मुख्य सुर्खियां

राष्ट्रीय खेल संघों को खेल संहिता के अनिवार्य पहलुओं का पालन करना चाहिए, जिन्हें न तो आंशिक रूप से लागू किया जा सकता है और न ही कम किया जा सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट
राष्ट्रीय खेल संघों को खेल संहिता के अनिवार्य पहलुओं का पालन करना चाहिए, जिन्हें न तो आंशिक रूप से लागू किया जा सकता है और न ही कम किया जा सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSF) को खेल संहिता के प्रत्येक अनिवार्य पहलू का पालन करना चाहिए, जिसे न तो आंशिक रूप से लागू किया जा सकता है और न ही कम किया जा सकता है।जस्टिस नजमी वज़ीरी ने आगे कहा कि ऐसे NSF की निरंतर मान्यता के लिए खेल संहिता के तहत अनुपालन की वार्षिक निगरानी पर विचार किया जाता है।यह घटनाक्रम तब सामने आया जब कोर्ट सीनियर एडवोकेट राहुल मेहरा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था। उक्त याचिका में NSF द्वारा खेल संहिता और अदालतों द्वारा पारित आदेशों का अनुपालन...

P&H High Court Dismisses Protection Plea Of Married Woman Residing With Another Man
मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति नियमों के तहत सहायता प्राप्त करने वाला परिवार नए नियमों के तहत लाभ नहीं ले सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के समय परिवार के किसी सदस्य ने पहले से ही प्रचलित नियमों के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त कर ली हो तो वह नए नियमों के तहत लाभ का दावा नहीं कर सकता।जस्टिस जयश्री ठाकुर की पीठ ने आगे कहा कि यदि याचिकाकर्ता को 2019 के नए नियमों के तहत अनुकंपा नियुक्ति के लाभ का दावा करने की अनुमति दी जाती है, जबकि वह सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के समय प्रचलित 2006 के नियमों के तहत पहले ही वित्तीय सहायता प्राप्त कर चुका है, तो यह "दोहरे लाभ" का लाभ...

दिल्ली हाईकोर्ट ने जिला और राज्य उपभोक्ता फोरम में बड़े पैमाने पर लंबित मामलों को नोट किया, काम के घंटों की स्थिति पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी
दिल्ली हाईकोर्ट ने जिला और राज्य उपभोक्ता फोरम में बड़े पैमाने पर लंबित मामलों को नोट किया, काम के घंटों की स्थिति पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी

दिल्ली हाईकोर्ट ने जिला मंचों के साथ-साथ राज्य उपभोक्ता फोरम में बड़ी संख्या में लंबित मामलों को ध्यान में रखते हुए फोरम के काम के घंटों (Working Hours) की स्थिति पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने रजिस्ट्रार, दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग से विशेष रूप से जिले में फोरमों के काम के घंटों की स्थिति के बारे में स्टेटस रिपोर्ट मांगी। जस्टिस सिंह ने यह रिपोर्ट यह देखते हुए मांगी कि शहर में उपभोक्ता फोरम को मामलों की सुनवाई के लिए पूरे काम के घंटों के लिए काम करना...

मोटर दुर्घटना के दावेदारों को संभावनाओं की प्रबलता की कसौटी पर मामला साबित करना होगा : पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
मोटर दुर्घटना के दावेदारों को 'संभावनाओं की प्रबलता' की कसौटी पर मामला साबित करना होगा : पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि मोटर वाहन अधिनियम 1988 के तहत कार्यवाही में दावेदारों को संभावनाओं की प्रधानता की कसौटी पर अपना मामला साबित करने की आवश्यकता है। हालांकि, कोर्ट ने तत्काल मामले में दावे का खंडन करते हुए कहा कि दावेदार कथित उल्लंघन करने वाले वाहन के खिलाफ दुर्घटना के तथ्य को 'दूर से साबित' करने में भी सक्षम नहीं हैं।जस्टिस अलका सरीन की पीठ मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण, अंबाला द्वारा पारित अवॉर्ड के खिलाफ अपील पर विचार कर रही थी, जिसके तहत दावेदार-अपीलकर्ताओं...

किसी आपराधिक मामले में निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए अभियोजन के अनुमानों और काल्पनिक सोच को आधार नहीं बनाया जा सकताः तेलंगाना हाईकोर्ट
किसी आपराधिक मामले में निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए अभियोजन के अनुमानों और काल्पनिक सोच को आधार नहीं बनाया जा सकताः तेलंगाना हाईकोर्ट

तेलंगाना हाईकोर्ट ने हाल ही में भारतीय दंड संहिता, 1860 (आईपीसी) की धारा 304 भाग- II से संबंधित मामले में दोषसिद्धि को आदेश को रद्द कर दिया। हाईकोर्ट ने आदेश को रद्द करते हुए कहा कि किसी आपराधिक मामले में निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए मान्यताओं, अनुमानों और काल्पनिक सोच को आधार नहीं बनाया जा सकता।जस्टिस के. सुरेंदर की उक्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जब चश्मदीदों ने आखिरी बार मृतक को उसके घर पर अकेला देखा था, उसके बाद वह मृत पाई गई। उनके बयान विरोधाभासी नहीं है तो मृतक के पति को गैर इरादतन हत्या के...

यौन शोषण के बाद पीड़िता और आरोपी के शादी कर लेने या बच्चे का जन्म हो जाने मात्र से बलात्कार का अपराध कम नहीं होता: दिल्ली हाईकोर्ट
यौन शोषण के बाद पीड़िता और आरोपी के शादी कर लेने या बच्चे का जन्म हो जाने मात्र से बलात्कार का अपराध कम नहीं होता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि यौन शोषण के बाद पीड़िता और आरोपी के बीच शादी हो जाने या बच्चे का जन्म हो जाने मात्र से बलात्कार का अपराध कम नहीं हो जाता। इसने आगे कहा कि नाबालिग की सहमति अर्थहीन है और कानून की नजर में इसका कोई महत्व नहीं है।जस्टिस अनूप कुमार मेंदीरत्ता ने यह भी कहा कि नाबालिग को बहला-फुसलाकर और शारीरिक संबंध बनाने के बाद आरोपी द्वारा नाबालिग की सहमति का दावा करने के कृत्य को उचित नहीं माना जा सकता है, क्योंकि बलात्कार केवल पीड़िता के खिलाफ ही नहीं बल्कि पूरे समाज के खिलाफ अपराध है,...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य के धर्मांतरण विरोधी अध्यादेश को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य के धर्मांतरण विरोधी अध्यादेश को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार को धर्म परिवर्तन पर कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया।एक्टिंग चीफ जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस जे एम खाजी की खंडपीठ ने इवैनेलिकल फेलोशिप ऑफ इंडिया और ऑल कर्नाटक यूनाइटेड क्रिश्चियन फोरम फॉर ह्यूमन राइट्स द्वारा दायर जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया। याचिका का टाइटल- "धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार का कर्नाटक संरक्षण अध्यादेश, 2022"।अदालत ने राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर आपत्तियों पर जवाब दाखिल करने का निर्देश देते...

[प्राइवेसी पॉलिसी] सिर्फ इसलिए कि व्हाट्सएप का मालिक फेसबुक है, सीसीआई इसकी जांच नहीं कर सकता: दिल्ली हाईकोर्ट में मेटा ने कहा
[प्राइवेसी पॉलिसी] सिर्फ इसलिए कि व्हाट्सएप का मालिक फेसबुक है, सीसीआई इसकी जांच नहीं कर सकता: दिल्ली हाईकोर्ट में मेटा ने कहा

दिल्ली हाईकोर्ट में शुक्रवार को फेसबुक की मदर कंपनी मेटा ने बताया कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी के संबंध में इसकी जांच नहीं कर सकता।चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ के समक्ष व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी में सीसीआई की जांच में हस्तक्षेप करने से इनकार करने वाले एकल पीठ के आदेश के खिलाफ व्हाट्सएप और उसकी मूल कंपनी मेटा द्वारा दायर अपील में प्रस्तुतियां दी गईं।मेटा की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने तर्क दिया कि...

बेस्ट बेकरी केस: आरोपी ने तीस्ता सीतलवाड़ पर गवाहों को पढ़ाने का आरोप लगाया, ट्रायल ट्रांसफर की मांग की
बेस्ट बेकरी केस: आरोपी ने तीस्ता सीतलवाड़ पर गवाहों को पढ़ाने का आरोप लगाया, ट्रायल ट्रांसफर की मांग की

गुजरात के बेस्ट बेकरी मामले (Best Bakery Case) के दूसरे भाग में मुंबई में मुकदमे का सामना कर रहे दो आरोपियों में से एक ने मुकदमे में गवाहों को पढ़ाने का आरोप लगाया है और मामले को किसी अन्य अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश को ट्रांसफर करने की मांग की है।हर्षद सोलंकी द्वारा प्रधान सत्र न्यायाधीश वृषाली जोशी के समक्ष दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि मौजूदा ट्रायल जज ने उनकी आशंकाओं का संज्ञान नहीं लिया कि गवाहों को विशेष लोक अभियोजक द्वारा पढ़ाया जा रहा है। आवेदन गुजरात पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के बाद...

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कथित तौर पर फेसबुक पर ULFA समर्थक पोस्ट लिखने के मामले में UAPA के तहत आरोपी कॉलेज के छात्र को जमानत दी
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कथित तौर पर फेसबुक पर ULFA समर्थक पोस्ट लिखने के मामले में UAPA के तहत आरोपी कॉलेज के छात्र को जमानत दी

गुवाहाटी हाईकोर्ट (Gauhati High Court) ने गुरुवार को एक कॉलेज के छात्र (बोरशाहश्री बुरागोहेन / बोरशहरी बुरागोहेन) को जमानत दी, जिस पर कथित रूप से एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम-इंडिपेंडेंट (ULFA-I) का समर्थन करने वाले फेसबुक (Facebook) पोस्ट लिखने का आरोप लगाया गया है।जस्टिस अजीत बोरठाकुर की पीठ ने यह कहते हुए उन्हें जमानत दी कि चल रही जांच के हित में उनकी हिरासत को और जारी रखने की आवश्यकता नहीं हो सकती है। वह 18 मई, 2022 से, यानी 64 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में...

धारा 50 साक्ष्य अधिनियम | संबंध स्थापित करने के लिए स्कूल प्रमाणपत्रों को पेश न होना संबंध के विशेष ज्ञान वाले व्यक्ति पर अविश्वास करने का कोई आधार नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
धारा 50 साक्ष्य अधिनियम | संबंध स्थापित करने के लिए स्कूल प्रमाणपत्रों को पेश न होना संबंध के विशेष ज्ञान वाले व्यक्ति पर अविश्वास करने का कोई आधार नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि केवल स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत न करने से संपत्ति के स्वामित्व की घोषणा के एक मुकदमे में मृतक व्यक्ति के साथ वादी के संबंध स्थापित करने के लिए जांचे गए गवाहों के साक्ष्य मूल्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।ज‌स्टिस श्रीनिवास हरीश कुमार और जस्टिस एस रचैया की खंडपीठ ने 11.11.2019 के एक आदेश को चुनौती देने वाली धर्मराव और अन्य द्वारा दायर एक अपील को खारिज कर दिया, जिसमें वादी सैयद आरिफा परवीन द्वारा दायर मुकदमे की अनुमति दी गई, जिसमें उसे वादा भूमि का पूर्ण...

मद्रास हाईकोर्ट
मालिक जब्ती कार्यवाही में शामिल वाहन की वापसी का हकदार नहीं: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि जब भी कोई वाहन किसी अपराध में शामिल होता है तो जब जब्ती की कार्यवाही अधिकारियों के समक्ष लंबित हो तो उसे मालिक को वापस नहीं किया जा सकता है।जस्टिस भरत चक्रवर्ती न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा अंतरिम हिरासत को खारिज करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। विचाराधीन वाहन को तमिलनाडु निषेध अधिनियम की धारा 4(1)(एएए), 4(1-ए) के तहत अपराध में शामिल होने के लिए जब्त किया गया था। निचली अदालत ने कहा कि वैध मालिक को वाहन की अंतरिम हिरासत सौंपना वांछनीय...

झारखंड हाईकोर्ट
गिरफ्तारी प्रक्रिया का पालन करने में विफलता: झारखंड हाईकोर्ट ने न्यूज 11 भारत के पत्रकार को अंतरिम जमानत दी, पुलिस के खिलाफ अवमानना कार्रवाई पर विचार किया जाएगा

झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) ने न्यूज 11 भारत के पत्रकार अरूप चटर्जी को अंतरिम जमानत देते हुए कहा कि उन्हें सीआरपीसी की धारा 41-ए के तहत प्रक्रिया का पालन किए बिना और सीआरपीसी की धारा 80 और 81 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष आरोपी को पेश करने से संबंधित प्रक्रिया का पालन किए बिना गिरफ्तार किया गया था।जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की एकल न्यायाधीश खंडपीठ ने राज्य से अपने अधिकारियों के कृत्यों की व्याख्या करने वाला हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा और फिर अवमानना कार्यवाही शुरू करने की संभावना और...

मद्रास हाईकोर्ट
माता-पिता का अलगाव अपने आप में बाल शोषण का एक रूप: मद्रास हाईकोर्ट ने बच्चे से मुलाकात के लिए आए पति से पत्नी को अतिथि की तरह व्यवहार करने का निर्देश दिया

मद्रास हाईकोर्ट ने बच्चों की कस्टडी रखने वाले माता या पिता, उनसे मुलाकात के लिए आने वाले माता या पिता के प्रति व्यवहार पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, प्रत्येक बच्चे को माता-पिता दोनों के साथ एक सुरक्षित और प्रेमपूर्ण संबंध का अधिकार और आवश्यकता है।अदालत एक पिता द्वारा अपनी मां के साथ रहने वाले बच्चे से मिलने के अधिकार के संबंध में दायर एक आवेदन पर फैसला कर रही थी। उन्होंने तर्क दिया था कि हालांकि हर दूसरे दिन शाम 6 बजे से 8 बजे के बीच उनकी मुलाकात होती थी, लेकिन मां अब बच्चे को दिल्ली ले जाने और...

धारा 84 आईपीसी | अभियुक्त को चिकित्सकीय विक्षिप्तता नहीं, बल्‍कि कानूनी विक्षिप्तता साबित करनी होगी : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
धारा 84 आईपीसी | अभियुक्त को चिकित्सकीय विक्षिप्तता नहीं, बल्‍कि "कानूनी विक्षिप्तता" साबित करनी होगी : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने हाल ही में आईपीसी की धारा 84 के संदर्भ में 'कानूनी विक्षिप्तता' और 'चिकित्सा विक्षिप्तता' के बीच के अंतर स्पष्ट किया है। न्यायालय ने कहा कि मामले को आईपीसी की धारा 84 के दायरे में लाने के लिए अभियुक्तों को यह साबित करना होगा कि वे कानूनी वि‌‌क्षिप्तता से पीड़ित थे।जस्टिस जीएस अहलूवालिया और जस्टिस आरके श्रीवास्तव ने कहा, यहां तक ​​कि वि‌‌क्षिप्तता को भी आईपीसी की धारा 84 के तहत छूट नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति जो मानसिक रूप से बीमार है, वास्तव में...

केरल हाईकोर्ट
धारा 138 एनआई एक्ट | पावर ऑफ अटॉर्नी धारक के साक्ष्य तब तक विश्वसनीय नहीं होते जब तक कि उनके पास लेन-देन का उचित ज्ञान न हो: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि धारा 138 के तहत अपराध का आरोप लगाने वाले शिकायतकर्ता को ऐसे लेनदेन में अटॉर्नी होल्डर की शक्ति के ज्ञान के बारे में एक विशिष्ट दावा करना चाहिए।जस्टिस ए बदरुद्दीन ने कहा कि एक मुख्तारनामा धारक जिसे लेनदेन के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, उसे मामले में गवाह के रूप में पेश नहीं किया जा सकता है।कोर्ट ने कहा,"कानून इस बिंदु पर तय है कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत अपराध करने का आरोप लगाने वाली शिकायत को पावर ऑफ अटॉर्नी धारक के माध्यम से प्रस्तुत...

अतिथि देवो भवा- मद्रास हाईकोर्ट ने पत्नी से मुलाकात के दौरान अलग हुए पति के साथ अतिथि की तरह व्यवहार करने को कहा
"अतिथि देवो भवा"- मद्रास हाईकोर्ट ने पत्नी से मुलाकात के दौरान अलग हुए पति के साथ अतिथि की तरह व्यवहार करने को कहा

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि प्रत्येक बच्चे को माता-पिता दोनों के साथ सुरक्षित और प्रेमपूर्ण संबंध में रहने का अधिकार और आवश्यकता है।अदालत पिता द्वारा अपनी मां के साथ रहने वाले बच्चे से मिलने के अधिकार के संबंध में दायर आवेदन पर सुनवाई कर रही थी। उसने दलील दी कि हालांकि हर दूसरे दिन शाम छह से आठ बजे के बीच उनकी मुलाकात होती थी, लेकिन मां अब बच्चे को दिल्ली ले जाने और वहां बसने की योजना बना रही है। इस पर बच्चे की मां ने कहा कि उसका ऐसा कोई इरादा नहीं है। इसके साथ ही उसने पूर्व के आदेश में...

केरल हाईकोर्ट
चाइल्ड प्रेग्नेंसी और पोर्न तक आसान पहुंच से चिंतित, केरल हाईकोर्ट ने उचित यौन शिक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया

केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को चाइल्ड प्रेग्नेंसी की बढ़ती संख्या के बीच स्कूलों में पर्याप्त यौन शिक्षा की स्पष्ट अनुपस्थिति पर चिंता व्यक्त की, जो दुर्भाग्य से, अक्सर करीबी रिश्तेदारों द्वारा किए गए यौन शोषण का परिणाम होती है।जस्टिस वी.जी. अरुण ने अधिकारियों से राज्य के स्कूलों में दी जा रही यौन शिक्षा और इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर पुनर्विचार करने को कहा है। बेंच ने कहा, ''मैं चाइल्ड प्रेग्नेंसी की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त करने के लिए मजबूर हूं, जिसमें कम से कम कुछ...