मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

पीड़िता के मुकरने से ही जमानत का आधार नहीं बनता: मेडिकल रिपोर्ट में यौन अपराध की पुष्टि तो एमपी हाईकोर्ट ने जमानत ठुकराई
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी की नियमित जमानत याचिका खारिज की।अदालत ने कहा कि केवल पीड़िता के मुकदमे के दौरान अपने बयान से मुकर जाने से आरोपी को जमानत का अधिकार नहीं मिल जाता, खासकर तब जब मेडिकल साक्ष्य दुष्कर्म की पुष्टि करते हों।जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की पीठ ने कहा कि आपराधिक मुकदमा सत्य की तलाश की प्रक्रिया है। आरोपी या पीड़िता में से किसी को भी झूठ या अन्य तरीकों से मुकदमे की प्रक्रिया को प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।मामले के अनुसार नाबालिग...

MP हाईकोर्ट: बार एसोसिएशन चुनाव में हार के 'सदमे' में वकील नहीं पहुंचे, कोर्ट ने टाला मामला
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार (19 अगस्त) को एक मामले की सुनवाई स्थगित कर दी, जब अदालत ने टिप्पणी की कि मामले में बहस करने वाले अधिवक्ता हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव में हार के बाद लगे 'सदमे' के कारण आज उपलब्ध नहीं हैं।मामला सुनवाई के लिए आया तो अपीलकर्ता की ओर से मौजूद दूसरे अधिवक्ता ने adjournment की मांग की। इस पर जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह की पीठ ने टिप्पणी की:“ऐसा प्रतीत होता है कि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव में हार के कारण सदमे में होने की वजह से बहस करने वाले...

अगर कर्मचारी आरोपों से इनकार करता है तो छोटी सज़ा के मामले में भी विभागीय जांच ज़रूरी: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि अगर कोई सरकारी कर्मचारी अपने ऊपर लगे आरोपों (जो तथ्यों पर आधारित हों) से इनकार करता है तो उसके खिलाफ़ नियमित विभागीय जांच होनी चाहिए। ऐसे कर्मचारी को अपनी बात रखने या सुनवाई का मौका दिया जाना चाहिए, भले ही उसे छोटी सज़ा ही क्यों न मिल रही हो। [2026 LiveLaw (MP) 331]जस्टिस आनंद सिंह बहरावत की बेंच ने कहा:"छोटी सज़ा के मामले में भी आरोपी कर्मचारी को अपनी बात कहने या अपने ऊपर लगे आरोपों के संबंध में अपना स्पष्टीकरण देने का मौका दिया जाना चाहिए। इसके अलावा, अगर आरोप...

लेबर कोर्ट के फैसले का पालन न करना आपराधिक अपराध: एमपी हाईकोर्ट ने देर से नौकरी पर बहाल करने की अवधि के लिए वेतन का आदेश दिया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि लेबर कोर्ट के फैसले में तय समय-सीमा का पालन न करना 'इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स एक्ट, 1947' की धारा 29 के तहत एक आपराधिक अपराध है। [2026 LiveLaw (MP) 332]जस्टिस विवेक जैन की बेंच ने गौर किया कि लेबर कोर्ट ने कर्मचारी को एक महीने के भीतर नौकरी पर बहाल करने का निर्देश दिया, जिसमें एमपी रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन ने देरी की। अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने के बजाय, एग्जीक्यूटिंग कोर्ट ने कार्यवाही बंद की।एग्जीक्यूटिंग कोर्ट का आदेश रद्द करते हुए बेंच ने...

NEET-UG 2026: NTA ने पेश की ओरिजिनल OMR शीट, सिग्नेचर की पुष्टि के बाद हाईकोर्ट ने खारिज की OMR में गड़बड़ी से जुड़ी याचिका
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने NEET UG कैंडिडेट की एक याचिका खारिज की। इस याचिका में कैंडिडेट ने अपनी ओरिजिनल फिजिकल OMR आंसर शीट की तुलना ऑफिशियल पोर्टल पर अपलोड की गई स्कैन की हुई OMR शीट से करने की मांग की थी। यह याचिका तब खारिज की गई, जब कैंडिडेट ने पुष्टि की कि NTA की ओर से पेश की गई ओरिजिनल OMR शीट वास्तव में उसी की थी। [2026 LiveLaw (MP) 330]कैंडिडेट का मुख्य मुद्दा यह था कि "क्या फिजिकल OMR शीट और ERP के रेफरेंस कॉलम में रेस्पॉन्डेंट्स द्वारा अपलोड की गई डिजिटल OMR शीट एक जैसी हैं या नहीं"।...

महिला ने किया वकालतनामा दाखिल करने से इनकार, हाईकोर्ट ने दिया जांच का आदेश
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कथित वकालतनामा और हलफनामे के माध्यम से पहली अपील वापस लेने के कथित प्रयास की जांच का आदेश दिया, जिसे अपीलकर्ता और संबंधित वकील दोनों ने अस्वीकार किया।यह टिप्पणी करते हुए कि "मामले में कुछ शरारतपूर्ण है और इसकी विस्तृत जांच की आवश्यकता है", जस्टिस विवेक जैन की पीठ ने कहा:"रजिस्ट्रार (न्यायिक-I) चार सप्ताह के भीतर मामले की विस्तृत जांच करेगा। यदि वह इस निष्कर्ष पर पहुंचता है कि मामले में कोई आपराधिक गतिविधि है,तो वह मामले की रिपोर्ट पुलिस को करेगा और FIR दर्ज कराएगा, ताकि...

किरायेदार की बेदखली पर एमपी हाईकोर्ट का अहम फैसला: मकान मालिक को अपनी पसंद के शहर में रहने की जरूरत साबित करने की आवश्यकता नहीं
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने किरायेदार की बेदखली के खिलाफ दायर अपील खारिज करते हुए कहा है कि यदि मकान मालिक अपनी वास्तविक और bona fide आवश्यकता साबित कर देता है, तो उसे यह बताने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता कि उसने रहने के लिए कोई विशेष शहर क्यों चुना है।जस्टिस पवन कुमार द्विवेदी की पीठ ने कहा कि मकान मालिक और उसके परिवार के सदस्य अपनी जरूरत के “best judges” हैं और उनकी पसंद को अनावश्यक रूप से चुनौती नहीं दी जा सकती।मामला इंदौर के खजराना स्थित मकान से जुड़ा था। मकान मालिक ने अपने बड़े बेटे की पढ़ाई...

अनुकंपा नियुक्ति पॉलिसी में लड़के-लड़की के बीच फ़र्क नहीं किया जाता, 'पहला बच्चा' का मतलब- सबसे पहले पैदा हुआ बच्चा: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य की अनुकंपा आधार पर नौकरी देने की पॉलिसी में मृतक कर्मचारी के बेटे और बेटी के बीच कोई भेदभाव नहीं किया जाता है और यह सख्ती से 'पहले बच्चे' पर लागू होती है। [2026 LiveLaw (MP) 325]जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के और जस्टिस पुष्पेंद्र यादव की डिवीज़न बेंच ने मृतक कर्मचारी के इकलौते बेटे की हमदर्दी के आधार पर नौकरी की मांग को खारिज करते हुए कहा:"ऊपर बताई गई क्लॉज़ (धारा) लड़कियों और लड़कों के बीच कोई भेदभाव नहीं करती या कोई अलग वर्ग नहीं बनाती; यह सख्ती से 'पहले बच्चे' का...

IPL Betting Case: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने OTT-फेम सतीश सनपाल के खिलाफ धोखाधड़ी और जुए की FIR रद्द करने से इनकार किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दुबई के बिजनेसमैन सतीश सनपाल की याचिका खारिज की। सनपाल नेटफ्लिक्स शो "देसी ब्लिंग" से मशहूर हुए और उन पर IPL सट्टेबाजी रैकेट का 'मास्टरमाइंड' होने का आरोप है। [2026 LiveLaw (MP) 326]जस्टिस हिमांशु जोशी की बेंच ने कहा,"...रिकॉर्ड पर मौजूद सभी सबूतों पर विचार करने के बाद यह कोर्ट इस नतीजे पर पहुंचा है कि यह मामला ऐसी किसी श्रेणी में नहीं आता है, जिसके लिए FIR या उससे जुड़ी आपराधिक कार्यवाही रद्द करने के लिए अपनी खास शक्तियों (Inherent Jurisdiction) का इस्तेमाल किया जाए।...

अपराध का मामला दर्ज होना हथियार लाइसेंस निलंबित करने का आधार नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि केवल इस आशंका के आधार पर किसी व्यक्ति का हथियार लाइसेंस निलंबित नहीं किया जा सकता कि लाइसेंसी हथियार का संभावित रूप से दुरुपयोग कर सकता है। अदालत ने कहा कि लाइसेंस निलंबित करने से पहले सक्षम प्राधिकारी को हथियार अधिनियम, 1959 की धारा 17 के तहत स्वतंत्र और ठोस कारणों के आधार पर संतुष्ट होना आवश्यक है।जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के की पीठ ने कहा कि केवल किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होने या उसके लंबित होने के आधार पर लाइसेंस निलंबित नहीं किया जा सकता। प्राधिकारी...

'बेटे' में सौतेला बेटा भी शामिल, मकान मालिक सौतेले बेटे की असली ज़रूरत के आधार पर किरायेदार को बेदखल कर सकता है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि एक्ट की धारा 2 के तहत परिवार के सदस्य की परिभाषा में सौतेला बेटा भी शामिल है। इसलिए एमपी अकोमोडेशन कंट्रोल एक्ट, 1961 की धारा 12(1) के तहत बेदखली के मकसद से उसे 'बेटा' ही माना जाएगा। [2026 LiveLaw (MP) 323]किरायेदार के खिलाफ बेदखली के मामले में ट्रायल कोर्ट के आदेश को बहाल करते हुए जस्टिस आशीष श्रोती की बेंच ने कहा कि मकान मालिक खुद के लिए या परिवार के किसी अन्य सदस्य (जिसमें सौतेला बेटा भी शामिल है) की असली ज़रूरत के आधार पर किरायेदार को बेदखल करने की मांग कर सकता...

IPL सट्टेबाजी मामले में FIR रद्द करने से MP हाईकोर्ट का इनकार, कहा- सह-आरोपी को मिली राहत का लाभ अपने आप नहीं मिलेगा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कथित IPL सट्टेबाजी से जुड़े मामले में एक आरोपी के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि केवल इसलिए आरोपी को राहत नहीं दी जा सकती क्योंकि सह-आरोपी की FIR पहले रद्द की जा चुकी है।जस्टिस हिमांशु जोशी ने कहा कि Parity के सिद्धांत को यांत्रिक तरीके से लागू नहीं किया जा सकता, जब आरोपियों की भूमिका और उनके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों का अलग-अलग मूल्यांकन जरूरी हो।मामले में पुलिस ने कथित अवैध IPL सट्टेबाजी की सूचना पर छापेमारी की थी। जांच के दौरान करीब ₹21 लाख नकद...

त्विशा शर्मा दहेज हत्या मामला: सास गिरीबाला सिंह ने ज़मानत के लिए खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाज़ा
रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह ने अपनी बहू त्विशा शर्मा की मौत और दहेज के लिए परेशान करने के मामले में रेगुलर ज़मानत के लिए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में अर्ज़ी दी।यह मामला आज (12 अगस्त) जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की बेंच के सामने लिस्ट किया गया था, लेकिन इस पर सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट की वेबसाइट के अनुसार, अब इसे 14 अगस्त के लिए लिस्ट किया गया।33 साल की त्विशा 12 मई को भोपाल में अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। BNS की धाराओं 80(2) (दहेज हत्या), 85 (क्रूरता) और 3(5) (साझा इरादा) और दहेज निषेध अधिनियम की...

'ट्रायल कोर्ट की लापरवाही': किसी दूसरे केस से जुड़ी थी FSL रिपोर्ट, एमपी हाईकोर्ट ने रद्द की 2009 की हत्या की सज़ा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 2009 में हत्या के दोषी ठहराए गए दो लोगों को बरी किया। कोर्ट ने पाया कि ट्रायल कोर्ट ने जिस FSL रिपोर्ट पर भरोसा किया था, वह किसी दूसरे केस से जुड़ी थी। कोर्ट ने इस दस्तावेज़ पर भरोसा करने में ट्रायल कोर्ट की लापरवाही पर हैरानी जताई। [2026 LiveLaw (MP) 320]सबूतों की मेरिट के आधार पर जांच करते हुए जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह की डिवीज़न बेंच ने आगे कहा कि इस बात पर एक अहम विवाद था कि क्या FIR दर्ज होने के समय मृतक जीवित था या क्या कुछ पुलिस अधिकारियों...

मजिस्ट्रेट कस्टडी में हुई मौत के लिए ज़िम्मेदार लोगों का नाम बता सकते हैं, CrPC की धारा 176(1A) के तहत FIR दर्ज करने का निर्देश दे सकते हैं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि कस्टडी में हुई मौत की जांच CrPC की धारा 176(1A) के तहत करने वाले ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट का काम सिर्फ़ मौत का कारण पता करना ही नहीं है, बल्कि वे उन लोगों की पहचान करने के लिए भी अधिकृत हैं, जो पहली नज़र में कस्टडी में हुई मौत के लिए ज़िम्मेदार हैं और उनके ख़िलाफ़ FIR दर्ज करने का निर्देश भी दे सकते हैं। [2026 LiveLaw (MP) 319]जस्टिस जय कुमार पिल्लई ने धार ज़िला जेल के सुपरिटेंडेंट और डॉक्टरों की एक टीम द्वारा दायर रिट याचिकाओं को खारिज करते हुए ये टिप्पणियां कीं। इन...

हॉस्टल में खराब खाने को लेकर पुराने केस न्यायिक सेवा की राह में बाधा नहीं: MP हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उच्च न्यायिक सेवा के एक उम्मीदवार की उम्मीदवारी खारिज करने का आदेश रद्द करते हुए उसके मामले पर नए सिरे से विचार करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि छात्र जीवन में दर्ज हुए दो आपराधिक मामलों में नैतिक अधमता (Moral Turpitude) से जुड़े अपराध नहीं थे और दोनों मामलों में उम्मीदवार बाद में बरी हो चुका था।जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बी.पी. शर्मा की खंडपीठ ने MP Higher Judicial Service Examination-2017 के उम्मीदवार की याचिका पर सुनवाई की। उम्मीदवार ने आवेदन के समय 2002 में दर्ज...

'महंत मंदिर की ज़मीन को अपने निजी नाम पर घोषित करने की मांग नहीं कर सकते': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जनराई तोरिया मंदिर के महंत की उस अपील को खारिज करने वाला ट्रायल कोर्ट का आदेश बरकरार रखा, जिसमें उन्होंने मंदिर की ज़मीन पर मालिकाना हक अपने निजी नाम पर घोषित करने की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि महंत मंदिर की ज़मीन को अपने निजी नाम पर घोषित करने की मांग नहीं कर सकते। [2026 LiveLaw (MP) 316]यह कहते हुए कि ट्रायल कोर्ट ने महंत के मुकदमे को सही ढंग से खारिज किया, जस्टिस विवेक जैन की बेंच ने कहा:"इस मामले में महंत के निजी नाम पर संपत्ति के मालिकाना हक की घोषणा की मांग की गई,...

फतवे के आधार पर मुस्लिम दंपति का तलाक घोषित नहीं किया जा सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी फतवे (Fatwa) के आधार पर मुस्लिम दंपति का तलाक घोषित नहीं किया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि कोई भी मदरसा या सेमिनरी (Seminary) किसी मुस्लिम पुरुष को तलाक नहीं दे सकती। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने भोपाल की दारुल-दफ़ा मसाजिद कमेटी द्वारा जारी फतवे के आधार पर तलाक की घोषणा की मांग करने वाले पति के मुकदमे को खारिज कर दिया।जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने कहा कि संबंधित फतवे में कहीं भी विवाह समाप्त होने या तलाक दिए जाने की घोषणा नहीं की गई है। फतवा केवल इस्लामी...

BJP सांसदों के चुनाव और स्वयं का राज्यसभा नॉमिनेशन रद्द होने के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची मीनाक्षी, नोटिस जारी
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने BJP सांसद तरुण चुघ, रजनीश कुमार अग्रवाल और महेश केवट के चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया।यह याचिका पूर्व कांग्रेस सांसद मीनाक्षी नटराजन ने दायर की, जिसमें उनके राज्यसभा नॉमिनेशन को रद्द किए जाने को भी चुनौती दी गई।जस्टिस बीपी शर्मा की बेंच ने निर्देश दिया:"सुनवाई हुई। सात कामकाजी दिनों के भीतर ज़रूरी प्रोसेस फीस जमा करने पर प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया जाए। सर्विस रिपोर्ट के साथ 11.09.2026 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करें।"याचिकाकर्ता ने मध्य प्रदेश से...

एमपी हाईकोर्ट ने जज की बर्खास्तगी सही ठहराई, कहा - नेक नीयत से हुई न्यायिक गलतियों के लिए सुरक्षा, लापरवाही से शक्ति के इस्तेमाल पर लागू नहीं होती
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सिविल जज क्लास-I की नौकरी से बर्खास्तगी सही ठहराई। कोर्ट ने कहा कि हालांकि नेक नीयत से हुई न्यायिक गलतियों के लिए सुरक्षा मिलती है और उन्हें अपील की कार्यवाही में सुधारा जा सकता है, लेकिन यह सुरक्षा न्यायिक शक्ति के लापरवाह इस्तेमाल या न्यायिक अधिकारी के पद के अनुकूल न होने वाले आचरण पर लागू नहीं होती। [2026 LiveLaw (MP) 312]यूनियन ऑफ़ इंडिया बनाम के.के. धवन (1993) मामले का ज़िक्र करते हुए जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बी.पी. शर्मा की डिवीज़न बेंच ने कहा,"हालांकि न्यायिक...
