ताज़ा खबरे

डेपुटेशन अनुभव के आधार पर बराबर पद के दावे को नहीं रोकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
डेपुटेशन अनुभव के आधार पर बराबर पद के दावे को नहीं रोकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने कहा कि मूल विभाग में मिले अनुभव को उधार लेने वाले संगठन में बराबर पद तय करते समय नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।जस्टिस जावेद इकबाल वानी की बेंच ने कहा कि यह बात कि डेपुटेशन पर आया व्यक्ति उधार लेने वाले विभाग में बराबर पद नहीं मांग सकता, गलतफहमी वाली, साफ तौर पर गलत, अनुचित, तर्कहीन और भेदभावपूर्ण है।याचिकाकर्ता प्रतिवादी नंबर 7 का स्थायी कर्मचारी है। वह असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (डिग्री धारक) के रूप में काम कर रहा था। अक्टूबर, 2016 में उसे CVPPL में डेपुटेशन पर भेजा...

बेंच बदलने से कानून नहीं बदल सकता कोऑर्डिनेट बेंच का फैसला बाध्यकारी : सुप्रीम कोर्ट
बेंच बदलने से कानून नहीं बदल सकता कोऑर्डिनेट बेंच का फैसला बाध्यकारी : सुप्रीम कोर्ट

गुजरात SEZ से बिजली पर अडानी पावर को कस्टम ड्यूटी में छूट देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट को स्टेयर डेसिसिस के सिद्धांत का उल्लंघन करने के लिए यह कहते हुए गलत ठहराया कि उसने गलत तरीके से एक बाध्यकारी कोऑर्डिनेट बेंच के फैसले को नज़रअंदाज़ किया और दोहराया कि बेंच बदलने से कानून नहीं बदल सकता।कहा गया,“मिसाल का अनुशासन व्यक्तिगत पसंद का मामला नहीं है; यह एक संस्थागत ज़रूरत है। स्टेयर डेसिसिस एट नॉन क्विएटा मूवेरे जिसका मतलब है कि जो तय हो गया, उस पर कायम रहना और जो तय हो गया, उसे परेशान न...

दिल्ली हाईकोर्ट ने इज़राइली कंपनी के साथ पेटेंट विवाद में भारतीय फर्म द्वारा बनाए गए सिंचाई वाल्व के खिलाफ आदेश पर रोक लगाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने इज़राइली कंपनी के साथ पेटेंट विवाद में भारतीय फर्म द्वारा बनाए गए सिंचाई वाल्व के खिलाफ आदेश पर रोक लगाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को एक आदेश पर रोक लगाई, जिसमें एक भारतीय सिंचाई उपकरण निर्माता को अपना "हाइड्रोमैट वाल्व" बेचने से रोका गया, जिसे पहले इज़राइल स्थित कंपनी के पेटेंट का उल्लंघन करने वाला माना गया।जस्टिस सी हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की डिवीजन बेंच ने 5 जनवरी, 2026 को यह फैसला सुनाया, जबकि ऑटोमैट इरिगेशन द्वारा दायर अपील पर फैसला किया जा रहा था।एक्वेस्टिया लिमिटेड द्वारा दायर अंतरिम याचिका पर 1 अगस्त, 2025 के पिछले आदेश पर रोक लगाते हुए बेंच ने कहा कि इसमें दावा निर्माण और...

गिनती में छोटी-मोटी गड़बड़ियां जाली करेंसी की ज़ब्ती को गलत साबित नहीं कर सकतीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने CBI की अपील मंज़ूर की, बरी करने का फैसला पलटा
गिनती में छोटी-मोटी गड़बड़ियां जाली करेंसी की ज़ब्ती को गलत साबित नहीं कर सकतीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने CBI की अपील मंज़ूर की, बरी करने का फैसला पलटा

दिल्ली हाईकोर्ट ने जाली करेंसी के मामले में आरोपी को बरी करने का फैसला रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जाली करेंसी नोटों की गिनती में छोटी-मोटी गड़बड़ियां अभियोजन पक्ष के मामले को गलत साबित करने के लिए काफी नहीं हैं, जब बरामदगी और कब्ज़ा उचित संदेह से परे साबित हो चुके हों।CBI की अपील को मंज़ूर करते हुए जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें आरोपी को जाली करेंसी नोट रखने से जुड़े IPC की धारा 489C के तहत दंडनीय अपराध से बरी कर दिया गया।बेंच ने कहा,“जाली भारतीय...

चार्ज फ्रेम होने के बाद CrPC की धारा 173(8) के तहत आगे की जांच का आदेश रूटीन तौर पर नहीं दिया जा सकता, इसके पीछे ठोस कारण होने चाहिए: बॉम्बे हाईकोर्ट
चार्ज फ्रेम होने के बाद CrPC की धारा 173(8) के तहत आगे की जांच का आदेश रूटीन तौर पर नहीं दिया जा सकता, इसके पीछे ठोस कारण होने चाहिए: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि हालांकि क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (CrPC) की धारा 173(8) के तहत आगे की जांच के लिए आवेदन चार्ज फ्रेम होने के बाद भी किया जा सकता है, लेकिन इस शक्ति का इस्तेमाल मशीनी या रूटीन तरीके से नहीं किया जा सकता, और इसके पीछे मजबूत और सही कारण होने चाहिए, जो जांच में गंभीर कमियों को दिखाते हों। कोर्ट ने कहा कि निष्पक्ष जांच का मतलब है जांच करने का पर्याप्त मौका, और कोई भी जांच को तब तक चुनौती नहीं दे सकता, जब तक कि जांच पर शक करने का कोई सही आधार न हो।जस्टिस एस. एम. मोदक आपराधिक आवेदन...

रोजी-रोटी कमाने का उसका अधिकार कम नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिग बेटी के रेप केस में सरकारी कर्मचारी की सज़ा और उम्रकैद पर रोक लगाई
'रोजी-रोटी कमाने का उसका अधिकार कम नहीं किया जा सकता': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिग बेटी के रेप केस में सरकारी कर्मचारी की सज़ा और उम्रकैद पर रोक लगाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक सरकारी कर्मचारी (लेखपाल) की सज़ा और उम्रकैद पर रोक लगाई, जिस पर अपनी 16 साल की बेटी का यौन उत्पीड़न करने का आरोप है। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ़ इस मामले में शामिल होने की वजह से उसकी ज़िंदगी जीने के लिए रोजी-रोटी कमाने के अधिकार को कम नहीं किया जा सकता।जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस प्रशांत मिश्रा-I की बेंच ने यह भी कहा कि यह अपील 2024 की है और केसों के भारी बैकलॉग के कारण निकट भविष्य में इसकी सुनवाई की बहुत कम संभावना है।ट्रायल कोर्ट ने पिछले साल मई में पिता-आरोपी...

मेडिकल रिव्यू के कारण हुई देरी BSF उम्मीदवारों की पिछली तारीख से सीनियरिटी को सही नहीं ठहरा सकती: दिल्ली हाईकोर्ट
मेडिकल रिव्यू के कारण हुई देरी BSF उम्मीदवारों की पिछली तारीख से सीनियरिटी को सही नहीं ठहरा सकती: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट की फुल बेंच ने फैसला सुनाया कि मेडिकल री-एग्जामिनेशन के कारण हुई देरी के बाद बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) में नियुक्त उम्मीदवार उन बैचमेट्स से सीनियरिटी का दावा नहीं कर सकते, जिन्होंने पहले सर्विस जॉइन की थी, भले ही देरी उनकी गलती से न हुई हो।जस्टिस सी. हरि शंकर, जस्टिस ज्योति सिंह और जस्टिस अजय डिगपाल की तीन-जजों की बेंच ने इस तरह उन डायरेक्ट रिक्रूट्स की सीनियरिटी के मुद्दे पर कोर्ट की अलग-अलग डिवीजन बेंचों द्वारा लिए गए विरोधाभासी विचारों को सुलझाया, जिनकी नियुक्तियां मेडिकल...

विजय स्टारर फिल्म जना नायकन के प्रोड्यूसर्स ने CBFC सर्टिफिकेट जारी न होने पर हाईकोर्ट का रुख किया
विजय स्टारर फिल्म "जना नायकन" के प्रोड्यूसर्स ने CBFC सर्टिफिकेट जारी न होने पर हाईकोर्ट का रुख किया

विजय स्टारर बहुप्रतीक्षित तमिल फिल्म "जना नायकन" के प्रोड्यूसर्स ने सेंसर सर्टिफिकेट जारी करने की मांग को लेकर मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया।जस्टिस पीटी आशा ने मंगलवार (6 जनवरी) को फिल्म के प्रोड्यूसर्स द्वारा दायर अर्जेंट याचिका को मंज़ूरी दी।फिल्म का निर्माण कर रहे केवीएन प्रोडक्शंस, जिसका प्रतिनिधित्व वेंकट के नारायण कर रहे हैं, उन्होंने कोर्ट में आरोप लगाया कि फिल्म का सर्टिफिकेशन बिना किसी वजह के रोका और टाला जा रहा है, जिससे फिल्म के प्रोड्यूसर्स को भारी वित्तीय नुकसान होगा।नारायण ने बताया...

समान वेतन की मांग करने वाले पश्चिम बंगाल के पार्ट-टाइम शिक्षकों को नई प्रतिनिधित्व याचिका दाखिल करने की अनुमति: सुप्रीम कोर्ट
समान वेतन की मांग करने वाले पश्चिम बंगाल के पार्ट-टाइम शिक्षकों को नई प्रतिनिधित्व याचिका दाखिल करने की अनुमति: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने आज पश्चिम बंगाल के कुछ अंशकालिक (पार्ट-टाइम) शिक्षकों को राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव के समक्ष पूर्णकालिक शिक्षकों के समान वेतन (पे-पैरिटी) की मांग को लेकर नई अभ्यावेदन/प्रतिनिधित्व (representation) दाखिल करने की अनुमति दी। अदालत ने निर्देश दिया कि सक्षम प्राधिकारी उनके अभ्यावेदन पर चार महीने के भीतर कारणयुक्त (reasoned) आदेश पारित करे।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया। कोर्ट में आदेश का ऑपरेटिव भाग पढ़ते हुए न्यायमूर्ति मेहता ने कहा...

वादी अपनी मर्ज़ी से तय करता है किसे पक्ष बनाना है, किसी को ज़बरदस्ती जोड़ नहीं सकते : सुप्रीम कोर्ट
वादी अपनी मर्ज़ी से तय करता है किसे पक्ष बनाना है, किसी को ज़बरदस्ती जोड़ नहीं सकते : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (5 जनवरी) को एक याचिका खारिज कर दी, जिसमें याची ने स्वयं को एक वाद (सूट) में प्रतिवादी के रूप में शामिल किए जाने की मांग की थी। अदालत ने कहा कि वादी (plaintiff) वाद का “डोमिनस लिटिस” होता है और उसे यह अधिकार है कि वह किनके विरुद्ध राहत मांगना चाहता है। ऐसे में किसी ऐसे पक्ष को शामिल करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता, जिसके खिलाफ कोई राहत ही दावा नहीं की गई हो।जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की खंडपीठ ने कहा —“वादी अपने प्रतिद्वंद्वी स्वयं चुनते हैं। यदि...

S. 105 BNSS | पुलिस को तलाशी और ज़ब्ती की वीडियोग्राफी करनी होगी, वरना अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट
S. 105 BNSS | पुलिस को तलाशी और ज़ब्ती की वीडियोग्राफी करनी होगी, वरना अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिया कि वह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 105 के तहत निर्धारित तलाशी और ज़ब्ती की अनिवार्य ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी करें।40 मोटरसाइकिलों की कथित बरामदगी से जुड़े चोरी के मामले में आरोपी को जमानत देते हुए जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की बेंच ने कहा कि BNSS की धारा 105 के अनिवार्य प्रावधान का पालन न करने से पूरी अभियोजन कहानी पर संदेह पैदा होता...

क्या प्रोफ़ेसर अली खान महमूदबाद के खिलाफ़ केस बंद किया जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार से पूछा
क्या प्रोफ़ेसर अली खान महमूदबाद के खिलाफ़ केस बंद किया जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार से पूछा

सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया कि हरियाणा राज्य एक बार की दरियादिली दिखाते हुए ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में उनके सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर आपराधिक मामले में अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर अली खान महमूदबाद पर मुकदमा चलाने की मंज़ूरी न दे।कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर राज्य ऐसी नरमी दिखाने को तैयार है तो यह ज़रूरी है कि महमूदबाद भी भविष्य में 'ज़िम्मेदारी से पेश आएं'।चीफ़ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही थी।चीफ़ जस्टिस ने शुरुआत में टिप्पणी...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवैध रूप से बेदखल की गई महिला को ₹1 लाख क्षतिपूर्ति का आदेश दिया; सिविल जज के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवैध रूप से बेदखल की गई महिला को ₹1 लाख क्षतिपूर्ति का आदेश दिया; सिविल जज के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को एक महिला और उसके तीन नाबालिग बच्चों को अवैध रूप से घर से बेदखल किए जाने के मामले में बड़ी राहत देते हुए रु. 1 लाख का मुआवज़ा देने का आदेश दिया। साथ ही, अदालत ने संबंधित संपत्ति का कब्ज़ा पुनः बहाल करने का निर्देश भी जारी किया।इसके साथ ही, कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए आदेश की प्रति मुख्य न्यायाधीश को भेजने का निर्देश दिया, ताकि उस सिविल जज (कनिष्ठ प्रभाग) के खिलाफ उचित प्रशासनिक कार्रवाई पर विचार किया जा सके, जिसने प्रतिवादी के पक्ष में एकतरफा अंतरिम रोक आदेश...

कानूनी पेशे में सर्वोच्च पद हमेशा मेहनती और धैर्यवान युवा वकीलों के लिए सुरक्षित रहते हैं” — जस्टिस एस.के. साहू ने ओडिशा हाईकोर्ट को दी भावभीनी
कानूनी पेशे में सर्वोच्च पद हमेशा मेहनती और धैर्यवान युवा वकीलों के लिए सुरक्षित रहते हैं” — जस्टिस एस.के. साहू ने ओडिशा हाईकोर्ट को दी भावभीनी

ओडिशा हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस हरीश टंडन की अध्यक्षता में सोमवार (05 जनवरी) को जस्टिस संगम कुमार साहू के सम्मान में विदाई समारोह आयोजित किया गया। हाल ही में उन्हें पटना हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है।दोपहर में चीफ जस्टिस के पुराने कोर्ट रूम में फुल कोर्ट रेफरेंस आयोजित हुआ, जिसमें जजों के साथ एडवोकेट जनरल पिताम्बर आचार्य, डिप्टी सॉलिसिटर जनरल (DSGI) पी.के. परही, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (OHCBA) के अध्यक्ष मनोज कुमार मिश्रा और बार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। चीफ जस्टिस ने जस्टिस साहू की...