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लंबी कैद के बाद बरी हुए अभियुक्तों को मुआवज़ा देने के लिए क़ानून ज़रूरी: सुप्रीम कोर्ट
लंबे समय तक ग़लत तरीके से क़ैद रहे एक मौत की सज़ा पाए दोषी को बरी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (15 जुलाई) को ग़लत क़ैद के मामलों में मुआवज़ा देने के लिए क़ानून बनाने की ज़रूरत जताई।हालांकि, कोर्ट ने कहा कि इस पहलू पर फ़ैसला लेना संसद का अधिकार क्षेत्र है।जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संजय करोल और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका के विपरीत भारत में ग़लत क़ैद के पीड़ितों को मुआवज़ा देने के लिए क़ानूनों का अभाव है।जस्टिस करोल द्वारा लिखित निर्णय में कहा गया,"संयुक्त...
दिल्ली कोर्ट ने अनएकेडमी को ANI की सामग्री का इस्तेमाल करने से रोका, यूट्यूब वीडियो हटाने का आदेश दिया
दिल्ली कोर्ट ने शैक्षिक प्रौद्योगिकी कंपनी अनएकेडमी को समाचार एजेंसी एशिया न्यूज़ इंटरनेशनल (ANI) के मूल वीडियो या किसी भी कॉपीराइट किए गए कार्य या सामग्री को प्रकाशित, अपलोड या उपयोग करने से रोक दिया है, जिसमें उसका यूट्यूब चैनल भी शामिल है।पटियाला हाउस कोर्ट की जिला जज हेमानी मल्होत्रा ने अनएकेडमी को ANI के कॉपीराइट किए गए कार्य का उल्लंघन करने वाले वीडियो या किसी भी अन्य सामग्री को हटाने और हटाने का निर्देश दिया।जज ने अनएकेडमी के खिलाफ ANI के मुकदमे में उसके पक्ष में अंतरिम आदेश पारित किया,...
'SIT गलत दिशा में क्यों जा रही है?': सुप्रीम कोर्ट ने SIT को महमूदाबाद की दो पोस्ट पर ही ध्यान केंद्रित करने को कहा; आगे समन भेजने पर रोक
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (16 जुलाई) को पूछा कि अशोका विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ 'ऑपरेशन सिंदूर' पर उनके दो सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दर्ज दो एफआईआर की जांच के लिए गठित हरियाणा पुलिस का विशेष जांच दल (एसआईटी) "गलत दिशा में क्यों जा रहा है?" जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि एसआईटी का गठन विशेष रूप से दो सोशल मीडिया पोस्ट की जांच के लिए किया गया था और पूछा कि वह इसका दायरा क्यों बढ़ा रही है। पीठ ने ये टिप्पणियां महमूदाबाद की ओर से पेश सीनियर...
पंजाब पुलिस पर हमला मामले में बड़ा फैसला: हाईकोर्ट ने CBI को सौंपी जांच SIT पर लगाए आरोपियों को बचाने के आरोप
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कर्नल द्वारा लगाए गए पंजाब पुलिस पर हमले के आरोपों की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया।यह आदेश कोर्ट ने तब दिया, जब उसे यह प्रतीत हुआ कि इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ऐसे कुतर्क और कमजोरियां बना रही है, जिनसे आरोपी पुलिस अधिकारियों को संदेह का लाभ मिल सके।कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाथ जो नई दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय में तैनात थे, उन्होंने आरोप लगाया कि 13 मार्च की रात पंजाब पुलिस के चार इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों और उनके सशस्त्र सहयोगियों ने बिना किसी...
दिल्ली हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में बिना केस डायरी के पेश होने वाले जांच अधिकारी की निंदा की
दिल्ली हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में आरोपी व्यक्ति जमानत दे दी। साथ ही बिना उचित केस फ़ाइल और डायरी के अदालत में पेश होने वाले जांच अधिकारी के आचरण की कड़ी निंदा की।जस्टिस गिरीश कठपालिया ने कहा,"सबसे पहले यह बेहद निंदनीय है कि किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता का विरोध करने के लिए जांच अधिकारी मूल पुलिस फ़ाइल या केस डायरी के बिना पेश हुआ। केस डायरी ही जांच की प्रामाणिकता होती है।"अदालत भारतीय दंड संहिता, 1860 (IPC) की धारा 302, 212 और 120बी तथा शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत दंडनीय अपराधों के लिए...
वैवाहिक वेबसाइट पर दी गई स्वयं-घोषित जानकारी को आय का प्रमाण नहीं माना जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि वैवाहिक पोर्टल पर दी गई कोई भी 'स्वयं-घोषित जानकारी', यदि बिना सत्यापन या पुष्टिकारक साक्ष्य के हो, तो उसे विश्वसनीय या स्वीकार्य आय के प्रमाण के रूप में नहीं माना जा सकता।जस्टिस स्वरना कांत शर्मा ने स्पष्ट किया कि कानून की अदालत किसी व्यक्ति द्वारा matrimonial वेबसाइट पर किए गए दावे पर भरोसा नहीं कर सकती।कोर्ट ने पत्नी की वह याचिका खारिज की, जिसमें उसने फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी।फैमिली कोर्ट ने पति को यह निर्देश दिया था कि वह याचिका दायर करने की तारीख से 31...
घरेलू हिंसा कानून में गुज़ारे भत्ते के लिए पहली या दूसरी शादी में कोई भेद नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि गुज़ारे भत्ते के अधिकार के संदर्भ में घरेलू हिंसा अधिनियम (Domestic Violence Act) पहली या दूसरी शादी में कोई अंतर नहीं करता।जस्टिस स्वरना कांत शर्मा ने एक गुज़ारा भत्ता विवाद की सुनवाई करते हुए पति की इस दलील को खारिज कर दिया कि पत्नी की यह दूसरी शादी थी और उसके पहले विवाह से दो बच्चे हैं।कोर्ट ने निचली अदालत के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें पति को पत्नी को 1,00,000 प्रति माह बढ़ा हुआ गुज़ारा भत्ता देने का निर्देश दिया गया।पति की ओर से यह तर्क दिया गया,उसकी...
पूर्व अवैध गिरफ्तारी' की प्रक्रियात्मक त्रुटियां सुधारे जाने के बाद दोबारा गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने यह निर्णय दिया कि यदि किसी आरोपी की पहले की गिरफ्तारी में प्रक्रियात्मक त्रुटियां थीं और उन्हें सुधार दिया गया तो उस आरोपी की दोबारा गिरफ्तारी पर न तो कोई वैधानिक और न ही कोई न्यायिक रोक है।जस्टिस स्वरना कांत शर्मा ने कहा कि जांच एजेंसी की ओर से की गई कोई भी त्रुटि चाहे वह जानबूझकर हो या अनजाने में, आरोपी को भविष्य में उसी मामले में गिरफ्तारी से पूर्ण सुरक्षा प्रदान नहीं कर सकती।न्यायालय ने कहा,“अगर ऐसा माना जाए कि एक बार गिरफ्तारी में प्रक्रियात्मक त्रुटि हो जाए तो आरोपी को...
'Udaipur Files' Film Case: सुप्रीम कोर्ट को पुनर्विचार याचिका पर केंद्र के फैसले का इंतज़ार, कहा- सुविधा का संतुलन आपत्तिकर्ताओं के पक्ष में
सुप्रीम कोर्ट ने विवादास्पद फिल्म "उदयपुर फाइल्स: कन्हैया लाल टेलर मर्डर" से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई स्थगित की। कोर्ट ने यह देखते हुए सुनवाई स्थगित की कि केंद्र सरकार दोपहर 2.30 बजे फिल्म के CBFC सर्टिफिकेटशन के खिलाफ पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसे उम्मीद है कि केंद्र की समिति "बिना समय गंवाए" तुरंत अपना फैसला लेगी और फिल्म निर्माताओं द्वारा व्यक्त की गई तात्कालिकता को देखते हुए मामले की सुनवाई अगले सोमवार तक के लिए स्थगित की।चूंकि फिल्म के निर्माता और...
कांवड़ यात्रा | RCB क्रिकेटर यश दयाल | राहुल गांधी को मिली जमानत: कोर्ट्स टुडे- 15.07.25
आज की बड़ी कानूनी खबरों में शामिल हैं सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से जुड़ी कई अहम अपडेट्स: सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकारों से Kanwar Yatra मार्ग पर ढाबा मालिकों को QR Code लगाने के निर्देश के खिलाफ दाखिल याचिका पर जवाब मांगा, सुप्रीम कोर्ट ने AIMIM पर प्रतिबंध लगाने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया, लेकिन याचिकाकर्ता को व्यापक मुद्दों पर नई याचिका दायर करने की छूट दी, 'उदयपुर फाइल्स: कन्हैया लाल मर्डर' फिल्म की रिलीज़ पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर...
भ्रामक विज्ञापनों मामले में बाबा रामदेव और बालकृष्ण को राहत, हाईकोर्ट ने आपराधिक मामलों पर लगाई रोक
केरल हाई कोर्ट ने सोमवार 14 जुलाई को दिव्य फार्मेसी इसके अध्यक्ष आचार्य बालकृष्ण और महासचिव स्वामी रामदेव (याचिकाकर्ताओं) के खिलाफ दर्ज ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम 1954 की धारा 3(ड) के उल्लंघन से संबंधित सात आपराधिक मामलों की कार्यवाही पर रोक लगा दी।बता दें, धारा 3(ड) का सारांश इस प्रकार है:कुछ बीमारियों या विकारों के इलाज के लिए कुछ दवाओं के विज्ञापन पर प्रतिबंध अधिनियम के प्रावधानों के अधीन रहते हुए कोई भी व्यक्ति ऐसा कोई विज्ञापन प्रकाशित नहीं करेगा, जो यह दर्शाए कि...
NEET-UG 2025 : एमपी सेंटर्स में बिजली गुल होने से पीड़ित अभ्यर्थी दोबारा परीक्षा की मांग को लेकर पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
मध्य प्रदेश के केंद्रों में बिजली गुल होने से पीड़ित NEET-UG 2025 के अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। याचिकाकर्ताओं ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा उनके लिए दोबारा परीक्षा का आदेश देने से इनकार करने के फैसले को चुनौती दी।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ के समक्ष वकील ने तत्काल सुनवाई के लिए याचिका का उल्लेख किया।खंडपीठ ने जब मामले को अगले सप्ताह सूचीबद्ध करने पर सहमति व्यक्त की तो वकील ने यह कहते हुए पहले सुनवाई की मांग की कि काउंसलिंग 21 जुलाई से शुरू होने वाली है।...
विशिष्ट प्रोफेसर के रूप में HPNLU में शामिल हुए पूर्व सीजेआई
पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) संजीव खन्ना हिमाचल प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (HPNLU), शिमला में 'विशिष्ट' प्रोफेसर (Distinguished Professo)के रूप में शामिल हुए। इससे पहले वह यूनिवर्सिटी में विजिटर के रूप में कार्यरत थे।लाइव लॉ को इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए HPNLU की कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रीति सक्सेना ने कहा,"हाँ, उन्होंने यूनिवर्सिटी से जुड़ने के लिए सहमति दे दी है। हमें उनसे स्वीकृति पत्र प्राप्त हो गया है।"यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन ने स्वीकृति पत्र (दिनांक 12 जुलाई) की कॉपी लाइव लॉ के...
2016 फोर्स्ड एविक्शन केस | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजम खान के खिलाफ मुकदमे में अंतिम आदेश पारित करने पर रोक 28 जुलाई तक बढ़ाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार (15 जुलाई) को उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और सांसद मोहम्मद आज़म खान और अन्य से जुड़े 2016 के जबरन बेदखली मामले की समेकित सुनवाई में अंतिम आदेश पारित करने पर लगी रोक (28 जुलाई तक) बढ़ा दी। जस्टिस समीर जैन की पीठ ने रोक इसलिए बढ़ा दी क्योंकि राज्य सरकार ने निर्देश प्राप्त करने और संबंधित संकलन प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था।पीठ ने आवेदकों को अपनी याचिकाओं में 'पूरी कार्यवाही' रद्द करने के अनुरोध को हटाने के लिए एक संशोधन आवेदन दायर करने का भी निर्देश...
पंजाब विधानसभा में बेअदबी विरोधी विधेयक पेश, जानिये क्या हैं प्रावधान
"पंजाब में रहने वाले विभिन्न धार्मिक विश्वासों और आस्थाओं वाले लोगों के बीच धार्मिक और सांप्रदायिक सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने के लिए" पंजाब सरकार ने सोमवार को विधानसभा में 'पवित्र ग्रंथों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम विधेयक, 2025' पेश किया।इस विधेयक में प्रस्तावित अधिनियम के तहत पवित्र ग्रंथों के विरुद्ध "अपराध" करने पर आजीवन कारावास और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है।"पवित्र ग्रंथ" की परिभाषा निम्नलिखित में से किसी भी ग्रंथ के रूप में की गई, जिसे संबंधित धार्मिक संप्रदायों द्वारा...
पुणे PORSCHE CAR हादसा: किशोर न्याय बोर्ड ने कहा – नाबालिग पर वयस्क की तरह केस नहीं चलेगा
पुणे पोर्श दुर्घटना मामले में किशोर न्याय बोर्ड (JJB) ने मंगलवार को पुणे पुलिस द्वारा दायर आवेदन खारिज कर दिया, जिसमें वाहन चला रहे नाबालिग आरोपी पर वयस्क के रूप में मुकदमा चलाने की बोर्ड से अनुमति मांगी गई थी।इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए विशेष लोक अभियोजक शिशिर हिरय ने लाइव लॉ को बताया,"हमने नाबालिग लड़के पर वयस्क के रूप में मुकदमा चलाने के लिए आवेदन दायर किया था। इसमें कहा गया था कि उसने लापरवाही से और शराब के नशे में अपनी कार चलाकर दो लोगों की जान ले ली। हमने इस तथ्य पर प्रकाश डाला कि यह एक...
विद्युत नियामक आयोग केवल जनहित के आधार पर मामलों की सुनवाई नहीं कर सकते: सुप्रीम कोर्ट
विद्युत वितरण विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि विद्युत नियामक आयोग (ईआरसी) केवल जनहित के आधार पर किसी मामले की सुनवाई नहीं कर सकते।ईआरसी को विद्युत अधिनियम द्वारा जहां भी अनिवार्य किया गया हो, जनहित के मामलों पर विचार करना चाहिए, अर्थात टैरिफ निर्धारण, विद्युत प्रक्रियाओं की खरीद और उपयोगिता/लाइसेंसधारी प्रबंधन से संबंधित मामलों में, "जिसमें वाणिज्यिक सिद्धांतों के साथ-साथ उपभोक्ता हितों की सुरक्षा भी आवश्यक है।"जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने कहा, "विनियमन का...
भ्रष्टाचार मामले में निलंबन के खिलाफ जयपुर की पूर्व महापौर की याचिका खारिज
राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर नगर निगम, हेरिटेज की महापौर द्वारा राज्य के आदेश के खिलाफ दायर याचिका खारिज की, जिसके तहत उन्हें अपने पति के साथ भ्रष्टाचार मामले में कथित संलिप्तता के कारण निलंबित कर दिया गया था।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने कहा कि निलंबन आदेश को गुण-दोष के आधार पर चुनौती देने के बजाय याचिकाकर्ता ने तकनीकी आधार पर इसे चुनौती दी, जैसे कि राजस्थान नगर पालिका अधिनियम, 2009 की धारा 39(1) के तहत जारी नोटिस पर डिजिटल हस्ताक्षर न होना और जांच अधिकारी के नियुक्ति आदेश की प्रति उन्हें...
भ्रष्टाचार का मामला रद्द करने की याचिका खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का दिया निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने केरल के एक बिल्डर के खिलाफ आपराधिक मामला रद्द करने से इनकार कर दिया। उक्त बिल्डर ने नगर निगम के अधिकारियों से रिश्वत लेकर परमिट प्राप्त करके "आंतरिक नवीनीकरण" की आड़ में निषिद्ध क्षेत्र में व्यावसायिक इमारत खड़ी कर ली है।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने केरल हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखा, जिसमें अपीलकर्ता की उस याचिका को खारिज कर दिया गया, जिसमें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120बी के तहत आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(डी)...
सुप्रीम कोर्ट की तीन अलग-अलग पीठों ने नागरिकों द्वारा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दुरुपयोग पर चिंता जताई
पिछले दो दिनों में सुप्रीम कोर्ट की तीन पीठों ने आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट, दिव्यांगजनों को लक्षित करने वाली हास्य सामग्री और कथित रूप से अपमानजनक कार्टूनों से जुड़े अलग-अलग मामलों पर विचार करते हुए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के बढ़ते दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की।जजों की टिप्पणियों में नागरिकों द्वारा आत्म-संयम की आवश्यकता, व्यक्तिगत गरिमा की रक्षा और ऑनलाइन सामग्री के लिए एक संभावित नियामक ढाँचे पर ज़ोर दिया गया।नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के प्रयोग में आत्म-संयम बरतना चाहिए14...



















