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प्रोफेसर आनंद तेलतुंबडे
ब्रेकिंग- भीमा कोरेगांव मामले में आनंद तेलतुंबडे को मिली जमानत के खिलाफ एनआईए की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने भीमा कोरेगांव मामले (Bhima Koregaon Case) में प्रोफेसर आनंद तेलतुंबडे (Anand Teltubmde) को जमानत देने के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अनुमति याचिका खारिज की।भारत के चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय की टिप्पणियों को ट्रायल में निर्णायक अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जाएगा।हाईकोर्ट के जस्टिस एएस गडकरी और जस्टिस मिलिंद जाधव की खंडपीठ ने तेलतुंबडे को जमानत देते हुए प्रथम...

लाइव स्ट्रीमिंग: सीजेआई ने संदर्भ से हटकर क्लिप के सर्कुलेट होने पर चिंता व्यक्त की कहा, संस्थान की पवित्रता बनी रहनी चाहिए
लाइव स्ट्रीमिंग: सीजेआई ने संदर्भ से हटकर क्लिप के सर्कुलेट होने पर चिंता व्यक्त की कहा, संस्थान की पवित्रता बनी रहनी चाहिए

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वह अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग के लिए एक स्वतंत्र प्लेटफार्म बनाने पर विचार कर रहा है ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए पूरी प्रक्रिया को संस्थागत बनाया जा सके।भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने सार्वजनिक और संवैधानिक महत्व वाले मामलों की लाइव-स्ट्रीमिंग के लिए सीनियर एडवोकेट इंदिरा जयसिंह द्वारा दायर एक आवेदन पर सुनवाई करते हुए मौखिक रूप से कहा,"ज्यादातर हाईकोर्ट इसे YouTube पर कर रहे हैं। हमने अब सोचा कि लाइव-स्ट्रीमिंग करने के लिए हमारे पास...

ब्रेकिंग- सुप्रीम कोर्ट ने स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत समलैंगिक विवाह को मान्यता देने की मांग वाली याचिका पर केंद्र, अटॉर्नी जनरल को नोटिस जारी किया
ब्रेकिंग- सुप्रीम कोर्ट ने स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत समलैंगिक विवाह को मान्यता देने की मांग वाली याचिका पर केंद्र, अटॉर्नी जनरल को नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने स्पेशल मैरिज एक्ट,1954 के तहत समलैंगिक विवाह को मान्यता देने की मांग वाली दो याचिकाओं पर केंद्र और अटॉर्नी जनरल को नोटिस जारी किया।भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने केंद्र सरकार के अलावा भारत के अटॉर्नी जनरल को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने कहा कि यह मुद्दा नवतेज सिंह जौहर और पुट्टास्वामी के फैसलों की अगली कड़ी है। यह एक जीवित मुद्दा है, संपत्ति का...

WBSSC Scam : सुप्रीम कोर्ट ने अवैध रूप से नियुक्त उम्मीदवारों को बचाने के लिए राज्य आयोग की याचिका के खिलाफ सीबीआई जांच के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई
WBSSC Scam : सुप्रीम कोर्ट ने अवैध रूप से नियुक्त उम्मीदवारों को बचाने के लिए राज्य आयोग की याचिका के खिलाफ सीबीआई जांच के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा पारित एक आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें सीबीआई को यह जांच करने का निर्देश दिया गया था कि पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग द्वारा दायर आवेदन के पीछे किसका दिमाग था, जो अनावश्यक पद सृजित करके कुछ उम्मीदवारों की सेवाओं को बचाने की मांग कर रहा था।भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी- जिसने पश्चिम बंगाल राज्य की याचिका पर सुनवाई के बाद पश्चिम बंगाल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव मनीष जैन की व्यक्तिगत...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
विशेष आवश्यकता वाले छात्रों के लिए शिक्षकों की नियुक्ति- 'यूपी सरकार इस मुद्दे पर सो रही है, इसे अति-संवेदनशीलता दिखानी चाहिए': सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए एक 'अपर्याप्त' हलफनामा दाखिल करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाई, जिसमें विशेष आवश्यकता वाले छात्रों को पढ़ाने के लिए राज्य में विशेष शिक्षकों की कमी पर प्रकाश डाला गया था।सुनवाई के दौरान यूपी सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि वे 12000 नियमित शिक्षकों की नियुक्ति पर विचार कर रहे हैं और इसके लिए बजट आवंटित किया जा चुका है।जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस सुधांशु धूलिया की खंडपीठ ने पूछा,"इस सहस्राब्दी में...

LGBTQ+ समुदाय
स्पेशल मैरिज एक्ट को जेंडर न्यूट्रल बनाने, LGBTQ+ समुदाय को सेम-सेक्स मैरिज की अनुमति देने की मांग करते हुए गे कपल ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

स्पेशल मैरिज एक्ट को जेंडर न्यूट्रल बनाने और LGBTQ+ समुदाय को सेम-सेक्स मैरिज की अनुमति देने की मांग करते हुए गे कपल ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में जनहित याचिका दायर की है।याचिका में कहा गया है कि उनको भी अपनी पसंद के किसी भी व्यक्ति से शादी करने का मौलिक अधिकार है।वे प्रार्थना करते हैं कि विशेष विवाह अधिनियम, जो विवाह की संस्था के लिए एक धर्मनिरपेक्ष कानून है, को किसी भी जेंडर या सैक्सुअल आधारित प्रतिबंधों को दूर कर जेंडर न्यूट्रल बनाया जाए।याचिका में कहा गया है कि अधिनियम की धारा 4 किसी...

अगर बरामद प्रतिबंधित पदार्थ में मॉर्फिन और मेकोनिक एसिड पाया जाता है, तो यह स्थापित करने के लिए पर्याप्त है कि यह अफीम पोस्त है: सुप्रीम कोर्ट
अगर बरामद प्रतिबंधित पदार्थ में 'मॉर्फिन' और 'मेकोनिक एसिड' पाया जाता है, तो यह स्थापित करने के लिए पर्याप्त है कि यह 'अफीम पोस्त' है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर जब्त किए गए मादक पदार्थ में 'मॉर्फिन' और 'मेकोनिक एसिड' पाया जाता है, तो यह स्थापित करने के लिए पर्याप्त है कि यह एनडीपीएस एक्ट की धारा 2 (xvii) में परिभाषित 'अफीम पोस्त' है।इस मामले में, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एनडीपीएस अभियुक्तों को उनकी अपीलों को इस आधार पर स्वीकार करते हुए बरी कर दिया था कि अभियोजन पक्ष यह स्थापित करने में विफल रहा है कि जब्त की गई सामग्री 'पैपेवर सोम्निफेरम एल' या किसी अन्य पौधे की उत्पत्ति नहीं है, जो केंद्र सरकार द्वारा नारकोटिक ड्रग्स एंड...

सेम-सेक्स मैरिज
ब्रेकिंग- स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत सेम-सेक्स मैरिज को मान्यता देने की मांग करते हुए दो लोगों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत समलैंगिक विवाह (Same-Sex Marriage) को मान्यता देने की मांग करते हुए हैदराबाद में रहने वाले दो समलैंगिक पुरुषों की ओर से सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में जनहित याचिका दायर की गई है।मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच आज मामले की सुनवाई करेंगी।याचिकाकर्ता सुप्रियो चक्रवर्ती और अभय डांग करीब 10 साल से एक-दूसरे के साथ हैं। महामारी ने दोनों को नजदीक ला दिया। दूसरी लहर के दौरान वे दोनों COVID पॉजिटिव हुए। जब वे ठीक हुए, तो उन्होंने...

सुप्रीम कोर्ट मुस्लिम पर्सनल लॉ में बहुविवाह और निकाह हलाला की वैधता को चुनौती देने वाले मामलों की सुनवाई के लिए संविधान पीठ बनाने पर सहमत
सुप्रीम कोर्ट मुस्लिम पर्सनल लॉ में बहुविवाह और निकाह हलाला की वैधता को चुनौती देने वाले मामलों की सुनवाई के लिए संविधान पीठ बनाने पर सहमत

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मुस्लिम पर्सनल लॉ द्वारा अनुमत बहुविवाह (Polygamy) और निकाह हलाला (Nikah Halala) की प्रथा की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं के एक बैच की सुनवाई के लिए एक संविधान पीठ (Constitution Bench)के पुनर्गठन पर सहमति व्यक्त की। इन प्रथाओं को चुनौती देने वाली आठ याचिकाओं को पहले जस्टिस इंदिरा बनर्जी, हेमंत गुप्ता, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस सुधांशु धूलिया की 5-न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था। पीठ ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग,...

अगर जानवरों के पास विकल्प नहीं है तो क्या उनके पास आज़ादी है?, सुप्रीम कोर्ट ने जल्लीकट्टू और इसी तरह की गतिविधियों के खिलाफ सुनवाई शुरू की
"अगर जानवरों के पास विकल्प नहीं है तो क्या उनके पास आज़ादी है?", सुप्रीम कोर्ट ने जल्लीकट्टू और इसी तरह की गतिविधियों के खिलाफ सुनवाई शुरू की

जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस अजय रस्तोगी, जस्टिस अनिरुद्ध बोस, जस्टिस हृषिकेश रॉय और जस्टिस सीटी रवि कुमार की अध्यक्षता वाली 5 जजों की संवैधानिक बेंच ने गुरुवार को तमिलनाडु, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में जलिकट्टू, कंबाला और बैलगाड़ी दौड़ की अनुमति देने वाले कानूनों की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की। याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करते हुए सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा ने सबसे पहले अदालत को उन कानूनों की प्रकृति की ओर इशारा करते हुए अपनी दलीलें पेश कीं,...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
छात्र के खिलाफ वैध अनुशासनात्मक कार्रवाई आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने प्रोफेसर और कॉलेज को बरी किया

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि कॉलेज के प्रोफेसर और प्रबंधन को भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत वैध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और कदाचार के लिए एक छात्र को निलंबित करने के कारण आत्महत्या के लिए उकसाने के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता है। इस मामले की सुनवाई जस्टिस एसके कौल और जस्टिस एएस ओका ने की।तथ्यों के अनुसार, 16.04.2008 को एक प्रकरण में मृतक, जो एक छात्र था, मामले के एक अभियुक्त श्री नितिन श्याम के अधीन एक व्याख्यान में भाग ले रहा था। मृतक का आरोप है कि उसने शराब के नशे में क्लास...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
बलात्कार का मामला - एक बार कोर्ट ने पीड़िता के बयान पर विश्वास कर लिया हो तो जब्त कपड़ों को फोरेंसिक प्रयोगशाला भेजने में पुलिस की विफलता नगण्य: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने बलात्कार के एक आरोपी की दोषसिद्धि की पुष्टि करते हुए एक मामले में कहा, एक बार जब अदालत यौन हमले के एक सर्वाइवर के बयान पर विश्वास कर लेती है, तो यह भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 376 के तहत दंडनीय अपराध स्थापित करने के लिए पर्याप्त है और पुलिस द्वारा जब्त किए गए सामानों को फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में भेजने में विफलता प्रभावित नहीं करेगी।जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस अभय एस ओका की खंडपीठ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के एक फैसले से उत्पन्न एक आपराधिक अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें...

मध्यस्थ की नियुक्ति की मांग पर विचार करते समय न्यायालय अनुबंध के नवीनीकरण को सवाल पर नहीं जा सकता : सुप्रीम कोर्ट
मध्यस्थ की नियुक्ति की मांग पर विचार करते समय न्यायालय अनुबंध के नवीनीकरण को सवाल पर नहीं जा सकता : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया है कि मध्यस्थ की नियुक्ति की मांग करने वाले एक आवेदन पर विचार करते समय, न्यायालय अनुबंध के नवीनीकरण और मध्यस्थता में शामिल किसी भी दावे की योग्यता के प्रश्न पर नहीं जा सकता है।इस मामले में, जैसा कि हाईकोर्ट ने मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 11(6) के तहत दायर आवेदन को खारिज कर दिया, आवेदक ने अपील में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। आवेदक का तर्क था कि हाईकोर्ट ने यह निष्कर्ष निकालने में गलती की है कि शेयर खरीद समझौते को नवीकृत किया गया था और त्रिपक्षीय समझौते...

राज्य विद्युत आयोगों को टैरिफ के निर्धारण और नियमन में पूर्ण स्वायत्तता है ; राज्य और केंद्र की केवल सलाहकार की भूमिका : सुप्रीम कोर्ट
राज्य विद्युत आयोगों को टैरिफ के निर्धारण और नियमन में पूर्ण स्वायत्तता है ; राज्य और केंद्र की केवल सलाहकार की भूमिका : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राज्य विद्युत आयोगों को टैरिफ के निर्धारण और नियमन में पूर्ण स्वायत्तता प्राप्त है।सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस जेबी पारदीवाला की पीठ ने नोट किया कि राज्य और केंद्र सरकार की टैरिफ के नियमन में केवल एक सलाहकार की भूमिका होती है।अदालत ने यह भी कहा कि विद्युत अधिनियम टैरिफ निर्धारित करने के लिए एक प्रभावी तरीका निर्धारित नहीं करता है। अदालत ने इस तर्क को खारिज कर दिया कि धारा 63 के तहत टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली का रास्ता एक मुख्य मार्ग...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
'चार दशक पहले अधिग्रहीत भूमि': सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को दो महीने के भीतर भूमि मालिकों को मुआवजा देने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने 40 साल पहले अधिग्रहित भूमि के लिए अभी तक मुआवजा नहीं मिलने वाले भूमि मालिकों को राहत देते हुए अधिकारियों को दो महीने के भीतर मुआवजा देने का निर्देश दिया है।इस मामले में 1981 में नेहरू जूलॉजिकल पार्क के विस्तार के उद्देश्य से भूमि का अधिग्रहण किया गया था। कब्जा लेने के बावजूद, अधिनिर्णय पारित नहीं किया गया था और मुआवजे की कोई राशि का भुगतान नहीं किया गया था, जिसके कारण भूमि मालिकों ने 1996 में आंध्र प्रदेश ‌हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने प्राधिकरण को तीन महीने की अवधि...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
चयन प्रक्रिया शुरू होने के बाद 'रूल्स ऑफ गेम्स' बदले जाएं या नहीं, इस मुद्दे पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट संविधान पीठ के पुनर्गठन पर सहमत

सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को इस मुद्दे पर सुनवाई के लिए संविधान पीठ के पुनर्गठन पर सहमत हो गया कि चयन प्रक्रिया शुरू होने के बाद "रूल्स ऑफ गेम्स" को बदला जा सकता है या नहीं।कुछ हाईकोर्ट द्वारा संचालित जिला न्यायाधीशों की चयन प्रक्रिया से संबंधित मामलों के बैच में यह मुद्दा उठा गया। प्राथमिक प्रश्न यह है कि क्या प्रक्रिया के दौरान चयन मानदंड को बदला जा सकता है।जस्टिस इंदिरा बनर्जी, जस्टिस हेमंत गुप्ता, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस सुधांशु धूलिया की 5 जजों की बेंच ने मामले की सुनवाई...

एजी वेंकटरमणी ने कहा- चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के लिए कोई ट्रिगर प्वाइंट नहीं; संविधान पीठ ने फैसला सुरक्षित रखा
एजी वेंकटरमणी ने कहा- चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के लिए कोई ट्रिगर प्वाइंट नहीं; संविधान पीठ ने फैसला सुरक्षित रखा

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की एक संविधान पीठ ने आज चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए एक स्वतंत्र मैकेनिज्म की मांग करने वाली याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रखा।कोर्ट ने पार्टियों को 5 दिनों के भीतर 6 पेज तक का संक्षिप्त नोट दाखिल करने के लिए कहा है।याचिकाकर्ता की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन ने प्रस्तुत किया कि आज तक, केंद्र सरकार ने किसी को भी नियुक्त नहीं किया है, जिसे चुनाव आयुक्त के रूप में निर्धारित 6 वर्ष का कार्यकाल (कार्यालय संभालने के लिए 65 वर्ष की ऊपरी आयु सीमा) मिलता है।...

सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़
जस्टिस विपुल पंचोली के ट्रांसफर की सिफारिश के फैसले पर पुनर्विचार: गुजरात हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन ने सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ को अभ्यावेदन भेजा

जस्टिस निखिल एस करियल के पटना हाईकोर्ट में प्रस्तावित ट्रांसफर के खिलाफ अपना विरोध समाप्त करने के बाद गुजरात हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन (जीएचसीएए) ने कल जस्टिस विपुल पंचोली के पटना हाईकोर्ट में प्रस्तावित ट्रांसफर के संबंध में भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ को एक पत्र अभ्यावेदन लिखा है।अपने अभ्यावेदन में, जीएचसीएए ने सीजेआई और कॉलेजियम के साथी न्यायाधीशों से गुजरात उच्च न्यायालय से पटना उच्च न्यायालय में जस्टिस पंचोली को ट्रांसफर करने की सिफारिश पर पुनर्विचार करने और भारत सरकार को इस...

सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ ने दृष्टिहीन वकीलों के लिए अदालतों को सुलभ बनाने पर सीनियर एडवोकेट एसके रूंगटा से सुझाव मांगे
सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ ने दृष्टिहीन वकीलों के लिए अदालतों को सुलभ बनाने पर सीनियर एडवोकेट एसके रूंगटा से सुझाव मांगे

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डी. वाई. चंद्रचूड़ ने गुरुवार को ओपन कोर्ट में देश भर की अदालतों को वकीलों/दृष्टिहीन व्यक्तियों के लिए सुलभ बनाने के अपने मिशन पर चर्चा की।दैनिक आधार पर अदालतों को नेविगेट करने में दृश्य दिव्यांग वकीलों के सामने आने वाली कठिनाई को समझने के लिए उन्होंने सीनियर एडवोकेट एस.के. रूंगटा (जिन्होंने करीब एक साल की उम्र में अपनी आंखों की रोशनी खो दी थी) दूसरे वकीलों द्वारा बताए गए संकलनों का पालन कैसे करते हैं।सीजेआई ने रूंगटा से पूछा,"मैं आपसे एक व्यक्तिगत प्रश्न पूछना...

सुप्रीम कोर्ट
'कानून मंत्री की तरफ से चार नामों को शॉर्टलिस्ट करने के पीछे क्या मानदंड थे?' सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयुक्त की नियुक्ति पर सवाल उठाए

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की एक संविधान पीठ ने बुधवार को पूछा कि चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री की मंजूरी के लिए कानून मंत्री की तरफ से चार नामों को शॉर्टलिस्ट करने के पीछे क्या मानदंड थे।पीठ चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए एक स्वतंत्र तंत्र की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है।कल कोर्ट ने 19 नवंबर को चुनाव आयुक्त के रूप में पूर्व नौकरशाह अरुण गोयल की हाल ही में नियुक्ति से संबंधित फाइलें मांगी थीं। पीठ ने टिप्पणी की थी कि यह उचित होता कि नियुक्ति तब नहीं की...