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गंभीर अपराध का हवाला देकर त्वरित सुनवाई के अधिकार से इंकार नहीं किया जा सकता, लम्बी प्री-ट्रायल हिरासत सज़ा के समान: सुप्रीम कोर्ट
गंभीर अपराध का हवाला देकर त्वरित सुनवाई के अधिकार से इंकार नहीं किया जा सकता, लम्बी प्री-ट्रायल हिरासत सज़ा के समान: सुप्रीम कोर्ट

अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त त्वरित सुनवाई के अधिकार को अपराध के प्रकार के आधार पर कम नहीं किया जा सकता, सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट करते हुए कहा कि बिना मुकदमे की शुरुआत या उसकी सार्थक प्रगति के, एक आरोपी को लम्बे समय तक न्यायिक हिरासत में रखना, पूर्व-विचारण बंदी को दण्ड का रूप दे देता है। यह टिप्पणी न्यायालय ने अमटेक ऑटो के पूर्व प्रवर्तक अरविंद धाम को मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत देते हुए की।न्यायालय ने जावेद गुलाम नबी शेख बनाम महाराष्ट्र राज्य के निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि यदि राज्य,...

MBBS/BDS में स्पोर्ट्स कोटा एडमिशन: सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब 2024 सेशन के बीच में पॉलिसी बदलने को रद्द किया
MBBS/BDS में स्पोर्ट्स कोटा एडमिशन: सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब 2024 सेशन के बीच में पॉलिसी बदलने को रद्द किया

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब में MBBS और BDS कोर्स में स्पोर्ट्स कोटा एडमिशन के लिए विचार क्षेत्र के बीच में किए गए विस्तार को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने के बाद एडमिशन के नियमों को बदलना संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत निष्पक्षता, पारदर्शिता और मनमानी न करने के तय सिद्धांतों का उल्लंघन है।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों से जुड़ी सिविल अपीलों के एक बैच को अनुमति दी, जिसमें 2024 सेशन के दौरान एडमिशन के लिए क्लास XI और XII...

एक ही साज़िश से बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के मामलों में एक FIR दर्ज करना कानूनी तौर पर सही: सुप्रीम कोर्ट
एक ही साज़िश से बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के मामलों में एक FIR दर्ज करना कानूनी तौर पर सही: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में जहां एक ही आपराधिक साज़िश के कारण बड़ी संख्या में निवेशकों के साथ धोखाधड़ी हुई हो, वहां एक FIR दर्ज करना और दूसरी शिकायतों को आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 161 के तहत बयान के तौर पर मानना ​​कानूनी तौर पर सही है। कोर्ट ने 2019 में दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा लिया गया विपरीत फैसला रद्द कर दिया, जिसमें हर निवेशक के लिए अलग-अलग FIR दर्ज करने का आदेश दिया गया।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने राज्य (दिल्ली NCT) द्वारा दायर अपील को मंज़ूरी दी...

NDPS Act के आरोपी को प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर नहीं किया जा सकता, सिर्फ प्रोक्लेम्ड पर्सन घोषित होगा: दिल्ली हाईकोर्ट
NDPS Act के आरोपी को प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर नहीं किया जा सकता, सिर्फ प्रोक्लेम्ड पर्सन' घोषित होगा: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS Act) के तहत गिरफ्तार किए गए आरोपी को CrPC की धारा 82 के तहत भगोड़ा अपराधी घोषित नहीं किया जा सकता।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने तर्क दिया कि किसी व्यक्ति को भगोड़ा अपराधी केवल उन्हीं अपराधों के संबंध में घोषित किया जा सकता है, जो विशेष रूप से CrPC की धारा 82(4) के तहत दिए गए हैं। अन्य सभी अपराधों के लिए व्यक्ति को केवल भगोड़ा व्यक्ति घोषित किया जा सकता है।चूंकि NDPS Act के तहत अपराध CrPC की धारा 82(4) के तहत परिभाषित...

तय कोटे से ज़्यादा एड-हॉक प्रमोशन से सीनियरिटी या सर्विस बेनिफिट्स का कोई अधिकार नहीं मिलता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
तय कोटे से ज़्यादा एड-हॉक प्रमोशन से सीनियरिटी या सर्विस बेनिफिट्स का कोई अधिकार नहीं मिलता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक रिट याचिका खारिज करते हुए कहा कि जब एड-हॉक प्रमोशन साफ ​​तौर पर 15% कोटे से ज़्यादा है। इसलिए रिक्रूटमेंट और प्रमोशन नियमों के अनुसार नहीं है तो कोई भी सर्विस बेनिफिट्स नहीं दिए जा सकते।जस्टिस रंजन शर्मा ने टिप्पणी की,“एक बार जब याचिकाकर्ता को दिया गया एड-हॉक प्रमोशन 15% कोटे से ज़्यादा था, नियमों के अनुसार नहीं' दिया गया एड-हॉक प्रमोशन न तो कोई अधिकार देगा और न ही सर्विस बेनिफिट्स के लिए नियमों के बाहर दी गई सेवा के लाभ के लिए कानूनी रूप से लागू करने योग्य...

बिहार उत्पाद अधिनियम | शराब के साथ जब्त किराये की कार की रिहाई पर पटना हाईकोर्ट ने जुर्माना 50% से घटाकर 30% किया
बिहार उत्पाद अधिनियम | शराब के साथ जब्त किराये की कार की रिहाई पर पटना हाईकोर्ट ने जुर्माना 50% से घटाकर 30% किया

पटना हाईकोर्ट ने लगभग 318 लीटर शराब के साथ जब्त की गई एक किराये की कार की रिहाई के लिए लगाए गए 50 प्रतिशत जुर्माने को घटाकर 30 प्रतिशत कर दिया। साथ ही न्यायालय ने जुर्माने के अतिरिक्त लगाए गए 3 प्रतिशत शुल्क को अवैध करार देते हुए निरस्त कर दिया।जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद और जस्टिस सौरेन्द्र पांडेय की खंडपीठ ने कहा कि वाहन का मालिक इस मामले में अभियुक्त नहीं है और जब्ती से संबंधित आदेशों में सुधार की आवश्यकता है।न्यायालय ने कहा,“यह न्यायालय यह उचित और न्यायसंगत समझता है कि दंडादेश में संशोधन करते...

Punjab Excise Act | आधी भरी, बिना सील वाली शराब की बोतलों से गंभीर संदेह पैदा होता है: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बरी करने का फैसला बरकरार रखा
Punjab Excise Act | आधी भरी, बिना सील वाली शराब की बोतलों से गंभीर संदेह पैदा होता है: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बरी करने का फैसला बरकरार रखा

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य की अपील खारिज की, जिसमें पंजाब एक्साइज एक्ट (Punjab Excise Act) की धारा 61(1)(a) के तहत दंडनीय अपराध (अवैध रूप से कोई भी नशीला पदार्थ (जैसे शराब या ड्रग्स) या उन्हें बनाने का सामान/उपकरण रखना) करने के आरोपी को बरी किए जाने को चुनौती दी गई।कोर्ट ने कहा कि जब्त की गई शराब की बोतलों की सीलिंग, पेशी और पहचान में गंभीर कमियों ने अभियोजन पक्ष के मामले को कमजोर कर दिया।कोर्ट ने आगे कहा कि उसके सामने पेश की गई बोतलें आधी भरी और खाली थीं, जो अभियोजन पक्ष के इस बयान के...

S.311A CrPC | औपचारिक गिरफ्तारी न होने पर भी हैंडराइटिंग सैंपल देने का निर्देश दिया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
S.311A CrPC | औपचारिक गिरफ्तारी न होने पर भी हैंडराइटिंग सैंपल देने का निर्देश दिया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि औपचारिक गिरफ्तारी न होने पर भी मजिस्ट्रेट किसी व्यक्ति को CrPC की धारा 311A ​ के तहत हैंडराइटिंग या सिग्नेचर के सैंपल देने का निर्देश दे सकता है।बता दें, CrPC की धारा 311A मजिस्ट्रेट को किसी भी जांच या कार्यवाही के लिए व्यक्तियों को नमूना हस्ताक्षर या हैंडराइटिंग देने का आदेश देने का अधिकार देता है। इसमें एक शर्त जोड़ी गई कि कोई भी आदेश तब तक नहीं दिया जाएगा, जब तक कि उस व्यक्ति को ऐसी जांच या कार्यवाही के संबंध में कभी गिरफ्तार न किया गया हो।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की...

सुप्रीम कोर्ट ने यौन उत्पीड़न से निपटने के लिए कोर्ट/ट्रिब्यूनल और बार निकायों में कमेटियों के गठन पर मांगी रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने यौन उत्पीड़न से निपटने के लिए कोर्ट/ट्रिब्यूनल और बार निकायों में कमेटियों के गठन पर मांगी रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अलग-अलग हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से स्टेटस रिपोर्ट मांगी कि क्या महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतों से निपटने के लिए हाई कोर्ट, डिस्ट्रिक्ट कोर्ट और बार एसोसिएशन में जेंडर सेंसिटाइजेशन कमेटियां और इंटरनल कंप्लेंट कमेटियां (ICC) बनाई गई।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत (CJI) और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच देश भर के हाईकोर्ट और डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में इंटरनल कंप्लेंट कमेटियां बनाने सहित विशाखा गाइडलाइंस को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश...

अगर नियमों में साफ़ तौर पर इजाज़त न हो तो पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज रिटायर्ड कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट
अगर नियमों में साफ़ तौर पर इजाज़त न हो तो पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज रिटायर्ड कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (6 जनवरी) को फैसला सुनाया कि एक पब्लिक-सेक्टर कॉर्पोरेशन अपने सर्विस रेगुलेशन में साफ़ तौर पर इजाज़त देने वाले प्रावधान के अभाव में रिटायरमेंट के बाद किसी कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू या जारी नहीं रख सकता।जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने महाराष्ट्र स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के पूर्व कर्मचारी के रिटायरमेंट के लगभग ग्यारह महीने बाद उसके खिलाफ की गई रिटायरमेंट के बाद की अनुशासनात्मक कार्रवाई रद्द कर दी।यह देखते हुए कि महाराष्ट्र...

प्रीलिम्स में छूट का फायदा उठाने वाला आरक्षित श्रेणी का उम्मीदवार फाइनल रैंक के आधार पर अनारक्षित सीट का दावा नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट
प्रीलिम्स में छूट का फायदा उठाने वाला आरक्षित श्रेणी का उम्मीदवार फाइनल रैंक के आधार पर अनारक्षित सीट का दावा नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (6 जनवरी) को इंडियन फॉरेस्ट सर्विस के अनारक्षित कैडर में अनुसूचित जाति श्रेणी के उम्मीदवार की नियुक्ति पर विचार करने से इनकार कर दिया, क्योंकि उम्मीदवार ने प्रारंभिक परीक्षा के चरण में छूट का फायदा उठाया था।जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने कहा,"एक बार जब आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवार ने छूट ले ली है तो उसे अनारक्षित रिक्तियों के लिए नहीं माना जा सकता है।"यह फैसला यूनियन ऑफ इंडिया की उस याचिका को स्वीकार करते हुए दिया गया, जो कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले...

वायु प्रदूषण: सुप्रीम कोर्ट ने CAQM की ढीली कार्यप्रणाली पर नाराज़गी जताई, कारणों और दीर्घकालिक समाधानों पर रिपोर्ट तलब
वायु प्रदूषण: सुप्रीम कोर्ट ने CAQM की ढीली कार्यप्रणाली पर नाराज़गी जताई, कारणों और दीर्घकालिक समाधानों पर रिपोर्ट तलब

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर में लगातार बने हुए वायु प्रदूषण संकट को लेकर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के रवैए को “गैर-गंभीर” करार देते हुए कड़ी आलोचना की और आयोग को निर्देश दिया कि वह तुरंत डोमेन विशेषज्ञों की एक समन्वित बैठक बुलाए तथा व्यापक रिपोर्ट अदालत के समक्ष और सार्वजनिक डोमेन में प्रस्तुत करे।चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने टिप्पणी की कि विभिन्न विशेषज्ञ संस्थाएँ प्रदूषण के स्रोतों और उनके योगदान के प्रतिशत को लेकर आपस में भिन्न-भिन्न...

प्री-2009 स्पेशल फ्रंटियर फोर्स कर्मियों को सेना के समान 100 प्रतिशत पेंशन समानता नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
प्री-2009 स्पेशल फ्रंटियर फोर्स कर्मियों को सेना के समान 100 प्रतिशत पेंशन समानता नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि स्पेशल फ्रंटियर फोर्स (SFF) के वे कर्मी जो 1 जनवरी, 2009 से पहले रिटायर हुए हैं, वे भारतीय सेना के समकक्ष रैंकों के समान 100 प्रतिशत पेंशन की मांग के हकदार नहीं हैं। अदालत ने कहा कि ऐसे कर्मी केवल पेंशन के कम्यूटेड मूल्य के 45 प्रतिशत की बहाली का ही दावा कर सकते हैं, जैसा कि पूर्व में न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों में निर्धारित किया गया।चीफ जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने पूर्व सैनिक कल्याण संघ द्वारा दायर रिट याचिका खारिज करते हुए...

सुप्रीम कोर्ट ने अमीर आरोपियों द्वारा ट्रायल से बचने के लिए संवैधानिक चुनौतियों का सहारा लेने की प्रथा पर नाराज़गी जताई
सुप्रीम कोर्ट ने अमीर आरोपियों द्वारा ट्रायल से बचने के लिए संवैधानिक चुनौतियों का सहारा लेने की प्रथा पर नाराज़गी जताई

सुप्रीम कोर्ट ने एक वकील की उस याचिका पर नाराज़गी जताई, जिसमें PMLA की धारा 44(1)(c) को चुनौती दी गई और इसे अगस्तावेस्टलैंड घोटाले से जुड़े ट्रायल का सामना कर रहे 'अमीर लोगों' द्वारा 'सिस्टम को बाईपास करने' की कोशिश बताया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच वकील गौतम खैतान द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें PMLA की धारा 44(1)(c) की वैधता को चुनौती दी गई।PMLA की धारा 44(1)(c) में यह अनिवार्य है कि जब मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध किसी शेड्यूल अपराध से...

पश्चिम बंगाल SIR की समयसीमा बढ़ाने की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे TMC सांसद डेरेक ओब्रायन
पश्चिम बंगाल SIR की समयसीमा बढ़ाने की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे TMC सांसद डेरेक ओ'ब्रायन

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने पश्चिम बंगाल में हो रही विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा अपनाई जा रही प्रक्रियाओं को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दायर किया है।याचिका में आरोप लगाया गया है कि निर्वाचन आयोग बूथ स्तर अधिकारियों (BLOs) और अन्य कर्मियों को औपचारिक चैनलों के बजाय अनौपचारिक माध्यमों जैसे व्हाट्सऐप के जरिए निर्देश जारी कर रहा है, जिससे पूरे प्रक्रिया का ऑडिट ट्रेल असंभव हो जाता है और लोकतांत्रिक अधिकारों...

दिल्ली हाईकोर्ट ने रितेश देशमुख स्टारर मस्ती 4 के खिलाफ कॉपीराइट केस में नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने रितेश देशमुख स्टारर 'मस्ती 4' के खिलाफ कॉपीराइट केस में नोटिस जारी किया

रेडियो जॉकी और पॉपुलर कंटेंट क्रिएटर आशीष शर्मा ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने हिंदी फिल्म मस्ती 4 के मेकर्स पर बिना इजाज़त के उनके पॉपुलर इंस्टाग्राम स्किट का सीन कॉपी करने का आरोप लगाया।शर्मा ने परमानेंट रोक, हर्जाना और हिसाब-किताब की मांग की। उनका दावा है कि फिल्म का एक सीन उनके ऑडियो-विजुअल स्किट शक करने का नतीजा से काफी मिलता-जुलता है, जिसे उन्होंने जनवरी, 2024 में इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया था।जस्टिस तुषार राव गेडेला की सिंगल-जज बेंच ने 6 जनवरी, 2026 को शर्मा की...

सरकारी वकीलों की नियुक्ति को लेकर सुनवाई में अन्य वकीलों को बुलाने पर हाईकोर्ट ने लगाई पेश वकील को फटकार
सरकारी वकीलों की नियुक्ति को लेकर सुनवाई में अन्य वकीलों को बुलाने पर हाईकोर्ट ने लगाई पेश वकील को फटकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार के पैनल वकीलों की नियुक्ति में कथित मनमानी को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान एक वकील को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने सुनवाई में शामिल होने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से अन्य वकीलों से सार्वजनिक अपील करने को न्यायिक मर्यादा और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियमों का उल्लंघन बताया।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ ने प्रथम पीढ़ी वकील संघ (फर्स्ट जनरेशन लॉयर्स एसोसिएशन) के अध्यक्ष एवं याचिकाकर्ता वकील रुद्र विक्रम सिंह को आड़े...