राज�थान हाईकोट

निदेशकों में बदलाव कंपनी की संपत्ति का हस्तांतरण या स्टांप शुल्क की चोरी नहीं माना जाएगा: राजस्थान हाईकोर्ट
निदेशकों में बदलाव कंपनी की संपत्ति का हस्तांतरण या स्टांप शुल्क की चोरी नहीं माना जाएगा: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने स्टाम्प कलेक्टर द्वारा पारित उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें कंपनी के पूर्व निदेशकों को कंपनी की शेयरधारिता को नए निदेशकों को हस्तांतरित करने के मद्देनजर संपत्ति के हस्तांतरण के लिए स्टाम्प शुल्क के रूप में 7 करोड़ रुपये का भुगतान करने के लिए कहा गया था। जस्टिस अवनीश झिंगन और जस्टिस आशुतोष कुमार की खंडपीठ ने फैसला सुनाया कि किसी कंपनी में पिछले निदेशकों द्वारा नए निदेशकों को शेयरधारिता हस्तांतरित करने से उस कंपनी की संपत्ति के स्वामित्व पर कोई प्रभाव नहीं...

अर्नब गोस्वामी को राजस्थान हाईकोर्ट से मिली राहत, Hate Speech के आरोप वाली FIR में दंडात्मक कदम नहीं उठाने का आदेश
अर्नब गोस्वामी को राजस्थान हाईकोर्ट से मिली राहत, 'Hate Speech' के आरोप वाली FIR में दंडात्मक कदम नहीं उठाने का आदेश

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने अंतरिम आदेश में निर्देश दिया कि मीडिया हाउस रिपब्लिक के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी के खिलाफ रिपब्लिक भारत द्वारा मंदिर के विध्वंस पर एक रिपोर्ट के संबंध में उनके खिलाफ दर्ज "हेट स्पीच" वाली FIR में कोई दंडात्मक कदम नहीं उठाया जाएगा।ऐसा करते हुए न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि "भड़काऊ इरादे या प्रभाव से रहित सार्वजनिक हित की घटना की मात्र रिपोर्टिंग" को आईपीसी की धारा 153ए के तहत अपराध नहीं माना जा सकता।संदर्भ के लिए, धारा 153ए उन कृत्यों को दंडित करती है,...

वर्दीधारी व्यक्ति द्वारा अनाधिकृत रूप से ड्यूटी से अनुपस्थित रहना, अपनी मृत्यु की झूठी सूचना भेजना घोर कदाचार: राजस्थान हाईकोर्ट
वर्दीधारी व्यक्ति द्वारा अनाधिकृत रूप से ड्यूटी से अनुपस्थित रहना, अपनी मृत्यु की झूठी सूचना भेजना घोर कदाचार: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने CRPF कांस्टेबल की बर्खास्तगी को बरकरार रखा, जो अधिकारियों को कोई सूचना दिए बिना स्वीकृत अवकाश से 65 दिन अधिक समय तक जानबूझकर ड्यूटी से अनुपस्थित रहा और जब उसे ड्यूटी पर वापस आने के लिए नोटिस जारी किया गया तो उसने अपनी मृत्यु की गलत सूचना भेजी।जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने अपने आदेश में कहा,"इस न्यायालय का यह सुविचारित मत है कि वर्दीधारी व्यक्ति को अधिक अनुशासन बनाए रखना चाहिए और अनधिकृत रूप से ड्यूटी से अनुपस्थित रहना कदाचार का सबसे गंभीर कृत्य है। अनुशासित बल से...

[अनुकंपा नियुक्ति] कर्मचारी की मृत्यु की तिथि पर लागू कानून, नियुक्ति के लिए आवेदन प्रस्तुत किए जाने की तिथि से परे लागू होगा: राजस्थान हाईकोर्ट
[अनुकंपा नियुक्ति] कर्मचारी की मृत्यु की तिथि पर लागू कानून, नियुक्ति के लिए आवेदन प्रस्तुत किए जाने की तिथि से परे लागू होगा: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक दशक पुराने मामले में याचिकाकर्ता को अनुकंपा नियुक्ति से राहत प्रदान करते हुए कहा कि ऐसी नियुक्ति को नियंत्रित करने वाली नीति संबंधित व्यक्ति की मृत्यु की तिथि पर लागू होनी चाहिए, न कि ऐसी नियुक्ति के लिए आवेदन प्रस्तुत किए जाने की तिथि पर।जस्टिस मुन्नूरी लक्ष्मण और जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी की खंडपीठ अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (AVVNL) द्वारा एकल जज के उस निर्णय के विरुद्ध दायर विशेष अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें अपीलकर्ताओं को अनुकंपा नियुक्ति के लिए प्रतिवादी...

राजस्थान हाईकोर्ट ने शिक्षक पेपर लीक मामले में आठ आरोपियों को जमानत देने से किया इनकार
राजस्थान हाईकोर्ट ने शिक्षक पेपर लीक मामले में आठ आरोपियों को जमानत देने से किया इनकार

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने ग्रेड II शिक्षकों की भर्ती के लिए परीक्षा के पेपर लीक के संबंध में IPC राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 1992 और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन अधिनियम 2022 के तहत आरोपित सभी आठ आरोपियों को जमानत देने से इनकार किया।जस्टिस फरजंद अली ने कहा कि वर्तमान मामला कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि यह सुनियोजित रैकेट का प्रकटीकरण है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं की पवित्रता को नष्ट करना है। यह माना गया कि कई...

चौंकाने वाली बात: राजस्थान हाईकोर्ट ने हेड कांस्टेबल को बहाल किया, जिसे सिर्फ इसलिए बर्खास्त कर दिया गया था क्योंकि वह भर्ती दौड़ में फर्जी उम्मीदवार का इस्तेमाल करने वाले उम्मीदवार का रिश्तेदार था
चौंकाने वाली बात: राजस्थान हाईकोर्ट ने हेड कांस्टेबल को बहाल किया, जिसे सिर्फ इसलिए बर्खास्त कर दिया गया था क्योंकि वह भर्ती दौड़ में फर्जी उम्मीदवार का इस्तेमाल करने वाले उम्मीदवार का रिश्तेदार था

मामले के तथ्यों को "चौंकाने वाला" बताते हुए, राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने एक हेड कांस्टेबल की बर्खास्तगी को खारिज कर दिया, क्योंकि वह एक ऐसे व्यक्ति का चाचा था, जिसने कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया के तहत एक दौड़ में भाग लेने के लिए एक धोखेबाज का इस्तेमाल किया था। जस्टिस दिनेश मेहता ने रिकॉर्डों का अवलोकन किया और कहा कि राज्य याचिकाकर्ता को बिना किसी सबूत के हटाने पर आमादा है, जिसे केवल अपराधी उम्मीदवार से संबंधित होने के कारण "बलि का बकरा" बनाया गया था।मामले के तथ्यों को "चौंकाने वाला" बताते...

मृतक सरकारी कर्मचारी के परिवार की एकमात्र जीवित सदस्य होने के नाते विवाहित बेटी अनुकंपा नियुक्ति की हकदार: राजस्थान हाईकोर्ट
मृतक सरकारी कर्मचारी के परिवार की एकमात्र जीवित सदस्य होने के नाते विवाहित बेटी अनुकंपा नियुक्ति की हकदार: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के उस आदेश के खिलाफ चुनौती खारिज की, जिसमें राज्य को प्रतिवादी को अनुकंपा नियुक्ति देने का निर्देश दिया गया, जो मृतक कर्मचारी की विवाहित बेटी है जिसका पति भी कार्यरत था और कमाता था।जस्टिस अवनीश झिंगन और जस्टिस प्रमिल कुमार माथुर की खंडपीठ ने हीना शेख बनाम राजस्थान राज्य (हीना शेख मामला) में न्यायालय की फुल बेंच के निर्णय पर कैट की निर्भरता की पुष्टि की जिसमें यह निर्णय लिया गया कि मृतक कर्मचारी की विवाहित बेटी अनुकंपा नियुक्ति की हकदार है।मृतक...

राजस्थान हाईकोर्ट ने आर्मी डेंटल कोर में कमीशन के लिए अधिकारियों के चयन की नीति के खिलाफ दायर ‌याचिका खारिज की, कहा- याचिकाकर्ता सभी प्रयासों में असफल रहा
राजस्थान हाईकोर्ट ने आर्मी डेंटल कोर में कमीशन के लिए अधिकारियों के चयन की नीति के खिलाफ दायर ‌याचिका खारिज की, कहा- याचिकाकर्ता सभी प्रयासों में असफल रहा

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने हाल ही में आर्मी डेंटल कोर में स्थायी कमीशन के लिए अधिकारियों के चयन की प्रक्रिया पर 1996 की नीति के खिलाफ दायर एक अभ्यर्थी की याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने निर्णय यह देखते हुए कि अभ्यर्थी ने न केवल इस प्रक्रिया में भाग लिया था, बल्कि तीन बार असफल भी रहा। इस प्रकार न्यायालय ने कहा कि अभ्यर्थी को स्वीकृति के सिद्धांत द्वारा प्रतिबंधित किया गया था। कोर्ट ने कहा कि अभ्यर्थी यह साबित नहीं कर सका कि प्रतिवादी की कथित कार्रवाई चयन प्रक्रिया के दरमियान खेल के...

किसी पुरुष को विवाहित महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने का कोई मौलिक अधिकार नहीं, खासकर तब जब वह उसकी अपनी बहन लगती हो: राजस्थान हाईकोर्ट
किसी पुरुष को विवाहित महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने का कोई मौलिक अधिकार नहीं, खासकर तब जब वह उसकी अपनी बहन लगती हो: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने एक व्यक्ति की याचिका पर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका जारी करने से इनकार कर दिया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसकी लिव-इन पार्टनर, जो उसकी सगी बहन लगती है और किसी अन्य व्यक्ति से विवाहित है, उसे अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है। ऐसा करते हुए न्यायालय ने फैसला सुनाया कि किसी व्यक्ति को किसी अन्य व्यक्ति से कानूनी रूप से विवाहित महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने का कोई मौलिक अधिकार नहीं है, खासकर तब जब वह उसकी अपनी बहन लगती हो।न्यायालय ने आगे जोर देकर कहा कि...

राजस्थान हाईकोर्ट ने जांच में कथित लापरवाही के लिए सर्किल अधिकारी के खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणी करने वाले ट्रायल कोर्ट का आदेश खारिज किया
राजस्थान हाईकोर्ट ने जांच में कथित लापरवाही के लिए सर्किल अधिकारी के खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणी करने वाले ट्रायल कोर्ट का आदेश खारिज किया

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने ट्रायल कोर्ट का आदेश खारिज किया, जिसमें संबंधित सर्किल अधिकारी के खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणी की गई थी और डीजीपी को एक मामले की जांच के दौरान कथित लापरवाही के लिए अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया गया था।ऐसा करते हुए अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ता-सर्किल अधिकारी मामले में जांच अधिकारी नहीं था। प्रतिकूल टिप्पणी पारित करने से पहले उसे सुनवाई का कोई अवसर नहीं दिया गया।जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने कहा कि यह तय है कि किसी को भी बिना सुने दोषी...

राजस्थान हाईकोर्ट ने आदेश के बावजूद मेडिकल कॉलेज की वार्षिक संबद्धता रोकने के लिए स्टेट यूनिवर्सिटी को अवमानना ​​नोटिस जारी किया
राजस्थान हाईकोर्ट ने आदेश के बावजूद मेडिकल कॉलेज की वार्षिक संबद्धता रोकने के लिए स्टेट यूनिवर्सिटी को अवमानना ​​नोटिस जारी किया

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने समन्वय पीठ के निर्देश का उल्लंघन करते हुए कॉलेज को वार्षिक संबद्धता प्रदान करने में विफल रहने के लिए राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (RUHS) को अवमानना ​​नोटिस जारी किया, जिसमें कहा गया कि RUHS बिना किसी उचित कारण के कॉलेज को परेशान करने पर तुला हुआ।जस्टिस विनीत कुमार माथुर RUHS के खिलाफ सलोनी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें दावा किया गया कि समन्वय पीठ के निर्देश के बावजूद, वर्ष 2024-25 के लिए इसकी संबद्धता रोक दी...

राजस्थान हाईकोर्ट ने दो जिलों में ओवरलोडेड ट्रकों, डंपरों के परिचालन को रोकने के लिए जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया
राजस्थान हाईकोर्ट ने दो जिलों में ओवरलोडेड ट्रकों, डंपरों के परिचालन को रोकने के लिए जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने नीम का थाना और कोटपुतली-बहरोड़ जिलों में ओवरलोडेड ट्रकों और डंपरों के परिचालन को रोकने के लिए अधिकारियों को निर्देश देने की मांग वाली जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया।जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा,"प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया जाता है, जिसका जवाब चार सप्ताह में दिया जाना है। कार्यालय को प्रतिवादियों के वकील के रूप में मिस्टर एस.एस. नरुका, एएजी का नाम कॉज लिस्ट में दिखाने का निर्देश दिया जाता है।"इस मामले में...

राजस्थान हाईकोर्ट ने मौजूदा निर्वाचित सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद 49 नगर पालिकाओं के लिए प्रशासक की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की
राजस्थान हाईकोर्ट ने मौजूदा निर्वाचित सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद 49 नगर पालिकाओं के लिए प्रशासक की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने मौजूदा निर्वाचित सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद इन नगर पालिकाओं के दैनिक कार्यों की देखरेख के लिए 49 नगर पालिकाओं के प्रशासक/प्राधिकरण की नियुक्ति के लिए राज्य की अधिसूचना को रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज की।ऐसा करते हुए न्यायालय ने फैसला सुनाया कि राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 320 (नगर पालिका की स्थापना तक उसकी शक्तियों का प्रयोग) राज्य को मौजूदा नगर पालिका के कार्यकाल की समाप्ति के बाद नई नगर पालिका की स्थापना होने तक किसी अधिकारी...

राजस्थान हाईकोर्ट ने CRPF कांस्टेबल की बर्खास्तगी रद्द की, साथी की पत्नी के घर जाने पर हुई थी कार्रवाई
राजस्थान हाईकोर्ट ने CRPF कांस्टेबल की बर्खास्तगी रद्द की, साथी की पत्नी के घर जाने पर हुई थी कार्रवाई

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने CRPF कांस्टेबल की सेवा समाप्ति को खारिज कर दिया, जिसे साथी कांस्टेबल की पत्नी और छोटे बच्चे की मौजूदगी में उसके क्वार्टर में घुसने और बाहर आने के लिए कहने पर भागने की कोशिश करने का दोषी पाया गया था। इस आधार पर कि दी गई सजा अनुपातहीन थी।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने कहा कि जब सजा अनुपातहीन थी तो न्यायालय न्यायिक पुनर्विचार के अपने सीमित दायरे के तहत हस्तक्षेप कर सकता है। यह माना गया कि सभी प्रशासनिक निर्णयों में निष्पक्षता होनी चाहिए। खासकर ऐसे दंड लगाने में...

शरीर के किसी अन्य अंग में आंशिक विकलांगता के कारण मेधावी विकलांग उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी देने से मना करना कानूनन गलत: राजस्थान हाईकोर्ट
शरीर के किसी अन्य अंग में आंशिक विकलांगता के कारण मेधावी विकलांग उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी देने से मना करना कानूनन गलत: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने ऐसे नर्सिंग उम्मीदवारों के पक्ष में दिए गए आदेश के खिलाफ राज्य की ओर से दायर अपीलों को खारिज कर दिया, जिन्हें “एक पैर में 40% या उससे अधिक विकलांगता” की आरक्षित श्रेणी में योग्य होने लेकिन अन्य पैर/शरीर के अंग में किसी अन्य विकृति से पीड़ित होने के कारण रिजेक्ट कर दिया गया था। ऐसा करते हुए न्यायालय ने कहा कि इस आधार पर नियुक्ति से इनकार करने का राज्य का कार्य कानून की दृष्टि से गलत है। दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016, राजस्थान दिव्यांग व्यक्तियों...

पेपर लीक से हजारों ईमानदार परीक्षार्थियों का भविष्य खतरे में, आरोपियों को नहीं मिल सकता जमानत का लाभ: राजस्थान हाईकोर्ट
पेपर लीक से हजारों ईमानदार परीक्षार्थियों का भविष्य खतरे में, आरोपियों को नहीं मिल सकता जमानत का लाभ: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने शिक्षक ग्रेड-द्वितीय भर्ती परीक्षा 2022 के पेपर लीक मामले में संलिप्त अभियुक्तों की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है। जस्टिस फरजंद अली की एकलपीठ ने आदेश में कहा कि यह सिर्फ एक परीक्षा के प्रश्न-पत्र के लीक मामला नहीं है, बल्कि एक संगठित अपराध है, जिससे हजारों ईमानदार परीक्षार्थियों का भविष्य खतरे में पड़ गया है।एक बस में 39 अभ्यर्थियों के पास मिला था प्रश्न-पत्र24 दिसम्बर 2022 को राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित शिक्षक ग्रेड-द्वितीय भर्ती परीक्षा के दौरान एक बड़ा पेपर...

मेडिकल शिक्षा को उच्च मानकों की जरूरत, यह सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा को प्रभावित करता है: राजस्थान हाईकोर्ट
मेडिकल शिक्षा को उच्च मानकों की जरूरत, यह सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा को प्रभावित करता है: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने बीमारी या अन्य कारणों से निर्धारित संख्या में कक्षाओं में शामिल नहीं होने पर मेडिकल छात्रों को परीक्षाओं में बैठने से रोकने वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि एमबीबीएस पाठ्यक्रमों में उपस्थिति अनिवार्य है और स्वास्थ्य सेवा प्रदाता की भूमिका को ध्यान में रखते हुए शैक्षिक मानकों को कम नहीं किया जा सकता है।ऐसा करते हुए अदालत ने रेखांकित किया कि निर्धारित न्यूनतम उपस्थिति को पूरा किए बिना, छात्रों को अगले वर्ष आगे बढ़ने की अनुमति देना हानिकारक था। अदालत ने यह...

S.15A SC/ST Act| शिकायतकर्ता को SMS, व्हाट्सएप के जरिए जमानत की सुनवाई के बारे में बताया जा सकता है: राजस्थान हाईकोर्ट ने पुलिस को सबूत/स्क्रीनशॉट पेश करने का निर्देश दिया
S.15A SC/ST Act| शिकायतकर्ता को SMS, व्हाट्सएप के जरिए जमानत की सुनवाई के बारे में बताया जा सकता है: राजस्थान हाईकोर्ट ने पुलिस को सबूत/स्क्रीनशॉट पेश करने का निर्देश दिया

हाईकोर्ट ने कहा कि SC/ST एक्ट की धारा 15ए का अनुपालन, जिसके तहत SC/ST Act के तहत आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई से पहले शिकायतकर्ता को सूचना भेजना जरूरी है, तब भी पूरा होता है, जब ऐसी सूचना SMS व्हाट्सएप के जरिए मोबाइल पर भेजी गई हो।उन्होंने पुलिस महानिदेशक और राज्य के प्रमुख सचिव को सभी जांच अधिकारियों/सभी पुलिस स्टेशनों के स्टेशन हाउस अधिकारियों को निर्देश देने का निर्देश दिया कि SC/ST Act के तहत अपराधों के लिए दायर जमानत याचिकाओं के लिए जब भी कोर्ट सरकारी वकील को शिकायतकर्ता/पीड़ित/पीड़ित...