दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने मर्डर के दोषी की उम्रकैद की सज़ा बरकरार रखी, मरने से पहले दिए गए बयान की जानकारी में चूक पर पुलिसिंग में 'टनल विज़न' की ओर इशारा किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने जुर्म के लगभग 24 साल बाद एक मर्डर के दोषी की उम्रकैद की सज़ा बरकरार रखी। साथ ही यह भी एनालाइज़ किया कि पैरा-पुलिस का काम करने वाले पुलिस अधिकारी इमरजेंसी को कैसे समझते हैं और उस पर कैसे रिस्पॉन्ड करते हैं।ये अपील एक मर्डर केस से जुड़ी हैं, जिसमें प्रॉसिक्यूशन ने घटना के तुरंत बाद पीड़ित के दिए गए मरने से पहले दिए गए ओरल बयान पर बहुत ज़्यादा भरोसा किया। डिफेंस ने एक साफ़ गड़बड़ी की ओर इशारा करके इस बयान को गलत साबित करने की कोशिश की: हेड कांस्टेबल द्वारा भेजे गए शुरुआती PCR...
समन से गैरहाज़िरी के मामलों में अरविंद केजरीवाल की बरी के खिलाफ अपील करेंगे: दिल्ली हाईकोर्ट में बोली ED
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट को सूचित किया कि वह कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े समन के अनुपालन न करने के मामलों में पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को मिली बरी (acquittal) के खिलाफ चुनौती दायर करेगा।यह बयान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एस.वी. राजू ने चीफ़ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की खंडपीठ के समक्ष दिया।यह घटनाक्रम तब सामने आया जब केजरीवाल के वकील ने ED द्वारा जारी समन को चुनौती देने वाली याचिका...
प्रिया कपूर ने देवरानी और पॉडकास्ट होस्ट पर ठोका मानहानि का दावा, दिल्ली हाइकोर्ट में 20 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग
दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर ने अपनी देवरानी मंधिरा कपूर स्मिथ और इनकॉन्ट्रोवर्शियल नामक पॉडकास्ट की होस्ट पूजा चौधरी के खिलाफ दिल्ली हाइकोर्ट में मानहानि का दीवानी मुकदमा दायर किया। प्रिया कपूर ने कथित रूप से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले बयानों के लिए 20 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग की।दायर वाद में आरोप लगाया गया कि मंधिरा कपूर स्मिथ ने संबंधित पॉडकास्ट में ऐसे बयान दिए जिनमें प्रिया कपूर को परिवार की विरासत, संपत्ति और कारोबारी मामलों पर कोई वैध अधिकार न रखने वाली...
जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर की सैलरी इनकम मानी जाएगी: दिल्ली हाईकोर्ट ने AIIMS में EWS अपॉइंटमेंट कैंसिल करने का फैसला सही ठहराया
दिल्ली हाईकोर्ट ने माना कि जूनियर रेजिडेंसी के दौरान डॉक्टर को मिली सैलरी, इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन (EWS) कैटेगरी के तहत एलिजिबिलिटी तय करने के लिए “इनकम” मानी जाती है।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन की डिवीजन बेंच ने इस आधार पर याचिकाकर्ता की सीनियर रेजिडेंट अपॉइंटमेंट कैंसिल करने का फैसला सही ठहराया कि तय इनकम लिमिट का उल्लंघन किया गया।इसमें कहा गया,“EWS रिज़र्वेशन के लिए “ग्रॉस एनुअल इनकम” का मतलब टैक्स एक्ट के तहत ध्यान में रखी गई इनकम से है। इसलिए पॉलिसी फ्रेमवर्क में इनकम के किसी...
दिल्ली हाईकोर्ट ने मर्डर केस में ज़मानत दी, गुमराह करने वाली स्टेटस रिपोर्ट के लिए पुलिस के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने मर्डर केस के एक आरोपी को ज़मानत दी। साथ ही कोर्ट से ज़रूरी सबूत छिपाकर गुमराह करने वाली स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया।जस्टिस गिरीश कथपालिया ने कहा,“यह एक चौंकाने वाली स्थिति का मामला है, जहां उस समय के SHO PS बवाना ने 14.07.2025 की तारीख वाली एक अधूरी और गुमराह करने वाली स्टेटस रिपोर्ट फाइल की। उस समय के SHO PS बवाना इंस्पेक्टर रजनीकांत बताए गए। उस स्टेटस रिपोर्ट में, SHO ने प्रॉसिक्यूशन के स्टार गवाह की गवाही का ज़रूरी...
Right To Travel Abroad | सिर्फ़ FIR या जांच का पेंडिंग होना LOC के लंबे ऑपरेशन को सही नहीं ठहरा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि सिर्फ़ जांच का पेंडिंग होना या क्रिमिनल केस का रजिस्ट्रेशन होना किसी आरोपी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) के लंबे ऑपरेशन को सही नहीं ठहरा सकता।22.5 करोड़ रुपये के रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट विवाद में महिला आरोपी के खिलाफ जारी LOC रद्द करते हुए जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने कहा कि सिर्फ़ जांच का पेंडिंग होना संविधान के आर्टिकल 21 के तहत विदेश यात्रा के मौलिक अधिकार में लंबे समय तक कटौती को सही नहीं ठहरा सकता।कोर्ट ने मारिया रमेश नाम की एक महिला की अर्जी मान ली, जिसमें...
एम्प्लॉयर के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को ट्वीट करना सर्विस रूल्स के तहत मिसकंडक्ट माना जा सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने माना कि किसी के एम्प्लॉयर के खिलाफ करप्शन के आरोपों को ट्वीट करना या पब्लिक में फैलाना लागू सर्विस रूल्स के तहत मिसकंडक्ट माना जा सकता है।जस्टिस संजीव नरूला ने कहा,“याचिकाकर्ता ने ट्वीट्स और री-ट्वीट्स के ज़रिए ऑर्गनाइज़ेशन के खिलाफ आरोपों को पब्लिक में बढ़ाया, इंटरनल फ्रेमवर्क से बाहर रिप्रेजेंटेशन दिए, और पाया गया कि उसने बाहरी दबाव बनाने की कोशिश की। ऐसा कंडक्ट कंडक्ट, डिसिप्लिन और अपील रूल्स, 1976 के तहत डिसिप्लिनरी कार्रवाई का कारण बन सकता है। इसके लिए सीरियस एक्शन की...
राज्य ग्रेच्युटी अथॉरिटीज़ के पास उस जगह अधिकार नहीं, जहां कंपनी की कई राज्यों में ब्रांच हैं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने माना कि पेमेंट ऑफ़ ग्रेच्युटी एक्ट, 1972 के तहत राज्य द्वारा नियुक्त अथॉरिटीज़ के पास ग्रेच्युटी के दावों पर फैसला करने का अधिकार नहीं है, जहां कंपनी की एक से ज़्यादा राज्यों में ब्रांच हैं, क्योंकि ऐसे मामलों में केंद्र सरकार एक्ट के तहत “सही सरकार” है।जस्टिस शैल जैन ने कहा,“इस मामले में सही सरकार केंद्र सरकार होगी क्योंकि पिटीशनर-कंपनी की एक से ज़्यादा राज्यों में ब्रांच हैं, न कि राज्य सरकार…”कोर्ट एक एम्प्लॉयर की याचिका पर विचार कर रहा था, जिसमें पेमेंट ऑफ़ ग्रेच्युटी...
लापता लोगों के मामलों में कथित बढ़ोतरी के बाद दिल्ली हाईकोर्ट में PIL, 'पाए जाने के अधिकार' को मान्यता देने की मांग
दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी में लापता लोगों के "अभूतपूर्व संकट" के पृष्ठभूमि में जीवन के अधिकार के एक अहम हिस्से के तौर पर "पाए जाने के अधिकार" को मान्यता देने और लागू करने की मांग की गई।NGO फ्रीडम रिक्लेम्ड की दायर याचिका में कहा गया कि ऑफिशियल ZIPNET पोर्टल से इकट्ठा किए गए डेटा के अनुसार, 1 जनवरी से 15 जनवरी, 2026 के बीच दिल्ली में 800 से ज़्यादा लोगों के लापता होने की सूचना मिली थी।चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने पूछा कि...
प्रॉक्सी वकीलों की लापरवाह पेशी पर दिल्ली हाइकोर्ट सख्त, युवा वकीलों से फाइल पढ़कर आने की अपील
दिल्ली हाइकोर्ट ने अदालत में बिना तैयारी के पेश होने वाले प्रॉक्सी वकीलों पर कड़ी टिप्पणी करते हुए युवा वकीलों से आग्रह किया कि वे मामले की फाइल और ब्रीफ पढ़कर ही पेश हों। कोर्ट ने साफ कहा कि केवल नाम मात्र की पेशी से न्यायिक प्रक्रिया में कोई सार्थक मदद नहीं मिलती।जस्टिस अनिल क्षेतरपाल और जस्टिस अमित महाजन की खंडपीठ वैवाहिक विवाद से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें पत्नी ने अपने पति के खिलाफ अपील दायर की थी।कोर्ट के समक्ष कार्यालय रिपोर्ट से यह सामने आया कि अपील पिछले दो वर्षों से लंबित...
रिटायरमेंट आयु के बाद धारा 17(बी) के तहत वेतन का हक नहीं: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स एक्ट, 1947 की धारा 17(बी) को लेकर एक अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि कोई भी कामगार रिटायरमेंट की आयु प्राप्त करने के बाद इस धारा के तहत वेतन पाने का हकदार नहीं होता।कोर्ट ने कहा कि धारा 17(बी) केवल उसी अवधि तक लागू होती है जब तक नियोक्ता और कर्मचारी के बीच सेवा संबंध बना रहता है।जस्टिस रेनू भटनागर ने कहा कि धारा 17(बी) का उद्देश्य पुनःस्थापन (रीइंस्टेटमेंट) के आदेश को चुनौती दिए जाने की स्थिति में कार्यवाही लंबित रहने के दौरान कामगार को अंतिम आहरित...
जमानत सुनवाई से पहले अभियोजकों को पूरी जानकारी दें जांच अधिकारी, फाइल के साथ रहें मौजूद: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को कड़ी नसीहत देते हुए कहा कि जमानत मामलों की सुनवाई से पहले जांच अधिकारी (IO) अभियोजकों को ठीक से ब्रीफ करें और सुनवाई के दौरान पूरी जांच फाइल के साथ अदालत में मौजूद रहें।कोर्ट ने उम्मीद जताई कि इस दिशा में जल्द ही ठोस सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।जस्टिस गिरिश कथपालिया ने यह टिप्पणी एक हत्या के मामले में आरोपी को बेल देते हुए की। कोर्ट ने कहा कि मामले की सुनवाई के दौरान न तो जांच अधिकारी और न ही संबंधित थाना प्रभारी (SHO) अदालत में उपस्थित थे जो बेहद...
सड़क हादसों की रिपोर्टिंग में लापरवाही पर दिल्ली हाइकोर्ट सख़्त, पुलिस आयुक्त को खामियां दूर करने के निर्देश
दिल्ली हाइकोर्ट ने सड़क दुर्घटना मामलों की जांच और रिपोर्टिंग में हो रही लापरवाहियों को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि वे मोटर दुर्घटना मामलों की निगरानी व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू कराने के लिए आवश्यक निर्णय लें और ठोस कदम उठाएं।चीफ जस्टिस जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने अनूप कुमार रामपाल द्वारा दायर एक जनहित याचिका का निपटारा करते हुए यह आदेश पारित किया।याचिका में सड़क दुर्घटनाओं की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों द्वारा की जा रही चूकों और...
62 साल के बाद प्रशासनिक पद पर नहीं रह सकते डॉक्टर, केंद्र सरकार के नियम को दिल्ली हाइकोर्ट की मंज़ूरी
दिल्ली हाइकोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2018 में किए गए उस संशोधन को सही ठहराया, जिसके तहत केंद्रीय स्वास्थ्य सेवा (CHS) और उससे संबद्ध सेवाओं के डॉक्टर 62 वर्ष की आयु के बाद प्रशासनिक पदों पर कार्य नहीं कर सकते।हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि 62 वर्ष ही डॉक्टरों की सामान्य सेवानिवृत्ति आयु है और 65 वर्ष तक सेवा में बने रहने की अनुमति केवल गैर-प्रशासनिक भूमिकाओं के लिए दी जा सकती है।जस्टिस अनिल क्षेतरपाल और जस्टिस अमित महाजन की खंडपीठ ने सीनियर CHS डॉक्टरों और उनके संघों द्वारा दायर याचिकाओं को...
हथियार रखने का कोई मौलिक अधिकार नहीं, आर्म्स लाइसेंस देना कार्यपालिका का विवेकाधीन अधिकार: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने साफ़ किया कि भारतीय संविधान के तहत किसी व्यक्ति को हथियार रखने का कोई मौलिक अधिकार प्राप्त नहीं है। कोर्ट ने कहा कि आर्म्स लाइसेंस देना पूरी तरह से आर्म्स एक्ट 1959 और आर्म्स रूल्स 2016 के तहत कार्यपालिका के विवेकाधीन क्षेत्र में आता है। इसमें अदालत अपने विचार कार्यपालिका के स्थान पर नहीं थोप सकती।जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने यह टिप्पणी याचिका खारिज करते हुए की, जिसमें आर्म्स लाइसेंस के लिए दिए गए आवेदन को खारिज किए जाने को चुनौती दी गई थी।याचिकाकर्ता एक पार्किंग ठेकेदार था...
राजनीतिक दल से जुड़ने और सक्रिय राजनीति करने का अधिकार अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी नागरिक का राजनीतिक दल से जुड़ने और सक्रिय रूप से राजनीति में भाग लेने का अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस अधिकार में किसी भी तरह का हस्तक्षेप या दबाव व्यक्ति की स्वतंत्रता और सुरक्षा की जड़ पर प्रहार करता है।जस्टिस सौरभ बनर्जी ने यह टिप्पणी वकील को पुलिस सुरक्षा देने के आदेश के दौरान की। वकील ने आरोप लगाया कि उन्हें उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की ओर से लगातार जान से मारने की धमकियां मिल...
DV Act के तहत पुराने घर में दोबारा प्रवेश का स्वतः अधिकार नहीं: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण का अधिनियम, 2005 (DV Act) किसी पीड़ित महिला को यह अपरिवर्तनीय अधिकार नहीं देता कि वह उस वैवाहिक घर में दोबारा रहने की ज़िद करे, जिसे वह पहले स्वयं छोड़ चुकी हो खासकर तब जब उसके पास समान स्तर का वैकल्पिक आवास उपलब्ध हो।जस्टिस रविंदर दुडेजा ने कहा कि ऐसे मामलों में जबरन पुनः कब्ज़ा दिलाना वर्तमान निवासियों के स्थापित अधिकारों को बाधित करेगा और एक संरक्षणकारी कानून को किसी भी पुराने निवास में दोबारा प्रवेश का साधन बना देगा, जो...
फर्जी फैमिली ट्रस्ट विवाद: दिल्ली हाइकोर्ट ने प्रिया कपूर की याचिका पर जारी किया नोटिस
दिल्ली हाइकोर्ट ने दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर की ओर से दायर उस याचिका पर बुधवार को नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने अपनी सास रानी कपूर द्वारा दायर मुकदमे को खारिज करने की मांग की।रानी कपूर ने आरोप लगाया कि प्रिया कपूर समेत अन्य लोगों ने एक फर्जी फैमिली ट्रस्ट बनाकर उन्हें उनकी पूरी संपत्ति और पारिवारिक विरासत से अवैध रूप से वंचित किया।जस्टिस मिनी पुष्कर्णा की पीठ ने रानी कपूर को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा गया कि यदि कोई प्रत्युत्तर दाखिल...
फ़िल्म 'घूसखोर पंडत' का नाम बदला जाएगा: दिल्ली हाईकोर्ट को Netflix ने बताया
दिल्ली हाईकोर्ट को मंगलवार को Netflix ने बताया कि मनोज बाजपेयी अभिनीत फ़िल्म “घूसखोर पंडत” का नाम बदला जाएगा। यह बयान जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव के समक्ष दिया गया, जो फ़िल्म के प्रस्तावित रिलीज़ को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रहे थे।अदालत ने रिकॉर्ड पर लिया कि निर्माता ने उठी हुई चिंताओं के मद्देनज़र सचेत निर्णय लेते हुए फ़िल्म का शीर्षक 'घूसखोर पंडत' से बदलकर ऐसा वैकल्पिक नाम रखने का फैसला किया है, जो फ़िल्म की कथा और उद्देश्य को अधिक सटीक रूप से प्रतिबिंबित करता हो। जस्टिस कौरव को...
Consumer Protection Act | RWA के खिलाफ निष्पादन कार्यवाही खारिज करने के NCDRC आदेश को चुनौती, दिल्ली हाइकोर्ट ने जारी किया नोटिस
दिल्ली हाइकोर्ट ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है जिसमें एक रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और उसके पदाधिकारियों के खिलाफ दायर निष्पादन कार्यवाही यह कहते हुए खारिज कर दी गई कि वे मूल उपभोक्ता शिकायत के पक्षकार नहीं थे।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने 15.09.2025 को पारित NCDRC के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 67 के संदर्भ में उठाए गए विचारणीयता के प्रश्न को नोट...


















