मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी वकील की 'कलंकपूर्ण' बर्खास्तगी रद्द की, कहा - सही प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शिवपुरी ज़िला अदालत के एडिशनल सरकारी वकील/एडवोकेट की बर्खास्तगी का आदेश रद्द किया। कोर्ट ने पाया कि न तो कोई नियमित विभागीय जांच की गई और न ही कोई चार्जशीट जारी की गई; बल्कि सीधे बर्खास्तगी का आदेश जारी कर दिया गया, जो कलंकपूर्ण, अस्पष्ट, बिना कारण बताए और बिना तर्क के था। [2026 LiveLaw (MP) 221]जस्टिस आनंद सिंह बहरावत की बेंच ने कहा:"ऊपर की गई चर्चा से यह स्पष्ट है कि याचिकाकर्ता को कोई चार्जशीट जारी नहीं की गई और न ही कोई नियमित विभागीय जांच की गई। विवादित आदेश...
हाईकोर्ट जज के तौर पर मिली ग्रेच्युटी, लोकायुक्त के तौर पर सेवा के लिए अलग ग्रेच्युटी पाने में रुकावट नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि लोकायुक्त और उप-लोकायुक्त अपनी सेवाओं के लिए ग्रेच्युटी पाने के हकदार हैं और यह हाईकोर्ट जज के तौर पर मिलने वाले फायदों से अलग है। [2026 LiveLaw (MP) 218]तत्कालीन चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस द्वारकाधीश बंसल की डिवीजन बेंच ने कहा,"...याचिकाकर्ता क्रमशः लोकायुक्त और उप-लोकायुक्त के तौर पर दी गई सेवा के लिए 'डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्युटी' (मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी) का लाभ पाने के हकदार हैं, भले ही उन्हें मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जज का पद संभालने के कारण...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मेडिकल यूनिवर्सिटी द्वारा आंसर शीट के डिजिटल मूल्यांकन को सही ठहराया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जबलपुर की एमपी मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी द्वारा आंसर शीट के डिजिटल मूल्यांकन को चुनौती देने वाली दो रिट याचिकाओं को खारिज किया। कोर्ट ने पाया कि फिजिकल (हाथ से) स्वतंत्र मूल्यांकन से मिले अंकों में कोई खास अंतर नहीं था। [2026 LiveLaw (MP) 217]एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार और टेक्नोलॉजी पार्टनर 'माइंड लॉजिक्स इन्फ्रा' (Mindlogicx Infra) को सिस्टम की पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए कुछ उपाय सुझाए:"सिंबल (चिह्न),...
क्लोजर रिपोर्ट खारिज करने से पहले भी पीड़ित की बात सुनी जानी चाहिए: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि क्लोजर रिपोर्ट पर फैसला लेने से पहले पीड़ित या शिकायतकर्ता को अपनी बात रखने का प्रभावी मौका दिया जाना चाहिए, भले ही कोर्ट आखिर में रिपोर्ट को खारिज ही क्यों न कर दे। [2026 LiveLaw (MP) 216]यह मानते हुए कि सिर्फ़ इसलिए प्रक्रियात्मक निष्पक्षता को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता कि नतीजा पीड़ित के पक्ष में है, कोर्ट ने स्पेशल जज के उस आदेश को रद्द किया, जिसमें SIT की क्लोजर रिपोर्ट खारिज कर दी गई। कोर्ट ने मामले को नए सिरे से विचार करने के लिए वापस भेज दिया, जिसमें...
अभिषेक बनर्जी की गिरफ़्तारी को हरी झंड़ी: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने BJP नेता के मानहानि केस में गिरफ्तारी वारंट पर लगी रोक हटाई
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार (17 जून) को मानहानि के मामले में TMC के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ ट्रायल कोर्ट द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के अमल पर लगी अंतरिम रोक हटाई, क्योंकि इस मामले में उनकी ओर से कोई पेश नहीं हुआ। [2026 LiveLaw (MP) 215]बनर्जी ने BJP नेता आकाश विजयवर्गीय द्वारा दायर मानहानि के मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट को चुनौती देते हुए याचिका दायर की। 12 नवंबर 2025 को हाईकोर्ट ने एक अंतरिम आदेश में भोपाल के MP/MLA स्पेशल जज द्वारा जारी...
हिरासत में मौत और पुलिसिया हिंसा के मामलों में अभियोजन मंजूरी जरूरी नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि हिरासत में मौत या पुलिसिया हिंसा के मामलों में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 197 के तहत पूर्व सरकारी मंजूरी की आवश्यकता नहीं होती। अदालत ने दो पुलिस आरक्षकों की याचिका खारिज करते हुए कहा कि ऐसे कृत्यों का सरकारी कर्तव्य के निर्वहन से कोई उचित संबंध नहीं माना जा सकता।जस्टिस गजेंद्र सिंह की एकल पीठ इंदौर में वर्ष 2015 में हुई एक युवक की कथित हिरासत मौत से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही थी।...
सिर्फ आशंका के आधार पर हर्बल हुक्का पर रोक नहीं लगाई जा सकती, लाउंज के खिलाफ कार्रवाई पर रोक: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि केवल संभावित दुरुपयोग की आशंका के आधार पर हर्बल हुक्का पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता। अदालत ने 'द हाई ट्राइब' नामक लाउंज को राहत देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उसके खिलाफ कोई दंडात्मक या जबरन कार्रवाई न करें, बशर्ते वहां केवल तंबाकू और निकोटिन रहित हर्बल हुक्का ही परोसा जाए और सभी कानूनी नियमों का पालन किया जाए।जस्टिस हिमांशु जोशी की सिंगल बेंच ने कहा कि संबंधित कानूनों का उद्देश्य तंबाकू और उससे जुड़े पदार्थों के सेवन एवं...
EWS अभ्यर्थी 'आयु सीमा में छूट का दावा' अधिकार के रूप में नहीं कर सकते, नियमों में प्रावधान जरूरी: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के अभ्यर्थी केवल संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर आयु सीमा में छूट का दावा अधिकार के रूप में नहीं कर सकते। यदि संबंधित भर्ती नियमों या सरकारी नीति में ऐसी छूट का प्रावधान नहीं है तो अदालत उसे प्रदान करने का निर्देश नहीं दे सकती।जस्टिस प्रणय वर्मा और जस्टिस जय कुमार पिल्लई की खंडपीठ ने सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी पद की भर्ती में आयु सीमा में छूट की मांग करने वाले अभ्यर्थी की अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी...
अपने खिलाफ विभागीय कार्रवाई संभालने वाले अधिकारी को उसी विभाग का प्रभार देना कानून के खिलाफ: एमपी हाईकोर्ट ने लगाई फटकार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि जिस अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित या लंबित हो, उसे उसी विभाग का प्रभार देना, जहां उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की प्रक्रिया चल रही हो, कानून और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।अदालत ने राज्य सरकार के फैसले को रद्द करते हुए इसे सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण बताया।जस्टिस विवेक कुमार सिंह की एकलपीठ ने कहा कि संबंधित अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार सौंपने का निर्णय अदालत की अंतरात्मा को झकझोरने वाला है।अदालत ने टिप्पणी की कि...
क्या पुलिस वाले के जान जोखिम में डालकर किए गए बचाव अभियान को सिर्फ़ रोज़मर्रा की पुलिस ड्यूटी माना जा सकता है? एमपी हाईकोर्ट ने बताया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने साफ़ किया कि किसी पुलिस अफ़सर द्वारा जान जोखिम में डालकर किए गए बचाव कार्य को, आउट-ऑफ़-टर्न प्रमोशन (समय से पहले प्रमोशन) से इनकार करने के लिए सिर्फ़ रोज़मर्रा की ड्यूटी का हिस्सा नहीं माना जा सकता। [2026 LiveLaw (MP) 210]जस्टिस विवेक कुमार सिंह की बेंच ने बताया कि उक्त पुलिस अफ़सर ने अपनी ड्यूटी से आगे बढ़कर काम किया। उन्होंने अंधेरे में सिर्फ़ एक रस्सी के सहारे लटककर, 200 फ़ीट गहरी खाई में फँसे एक ओवरलोडेड ट्रक में मौजूद दो लोगों की जान बचाई। कोर्ट ने इसे "असाधारण...
बालिग महिला के पार्टनर के साथ रहने के फ़ैसले को बाहरी ताकतों से सुरक्षा मिलनी चाहिए: एमपी हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक 26 साल के पुरुष के साथ रह रही महिला को पुलिस सुरक्षा दी। कोर्ट ने कहा कि वह बालिग है और इसलिए अपनी मर्ज़ी से रहने के उसके फ़ैसले को बाहरी ताकतों से सुरक्षा मिलनी चाहिए।जस्टिस राजेश कुमार गुप्ता की बेंच ने कहा,"चूंकि वह बालिग है, इसलिए उसे अपनी मर्ज़ी से रहने का अधिकार है। अगर वह ऐसा फ़ैसला करती है तो उसके फ़ैसले को बाहरी ताकतों से सुरक्षा मिलनी चाहिए।"यह जोड़ा अपने पिता (प्रतिवादी नंबर 4) और उनके साथियों से उचित सुरक्षा और मदद पाने के लिए हाईकोर्ट पहुंचा। जोड़े के...
प्रसूति वार्ड में महिलाओं का वीडियो बनाने के आरोपी को जमानत, हाईकोर्ट ने कहा- राज्य पक्ष कोई ठोस सामग्री पेश नहीं कर सका
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रसूति एवं लेबर वार्ड में भर्ती महिलाओं का वीडियो बनाने के आरोपी एक व्यक्ति को जमानत दी। हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य पक्ष मामले की डायरी से आरोपी के खिलाफ कोई ठोस सामग्री प्रस्तुत नहीं कर सका।जस्टिस द्वारका धीश बंसल की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि राज्य की ओर से ऐसी कोई सामग्री नहीं दिखाई गई, जिससे आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि हो सके।अदालत ने कहा कि मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी किए बिना आरोपी को जमानत दिए जाने का अनुरोध स्वीकार किया जाता है...
पत्नी के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने की कोशिश का आरोप: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पति को अग्रिम ज़मानत देने से किया इनकार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ऐसे पति को अग्रिम ज़मानत देने से इनकार किया, जिस पर 5 लाख रुपये की मांग को लेकर पत्नी को चोट पहुँचाने और उसके साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने की कोशिश करने का आरोप है। कोर्ट ने माना कि ये आरोप गंभीर प्रकृति के हैं।जस्टिस राजेंद्र कुमार वाणी की बेंच ने कहा:"दोनों पक्षों के वकीलों को सुनने और केस डायरी, FIR, मेडिकल रिपोर्ट और रिकॉर्ड पर मौजूद अन्य सामग्री को देखने के बाद इस कोर्ट की यह राय है कि मौजूदा आवेदक के खिलाफ आरोप गंभीर प्रकृति के हैं।अभियोजन पक्ष का मामला बताता है...
'गुज़ारा-भत्ते के जायज़ अधिकार से वंचित': घरेलू हिंसा मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महिला को दिया ₹10 लाख का मुआवज़ा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने घरेलू हिंसा के एक मामले में महिला और उसकी बेटी को मिलने वाले मुआवज़े की रकम को ₹10,000 से बढ़ाकर ₹10 लाख की। कोर्ट ने पाया कि महिला के पति के परिवार ने सिविल केस दायर करके कोर्ट का आदेश (डिक्री) हासिल किया था, जिससे महिला को गुज़ारा-भत्ते का वह फ़ायदा नहीं मिल पाया जो पहले ही उसके पक्ष में तय हो चुका था।जस्टिस गजेंद्र सिंह की बेंच ने कहा:"प्रतिवादियों (respondents) का यह रवैया याचिकाकर्ताओं के आर्थिक शोषण के बराबर है और घरेलू हिंसा का एक गंभीर रूप है, क्योंकि उन्हें...
वैधानिक गिरफ्तारी की स्थिति में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका स्वीकार्य नहीं, जमानत ही उचित उपाय: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि जब कोई व्यक्ति संज्ञेय अपराधों से संबंधित कई FIR के आधार पर वैधानिक रूप से गिरफ्तार होकर न्यायिक हिरासत में है, तब उसके पक्ष में बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस) की रिट जारी नहीं की जा सकती। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में उचित कानूनी उपाय सक्षम अदालत से जमानत प्राप्त करना है।जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस रत्नेश चंद्र सिंह बिसेन की खंडपीठ ने यह टिप्पणी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने उसे अनिश्चितकाल तक...
अपहरण मामले में आरोपी को अग्रिम ज़मानत: एमपी हाईकोर्ट ने समय मिलने के बावजूद CCTV रिपोर्ट पेश न करने पर राज्य सरकार को लगाई फटकार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को अग्रिम ज़मानत दी। उस पर SC/ST समुदाय की एक महिला के अपहरण में इस्तेमाल की गई कार चलाने का आरोप है।जस्टिस रामकुमार चौबे की बेंच ने गौर किया कि आरोपी ने दावा किया कि घटना के समय वह गाड़ी नहीं चला रहा था और उसने CCTV फुटेज की जांच की मांग की थी, लेकिन राज्य सरकार इस संबंध में कोई रिपोर्ट पेश नहीं कर पाई।कोर्ट ने कहा कि उसने 08.05.2026 को आदेश देकर राज्य सरकार को आरोपी द्वारा जमा किए गए दस्तावेज़ों और CCTV फुटेज की जांच करने का निर्देश दिया था। इसके बाद...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हत्या के आरोपी नाबालिग को ज़मानत दी, कहा- प्रोबेशन ऑफ़िसर की रिपोर्ट से सही देखभाल में सुधार की संभावना दिखती है
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में आरोपी नाबालिग को ज़मानत दी। कोर्ट ने प्रोबेशन ऑफ़िसर की रिपोर्ट पर ध्यान दिया, जिसमें कहा गया कि सही देखभाल और परिवार की निगरानी में बच्चे के व्यवहार में सुधार की संभावना है।कोर्ट ने आवेदक को रिहा करने और उसकी कस्टडी उसके पिता को सौंपने का निर्देश दिया। इसके लिए आवेदक को 50,000 रुपये का पर्सनल बॉन्ड और JJB/कोर्ट की संतुष्टि के अनुसार एक सॉल्वेंट ज़मानतदार (solvent surety) देना होगा, साथ ही कुछ शर्तें भी माननी होंगी।आवेदक ने सेशन कोर्ट के उस आदेश को...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महिला और बच्चे को गुज़ारा-भत्ता देने का आदेश दिया, DNA टेस्ट से इनकार करने पर आदमी के खिलाफ़ प्रतिकूल निष्कर्ष निकाला
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महिला और उसके बेटे को गुज़ारा-भत्ता देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने माना कि बच्चे के पिता का पता लगाने के लिए DNA फिंगरप्रिंटिंग टेस्ट कराने से इनकार करने वाले आदमी के खिलाफ़ प्रतिकूल निष्कर्ष निकाला जा सकता है।कोर्ट ने कहा कि CrPC की धारा 125 के तहत कार्यवाही कल्याणकारी होती है। इसमें शादी का पक्का सबूत देने की ज़रूरत नहीं होती, जैसा कि दूसरी शादी (bigamy) के आपराधिक मुकदमों में ज़रूरी होता है।जस्टिस गजेंद्र सिंह की बेंच ने कहा:"इसके विपरीत, रेस्पोंडेंट ने रिवीजन...
फिल्म के वित्तीय समझौते के कथित उल्लंघन मामले में निर्माता को अग्रिम जमानत, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दी राहत
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फिल्म "लकी" के निर्माता को वित्तीय समझौते के कथित उल्लंघन से जुड़े आपराधिक मामले में अग्रिम जमानत प्रदान की। अदालत ने माना कि मामले में आरोपी की हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है और वह निवेशक की पूरी राशि जमा कराने के लिए भी तैयार है।जस्टिस गजेंद्र सिंह की एकल पीठ ने कहा,"मामले के समग्र तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए तथा इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि जांच के लिए आवेदक की हिरासत आवश्यक नहीं है और वह पूरी राशि जमा कराने के लिए तैयार है, यह अग्रिम जमानत देने का...
'बच्चों को प्रतिबंधित दवा लिखी': कोल्ड्रिफ़ कफ सिरप से हुई मौतों के मामले में आरोपी डॉक्टर को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने किया ज़मानत देने से इनकार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक डॉक्टर को ज़मानत देने से इनकार किया, जिस पर मिलावटी कफ सिरप से कई बच्चों की मौत के मामले में केस दर्ज किया गया था।जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की बेंच ने कहा,"आवेदक बच्चों के डॉक्टर (बाल रोग विशेषज्ञ) हैं। उन्होंने 4 साल से कम उम्र के बच्चों को एक निश्चित डोज़ वाला कंपाउंड (दवा) लिखा, जिस पर सरकार ने 18.12.2023 को जारी सर्कुलर के ज़रिए प्रतिबंध लगा दिया था। इसके कारण कई मासूम बच्चों की मौत हो गई और इस कफ सिरप से बड़े पैमाने पर लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचा।"बेंच ने...
















