मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

परिवार के सदस्य की सिर्फ़ बीमारी, जब हालत में सुधार हो रहा हो, तो अंतरिम ज़मानत देने का असाधारण आधार नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
परिवार के सदस्य की सिर्फ़ बीमारी, जब हालत में सुधार हो रहा हो, तो अंतरिम ज़मानत देने का असाधारण आधार नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार (12 जनवरी) को अस्थायी/अंतरिम ज़मानत मांगने वाली अर्ज़ी यह देखते हुए खारिज की कि परिवार के किसी सदस्य की सिर्फ़ बीमारी, खासकर जब हालत कंट्रोल में हो और उसमें सुधार हो रहा हो, तो अस्थायी/अंतरिम ज़मानत देने के लिए यह काफ़ी आधार नहीं है।जस्टिस मिलिंद रमेश फडके की बेंच ने कहा,"परिवार के किसी सदस्य की सिर्फ़ बीमारी, खासकर जब हालत कंट्रोल में हो और उसमें सुधार हो रहा हो, तो यह कोई असाधारण परिस्थिति नहीं है जिसके आधार पर गंभीर अपराधों वाले मामले में अस्थायी/अंतरिम ज़मानत...

Autonomous Medical PG Admission Rules | इन-सर्विस डॉक्टरों को ग्रामीण सेवा के लिए बॉन्ड देने की आवश्यकता नहीं : मध्य प्रदेश हाइकोर्ट
Autonomous Medical PG Admission Rules | इन-सर्विस डॉक्टरों को ग्रामीण सेवा के लिए बॉन्ड देने की आवश्यकता नहीं : मध्य प्रदेश हाइकोर्ट

मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की सेवा में कार्यरत (इन-सर्विस) डॉक्टरों को मेडिकल पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स पूरा करने के बाद ग्रामीण सेवा के लिए बॉन्ड भरने की आवश्यकता नहीं है। अदालत ने कहा कि मध्य प्रदेश स्वायत्त मेडिकल एवं दंत स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम (डिग्री/डिप्लोमा) प्रवेश नियम, 2017 का नियम 11 इन-सर्विस डॉक्टरों पर लागू नहीं होता।जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की खंडपीठ ने यह टिप्पणी डॉ. दीपाली बैरवा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए की। याचिकाकर्ता ने भोपाल के...

पीड़िता के सहमति से वयस्क होने पर MP हाईकोर्ट ने POCSO सजा रद्द की, जज व अभियोजक से जवाब तलब
पीड़िता के सहमति से वयस्क होने पर MP हाईकोर्ट ने POCSO सजा रद्द की, जज व अभियोजक से जवाब तलब

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने POCSO अधिनियम के तहत एक व्यक्ति की सजा को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि ट्रायल कोर्ट ने इस तथ्य को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया कि पीड़िता एक सहमति से संबंध में रहने वाली वयस्क (कंसेंटिंग एडल्ट) थी। इस मामले में न्यायालय ने यह भी पाया कि विशेष न्यायाधीश द्वारा की गई गंभीर चूक के कारण अभियुक्त को तीन वर्षों से अधिक समय तक जेल में रखा गया, जो न्याय के साथ अन्याय है।यह मामला जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस रामकुमार चौबे की खंडपीठ के समक्ष आया। कोर्ट ने विशेष न्यायाधीश और लोक...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बिना लोकस स्टैंडी के लगाए गए अवैध खनन के आरोपों पर सुनवाई करने से किया इनकार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बिना लोकस स्टैंडी के लगाए गए अवैध खनन के आरोपों पर सुनवाई करने से किया इनकार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अवैध रेत खनन और खनन लीज के आवंटन का आरोप लगाने वाली याचिका यह देखते हुए खारिज की कि याचिका एक ऐसे याचिकाकर्ता ने दायर की थी, जिसने अपना लोकस नहीं बताया। ऐसा लग रहा था कि यह याचिका किसी एक व्यक्ति से निजी दुश्मनी निकालने के लिए दायर की गई।जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने कहा;"याचिकाकर्ता के अनुसार, प्रतिवादी नंबर 3 से 5 अवैध रेत खनन में लगी फर्में हैं और कथित तौर पर प्रतिवादी नंबर 6 और 7, जो सरकारी अधिकारी हैं, उसके साथ मिलकर काम कर रही हैं। यह...

सरकारी भूमि पर बिना स्वामित्व लंबे समय तक कब्जा होने से निषेधाज्ञा का अधिकार नहीं मिलता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
सरकारी भूमि पर बिना स्वामित्व लंबे समय तक कब्जा होने से निषेधाज्ञा का अधिकार नहीं मिलता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शुक्रवार (9 जनवरी) को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के एक अधिकारी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने सरकारी जमीन पर अपने कब्जे का दावा किया था। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भूमि पर लंबे समय तक कब्जा मात्र से, बिना किसी वैध अधिकार के, कोई कानूनी हक या संरक्षण नहीं मिलता।जस्टिस हिर्देश की पीठ ने कहा कि—“जिस व्यक्ति के पास विवादित संपत्ति पर कोई वैधानिक अधिकार या स्वामित्व नहीं है, वह अनधिकृत कब्जेदार या अतिक्रमणकारी होता है। ऐसे व्यक्ति को उस भूमि के संबंध में...

चौंकाने वाली बात कि नाबालिग लड़कियां 10 से ज़्यादा सालों से लापता हैं, फिर भी पुलिस को कोई सुराग नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
'चौंकाने वाली बात' कि नाबालिग लड़कियां 10 से ज़्यादा सालों से लापता हैं, फिर भी पुलिस को कोई सुराग नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार (7 जनवरी) को पुलिस अधिकारियों को पिछले दस सालों में लापता हुई नाबालिग लड़कियों की संख्या बताते हुए एक डिटेल में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने अधिकारियों को यह भी बताने का निर्देश दिया कि पुलिस की कोशिशों से कितनी लड़कियों का पता चला और कितनी लड़कियां खुद वापस लौटीं।ये निर्देश इंसानी तस्करी की शिकार महिला द्वारा दायर जनहित याचिका पर दिए गए, जिसने ऐसी नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा के लिए न्यायिक दखल की मांग की थी, जो इसी तरह के शोषण का शिकार हो सकती...

पति द्वारा जबरदस्ती अप्राकृतिक सेक्स करना IPC की धारा 498A के तहत क्रूरता, मगर वैवाहिक अपवाद के कारण बलात्कार नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
पति द्वारा जबरदस्ती अप्राकृतिक सेक्स करना IPC की धारा 498A के तहत क्रूरता, मगर वैवाहिक अपवाद के कारण बलात्कार नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने FIR रद्द करने की मांग वाली पति की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि पति द्वारा अपनी बालिग पत्नी के साथ जबरन अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने को धारा 376 के तहत बलात्कार के रूप में मुकदमा नहीं चलाया जा सकता, लेकिन यह भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498A के तहत क्रूरता माना जाएगा।जस्टिस राजेश कुमार गुप्ता की बेंच ने कहा,"हालांकि, इस कोर्ट की भी राय है कि पति द्वारा अपनी पत्नी के साथ जबरन अप्राकृतिक यौन संबंध बनाना IPC की धारा 498A के तहत क्रूरता है। साथ ही IPC की धारा 376 के तहत...

सुलभ न्याय की मांग वाली जनहित याचिका में दिव्यांग व्यक्ति को हस्तक्षेप की अनुमति, राज्य सरकार और हाइकोर्ट प्रशासन से जवाब तलब
सुलभ न्याय की मांग वाली जनहित याचिका में दिव्यांग व्यक्ति को हस्तक्षेप की अनुमति, राज्य सरकार और हाइकोर्ट प्रशासन से जवाब तलब

मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने दिव्यांगजनों, दीर्घकालिक रोगों से पीड़ित व्यक्तियों, महिलाओं और सीनियर सिटीजन के लिए न्यायालय परिसरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और हाइकोर्ट प्रशासन को जवाब दाखिल करने के लिए समय प्रदान किया। साथ ही अदालत ने एक दिव्यांग व्यक्ति को इस याचिका में हस्तक्षेप करने की अनुमति भी दी।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने दिव्यांग नरेंद्र कुमार मिश्रा द्वारा दायर हस्तक्षेप आवेदन स्वीकार करते...

ग्वालियर में अंबेडकर प्रतिमा स्थापना के विरोध से जुड़े मामले में पूर्व बार अध्यक्ष को जमानत, गिरफ्तारी अवैध: हाइकोर्ट
ग्वालियर में अंबेडकर प्रतिमा स्थापना के विरोध से जुड़े मामले में पूर्व बार अध्यक्ष को जमानत, गिरफ्तारी अवैध: हाइकोर्ट

मध्य प्रदेश हाइकोर्ट की ग्वालियर पीठ ने बुधवार को हाईकोर्ट परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना के विरोध में हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले में गिरफ्तार किए गए हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा को जमानत दी। अदालत ने पुलिस की कार्रवाई को अवैध ठहराते हुए कहा कि गिरफ्तारी के दौरान कानून द्वारा अनिवार्य प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।जस्टिस जीएस अहलूवालिया और जस्टिस आशीष श्रोती की खंडपीठ ने कहा कि पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 47 के तहत गिरफ्तारी के...

एमपी हाईकोर्ट ने स्कूल को बच्चे के रिकॉर्ड में पिता का नाम शामिल करने का निर्देश दिया, कहा- वैवाहिक विवाद से पिता के माता-पिता के अधिकारों को कम नहीं किया जा सकता
एमपी हाईकोर्ट ने स्कूल को बच्चे के रिकॉर्ड में पिता का नाम शामिल करने का निर्देश दिया, कहा- वैवाहिक विवाद से पिता के माता-पिता के अधिकारों को कम नहीं किया जा सकता

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ग्वालियर के लिटिल एंजल्स हाई स्कूल को एक बच्चे के स्कूल रिकॉर्ड को अपडेट करके उसमें उसके जैविक पिता का नाम शामिल करने का यह देखते हुए निर्देश दिया कि माता-पिता के बीच वैवाहिक विवाद जैविक पिता के माता-पिता के अधिकारों को कम नहीं कर सकता।जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस अनिल वर्मा की डिवीजन बेंच ने कहा;"...स्कूल रिकॉर्ड आखिरकार पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता आदि जैसे अन्य सार्वजनिक दस्तावेजों के रिकॉर्ड का आधार बनेगा और एक जैविक पिता के माता-पिता के अधिकारों को...

2006-2014 के बीच कंप्यूटर ट्रेनिंग लेने वाले कोर्ट स्टेनोग्राफर, रीडर्स एडवांस इंक्रीमेंट के हकदार: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
2006-2014 के बीच कंप्यूटर ट्रेनिंग लेने वाले कोर्ट स्टेनोग्राफर, रीडर्स एडवांस इंक्रीमेंट के हकदार: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार (5 जनवरी) को कहा कि सभी क्लास III न्यायिक कर्मचारियों को एडवांस इंक्रीमेंट का फायदा मिलना चाहिए, जिन्होंने 6 फरवरी, 2006 से 29 सितंबर, 2014 के बीच कंप्यूटर नॉलेज ट्रेनिंग ली थी, क्योंकि यह उनका अधिकार बन गया।जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने कहा,"जिन लोगों को उस समय नियुक्त किया गया, जब कंप्यूटर नॉलेज के लिए कोई योग्यता तय नहीं थी, उन्हें कंप्यूटर का काम करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए ट्रेनिंग लेने की ज़रूरत थी। ट्रेनिंग सफलतापूर्वक...

युवा लिव-इन जोड़े को संरक्षण, लेकिन कम उम्र में लिए गए जीवन निर्णयों के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर एमपी हाईकोर्ट की चेतावनी
युवा लिव-इन जोड़े को संरक्षण, लेकिन कम उम्र में लिए गए जीवन निर्णयों के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर एमपी हाईकोर्ट की चेतावनी

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 20-20 वर्ष के एक लिव-इन जोड़े को पुलिस संरक्षण प्रदान करते हुए यह महत्वपूर्ण टिप्पणी की कि संविधान द्वारा प्रदत्त व्यक्तिगत अधिकारों का अस्तित्व होना और हर परिस्थिति में उनका प्रयोग करना दोनों अलग-अलग बातें हैं।जस्टिस गजेंद्र सिंह की एकलपीठ ने याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि यद्यपि वयस्क व्यक्तियों को अपनी इच्छा से रहने का अधिकार है, लेकिन कम उम्र में माता-पिता से अलग स्वतंत्र जीवन चुनने के गंभीर सामाजिक और आर्थिक परिणाम हो सकते हैं जिन पर युवाओं को गंभीरता से विचार करना...

मेधावी महिला उम्मीदवारों को उम्र में छूट देने से उन्हें ओपन कैटेगरी में मुकाबला करने से नहीं रोका जा सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मेधावी महिला उम्मीदवारों को उम्र में छूट देने से उन्हें ओपन कैटेगरी में मुकाबला करने से नहीं रोका जा सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि अगर महिला उम्मीदवार मेधावी हैं तो उन्हें उम्र में छूट देने से वे ओपन अनारक्षित कैटेगरी की पोस्ट के लिए मुकाबला करने से अयोग्य नहीं हो जातीं।जस्टिस दीपक खोट की बेंच ने अधिकारियों को याचिकाकर्ता की आई असिस्टेंट (मिनिस्ट्रियल) के पद पर नियुक्ति पर विचार करने का निर्देश देते हुए इस बात पर ज़ोर दिया कि वर्टिकल या हॉरिजॉन्टल आरक्षण के लिए आवेदन करने वाला उम्मीदवार अनारक्षित ओपन कैटेगरी में मुकाबला कर सकता है, अगर उसके अंक उस कैटेगरी के लिए तय कट-ऑफ मार्क्स से ज़्यादा...

मुस्लिम समुदाय के कब्रिस्तान को लेकर याचिका पर एमपी हाईकोर्ट का यथास्थिति बनाए रखने का आदेश
मुस्लिम समुदाय के कब्रिस्तान को लेकर याचिका पर एमपी हाईकोर्ट का यथास्थिति बनाए रखने का आदेश

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कटनी जिले के स्लीमनाबाद स्थित एक कब्रिस्तान से जुड़े विवाद में अहम अंतरिम आदेश पारित करते हुए राज्य अधिकारियों को यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए। अदालत मुस्लिम समुदाय के लिए उक्त भूमि को विशेष कब्रिस्तान घोषित किए जाने और दफन के अधिकारों की सुरक्षा से संबंधित जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि अगली सुनवाई 8 जनवरी, 2026 को होगी और तब तक संबंधित भूमि, जो कब्रिस्तान के रूप में उपयोग में है,...

मध्य प्रदेश कैबिनेट ने धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जबलपुर के फेज-II निर्माण के लिए ₹197.13 करोड़ की मंज़ूरी दी
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जबलपुर के फेज-II निर्माण के लिए ₹197.13 करोड़ की मंज़ूरी दी

मध्य प्रदेश सरकार की मंत्रिपरिषद ने सोमवार, 22 दिसंबर, 2025 को धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जबलपुर के स्थायी परिसर में फेज–II निर्माण कार्य के लिए ₹197 करोड़ 13 लाख की राशि को स्वीकृति प्रदान की है। इस स्वीकृत राशि से विश्वविद्यालय परिसर में प्रशासनिक भवन, शैक्षणिक भवन, स्टाफ आवास, कैंपस की बाउंड्री वॉल तथा अन्य आवश्यक सहायक अवसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) का निर्माण किया जाएगा।वर्तमान में धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में बी.ए. एल.एल.बी. (ऑनर्स), एल.एल.एम. एवं पीएच.डी. कार्यक्रम संचालित किए...

POCSO अपराध में जमानत के दौरान शादी या बच्चे का जन्म अप्रासंगिक: एमपी हाईकोर्ट ने 20 साल की सजा बरकरार रखी
POCSO अपराध में जमानत के दौरान शादी या बच्चे का जन्म अप्रासंगिक: एमपी हाईकोर्ट ने 20 साल की सजा बरकरार रखी

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने हाल ही में अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि POCSO Act के तहत अपराधों में जमानत के दौरान आरोपी और पीड़िता के बीच हुई शादी या उस विवाह से संतान का जन्म, सजा में रियायत देने के लिए किसी भी तरह से प्रासंगिक नहीं माना जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में सहानुभूति दिखाने का आधार नहीं बनता।जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस रामकुमार चौबे की खंडपीठ ने यह टिप्पणी साजन भट्ट द्वारा दायर आपराधिक अपील खारिज करते हुए की। अपील में आरोपी ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले...

एक ठोस योजना दिखाइए: एमपी हाईकोर्ट ने प्रतिपूरक वृक्षारोपण पर राज्य से विस्तृत जानकारी मांगी
एक ठोस योजना दिखाइए: एमपी हाईकोर्ट ने प्रतिपूरक वृक्षारोपण पर राज्य से विस्तृत जानकारी मांगी

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि वह प्रतिपूरक वृक्षारोपण को लेकर एक बेहतर और स्पष्ट हलफनामा दाखिल करे, जिसमें यह साफ-साफ बताया जाए कि काटे गए पेड़ों के बदले किस प्रकार के पेड़ लगाए जाएंगे, उनकी उम्र, मोटाई (गिर्थ), संख्या और सटीक स्थान क्या होगा।यह निर्देश बुधवार को चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने दिया।अदालत ने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश में आगे किसी भी प्रकार की पेड़ों की कटाई या छंटाई केवल उसी स्थिति में की जा सकती है, जब उसके...

अपील अदालत से ऐसी अपेक्षा नहीं: एमपी हाईकोर्ट ने एक पंक्ति में दिए गए बरी आदेश रद्द कर मामला पुनः सुनवाई के लिए भेजा
अपील अदालत से ऐसी अपेक्षा नहीं': एमपी हाईकोर्ट ने एक पंक्ति में दिए गए बरी आदेश रद्द कर मामला पुनः सुनवाई के लिए भेजा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वेच्छा से चोट पहुंचाने के एक मामले में अपीलीय अदालत द्वारा पारित पंक्ति के बरी आदेश रद्द करते हुए कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि अपीलीय न्यायालय से यह अपेक्षा नहीं की जाती कि वह बिना कारण बताए संक्षिप्त और गैर-वक्तव्य (नॉन-स्पीकिंग) आदेश पारित करे।जस्टिस राजेंद्र कुमार वाणी की सिंगल बेंच ने कहा कि अपीलीय अदालत का दायित्व है कि वह न केवल ट्रायल कोर्ट के निष्कर्षों की समीक्षा करे, बल्कि साक्ष्यों और तर्कों की स्वतंत्र रूप से जांच करते हुए कारणयुक्त निर्णय दे। अदालत ने...

अवैध अफीम बरामदगी मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर एमपी हाईकोर्ट सख्त, गृह विभाग के प्रमुख सचिव को किया तलब
अवैध अफीम बरामदगी मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर एमपी हाईकोर्ट सख्त, गृह विभाग के प्रमुख सचिव को किया तलब

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कथित अफीम बरामदगी से जुड़े मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए राज्य के गृह विभाग के प्रमुख सचिव को तलब किया। अदालत ने कहा कि तलाशी और जब्ती से संबंधित भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के प्रावधानों का पालन न किया जाना बेहद चिंताजनक है। इस दिशा में अब तक क्या कदम उठाए गए हैं, इसकी जानकारी अदालत को दी जाए।जस्टिस सुभोध अभ्यंकर ने 9 दिसंबर को हुई सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी उस मामले में की, जिसमें आवेदक 29 अगस्त, 2025 से न्यायिक हिरासत में है। आवेदक का...