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खाप का “बलात्कार आदेश: 5 लाख मुआवजा जमा करें; आरोपी के खिलाफ झूठा मामले दर्ज करने में पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच हो : सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को निर्देश दिए [आर्डर पढ़े]
खाप का “बलात्कार आदेश": 5 लाख मुआवजा जमा करें; आरोपी के खिलाफ झूठा मामले दर्ज करने में पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच हो : सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को निर्देश दिए [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश राज्य को दो दलित महिलाओं के बलात्कार की  खाप पंचायत की घोषणा से संबंधित मामले में कोर्ट की रजिस्ट्री में पांच लाख रुपये जमा करने के आदेश दिए हैं।  पंचायत ने ऊपरी जाति जाट समुदाय की एक विवाहित लड़की के साथ उसके भाई के भागने के बदले के रूप में उनके चेहरे को काला करने के बाद उसकी दो बहनों की नग्न परेड और  बलात्कार करने का आदेश दिया था। महिला द्वारा दायर की गई याचिका के अनुसार, जाट समुदाय की विवाहित महिला उनके भाई के साथ भाग गई थी, लेकिन लड़की के परिवार और...

केरल हाईकोर्ट ने बच्चों की कस्टडी मामलों में फैमिली कोर्ट के लिए वैज्ञानिक दिशानिर्देश जारी करने की बहिष्कृत पतियों की याचिका खारिज की [निर्णय पढ़ें]
केरल हाईकोर्ट ने बच्चों की कस्टडी मामलों में फैमिली कोर्ट के लिए 'वैज्ञानिक दिशानिर्देश' जारी करने की 'बहिष्कृत' पतियों की याचिका खारिज की [निर्णय पढ़ें]

न्यायालय द्वारा ऐसी विवेकाधीन शक्ति के इस्तेमाल को लेकर कोई भी दिशानिर्देश जारी कर नहीं किए जा सकते, जैसे कि  याचिकाकर्ताओं द्वारा मांग की गई है, खंडपीठ ने कहा। केरल उच्च न्यायालय ने हाल ही में बच्चों की कस्टडी की याचिकाओं पर फैसला करते वक्त बच्चों के कल्याण के आंकलन के लिए फैमिली कोर्ट को वैज्ञानिक मापदंड निर्धारित करने की 'बहिष्कृत' पतियों की याचिका खारिज कर दी है। पारिवारिक अदालतों में अपनी पत्नियों के खिलाफ मुकदमा लड़ रहे दस पतियों ने बच्चों की कस्टडी के मुद्दे पर  उच्च न्यायालय में जनहित...

अपने मातहत को ‘असहनीय’ अतरिक्त काम करने के लिए बाध्य करना आत्महत्या के लिए उकसाने जैसा नहीं : मध्य प्रदेश हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
अपने मातहत को ‘असहनीय’ अतरिक्त काम करने के लिए बाध्य करना आत्महत्या के लिए उकसाने जैसा नहीं : मध्य प्रदेश हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

एक स्कूल के प्रिंसिपल और प्रधानाचार्य को अनुसूचित जाति के एक चपरासी को हत्या के लिए उकसाने के आरोप से मुक्त करते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा कि अगर कोई उच्च अधिकारी अपने मातहत अधिकारी को अतिरिक्त काम करने को कहता है तो उसे आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी नहीं माना जा सकता क्योंकि ऐसा नहीं था कि आत्महत्या करने वाले व्यक्ति के पास और कोई विकल्प नहीं था।अपनी आत्महत्या से पहले छोड़े गए नोट में उस व्यक्ति ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने नियम के विरुद्ध उसको उसकी क्षमता से अधिक काम करने के लिए बाध्य...

पीओसीएसओ विशेष अदालत यह सुनिश्चित करेगा कि जांच के दौरान पीड़ित बच्चे की पहचान जाहिर नहीं हो : सिक्किम हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
पीओसीएसओ विशेष अदालत यह सुनिश्चित करेगा कि जांच के दौरान पीड़ित बच्चे की पहचान जाहिर नहीं हो : सिक्किम हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

पीओसीएसओ मामले में एक अपील को ख़ारिज करते हुए सिक्किम हाई कोर्ट ने कहा कि विशेष अदालत को यह सुनिश्चित करने का अधिकार है कि मामले की जांच के दौरान पीड़ित बच्चे की पहचान जाहिर नहीं की जाए।न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय ने कहा कि यौन अपराध बाल संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 33(7) के तहत कोर्ट को यह अधिकार दिया गया है कि वह यह सुनिश्चित करे कि मामले की जाँच या इसकी सुनवाई के दौरान पीड़ित बच्चे की पहचान को सुरक्षित करे।जज ने गौर किया कि यद्यपि सुनवाई के दौरान अदालत पीड़ित की पहचान के प्रति अमूमन चौकस रहता...

नितीश कुमार के खिलाफ हत्या के मामले में दायर पीआईएल में चुनाव आयोग, पीएमओ को प्रतिवादी बनाने पर सुप्रीम कोर्ट नाराज
नितीश कुमार के खिलाफ हत्या के मामले में दायर पीआईएल में चुनाव आयोग, पीएमओ को प्रतिवादी बनाने पर सुप्रीम कोर्ट नाराज

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, डीवाई चंद्रचूड़ और एएम खान्विलकर ने शुक्रवार को एडवोकेट एमएल शर्मा की खिंचाई की। शर्मा ने बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार के खिलाफ एक जनहित याचिका दायर कर 1991 में हुई हत्या के एक मामले में सीबीआई द्वारा एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है और इस मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और चुनाव आयोग को भी पक्षकार बनाया है। पीठ ने पूछा : इस मामले से पीएमओ कैसे जुड़ा है?न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा, “यह याचिका खामियों से भरा है; यह ठीक से गढ़ा नहीं...

वकीलों के खिलाफ बार काउंसिल की अनुशासनात्मक कार्रवाई : कर्नाटक हाई कोर्ट के आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से मना किया
वकीलों के खिलाफ बार काउंसिल की अनुशासनात्मक कार्रवाई : कर्नाटक हाई कोर्ट के आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से मना किया

“आपने जनहित याचिका क्यों दायर की”, शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने पूछा। मामला था एक विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई का जो कि 8 जनवरी को कर्नाटक हाई कोर्ट द्वारा दिए गए एक फैसले के खिलाफ दायर की गई थी। इसमें कर्नाटक राज्य बार काउंसिल द्वारा जारी की गई तीन सूचनाओं को चुनौती दी गई थी जिसमें पांच एड्वोकेटों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई थी।राज्य बार काउंसिल ने एक अधिसूचना जारी कर एक एडवोकेट को चेतावनी दी थी, दो को एक साल के लिए निलंबित कर दिया था और अनुशासनात्मक कार्रवाई के...

दो दशक पुराना अपराध : सुप्रीम कोर्ट ने कहा,अभियुक्त की सजा में सिर्फ इसलिए हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता कि अपराध करने के समय वह नाबालिग था [आर्डर पढ़े]
दो दशक पुराना अपराध : सुप्रीम कोर्ट ने कहा,अभियुक्त की सजा में सिर्फ इसलिए हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता कि अपराध करने के समय वह नाबालिग था [आर्डर पढ़े]

दो अभियुक्तों की सजा को सही ठहराते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दो दशक से पुराने मामाले में जो सजा सुनाई गई है उसमें सिर्फ इसलिए हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है कि जिस समय यह अपराध हुआ उस समय अपराधी नाबालिग था। याचिका जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने अपनी यह राय दी, दो अभियुक्तों ने दायर की थी।यह एक दो दशक पुराना मामला है और नियमित आपराधिक अदालत ने अभियुक्तों को कई धाराओं के तहत दोषी मानते हुए तीन साल की सश्रम कारावास की सजा दी थी। हाई कोर्ट ने भी निचली अदालत के इस फैसले को सही ठहराया था।बाद में आरोपियों ने...

दुर्घटना के बाद वाहन की स्थिति दिखाने वाले साइट मैप के आधार पर ही ये नहीं माना जा सकता कि वाहन गलत दिशा में था: SC [निर्णय पढ़ें]
दुर्घटना के बाद वाहन की स्थिति दिखाने वाले साइट मैप के आधार पर ही ये नहीं माना जा सकता कि वाहन गलत दिशा में था: SC [निर्णय पढ़ें]

 दुर्घटना के बाद जहां मोटर वाहन पड़ा पाया गया, उससे यह अनुमान लगाने का आधार नहीं हो सकता कि यह प्रासंगिक समय पर उस स्थान पर या आसपास के स्थान पर ही चलाया जा रहा था। सुप्रीम कोर्ट ने मंगला राम बनाम द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड में, मोटर दुर्घटना दावे के मामले में मुआवजा बढ़ाते हुए कहा है कि उस स्थान को चिह्नित करने वाले साइट के नक्शे के आधार पर ये नहीं माना जा सकता कि जहां मोटर वाहन दुर्घटना के बाद पाया गया,  वह प्रासंगिक समय पर उसी स्थान या उसके आसपास चलाया जा रहा था। इस मामले में मोटर...

सहमति से तलाक के फैसले भी अपील योग्य अगर सहमति विवादित है और कोर्ट द्वारा जांच नहीं की गई है : इलाहाबाद हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
सहमति से तलाक के फैसले भी अपील योग्य अगर सहमति विवादित है और कोर्ट द्वारा जांच नहीं की गई है : इलाहाबाद हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने यह माना है कि सहमति से तलाक का आदेश भी अपीलयोग्य है अगर सहमति विवादित है और अदालत द्वारा जांच के अभाव में स्वतंत्रता से सहमति ना देने का आरोप लगाया जाता है।इस मामले में पत्नी ने उच्च न्यायालय में याचिका पर दलील दी थी कि सहमति याचिका पर धोखाधड़ी से जबकन उसके  हस्ताक्षर  प्राप्त किए गए थे।बॉम्बे हाईकोर्ट के प्रावधानों और फैसले का जिक्र करते हुए न्यायमूर्ति पंकज मिठल और न्यायमूर्ति राजीव जोगी की खंडपीठ ने कहा कि तलाक की डिक्री को पारित करने से पहले इस संबंध में जांच कराना...

स्वास्थ्य मंत्रालय ने AIIMS में करोड़ों के घोटाले में IAS अफसर को क्लीन चिट दी, CPIL ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की [आवेदन पढ़ें]
स्वास्थ्य मंत्रालय ने AIIMS में करोड़ों के घोटाले में IAS अफसर को क्लीन चिट दी, CPIL ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की [आवेदन पढ़ें]

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के पूर्व एम्स निदेशक एम सी मिश्रा के खिलाफ बंद करने  और आईएएस अधिकारी और के पूर्व उप निदेशक विनीत चौधरी को  6,000 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के मामले में क्लीन चिट देने के खिलाफ एनजीओ सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है। आरोप लगाया है  कि सक्षम प्राधिकारी जो इस मामले में प्रधान मंत्री कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के प्रभारी मंत्री थे, उनकी मंजूरी के बिना ये बंद किया गया है।विनीत चौधरी  जो अब हिमाचल प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव...

राज्य चयन बोर्ड और PSC द्वारा आयोजित चयन प्रक्रिया की वीडियोग्राफी हो : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]
राज्य चयन बोर्ड और PSC द्वारा आयोजित चयन प्रक्रिया की वीडियोग्राफी हो : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]

 यह वांछनीय है कि परीक्षा केन्द्रों के साथ साथ साक्षात्कार केन्द्रों में, सीसीटीवी कैमरों को एक हद तक  स्थापित किया जाए, बेंच ने कहा सुप्रीम कोर्ट ने चयन निकायों, विशेष रूप से राज्य लोक सेवा आयोगों और राज्य चयन बोर्डों द्वारा आयोजित चयन प्रक्रिया के लिए यथा संभव वीडियोग्राफी कराने के लिए एक सुझाव तैयार किया है।मेघालय उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ  चुनौती देने वाली एक याचिका को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्ति रोहिंग्टन फली नरीमन की पीठ ने यह अवलोकन किया, जिसमें यह पाया...

नंदुरबार सेक्स तस्करी मामला : विशेष जाँच दल का गठन; आरोपी अब सिर्फ बॉम्बे हाई कोर्ट ही जा सकते हैं [आर्डर पढ़े]
नंदुरबार सेक्स तस्करी मामला : विशेष जाँच दल का गठन; आरोपी अब सिर्फ बॉम्बे हाई कोर्ट ही जा सकते हैं [आर्डर पढ़े]

महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि नंदुरबार सेक्स तस्करी मामले मेंविशेष जांच दल का गठन कर दिया गया है।न्यायमूर्ति जे चेलामेश्वर और संजय किशन कौल की पीठ को डीजीपी सतीश सी माथुर ने यह जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस महानिरीक्षक (महिला और बच्चों के खिलाफ अत्याचार निरोध) इस एसआईटी का नेतृत्व करेंगे।कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी जमानत के लिए सिर्फ बॉम्बे हाई कोर्ट ही जा सकते हैं।कोर्ट ने कहा, “...अग्रिम जमानत या नियमित जमानत...

विशेष अदालतों को अधिकरणों का दर्जा देने व अन्य प्रस्तावों के बारे में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की राय माँगी [आर्डर पढ़े]
विशेष अदालतों को अधिकरणों का दर्जा देने व अन्य प्रस्तावों के बारे में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की राय माँगी [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने देश में ट्रिब्यूनलों के काम काज के बारे में केंद्र से चार महत्त्वपूर्ण पर प्रश्न पूछे हैं।इससे पहले पीठ ने गौर किया था कि अधिकरणों (ट्रिब्यूनल) की संरचना पर दुबारा विचार करने की जरूरत है। यह भी सुझाव दिया कि इसके लिए स्थाई कैडर, इनके स्वायत्त चुनाव, स्वायत्त उत्तरदायित्व और अनुशासन की प्रक्रिया स्थापित की जाए।केंद्र से कहा गया है कि वह अमिकस क्यूरी के सुझावों पर अपनी राय दे। एएसजी ने इसके लिए ज्यादा समय माँगा और पीठ ने उन्हें निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर देने को कहा :क्या...

सुनिश्चित करें कि व्यक्तिगत बाल देखभाल योजनाएं उसकी भावना के तहत लागू हों : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा [आर्डर पढ़े]
सुनिश्चित करें कि व्यक्तिगत बाल देखभाल योजनाएं उसकी भावना के तहत लागू हों : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को महिला और बाल विकास मंत्रालय को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिया है कि व्यक्तिगत बाल देखभाल योजना सही भावना से  लागू की जाएं।सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति एम बी लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ को अमिक्स क्यूरी अपर्णा भट्ट ने सूचित किया कि पिछले साल मई में न्यायालय के फैसले में वर्णित व्यक्तिगत बाल देखभाल योजना को ठीक से लागू नहीं किया जा रहा है। इसका संज्ञान  लेते हुए न्यायालय ने निर्देश दिया, "बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय आयोग और बाल अधिकारों...

उच्च अधिकारी पर हमले की सजा कड़ी होनी चाहिए : सुप्रीम कोर्ट ने बीएसएफ के सिपाही की बर्खास्तगी को सही ठहराया [आर्डर पढ़े]
उच्च अधिकारी पर हमले की सजा कड़ी होनी चाहिए : सुप्रीम कोर्ट ने बीएसएफ के सिपाही की बर्खास्तगी को सही ठहराया [आर्डर पढ़े]

अपने उच्च अधिकारी पर हमले के आरोप में बीएसएफ के सिपाही को सेवा से हटाने को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि अपने उच्च अधिकारी पर हमला करने वाले को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और दीपक गुप्ता की पीठ ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले को खारिज कर दिया जिसमें इस सिपाही की सेवा से बर्खास्तगी की सजा को कम करते हुए उसकी तीन बढ़ोतरी को रोकते हुए उसको सेवा में बहाल करने का आदेश दिया गया था।इस सिपाही के खिलाफ आरोप यह था कि उसने अपने उच्च अधिकारी पर राइफल के बट्ट से हमला किया...

तीन साल की लड़की से बलात्कार और उसकी हत्या के दोषी की मौत की सजा पर अमल को सुप्रीम कोर्ट ने स्थगित किया [आर्डर पढ़े]
तीन साल की लड़की से बलात्कार और उसकी हत्या के दोषी की मौत की सजा पर अमल को सुप्रीम कोर्ट ने स्थगित किया [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने तीन साल की एक लड़की से बलात्कार करने और बाद में उसकी हत्या कर देने के दोषी व्यक्ति की मौत सजा को स्थगित कर दिया है।छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने अभियुक्त की अपील ठुकरा दी थी जिसे सुनवाई अदालत ने दोषी मानते हुए सजा सुनाई थी। हाई कोर्ट ने उसकी मौत की सजा को भी सही ठहराया था।यह लड़की गायब हो गई थी और अभियुक्त लोचन श्रीवास ने उसको पूजा द्वारा एक घंटे के अंदर ढूँढने का दावा किया। लड़की के माँ-बाप ने उससे संपर्क किया और उससे पूजा करने को कहा। पूजा करने के बाद उसने बताया कि लड़की जूट की एक बोरी...

सुप्रीम कोर्ट ने क्राइम सीन की वीडियोग्राफी के अभ्यास को लागू करने के निर्देश जारी किए [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने क्राइम सीन की वीडियोग्राफी के अभ्यास को लागू करने के निर्देश जारी किए [निर्णय पढ़ें]

वीडियोग्राफी द्वारा महत्वपूर्ण सबूतों को एक विश्वसनीय तरीके से इकट्ठा कर पेश किया जा सकता है, पीठ ने कहा।एक महत्वपूर्ण फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की है कि समय आ चुका है  कि जांच में खासतौर पर क्राइम सीन  के लिए वांछनीय और स्वीकार्य सर्वोत्तम अभ्यास के रूप में वीडियोग्राफी शुरू करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिएं। न्यायमूर्ति ए के गोयल और न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन की पीठ ने गृह मंत्रालय की समिति द्वारा प्रस्तावित सुझावों को स्वीकार किया और कहा कि जांच के दौरान अपराध स्थल की वीडियोग्राफी आपराधिक...

केरल हाई कोर्ट ने सरकार से कहा, देवास्वोम बोर्ड में नामांकन की प्रक्रिया और चुनाव को खुला और पारदर्शी बनाएं [निर्णय पढ़ें]
केरल हाई कोर्ट ने सरकार से कहा, देवास्वोम बोर्ड में नामांकन की प्रक्रिया और चुनाव को खुला और पारदर्शी बनाएं [निर्णय पढ़ें]

अब समय आ गया है कि कार्यपालिका और विधायिका एक ऐसी व्यवस्था बनाएं ताकि बोर्ड के सदस्यों के चुनाव और उनके नामांकन की प्रक्रिया को खुला और पारदर्शी बनाया जा सके।केरल हाई कोर्ट ने हाल में अपने एक फैसले में कहा कि देवास्वोम बोर्ड के सदस्यों के नामांकन और चुनाव को खुला उअर पारदर्शी बनाने की जरूरत है।sabar की पीठ ने सरकार से कहा कि वह ऐसे नियम बनाए ताकि आम लोग भी बोर्ड में सदस्य के रूप में चुनकर आ सकें या फिर प्रमुख लोगों के नाम सुझा सके जिन्हें बोर्ड में स्थान दिया जा सके जिनको एक निर्धारित लोगों के...

फैमिली कोर्ट पक्षकारों की अनुमति के बिना साक्ष्य की रिकॉर्डिंग का जिम्मा एडवोकेट कमिश्नर को नहीं दे सकता : केरल हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
फैमिली कोर्ट पक्षकारों की अनुमति के बिना साक्ष्य की रिकॉर्डिंग का जिम्मा एडवोकेट कमिश्नर को नहीं दे सकता : केरल हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

केरल हाई कोर्ट ने कहा है कि शादी से जुड़े मामले में साक्ष्य की रिकॉर्डिंग कोर्ट ही करेगा। कोर्ट ने कहा कि साक्ष्य रिकॉर्ड करने के लिए एडवोकेट कमिश्नर की नियुक्ति तभी की जा सकती है अगर पक्षकारों को इस पर कोई आपत्ति नहीं है।न्यायमूर्ति वी चितम्बरेश और सतीश निनान की पीठ ने एक पारिवारिक अदालत के आदेश को दी गई चुनौती याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। इस आदेश में एडवोकेट कमिश्नर की बजाय कोर्ट द्वारा ही साक्ष्य रिकॉर्ड करने की मांग ठुकरा दी गई थी। याचिकाकर्ता के अनुसार, पारिवारिक मामलों में कई बार...

कथित रूप से “आतंकवादी” बताने के खिलाफ मानहानि के मामले में अपील पर अब सुप्रीम कोर्ट त्वरित सुनवाई करेगा [आर्डर पढ़े]
कथित रूप से “आतंकवादी” बताने के खिलाफ मानहानि के मामले में अपील पर अब सुप्रीम कोर्ट त्वरित सुनवाई करेगा [आर्डर पढ़े]

एक व्यक्ति को कथित तौर पर “,आतंकवादी,” बताने पर अखबार के सम्पादक और संवाददाता के खिलाफ मानहानि के मामले को खारिज कर देने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की त्वरित सुनवाई करने की अनुमति दे दी है।इस मामले में अपील की अनुमति देने के बाद न्यायमूर्ति जे चेलामेश्वर और संजय किशन कौल की पीठ ने कहा, “अनुमति दी जाती है। चूंकि मामला वृहत्तर क़ानून से जुड़ा हुआ है, जिस पर विचार की ज़रूरत है, इसलिए इसकी सुनवाई शीघ्रता से की जाए।”हालांकि अभी भी यह मालूम नहीं है कि “क़ानून का वृहत्तर मामला” होने से पीठ का...