हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट की फटकार: दुकानों की नीलामी में बाधा डालने वाले किरायेदारों पर 50,000 जुर्माना, कहा- कपटपूर्ण आचरण अस्वीकार्य
राजस्थान हाईकोर्ट की फटकार: दुकानों की नीलामी में बाधा डालने वाले किरायेदारों पर 50,000 जुर्माना, कहा- कपटपूर्ण आचरण अस्वीकार्य

राजस्थान हाईकोर्ट ने दुकानों की नीलामी प्रक्रिया को बाधित करने और महत्त्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर अदालत को गुमराह करने के प्रयास के लिए दो किरायेदारों पर कुल 50,000 की लागत लगाते हुए कड़ी फटकार लगाई।जस्टिस संजीत पुरोहित की एकल पीठ ने कहा कि जब याचिकाकर्ताओं ने स्वयं पहली नीलामी प्रक्रिया में हिस्सा लिया और बोली राशि जमा न करके प्रक्रिया को असफल कर दिया तो वे बाद की नीलामी को चुनौती देने का अधिकार नहीं रखते।अदालत ने टिप्पणी की कि याचिकाकर्ताओं के आचरण से ग्राम पंचायत को गंभीर आर्थिक नुकसान हुआ और...

झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: DACP लाभ सिर्फ मुकदमा लड़ने वालों तक सीमित नहीं, सभी समान पदस्थ अधिकारियों को मिलेगा फायदा
झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: DACP लाभ सिर्फ मुकदमा लड़ने वालों तक सीमित नहीं, सभी समान पदस्थ अधिकारियों को मिलेगा फायदा

झारखंड हाईकोर्ट ने डायनेमिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (DACP) योजना को लेकर अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि इस लाभ को केवल उन्हीं मेडिकल अधिकारियों तक सीमित नहीं रखा जा सकता, जिन्होंने पहले अदालत से राहत मांगी थी। कोर्ट ने कहा कि DACP का लाभ उसी कैडर के सभी समान रूप से स्थित अधिकारियों को दिया जाएगा, चाहे उन्होंने न्यायालय का रुख किया हो या नहीं।जस्टिस अनंदा सेन ने अपने निर्णय में कहा कि जब एक विशेष तिथि तय कर दी जाती है तो उस दायरे में आने वाले सभी व्यक्तियों को समान फायदा मिलना चाहिए।...

गंभीर चोट/हत्या के प्रयास के मामलों में सिर्फ डॉक्टर की राय पर्याप्त नहीं, रेडियोलॉजिस्ट की गवाही अनिवार्य: राजस्थान हाईकोर्ट
गंभीर चोट/हत्या के प्रयास के मामलों में सिर्फ डॉक्टर की राय पर्याप्त नहीं, रेडियोलॉजिस्ट की गवाही अनिवार्य: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अहम निर्णय में कहा कि गंभीर चोट (Section 326 IPC) और हत्या के प्रयास (Section 307 IPC) जैसे मामलों में केवल मेडिकल ज्यूरिस्ट की गवाही के आधार पर चोट की प्रकृति निर्धारित नहीं की जा सकती। अदालत ने स्पष्ट किया कि जिस रेडियोलॉजिस्ट के एक्स-रे रिपोर्ट पर मेडिकल ज्यूरिस्ट की राय आधारित है, उसका न्यायालय में परीक्षण आवश्यक है और एक्स-रे भी रिकॉर्ड पर प्रस्तुत किया जाना चाहिए।जस्टिस संदीप शाह की पीठ ने कहा कि जब गंभीर धाराओं में चोट की प्रकृति निर्धारित करनी हो, तब एक्स-रे तैयार...

इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा आदेश- जेंडर-चेंज सर्जरी के बाद ट्रांसजेंडर व्यक्ति के नाम और जेंडर के साथ नई शैक्षिक प्रमाणपत्र जारी करने का दिया निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा आदेश- जेंडर-चेंज सर्जरी के बाद ट्रांसजेंडर व्यक्ति के नाम और जेंडर के साथ नई शैक्षिक प्रमाणपत्र जारी करने का दिया निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में माध्यमिक शिक्षा परिषद बरेली के उस आदेश को निरस्त कर दिया ,जिसमें एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति के शैक्षिक दस्तावेज़ों में नाम और जेंडर संशोधन करने से इनकार कर दिया गया था।अदालत ने कहा कि ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 एक विशेष कानून है और इसकी धाराएं अन्य मौजूदा कानूनों के अतिरिक्त लागू होती हैं न कि उनके विपरीत। इसलिए परिषद द्वारा संशोधन से इनकार करना विधि-विरुद्ध है।जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी की सिंगल बेंच ने यह आदेश शरद रोशन सिंह की याचिका पर...

दिल्ली हाईकोर्ट में यासीन मलिक को मौत की सज़ा देने की मांग वाली अपील पर निजी सुनवाई का आग्रह, NIA ने कहा- ओपन कोर्ट में न सुना जाए मामला
दिल्ली हाईकोर्ट में यासीन मलिक को मौत की सज़ा देने की मांग वाली अपील पर निजी सुनवाई का आग्रह, NIA ने कहा- ओपन कोर्ट में न सुना जाए मामला

दिल्ली हाईकोर्ट में यासीन मलिक को मौत की सज़ा देने की मांग वाली अपील पर निजी सुनवाई का आग्रह, NIA ने कहा- ओपन कोर्ट में न सुना जाए मामला दिल्ली हाईकोर्ट में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक को आतंकी फंडिंग मामले में मौत की सज़ा देने की मांग वाली अपनी अपील पर निजी तौर पर सुनवाई करने का अनुरोध किया।सोमवार को यह आग्रह NIA के स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अक्षै मलिक ने जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस मनोज जैन की खंडपीठ के सामने रखा। एजेंसी का कहना था कि कार्यवाही ऐसे...

पासपोर्ट में देरी यात्रा के अधिकार में बाधा: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस को 4 हफ्तों में सत्यापन पूरा करने का निर्देश दिया
पासपोर्ट में देरी यात्रा के अधिकार में बाधा: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस को 4 हफ्तों में सत्यापन पूरा करने का निर्देश दिया

पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया में देरी को लेकर चिंता जताते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम आदेश में कहा है कि पुलिस को पासपोर्ट आवेदनों से संबंधित सत्यापन रिपोर्ट चार हफ्तों के भीतर पूरी कर के प्रस्तुत करनी होगी।जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने यह निर्देश एक मामले की सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें पासपोर्ट नवीनीकरण को लेकर देरी का मुद्दा उठा था। अदालत ने कहा कि पुलिस सत्यापन में देरी, विशेष रूप से ऐसे मामलों में जहाँ किसी आरोपी को केवल एक वर्ष की अवधि के लिए पासपोर्ट...

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट का निर्देश: ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए छह माह में लागू करें आरक्षण लागू
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट का निर्देश: ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए छह माह में लागू करें आरक्षण लागू

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक निर्णय में राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह ट्रांसजेंडर समुदाय को सार्वजनिक रोजगार में आरक्षण प्रदान करे और इसे छह महीनों के भीतर लागू करे। जस्टिस न्यापथी विजय ने कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय सामाजिक-आर्थिक रूप से अत्यधिक पिछड़ा है और समाज द्वारा उपेक्षित किए जाने के कारण राज्य पर नैतिक व संवैधानिक दायित्व है कि वह उनके लिए सकारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करे।न्यायालय ने टिप्पणी की,“भारत में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की समस्याओं की उत्पत्ति परिवार और समाज में उन्हें...

राजस्थान हाईकोर्ट ने दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 45% न्यूनतम अंक नियम बरकरार रखा, विशेष अपील खारिज
राजस्थान हाईकोर्ट ने दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 45% न्यूनतम अंक नियम बरकरार रखा, विशेष अपील खारिज

राजस्थान हाईकोर्ट ने पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती प्रक्रिया में दिव्यांग श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए निर्धारित 45% न्यूनतम उत्तीर्णांक को चुनौती देने वाली विशेष अपील खारिज की। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह मानक पूर्ण आयोग द्वारा लिए गए निर्णय के बाद लागू किया गया और आयोग की वेबसाइट पर भी उपलब्ध था, इसलिए इसे नए सिरे से लागू किया गया मानना गलत है।डिवीजन बेंच डॉ. जस्टिस पुष्पेन्द्र सिंह भाटी और जस्टिस बिपिन गुप्ता ने सिंगल बेंच का निर्णय बरकरार रखा, जिसमें कहा गया कि 45% की पात्रता सीमा आयोग के...

धारा 104 के तहत अपील में पारित आदेशों के खिलाफ सीपीसी की धारा 100 के तहत दूसरी अपील स्वीकार्य नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
धारा 104 के तहत अपील में पारित आदेशों के खिलाफ सीपीसी की धारा 100 के तहत दूसरी अपील स्वीकार्य नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए स्पष्ट किया कि सिविल प्रक्रिया संहिता 1908 (CPC) की धारा 100 के तहत कोई भी सेकंड अपील उन आदेशों के खिलाफ दायर नहीं की जा सकती जो धारा 104 के तहत पारित किए गए हों।जस्टिस योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने कहा कि धारा 104(2) स्पष्ट शब्दों में एक पूर्ण और निरपेक्ष रोक प्रदान करती है।उन्होंने कहा,“इस धारा के तहत अपील में पारित किसी आदेश से कोई दूसरी अपील नहीं चलेगी।”CPC की धारा 100 के अनुसार सेकंड अपील केवल उस स्थिति में संभव है, जब कोई अधीनस्थ...

कोई वैधानिक आधार नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदूषण बोर्ड द्वारा ईंट-भट्टों पर लगाए पर्यावरण क्षतिपूर्ति आदेश रद्द किए
कोई वैधानिक आधार नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदूषण बोर्ड द्वारा ईंट-भट्टों पर लगाए पर्यावरण क्षतिपूर्ति आदेश रद्द किए

राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (RSPCB) द्वारा ईंट-भट्ठा संचालकों पर लगाई गई पर्यावरण क्षतिपूर्ति को अवैध ठहराते हुए सभी संबंधित आदेशों को रद्द कर दिया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि जब तक विधिवत नियम और विनियम अधिसूचित नहीं किए जाते, बोर्ड के पास ऐसी क्षतिपूर्ति वसूलने का कोई वैधानिक अधिकार नहीं है।जस्टिस सुनील बेनिवाल की सिंगल बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के D.P.C.C. बनाम लॉधी प्रॉपर्टी कंपनी लिमिटेड के फैसले पर भारी निर्भरता जताते हुए कहा कि बिना विधायी अनुमति और बिना अधिसूचित...

जया बच्चन ने दिल्ली हाईकोर्ट में पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए याचिका दायर की
जया बच्चन ने दिल्ली हाईकोर्ट में पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए याचिका दायर की

प्रसिद्ध एक्ट्रेस और राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। वह इंटरनेट पर प्रसारित हो रही कथित रूप से मॉर्फ्ड पिक्चर्स, भ्रामक कंटेंट और उनकी छवि का अवैध उपयोग करते हुए बेचे जा रहे सामान के खिलाफ संरक्षण चाहती हैं।याचिका पर सुनवाई जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की बेंच ने की। सीनियर एडवोकेट संदीप सेठी जो बच्चन की ओर से पेश हुए ने कोर्ट को बताया कि पहले प्रतिवादी द्वारा एक्ट्रेस की मॉर्फ्ड तस्वीरें पोस्ट की गईं। उन्होंने यह भी...

अब कोई राजा नहीं: परिवारिक विवाद के बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बलवंत एजुकेशनल सोसाइटी के बोर्ड के पुनर्गठन का प्रस्ताव रखा
अब कोई राजा नहीं: परिवारिक विवाद के बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बलवंत एजुकेशनल सोसाइटी के बोर्ड के पुनर्गठन का प्रस्ताव रखा

दिवंगत राजा बलवंत सिंह (अवागढ़) के परिवार के सदस्यों के बीच राजा बलवंत सिंह कॉलेज और उससे जुड़े बलवंत एजुकेशनल सोसाइटी के प्रबंधन को लेकर चल रहे लंबे विवाद पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बोर्ड के पुनर्गठन के लिए संतुलित व्यवस्था का प्रस्ताव रखा।जस्टिस सौरभ श्याम शंश्यरी ने कहा कि किसी भी पक्ष को राजा होने का दावा मान्य नहीं है लेकिन दोनों भाई बोर्ड के सदस्य बन सकते हैं और सोसाइटी के उपाध्यक्ष पद पर नियुक्त किए जा सकते हैं। अदालत ने सुझाव दिया कि भाइयों के बीच उम्र (जन्मतिथि) के अनुसार...

पत्नी-एडवोकेट के प्रभाव के कारण वकील न मिलने पर राजस्थान हाईकोर्ट ने पति का मामला जयपुर ट्रांसफर किया
पत्नी-एडवोकेट के प्रभाव के कारण वकील न मिलने पर राजस्थान हाईकोर्ट ने पति का मामला जयपुर ट्रांसफर किया

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि यदि किसी पक्षकार को स्थानीय स्तर पर वकील नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि उसके विरोधी पक्ष के प्रभाव के चलते बार एसोसिएशन ने उसके खिलाफ माहौल बना दिया है तो यह न्याय के बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन है। इसी आधार पर अदालत ने पति-पक्ष के वैवाहिक एवं आपराधिक मामलों को सवाई माधोपुर से जयपुर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया।जस्टिस अनुप कुमार धंड की एकलपीठ ने कहा कि न्याय पाने का अधिकार और वकील की सहायता प्राप्त करना व्यक्ति का मौलिक अधिकार है। यदि किसी...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समाजवादी पार्टी एमएलए की पत्नी के खिलाफ मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी अधिनियम के तहत मामला खारिज किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समाजवादी पार्टी एमएलए की पत्नी के खिलाफ मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी अधिनियम के तहत मामला खारिज किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह समाजवादी पार्टी के निवर्तमान विधायक की पत्नी के खिलाफ आरोपपत्र, संज्ञान आदेश और पूरी कार्यवाही रद्द की। उन पर मानव तस्करी के आरोप थे। साथ ही उन पर किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के साथ-साथ बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 के तहत भी मामला दर्ज किया गया था।जस्टिस समीर जैन की पीठ ने विधायक ज़ैद बेग की पत्नी सीमा बेग को राहत देते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष की सामग्री को अगर उसके मूल स्वरूप में भी लिया जाए तो भी किसी भी लागू प्रावधान के तहत प्रथम दृष्टया कोई...

अंतर्जातीय विवाह राष्ट्रीय हित में, इन्हें पारिवारिक या सांप्रदायिक हस्तक्षेप से बचाया जाना चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट
अंतर्जातीय विवाह राष्ट्रीय हित में, इन्हें पारिवारिक या सांप्रदायिक हस्तक्षेप से बचाया जाना चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अंतर्जातीय विवाह राष्ट्रीय हित में हैं। इन्हें पारिवारिक या सांप्रदायिक हस्तक्षेप से बचाया जाना चाहिए।जस्टिस संजीव नरूला ने कहा कि जब दो वयस्क सहमति से विवाह या सहवास का निर्णय लेते हैं तो न तो परिवार और न ही समुदाय कानूनी रूप से उस विकल्प में बाधा डाल सकता है या उन पर दबाव, सामाजिक प्रतिबंध या धमकियां डाल सकता है।कोर्ट ने कहा,"सुप्रीम कोर्ट ने माना कि भारत में जाति का सामाजिक प्रभाव अभी भी मज़बूत है। अंतर्जातीय विवाह एकीकरण को बढ़ावा देकर और जातीय विभाजन को कम करके...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा आयुक्त को अस्पष्ट आदेश के लिए फटकार लगाई, सीनियर अधिकारियों के प्रशिक्षण पर मुख्य सचिव से जवाब मांगा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा आयुक्त को 'अस्पष्ट' आदेश के लिए फटकार लगाई, सीनियर अधिकारियों के प्रशिक्षण पर मुख्य सचिव से जवाब मांगा

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा में अपीलीय प्राधिकारियों द्वारा वैधानिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए अस्पष्ट आदेश पारित करने की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की।कोर्ट हिसार संभाग के आयुक्त द्वारा पारित आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जो कथित तौर पर "बिना कोई कारण बताए अस्पष्ट और रहस्यमय आदेश" था।जस्टिस जसगुरप्रीत सिंह पुरी ने हिसार संभाग के आयुक्त को व्यक्तिगत हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया, जिसमें यह स्पष्ट किया जाए कि उन्होंने "पूरी तरह से अध्ययन और जांच" क्या की...

मृतक आश्रितों के मोटर दुर्घटना मुआवजे के अधिकार का त्याग नहीं कर सकता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
मृतक आश्रितों के मोटर दुर्घटना मुआवजे के अधिकार का त्याग नहीं कर सकता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि एक मृत व्यक्ति मोटर वाहन अधिनियम, 1988 (MV Act) के तहत अपने आश्रितों के मुआवजे का दावा करने के वैधानिक अधिकार का त्याग नहीं कर सकता।जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर ने टिप्पणी की:"कोई व्यक्ति शपथ पत्र या वचन देकर अपना व्यक्तिगत दावा त्याग सकता है, लेकिन परिवार के अन्य सदस्यों या आश्रितों का दावा नहीं।"भारत संघ द्वारा मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 173 के तहत मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण, मंडी द्वारा पारित उस निर्णय के विरुद्ध अपील दायर की गई, जिसमें सड़क दुर्घटना में...

Indian Succession Act | धारा 57(क)(ख) के दायरे से बाहर की संपत्तियों से संबंधित हिंदू वसीयतों के लिए प्रोबेट की आवश्यकता नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
Indian Succession Act | धारा 57(क)(ख) के दायरे से बाहर की संपत्तियों से संबंधित हिंदू वसीयतों के लिए प्रोबेट की आवश्यकता नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी हिंदू के वसीयतनामा उत्तराधिकार में यदि कोई संपत्ति भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 की धारा 57 (क) और (ख) द्वारा निर्दिष्ट क्षेत्रों में नहीं आती है तो अधिनियम की धारा 213 के तहत प्रोबेट प्राप्त करने की कोई आवश्यकता नहीं होगी।भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 57 वसीयत संबंधी अधिनियम के प्रावधानों को सीमित रूप से हिंदुओं, बौद्धों, सिखों और जैनियों तक विस्तारित करती है। इसमें प्रावधान है कि ये नियम पहले बंगाल, मद्रास और बंबई के पुराने प्रेसीडेंसी शहरों में या उनसे...

गुजरात हाईकोर्ट ने ऑनर किलिंग मामले में लापरवाही जांच का हवाला देते हुए मृत्युदंड रद्द किया
गुजरात हाईकोर्ट ने ऑनर किलिंग मामले में 'लापरवाही' जांच का हवाला देते हुए मृत्युदंड रद्द किया

गुजरात हाईकोर्ट ने अपने ही भाई और भाभी की कथित ऑनर किलिंग के लिए ट्रायल कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए गए और सज़ा पाए व्यक्ति की मृत्युदंड रद्द किया। न्यायालय ने कहा कि अभियोजन पक्ष मामले को संतोषजनक ढंग से साबित नहीं कर सका और जांच "लापरवाही" तरीके से की गई थी।शिकायत के अनुसार, 04.08.2017 की रात को शिकायतकर्ता, उसके भाई और भाभी पर पांच नकाबपोश लोगों ने हमला किया, जिनमें से दो तलवारों से लैस थे। भाई और भाभी को नशीला पदार्थ दिया गया और वे बेहोश हो गए। आरोप है कि एक आरोपी ने शिकायतकर्ता की बाईं कलाई पर...