मुख्य सुर्खियां
एक राज्य में कितने लॉ कालेज हो सकते हैं ? सुप्रीम कोर्ट ने BCI से पूछा [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) से लॉ कॉलेजों की संख्या के आधार पर जिलावार आंकड़ों का ब्यौरा मांगा है जिन्हें किसी राज्य में संचालित करने की अनुमति दी जा सकती है। जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस मोहन एम.शांतागौदर की बेंच ने विभिन्न राज्यों में BCI द्वारा अनुमोदित लॉ कॉलेजों की सूची की भी मांग की।BCI सचिव को अगली तारीख पर सुनवाई के पहले विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। इस मामले को मार्च के दूसरे सप्ताह में सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया गया है।दरअसल...
निर्भया फंड :SC ने राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को मुआवजे का खुलासा करने के निर्देश दिए [आर्डर पढ़े]
जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता ने निपुण सक्सेना बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले में सभी प्रतिवादी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को चार हफ्ते में हलफनामा दाखिल कर बताने को कहा है कि निर्भया फंड के तहत उन्हें केंद्र से कितनी राशि मिली है। साथ ही कोर्ट ने ये भी निर्देश दिए हैं कि हलफनामे में ये भी बताया जाए कि यौन उत्पीडन की पीडितों को अब तक कितना मुआवजा दिया गया है। इससे पहले बेंच ने NLSA के इस आग्रह को मान लिया कि यौन उत्पीडन के पीड़ितों के लिए वर्तमान पीडित क्षतिपूर्ति योजना के अंतर्गत...
बार काउंसिल ने सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों से पूछा, क्यों न उनको एडवोकेट के रूप में प्रैक्टिस करने से रोक दिया जाए
बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (बीसीआई) ने सांसदों, विधायकों और विधान परिषद् के सदस्यों से उस अपील पर उनकी राय जाननी चाही है जिसमें मांग की गई है कि इन लोगों को एडवोकेट के रूप में प्रैक्टिस नहीं करने देना चाहिए। इन लोगों से एक सप्ताह के भीतर अपने विचार भेज देने को कहा गया है जिसके बाद 22 जनवरी को बीसीआई की बैठक में इस बारे में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।बीसीआई की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, “काउंसिल की उप समिति यह उचित समझती है कि इस मुद्दे पर किसी भी तरह का अंतिम निर्णय लेने से पहले सांसदों, विधायकों...
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से तीन दशक से जेल में बंद अभियुक्त की मदद करने को कहा [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने ने उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से कहा है कि वह जेल में लगभग 30 साल बिताने वाले अभियुक्त की मदद करे ताकि वह हाई कोर्ट में जरूरी याचिका दायर कर सरकार के आदेश को चुनौती दे सके। सरकार ने समय से पहले उसको रिहा करने की अपील खारिज कर दी है।अभियुक्त अशोक कुमार ने अपनी अपील खारिज कर दिए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट में सरकारी आदेश को चुनौती दी। UP Prisoners’ Release on Probation Act, 1938 के अधीन अभियुक्त ने सरकार से उसको समय से पहले रिहा करने की अपील की थी।न्यायमूर्ति रंजन...
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार से नया क़ानून लागू होने के आठ माह के भीतर लोकायुक्त नियुक्त करने को कहा
मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, डीवाई चंद्रचूड़ और एएम खानविलकर की पीठ ने बुधवार को उत्तराखंड सरकार को नया लोकायुक्त क़ानून 2017 के लागू होने के आठ महीने के भीतर नया लोकायुक्त नियुक्त करने को कहा। पीठ ने इस संबंध में भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया।याचिकाकर्ता ने कहा था कि 2011 का अधिनियम उत्तराखंड सरकार ने राज्य विधानसभा में बहुमत से पारित किया था और उसे 3 नवंबर 2011 को राज्यपाल की अनुमति मिल गई थी और राष्ट्रपति ने 3 सितम्बर 2013 को अपनी अनुमति दे दी थी।...
गुजरे वर्ष 2017 में सुप्रीम कोर्ट के 25 यादगार फैसले
1.निजता का अधिकार मौलिक अधिकार हैनिजता के अधिकार के बारे में लंबी अवधि से चले आ रहे इस बहस को अंजाम तक पहुंचाते हुए अपने इस ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है। कोर्ट ने कहा कि यह अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 का अभिन्न हिस्सा है। यह फैसला नौ जजों की पीठ ने एकमत से सुनाया। पीठ ने इस मामले में एमपी शर्मा और खड़क सिंह मामले में अपने फैसले को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने फैसले के जिन बातों को निरस्त किया - एमपी शर्मा मामले में निजता को मौलिक अधिकार नहीं कहनाखड़क...
SC ने कर्नाटक HC के तंबाकू उत्पाद पैकेटों पर बडी सचित्र चेतावनी के नियम को रद्द करने के फैसले पर रोक लगाई [आर्डर पढ़े]
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड की बेंच ने सोमवार को कर्नाटक हाईकोर्ट के 15 दिसंबर 2017 के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी जिसमें सिगरेट व अन्य तम्बाकू उत्पाद (पैकेजिंग और 2014 में संशोधन) लेबलिंग नियम) 2008 को रद्द कर दिया था। इस केनियम 3 (1) (बी) के तहत यह आवश्यक है कि सिगरेट, पैन मसाला और अन्य तम्बाकू पैकेटों पर कम से कम 85% वैधानिक चेतावनी छपी होगी जिसमें मुंह, गले और फेफड़ों के कैंसर के सचित्र चित्रण के लिए 60% और 25% लिखित स्वास्थ्य चेतावनी होनी चाहिए।...
आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को पुलिस में नौकरी नहीं देने के जांच समिति के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पुलिस में नौकरी चाहने वाले लोगों को कोर्ट से बरी किये जाने के बावजूद उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि की वजह से यह नौकरी नहीं देने को सही ठराया।न्यायमूर्ति आर बनुमथी और न्यायमूर्ति यूयू ललित ने अपने फैसले में कहा, “यह निर्णय करते हुए कि कोई व्यक्ति जो आपराधिक मामलों में संलग्न रहा है भले ही वह कोर्ट द्वारा बरी कर दिया गया है, उसे पुलिस में किसी पद पर नियुक्त किया जा सकता है कि नहीं, उसका बरी होना इस मामले में बाइज्जत बरी होना है या गवाहों के पलट जाने के कारण उसको संदेह का लाभ...
फलों, सब्जियों में कीटनाशकों के प्रयोग पर नीतिगत रोक के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट में जनहित याचिका [याचिका पढ़े]
मुंबई के एक एनजीओ सिटीजन सर्किल फॉर सोशल वेलफेयर एंड एजुकेशन ने एक जनहित याचिका दायर कर किसानों द्वारा जरूरत से अधिक कीटनाशकों का प्रयोग रोकने, फेरीवालों द्वारा फलों और सब्जियां पर रसायनों का छिड़काव रोकने और पोल्ट्री मालिकों को ग्रोथ हारमोंस और पिग फैट का प्रयोग नहीं करने का निर्देश देने की मांग की है।इस याचिका में बहुराष्ट्रीय फ़ास्ट फ़ूड ब्रांड जैसे मैकडोनाल्ड, सबवे द्वारा जेनेटिक-उपचार और एंटीबायोटिक वाले चिकेन की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है।इस याचिकाकर्ता ने ज़ी न्यूज की एक...
देश के राष्ट्रपति जनहित याचिका का मुद्दा नहीं बन सकते : सुप्रीम कोर्ट
देश के राष्ट्रपति एक जनहित याचिका के विषय नहीं हो सकते, ये कहते हुए सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच ने एक याचिका को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रपति के अंगरक्षकों के चयन के लिए भर्ती प्रक्रिया भेदभावपूर्ण है। बेंच ने याचिकाकर्ता के वकील की याचिका को को वापस लेने के लिए गुहार को भी नामंजूर कर दिया।बेंच ने कहा, "यह जनहित याचिका का मुद्दा नहीं हो सकता और गणराज्य के राष्ट्रपति जनहित याचिका के अधीन नहीं हो सकते। “दरअसल याचिकाकर्ता डॉ ईश्वर सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट के 4...
इलाहाबाद हाई कोर्ट का उत्तर प्रदेश सरकार का निदेश, “जातिहीन” होने के आईपीएस अधिकारी की मांग पर दो माह में निर्णय करें [आर्डर पढ़े]
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की ओर से दायर अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब देने को कहा है। अधिकारी ने मांग की है कि उसको सरकारी रिकॉर्ड में “जातिहीन” बताया जाए।न्यायमूर्ति सत्येन्द्र सिंह चौहान और न्यायमूर्ति रजनीश कुमार ने कहा कि ठाकुर ने कई बार अधिकारियों के सामने इस बारे में अपनी बात रखी है कि वह जाति व्यवस्था को बांटनेवाला मानते हैं और इसलिए वह जातिहीन समाज के पक्ष में हैं।हालांकि हाई कोर्ट से उनकी अपील में मांग की गई है कि कोर्ट अथॉरिटीज को उनके...
उपभोक्ता संरक्षण विधेयक, 2018 : मुख्य बातें [विधेयक पढ़ें]
सरकार ने संसद के शीत सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को उपभोक्ता संरक्षण विधेयक, 2018 लोकसभा में पेश किया। यह नया विधेयक उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 का स्थान लेगा।यह देखा गया कि इस समय जो अधिनियम प्रभावी है वह उपभोक्ताओं की शिकायतों को कई बाध्यताओं के कारण शीघ्रता से सुलझाने में बहुत ज्यादा प्रभावी नहीं रहा है।वैश्विक आपूर्ति में संलग्न कंपनियों के भारत में आने, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ई-कॉमर्स में आ रही तेजी के कारण उपभोक्ताओं के लिए सेवाओं के ज्यादा अवसर पैदा हुए हैं। बरगलाने वाले विज्ञापन,...
GST से मानसिक हेल्थकेयर तक : 2017 में लागू किए गए ये कानून
साल 2017 में लगभग 20 नए कानून लागू किए गए और मौजूदा कानूनों में एक दर्जन से अधिक संशोधन किए गए। इनमें से अधिकतर कानूनों को कवर करने वाली एक सूची है:नए कानून निर्दिष्ट बैंक नोट्स (देयताएं समाप्ति) अधिनियम, 2017 इस अधिनियम ने 30 दिसम्बर 2016 को प्रख्यापित निर्दिष्ट दायित्वों ( देनदारी की जब्ती) अध्यादेश, 2016 को बदल दिया। इसे बंद किए जा सके 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट का उपयोग करके "समानांतर अर्थव्यवस्था चलाने की संभावना" को समाप्त करने के उद्देश्य से पारित किया गया।वित्त अधिनियम, 2017...
“बैटल ऑफ़ बनारस” फिल्म को प्रमाणपत्र नहीं देने पर सीबीएफसी को दिल्ली हाई कोर्ट की फटकार; दुबारा जांच करने को कहा [निर्णय पढ़ें]
दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के “ बैटल ऑफ़ बनारस ” फिल्म को आम दर्शकों को दिखाने के लिए प्रमाणपत्र नहीं देने के फैसले को निरस्त कर दिया। यह एक डाक्यूमेंट्री फिल्म है जिसमें 2014 के बनारस लोकसभा चुनाव के लिए हुए चुनाव प्रचार को दिखाया गया है। इस चुनाव में भाजपा की ओर से प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी, एएपी के अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस के अजय राय मुख्य रूप से चुनाव लड़ रहे थे।न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने फिल्म प्रमाणन अपीली ट्रिब्यूनल (एफसीएटी) को फिल्म “बैटल...
2G मामला खत्म होने के बाद दिल्ली HC ने आउटलुक के खिलाफ वीर सांघवी मानहानि केस को फिर से शुरु किया [निर्णय पढ़ें]
तीन साल के लंबे अर्से तक बंद रहने के बाद अब 2 जी टेप में बातचीत के मामले में पत्रकार वीर सांघवी द्वारा दाखिल द आउटलुक मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मानहानि का मामला फिर से शुरु हो गया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को अलग करते हुए मामले का निपटारा एक साल में पूरा करने के निर्देश जारी किए हैं।जस्टिस संजीव सचदेवा ने 30 जून 2014 को दिए ट्रायल कोर्ट के केस की सुनवाई को टालने के आदेश को रद्द कर दिया जिसे आउटलुक के उस आवेदन पर दिया गया जिसमें कहा गया था कि इस मामले की सत्यता जांचने के...
राष्ट्रपति हो या प्रधानमंत्री, रिटायर होने पर सभी को सरकारी बँगला खाली कर देना चाहिए : अमिकस गोपाल सुब्रमण्यम
किसी उच्च पद पर बैठा व्यक्ति फिर चाहे वह राष्ट्रपति हो या प्रधानमंत्री, रिटायर होने पर वह एक साधारण नागरिक भर रह जाता है और रिटायरमेंट के बाद के न्यूनतम प्रोटोकॉल, पेंशन और लाभ के अलावा और किसी भी तरह की सुविधा उसे नहीं दी जानी चाहिए। ऐसा अमिकस क्यूरी गोपाल सुब्रमण्यम ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि यहाँ तक कि पूर्व प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक को सरकारी घर नहीं मिलना चाहिए।न्यायमूर्ति रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली पीठ को अपने लिखित प्रस्तुति में सुब्रमण्यम ने कहा, “एक बार जब कोई सरकारी सेवक...
उपभोक्ता फोरम ने रोगी की मौत हो जाने पर कोझिकोड के नेचर लाइफ हॉस्पिटल पर लगाया चार लाख का जुर्माना [आर्डर पढ़े]
कोझिकोड के उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम ने प्राकृतिक चिकित्सक और वैक्सीन विरोधी कार्यकर्ता जैकब वडक्कनचेरी और जोशी एम वर्घीज पर एक रोगी की मृत्यु के बाद चार लाख का जुर्माना लगाया।रोगी विनयानंदन कोझिकोड का एक वकील था जिसको डायबिटीज, पेप्टिक अल्सर और गुर्दे में पत्थर होने की शिकायत थी। उसको कोच्ची के नेचर लाइफ हॉस्पिटल एंड रेमेडीज में भर्ती कराया गया जिसे वडक्कनचेरी और वर्घीज मिलकर चलाते हैं। इलाज के पांच दिन के अंदर विनयानंदन बेहोश हो गया और इसके बाद एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई। उसके परिवार के...
वयस्क क्या करना चाहती है यह उसकी मर्जी है, हम उसके सुपर अभिभावक की भूमिका में नहीं आ सकते : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ एक विशेष अनुमति याचिका को खारिज कर दिया जिसमें एक माँ ने अपनी बेटी और बेटे को कोर्ट में पेश करने का अनुरोध किया था। उसने आरोप लगाया था कि उसकी बेटी और अवयस्क बेटे को उसके पिता ने गैरकानूनी ढंग से कुवैत में नजरबंद कर रखा है। कोर्ट ने कहा कि बेटी 18 साल की हो गई है और उसने इस दलील को मानने से अस्वीकार कर दिया कि बच्चों का बाप इनको गैरकानूनी ढंग से नजरबंद कर रखा है।मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, डीवाई चंद्रचूड़ और एएम खान्विलकर की पीठ ने...
उत्तराखंड हाई कोर्ट ने आठ साल की लड़की के साथ रेप और हत्या के मामले में मौत की सजा को सही ठहराया; कहा, सरकार रेप में मौत की सजा के लिए तीन महीने में उपयुक्त क़ानून बनाए [निर्णय पढ़ें]
उत्तराखंड हाई कोर्ट ने पिछले साल आठ साल की एक लड़की के साथ रेप और बाद में उसकी हत्या करने के आरोपी को मौत की सजा को सही बताया साथ ही उसने राज्य सरकार को तीन महीने के भीतर ऐसे क़ानून बनाने को कहा है जिसके तहत ऐसे लोगों को मौत की सजा दी जा सके जो 15 साल तक की लड़कियों का रेप करे हैं।न्यायमूर्ति राजीव शर्मा और आलोक सिंह की पीठ ने करनदीप शर्मा को एक अवयस्क लड़की से रेप के आरोप में सत्र न्यायालय द्वारा अप्रैल 2017 में मौत की सजा देने के फैसले को सही ठहराया। इस लड़की की बाद में रेप की वजह से मौत हो गई...
बलात्कार और हत्या के मामले में अभियुक्त की फांसी की सजा पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने आठ साल की एक लडकी के साथ बलात्कार और बाद में उसकी हत्या के मामले में मौत की सजा पाए अभियुक्त की फांसी की सजा पर रोक लगा दिया है।सुनवाई अदालत ने वीरेन्द्र को बच्ची के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के आरोप में सजा सुनाई थी। यह लड़की उसकी रिश्तेदार भी थी। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को सही ठहराया था।मौत की सजा को सही ठहराते हुए हाई कोर्ट ने कहा था, “...इस मामले में एक ऐसे सजा की जरूरत है जो दूसरों को इस तरह का अपराध नहीं करने का संदेश दे सके और इसलिए सुनवाई अदालत...

![एक राज्य में कितने लॉ कालेज हो सकते हैं ? सुप्रीम कोर्ट ने BCI से पूछा [आर्डर पढ़े] एक राज्य में कितने लॉ कालेज हो सकते हैं ? सुप्रीम कोर्ट ने BCI से पूछा [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/05/Bar-Council-of-India-BCI-min.jpg)
![निर्भया फंड :SC ने राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को मुआवजे का खुलासा करने के निर्देश दिए [आर्डर पढ़े] निर्भया फंड :SC ने राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को मुआवजे का खुलासा करने के निर्देश दिए [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/11/Nirbhaya-Case-min.jpg)
![सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से तीन दशक से जेल में बंद अभियुक्त की मदद करने को कहा [आर्डर पढ़े] सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से तीन दशक से जेल में बंद अभियुक्त की मदद करने को कहा [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/12/Ranjan-gogoi-Bhanumati.jpg)


![SC ने कर्नाटक HC के तंबाकू उत्पाद पैकेटों पर बडी सचित्र चेतावनी के नियम को रद्द करने के फैसले पर रोक लगाई [आर्डर पढ़े] SC ने कर्नाटक HC के तंबाकू उत्पाद पैकेटों पर बडी सचित्र चेतावनी के नियम को रद्द करने के फैसले पर रोक लगाई [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/01/smoking-kills.jpg)
![आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को पुलिस में नौकरी नहीं देने के जांच समिति के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया [निर्णय पढ़ें] आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को पुलिस में नौकरी नहीं देने के जांच समिति के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/01/Police-Reforms-Karnataka-High-Court-min.jpg)
![फलों, सब्जियों में कीटनाशकों के प्रयोग पर नीतिगत रोक के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट में जनहित याचिका [याचिका पढ़े] फलों, सब्जियों में कीटनाशकों के प्रयोग पर नीतिगत रोक के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट में जनहित याचिका [याचिका पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/01/vegetables-chemicals.jpg)

![इलाहाबाद हाई कोर्ट का उत्तर प्रदेश सरकार का निदेश, “जातिहीन” होने के आईपीएस अधिकारी की मांग पर दो माह में निर्णय करें [आर्डर पढ़े] इलाहाबाद हाई कोर्ट का उत्तर प्रदेश सरकार का निदेश, “जातिहीन” होने के आईपीएस अधिकारी की मांग पर दो माह में निर्णय करें [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/01/Allahabad-HC.jpg)
![उपभोक्ता संरक्षण विधेयक, 2018 : मुख्य बातें [विधेयक पढ़ें] उपभोक्ता संरक्षण विधेयक, 2018 : मुख्य बातें [विधेयक पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/05/Consumer-Protection.jpg)

![“बैटल ऑफ़ बनारस” फिल्म को प्रमाणपत्र नहीं देने पर सीबीएफसी को दिल्ली हाई कोर्ट की फटकार; दुबारा जांच करने को कहा [निर्णय पढ़ें] “बैटल ऑफ़ बनारस” फिल्म को प्रमाणपत्र नहीं देने पर सीबीएफसी को दिल्ली हाई कोर्ट की फटकार; दुबारा जांच करने को कहा [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/01/26695505_10210143024761579_2066641191_o.jpg)
![2G मामला खत्म होने के बाद दिल्ली HC ने आउटलुक के खिलाफ वीर सांघवी मानहानि केस को फिर से शुरु किया [निर्णय पढ़ें] 2G मामला खत्म होने के बाद दिल्ली HC ने आउटलुक के खिलाफ वीर सांघवी मानहानि केस को फिर से शुरु किया [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/01/Outlook.jpg)

![उपभोक्ता फोरम ने रोगी की मौत हो जाने पर कोझिकोड के नेचर लाइफ हॉस्पिटल पर लगाया चार लाख का जुर्माना [आर्डर पढ़े] उपभोक्ता फोरम ने रोगी की मौत हो जाने पर कोझिकोड के नेचर लाइफ हॉस्पिटल पर लगाया चार लाख का जुर्माना [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/01/Jacob-vadakkanchery.jpg)
![वयस्क क्या करना चाहती है यह उसकी मर्जी है, हम उसके सुपर अभिभावक की भूमिका में नहीं आ सकते : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े] वयस्क क्या करना चाहती है यह उसकी मर्जी है, हम उसके सुपर अभिभावक की भूमिका में नहीं आ सकते : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/10/Supreme-Court-of-india-1.jpg)
![उत्तराखंड हाई कोर्ट ने आठ साल की लड़की के साथ रेप और हत्या के मामले में मौत की सजा को सही ठहराया; कहा, सरकार रेप में मौत की सजा के लिए तीन महीने में उपयुक्त क़ानून बनाए [निर्णय पढ़ें] उत्तराखंड हाई कोर्ट ने आठ साल की लड़की के साथ रेप और हत्या के मामले में मौत की सजा को सही ठहराया; कहा, सरकार रेप में मौत की सजा के लिए तीन महीने में उपयुक्त क़ानून बनाए [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/01/Justice-Alok-Singh-Justice-Rajiv-Sharma.jpg)
