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बंगाल के अनाथालय से बच्चों की तस्करी का मामला : सुप्रीम कोर्ट ने वैधानिक मानवाधिकार अदालतों के गठन पर सभी राज्यों से राय माँगी [आर्डर पढ़े]
बंगाल के अनाथालय से बच्चों की तस्करी का मामला : सुप्रीम कोर्ट ने वैधानिक मानवाधिकार अदालतों के गठन पर सभी राज्यों से राय माँगी [आर्डर पढ़े]

पश्चिम बंगाल के एक अनाथालय से बच्चों की तस्करी के मामले पर विशेष अनुमति याचिका की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, डीवाई चंद्रचूड़ और एएम खान्विलकर की पीठ ने सभी राज्यों को इस मामले में पक्षकार बनाने का आदेश दिया। पीठ ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की धारा 30 और 31 के तहत हर जिले में एक मानवाधिकार अदालत के गठन पर राज्यों की राय माँगी है ताकि मानवाधिकार के हनन के मामलों को शीघ्रता से निपटाया जा सके। इन अदालतों के लिए विशेष सरकारी वकीलों की नियुक्ति की बात भी पीठ ने की।यह विशेष...

मेडिकल कॉलेज घोटाले की SIT जांच की खारिज याचिका पर CJAR ने दाखिल की पुनर्विचार याचिका [याचिका पढ़े]
मेडिकल कॉलेज घोटाले की SIT जांच की खारिज याचिका पर CJAR ने दाखिल की पुनर्विचार याचिका [याचिका पढ़े]

कैंपेन फॉर ज्यूडिशियल अकाउंटेबलिटी एंड रिफार्म्स ( CJAR) ने सुप्रीम कोर्ट में उच्च न्यायिक संस्थान में भ्रष्टाचार के आरोपों की स्वतंत्र जांच की याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है।दरअसल केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले को लेकर FIR दर्ज की थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि उड़ीसा उच्च न्यायालय के एक पूर्व जज आईएम कूदुसी समेत कुछ लोगों ने एक मेडिकल कॉलेज को राहत पहुंचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के जजों को घूस देने की साजिश रची थी। इसके बाद ये याचिका दाखिल की...

SC ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकने के लिए नियमों को लागू करने के लिए याचिका पर राज्यों को नोटिस भेजा [याचिका पढ़े]
SC ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकने के लिए नियमों को लागू करने के लिए याचिका पर राज्यों को नोटिस भेजा [याचिका पढ़े]

 सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को एक जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न  (रोकथाम, निषेध) अधिनियम 2013 के प्रावधानों को बिना देरी किए लागू करने की मांग की गई है।याचिकाकर्ता इनीशिएटिव्स फॉर इनक्लूजन  फाउंडेशन के लिए पेश  वरिष्ठ वकील संजय  पारिख ने कहा कि यहां तक कि स्थानीय जिला अधिकारी और शिकायत समिति भी नियुक्त नहीं की जा रही हैं और पीडि़तों के पास शिकायत दर्ज करने का कोई मंच नहीं है, ऐसे मामलों में भी बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम को अपनी वास्तविक...

महिला सशक्तिकरण पर स्थाई समिति ने कहा, ज्यादा से ज्यादा महिला वकील महिला कैदियों की मदद के लिए डीएलएएस से जुड़ें
महिला सशक्तिकरण पर स्थाई समिति ने कहा, ज्यादा से ज्यादा महिला वकील महिला कैदियों की मदद के लिए डीएलएएस से जुड़ें

महिलाओं के सशक्तिकरण के मामले पर बनी स्थाई समिति ने सुझाव दिया है कि अधिक से अधिक महिला वकीलों को महिला कैदियों की मदद के लिए आगे आना चाहिए और इसके लिए उनको जिला विधिक सहायता सोसायटी (डीएलएएस) से अधिक संख्या में जुड़ना चाहिए।बिजोया चक्रवर्ती की अध्यक्षता में समिति ने “महिला कैदी और न्याय तक पहुँच” नामक रिपोर्ट में मॉडल प्रिजन मैन्युअल 2003 और 2016 के प्रभावों का आकलन किया जाए। रिपोर्ट में कहा गया है, “मॉडल प्रिजन मैन्युअल 2003 इस उद्देश्य से बनाया गया था कि देश भर में जेलों के प्रशासन में इससे...

पूर्व पति के खुलासे के बाद कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से महिला शादीशुदा है कि नहीं यह पता लगाने को कहा
पूर्व पति के खुलासे के बाद कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से महिला शादीशुदा है कि नहीं यह पता लगाने को कहा

जो हुआ है वह किसी बंबईया फिल्म की कहानी से कम नहीं है। पता चला है कि एक महिला ने सिर्फ अपने पतियों से पैसा वसूलने के लिए कई शादियाँ कीं।बाहरी दिल्ली के सिरसपुर गाँव का रहने वाला ट्रक ड्राईवर बलविंदर सिंह अपने नन्हे बेटे को कंधे पर उठाकर रोहिणी जिला अदालतों का इन दिनों चक्कर लगा रहे हैं। वह अपनी पूर्व पत्नी शालू को बेनकाब करने का प्रयास कर रहे हैं जो, उनके अनुसार एक फर्जी शादी का रैकेट चला रही है।शालू उर्फ मलकीत कौर ने कथित रूप से कई शादियाँ की और बलविंदर सहित अपने सभी पतियों और कई मामलों में इन...

आधार कार्ड नहीं होने के कारण सूचना नहीं देना आरटीआई अधिनियम का गंभीर उल्लंघन : सीआईसी [आर्डर पढ़े]
आधार कार्ड नहीं होने के कारण सूचना नहीं देना आरटीआई अधिनियम का गंभीर उल्लंघन : सीआईसी [आर्डर पढ़े]

केंद्रीय सूचना आयोग ने अभी हाल ही में कहा कि आधार नहीं होने के कारण कोई सूचना नहीं देना सूचना के अधिकार का गंभीर उल्लंघन है जिसकी गारंटी आरटीआई अधिनियम में दी गई है। इसके साथ ही यह सूचना मांगने वाले व्यक्ति को परेशान करना भी है।मामला क्या हैसरकारी नियंत्रणवाली हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (हडको) का यह कहना है कि वह अपने व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए उपहार और स्मृतिचिन्हों (मेमेंटोज) पर जो लाखों रुपए खर्च करता है उसका हिसाब नहीं रखता। केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने कहा है कि...

“क्या आपको पता है आपके आवेदन का हश्र?, सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में संशोधन चाहने वाले अधिवक्ता को आगाह करते हुए पूछा
“क्या आपको पता है आपके आवेदन का हश्र?, सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में संशोधन चाहने वाले अधिवक्ता को आगाह करते हुए पूछा

सुप्रीम कोर्ट के अवकाशकालीन पीठ के न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता ने कोर्ट की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने के लिए एक एडवोकेट को आगाह किया। एडवोकेट विशेष अनुमति याचिका द्वारा 15 दिसंबर को दिए गए एक आदेश में संशोधन के लिए याचिका दायर करने वाले की पैरवी कर रहा था। कोर्ट ने इस विशेष अनुमति याचिका को खारिज कर दिया।इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 16 नवंबर को रिव्यु के बाद फैसला सुनाया। अपने फैसले में हाई कोर्ट ने वर्तमान याचिकाकर्ता के आवेदन को सीपीसी के आदेश VIII के नियम 10 के तहत एसएलपी को...

बॉम्बे हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति एसके शिंदे की नियुक्ति के खिलाफ एडवोकेट ने दायर की याचिका [याचिका पढ़े]
बॉम्बे हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति एसके शिंदे की नियुक्ति के खिलाफ एडवोकेट ने दायर की याचिका [याचिका पढ़े]

बॉम्बे हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले एडवोकेट उल्हास नाइक ने न्यायमूर्ति एसके शिंदे को बॉम्बे हाई कोर्ट का अतिरिक्त जज नियुक्त किए जाने के निर्णय को एक याचिका दायर कर चुनौती दी है। नाइक का कहना है कि शिंदे जब जिला/सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्य कर रहे थे तब उनको जनहित में अनिवार्य रूप से रिटायर कर दिया गया गया था।याचिकाकर्ता ने अनुरोध किया है कि बार में शिंदे को प्रोमोट करने से पहले उनके बारे में खुफिया ब्यूरो, न्याय विभाग और क़ानून व न्याय मंत्रालय के रिकार्ड्स को सामने रखा जाए। इससे पहले जब...

जजों के पार्किंग स्टीकर का दुरुपयोग रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी, अब स्टीकरों पर कैडर और वाहन नंबर भी होंगे
जजों के पार्किंग स्टीकर का दुरुपयोग रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी, अब स्टीकरों पर कैडर और वाहन नंबर भी होंगे

यह सर्वविदित तथ्य है कि “प्रेस”, “आर्मी”, “पुलिस” और “जज” के स्टीकरों का आपराधिक तत्व दुरुपयोग करते रहे हैं. ऐसे स्टीकरों वाले वाहनों का अपराधों में प्रयोग होता रहा है।बहुत सारे इस तरह के मामलों में प्रयोग किए गए स्टीकर नकली होते हैं पर ऐसे भी मामले हुए हैं जब इन स्टीकरों का प्रयोग ऐसे वाहनों पर होने का मामला सामने आया है जिन वाहनों को उनके मालिक निजी तौर पर प्रयोग नहीं करते।इन स्टीकरों का दुरूपयोग रोकने और जज कार पार्किंग स्टीकर के प्रयोग को व्यवस्थित करने के लिए कुछ दिशानिर्देश जारी किए गए...

कंपनियों के निदेशकों के लिए विलंब योजना की सहूलियत: दिल्ली HC ने व्यापक प्रचार के आदेश दिए [आर्डर पढ़े]
कंपनियों के निदेशकों के लिए विलंब योजना की सहूलियत: दिल्ली HC ने व्यापक प्रचार के आदेश दिए [आर्डर पढ़े]

कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA ) ने आखिरकार अपनी देनदारी योजना '2018' जारी कर दी है। दरअसल कंपनी के बड़ी संख्या में निदेशक मंडल द्वारा लगातार तीन साल की अवधि के लिए वार्षिक रिटर्न या वित्तीय वक्तव्य दाखिल करने में चूक करने पर अयोग्य ठहराए जाने से राहत मांगने के लिए विभिन्न हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की गई थी। देरी का सहारा (COD ) योजना से कंपनियों के साथ जुड़े 3,0 9, 614 निदेशकों को लाभ होगा, जो वित्तीय वक्तव्यों या MCA 21 ऑनलाइन रजिस्ट्री में 2013-14 से 2015-16 के तीन वित्तीय वर्षों की निरंतर...

संसद में मंत्री का बयान : सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट में खाली पदों को भरने के लिए कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ
संसद में मंत्री का बयान : सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट में खाली पदों को भरने के लिए कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ

केंद्रीय क़ानून, न्याय और कॉर्पोरेट मामलों के राज्यमंत्री पीपी चौधरी ने बुधवार को लोकसभा में बताया कि सरकार को सुप्रीम कोर्ट में छह जजों और नौ हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। देश के नौ उच्च न्यायालयों में मुख्य न्यायाधीश नहीं हैं। इन सभी उच्च न्यायालयों का काम कार्यवाहक न्यायाधीश देख रहे हैं।मंत्री ने तेलुगु देशम पार्टी के सांसद कोनकल्ला नारायण राव और जेसी दिवाकर रेड्डी एवं शिव सेना सांसद रवीन्द्र विश्वनाथ गायकवाड ने जजों के खाली पदों, उच्च न्यायालयों...

AAP रैली में खुदकुशी करने वाले किसान को शहीद का दर्जा देने के फैसले के खिलाफ याचिका दिल्ली HC  ने खारिज की [निर्णय पढ़ें]
AAP रैली में खुदकुशी करने वाले किसान को शहीद का दर्जा देने के फैसले के खिलाफ याचिका दिल्ली HC ने खारिज की [निर्णय पढ़ें]

दिल्ली हाईकोर्ट मे आम आदमी पार्टी की रैली के दौरान खुदकुशी करने वाले किसान को शहीद का दर्जा दिए जाने के दिल्ली सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। ये घटना AAP द्वारा लैंड बिल के खिलाफ आयोजित जंतर मंतर पर रैली के दौरान हुई थी।एक्टिंग चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सी हरिशंकर ने पाया कि उपराज्यपाल ने पहले ही प्रस्ताव पर पुन: निरीक्षण के लिए गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय को कहा है।कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा हालांकि याचिकाकर्ता ने पब्लिक फंड के इस्तेमाल को लेकर अहम...

हरियाणा न्यायिक परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामला : कोर्ट ने विशेष जांच दल बनाया, पूर्व भर्ती रजिस्ट्रार गिरफ्तार
हरियाणा न्यायिक परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामला : कोर्ट ने विशेष जांच दल बनाया, पूर्व भर्ती रजिस्ट्रार गिरफ्तार

पंजाब और हरियाणा कोर्ट के आदेश पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने राज्य के पूर्व रजिस्ट्रार (भर्ती) डॉ. बलविंदर शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। डॉ. शर्मा के खिलाफ इस बात के सबूत हैं कि वे इस मामले के मुख्य आरोपी के साथ लगातार संपर्क में थे।  एसआईटी का नेतृत्व एसपी (अपराध और जांच) रवि कुमार सिंह कर रहे हैं। शर्मा को रोपड़ से गिरफ्तार किया गया।जांच से पता चला कि शर्मा और इस परिक्षा में बैठने वाली सुनीता और सुशीला के बीच सैकड़ों बार फोन पर बातें हुईं। ये दोनों ही उम्मीदवार बाद में इस परिक्षा में क्रमशः...

किसी व्यक्ति को खुली जमीन खासकर सरकारी जमीन का अंतिम संस्कार के लिए प्रयोग करने का अधिकार नहीं है : दिल्ली हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
किसी व्यक्ति को खुली जमीन खासकर सरकारी जमीन का अंतिम संस्कार के लिए प्रयोग करने का अधिकार नहीं है : दिल्ली हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

दिल्ली हाई कोर्ट की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को किसी खुले स्थान विशेषकर सरकारी जमीन का प्रयोग अंतिम संस्कार के लिए करने का अधिकार नहीं है। एक एनजीओ कब्रिस्तान इंतजामिया एसोसिएशन ने पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके के में एक सरकारी जमीन पर अपना दावा जताया था। इस बारे में दायर उसकी याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी।एनजीओ ने एक विधायक के बयान के आधार पर पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में विपिन गार्डन के सरकारी जमीन के हिस्से को...

एड-हॉक रोजगार शुरू करने से पहले पीएचडी छात्रों को दो साल की आवश्यक रेजिडेंसी अवधि पूरी करने की जरूरत नहीं : दिल्ली हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
एड-हॉक रोजगार शुरू करने से पहले पीएचडी छात्रों को दो साल की आवश्यक रेजिडेंसी अवधि पूरी करने की जरूरत नहीं : दिल्ली हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा पीएचडी के छात्रों के साथ होने वाली नाइंसाफी को समाप्त करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि अब एड-हॉक रोजगार शुरू करने से पहले पीएचडी छात्रों को दो साल की आवश्यक रेजिडेंसी अवधि पूरी करने की जरूरत नहीं है। हाई कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसे छात्रों के सुपरवाइजर और विभागीय शोध समिति ने इसकी अनुमति दे दी है तो इस अवधि को पूरा करने की उनको जरूरत नहीं है।न्यायमूर्ति इन्दरमीत कौर ने दीपक कुमार गुप्ता की याचिका पर सुनवाई के बाद यह फैसला दिया। दीपक दिल्ली विश्वविद्यालय के...

कानून की छात्रा के पत्र पर दिल्ली हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, सुनने में लाचार को भी DJS-2018 में मिलेगा आरक्षण, उम्र में छूट
कानून की छात्रा के पत्र पर दिल्ली हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, सुनने में लाचार को भी DJS-2018 में मिलेगा आरक्षण, उम्र में छूट

एक बडे उदाहरण में  में दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विसेज (DJS ) परीक्षा में 'शारीरिक विकलांगता' (PH) उम्मीदवारों के लिए आरक्षण और आयु में छूट का लाभ सुनने से लाचार लोगों तक बढा दिया गया है वो भी बिना किसी मुकदमे के। दरअसल सुनने ये लाचार एक छात्र नेदिल्ली उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी को इसके लिए पत्र लिखा था और 23 दिसंबर की हाईकोर्ट की अधिसूचना में 2017 के लिअ डीजेएस परीक्षा के लिए आवेदन आमंत्रित करते हुए सुनने से लाचार उम्मीदवारों को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है।गौरतलब है कि 20 अप्रैल...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रेप के आरोपी को दी जमानत, फैसले में पीडिता का नाम लिखकर न्यायिक जनादेश का उल्लंघन किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रेप के आरोपी को दी जमानत, फैसले में पीडिता का नाम लिखकर न्यायिक जनादेश का उल्लंघन किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने IPC 354 C, 376 और 506 के तहत रेप और धमकी देने के मामले के आरोपी को जमानत दे दी है। उस पर 2000 के सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 और 67 ए और  के तहत भी आरोप हैं। ये आरोप निजता में खलल और निजी तस्वीरों को  प्रकाशित करने पर लगाए गए।इसके अलावा, यौन अपराध मामलों में पीड़ित की पहचान  उजागर करने  के खिलाफ न्यायिक जनादेश का उल्लंघन करते हुए वर्तमान फैसले में पीडिता के नाम का 10 बार उल्लेख किया गया है। दरअसल 2003 में, भूपिंदर शर्मा बनाम हिमाचल प्रदेश [(2003) 8 एससीसी 551) में...