दिल्ली हाईकोर्ट

पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे एक्टर अल्लू अर्जुन, कल होगी सुनवाई

तेलुगू एक्टर अल्लू अर्जुन ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने पर्सनैलिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकारों) की सुरक्षा की मांग की।इस मामले की सुनवाई कल (शुक्रवार) जस्टिस तुषार राव गेडेला करेंगे।एक्टर ने अपनी अनुमति और सहमति के बिना अपने नाम, तस्वीरों, आवाज़ वगैरह जैसी अपनी पर्सनैलिटी से जुड़ी चीज़ों के इस्तेमाल के खिलाफ राहत की मांग की।यह याचिका उनकी सहमति के बिना, कमर्शियल फ़ायदे के लिए सामानों में उनके पर्सनैलिटी राइट्स के कमर्शियल इस्तेमाल के खिलाफ भी दायर की गई।उल्लेखनीय है कि कोर्ट मलयालम...

जस्टिस स्वर्णकांता को केस से हटाने का मामला: हाईकोर्ट ने केजरीवाल का नया हलफनामा रिकॉर्ड पर लिया, कहा- मामला दोबारा नहीं खुलेगा

दिल्ली हाईकोर्ट ने आम आदमी (AAP) पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल द्वारा दायर हलफनामे को रिकॉर्ड पर लेने की अनुमति दी, जिसमें जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ पक्षपात की आशंका जताई गई।केजरीवाल ने स्वयं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होकर अनुरोध किया कि उनका हलफनामा रिकॉर्ड पर लिया जाए। उन्होंने जस्टिस शर्मा से मामले की सुनवाई से अलग होने (रिक्यूजल) की मांग की है। यह मामला शराब नीति से जुड़े केस में CBI की उस याचिका से संबंधित है, जिसमें आरोपियों को मिली राहत को चुनौती दी गई।कोर्ट ने...

आय छिपाकर कमाई कम बताने से नहीं बचेगा पति: दिल्ली हाईकोर्ट ने बरकरार रखा गुजारा भत्ता

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि कोई पति अपनी वास्तविक आय छिपाकर खुद को कम कमाने वाला बताकर गुजारा भत्ता देने की जिम्मेदारी से नहीं बच सकता।जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा की पीठ ने पत्नी और दो नाबालिग बच्चों के पक्ष में दिए गए 13,000 रुपये प्रतिमाह के अंतरिम गुजारा भत्ते को बरकरार रखते हुए यह महत्वपूर्ण टिप्पणी की।अदालत ने कहा कि यदि पति अपनी आय और वित्तीय स्थिति से जुड़ी जरूरी जानकारी छिपाता है तो अदालत उसके खिलाफ प्रतिकूल अनुमान लगा सकती है और उसकी न्यूनतम आय का आकलन स्वयं कर सकती है।मामले में...

लिव-इन संबंध का सहारा लेकर झूठे शादी के वादे से नहीं बच सकता आरोपी: दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत

दिल्ली हाइकोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि कोई आरोपी यह कहकर खुद को बचा नहीं सकता कि वह पहले से किसी महिला के साथ केवल लिव-इन संबंध में था इसलिए उस पर झूठे शादी के वादे का आरोप लागू नहीं होता।जस्टिस स्वर्णा कांत शर्मा ने यह टिप्पणी करते हुए एक आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की।मामला उस आरोप से जुड़ा है, जिसमें अभियोजन पक्ष ने कहा कि आरोपी ने विवाह का झूठा वादा कर पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाए। बाद में पीड़िता को पता चला कि आरोपी पहले से ही एक अन्य महिला के साथ रह रहा था और उसके दो...

गौरव भाटिया के मानहानि मामले में हाईकोर्ट की सख्त, X यूजर को जारी किया नोटिस

दिल्ली हाईकोर्ट ने BJP नेता और सीनियर एडवोकेट गौरव भाटिया की याचिका पर सुनवाई करते हुए सोशल मीडिया मंच X के एक यूजर को नोटिस जारी किया। आरोप है कि उक्त यूजर ने अदालत के अंतरिम आदेश का उल्लंघन करते हुए आपत्तिजनक सामग्री शेयर की।जस्टिस मीनि पुष्करणा की अदालत ने मामले में यूजर रैन्टिंग गोला और एक्स से जवाब मांगा। याचिका में कहा गया कि सितंबर में पारित अंतरिम आदेश के बावजूद संबंधित यूजर लगातार वीडियो और पोस्ट डाल रही है।दरअसल, गौरव भाटिया ने पिछले वर्ष एक टीवी बहस के दौरान दिए गए बयान के बाद सोशल...

Molitics के फेसबुक पेज ब्लॉक करने पर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र और मेटा से मांगा जवाब

दिल्ली हाईकोर्ट ने डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म मोलिटिक्स (Molitics) के फेसबुक पेज को ब्लॉक किए जाने के मामले में केंद्र सरकार और मेटा प्लेटफॉर्म्स सहित अन्य पक्षों से जवाब मांगा।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, गृह मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, दिल्ली पुलिस और मेटा को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि आखिर किस प्रावधान के तहत यह कार्रवाई की गई।मामला 29 मार्च को मोलिटिक्स के फेसबुक पेज को भारत में ब्लॉक किए जाने से जुड़ा है। कंपनी ने याचिका दाखिल...

कोमा में सैनिक के शुक्राणु सुरक्षित रखने की अनुमति: दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व सहमति को माना पर्याप्त

दिल्ली हाईकोर्ट ने संवेदनशील और महत्वपूर्ण फैसले में कोमा में पड़े सैनिक के शुक्राणु निकालकर संरक्षित (क्रायोप्रिजर्वेशन) करने की अनुमति दी। अदालत ने कहा कि IVF प्रक्रिया के लिए पहले दी गई सहमति को ही वैध माना जाएगा।जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने यह आदेश देते हुए कहा कि केवल इस आधार पर पत्नी को अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता कि पति की वर्तमान लिखित सहमति उपलब्ध नहीं है।मामले में याचिकाकर्ता पत्नी ने अदालत से अनुरोध किया कि उसके पति, जो जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान गंभीर मस्तिष्क चोट के...

ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के नाम कैसे दर्ज हों? हाइकोर्ट करेगा अहम फैसला, कई दस्तावेजों पर पड़ेगा प्रभाव

दिल्ली हाईकोर्ट अब यह तय करेगा कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के नाम शैक्षणिक और आधिकारिक अभिलेखों में किस प्रकार दर्ज किए जाएं। अदालत ने माना कि यह मुद्दा केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है बल्कि पासपोर्ट आधार जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे कई दस्तावेजों पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। यह मामला उन याचिकाओं से जुड़ा है, जिनमें ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की गई।सुनवाई के...

दिल्ली हाईकोर्ट में केजरीवाल व आप नेताओं के खिलाफ शिकायत, कोर्ट कार्यवाही के कथित अनधिकृत प्रसारण पर विवाद

दिल्ली हाईकोर्ट में आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल पार्टी के कई नेताओं और पत्रकार रवीश कुमार के खिलाफ शिकायत दायर की गई। आरोप है कि इन्होंने न्यायालय की कार्यवाही का कथित रूप से अनधिकृत रिकॉर्डिंग कर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया।यह शिकायत एडवोकेट वैभव सिंह द्वारा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के समक्ष दायर की गई। शिकायत में कहा गया कि 13 अप्रैल को जस्टिस स्वर्णा कांत शर्मा की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान जब केजरीवाल व्यक्तिगत रूप से पेश होकर जस्टिस से खुद को मामले से अलग करने की...

जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को केस से हटने का मामला: केजरीवाल ने दायर किया नया हलफनामा, कहा- जज का बेटा और बेटी केंद्र के पैनल वकील

शराब नीति मामले की सुनवाई से दिल्ली हाईकोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के हटने की मांग वाली अपनी याचिका में AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने अतिरिक्त हलफनामा दायर किया। इसमें उन्होंने कहा है कि जस्टिस शर्मा के बेटे और बेटी, दोनों ही केंद्र सरकार के वकील के तौर पर पैनल में शामिल हैं।केजरीवाल ने कहा कि जस्टिस शर्मा के बच्चों को काम सॉलिसिटर जनरल द्वारा सौंपा जाता है, जो जस्टिस शर्मा के सामने CBI की तरफ से पेश हुए। उनके अनुसार, इससे जस्टिस शर्मा की ओर से पक्षपात की एक उचित आशंका पैदा होती...

कोर्ट के धारा 73 के तहत कार्रवाई का खुलासा न करने पर हस्तलेखन का सैंपल देने से मना करने पर कोई प्रतिकूल निष्कर्ष नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि किसी पक्ष के खिलाफ हस्तलेखन सैंपल देने से मना करने पर कोई प्रतिकूल निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता, अगर कोर्ट ने यह खुलासा न किया हो कि ऐसा नमूना भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 की धारा 73 के तहत तुलना के लिए मांगा जा रहा है।जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस रेनू भटनागर की डिवीज़न बेंच ने यह टिप्पणी तब की, जब उन्होंने एक फैमिली कोर्ट द्वारा क्रूरता के आधार पर दी गई तलाक की डिक्री रद्द की।अपीलकर्ता-पत्नी ने कथित तौर पर वैवाहिक घर में कागज़/पर्ची फेंक दी थी, जिसमें मनमानी...

क्या बिना एडमिशन/डिनायल एफिडेविट के लिखित बयान नॉन-एस्ट (अमान्य) है? दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ी बेंच को सौंपा मामला

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट (ओरिजिनल साइड) रूल्स, 2018 के तहत लिखित बयान दाखिल करने से जुड़े एक मुद्दे को एक बड़ी बेंच के पास भेजा।जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने इस संदर्भ के लिए निम्नलिखित प्रश्न तैयार किया:“क्या दिल्ली हाईकोर्ट (ओरिजिनल साइड) रूल्स, 2018 के तहत तय कानूनी समय सीमा के भीतर लिखित बयान दाखिल करना—लेकिन साथ में दस्तावेजों के एडमिशन/डिनायल (स्वीकृति/अस्वीकृति) का एफिडेविट न होना—कानून की नज़र में उस फाइलिंग को 'नॉन-एस्ट' (अमान्य) बना देता है? या फिर, क्या ऐसे एफिडेविट का न होना...

गांजे के पत्ते और डंठल गांजा नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने NDPS केस में ज़मानत दी, कमर्शियल मात्रा पर संदेह जताया

दिल्ली हाईकोर्ट ने ड्रग्स के एक मामले में आरोपी को ज़मानत दी। कोर्ट ने कहा कि गांजे के पत्तों और डंठलों को कमर्शियल मात्रा (व्यावसायिक मात्रा) तय करने के लिए 'गांजा' नहीं माना जा सकता। इस तरह, कोर्ट ने इस बात पर संदेह जताया कि क्या ज़ब्त की गई चीज़ें NDPS Act की धारा 37 के तहत तय की गई सख्त सीमा के दायरे में आती हैं।कोर्ट ने कहा कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस एक्ट, 1985 (NDPS Act) के तहत 'गांजा' की परिभाषा में खास तौर पर सिर्फ गांजे के पौधे के फूल वाले या फल वाले ऊपरी हिस्से ही...

बालिग होने पर पीड़िता से निकाह करना बलात्कार के अपराध को खत्म नहीं करता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण व्यवस्था देते हुए कहा कि यदि किसी अभियुक्त ने नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार जैसा जघन्य अपराध किया है तो लड़की के बालिग होने के बाद उससे शादी या निकाह कर लेने से अभियुक्त का आपराधिक दायित्व समाप्त नहीं हो जाता।अदालत ने स्पष्ट किया कि बाद में की गई शादी उस समय किए गए अपराध को नहीं मिटा सकती, जब पीड़िता नाबालिग है।भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत दर्ज मामले में जमानत याचिका खारिज करते हुए जस्टिस गिरीश कठपालिया ने कड़ी टिप्पणी की।उन्होंने...

नाबालिग की अश्लील सामग्री ऑनलाइन डालना गंभीर अपराध, नुकसान सजा से कहीं अधिक: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि नाबालिग की अश्लील तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर डालना बेहद गंभीर अपराध है, जिसका प्रभाव केवल कानूनी सजा तक सीमित नहीं रहता बल्कि पीड़िता के जीवन पर गहरा और स्थायी असर डालता है। इसी आधार पर अदालत ने आरोपी को जमानत देने से इनकार किया।मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा ने कहा कि डिजिटल युग में एक बार ऐसी सामग्री इंटरनेट पर अपलोड हो जाए तो वह तेजी से फैल जाती है और उस पर नियंत्रण पाना लगभग असंभव हो जाता है।अदालत ने कहा,“ऐसी हरकतों...

मंत्रियों को रोज़ जनता से वीडियो के ज़रिए मिलने का आदेश नहीं दे सकता कोर्ट: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को यह निर्देश देने से इनकार किया कि सभी केंद्रीय मंत्री रोज़ाना कम-से-कम दो घंटे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनता की शिकायतें सुनें। अदालत ने कहा कि ऐसी नीति बनाना कार्यपालिका का अधिकार क्षेत्र है और इसे अदालत के आदेश से लागू नहीं कराया जा सकता।मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता की मांग सीधे तौर पर नीति निर्माण से जुड़ी है जो पूरी तरह सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है।अदालत ने कहा,“नीतियां बनाना, प्रशासनिक...

1/3 सजा पूरी करने वाले अंडरट्रायल को रिहाई दें: दिल्ली हाईकोर्ट ने दिए सख्त निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का आदेश देते हुए कहा कि जिन अंडरट्रायल कैदियों ने संभावित अधिकतम सजा का एक-तिहाई या आधा हिस्सा पूरा कर लिया है, उन्हें राहत दी जानी चाहिए।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने यह निर्देश धोखाधड़ी और प्रतिरूपण के मामले में आरोपी को जमानत देते हुए दिया।अदालत ने आदेश की प्रति जिला एवं सेशन जजों, जेल महानिदेशक, दिल्ली हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति और दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजने के निर्देश भी दिए।मामले में आरोपी पर खुद को...

प्रतिकूल आदेश जज पर पक्षपात का आरोप लगाने या केस ट्रांसफर की मांग करने का आधार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की कि सिर्फ़ कोई प्रतिकूल आदेश पारित हो जाने भर से अपने आप में किसी जज पर पूर्वाग्रह और पक्षपात का आरोप लगाने और केस ट्रांसफर की मांग करने का कोई आधार नहीं बन जाता।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने एक महिला द्वारा दायर याचिका खारिज की, जिसमें जज पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए आपराधिक वैवाहिक मामले को 'महिला कोर्ट' से किसी दूसरी कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की गई थी।शुरुआत में ही, कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता एक बार फिर उन्हीं मुद्दों को उठाने की कोशिश कर रही थी, जिन्हें...

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने का मामला: CBI का तर्क- अरविंद केजरीवाल की खुद को सुनवाई से हटाने की अर्जी मानना​ गलत मिसाल कायम करेगा

सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने सोमवार (13 अप्रैल) को दिल्ली हाईकोर्ट से कहा कि AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल और अन्य लोगों द्वारा दायर उन अर्जियों को स्वीकार करना, जिनमें शराब नीति मामले की सुनवाई से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने की मांग की गई, एक गलत मिसाल कायम करेगा।इससे पहले दिन में केजरीवाल ने खुद बहस करते हुए दावा किया कि उनके मन में यह वाजिब आशंका है कि उन्हें निष्पक्ष सुनवाई नहीं मिलेगी। वह CBI की उस पुनर्विचार याचिका की सुनवाई से जस्टिस शर्मा को हटाने की मांग कर रहे हैं,...