।42. वसीयतों का जमा (Deposit of wills)यह धारा वसीयत को जमा करने की प्रक्रिया को परिभाषित करती है। कोई भी वसीयतकर्ता (testator), या तो व्यक्तिगत रूप से (personally) या विधिवत अधिकृत एजेंट (duly...
भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 10 और धारा 11: CCI के अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल, इस्तीफ़ा और पद से हटाना
हमने पिछले खंड में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India - CCI) की स्थापना और संरचना के बारे में जाना। अब हम इस बात पर ध्यान देंगे कि CCI के अध्यक्ष (Chairperson) और सदस्यों (Members) का कार्यकाल (term of office) कितना होता है और उन्हें किन परिस्थितियों में अपने पद से हटना पड़ सकता है। भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 10 (Section 10) और धारा 11 (Section 11) इन महत्वपूर्ण पहलुओं को विस्तार से बताती हैं।धारा 10: कार्यकाल और रिक्ति (Term of Office and Vacancy)धारा 10(1) CCI...
क्या अधूरी Chargesheet से पूरा आपराधिक मामला प्रभावित हो सकता है?
पुलिस रिपोर्ट का महत्व आपराधिक मामलों मेंCode of Criminal Procedure (CrPC) की धारा 173(2) के तहत दी जाने वाली Police Report (अंतिम रिपोर्ट या Chargesheet) किसी भी आपराधिक मुकदमे का मूल आधार होती है। Dablu Kujur बनाम झारखंड राज्य (2024) में Supreme Court ने यह स्पष्ट किया कि यदि यह रिपोर्ट अधूरी या ढीली तरह से तैयार की गई हो, तो यह न केवल अभियोजन (Prosecution) को नुकसान पहुंचा सकती है बल्कि आरोपी के अधिकारों और मुकदमे की निष्पक्षता (Fairness) को भी प्रभावित कर सकती है। यह निर्णय इस बात पर...
वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 18: Boards के निर्देश देने की शक्ति: केंद्र और राज्य सरकार का अधिकार और हस्तक्षेप
वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981, यह सुनिश्चित करने के लिए एक स्पष्ट पदानुक्रम (Hierarchy) और कमांड की श्रृंखला (Chain of Command) स्थापित करता है कि प्रदूषण नियंत्रण प्रयासों का राष्ट्रीय और राज्य नीतियों के साथ समन्वय और संरेखण (Alignment) हो।इस संबंध में अधिनियम की धारा 18 महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह केंद्र और राज्य सरकारों, साथ ही केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Central Pollution Control Board - CPCB) को बोर्डों को बाध्यकारी निर्देश (Binding Directions) देने की शक्ति प्रदान...
पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 40 और 41: वसीयत और दत्तक ग्रहण प्राधिकार को प्रस्तुत करना
आइए, पंजीकरण अधिनियम, 1908 (Registration Act, 1908) के भाग VIII को समझते हैं, जो वसीयत (Wills) और दत्तक ग्रहण के प्राधिकार (Authorities to Adopt) जैसे दस्तावेजों को पंजीकृत करने की प्रक्रिया पर केंद्रित है। यह भाग इन संवेदनशील दस्तावेजों के लिए एक विशिष्ट प्रक्रिया प्रदान करता है।धारा 40. वसीयत और दत्तक ग्रहण प्राधिकार प्रस्तुत करने के हकदार व्यक्ति (Persons entitled to present wills and authorities to adopt)यह धारा उन व्यक्तियों को परिभाषित करती है जिन्हें वसीयत और दत्तक ग्रहण प्राधिकार को...
क्या बिना VVPAT की 100% गिनती के चुनावों की निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सकती है?
Supreme Court ने Association for Democratic Reforms बनाम Election Commission of India (2024) मामले में Electronic Voting System (EVM प्रणाली) की वैधानिकता और पारदर्शिता (Transparency) से जुड़ी संवैधानिक (Constitutional) बातों पर विचार किया।इस मुकदमे में EVM की पारदर्शिता, मतदाता की पुष्टि (Verification) का अधिकार, और न्यायपालिका की भूमिका जैसे मूलभूत मुद्दे (Fundamental Issues) शामिल थे। अदालत ने तथ्यों की बजाय उस व्यवस्था (Systemic Safeguards) पर ध्यान केंद्रित किया जो पहले से ही लागू है और...
भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 9-11: भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के पदाधिकारियों का चयन, कार्यकाल और पद से हटाना
हमने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की स्थापना, उसकी संरचना, और अध्यक्ष (Chairperson) व सदस्यों (Members) के कार्यकाल के बारे में जाना। लेकिन इन महत्वपूर्ण पदों पर बैठे लोगों का चयन कैसे होता है? यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि ये पद ऐसे व्यक्तियों को दिए जाएं जो योग्य, निष्पक्ष और जानकार हों। भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 9 (Section 9) इसी प्रक्रिया को परिभाषित करती है, जिसे चयन समिति (Selection Committee) कहते हैं।धारा 9: चयन समिति (Selection Committee)धारा 9(1) में यह बताया गया है कि CCI...
Boards के अधिकार और कार्य: वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 16-17
वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981, हवा की गुणवत्ता में सुधार और प्रदूषण को रोकने के अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (State Pollution Control Boards) दोनों को महत्वपूर्ण अधिकार देता है।अधिनियम का अध्याय III विशेष रूप से इन निकायों को सौंपे गए कार्यों की विस्तृत श्रृंखला का वर्णन करता है, जिसमें उनकी सलाहकार (Advisory), नियोजन (Planning), समन्वयकारी (Coordinative) और प्रवर्तन (Enforcement) भूमिकाएँ शामिल हैं। ये प्रावधान वायु प्रदूषण...
The Hindu Succession Act में वसीयत करने का अधिकार
इस अधिनियम की धारा 30 के अंतर्गत किसी हिंदू व्यक्ति को यह अधिकार दिया गया है कि वह अपनी संपत्ति को कहीं भी वसीयत कर सकता है, यहां तक वह अपनी साहदायिकी संपत्ति को भी वसीयत कर सकता है। साहदायिकी संपत्ति उस संपत्ति को कहा जाता है जो संयुक्त परिवार की संपत्ति होती है तथा जिसमें सभी साहदायिक अधिकारी होते हैं।कोई भी हिंदू व्यक्ति अपनी संपत्ति की वसीयत भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम 1925 के प्रावधानों के अंतर्गत करता है। भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम 1925 समस्त भारत के नागरिकों पर लागू होता है। इस अधिनियम के...
The Hindu Succession Act की धारा 22 के प्रावधान
हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 की धारा- 22 संपत्ति के वारिसों को एक दूसरे के विरुद्ध अग्रक्रयाधिकार का विकल्प उपलब्ध करती है। इस धारा की महत्वपूर्ण बात यह है कि यह धारा संपत्ति में किसी बाहरी व्यक्ति की घुसपैठ को रोकती है अर्थात कोई अंशधारी अपनी संपत्ति को किसी बाहरी व्यक्ति को बेचकर ना जाए। सबसे पहला अधिकार संपत्ति के अन्य वारिसों को प्राप्त होता है कि वह संपत्ति में हित रखने वाले अन्य अंशधारी का अंश क्रय कर सकता है।जहां निर्वसीयती मृत व्यक्ति की अचल संपत्ति अनुसूची के वर्ग -1 ही के दो या दो से...
क्या हल्की त्रुटियां या जानकारियां छिपाना किसी उम्मीदवार का चुनाव रद्द करने का आधार हो सकता है?
जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 (Representation of the People Act, 1951) की रूपरेखासुप्रीम कोर्ट ने करिखो क्रि बनाम नुने तायंग (Karikho Kri v. Nuney Tayang, 2024) मामले में यह स्पष्ट किया कि कोई चुनाव उम्मीदवार अगर अपने शपथपत्र (Affidavit) में कुछ संपत्तियों या जानकारियों को छुपाता है, तो क्या यह उसके चुनाव को रद्द करने का वैध आधार हो सकता है। इस निर्णय में मुख्य रूप से धारा 100(1)(b), 100(1)(d)(i), 100(1)(d)(iv) और धारा 123(2) की व्याख्या की गई। धारा 100 उन स्थितियों को बताती है जिनमें हाई कोर्ट...
भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 7-8: भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की स्थापना और संरचना
हमने भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम (Competition Act) के उन महत्वपूर्ण प्रावधानों को देखा है जो Competition (प्रतिस्पर्धा) को नुकसान पहुँचाने वाले व्यवहारों पर रोक लगाते हैं, जैसे Competition-विरोधी समझौते और प्रमुख स्थिति का दुरुपयोग, और बड़े मर्जर (mergers) व अधिग्रहणों (acquisitions) को नियंत्रित करते हैं। लेकिन इन नियमों को लागू कौन करता है?इन सभी Competition संबंधी मामलों को देखने और उन पर निर्णय लेने के लिए, हमें एक विशेष संस्था की आवश्यकता है। भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम का अध्याय III...
पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 36, 37, 38, 39: निष्पादकों और गवाहों की उपस्थिति को लागू करना
आइए पंजीकरण अधिनियम, 1908 (Registration Act, 1908) के भाग VII को समझते हैं, जो पंजीकरण प्रक्रिया के लिए निष्पादकों (executants) और गवाहों (witnesses) की उपस्थिति को कैसे सुनिश्चित किया जाता है, इस पर केंद्रित है। यह भाग यह सुनिश्चित करता है कि यदि आवश्यक हो तो पंजीकरण अधिकारी के पास दस्तावेज़ की वैधता की पुष्टि करने के लिए लोगों को बुलाने की शक्ति हो।36. जहां निष्पादक या गवाह की उपस्थिति वांछित हो वहां प्रक्रिया (Procedure where appearance of executant or witness is desired)यह धारा उस प्रक्रिया...


















