जानिए हमारा कानून

वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 40-42 : कंपनियों और सरकारी विभागों द्वारा अपराध, और सद्भाव में की गई कार्रवाई का संरक्षण
वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 40-42 : कंपनियों और सरकारी विभागों द्वारा अपराध, और सद्भाव में की गई कार्रवाई का संरक्षण

वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 का यह अध्याय स्पष्ट करता है कि जब कोई अपराध किसी कंपनी, फर्म या सरकारी विभाग द्वारा किया जाता है, तो कौन जवाबदेह होगा। यह व्यक्तियों को जवाबदेह ठहराने के लिए कानूनी प्रक्रियाओं को परिभाषित करता है और अधिकारियों को सद्भाव (good faith) में की गई कार्रवाइयों के लिए सुरक्षा भी प्रदान करता है।धारा 40 - कंपनियों द्वारा अपराध (Offences by Companies)यह धारा इस बात को सुनिश्चित करती है कि जब कोई कंपनी या व्यावसायिक संस्था (business entity) अपराध करती है,...

भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 32, धारा 33, और धारा 35 : CCI के अधिकार क्षेत्र, अंतरिम आदेश और उपस्थिति का अधिकार
भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 32, धारा 33, और धारा 35 : CCI के अधिकार क्षेत्र, अंतरिम आदेश और उपस्थिति का अधिकार

पिछले अनुभागों में हमने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के कर्तव्य, जांच की शक्तियाँ और आदेशों के बारे में सीखा। अब हम उन तीन महत्वपूर्ण धाराओं पर ध्यान देंगे जो CCI की पहुंच, तात्कालिकता और प्रक्रियात्मक स्वतंत्रता को दर्शाती हैं।भारतीय प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 32, धारा 33, और धारा 35 CCI को वैश्विक स्तर पर कार्रवाई करने, जांच के दौरान संभावित नुकसान को रोकने के लिए तुरंत हस्तक्षेप करने और यह तय करने की स्वतंत्रता देती हैं कि उसके सामने कौन और कैसे उपस्थित हो सकता है। ये धाराएँ आधुनिक,...

क्या भ्रामक विज्ञापनों पर लगाम लगाने के लिए Self Declaration प्रणाली उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा का नया कानूनी औज़ार बन सकती है?
क्या भ्रामक विज्ञापनों पर लगाम लगाने के लिए 'Self Declaration' प्रणाली उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा का नया कानूनी औज़ार बन सकती है?

सुप्रीम कोर्ट ने Indian Medical Association बनाम Union of India (2024) में एक ऐतिहासिक निर्णय देते हुए यह स्पष्ट किया कि भ्रामक और धोखाधड़ीपूर्ण विज्ञापनों पर नियंत्रण केवल मौजूदा कानूनों और नियमों पर निर्भर नहीं रह सकता, बल्कि इसके लिए एक ठोस और पहले से लागू होने वाला तंत्र आवश्यक है।इस निर्णय के तहत अब किसी भी प्रकार का विज्ञापन चाहे वह टीवी पर हो, रेडियो पर, अखबार में या इंटरनेट पर प्रसारित या प्रकाशित करने से पहले विज्ञापनदाता को 'Self Declaration' देना अनिवार्य होगा। अदालत ने इस आदेश को...