मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को लाभ से वंचित करना तर्कहीन: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को लाभ से वंचित करना तर्कहीन: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि राज्य सरकार द्वारा लंबे समय से कार्यरत संविदा, आउटसोर्स और अंशकालिक कर्मचारियों को नियमितीकरण नीति के लाभ से बाहर रखना तर्कहीन है। अदालत ने राज्य को निर्देश दिया कि ऐसे कर्मचारियों का उचित वर्गीकरण कर उन्हें वेतन और सेवा संबंधी सभी लाभ प्रदान किए जाएं।जस्टिस विशाल धगत की पीठ ने कहा कि यदि राज्य सरकार किसी कर्मचारी की सेवाएं लगातार ले रही है, तो उसे कम वेतन देकर उसके जीवनयापन के अधिकार और आर्थिक न्याय से वंचित नहीं किया जा सकता।मामले का...

क्रॉस-वोटिंग के आधार पर चुनाव रद्द करना गलत, ट्रिब्यूनल ने की “मोरल पुलिसिंग”: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
क्रॉस-वोटिंग के आधार पर चुनाव रद्द करना गलत, ट्रिब्यूनल ने की “मोरल पुलिसिंग”: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मलताई नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद के चुनाव को रद्द करने के चुनाव ट्रिब्यूनल के फैसले को निरस्त करते हुए महत्वपूर्ण टिप्पणी की है कि ट्रिब्यूनल ने “मोरल पुलिसिंग” करते हुए अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर निर्णय दिया।जस्टिस विवेक जैन की एकल पीठ ने कहा कि जब चुनाव पार्टी लाइन पर नहीं लड़ा गया था, तब “क्रॉस-वोटिंग” का सवाल ही नहीं उठता और इसे भ्रष्ट आचरण का आधार नहीं बनाया जा सकता।मामले की पृष्ठभूमिमामला वर्ष 2022 में हुए नगर पालिका परिषद, मलताई के अध्यक्ष चुनाव से जुड़ा...

वंदे मातरम् गाने से इनकार पर जांच की मांग, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
'वंदे मातरम्' गाने से इनकार पर जांच की मांग, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इंदौर नगर निगम के दो पार्षदों द्वारा कथित रूप से 'वंदे मातरम्' गाने से इनकार करने के मामले में दायर जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया।जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की खंडपीठ ने संबंधित पक्षों से जवाब तलब करते हुए मामले की अगली सुनवाई मई के दूसरे सप्ताह में तय की।याचिका एडवोकेट योगेश हेमनानी द्वारा दायर की गई, जिसमें 8 अप्रैल 2026 को इंदौर नगर निगम की बैठक के दौरान हुई घटना का हवाला दिया गया। आरोप है कि दो निर्वाचित प्रतिनिधियों रुबिना इकबाल और फौजिया शेख...

20 साल बाद अनुकंपा नियुक्ति की मांग खारिज: हाईकोर्ट बोला- अब कोई तात्कालिक आर्थिक संकट नहीं
20 साल बाद अनुकंपा नियुक्ति की मांग खारिज: हाईकोर्ट बोला- अब कोई तात्कालिक आर्थिक संकट नहीं

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में पिता की मृत्यु के 20 वर्ष बाद अनुकंपा नियुक्ति की मांग खारिज की। अदालत ने स्पष्ट कहा कि इतने लंबे समय के बाद यह नहीं माना जा सकता कि परिवार किसी अचानक या तात्कालिक आर्थिक संकट से जूझ रहा है।जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें उसकी अनुकंपा नियुक्ति की मांग अस्वीकार की गई।मामले के अनुसार याचिकाकर्ता के पिता दूरसंचार विभाग की एक इकाई...

इंस्टाग्राम एन्क्रिप्शन विवाद: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड जाने को कहा
इंस्टाग्राम एन्क्रिप्शन विवाद: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड जाने को कहा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इंस्टाग्राम पर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन खत्म करने के फैसले को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को पहले डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड ऑफ इंडिया के पास जाने का निर्देश दिया।जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता सात दिनों के भीतर बोर्ड के समक्ष अपना पक्ष रखे। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि बोर्ड याचिकाकर्ता को सुनवाई का अवसर देते हुए 15 दिनों के भीतर तर्कसंगत और स्पष्ट आदेश पारित करे।यह जनहित याचिका वकील पार्थ शर्मा...

पति से ज़बरदस्ती पैसे ऐंठने की कोशिश: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ₹1.25 लाख महीना कमाने वाली पत्नी को अंतरिम गुज़ारा भत्ता देने से इनकार किया
'पति से ज़बरदस्ती पैसे ऐंठने की कोशिश': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ₹1.25 लाख महीना कमाने वाली पत्नी को अंतरिम गुज़ारा भत्ता देने से इनकार किया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में एक पत्नी को राहत देने से इनकार किया। इस पत्नी ने फ़ैमिली कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 24 के तहत उसकी अंतरिम गुज़ारा भत्ते की अर्ज़ी को खारिज कर दिया गया।फ़ैमिली कोर्ट का आदेश सही ठहराते हुए जस्टिस विवेक जैन की बेंच ने टिप्पणी की कि पत्नी की यह मांग "पति से ज़बरदस्ती पैसे ऐंठने की कोशिश" के अलावा और कुछ नहीं थी, जिसकी इजाज़त नहीं दी जा सकती।कोर्ट ने यह आदेश देते हुए कहा कि पत्नी पर किसी बच्चे की परवरिश की ज़िम्मेदारी नहीं है...

शादी की ज़िम्मेदारियों के लिए नौकरी छोड़ने वाली पत्नी भरण-पोषण की हकदार: एमपी हाईकोर्ट ने इंजीनियर पत्नी को ₹40 हज़ार भरण-पोषण देने का फ़ैसला बरकरार रखा
शादी की ज़िम्मेदारियों के लिए नौकरी छोड़ने वाली पत्नी भरण-पोषण की हकदार: एमपी हाईकोर्ट ने इंजीनियर पत्नी को ₹40 हज़ार भरण-पोषण देने का फ़ैसला बरकरार रखा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में यह टिप्पणी की कि जो पत्नी शादी की ज़िम्मेदारियों और मजबूरियों के चलते अपनी नौकरी छोड़ देती है, वह अपने पति से तब तक भरण-पोषण पाने की हकदार है, जब तक उसे दोबारा कोई ऐसी नौकरी नहीं मिल जाती जिससे वह अपना गुज़ारा कर सके।जस्टिस गजेंद्र सिंह की बेंच ने इस तरह फ़ैमिली कोर्ट का वह आदेश बरकरार रखा, जिसमें पति को अपनी इंजीनियर पत्नी (जिसके पास बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग की डिग्री है) को भरण-पोषण के तौर पर ₹40 हज़ार देने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि...

मुस्लिम पुरुष द्वारा दूसरी शादी करना IPC की धारा 494 के तहत द्विविवाह नहीं, इस्लाम में बहुविवाह की अनुमति है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मुस्लिम पुरुष द्वारा 'दूसरी' शादी करना IPC की धारा 494 के तहत द्विविवाह नहीं, इस्लाम में बहुविवाह की अनुमति है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने यह टिप्पणी की कि कोई मुस्लिम पुरुष, जो अपनी पहली शादी के रहते हुए 'दूसरी' शादी करता है, उस पर IPC की धारा 494 के तहत द्विविवाह का मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।जस्टिस बीपी शर्मा की बेंच ने कहा कि IPC की धारा 494 उन मामलों पर लागू होती है, जहां पहली शादी के रहते हुए दूसरी शादी अमान्य हो जाती है।हालांकि, बेंच ने यह भी कहा कि चूंकि मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत एक मुस्लिम पुरुष एक से ज़्यादा पत्नियां रख सकता है, इसलिए दूसरी शादी सिर्फ़ इस आधार पर अमान्य नहीं हो जाती कि पहली शादी अभी...

19 वर्षीय महिला को अपनी पसंद के साथी के साथ रहने की इजाजत, पति और माता-पिता दोनों अलग: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
19 वर्षीय महिला को अपनी पसंद के साथी के साथ रहने की इजाजत, पति और माता-पिता दोनों अलग: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में 19 वर्षीय विवाहित महिला को अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ रहने की अनुमति दी। महिला ने अपने 40 वर्षीय पति के साथ रहने से इनकार करते हुए उसके द्वारा किए गए दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे।जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस पुष्पेन्द्र यादव की खंडपीठ ने महिला की व्यक्तिगत स्वतंत्रता (personal liberty) को प्राथमिकता देते हुए उसे अपने साथी अनुज (प्रतिवादी) के साथ रहने की अनुमति दी।क्या था मामला?पति ने हैबियस कॉर्पस याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी को उसके प्रेमी ने...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने टिकट परीक्षक को परेशान करने के आरोपी रेलवे सतर्कता अधिकारियों के खिलाफ FIR रद्द की
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने टिकट परीक्षक को परेशान करने के आरोपी रेलवे सतर्कता अधिकारियों के खिलाफ FIR रद्द की

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रेलवे सतर्कता अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द की। इन अधिकारियों पर कथित तौर पर एक टिकट परीक्षक को परेशान करने और उसके साथ जाति-आधारित अपमानजनक व्यवहार करने का आरोप था। कोर्ट ने इस बात पर गंभीर चिंता जताई कि यह मामला किस तरह से शुरू किया गया था।कोर्ट ने टिप्पणी की कि FIR दर्ज करने की प्रक्रिया को देखते हुए "यह उचित आशंका पैदा होती है कि इस प्रक्रिया पर बाहरी बातों का प्रभाव था।" यह आशंका विशेष रूप से इसलिए उठती है, क्योंकि शिकायत पर कार्रवाई उस समय के रीवा के...

Land Revenue Code | सीमांकन की कार्यवाही से अप्रत्यक्ष लाभ लेने का मात्र आरोप आपराधिक षड्यंत्र नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
Land Revenue Code | सीमांकन की कार्यवाही से अप्रत्यक्ष लाभ लेने का मात्र आरोप आपराधिक षड्यंत्र नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता के तहत सीमांकन की कार्यवाही से अप्रत्यक्ष लाभ लेने का मात्र आरोप ठोस सबूतों के अभाव में आपराधिक षड्यंत्र का निष्कर्ष निकालने का आधार नहीं बन सकता।जस्टिस बीपी शर्मा की पीठ ने FIR दर्ज करने का निर्देश देने वाले ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द किया। पीठ ने टिप्पणी की कि यह आदेश यांत्रिक रूप से पारित किया गया था, क्योंकि 'मेंस रिया' (अपराधिक इरादे) का आवश्यक तत्व प्रदर्शित नहीं किया गया।पीठ ने इस बात पर ज़ोर दिया:"इसके अलावा, यह कोर्ट...

अवैध खनन मामले में जज को प्रभावित करने का आरोप: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने BJP MLA के खिलाफ शुरू की आपराधिक अवमानना​ की कार्रवाई
अवैध खनन मामले में जज को प्रभावित करने का आरोप: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने BJP MLA के खिलाफ शुरू की आपराधिक अवमानना​ की कार्रवाई

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गुरुवार (02 अप्रैल) को अपनी रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वह विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र से BJP विधायक संजय पाठक के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए आपराधिक अवमानना ​​की कार्रवाई शुरू करे। विधायक पर अवैध खनन से जुड़े एक मामले में मौजूदा जज से अनुचित तरीके से संपर्क करने का आरोप है।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने निर्देश दिया,"रजिस्ट्री मिस्टर संजय सत्येंद्र पाठक के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए आपराधिक अवमानना ​​याचिका दर्ज करे और इस आपराधिक अवमानना...

डोमिनो इफ़ेक्ट शुरू हो जाएगा: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पद अलॉट होने के बाद सरकारी परीक्षा में उम्मीदवार की पसंद बदलने की याचिका खारिज की
'डोमिनो इफ़ेक्ट शुरू हो जाएगा': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पद अलॉट होने के बाद सरकारी परीक्षा में उम्मीदवार की पसंद बदलने की याचिका खारिज की

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गुरुवार (2 अप्रैल) को उम्मीदवार की याचिका खारिज की, जिसमें उसने 2024 के संयुक्त भर्ती टेस्ट में पद के लिए अपनी पसंद बदलने की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि अगर किसी एक उम्मीदवार को अपनी पसंद पहली से बदलकर 36वीं करने की इजाज़त दी गई तो इससे 'डोमिनो इफ़ेक्ट' शुरू हो जाएगा, जिससे पूरे राज्य में पदों के बंटवारे का सिस्टम बिगड़ जाएगा।कोर्ट ने कहा कि इससे तीसरे पक्षों के पहले से मिले अधिकारों का भी उल्लंघन होगा।जस्टिस जय कुमार पिल्लई की बेंच ने इस बात पर ज़ोर दिया:"अगर यह कोर्ट...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक माँ को अपनी नाबालिग बेटी का संपत्ति में हिस्सा बेचने की अनुमति दी, बताई यह वजह
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक माँ को अपनी नाबालिग बेटी का संपत्ति में हिस्सा बेचने की अनुमति दी, बताई यह वजह

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक माँ को अपनी नाबालिग बेटी का संपत्ति में हिस्सा बेचने की अनुमति दी। कोर्ट ने यह फ़ैसला उस माँ की उन मुश्किलों को देखते हुए लिया, जो उसे अपने मौजूदा घर से 600 किलोमीटर दूर स्थित ज़मीन के टुकड़े की देखभाल करने में आ रही थीं।ऐसा करते हुए कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट आदेश का रद्द किया, जिसने पहले ऐसी अनुमति देने से इनकार कर दिया था।जस्टिस हिमांशु जोशी की बेंच ने यह टिप्पणी की:"केस के रिकॉर्ड से पता चलता है कि ज़मीन अपील करने वालों के मौजूदा घर से 600 किलोमीटर दूर है और उसका...

OBC आरक्षण कोटा में बढ़ोतरी को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 27 अप्रैल से सुनवाई शुरू करेगा मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
OBC आरक्षण कोटा में बढ़ोतरी को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 27 अप्रैल से सुनवाई शुरू करेगा मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपनी रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि 2019 के उस अध्यादेश से जुड़े सभी मामलों को, जिसमें OBC आरक्षण कोटा बढ़ाया गया, 27 अप्रैल, 2026 से सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए।यह विवाद राज्य सरकार द्वारा मार्च 2019 में पारित एक अध्यादेश से शुरू हुआ, जिसमें पोस्टग्रेजुएट मेडिकल दाखिलों में OBC आरक्षण को बढ़ाया गया। इससे पहले, OBC श्रेणी के लिए आरक्षण 14% था, जिसे बढ़ाकर 27% कर दिया गया।इस बढ़ोतरी के परिणामस्वरूप, कुल आरक्षण 50% की उस सीमा से अधिक हो गया, जो सुप्रीम कोर्ट ने 'इंद्रा...

रिश्वत में दोषी कर्मचारी पर विभागीय जांच जरूरी नहीं, बर्खास्तगी बरकरार: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
रिश्वत में दोषी कर्मचारी पर विभागीय जांच जरूरी नहीं, बर्खास्तगी बरकरार: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि रिश्वत के मामले में दोषसिद्ध सरकारी कर्मचारी के खिलाफ विस्तृत विभागीय जांच की आवश्यकता नहीं होती। अदालत ने एक पूर्व सरकारी कर्मचारी की सेवा से बर्खास्तगी के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया।जस्टिस विशाल धगत की पीठ ने कहा कि जब किसी कर्मचारी को आपराधिक मामले में पूरा अवसर मिल चुका हो और उसे दोषी ठहराया जा चुका हो, तो उसी तथ्यों पर दोबारा विभागीय जांच कराना सार्वजनिक हित और प्रशासनिक दक्षता के विपरीत होगा।मामले के अनुसार, याचिकाकर्ता को...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने Congress MLA के खिलाफ 9 आपराधिक मामले छिपाने वाली याचिका खारिज करने से इनकार किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने Congress MLA के खिलाफ 9 आपराधिक मामले 'छिपाने' वाली याचिका खारिज करने से इनकार किया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने BJP नेता कृष्ण पति त्रिपाठी द्वारा दायर चुनावी याचिका खारिज करने से इनकार किया। यह याचिका रीवा की सेमरिया सीट से कांग्रेस के अभय कुमार मिश्रा के चुनाव के खिलाफ दायर की गई, जिसमें उन पर पहली नज़र में नौ आपराधिक मामले छिपाने का आरोप लगाया गया।जस्टिस विनय सराफ की बेंच ने टिप्पणी की,"इस तरह की जानकारी छिपाने और दबाने से वोटर एक सोच-समझकर और सही चुनाव करने से वंचित रह जाते हैं। इसके परिणामस्वरूप, यह उम्मीदवार की ओर से मतदाताओं के चुनाव करने के अधिकार में प्रत्यक्ष या...

बसों में एक ही दरवाजा यात्रियों की जान के लिए खतरा: हाईकोर्ट ने दो दरवाजे अनिवार्य करने का आदेश दिया
बसों में एक ही दरवाजा यात्रियों की जान के लिए खतरा: हाईकोर्ट ने दो दरवाजे अनिवार्य करने का आदेश दिया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने यात्री सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य की सभी स्टेज कैरिज और टूरिस्ट बसों में अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार अनिवार्य करने का निर्देश दिया।अदालत ने क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण को 45 दिनों के भीतर नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।जस्टिस विवेक जैन की पीठ ने कहा कि बसों में एक ही दरवाजा होना यात्रियों की सुरक्षा के साथ गंभीर समझौता है। खासकर आग या दुर्घटना की स्थिति में।अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा,“यह अत्यंत खेदजनक स्थिति है कि अनेक वातानुकूलित...