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Transfer Of Property में Mortgage के टाइप्स
Mortgage कई तरह के होते हैं और उन सभी में नियम भी अलग अलग हैं। धारा 58 में ही उनके प्रकार भी दिए गए हैं। इस धारा में निम्नलिखित प्रकार के बन्धकों का उल्लेख किया गया है:-सादा बन्धक (Simple Mortgage) धारा 58 (ख)सशर्त विक्रय द्वारा बन्धक (Mortgage by Conditional sale)भोग बन्धक (Usufructuary Mortgage) धारा 58 (घ)इंग्लिश बन्धक (English Mortgage) धारा 58 (ग)हक विलेखों के निक्षेप द्वारा बन्धक (Mortgage by deposit of title deeds) धारा 58 (च)विलक्षण बन्धक (Anomalous mortgage) धारा 58 (छ)सादा बन्धक- सादा...
Transfer Of Property में Mortgage के प्रावधान
Transfer Of Property, 1882 की धारा 58 संपत्ति अंतरण अधिनियम के अंतर्गत बंधक की परिभाषा और उसकी अवधारणा को प्रस्तुत करती है। खण्ड 'क' बन्धक की परिभाषा प्रतिपादित करता है। इसके अनुसार, बन्धक किसी सुनिश्चित स्थावर सम्पत्ति में से किसी हित का वह अन्तरण है जो उधार के तौर पर दिये गये या दिये जाने वाले धन के संदाय को या वर्तमान या भावी ऋण के संदाय को या ऐसे वचनबन्ध के पालन को, जिससे धन सम्बन्धी दायित्व पैदा हो सकता है, प्रतिभूत करने के उद्देश्य से किया जाता है।Mortgage की परिभाषा का अर्थ1. यह किसी...
अपराध स्थल का निरीक्षण और न्याय प्रक्रिया में इसका महत्व : धारा 347, BNSS 2023
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023) की धारा 347 न्यायालयों को यह अधिकार देती है कि वे किसी अपराध से जुड़े स्थान का निरीक्षण (Inspection) करें।इसका उद्देश्य यह है कि न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट अपराध स्थल का प्रत्यक्ष निरीक्षण करके साक्ष्य (Evidence) को बेहतर तरीके से समझ सकें। यह प्रावधान न्याय प्रक्रिया में पारदर्शिता (Transparency) और निष्पक्षता (Fairness) सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है। अपराध स्थल निरीक्षण का महत्व अपराध स्थल का निरीक्षण एक ऐसा साधन...
मानहानि की परिभाषा: भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 356
भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 356 मानहानि (Defamation) के नियमों को स्पष्ट करती है। यह धारा व्यक्तियों के सम्मान (Reputation) की रक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Freedom of Expression) के बीच संतुलन बनाने का प्रयास करती है।मानहानि क्या है? (What is Defamation?) मानहानि तब होती है जब कोई व्यक्ति जानबूझकर ऐसे शब्द बोलता या प्रकाशित करता है जो किसी अन्य व्यक्ति की प्रतिष्ठा (Reputation) को नुकसान पहुंचा सकते हैं। यह शब्द, संकेत (Signs), या किसी दृश्य प्रस्तुति (Visible Representation) के...
धारा 50 और 51 राजस्थान आबकारी अधिनियम, 1950 के तहत पुलिस, अधिकारियों और भूमि मालिकों की जिम्मेदारी
राजस्थान उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1950 (Rajasthan Excise Act, 1950) का उद्देश्य राज्य में उत्पाद शुल्क योग्य वस्तुओं (Excisable Goods) के निर्माण, वितरण और नियंत्रण को नियमित करना है।इस अधिनियम की धारा 50 और 51 में कुछ सरकारी विभागों के अधिकारियों, भूमि मालिकों और ग्राम प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है। इन प्रावधानों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अवैध गतिविधियों की पहचान और रोकथाम में सभी की भागीदारी हो।धारा 50: कुछ विभागों के अधिकारियों का अपराधों की सूचना देना और उत्पाद शुल्क...
क्या घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 के तहत महिला का साझा घर में रहना अनिवार्य है?
सुप्रीम कोर्ट ने प्रभा त्यागी बनाम कमलेश देवी (2022) मामले में यह स्पष्ट किया कि घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 (D.V. Act) के तहत शिकायत दर्ज करने के लिए क्या महिला का साझा घर (Shared Household) में रहना अनिवार्य है। इस निर्णय ने अधिनियम के कई पहलुओं को स्पष्ट किया और महिलाओं के संरक्षण के दायरे को व्यापक बनाया।घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005: एक परिचय (Domestic Violence Act, 2005: An Overview) घरेलू हिंसा अधिनियम महिलाओं को घरेलू संबंधों (Domestic Relationship) में हिंसा का शिकार होने पर प्रभावी सुरक्षा...
Transfer Of Property के तहत किसी प्रॉपर्टी को खरीदे जाने के पहले पर्चेसर के राइट्स और ड्यूटी
इस एक्ट में किसी प्रॉपर्टी को खरीदने वाले व्यक्ति के पास प्रॉपर्टी खरीदने के पहले भी कुछ ड्यूटी और राइट्स हैं।पर्चेसर की ड्यूटीसम्पत्ति के मूल्य में सारवान वृद्धि करने वाले तथ्यों को प्रकट करने का दायित्व [ धारा ( 55 ) 5 (क) ] -जिस प्रकार विक्रेता पर इस धारा के अन्तर्गत यह दायित्व है कि वह अन्तर्निहित दोषों को स्पष्ट करे उसी प्रकार इस खण्ड के अन्तर्गत क्रेता पर यह दायित्व है कि वह उन तथ्यों को, जो सम्पत्ति के मूल्य में सारवान वृद्धि करने वाले हैं, विक्रेता को सुस्पष्ट करे, किन्तु क्रेता का...
Transfer Of Property के तहत किसी प्रॉपर्टी को बेचे जाने के पहले सेलर के राइट्स और ड्यूटी
ट्रांसफर का प्रॉपर्टी एक्ट एक सेलर को किसी भी प्रॉपर्टी को बेचे जाने के पहले कुछ राइट्स देती है और इसी के साथ कुछ ड्यूटीज भी देती है ट्रांसफर का प्रॉपर्टी एक्ट इसके संबंध में स्पष्ट प्रावधान करता है।विक्रय की जाने वाली सम्पत्ति एवं विक्रेता के अधिकार के विषय में सारवान एवं महत्वपूर्ण कमियों का प्रकटीकरण- [ धारा 55 (1) (क)]विक्रय की जाने वाली सम्पत्ति के विषय में विक्रेता के दो महत्वपूर्ण दायित्व हैं-(क) सम्पत्ति से सम्बन्धित दायित्व तथा(ख) स्वामित्व से सम्बन्धित दायित्व ।इन दोनों विषयों के...
धारा 48 राजस्थान आबकारी अधिनियम, 1950 के तहत गिरफ्तारी, तलाशी और जांच की प्रक्रिया
राजस्थान आबकारी अधिनियम, 1950 (Rajasthan Excise Act, 1950) का उद्देश्य राज्य में मादक पदार्थों (Intoxicants) के उत्पादन, भंडारण और बिक्री को नियंत्रित करना है। इस अधिनियम के धारा 48 में गिरफ्तारी, तलाशी और जांच से संबंधित प्रक्रिया (Procedure) को स्पष्ट किया गया है।इसमें आपराधिक प्रक्रिया संहिता, 1973 (Code of Criminal Procedure, 1973 या CrPC) के प्रावधानों को शामिल किया गया है, ताकि कानूनी मानकों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित हो सके। गिरफ्तारी, तलाशी और जांच में CrPC के प्रावधानों का समावेश...
कोर्ट की कार्यवाही को स्थगित या Adjournment की शक्ति : धारा 346 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023) की धारा 346 अदालतों को यह अधिकार देती है कि वे आवश्यकता पड़ने पर न्यायिक प्रक्रिया (Judicial Process) को स्थगित या टाल सकें।यह प्रावधान न्यायिक प्रक्रिया को कुशल और न्यायपूर्ण बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह कानून समय पर न्याय सुनिश्चित करने और न्याय प्रक्रिया में लचीलापन प्रदान करने के बीच संतुलन स्थापित करता है। प्रतिदिन चलने वाली कार्यवाही का नियम (Day-to-Day Proceedings)धारा 346(1) यह स्पष्ट करती है कि सभी...
सार्वजनिक स्थान पर नशे में अनुचित व्यवहार: धारा 355 भारतीय न्याय संहिता, 2023
सार्वजनिक व्यवस्था (Public Order) और शिष्टाचार किसी भी सभ्य समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 355 सार्वजनिक स्थान पर नशे में अनुचित (Misconduct) व्यवहार को रोकने के लिए बनाई गई है।यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि नशे में व्यक्तियों का आचरण (Conduct) सार्वजनिक शांति (Public Peace) को भंग न करे और अन्य व्यक्तियों के अधिकारों का उल्लंघन न हो। इस लेख में हम धारा 355 के प्रावधानों, उनके महत्व, कानूनी परिणाम, और इससे जुड़े उदाहरणों का विस्तार से विश्लेषण करेंगे। धारा 355 का...
क्या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं 1972 अधिनियम के तहत ग्रेच्युटी पाने की हकदार हैं?
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने मनीबेन मगनभाई भरिया बनाम डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट ऑफिसर, दाहोद एवं अन्य (2022) मामले में यह तय किया कि क्या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता (Anganwadi Workers - AWWs) और सहायिकाएं (Helpers - AWHs) 1972 के ग्रेच्युटी अधिनियम (Gratuity Act, 1972) के तहत ग्रेच्युटी पाने की हकदार हैं।यह निर्णय न केवल इन कार्यकर्ताओं के अधिकारों को स्पष्ट करता है, बल्कि उन कानूनी प्रावधानों पर भी प्रकाश डालता है जो इन पर लागू होते हैं। ग्रेच्युटी अधिनियम, 1972: एक सामाजिक कल्याण कानून (Gratuity Act,...
Transfer Of Property में पार्टली परफॉर्मेंस के लिए क्या प्रावधान हैं?
संपत्ति अंतरण अधिनियम 1882 की धारा 53 (क) भागिक पालन के संबंध में उल्लेख कर रहे हैं यह धारा संपत्ति अंतरण अधिनियम में सन 1929 में जोड़ी गई है तथा इस अधिनियम के महत्वपूर्ण कारणों में से एक धारा है। भागिक पालन धारा 53 (क) का उद्देश्य किसी ऐसे अन्तरिती के हितों को संरक्षण प्रदान करना है जिसने किसी संव्यवहार में सद्भावनापूर्वक हिस्सा लिया हो, पर अन्तरणकर्ता ने सामान्य व्यवस्था के किसी तकनीकी तत्व का बहाना लेकर उसे परेशान करने या सम्पत्ति न देने की योजना बना रखी हो।धारा 53 क के गर्भ में स्थित...
Transfer Of Property में पार्टली परफॉर्मेंस के एलिमेंट्स
इस एक्ट की धारा 53ए में पार्टली परफार्मेंस से संबंधित प्रावधान हैं। पार्टली परफॉर्मेंस का मतलब होता है किसी भी ट्रांसफर का आधा होना अर्थात संपत्ति के अंतरण से संबंधित रजिस्ट्रेशन के बगैर पार्टली परफार्मेंस होना। इस धारा के कुछ एलिमेंट्स हैं।किसी अचल सम्पत्ति के प्रतिफलार्थ अन्तरण हेतु संविदा।लिखित तथा अन्तरक द्वारा या उसके बदले हस्ताक्षरित संविदा।दस्तावेज से अन्तरण के लिए आवश्यक शर्तें युक्तियुक्त निश्चय के साथ अभिनिश्चित की जा सकें।अन्तरिती ने अन्तरण की विषयवस्तु का कब्जा ले लिया हो या यदि पहले...
माफी की शर्तों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति पर मुकदमा : भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 धारा 345
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 या BNSS) में माफी देने और उसकी शर्तों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के लिए विस्तृत प्रावधान दिए गए हैं।धारा 345 उन व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रक्रियाओं को निर्धारित करती है, जिन्होंने धारा 343 या धारा 344 के तहत माफी स्वीकार की है, लेकिन बाद में उसकी शर्तों का पालन नहीं किया। यह प्रावधान न्याय सुनिश्चित करने और माफी प्रणाली (Pardon System) की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए बनाया गया है। संदर्भ और पृष्ठभूमि...
दैवी असंतोष के डर से अनुचित प्रभाव और इसके कानूनी परिणाम : धारा 354 भारतीय न्याय संहिता, 2023
भारतीय न्याय प्रणाली में धार्मिक या आध्यात्मिक मान्यताओं का बड़ा महत्व है। लेकिन, इन मान्यताओं का दुरुपयोग (Misuse) कर लोगों को डराने और उनके अधिकारों का हनन (Violation) करना गंभीर अपराध है।भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 354 ऐसी परिस्थितियों को नियंत्रित करने के लिए बनाई गई है, जहां कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को दैवी असंतोष के डर का सहारा लेकर अनुचित कार्य करने के लिए बाध्य करता है। धारा 354 का परिचय धारा 354 ऐसे कार्यों को दंडनीय बनाती है जहां कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी अन्य व्यक्ति को...
क्या न्यायिक सेवाओं के लिए आयु प्रतिबंध संविधान के तहत जांच के दायरे में आते हैं?
दिल्ली हाईकोर्ट बनाम देविना शर्मा के मामले में न्यायालय ने दिल्ली न्यायिक सेवा (DJS) और दिल्ली उच्च न्यायिक सेवा (DHJS) परीक्षाओं में न्यूनतम और अधिकतम आयु सीमा पर संवैधानिकता (Constitutionality) का विश्लेषण किया।यह निर्णय इस बात पर प्रकाश डालता है कि संविधान, नीतिगत विचारों (Policy Considerations), और न्यायपालिका की स्वतंत्रता (Judicial Independence) के बीच संतुलन कैसे बनाया जा सकता है। संवैधानिक ढांचा (Constitutional Framework) संविधान के अनुच्छेद 233(2) (Article 233(2)) में जिला न्यायाधीश...
धारा 46 और 47 राजस्थान आबकारी अधिनियम, 1950 के तहत आबकारी आयुक्त या मजिस्ट्रेट के तलाशी और गिरफ्तारी के अधिकार
राजस्थान आबकारी अधिनियम, 1950 (Rajasthan Excise Act, 1950) राज्य में शराब और अन्य मादक पदार्थों (Intoxicants) के विनियमन के लिए एक व्यापक कानून है।इस अधिनियम की धारा 46 और 47 अधिकारियों को तलाशी और गिरफ्तारी के लिए विशिष्ट अधिकार प्रदान करती हैं। इन प्रावधानों का उद्देश्य अपराधों को रोकना, उनका पता लगाना और आबकारी कानूनों (Excise Laws) के उचित कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना है। इस लेख में हम धारा 46 और 47 का विस्तार से अध्ययन करेंगे। हम इनके उद्देश्य, दायरे और उपयोग को समझेंगे, साथ ही इसे...
राजस्थान आबकारी अधिनियम, 1950 की धारा 45 के तहत गिरफ्तारी, जब्ती और निरोध की शक्ति
राजस्थान आबकारी अधिनियम, 1950 (Rajasthan Excise Act, 1950) के तहत धारा 45 एक महत्वपूर्ण प्रावधान है, जो अधिकारियों और सरकार द्वारा अधिकृत व्यक्तियों को अपराधियों को गिरफ्तार करने, सामान जब्त करने और संदिग्ध व्यक्तियों या वस्तुओं को निरोध (Detention) में रखने का अधिकार देती है।यह प्रावधान आबकारी राजस्व (Excise Revenue) की सुरक्षा सुनिश्चित करता है और अवैध गतिविधियों को रोकने में सहायक है। इस लेख में, हम धारा 45 के सभी प्रावधानों का सरल और विस्तृत तरीके से विश्लेषण करेंगे, साथ ही इसे अधिनियम की...
धारा 353, भारतीय न्याय संहिता, 2023: लोक उपद्रव फैलाने वाले बयानों पर कानूनी दृष्टिकोण
भारतीय न्याय संहिता, 2023 (Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023) में ऐसे प्रावधान शामिल हैं जो सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने, व्यक्तिगत अधिकारों की रक्षा करने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए बनाए गए हैं।इसमें धारा 353 उन मामलों को संबोधित करती है, जिनमें झूठे बयान, अफवाहें या रिपोर्ट्स (Reports) बनाने, प्रकाशित करने या प्रसारित करने से लोक व्यवस्था बाधित होती है। यह कानून ऐसे कृत्यों को रोकने और दंडित करने का प्रावधान करता है, जिनसे सामाजिक अशांति या वर्ग संघर्ष हो सकता है। धारा 353 का परिचय:...