हाईकोर्ट

राज्य द्वारा योग्यता परीक्षा आयोजित करने में देरी के लिए उम्मीदवार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने निर्धारित तिथि से सेवा को नियमित करने का निर्देश दिया
राज्य द्वारा योग्यता परीक्षा आयोजित करने में देरी के लिए उम्मीदवार को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने निर्धारित तिथि से सेवा को नियमित करने का निर्देश दिया

राजस्थान हाईकोर्ट ने लोअर डिवीजन क्लर्क को राहत दी, जिसकी सेवाओं को उसके परिवीक्षा अवधि के पूरा होने की तिथि के बाद की तिथि से नियमित किया गया, क्योंकि राज्य की ओर से निर्धारित परीक्षा आयोजित करने में देरी हुई थी, जो कि ऐसे नियमितीकरण के लिए उत्तीर्ण होना आवश्यक था।जस्टिस अरुण मोंगा की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता निर्धारित टाइपिंग टेस्ट देने के लिए हमेशा तैयार और उपलब्ध था। हालांकि, विभाग कंप्यूटर लैब के निर्माण और पाठ्यक्रम, नियमों और प्रक्रियाओं की तैयारी में देरी के कारण निर्धारित समय सीमा के...

आप सिस्टम का मजाक उड़ा रहे हैं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल सदस्यों की नियुक्ति के लिए अनुमोदन प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया
'आप सिस्टम का मजाक उड़ा रहे हैं': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल सदस्यों की नियुक्ति के लिए अनुमोदन प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने सोमवार (20 जनवरी) को राज्य को आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल के सदस्यों की नियुक्ति और मध्य प्रदेश मध्यस्थता अधिकरण अधिनियम, 1983 में संशोधन के लिए प्रशासनिक अनुमोदन की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया।अधिनियम में उन विवादों में आर्बिट्रेशन करने के लिए ट्रिब्यूनल की स्थापना का प्रावधान है, जिनमें राज्य सरकार या कोई सार्वजनिक उपक्रम [पूर्णतः या पर्याप्त रूप से राज्य सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण में] एक पक्ष है और उससे संबंधित या उससे जुड़े मामलों के...

सेवा नियमों का उल्लंघन सार्वजनिक कार्य का उल्लंघन नहीं, निजी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई अनुच्छेद 226 के तहत उचित नहीं: एमपी हाईकोर्ट
सेवा नियमों का उल्लंघन सार्वजनिक कार्य का उल्लंघन नहीं, निजी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई अनुच्छेद 226 के तहत उचित नहीं: एमपी हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने माना कि सेवा नियमों का उल्लंघन सार्वजनिक कार्यों के निर्वहन के उल्लंघन के दायरे में नहीं आएगा। ऐसा करते हुए अदालत ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 226 के दायरे में आने के लिए आरोपित कार्रवाई 'सार्वजनिक कर्तव्य' से संबंधित होनी चाहिए।जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की एकल पीठ ने कहा,"सेवा में बने रहने के अधिकार को मौलिक अधिकार नहीं माना जा सकता। किसी कर्मचारी की सेवा शर्तें सेवा नियमों द्वारा शासित होती हैं और सेवा नियमों का उल्लंघन सार्वजनिक कार्यों के निर्वहन के...

न्यायालय को अपराध के शमन के लिए याचिका पर निर्णय करते समय SEBI की विचार की गई सामग्री पर गौर करने से मना नहीं किया गया: दिल्ली हाईकोर्ट
न्यायालय को अपराध के शमन के लिए याचिका पर निर्णय करते समय SEBI की विचार की गई सामग्री पर गौर करने से मना नहीं किया गया: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने माना है कि SEBI (निपटान कार्यवाही) विनियम, 2018, किसी भी न्यायालय को उस सामग्री पर गौर करने से नहीं रोक सकता, जिसके कारण SEBI या उसकी उच्चाधिकार प्राप्त सलाहकार समिति (HPAC) ने SEBI Act, 1992 के तहत कथित अपराधों के शमन के लिए याचिका स्वीकार या अस्वीकार की।निपटान विनियमन के विनियमन 29(2) में प्रावधान है कि HPAC या बोर्ड के समक्ष रखी गई सामग्री को किसी भी न्यायालय या न्यायाधिकरण के समक्ष साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा,"इस न्यायालय...

कानून के तहत निष्पादित निर्विवाद वसीयत का नगरपालिका रिकॉर्ड के लिए व्यक्तियों के नाम बदलने के लिए भरोसा किया जा सकता है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
कानून के तहत निष्पादित निर्विवाद वसीयत का नगरपालिका रिकॉर्ड के लिए व्यक्तियों के नाम बदलने के लिए भरोसा किया जा सकता है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने माना कि नगरपालिका रिकॉर्डों के प्रयोजनों के लिए, वसीयत का उपयोग उन व्यक्तियों के नाम बदलने के लिए किया जा सकता है जो इसके लाभार्थी हैं। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की एकल पीठ ने कहा,“कानून के अनुसार निष्पादित और नगरपालिका अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की गई वसीयत के संदर्भ में, न तो वसीयत साक्ष्य अधिनियम, 1872 के तहत साक्ष्य है और न ही नगरपालिका अधिकारी, न्यायालय है। इस प्रकार, नगरपालिका अभिलेखों के प्रयोजनों के लिए, एक वसीयत, जो कानून के अनुसार निष्पादित की गई है और...

तेलंगाना हाईकोर्ट के चीफ़ जस्टिस आलोक अराधे ने विदाई समारोह में कहा महिला जजों की सर्वाधिक संख्या वाले हाईकोर्ट का नेतृत्व करना गर्व की बात
तेलंगाना हाईकोर्ट के चीफ़ जस्टिस आलोक अराधे ने विदाई समारोह में कहा "महिला जजों की सर्वाधिक संख्या वाले हाईकोर्ट का नेतृत्व करना गर्व की बात"

निवर्तमान चीफ़ जस्टिस आलोक अराधे ने सोमवार को तेलंगाना हाईकोर्ट में आयोजित अपने विदाई समारोह में कहा, "मुझे हाईकोर्ट का नेतृत्व करने में गर्व की अनुभूति होती है, जो देश की सबसे युवा अदालतों में से एक है और इसमें महिला जजों की अधिकतम संख्या है।केंद्र ने 14 जनवरी को जस्टिस अराधे की बंबई हाईकोर्ट के चीफ़ जस्टिस के रूप में नियुक्ति की अधिसूचना जारी की थी। कोर्ट नंबर 1 में सभा को संबोधित करते हुए, जस्टिस अराधे ने उन्हें घर जैसा महसूस कराने के लिए हाईकोर्ट में बार और बेंच को धन्यवाद दिया। उन्होंने...

धनी किसानों को सब्सिडी के खिलाफ याचिका, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पूछा- क्या वह सरकार के नीतिगत निर्णय में हस्तक्षेप कर सकता है?
'धनी किसानों' को सब्सिडी के खिलाफ याचिका, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पूछा- क्या वह सरकार के नीतिगत निर्णय में हस्तक्षेप कर सकता है?

धनी किसानों के संबंध में ट्यूबवेल चलाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली बिजली पर 100% सब्सिडी दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पूछा कि क्या वह राज्य के नीतिगत निर्णय में हस्तक्षेप कर सकता है।पंजाब सरकार किसानों को सिंचाई के लिए ट्यूबवेल चलाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली बिजली पर 100% सब्सिडी देती है।जबकि हरियाणा सरकार के पास बिजली अधिनियम की धारा 65 के तहत अलग नीति है लेकिन वह 100% सब्सिडी नहीं देती है।पंजाब निवासी हरि चंद द्वारा 2018 में दायर...

धारा 42 PLMA परिसीमा अधिनियम की धारा 5 की प्रयोज्यता को बाहर करता है, अपील दायर करने में 120 दिनों से अधिक की देरी को माफ नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
धारा 42 PLMA परिसीमा अधिनियम की धारा 5 की प्रयोज्यता को बाहर करता है, अपील दायर करने में 120 दिनों से अधिक की देरी को माफ नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना कि धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (PMLA) की धारा 42 के तहत अपील दायर करने में देरी को हाईकोर्ट द्वारा प्रावधान में निर्धारित 120 दिनों से अधिक माफ नहीं किया जा सकता।जस्टिस बी. पी. कोलाबावाला और जस्टिस सोमशेखर सुंदरसन की खंडपीठ ने कहा कि धारा 42 PMLA परिसीमा अधिनियम, 1963 की धारा 5 की प्रयोज्यता को बाहर करता है, जो अदालत को देरी को माफ करने की अनुमति देता है, यदि आवेदक अपील को आगे बढ़ाने या निर्धारित अवधि के भीतर आवेदन करने के लिए पर्याप्त कारण दिखाता है।न्यायालय ने...

निष्पक्ष चुनाव नहीं, 25 में से 13 सदस्यों ने मतदान नहीं किया: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उज्जैन पंचायत अध्यक्ष का चुनाव रद्द किया
निष्पक्ष चुनाव नहीं, 25 में से 13 सदस्यों ने मतदान नहीं किया: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उज्जैन पंचायत अध्यक्ष का चुनाव रद्द किया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने अध्यक्ष जनपद पंचायत उज्जैन के पद के लिए हुए चुनाव को अवैध और शून्य घोषित कर दिया तथा नए सिरे से चुनाव कराने का आदेश दिया। न्यायालय ने पाया कि 25 निर्वाचित सदस्यों में से 13 को मतदान करने की अनुमति नहीं थी।जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस गजेंद्र सिंह की खंडपीठ ने कहा,"प्रतिवादी नंबर 5 (विंध्य कुंवर), जिन्हें अलोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित घोषित किया गया, वे पद पर बने हुए हैं तथा उन्हें उक्त पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। प्रतिवादी नंबर 5 को तब निर्वाचित...

S. 319 CrPC | अतिरिक्त अभियुक्त को बुलाने के लिए संतुष्टि की डिग्री आरोप तय करने के चरण में आवश्यक मानकों से अधिक होनी चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
S. 319 CrPC | अतिरिक्त अभियुक्त को बुलाने के लिए संतुष्टि की डिग्री आरोप तय करने के चरण में आवश्यक मानकों से अधिक होनी चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि मुकदमा शुरू होने के बाद धारा 319 CrPC के तहत किसी अन्य व्यक्ति को अतिरिक्त अभियुक्त के रूप में बुलाने के लिए ट्रायल कोर्ट द्वारा दर्ज की जाने वाली संतुष्टि की डिग्री आरोप तय करने के चरण के लिए आवश्यक मानकों से अधिक होनी चाहिए।जस्टिस मनोज बजाज की पीठ ने कहा कि धारा 319 CrPC के तहत विवेकाधीन शक्ति का प्रयोग संयम से और सावधानी से किया जाना चाहिए। रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्य ऐसे व्यक्ति के खिलाफ "प्रथम दृष्टया" मामले और अपराध के कमीशन में उसकी संलिप्तता से अधिक का दृढ़ता से...

दोहराव वाली दलीलें, कानून की प्रक्रिया को नजरअंदाज करना अदालत की सहानुभूति की मांग नहीं करता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्टने ड्रग्स मामले में अग्रिम जमानत से किया इनकार
दोहराव वाली दलीलें, कानून की प्रक्रिया को नजरअंदाज करना अदालत की सहानुभूति की मांग नहीं करता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्टने ड्रग्स मामले में अग्रिम जमानत से किया इनकार

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ड्रग्स मामले में आरोपी व्यक्ति को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया है, जो इस आधार पर राहत मांग रहा था कि सह-आरोपी को नियमित जमानत दी गई, यह देखते हुए कि याचिकाकर्ता ने जानबूझकर 2 साल से अधिक समय तक अपनी गिरफ्तारी से बचने की कोशिश की।जस्टिस सुमीत गोयल ने कहा,"किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता और गरिमा को उच्च रखा जाना चाहिए। फिर भी किसी को भी न्याय की प्रक्रिया को बाधित करने और उसमें व्यवधान पैदा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। लंबे समय तक अनुपस्थित रहना, कानून की प्रक्रिया...

राजस्थान हाईकोर्ट ने मार्कशीट में कथित रूप से मदद करने के आरोप में गिरफ्तार सरकारी मेडिकल अधिकारी के निलंबन पर रोक लगाई
राजस्थान हाईकोर्ट ने मार्कशीट में कथित रूप से मदद करने के आरोप में गिरफ्तार सरकारी मेडिकल अधिकारी के निलंबन पर रोक लगाई

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने हाल ही में सरकारी मेडिकल अधिकारी को अंतरिम राहत प्रदान की, जिसे राज्य द्वारा निलंबित कर दिया गया था, क्योंकि उसे कथित रूप से मुख्य आरोपी को फर्जी मार्कशीट तैयार करने में मदद करने के मामले में गिरफ्तार किया गया।जस्टिस अरुण मोंगा ने कहा,"याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी और विवादित आदेश पारित करने के बीच का समय बहुत अधिक बीत जाने के साथ-साथ इस तथ्य को देखते हुए कि इस समय याचिकाकर्ता केवल विचाराधीन/सह-अभियुक्त है, क्योंकि आरोपपत्र दाखिल करने के बाद मुकदमा शुरू हुआ। इसलिए...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नस्लीय घृणा के कारण 6 वर्षीय स्टूडेंट को पीटने के आरोपी टीचर के खिलाफ बलपूर्वक कार्रवाई करने पर रोक लगाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नस्लीय घृणा के कारण 6 वर्षीय स्टूडेंट को पीटने के आरोपी टीचर के खिलाफ बलपूर्वक कार्रवाई करने पर रोक लगाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में पुलिस को शिक्षक के खिलाफ बलपूर्वक कार्रवाई करने से रोक दिया, जिस पर नस्लीय घृणा के कारण अनुसूचित जाति के 6 वर्षीय स्टूडेंट को पीटने का आरोप है।जस्टिस दिनेश पाठक की पीठ ने राज्य सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा। साथ ही मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी को तय की।आवेदक हमीरपुर जिले के स्कूल में शिक्षिका अदा परवीन पर एक स्टूडेंट को पीटने का आरोप है जिसके कारण कथित तौर पर स्टूडेंट बीमार पड़ गया।पीड़िता की मां द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने निर्माण श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा सहायता कम करने का सरकारी आदेश खारिज किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने निर्माण श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा सहायता कम करने का सरकारी आदेश खारिज किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा 2023 में जारी की गई अधिसूचना खारिज की, जिसमें रजिस्टर्ड निर्माण श्रमिकों के बच्चों को ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन कोर्स के लिए शिक्षा सहायता राशि कम कर दी गई थी।एकल जज जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने कहा,“राज्य को कभी भी गरीबों के अधिकारों का हनन या दमन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने के लिए राज्य द्वारा प्रस्तुत किसी भी औचित्य में कोई कारण नहीं पाया जाता। राज्य सरकार को यह याद रखना चाहिए कि उसे महिलाओं को शिक्षित करने की दिशा में सभी कदम उठाने चाहिए, क्योंकि कहा जाता...

पति के साक्ष्य प्रस्तुत करने से इनकार करना न्यायालय को साक्ष्य प्रस्तुत करने का और अवसर प्रदान करने के लिए पर्याप्त नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
पति के साक्ष्य प्रस्तुत करने से इनकार करना न्यायालय को साक्ष्य प्रस्तुत करने का और अवसर प्रदान करने के लिए पर्याप्त नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि पति द्वारा साक्ष्य प्रस्तुत करने में विफलता के कारण ट्रायल कोर्ट/फैमिली कोर्ट का निर्णय रद्द नहीं किया जा सकता, जबकि आदेश में कोई अन्य त्रुटि नहीं है।जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस डोनाडी रमेश की खंडपीठ ने कहा,“पति द्वारा कोई साक्ष्य प्रस्तुत करने से इंकार करना/विफल होना न्यायालय को पति को साक्ष्य प्रस्तुत करने का और अवसर प्रदान करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा, जबकि ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही में कोई प्रक्रियागत त्रुटि नहीं दिखाई गई है।”दोनों पक्षों की शादी 2001...

बीएनएसएस की धारा 105 के तहत ऑडियो-वीडियो इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से तलाशी और जब्ती की रिकॉर्डिंग
बीएनएसएस की धारा 105 के तहत ऑडियो-वीडियो इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से तलाशी और जब्ती की रिकॉर्डिंग

आपराधिक जांच में आधुनिक दृष्टिकोण, पारंपरिक आपराधिक जांच विधियों के साथ वैज्ञानिक और इलेक्ट्रॉनिक तकनीकों के एकीकरण द्वारा, न केवल जांच में दक्षता सुनिश्चित करता है बल्कि उस प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित करता है।पिछले कुछ वर्षों में, सुप्रीम कोर्ट ने लगातार अभियोजन पक्ष द्वारा अभियुक्त के अपराध को स्थापित करने के लिए वैज्ञानिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य प्रस्तुत करने की आवश्यकता और अनिवार्यता पर जोर दिया है। सूचना प्रौद्योगिकी की उन्नति का मतलब है कि व्यक्तिगत और संस्थागत स्तर...

हाईकोर्ट ने मकोका मामले में AAP MLA की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा
हाईकोर्ट ने मकोका मामले में AAP MLA की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक (MLA) नरेश बाल्यान द्वारा दायर याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा। उन्होंने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम 1999 के तहत दर्ज एक मामले में जमानत मांगी है।यह मामला कथित संगठित अपराध से संबंधित है।जस्टिस विकास महाजन ने बाल्यान की जमानत याचिका पर नोटिस जारी किया और दिल्ली पुलिस को स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।इस मामले की सुनवाई अब 23 जनवरी को होगी।सीनियर एडवोकेट विकास पाहवा ने बाल्यान की ओर से पेश होकर कहा कि पुलिस...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने PGI हॉस्पिटल को गरीब रोगी कल्याण कोष के बारे में जागरूकता के लिए साइन बोर्ड लगाने का निर्देश दिया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने PGI हॉस्पिटल को 'गरीब रोगी कल्याण कोष' के बारे में जागरूकता के लिए साइन बोर्ड लगाने का निर्देश दिया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER) चंडीगढ़ को गरीब रोगी कल्याण कोष (PPWF) के बारे में जागरूकता के लिए अस्पताल में प्रमुख साइन बोर्ड लगाने का निर्देश दिया।न्यायालय ने कहा कि PGIMER, चंडीगढ़ में अज्ञानता और बड़ी संख्या में आने वाले मरीजों की वजह से कई मरीज PPWF का लाभ नहीं उठा पाते हैं।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस सुधीर सिंह ने की खंडपीठ ने कहा,"PGIMER, चंडीगढ़ के मेडिकल अधीक्षक को निर्देश दिया कि वे PGIMER, चंडीगढ़ के सभी भवनों और पूरे...

दिल्ली हाईकोर्ट ने जनता पार्टी की चुनाव चिन्ह केवल मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के लिए आरक्षित करने के नियम के खिलाफ याचिका खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने जनता पार्टी की चुनाव चिन्ह केवल मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के लिए आरक्षित करने के नियम के खिलाफ याचिका खारिज की

दिल्ली हाईकोर्ट ने 17 जनवरी को जनता पार्टी द्वारा चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 को चुनौती देने वाली एक याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें केवल मान्यता प्राप्त पंजीकृत राजनीतिक दलों के लिए चुनाव चिह्न के आरक्षण पर सवाल उठाया गया था।कार्यवाहक चीफ़ जस्टिस विभु बाखरू और जस्टिस तुषार राव गेदेला की खंडपीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि उठाए गए मुद्दे को विभिन्न निर्णयों में सुलझा लिया गया है। जनता पार्टी ने इस आदेश को इस आधार पर भेदभावपूर्ण बताते हुए चुनौती दी थी कि किसी भी पंजीकृत राजनीतिक...