जानिए हमारा कानून

लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 भाग 32: बालक के साक्ष्य अभिलिखित करने एवं प्रकरण का निपटारा करने हेतु अवधि
लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 भाग 32: बालक के साक्ष्य अभिलिखित करने एवं प्रकरण का निपटारा करने हेतु अवधि

लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (The Protection Of Children From Sexual Offences Act, 2012) अधिनियम एक विशेष अधिनियम है, इस अधिनियम का उद्देश्य लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण है। इस अधिनियम के अंर्तगत बनाए गए प्रावधान बालकों को शीघ्र न्याय देने हेतु प्रयास करते है। उक्त अधिनियम की धारा 35 में ऐसी अवधि का उल्लेख किया गया है जिसमें बालकों के कथन अभिलिखित किए जाएंगे और मामले का निपटान किया जाएगा। इस आलेख में धारा 35 पर विवेचना प्रस्तुत की जा रही है।यह अधिनियम में प्रस्तुत...

लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 भाग 31: पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत अस्थि परीक्षण के आधार पर आयु का निर्धारण
लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 भाग 31: पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत अस्थि परीक्षण के आधार पर आयु का निर्धारण

लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (The Protection Of Children From Sexual Offences Act, 2012) अधिनियम आयु के इर्दगिर्द घूमता है क्योंकि यह अधिनियम बालकों से संबंधित है, धारा 33 में बालक द्वारा किए जाने वाले अपराधों में प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है जिसकी चर्चा पिछले आलेख में की गई है, इस आलेख में अस्थि परीक्षण के आधार पर आयु के निर्धारण से संबंधित कुछ एवं तथ्यों पर चर्चा की जा रही है।अस्थि परीक्षण के आधार पर आयु का अवधारणअस्थियों में अस्थि परीक्षण को किसी व्यक्ति की आयु के...

लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 भाग 29: पॉक्सो अधिनियम के प्रकरणों में पीड़िता के साक्ष्य की संपुष्टि से संबंधित प्रकरण
लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 भाग 29: पॉक्सो अधिनियम के प्रकरणों में पीड़िता के साक्ष्य की संपुष्टि से संबंधित प्रकरण

लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (The Protection Of Children From Sexual Offences Act, 2012) की धारा 33 विशेष न्यायलयों के लिए एक विशेष प्रक्रिया विहित करती है, इस ही के साथ पीड़िता के साक्ष्य की संपुष्टि से संबंधित अनेक प्रकरण भारत के उच्चतम न्यायालय तक पहुंचे है। इस आलेख में कुछ प्रकरणों का उल्लेख किया जा रहा है।पीड़िता के साक्ष्य की संपुष्टिमहाराष्ट्र राज्य बनाम चन्द्रप्रकाश केवलचन्द जैन, ए आई आर 1990 एससी 658, के मामले में पीडिता के साक्ष्य की संपुष्टि के पक्ष पर निम्न प्रकार...

लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 भाग 28: पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए विशेष न्यायलयों की प्रक्रिया
लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 भाग 28: पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए विशेष न्यायलयों की प्रक्रिया

लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (The Protection Of Children From Sexual Offences Act, 2012) की धारा 33 विशेष न्यायलयों के लिए प्रक्रिया विहित करती है। पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत विशेष न्यायालय गठित किये गए हैं जिससे पीड़ित को शीघ्र न्याय मिल सके। इन विशेष न्यायलयों की प्रक्रिया भी इस अधिनियम में ही धारा 33 में निर्धारित की गई है। इस आलेख में इस ही धारा पर टिप्पणी प्रस्तुत की जा रही है।यह अधिनियम में प्रस्तुत धारा का मूल रूप हैधारा 33विशेष न्यायालयों की प्रक्रिया और शक्तियाँ (1)...