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'पहले आओ पहले पाओ' नीति स्वाभाविक रूप से दोषपूर्ण है, सार्वजनिक रोजगार के मामलों में इसका सहारा नहीं लिया जा सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने दोहराया कि पहले आओ पहले पाओ की नीति 'स्वाभाविक रूप से दोषपूर्ण' है और राज्य को सार्वजनिक रोजगार के मामलों में इसे लागू नहीं करना चाहिए। न्यायालय ने जल शक्ति मंत्रालय और जल संसाधन विभाग को भविष्य में उक्त नीति का सहारा न लेने का निर्देश दिया।जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की एकल पीठ ने कहा, “…प्रतिवादियों द्वारा पहले आओ पहले पाओ के सिद्धांत पर अपनाई गई नीति स्वाभाविक रूप से त्रुटिपूर्ण थी, और यह सिद्धांत किसी भी सार्वजनिक रोजगार के मामले में भी लागू होगा और हालांकि, इस...
NIA पर ड्रग मामले को पहलगाम हमले से जोड़ने के बाद बच्चों को धमकाने का आरोप; सुप्रीम कोर्ट ने कहा- परिवार को परेशान नहीं होना चाहिए
जमानत मामले के संबंध में NIA ने शुक्रवार को ड्रग की आय को आतंकवाद के वित्तपोषण से जोड़ा और हाल ही में पहलगाम आतंकवादी हमले की त्रासदी का हवाला दिया। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया गया कि आरोपी के बच्चों को स्कूल में "आतंकवादियों के बच्चे" कहकर धमकाया गया, क्योंकि उन्होंने टिप्पणी की थी और उन्हें वापस लाना पड़ा।इस मामले का उल्लेख जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एन कोटिस्वर सिंह की पीठ के समक्ष सीनियर एडवोकेट आर्यमा सुंदरम ने किया, जिन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया की एक...
कानून के शासन, संघीय निष्ठा और संवैधानिक सर्वोच्चता के बचाव में सुप्रीम कोर्ट
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में संविधान के अनुच्छेद 201 के तहत विधेयकों को आरक्षित करने के राष्ट्रपति के अधिकार पर अस्थायी सीमाओं को स्पष्ट करते हुए एक ऐतिहासिक निर्णय में इस तरह के आरक्षण को तीन महीने तक सीमित कर दिया। तमिलनाडु राज्य बनाम भारत संघ (2023) से उत्पन्न इस न्यायशास्त्रीय मील के पत्थर ने संघीय शिष्टाचार, राज्यपालीय औचित्य और शक्तियों के पृथक्करण पर एक महत्वपूर्ण संवैधानिक बहस को जन्म दिया है। शीर्ष न्यायालय द्वारा राज्यपाल आर एन रवि को दस विधेयकों को अनिश्चित काल के लिए रोके रखने...
सेवानिवृत्ति के एक महीने से अधिक समय तक ग्रेच्युटी भुगतान में देरी पर 10% ब्याज लगेगा: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट की जस्टिस रवींद्र वी घुगे और जस्टिस अश्विन डी भोबे की खंडपीठ ने माना कि नौरोसजी वाडिया कॉलेज को एक सेवानिवृत्त शिक्षक को 10% ब्याज के साथ ग्रेच्युटी का भुगतान करना था, क्योंकि उनके सेवानिवृत्ति लाभों में बिना किसी औचित्य के देरी की गई थी। अदालत ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान एक महीने से अधिक समय तक ग्रेच्युटी नहीं रोक सकते, भले ही पेंशन गणना पर विवाद हो। पृष्ठभूमिनौरोसजी कॉलेज ने डॉ. चेतना राजपूत को 25 साल के लिए प्रोफेसर के रूप में नियुक्त किया था, जब तक कि वह 2023 में सेवानिवृत्त...
सुप्रीम कोर्ट ने Godhra Train Burning Case में अंतिम सुनवाई के लिए अपील की तिथि तय की
सुप्रीम कोर्ट ने गोधरा ट्रेन अग्निकांड मामले में लंबित 2018 की अपीलों की अंतिम सुनवाई के लिए 6 और 7 मई को आदेश पारित किया। कोर्ट ने कहा कि इन तिथियों पर कोई अन्य मामला सूचीबद्ध नहीं होगा।दोषियों द्वारा अपनी दोषसिद्धि को चुनौती देने वाली और गुजरात राज्य द्वारा दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग करने वाली आपराधिक अपीलें जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अरविंद कुमार की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध की गईं। हर बार जब मामला आया है तो इसे विभिन्न कारणों से स्थगित कर दिया गया। पिछली बार कोर्ट ने इस मामले में...
संभावित आरोपी CBI जांच के आदेश को चुनौती नहीं दे सकते : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संभावित आरोपी के लिए चल रही जांच को चुनौती देना संभव नहीं है।कोर्ट ने इस प्रकार कर्नाटक हाईकोर्ट के केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा जांच का आदेश देने के फैसले को चुनौती देने वाली अपील खारिज की।कोर्ट ने कहा,अतः, हमारा विचार है कि एक बार FIR दर्ज हो जाने और जांच हो जाने के बाद संभावित संदिग्ध या आरोपी द्वारा CBI द्वारा जांच के निर्देश को चुनौती नहीं दी जा सकती। किसी विशेष एजेंसी को जांच सौंपने का मामला मूल रूप से न्यायालय के विवेक पर निर्भर करता है।”मामलाजस्टिस दीपांकर...
मजिस्ट्रेट के संज्ञान आदेश को केवल इसलिए गलत नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि वह तर्कसंगत आदेश नहीं था: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि पुलिस रिपोर्ट पर संज्ञान लेने वाले मजिस्ट्रेट के आदेश को केवल इसलिए गलत नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि वह तर्कसंगत आदेश नहीं था। यदि मामले के रिकॉर्ड को पढ़ने के आधार पर प्रथम दृष्टया मामले के अस्तित्व के बारे में निष्कर्ष दर्ज करने के बाद संज्ञान लिया जाता है तो स्पष्ट कारणों की आवश्यकता नहीं होती है।जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की खंडपीठ ने झारखंड हाईकोर्ट का निर्णय खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने अपने निर्णय ने निचली अदालत के संज्ञान आदेश में...
बेची गई संपत्ति पर पुनर्ग्रहण कार्यवाही लागू नहीं की जा सकती, यह अनुच्छेद 300ए का उल्लंघन होगा: P&H हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि पंजीकृत सेल डीड के जरिए बेची गई संपत्ति को पुनर्ग्रहण कार्यवाही के माध्यम से वापस नहीं लिया जा सकता है, क्योंकि ऐसा करना अनुच्छेद 300-ए के तहत संपत्ति के अधिकार का उल्लंघन होगा। जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर और जस्टिस विकास सूरी ने कहा,"किसी भी सुप्रा शर्त के कथित उल्लंघन पर, जो अन्यथा केवल विक्रय अनुबंध (अनुलग्नक पी-8) में मौजूद है और पंजीकृत हस्तांतरण विलेख (अनुलग्नक पी-9) में शामिल नहीं है, इस प्रकार, ग्रहण की शक्ति का तत्काल आह्वान, स्वाभाविक रूप से...
कनाडाई आदेश का उल्लंघन कर पिता ने बच्चे को कस्टडी में लिया, P&H हाईकोर्ट ने बच्चे को मां को सौंपने का निर्देश दिया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक कनाडाई महिला की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को स्वीकार कर लिया है, जिसमें उसने अपने बच्चे की कस्टडी अपने पिता से मांगी है, जिसने कथित तौर पर कनाडाई न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करते हुए उन्हें कस्टडी में लिया था। जस्टिस मंजरी नेहरू कौल कहा, "भारतीय न्यायालयों को अपने अधिकार क्षेत्र में न्यायिक कार्यवाही से बचने के इच्छुक विदेशी नागरिकों के लिए मुकदमेबाजी के लिए सुविधा के साधन तक सीमित नहीं किया जा सकता। भारतीय न्यायालयों के संवैधानिक रिट अधिकार क्षेत्र...
दो वयस्कों का एक-दूसरे को विवाह के लिए चुनना संवैधानिक अधिकार, परिवार या जाति की सहमति आवश्यक नहीं: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
व्यक्तिगत स्वायत्तता और संवैधानिक स्वतंत्रता को मजबूती से दोहराते हुए जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने नवविवाहित जोड़े द्वारा दायर सुरक्षा याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि दो वयस्कों द्वारा एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में चुनना एक संवैधानिक अधिकार है, जो परिवार या समुदाय की स्वीकृति पर निर्भर नहीं करता।जस्टिस वसीम सादिक नारगल की एकल पीठ ने संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता और गरिमा के महत्व को दोहराते हुए कहा,“जब दो वयस्क आपसी सहमति से एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में...
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य विद्युत वितरण कंपनी और NTPC के संयुक्त उद्यम के खिलाफ जनहित याचिका पर 1.5 लाख का जुर्माना लगाया
राजस्थान हाईकोर्ट ने बिजली विभाग के एक रिटायर मुख्य अभियंता पर 1,50,000 का जुर्माना लगाते हुए उनकी जनहित याचिका (PIL) खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड और नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (NTPC) के संयुक्त उद्यम (JV) को रद्द करने की मांग की थी।न्यायालय ने इस याचिका को स्वार्थ प्रेरित और कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया।याचिकाकर्ता का तर्क था कि बिजली उत्पादन के क्षेत्र में उनके अनुभव के आधार पर यह संयुक्त उद्यम भविष्य में बिजली की महंगी दरों की ओर ले...
CBI की 'Undesirable Contact Men' सूची में नाम शामिल किए जाने के कारण RTI Act से अपवाद नहीं माना जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति का नाम खुफिया एजेंसी की Undesirable Contact Men (अवांछनीय संपर्क व्यक्ति) सूची में शामिल करना और उसका प्रकाशन समाचार पत्रों तथा आधिकारिक वेबसाइट पर करना प्रथम दृष्टया (Prima Facie) मानवाधिकारों का उल्लंघन है, जैसा कि सूचना का अधिकार एक्ट (RTI Act) की धारा 24(1) के तहत परिभाषित किया गया है।प्रसंग के रूप में RTI Act की धारा 24(1) कहती है कि एक्ट उन खुफिया और सुरक्षा संगठनों पर लागू नहीं होता, जो द्वितीय अनुसूची में सूचीबद्ध हैं। हालांकि, इस धारा में यह अपवाद...
IPC की धारा 498ए के दुरुपयोग के हर मामले में वास्तविक घरेलू हिंसा के सैंकड़ों मामले हैं: सुप्रीम कोर्ट
भारतीय दंड संहिता, 1860 (IPC) की धारा 498ए (अब भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) की धारा 84) की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिका खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी प्रावधान के दुरुपयोग की संभावना मात्र उसे खारिज करने का आधार नहीं हो सकती।हालांकि, कोर्ट ने यह स्वीकार करते हुए कि प्रावधान के दुरुपयोग के मामले हैं, यह भी कहा कि दुरुपयोग के हर मामले में सैकड़ों वास्तविक मामले हैं, जहां प्रावधान ने घरेलू हिंसा के खिलाफ सुरक्षा के रूप में काम किया है।न्यायालय ने कहा,"हम बढ़ते विमर्श से...
हाईकोर्ट ने जमानत पर बाहर आकर बार-बार मादक पदार्थ की तस्करी करने के आरोपी को 6 महीने हिरासत में रखने का आदेश बरकरार रखा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 21 वर्षीय एक युवक को छह महीने तक हिरासत में रखने के आदेश को बरकरार रखा है। वह कथित तौर पर जमानत पर रिहा होने के बाद भी मादक पदार्थों की लगातार अवैध तस्करी में शामिल था। न्यायालय ने कहा कि यह आदेश वांछनीय है और समाज के हित में है।जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस गजेंद्र सिंह की खंडपीठ ने कहा,“याचिकाकर्ता, जिसकी आयु लगभग 21 वर्ष है, NDPS Act के प्रावधानों के तहत तीन मामलों और मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत एक मामले में शामिल पाया गया है। जमानत पर रिहा होने के बाद, वह लगातार...
S.498 IPC | क्रूरता आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने पर निर्भर नहीं, गंभीर मानसिक या शारीरिक चोट पहुंचाना अपराध को आकर्षित करने के लिए पर्याप्त: जेएंड के हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में दिए गए फैसलो में धारा 498ए आईपीसी के सुरक्षात्मक दायरे की और मजबूत किया। कोर्ट के समक्ष दायर दो याचिकाओं धारा 498ए और 109 आईपीसी के तहत दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई थी, जिन्हें रद्द करते हुए कोर्ट ने कहा कि “यदि पति या उसके रिश्तेदारों का आचरण किसी महिला को गंभीर चोट पहुंचाने के इरादे से किया जाता है यह धारा 498ए आईपीसी के अर्थ में क्रूरता होगी, भले ही वह आत्महत्या करने के लिए प्रेरित हुई हो या ना या खुद को गंभीर चोट पहुंचाया हो या...
केरल वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में वक्फ संशोधन अधिनियम का विरोध किया, कहा - यह धर्मनिरपेक्षता को कमजोर करता है
केरल राज्य वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में प्रारंभिक जवाब दाखिल करते हुए वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 का विरोध किया। बोर्ड ने दलील दी कि यह कानून असंवैधानिक है, क्योंकि यह धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों को कमजोर करता है और नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है।बोर्ड ने भारत सरकार पर चयनात्मक नीति अपनाने का आरोप लगाया, जिसके तहत कुछ धर्मों को निशाना बनाकर उनकी संपत्तियों को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।बोर्ड ने कहा,“सभी धर्मों के पास धार्मिक उद्देश्यों के लिए समर्पित संपत्तियों के...
समाज में ऑनर किलिंग हो रही है: कोर्ट ने नाबालिग बेटी की हत्या कर शव जलाने वाले माता-पिता को उम्रकैद की सजा दी
ओडिशा के सेशन कोर्ट ने नाबालिग लड़की की हत्या कर उसके शव को जलाने और साक्ष्य छिपाने के आरोप में माता-पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई।एडिशनल सेशन जज (FTSC-II), जाजपुर, विजय कुमार जेना ने इस कृत्य को 'ऑनर किलिंग' करार दिया लेकिन इसे दुर्लभतम में दुर्लभ मामलों की श्रेणी में नहीं माना। न्यायालय ने कहा कि “ऐसे अपराध समाज में हो रहे हैं इसलिए यह मामला दुर्लभतम की श्रेणी में नहीं आता।"मामले की पृष्ठभूमि:सह-ग्रामवासी महिला ने 14.02.2016 की रात को अपने पड़ोसियों के घर से रोने की आवाज सुनने के बाद बिन्झरपुर...
हस्ताक्षर न करने के कारण चयन वेतनमान से वंचित पात्र सरकारी लेक्चरर को राजस्थान हाईकोर्ट से राहत
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक सरकारी लेक्चरर को चयन वेतनमान (Selection Scale) देने से इनकार करने के राज्य सरकार का निर्णय खारिज कर दिया। याचिकाकर्ता से यह लाभ केवल इसलिए छीना गया था, क्योंकि उसने आवेदन पत्र भरने के बाद उस पर हस्ताक्षर नहीं किए, जबकि शेष विवरण सही तरीके से भरे गए थे।जस्टिस विनीत कुमार माथुर ने अपने आदेश में कहा,"केवल इस आधार पर कि आवेदन पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए गए, यदि उसमें भरी गई जानकारी सही है और याचिकाकर्ता अन्यथा चयन वेतनमान के लिए पात्र है तो उसे इस लाभ से वंचित नहीं किया जा...
जस्टिस ए.एम. सप्रे ने 20 लाख रुपये फीस लेने से किया इनकार, चाय बागान मजदूरों की विधवाओं को दी जाएगी राशि
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (23 अप्रैल) को तमिलनाडु, केरल और असम राज्यों को निर्देश दिया कि वे ऐसे मामलों की पहचान करें, जहां मृतक चाय मजदूरों की विधवाएं गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उन्हें वह राशि वितरित की जाएगी, जो रिटायर सुप्रीम कोर्ट के जज न्यायमूर्ति ए.एम. सप्रे को दी जानी थी।जस्टिस अभय एस. ओक और जस्टिस उज्जल भुइयां की खंडपीठ ने यह निर्देश तब दिया। खंडपीठ ने यह निर्देश उस वक्त दिया जब उन्हें बताया गया कि जस्टिस सप्रे ने चाय बागान मजदूरों को लंबित बकाया राशि का...
वादी किसी अन्य पक्ष द्वारा निष्पादित सेल डीड रद्द करने की मांग किए बिना स्वामित्व की घोषणा की मांग कर सकता है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी संपत्ति पर स्वामित्व की घोषणा की मांग करने वाले वादी को विशिष्ट राहत अधिनियम, 1963 (SRA) की धारा 31 के अनुसार उसी संपत्ति पर किसी अन्य पक्ष द्वारा निष्पादित सेल डीड रद्द करने की विशेष रूप से मांग करने की आवश्यकता नहीं है।कोर्ट ने कहा कि SRA की धारा 34 के अनुसार वादी द्वारा मांगी गई घोषणा केवल इसलिए गैर-रखरखाव योग्य नहीं हो जाती, क्योंकि उसने किसी अन्य पक्ष द्वारा निष्पादित सेल डीड रद्द करने की "आगे की राहत" की मांग नहीं की, जिसके साथ वादी का कोई अनुबंध नहीं है। दूसरे...




















