मुख्य सुर्खियां
शेयरधारकों के डेरिवेटिव मुक़दमे पर ग़ौर तभी जब कंपनी कोर्ट के क्षेत्राधिकार को माने : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी कंपनी के लाभ की रक्षा के लिए दायर किए जाने वाले डेरिवेटिव मुक़दमे पर ग़ौर तभी किया जा सकता है जब कंपनी कोर्ट के इस क्षेत्राधिकार को मानने के लिए तैयार है।न्यायमूर्ति एके सीकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने अहमद अब्दुल्ला अहमद अल घूरेर बनाम स्टार हेल्थ एंड ऐलायड इंस्योरेंश कंपनी लिमिटेड के मामले में इस माले की सुनवाई के बारे में मद्रास हाईकोर्ट के क्षेत्रीयन्यायाधिकार के मुद्दे पर ग़ौर कर रहा था। वादी द्वारा दायर यह मामला दुबई स्थित एक विदेशी कंपनी के...
लंबित आपराधिक मामलों के बारे में उम्मीदवार के बताने के बाद भी नियोक्ता उसकी उपयुक्तता की अलग से जाँच कर सकता है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर कोई उम्मीदवार यह घोषणा कर भी देता है कि उसके ख़िलाफ़ आपराधिक मामला लंबित है, नियोक्ता को उसके बारे में जाँच करने और उसकी उपयुक्तता का पता लगाने का अधिकार है।न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ मध्य प्रदेश सरकार की याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि नियोक्ता भर्ती के लिए आने वाले उम्मीदवारों की जॉब प्रोफ़ायल पर ग़ौर कर सकता है और इस बात का पता लगा सकता है कि उम्मीदवार के ख़िलाफ़ लगाए गये आपराधिक आरोप...
बीसीआई के लिए प्रतिनिधियों के चुनाव को ग़लत ठहराने के मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया [निर्णय पढ़ें]
पीठ ने कहा, किसी सही बैठक के लिए ज़रूरी है कि बैठक की नोटिस के साथ एजेंडा का भी ज़िक्र होसुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस फ़ैसले को सही ठहराया है जिसमें उसने 2014 में राज्य बार काउंसिल के चुनाव को रद्द कर दिया था। यह चुनाव बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया का प्रतिनिधि चुनने के लिए हुआ था।बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया ने अधिवक्ता सुनील गुप्ता की चुनाव याचिका को ख़ारिज कर दिया था और कहा था कि अधिवक्ता प्रताप मेहता को बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया का प्रतिनिधि चुने जाने में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।सुप्रीम कोर्ट...
सुप्रीम कोर्ट में सारी कार्यवाही अंग्रेजी भाषा में होगी : SC ने सभी हाईकोर्ट को मूल रिकॉर्ड का अंग्रेजी अनुवाद भेजने के निर्देश दिए [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर सभी उच्च न्यायालयों के रजिस्ट्रार जनरल को मूल रिकॉर्ड स्थानीय भाषा से अंग्रेजी भाषा में अनुवाद कर भेजने के निर्देश दिए हैं।न्यायमूर्ति एसए बोबड़े, न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी की पीठ ने कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 में यह अनिवार्य है कि सुप्रीम कोर्ट में सारी कार्यवाही अंग्रेजी भाषा में की जाएगी।दरअसल पीठ एक आपराधिक अपील सुन रही थी जिसमें मौत की सजा सुनाई गई थी।आरोपी के वकील ने पीठ को बताया कि उन्हें पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट,...
मौत की सज़ा के ख़िलाफ़ विशेष अनुमति याचिका को बिना कारण बताए ख़ारिज नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिस मामले में मौत की सज़ा दी गई है उस मामले में दायर विशेष अनुमति याचिका को ख़ारिज करने का कारण बताना ज़रूरी है।इस माह की 1 तारीख़ को न्यायमूर्ति एके सीकरी,न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी की पीठ ने दो अलग-अलग मामलों में इस तरह के दो आदेशों को वापस ले लिया जिसमें आरोपी ने अपनी सज़ा के ख़िलाफ़ विशेष अनुमति याचिका दायर की थी।“…अगर विशेष अनुमति याचिका को ख़ारिज कर मौत की सज़ा की पुष्टि की जानी है तो इस बारे में कम से कम सज़ा को लेकर जो आदेश दिया जाता है...
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, इस्तीफ़ा देना कर्मचारी का अधिकार है जो कि सेवा नियमों के कतिपय शर्तों से जुड़ा है [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस्तीफ़ा देना किसी कर्मचारी का अधिकार है और उसकी इच्छा के विरुद्ध उसको काम करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता बशर्ते कि नियुक्ति की शर्तों से जुड़े नियम की शर्तों या कोई अनुशासनात्मक मामला है जो लम्बित है या जिसकी कार्रवाई की बात सोची जा रही है जिससे बचने के लिए ऐसा नहीं किया जा रहा हो।संजय जैन एयर इंडिया में निर्धारित पाँच साल के लिए थे और 30 दिनों का अग्रिम नोटिस देकर उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया। इसके बाद उन्होंने जेट एयरवेज़ ज्वाइन किया और एयर इंडिया से कहा कि वह...
मुफ़्त सर्विस की सुविधा लेने में विलंब का मतलब यह नहीं है कि वाहन की वारंटी समाप्त कर दी जाए, एनसीडीआरसी ने टाटा मोटर्स और उसके डीलर को मुआवज़ा देने को कहा [आर्डर पढ़े]
अगर कोई वाहन मालिक मुफ़्त में मिलने वाले सर्विस की सुविधा लेने में विलम्ब करता है तो इसका मतलब यह नहीं कि वह अपने वाहन के बारे में लापरवाह है और इस वजह से इस वाहन की वारंटी को समाप्त नहीं किया जा सकता। फ़ोरम ने कहा कि इसके लिए वाहन निर्माता कम्पनी और उसका डीलर दोनों ही ज़िम्मेदार है और एनसीडीआरसी ने दोनों को वाहन मालिक को मुआवज़ा देने का आदेश दिया। वारंटी में रहने के बावजूद कंपनी के डीलर ने वाहन की सर्विसिंग और इसकी मरम्मत से इंकार कर दिया था।एनसीडीआरसी के पीठासीन सदस्य प्रेम नारायण ने राज्य...
आपराधिक अपील के लंबित होने के कारण इंजीनियर को 10 सालों से नहीं मिल रही है नौकरी; सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से उसके मामले का जल्दी निपटारा करने को कहा [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से आग्रह किया है कि वह एक युवक की आपराधिक अपील को शीघ्रता से निपटा दे। यह युवक एक योग्यताप्राप्त इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर है और एमबीए स्नातक है।जब हाईकोर्ट ने जल्दी से सुनवाई करने की उसकी अपील ठुकरा दी तो संतोष ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की। बाद में हाईकोर्ट ने उसके निलंबन को समाप्त करने के आग्रह को भी ठुकरा दिया था।संतोष को आईपीसी की धारा 326 के तहत दोषी माना गया था और उसको निचली अदालत ने पाँच साल के सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई थी।हाईकोर्ट के समक्ष यह अपील की...
अगर किसी महिला को उसके पति का घर उस पर हुए हमले और उत्पीड़न के कारण छोड़ना पड़ता है तो इसे पत्नी की उपेक्षा माना जाएगा : बॉम्बे हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में पुणे की सत्र अदालत के एक फ़ैसले को सही ठहराते हुए चंद्रभागा बोरहाडे की याचिका को स्वीकार कर लिया जिसमें उन्होंने सीआरपीसी की धारा 125 के तहत गुज़ारे की राशि की माँग की है।न्यायमूर्ति मृदुला भाटकर ने बाबनराव की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका निरस्त कर दी जिसमें उन्होंने सत्र अदालत के फ़ैसले को चुनौती दी थी।पृष्ठभूमिप्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट ने गुज़ारा संबंधी आवेदन को 20 मार्च 2001 को जारी आदेश में ख़ारिज कर दिया था पर सत्र अदालत ने इसे स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने...
न तो माँ-बाप और न ही कोई अन्य किसी बालिग़ लड़का और लड़की के साथ रहने में कोई हस्तक्षेप कर सकता है : इलाहाबाद हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि अगर लड़का और लड़की बालिग़ हैं और वे अपनी इच्छा से साथ रह रहे हैं तो उनके माँ-बाप सहित किसी को भी उनके साथ रहने में हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है।न्यायमूर्ति कौशल जयेन्द्र ठाकेर एक जोड़े की याचिका पर ग़ौर करते हुए यह बात कही। इन जोड़ों ने कोर्ट में एक याचिका दायर कर उनके माँ-बाप और अन्य लोगों को उनके वैवाहिक जीवन में दख़ल नहीं देने के बारे में निर्देश देने के लिए कोर्ट से अपील की थी। साथ ही इन लोगों ने अपनी सुरक्षा और स्वतंत्रता की गुहार लगाई थी।इन लोगों ने...
आवेदन के दौरान कुछ ज़रूरी दस्तावेज़ नहीं देने के कारण विदेशी फ़ैसले को लागू करने का आवेदन रद्द नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी विदेशी फ़ैसले को लागू कराने के लिए दायर किए गए आवेदन में शुरू में अगर मध्यस्थता और सुलह अधिनियम की धारा 47 के तहत ज़रूरी दस्तावेज़ों को पेश करने की आवश्यकता को पूरा नहीं किया गया है तो इसको आधार बनाकर इस आवेदन को ख़ारिज नहीं किया जा सकता।P.E.C. Limited vs. Austbulk Shipping SDN BHD मामले में न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की पीठ एक आवेदन पर विचार कर रहा था जिसमें इस अधिनियम की धारा 47 के तहत एक आदेश को लागू कराए जाने को लेकर अपील की गई...
चार्जशीट दाख़िल होने के बाद भी एफआईआर को निरस्त करने की याचिका पर ग़ौर हो सकता है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सीआरपीसी की धारा 482 के तहत एफआईआर को निरस्त करने के लिए आवेदन पर हाइकोर्ट उस समय भी ग़ौर कर सकता है जब याचिका के लम्बित होने के दौरान चार्जशीट दायर किया जाता है।सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एसए बोबडे और एल नागेश्वर राव की पीठ ने यह फ़ैसला उस याचिका पर ग़ौर करते हुए सुनाया जिसमें दिल्ली हाईकोर्ट के उस फ़ैसले को चुनौती दी गई थी जिसमें आनंद कुमार मोहट्टा के ख़िलाफ़ एफआईआर को निरस्त करने से मना कर दिया गया था।सुप्रीम कोर्ट में इस अपील के लम्बित रहने के दौरान...
मध्यस्थता और सुलह अधिनियम की धारा 11 के तहत कोर्ट CPC के आदेश 2 के नियम 2 को लागू नहीं कर सकता : दिल्ली हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि कोर्ट किसी दावे की उपयुक्तता के प्रश्न पर कोड ऑफ़ सिविल प्रोसीजर (सीसीपी) आदेश 2 के नियम 2 के तहत ग़ौर नहीं कर सकता जब वह मध्यस्थता और सुलह अधिनियम 1996 की धारा 11 के तहत मामले की सुनवाई कर रहा है।न्यायमूर्ति नवीन चावला ने कहा कि याचिकाकर्ता के दावे आदेश 2 के नियम 2 द्वारा रोके जाएँगे या नहीं इसका निर्णय करना अधिनियम की धारा 11 के तहत इस अदालत का काम नहीं है।CPC के आदेश 2 के नियम 2 में कहा गया है कि जहाँ वादी मुकदमा नहीं करता या जानबूझकर अपने दावे का कोई...
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से कहा : ‘अनौपचारिक और लापरवाही’ से स्थिति रिपोर्ट दाख़िल करने से बचे [निर्णय पढ़ें]
दिल्ली हाईकोर्ट ने मयूर विहार थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर मनोज कुमार के ख़िलाफ़ अवमानना नोटिस को निरस्त कर दिया लेकिन दिल्ली पुलिस को चेतावनी दी कि वह अनौपचारिक और लापरवाही से स्थिति रिपोर्ट दाख़िल करने से बचे।न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति संगीत ढींगरा सहगल की पीठ ने अपने आदेश में कहा, “…दिल्ली पुलिस के अधिकारियों को अपने आचरण के उस उच्च स्तर पर खड़ा उतरना चाहिए जिसके आधार पर वे ख़ुद को परखे जाने की बात करते हैं…यह कोर्ट संबंधित एसएचओ और दिल्ली पुलिस के अन्य अधिकारियों को यह...
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से पत्रकारों की स्थिति सुधारने को कहा [आर्डर पढ़े]
उत्तराखंड हाइकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से पत्रकारों की समग्र स्थिति को ठीक करने के लिए विभिन्न क़दम उठाने को कहा है।कोर्ट ने उन्हें राज्य की आवासीय योजनाओं में आरक्षण देने को कहा है। न्यायमूर्ति राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की पीठ ने पत्रकारों की सेवा स्थिति में सुधार लाने के लिए कई तरह के निर्देश दिए। पीठ ने यह भी कहा कि पत्रकारों को केंद्र सरकार के 11 नवम्बर 2011 की अधिसूचना के अनुरूप वेतन नहीं दिया जा रहा है और वरिष्ठ पत्रकारों को जो पेंशन दिया जा रहा है वह भी काफ़ी कम होता...
अगर कोर्ट की टिप्पणी से भारतीय सेना और अर्ध सैनिक बलों का मनोबल टूटा है तो यह उनकी कमज़ोरी को दर्शाता है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति मदन बी लोकर और न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित की पीठ ने मणिपुर फ़र्ज़ी मुठभेड़ मामले की सुनवाई से उनके अलग होने के बारे में एक याचिका को रद्द कर दिया।इस संबंध में याचिकाएँ कुछ पुलिसवालों की ओर से दायर की गई थीं। याचिका में कहा गया था कि एक्स्ट्रा-जूडिशल एक्सेक्यूशन विक्टिम्ज़ फ़ैमिलीज़ असोसीएशन वर्सेस यूनीयन ऑफ़ इंडिया मामले में पीठ ने जो कुछ मौखिक विचार व्यक्त किए थे उसे निकल दिए जाएँ। यह भी माँग की गई थी कि इस पीठ को इस मामले की सुनवाई से ख़ुद को अलग कर लेना चाहिए और...
अदालतों को छात्रों का अस्थाई प्रवेश लेने के लिए अंतरिम आदेश देने से बचना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के एक फ़ैसले को निरस्त करते हुए कहा कि अदालतों को छात्रों को अस्थाई प्रवेश देने के बारे में अंतरिम आदेश देने से बचना चाहिए।एसवीएस शैक्षणिक एवं सामाजिक ट्रस्ट ने तमिलनाडु के डॉ. अमजीआर मेडिकल यूनिवर्सिटी के आदेश के ख़िलाफ़ याचिका दायर की थी क्योंकि उसने बीएचएमएस में वर्ष 2016-2017 अकादमिक वर्ष में प्रवेश केलिए उसको अस्थाई सम्बद्धता देने के आग्रह को अस्वीकार कर दिया था। अपने अंतरिम आदेश में मद्रास हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय को कहा था कि वह इस कॉलेज को होमियोपैथी...
पति की मौत के एक दशक बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने तलाक़ के ख़िलाफ़ पत्नी की याचिका स्वीकार की [निर्णय पढ़ें]
उसकी पति को मरे एक दशक हो गया है और अब दिल्ली हाईकोर्ट ने उसे अपने पति से तलाक़ लेने की उसकी अर्ज़ी पर अपना फ़ैसला दिया है। कोर्ट ने एक दशक बाद तलाक़ के आदेश के ख़िलाफ़ पत्नी की याचिकाको को स्वीकार कर लिया है।वर्ष 2007 में पारिवारिक अदालत ने उनकी शादी को यह कहते हुए समाप्त घोषित कर दिया था कि दोनों ऐसी स्थिति में पहुँच गये हैं जहाँ से अब लौटना उनके लिए मुश्किल है और उनकी शादी टूट चुकी है। पत्नी ने2008 में इसके ख़िलाफ़ एक अपील दायर की और उसी दौरान उसके पति की मौत हो गई। मामले में पति का...
पति को अपनी पत्नी और अपने बच्चे का भरण पोषण करना है भले ही इसके लिए वह भीख माँगे, उधार ले या चोरी करे : पंजाब एवं हरियाणा हाइकोर्ट [आर्डर पढ़े]
“एक पति का पहला और सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण कर्तव्य है अपनी पत्नी और अपने बच्चे का भरण पोषण। भले ही उसको इसके लिए भीख माँगना पड़े, उधार लेनी पड़े या चोरी करनी पड़े।” पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में अपने एक फ़ैसले में यह बात कही।न्यायमूर्ति एचएस मदान ने पारिवारिक अदालत के एक फ़ैसले को पति द्वारा दी गई चुनौती पर सुनवाई के दौरान यह बात कही। पारिवारिक अदालत ने अपनी पत्नी को गुज़ारे की राशि नहीं देने पर पति को जेल भेजने का आदेश सुनाया था।वर्तमान मामले में पारिवारिक अदालत ने पति को 12 महीने के...
पीड़ित के सुसाइड नोट को मृत्यु से पहले का बयान मानते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बलात्कार के आरोपी को क़सूरवार ठहराया और सज़ा सुनाई [निर्णय पढ़ें]
'मृत्यु पूर्व बयान को पूरी तरह पढ़ने से पता चलता है कि यह आरोपी को पूरी तरह दोषमुक्त नहीं करता है हालाँकि उसने कहा कि उसे दंडित नहीं किया जाए’मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बलात्कार पीड़ित लड़की की आत्महत्या के नोट को उसका मृत्युपूर्व बयान मानते हुए बलात्कार के आरोपी को इस मामले में सज़ा सुनाई है।दो व्यक्ति शाहिद और शमीम पर 18 वर्ष की एक लड़की से बलात्कार करने का आरोप थाइन लोगों ने उसे अपनी कार में लिफ़्ट दिया था और बाद में उन्होंने उसके साथ बलात्कार किया। इस लड़की ने ख़ुद पुलिस में शिकायत की और फिर...

![शेयरधारकों के डेरिवेटिव मुक़दमे पर ग़ौर तभी जब कंपनी कोर्ट के क्षेत्राधिकार को माने : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] शेयरधारकों के डेरिवेटिव मुक़दमे पर ग़ौर तभी जब कंपनी कोर्ट के क्षेत्राधिकार को माने : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/10/AK-Sikri-Ashok-Bhushan.jpg)
![लंबित आपराधिक मामलों के बारे में उम्मीदवार के बताने के बाद भी नियोक्ता उसकी उपयुक्तता की अलग से जाँच कर सकता है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] लंबित आपराधिक मामलों के बारे में उम्मीदवार के बताने के बाद भी नियोक्ता उसकी उपयुक्तता की अलग से जाँच कर सकता है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/11/Justice-UU-Lalit-and-Justice-DY-Chandrachud.jpg)
![बीसीआई के लिए प्रतिनिधियों के चुनाव को ग़लत ठहराने के मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया [निर्णय पढ़ें] बीसीआई के लिए प्रतिनिधियों के चुनाव को ग़लत ठहराने के मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/10/AK-Sikri-and-Ashok-Bhushan-new.jpg)
![सुप्रीम कोर्ट में सारी कार्यवाही अंग्रेजी भाषा में होगी : SC ने सभी हाईकोर्ट को मूल रिकॉर्ड का अंग्रेजी अनुवाद भेजने के निर्देश दिए [आर्डर पढ़े] सुप्रीम कोर्ट में सारी कार्यवाही अंग्रेजी भाषा में होगी : SC ने सभी हाईकोर्ट को मूल रिकॉर्ड का अंग्रेजी अनुवाद भेजने के निर्देश दिए [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/09/Supreme-Court-of-India-1.jpg)
![मौत की सज़ा के ख़िलाफ़ विशेष अनुमति याचिका को बिना कारण बताए ख़ारिज नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] मौत की सज़ा के ख़िलाफ़ विशेष अनुमति याचिका को बिना कारण बताए ख़ारिज नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/11/AK-SIKRI-ASHOK-BHUSHAN-INDIRA-BANERJEE.jpg)
![सुप्रीम कोर्ट ने कहा, इस्तीफ़ा देना कर्मचारी का अधिकार है जो कि सेवा नियमों के कतिपय शर्तों से जुड़ा है [आर्डर पढ़े] सुप्रीम कोर्ट ने कहा, इस्तीफ़ा देना कर्मचारी का अधिकार है जो कि सेवा नियमों के कतिपय शर्तों से जुड़ा है [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/10/Arun-Mishra-Vineet-saran.jpg)
![मुफ़्त सर्विस की सुविधा लेने में विलंब का मतलब यह नहीं है कि वाहन की वारंटी समाप्त कर दी जाए, एनसीडीआरसी ने टाटा मोटर्स और उसके डीलर को मुआवज़ा देने को कहा [आर्डर पढ़े] मुफ़्त सर्विस की सुविधा लेने में विलंब का मतलब यह नहीं है कि वाहन की वारंटी समाप्त कर दी जाए, एनसीडीआरसी ने टाटा मोटर्स और उसके डीलर को मुआवज़ा देने को कहा [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/08/Tatamotors-Customer-Care-Number.jpg)
![आपराधिक अपील के लंबित होने के कारण इंजीनियर को 10 सालों से नहीं मिल रही है नौकरी; सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से उसके मामले का जल्दी निपटारा करने को कहा [आर्डर पढ़े] आपराधिक अपील के लंबित होने के कारण इंजीनियर को 10 सालों से नहीं मिल रही है नौकरी; सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से उसके मामले का जल्दी निपटारा करने को कहा [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/11/Justice-NV-Ramana-and-Justice-Mohan-M-Shantanagoudar.jpg)
![अगर किसी महिला को उसके पति का घर उस पर हुए हमले और उत्पीड़न के कारण छोड़ना पड़ता है तो इसे पत्नी की उपेक्षा माना जाएगा : बॉम्बे हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें] अगर किसी महिला को उसके पति का घर उस पर हुए हमले और उत्पीड़न के कारण छोड़ना पड़ता है तो इसे पत्नी की उपेक्षा माना जाएगा : बॉम्बे हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/08/Bombay-Hc-6.jpg)
![न तो माँ-बाप और न ही कोई अन्य किसी बालिग़ लड़का और लड़की के साथ रहने में कोई हस्तक्षेप कर सकता है : इलाहाबाद हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े] न तो माँ-बाप और न ही कोई अन्य किसी बालिग़ लड़का और लड़की के साथ रहने में कोई हस्तक्षेप कर सकता है : इलाहाबाद हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/09/Allahabad-HC-1.jpg)
![आवेदन के दौरान कुछ ज़रूरी दस्तावेज़ नहीं देने के कारण विदेशी फ़ैसले को लागू करने का आवेदन रद्द नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] आवेदन के दौरान कुछ ज़रूरी दस्तावेज़ नहीं देने के कारण विदेशी फ़ैसले को लागू करने का आवेदन रद्द नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/09/Supreme-Court-of-India.jpg)
![चार्जशीट दाख़िल होने के बाद भी एफआईआर को निरस्त करने की याचिका पर ग़ौर हो सकता है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] चार्जशीट दाख़िल होने के बाद भी एफआईआर को निरस्त करने की याचिका पर ग़ौर हो सकता है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/08/Justice-SA-Bobde-and-Justice-L-Nageswara-Rao.jpg)
![मध्यस्थता और सुलह अधिनियम की धारा 11 के तहत कोर्ट CPC के आदेश 2 के नियम 2 को लागू नहीं कर सकता : दिल्ली हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े] मध्यस्थता और सुलह अधिनियम की धारा 11 के तहत कोर्ट CPC के आदेश 2 के नियम 2 को लागू नहीं कर सकता : दिल्ली हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/11/Delhi-HC.jpg)
![दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से कहा : ‘अनौपचारिक और लापरवाही’ से स्थिति रिपोर्ट दाख़िल करने से बचे [निर्णय पढ़ें] दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से कहा : ‘अनौपचारिक और लापरवाही’ से स्थिति रिपोर्ट दाख़िल करने से बचे [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/11/Delhi-Police.jpg)
![उत्तराखंड हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से पत्रकारों की स्थिति सुधारने को कहा [आर्डर पढ़े] उत्तराखंड हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से पत्रकारों की स्थिति सुधारने को कहा [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/11/JOURNALISTS.jpg)
![अगर कोर्ट की टिप्पणी से भारतीय सेना और अर्ध सैनिक बलों का मनोबल टूटा है तो यह उनकी कमज़ोरी को दर्शाता है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] अगर कोर्ट की टिप्पणी से भारतीय सेना और अर्ध सैनिक बलों का मनोबल टूटा है तो यह उनकी कमज़ोरी को दर्शाता है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/10/Justice-Madan-B-Lokur-and-Justice-UU-Lalit.jpg)
![अदालतों को छात्रों का अस्थाई प्रवेश लेने के लिए अंतरिम आदेश देने से बचना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] अदालतों को छात्रों का अस्थाई प्रवेश लेने के लिए अंतरिम आदेश देने से बचना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/11/Justice-SA-Bobde-Justice-Nageswara-Rao.jpg)
![पति की मौत के एक दशक बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने तलाक़ के ख़िलाफ़ पत्नी की याचिका स्वीकार की [निर्णय पढ़ें] पति की मौत के एक दशक बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने तलाक़ के ख़िलाफ़ पत्नी की याचिका स्वीकार की [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/05/Delhi-High-Court-2.jpg)
![पति को अपनी पत्नी और अपने बच्चे का भरण पोषण करना है भले ही इसके लिए वह भीख माँगे, उधार ले या चोरी करे : पंजाब एवं हरियाणा हाइकोर्ट [आर्डर पढ़े] पति को अपनी पत्नी और अपने बच्चे का भरण पोषण करना है भले ही इसके लिए वह भीख माँगे, उधार ले या चोरी करे : पंजाब एवं हरियाणा हाइकोर्ट [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/08/Punjab-and-Haryana-High-Court.jpg)
![पीड़ित के सुसाइड नोट को मृत्यु से पहले का बयान मानते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बलात्कार के आरोपी को क़सूरवार ठहराया और सज़ा सुनाई [निर्णय पढ़ें] पीड़ित के सुसाइड नोट को मृत्यु से पहले का बयान मानते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बलात्कार के आरोपी को क़सूरवार ठहराया और सज़ा सुनाई [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/11/23244007_2005417013075772_6514921900151073317_n-1.jpg)