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सुप्रीम कोर्ट ने गवाह सुरक्षा योजना, 2018 को स्वीकृति दी; केंद्र, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों से एक साल के अंदर सभी जिलों में वलनेरबल विट्नेस डिपोज़िशन कॉम्प्लेक्स तैयार करने को कहा [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट ने गवाह सुरक्षा योजना, 2018 को स्वीकृति दी; केंद्र, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों से एक साल के अंदर सभी जिलों में वलनेरबल विट्नेस डिपोज़िशन कॉम्प्लेक्स तैयार करने को कहा [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को गवाहों की सुरक्षा के लिए गवाह सुरक्षा योजना, 2018 को मंज़ूरी दे दी है। यह योजना केंद्र सरकार ने तैयार की है। कोर्ट ने अब केंद्र, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों से इसे पूरी तरह लागू करने को कहा है।न्यायमूर्ति एके सीकरी और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नज़ीर की पीठ ने कहा कि यह योजना अनुच्छेद 141/142 के तहत तब तक क़ानून होगा जब तक कि संसद इस मुद्दे पर कोई क़ानून नहीं पास करती। पीठ ने देश के सभी राज्यों को निर्देश दिया कि वे वर्ष 2019 के अंत तक कमज़ोर गवाहों की सुरक्षा के लिए...

फ़ैसले में अपनी राय व्यक्त करते हुए संक्षिप्त होने का ख़याल हमेशा ही रखा जाना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
फ़ैसले में अपनी राय व्यक्त करते हुए संक्षिप्त होने का ख़याल हमेशा ही रखा जाना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

संक्षिप्त होना एक गुण है और जितना भी संभव है, अपनी राय का इज़हार करते हुए इसका पालन किया जाना चाहिए। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के 60 पृष्ठ के रिमांड आदेश के सिलसिले में दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह बात कही।हाईकोर्ट ने अपने आदेश में तथ्यों का तफ़सील से ख़ुलासा किया था और कई मामलों में दिए गए फ़ैसलों का भी दुबारा उल्लेख किया गया और अंततः इस मामले को निचली अदालत को भेज दिया। उसने प्रथम अपीली अदालत को निर्देश दिया कि वह प्रथम अपील पर ग़ौर करे और कानून के आधार पर इसका निर्णय...

मामले के तथ्य कहाँ हैं? सुप्रीम कोर्ट ने धारा 482 के तहत इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त किया [निर्णय पढ़ें]
मामले के तथ्य कहाँ हैं? सुप्रीम कोर्ट ने धारा 482 के तहत इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त किया [निर्णय पढ़ें]

“हमें तथ्य चाहिए”, चार्ल्स डिकेंस का नॉवल ‘हार्ड टाइम्ज़’ इसी तरह शुरू होता है।सुप्रीम कोर्ट का भी इस मामले में कहना कुछ। ऐसा ही था। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के जज एएम सप्रे ने इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दिए गये आदेश को ख़ारिज कर दिया क्योंकि उसमें मामले के तथ्यों का उल्लेख नहीं था।न्यायमूर्ति सप्रे और न्यायमूर्ति इन्दु मल्होत्रा की पीठ ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने इस फ़ैसले में इस मामले से संबंधित तथ्यों का भी उल्लेख नहीं किया है और उसने सिर्फ़ सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का ज़िक्र किया...

शराब पीकर पत्नी से नियमित झगड़ा करना क्रूरता है : बॉम्बे हाईकोर्ट ने पति को दिया संदेह का लाभ [निर्णय पढ़ें]
शराब पीकर पत्नी से नियमित झगड़ा करना क्रूरता है : बॉम्बे हाईकोर्ट ने पति को दिया संदेह का लाभ [निर्णय पढ़ें]

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में आईपीसी की धारा 498-A और 306 के तहत दंडित व्यक्ति को संदेह का लाभ देते हुए उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप से बरी कर दिया। यह फ़ैसला 29, 2017 को दिया गया।न्यायमूर्ति एएम बादर ने कहा कि अपने 17 साल के वैवाहिक जीवन में शराब पीकर पत्नी के साथ रोज़ाना झगड़ा क्रूरता हो सकती है क्योंकि इस तरह का आचरण कठोर है पर यह नहीं कहा जा सकता है कि इसने आत्महत्या के लिए उकसाया होगा।पृष्ठभूमिअभियोजन के अनुसार, मोहन केसाडे जिसकी 17 साल पहले शुशीला से शादी हुई थी, 16 अप्रैल 2015 को...

घर से दूर नौकरी लेने का मतलब ‘पति को छोड़ना’ नहीं है : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
घर से दूर नौकरी लेने का मतलब ‘पति को छोड़ना’ नहीं है : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा है कि अगर पत्नी अपने ससुराल से दूर नौकरी करने का निर्णय करती है तो उसे अपना ससुराल छोड़ने का दोषी नहीं माना जाएगा।न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी ने कहा की अगर पत्नी किसी अन्य सठान पर नौकरी करने का निर्णय करती है, तो उसे उसका पति या उसके पति के परिवार वाले ससुराल में अकेले रहने का दबाव नहीं डाल सकते।वर्तमान मामले में एक व्यक्ति ने इस आधार पर तलाक़ की माँग की थी कि उसकी पत्नी नौकरी के कारण अपने घर से दूर रहती है। चूँकि फ़ैमिली अदालत ने उसकी याचिका ख़ारिज कर दी, वह यह मामला लेकर...

अनुशासनात्मक कार्रवाई में दंड लगाना पूर्णतया नियोक्ता पर निर्भर करता है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
अनुशासनात्मक कार्रवाई में दंड लगाना पूर्णतया नियोक्ता पर निर्भर करता है : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई में कितना दंड लगाया जाए यह पूरी तरह नियोक्ता पर निर्भर करता है और कोर्ट तबतक इसमें दखलंदाजी नहीं दे सकता जब तक कि उसको ये ना लगे की जो दंड सुनाया गया है वह अत्यंत ही कठोर है।तमिलनाडु बनाम एम मंगायारकरासी मामले में हाईकोर्ट ने दो कर्मचारियों को दी गई सज़ा में दख़ल दिया था यह कहते हुए की इनकी ग़लती की तुलना में सज़ा ग़ैर आनुपातिक है। हालाँकि, राज्य ने कहा कि इन दोनों कर्मचारियों की फ़र्ज़ी बिलों के कारण जो घाटे हुए वह दूसरे कर्मचारियों की तुलना...

विचाराधीन क़ैदियों के मामलों की शीघ्र सुनवाई का मुद्दा : सुप्रीम कोर्ट ने सहयोग नहीं करने के लिए कुछ राज्यों पर 50 हज़ार रुपए का जुर्माना लगाया [आर्डर पढ़े]
विचाराधीन क़ैदियों के मामलों की शीघ्र सुनवाई का मुद्दा : सुप्रीम कोर्ट ने सहयोग नहीं करने के लिए कुछ राज्यों पर 50 हज़ार रुपए का जुर्माना लगाया [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों उन कुछ राज्य सरकारों पर 50 हज़ार का जुर्माना लगाया जो अपने यहाँ फ़ोरेंसिक लैब में रिक्तियों को भरने के बारे में केंद्र को जानकारी देने में सहयोग नहीं कर रहे हैं।न्यायमूर्ति एमबी लोकुर, एस अब्दुल नज़ीर और दीपक गुप्ता की पीठ ने कहा कि उसे राजस्थान (50 % रिक्तियाँ), गोवा (60% रिक्तियाँ), असम (40 % रिक्तियाँ), कर्नाटक (50 % से अधिक रिक्तियाँ), महाराष्ट्र (50 % से अधिक रिक्तियाँ), उड़ीसा (लगभग 33 % रिक्तियाँ) और उत्तर प्रदेश (लगभग 80 % रिक्तियाँ) जैसे बड़े राज्यों से कोई...

बेटियों को पैतृक संपत्ति में बराबर हिस्सेदारी देने के बारे में हुआ संशोधन पिछले प्रभाव से लागू होगा या नहीं यह सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की पीठ करेगा तय
बेटियों को पैतृक संपत्ति में बराबर हिस्सेदारी देने के बारे में हुआ संशोधन पिछले प्रभाव से लागू होगा या नहीं यह सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की पीठ करेगा तय

सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की पीठ हिंदू उत्तराधिकार (संशोधन) अधिनियम 2005 में हुए संशोधन एन इस बात पर ग़ौर करेगा की इन संशोधनों को पिछले प्रभाव से लागू किया जा सकता है या नहीं।दिल्ली हाईकोर्ट ने इस बारे में एक अपील का यह कहते हुए निस्तारन कर दिया कि और कहा कि इस अधिनियम में विरोधाभासी बातें कही गई हैं और इसलिए इसके ख़िलाफ़ अनुच्छेद 133(1)(a) और 134A के तहतअपील की जा सकती है।प्रकाश बनाम पूलवती (2015) मामले में न्यायमूर्ति एआर दवे और एके गोयल की पीठ ने कहा था कि 9-9-2005 को  इस संशोधन के तहत यह...

एनडीपीएस मामले में एक ही व्यक्ति जाँच अधिकारी और शिकायतकर्ता दोनों नहीं हो सकता : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]
एनडीपीएस मामले में एक ही व्यक्ति जाँच अधिकारी और शिकायतकर्ता दोनों नहीं हो सकता : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांस एक्ट, 1985 के तहत अगर एक ही व्यक्ति को जाँच अधिकारी और शिकयतकर्ता होने की छूट दी जाती है तो इससे इस अधिनियम को नुक़सान पहुँचेगा।यह फ़ैसला न्यायमूर्ति सी हरि शंकर ने दिया।कोर्ट गुरतेज सिंह बट्ट की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फ़ैसला दिया। इस याचिका में अगस्त 2014 में दिए  गये फ़ैसले को चुनौती दी गई थी जिसमें इस व्यक्ति को एनडीपीएस के तहत 10 साल की सश्रम कारावास की सज़ा दी गई थी।बट्ट ने अब दावा किया है कि वह निर्दोष है...

सुप्रीम कोर्ट ने 25 साल और इससे ऊपर के छात्रों को NEET-UG 2019 में बैठने की इजाज़त दी [आर्डर पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने 25 साल और इससे ऊपर के छात्रों को NEET-UG 2019 में बैठने की इजाज़त दी [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अपने एक फ़ैसले में कहा है कि 25 साल और इससे ऊपर के छात्रों को NEET-UG 2019 परीक्षा में बैठने के लिए आवेदन कर सकते हैं और परीक्षा दे सकते हैं।न्यायमूर्ति एसए बोबडे,न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी की पीठ ने दिल्ली हाईकोर्ट के फ़ैसले के खिलाफ दायर एक विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम आदेश दिया।याचिकाकर्ता/उम्मीदवार जो 25 साल के या इससे अधिक उम्र के हैं,  NEET-UG 2019 में आवेदन करने और इस परीक्षा में बैठने के योग्य हैं। अगर उन्हें...

अगर उम्र के आधार पर पीड़ित को संदेह का लाभ देने की बात हो तो यह लाभ आरोपी को दिया जाना चाहिए : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]
अगर उम्र के आधार पर पीड़ित को संदेह का लाभ देने की बात हो तो यह लाभ आरोपी को दिया जाना चाहिए : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]

दिल्ली हाइकोर्ट ने हाल ही में कहा कि पीड़ित के उम्र में संदेह का लाभ आरोपी को मिलना चाहिए।न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने इसको स्पष्ट करते हुए कहा कि पीड़ित की उम्र को मेडिकल परीक्षण में जो पता चला है उसके तहत उसकी ऊपरी सीमा को ध्यान में रखना चाहिए और इसमें एक से दो साल के ऊपर नीचे को ध्यान में रखा जा सकता है।कोर्ट ने राज्य द्वारा दायर एक पुनरीक्षण याचिका पर ग़ौर करते हुए यह बात कही। इस याचिका में निचली अदालत द्वारा राम धल्ल नामक एक आरोपी को बच्चों के प्रति क्रूरता के अपराध में जूवेनाइल जस्टिस (केयर...

मैंने बिना भय और पक्षपात के सेवा की, एक मुस्कान से ही जीवन सार्थक : जस्टिस कुरियन जोसफ
मैंने बिना भय और पक्षपात के सेवा की, एक मुस्कान से ही जीवन सार्थक : जस्टिस कुरियन जोसफ

सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हुए जस्टिस कुरियन जोसफ ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में आयोजित विदाई समारोह में कहा कि उन्होंने हमेशा बिना किसी भय और पक्षपात के ही सेवा की है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ दिया और स्पष्ट विवेक से फैसले किए।जस्टिस कुरियन ने कहा, “  मैं पूरी दुनिया को बता सकता हूं कि मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। कोई भी पूर्णता का दावा नहीं कर सकता।”इस मौके पर उन्होंने कहा कि कानून जगत से जुड़े लोगों की चुप्पी  समाज को अधिक नुकसान पहुंचाती है। यदि वकील चुप हैं...

अगर नियोक्ता (राज्य) चुने हुए उम्मीदवारों की नियुक्ति नहीं करता है तो उसे इसका उचित कारण देना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
अगर नियोक्ता (राज्य) चुने हुए उम्मीदवारों की नियुक्ति नहीं करता है तो उसे इसका उचित कारण देना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जब इतनी भारी संख्या में पद ख़ाली हैं और उम्मीदवारों के चयन की प्रकिया का पालन किया गया है तो नियोक्ता को कोर्ट के संतुष्ट होने तक यह बताना होगा कि उसने चुने हुए उम्मीदवारों की नयुक्ति क्यों नहीं की, भले ही वे स्थानापन्न पैनल से ही क्यों ना हों।न्यायमूर्ति कुरीयन जोसफ़,न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की तीन सदस्यीय पीठ ने दिनेश कुमार कश्यप बनाम दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मामले में एक अपील पर ग़ौर करते हुए यह बात कही। इस याचिका में कहा गया है कि नियुक्ति...

मेघालय हाईकोर्ट ने सरकार से कहा, शिक्षकों को भिखारी नहीं माना जाए, वे  देश के सर्वाधिक सम्मानित नागरिक और समाज की रीढ़ हैं [निर्णय पढ़ें]
मेघालय हाईकोर्ट ने सरकार से कहा, शिक्षकों को भिखारी नहीं माना जाए, वे देश के सर्वाधिक सम्मानित नागरिक और समाज की रीढ़ हैं [निर्णय पढ़ें]

राज्य के शिक्षकों को भारी राहत दिलाते हुए मेघालय हाइकोर्ट ने सरकार से कहा कि सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के शिक्षक, भले ही वे तदर्थ नियुक्ति वाले हों या सहायताप्राप्त, सेवाओं के मामले में बराबर हैं और उन्हें समान वेतन, पेंशन और अन्य लाभ मिलना चाहिए।न्यायमूर्ति मोहम्मद याक़ूब मीर और न्यायमूर्ति एसआर सेन की पीठ ने मेघालय कॉलेज टीचर्ज़ असोसीएशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात कही। असोसीएशन ने तदर्थ और सहायता प्राप्त शिक्षकों को पेंशन और अन्य नहीं दिए जाने के मुद्दे को इस याचिका में उठाया है।...

रिटायर होने से पहले न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ ने कहा, मौत की सजा पर फिर से विचार करने की जरूरत, दोषी की सजा उम्रकैज में बदली [निर्णय पढ़ें]
रिटायर होने से पहले न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ ने कहा, मौत की सजा पर फिर से विचार करने की जरूरत, दोषी की सजा उम्रकैज में बदली [निर्णय पढ़ें]

गुरुवार को रिटायर होने से पूर्व सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठता में तीसरे जज न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ ने तीन हत्याओं के दोषी की मौत की सजा को उम्रकैद में बदलते हुए कहा है कि अब वक्त आ गया है जब देश में मौत की सजा के प्रावधान पर फिर से विचार किया जाए। हालांकि पीठ में शामिल न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता का मानना है कि फांसी एक वैद्य सजा है और जब तक ये संविधान में है इस पर विचार करने की जरूरत नहीं है। 2:1  के बहुमत से ये फैसला आया है।बुधवार को सुनाए गए फैसले में पीठ की अगवाई कर रहे...

मौत की सज़ा देने से पहले अपराधी में सुधार की संभावना की तलाश के लिए उसका मनोवैज्ञानिक और मनोचिकित्सकीय आकलन होना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
मौत की सज़ा देने से पहले अपराधी में सुधार की संभावना की तलाश के लिए उसका मनोवैज्ञानिक और मनोचिकित्सकीय आकलन होना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मौत की सज़ा देने से पहले उस अपराधी का उचित मनोवैज्ञानिक और मनोचिकित्सकीय आकलन होना चाहिए ताकि यह पता किया जा सके कि उसमें सुधार की संभावना है कि नहीं।न्यायमूर्ति कुरीयन जोसफ़,न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने छन्नू लाल वर्मा बनाम छत्तीसगढ़ राज्य मामले में तीन लोगों की हत्या के आरोपी व्यक्ति की मौत की सज़ा को बदल दिया।पीठ ने बच्चन सिंह मामलासहित विभिन्न फ़ैसलों का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले में जो मौत की सज़ा दी गई है वह...

बाद में अगर किसी को फ़्लैट बेचा गया है तो वह भी उपभोक्ता के रूप में शिकायत कर सकता है, इस पर हमेशा प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया [निर्णय पढ़ें]
बाद में अगर किसी को फ़्लैट बेचा गया है तो वह भी उपभोक्ता के रूप में शिकायत कर सकता है, इस पर हमेशा प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ‘सब्सिकवेंट ट्रांसफ़री’ के उपभोक्ता के रूप में शिकायत पर हमेशा ही प्रतिबंध नहीं लगा है।न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी की पीठ ने सीसीआई प्राजेक्ट्स (पी) लिमिटेड बनाम व्रजेंद्र जोगजीवनदास थककर के मामले में कहा कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण बनाम राजे राम मामले में आए फ़ैसले को इस हद तक खींचा नहीं जा सकता और यह नहीं कहा जा सकता कि हर समय जब किसी व्यक्ति को बाद में फ़्लैट ट्रान्स्फ़र किया जाता है (यानी जो मूल आवंटी नहीं है), तो इस तरह के व्यक्ति की...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, बलात्कार की संशोधित परिभाषा फ़रवरी 2013 से पहले हुई घटनाओं पर लागू नहीं होगा; फ़ैसले को बदलकर बलात्कार के आरोपी को बलात्कार के प्रयास का आरोपी बताया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, बलात्कार की संशोधित परिभाषा फ़रवरी 2013 से पहले हुई घटनाओं पर लागू नहीं होगा; फ़ैसले को बदलकर बलात्कार के आरोपी को बलात्कार के प्रयास का आरोपी बताया

बॉम्बे हाइकोर्ट ने कहा है कि आपराधिक क़ानून (संशोधन) विधेयक 2013 को पिछले प्रभाव से लागू नहीं किया जा सकता। इस आधार पर कोर्ट ने बलात्कार के एक आरोपी की सज़ा को बलात्कार की कोशिश के आरोप में बदल दिया।आरोपी को आईपीसी की धारा 376 (2)(f) के तहत दोषी पाया गया था। न्यायमूर्ति एएम बादर ने आरोपी की याचिका पर सुनवाई की जिसे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, मुंबई ने 29 जून 2013 को सज़ा सुनाई थी।पृष्ठभूमिआरोपी दिलीप गवंद पर शांताबेन की पोती के साथ बलात्कार का आरोप लगाया गया। आरोपी ने इससे इनकार किया और कहा कि यह...

पिछले 12 सालों से अलग रह रहे दंपति को बॉम्बे हाईकोर्ट ने तलाक़ की अनुमति दी [निर्णय पढ़ें]
पिछले 12 सालों से अलग रह रहे दंपति को बॉम्बे हाईकोर्ट ने तलाक़ की अनुमति दी [निर्णय पढ़ें]

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अलग रह रहे दंपति को यह कहते हुए तलाक़ की अनुमति दे दी है कि उनके बीच शादी अब मात्र काल्पनिक रूप में रह गया है।न्यायमूर्ति अमजद सैयद और न्यायमूर्ति सुरेश गुप्ते की पीठ ने कहा कि इस दौरान दोनों के बीच एक ही बार सम्पर्क हुआ जब दोनों ने 12 साल पहले फ़ोन पर बात की। कोर्ट ने कहा, “दोनों के बीच फ़ोन पर 2006 से पहले बात हुई। इस समय हम 2018 में हैं। उनको अलग हुए इतने दिन हो गए हैं और इस दौरान सहवास शुरू करने का कोई प्रयास नहीं किया गया। उनका एकमात्र बेटा अब 23 साल का है और वह अपने बाप...