हाईकोर्ट
S. 105 BNSS | पुलिस को तलाशी और ज़ब्ती की वीडियोग्राफी करनी होगी, वरना अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिया कि वह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 105 के तहत निर्धारित तलाशी और ज़ब्ती की अनिवार्य ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी करें।40 मोटरसाइकिलों की कथित बरामदगी से जुड़े चोरी के मामले में आरोपी को जमानत देते हुए जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की बेंच ने कहा कि BNSS की धारा 105 के अनिवार्य प्रावधान का पालन न करने से पूरी अभियोजन कहानी पर संदेह पैदा होता...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवैध रूप से बेदखल की गई महिला को ₹1 लाख क्षतिपूर्ति का आदेश दिया; सिविल जज के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को एक महिला और उसके तीन नाबालिग बच्चों को अवैध रूप से घर से बेदखल किए जाने के मामले में बड़ी राहत देते हुए रु. 1 लाख का मुआवज़ा देने का आदेश दिया। साथ ही, अदालत ने संबंधित संपत्ति का कब्ज़ा पुनः बहाल करने का निर्देश भी जारी किया।इसके साथ ही, कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए आदेश की प्रति मुख्य न्यायाधीश को भेजने का निर्देश दिया, ताकि उस सिविल जज (कनिष्ठ प्रभाग) के खिलाफ उचित प्रशासनिक कार्रवाई पर विचार किया जा सके, जिसने प्रतिवादी के पक्ष में एकतरफा अंतरिम रोक आदेश...
कानूनी पेशे में सर्वोच्च पद हमेशा मेहनती और धैर्यवान युवा वकीलों के लिए सुरक्षित रहते हैं” — जस्टिस एस.के. साहू ने ओडिशा हाईकोर्ट को दी भावभीनी
ओडिशा हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस हरीश टंडन की अध्यक्षता में सोमवार (05 जनवरी) को जस्टिस संगम कुमार साहू के सम्मान में विदाई समारोह आयोजित किया गया। हाल ही में उन्हें पटना हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है।दोपहर में चीफ जस्टिस के पुराने कोर्ट रूम में फुल कोर्ट रेफरेंस आयोजित हुआ, जिसमें जजों के साथ एडवोकेट जनरल पिताम्बर आचार्य, डिप्टी सॉलिसिटर जनरल (DSGI) पी.के. परही, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (OHCBA) के अध्यक्ष मनोज कुमार मिश्रा और बार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। चीफ जस्टिस ने जस्टिस साहू की...
IRCTC Scam: दिल्ली हाईकोर्ट ने तेजस्वी यादव की चार्ज फ्रेमिंग के खिलाफ याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को RJD नेता तेजस्वी यादव की उस याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने कथित IRCTC घोटाले मामले में अपने खिलाफ आरोप तय किए जाने को चुनौती दी।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने CBI से जवाब मांगा और मामले की सुनवाई के लिए 14 जनवरी की तारीख तय की, जब लालू प्रसाद यादव की इसी तरह की एक और याचिका पर भी सुनवाई होनी है।यादव की तरफ से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल पेश हुए। CBI की तरफ से सीनियर एडवोकेट और SPP डीपी सिंह पेश हुए।13 अक्टूबर, 2025 को दिए गए आदेश में ट्रायल कोर्ट ने यादव,...
तलाक के बाद भी प्रॉपर्टी और 'स्त्रीधन' के दावों पर फैसला करने का अधिकार फैमिली कोर्ट के पास रहता है: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि फैमिली कोर्ट का अधिकार क्षेत्र सिर्फ इसलिए खत्म नहीं हो जाता कि तलाक का फैसला पहले ही हो चुका है, बल्कि वह स्त्रीधन, तोहफे और दूसरी शादी से जुड़ी प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों पर फैसला कर सकता है।हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 27 के तहत पत्नी का आवेदन फैमिली कोर्ट द्वारा खारिज करने का फैसला रद्द करते हुए हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि मुकदमों की संख्या कम करने के लिए पति-पत्नी के बीच प्रॉपर्टी विवादों का निपटारा फैमिली कोर्ट द्वारा ही किया जाना चाहिए।इसके अलावा, हाईकोर्ट ने...
एमपी हाईकोर्ट ने स्कूल को बच्चे के रिकॉर्ड में पिता का नाम शामिल करने का निर्देश दिया, कहा- वैवाहिक विवाद से पिता के माता-पिता के अधिकारों को कम नहीं किया जा सकता
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ग्वालियर के लिटिल एंजल्स हाई स्कूल को एक बच्चे के स्कूल रिकॉर्ड को अपडेट करके उसमें उसके जैविक पिता का नाम शामिल करने का यह देखते हुए निर्देश दिया कि माता-पिता के बीच वैवाहिक विवाद जैविक पिता के माता-पिता के अधिकारों को कम नहीं कर सकता।जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस अनिल वर्मा की डिवीजन बेंच ने कहा;"...स्कूल रिकॉर्ड आखिरकार पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता आदि जैसे अन्य सार्वजनिक दस्तावेजों के रिकॉर्ड का आधार बनेगा और एक जैविक पिता के माता-पिता के अधिकारों को...
'कथित साज़िश के वैचारिक संचालक': सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम को ज़मानत क्यों नहीं दी?
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (5 जनवरी) को दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को ज़मानत देने से इनकार करते हुए कहा कि उनकी भूमिकाएं सिर्फ़ छोटी-मोटी नहीं थीं, बल्कि "मुख्य" थीं, जो उन्हें कथित साज़िश की कमान श्रृंखला में सबसे ऊपर रखती हैं।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने उन्हें और अन्य सह-आरोपियों को सौंपी गई भूमिकाओं के बीच अंतर बताया। इसमें कहा गया कि खालिद और इमाम के खिलाफ़ आरोप फरवरी, 2020 के दिल्ली दंगों के पीछे की कथित बड़ी साज़िश को "सोचने,...
ससुर ने पति के अफेयर में दखल देने से मना किया, पत्नी को घरेलू हिंसा 'बर्दाश्त' करने की सलाह देना IPC की धारा 498A के तहत क्रूरता नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि एक महिला के ससुर का उसके पति के 'शादी के बाहर के अफेयर' की शिकायत सुनने से मना करना और उसके देवर (पति का भाई) का उसे पति की पिटाई 'बर्दाश्त' करने के लिए कहना, इंडियन पैनल कोड (IPC) की धारा 498A के तहत क्रूरता नहीं माना जाएगा।जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस श्याम चंदक की डिवीजन बेंच ने यह फैसला एक आदमी और उसके छोटे बेटे के खिलाफ उसकी बहू की शिकायत पर पुणे पुलिस में दर्ज FIR रद्द करते हुए सुनाया।9 दिसंबर, 2025 के अपने फैसले में जजों ने कहा कि शिकायतकर्ता...
2006-2014 के बीच कंप्यूटर ट्रेनिंग लेने वाले कोर्ट स्टेनोग्राफर, रीडर्स एडवांस इंक्रीमेंट के हकदार: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार (5 जनवरी) को कहा कि सभी क्लास III न्यायिक कर्मचारियों को एडवांस इंक्रीमेंट का फायदा मिलना चाहिए, जिन्होंने 6 फरवरी, 2006 से 29 सितंबर, 2014 के बीच कंप्यूटर नॉलेज ट्रेनिंग ली थी, क्योंकि यह उनका अधिकार बन गया।जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने कहा,"जिन लोगों को उस समय नियुक्त किया गया, जब कंप्यूटर नॉलेज के लिए कोई योग्यता तय नहीं थी, उन्हें कंप्यूटर का काम करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए ट्रेनिंग लेने की ज़रूरत थी। ट्रेनिंग सफलतापूर्वक...
POCSO Act के तहत यौन इरादे से नाबालिग के प्राइवेट पार्ट को छूना गंभीर यौन हमला: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि यौन इरादे से किसी नाबालिग बच्चे के प्राइवेट पार्ट को छूना POCSO Act की धारा 10 के तहत गंभीर यौन हमला माना जाएगा।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने 3 साल 11 महीने की नाबालिग लड़की पर गंभीर यौन हमला करने के लिए एक आदमी की सज़ा और सात साल की जेल की सज़ा बरकरार रखी।हालांकि, कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता, 1860 (IPC) की धारा 354 (गरिमा को ठेस पहुंचाना), 354A (यौन उत्पीड़न) और 354B (किसी महिला पर हमला करना या आपराधिक बल का इस्तेमाल करना) के तहत उसके अपराधों की सज़ा को रद्द कर...
भगवद्गीता राज्य को लोककल्याण के कर्तव्य की याद दिलाती है: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण का आदेश
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि भारतीय संवैधानिक व्यवस्था राजधर्म की सभ्यतागत अवधारणा पर आधारित है, जहां शासन का मार्गदर्शन न्याय, निष्पक्षता और करुणा से होना चाहिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कोई भी कल्याणकारी राज्य कर्मचारियों से वर्षों तक निरंतर सेवा लेकर उन्हें स्थायी असुरक्षा में नहीं रख सकता।जस्टिस संदीप मौदगिल ने भगवद्गीता के लोकसंग्रह के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि सार्वजनिक शक्ति का प्रयोग केवल प्रशासनिक सुविधा के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक स्थिरता और सामूहिक कल्याण के लिए होना...
विस्तृत आदेश से पहली जमानत याचिका खारिज होने के बाद केवल लंबी हिरासत आधार नहीं बन सकती — पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने आदर्श ग्रुप ऑफ कंपनियों से जुड़े एसएफआईओ (SFIO) जांच मामले में आरोपी द्वारा दायर दूसरी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि क्रमिक/दूसरी जमानत याचिका स्वतः ही अवैध नहीं होती, लेकिन केवल लम्बी अवधि की हिरासत को आधार बनाकर जमानत नहीं दी जा सकती, जब तक कि परिस्थितियों में कोई ठोस और महत्वपूर्ण बदलाव न दिखाया जाए।जस्टिस मनिषा बत्रा ने कहा —“यद्यपि दूसरी या क्रमिक नियमित जमानत याचिका केवल अनुरक्षण (maintainability) के आधार पर खारिज नहीं की जा सकती,...
IRCTC घोटाला: दिल्ली हाईकोर्ट ने लालू प्रसाद यादव की चार्ज फ्रेमिंग के खिलाफ याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें कथित IRCTC घोटाले मामले में उनके खिलाफ आरोप तय करने को चुनौती दी गई।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने CBI से जवाब मांगा और मामले की सुनवाई के लिए 14 जनवरी की तारीख तय की।यादव की तरफ से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल पेश हुए। CBI की तरफ से सीनियर एडवोकेट और SPP डीपी सिंह पेश हुए।13 अक्टूबर, 2025 को पारित आदेश में ट्रायल कोर्ट ने यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे...
HMA की धारा 13B | आपसी सहमति से तलाक में 6 माह की कूलिंग ऑफ अवधि अनिवार्य नहीं: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया, जिसमें पति-पत्नी की आपसी सहमति से तलाक की याचिका को केवल इस आधार पर खारिज कर दिया गया कि हिंदू विवाह अधिनियम 1955 (HMA) की धारा 13बी के तहत छह माह की कूलिंग ऑफ अवधि का पालन किया जाना आवश्यक है।न्यायालय ने स्पष्ट किया कि छह माह की यह अवधि अनिवार्य नहीं बल्कि निर्देशात्मक (डायरेक्टरी) है। अदालत ने कहा कि जब दंपति के बीच सुलह की कोई संभावना नहीं है तो केवल औपचारिकता के नाम पर तलाक से इनकार करना उनके मानसिक कष्ट को...
आपराधिक शिकायत की वापसी का विरोध करने का तीसरे पक्ष को अधिकार नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी आपराधिक शिकायत की वापसी का विरोध करने का अधिकार किसी ऐसे तीसरे पक्ष को नहीं है, जो न तो पीड़ित हो और न ही स्वयं शिकायतकर्ता।अदालत ने कहा कि ऐसा कोई व्यक्ति आपराधिक कार्यवाही को पुनर्जीवित कराने का दावा नहीं कर सकता।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की एकल पीठ ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी, जिसमें एक निजी शिकायत को वापस लेने की अनुमति दी गई थी।अदालत ने चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार की याचिकाओं को सहज रूप से स्वीकार किया गया तो कोई भी...
प्रथम दृष्टया भारतीय नागरिकता स्थापित: बांग्लादेशी माता-पिता होने के आरोप के बावजूद गुजरात हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत दी
गुजरात हाईकोर्ट ने उस व्यक्ति को नियमित जमानत प्रदान की, जिस पर बांग्लादेशी माता-पिता होने के बावजूद अवैध रूप से भारतीय पासपोर्ट प्राप्त करने का आरोप लगाया गया था।न्यायालय ने कहा कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी पासपोर्ट के आधार पर आरोपी ने प्रथम दृष्टया अपनी भारतीय नागरिकता स्थापित की है।जस्टिस निखिल एस. करियल ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता के विरुद्ध मुख्य आरोप यह है कि वह भारतीय नागरिक नहीं है। हालांकि रिकॉर्ड से यह प्रतीत होता है कि याचिकाकर्ता के पास भारतीय पासपोर्ट है, जिसे जाली नहीं...
NDPS मामले में आरोपी होने पर वाहन के पंजीकृत मालिक को अंतरिम सुपुर्दगी का अधिकार नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी NDPS (मादक पदार्थ) मामले में जब्त किए गए वाहन का पंजीकृत मालिक स्वयं उसी मामले में आरोपी है तो केवल स्वामित्व के आधार पर उसे वाहन की अंतरिम सुपुर्दगी (सुपरदारी) नहीं दी जा सकती।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की एकल पीठ ने यह टिप्पणी याचिका खारिज करते हुए की, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा वाहन की अंतरिम रिहाई से इनकार किए जाने के आदेश को चुनौती दी गई।FIR के अनुसार संबंधित वाहन से लगभग 52 किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद किया गया। उक्त वाहन का पंजीकृत मालिक याचिकाकर्ता...
सड़क पर पैदल चलने वाले और मवेशी हों तो वाहन की गति धीमी करना अनिवार्य; ऐसा न करना लापरवाही: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक घातक सड़क दुर्घटना मामले में दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए कहा है कि जब सड़क पर पैदल यात्री और मवेशी चल रहे हों, तो चालक का कर्तव्य है कि वह वाहन की गति कम करे और सावधानी से ड्राइव करे। ऐसी स्थिति में गति कम न करना और सावधानी न बरतना लापरवाही (नेग्लिजेंस) माना जाएगा।जस्टिस राकेश कैंथला ने टिप्पणी की कि—“ड्राइवर को वाहन इस तरह चलाना चाहिए कि किसी व्यक्ति या जानवर को चोट न पहुँचे… वर्तमान मामले में आरोपी ने सड़क पर मवेशियों और लोगों की आवाजाही के बावजूद वाहन धीमा नहीं...
युवा लिव-इन जोड़े को संरक्षण, लेकिन कम उम्र में लिए गए जीवन निर्णयों के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर एमपी हाईकोर्ट की चेतावनी
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 20-20 वर्ष के एक लिव-इन जोड़े को पुलिस संरक्षण प्रदान करते हुए यह महत्वपूर्ण टिप्पणी की कि संविधान द्वारा प्रदत्त व्यक्तिगत अधिकारों का अस्तित्व होना और हर परिस्थिति में उनका प्रयोग करना दोनों अलग-अलग बातें हैं।जस्टिस गजेंद्र सिंह की एकलपीठ ने याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि यद्यपि वयस्क व्यक्तियों को अपनी इच्छा से रहने का अधिकार है, लेकिन कम उम्र में माता-पिता से अलग स्वतंत्र जीवन चुनने के गंभीर सामाजिक और आर्थिक परिणाम हो सकते हैं जिन पर युवाओं को गंभीरता से विचार करना...
दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित हेरफेर के मामले में JEE स्टूडेंट्स की याचिका खारिज की, एक माह की सामुदायिक सेवा करने का आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट ने JEE (मेन) 2025 परीक्षा में उत्तर पत्रक में कथित हेरफेर को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के निष्कर्षों को चुनौती देने वाले दो स्टूडेंट्स की याचिका खारिज कर दी। हालांकि, कोर्ट ने उन पर लगाए गए 30,000- 30,000 के जुर्माने को हटाते हुए केवल फटकार लगाई और एक माह की सामुदायिक सेवा करने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने सिंगल जज के 22 सितंबर, 2025 के आदेश को बरकरार रखा, लेकिन दंड को सीमित करते हुए स्टूडेंट्स को क्रमशः वृद्धाश्रम और...



















