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मेंटल हेल्थ एक्ट केसों में हाईकोर्ट के दखल के बाद निचली अदालतों में अब जल्द सुनवाई होगी पूरी
मेंटल हेल्थ एक्ट केसों में हाईकोर्ट के दखल के बाद निचली अदालतों में अब जल्द सुनवाई होगी पूरी

पांच महीने पहले ही दिल्ली हाईकोर्ट ने मानसिक रूप से बीमार भाई के इलाज के लिए उसकी संपत्ति बेचने की याचिका पर सुनवाई में देरी पर नाराजगी जाहिर की थी। अब  दिल्ली के जिला एवं सत्र जज ( मुख्यालय) ने सभी न्यायिक अफसरों को निर्देश दिया है कि एेसे मामलों का निपटारा 90 दिनों के भीतर किया जाए।जिला एवं सत्र जज ( मुख्यालय) तलवंत सिंह ने ये निर्देश जारी करते हुए कहा है कि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के तहत मेंटल हेल्थ एक्ट 1987 के सेक्शन 77 के मामलों को 90 दिनों के भीतर निपटाया जाए। अगर अपरिहार्य कारण हों तो छह...

निजता मौलिक अधिकार, सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संविधान पीठ ने जोडा नया अध्याय [निर्णय पढ़ें]
निजता मौलिक अधिकार, सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संविधान पीठ ने जोडा नया अध्याय [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने भारत के संविधान में नए अध्याय को जोड दिया है। अब निजता का अधिकार एक मौलिक अधिकार होगा। एक एेहतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने निजता के अधिकार, यानी राइट टु प्राइवसी को मौलिक अधिकार का हिस्सा करार दिया है। नौ जजों की संविधान पीठ ने 1954 और 1962 में दिए गए फैसलों को पलटते हुए कहा कि राइट टु प्राइवेसी मौलिक अधिकारों के तहत संविधान के अनुच्छेद 21 के जीवन के अधिकार का ही हिस्सा है। जजों ने सहमति जताई लेकिन कारण अलग अलग दिए हैं।सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संविधान पीठ राइट टू...

घर वापसी का मुद्दा पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, दलित क्रिश्चिएनों ने मांगा अनुसूचित जाति के तहत आरक्षण
घर वापसी का मुद्दा पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, दलित क्रिश्चिएनों ने मांगा अनुसूचित जाति के तहत आरक्षण

घर वापसी का मुद्दा अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। आल इंडिया कैथोलिक यूनियन और राजनितिक एक्टिविस्ट जॉन दयाल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दलित क्रिश्चियन को अनुसूचित जाति के तहत आरक्षण देने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में संविधान के 1950 (SC) आदेश के पैरा 3 को चुनौती है जिसमें कहा गया है कि हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के अलावा अन्य किसी को अनुसूचित जनजाति के तहत...

खेलों की लाइव फीड केबल आपरेटरों से साझा नहीं कर सकता प्रसार भारती : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
खेलों की लाइव फीड केबल आपरेटरों से साझा नहीं कर सकता प्रसार भारती : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

क्रिकेट व राष्ट्रीय महत्व के खेलों की प्राइवेट ब्रॉडकास्टर के साझा की हुई फीड को प्रसार भारती अब सिर्फ टेरेस्ट्रियल नेटवर्क (terrestrial network) या फिर दूरदर्शन की DTH पर ही दिखा सकता है। कोर्ट ने कहा है कि प्रसार भारती इस लाइव फीड को केबल आपरेटरों को ये फीड नहीं दे सकता।जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस नवीन सिन्हा की बेंच ने स्पोर्टस एक्ट 2007 के सेक्शन तीन का हवाला देते हुए कहा कि निजी ब्रॉडकास्टर को राष्‍ट्रीय महत्‍व रखने वाले खेलों को प्रसार भारती के साथ शेयर करना आवश्‍यक होगा, लेकिन प्रसार...

निचली अदालतों के लिए जजों की केंद्रीयकृत चयन प्रक्रिया का कई राज्यों व हाईकोर्ट ने किया विरोध, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली
निचली अदालतों के लिए जजों की केंद्रीयकृत चयन प्रक्रिया का कई राज्यों व हाईकोर्ट ने किया विरोध, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली

निचली अदालतों में जजों की  नियुक्ति के लिए केंद्रीयकृत चयन प्रक्रिया ( CSM) के मुद्दे पर कई राज्यों व हाईकोर्ट की आपत्ति के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई को दो हफ्ते के लिए टाल दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेकर मामले की सुनवाई शुरु की है।इसका मतलब ये है कि अब ये मामला दोबारा से सुना जाएगा क्योंकि बेंच में शामिल चीफ जस्टिस जे एस खेहर 27 अगस्त को रिटायर हो रहे हैं और नए चीफ जस्टिस अब इस मामले की सुनवाई के लिए नई बेंच का गठन करेंगे। कोर्ट ने केस में एमाइक्स क्यूरी वरिष्ठ वकील अरविंद...

सुप्रीम कोर्ट का एेहतिहासिक फैसला, 1400 साल पुराना तीन तलाक अंसवैधानिक करार [निर्णय पढ़ें]
सुप्रीम कोर्ट का एेहतिहासिक फैसला, 1400 साल पुराना तीन तलाक अंसवैधानिक करार [निर्णय पढ़ें]

 सुप्रीम कोर्ट ने एक एेहतिहासिक फैसले में मुस्लिम समुदाय में 1400 सालों से चल रहे तीन तलाक(तलाक-ए-बिद्दत) के प्रचलन को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि तीन तलाक, मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।पांच जजों की संविधान पीठ ने बहुमत (3:2) के आधार पर दिए गए इस फैसले में कहा है कि तीन तलाक साफ तौर पर मनमाना है क्योंकि इसके तहत मुस्लिम पुरुष वैवाहिक संबंधों को खत्म करने की इजाजत देता है वह भी संबंध को बचाने का प्रयास करने के बगैर।  लिहाजा संविधान के अनुच्छेद-25 यानी धार्मिक...

लोगों के करोडों रुपये सडकों पर  खर्च , फिर भी हैं परेशानी : गुजरात हाईकोर्ट
लोगों के करोडों रुपये सडकों पर खर्च , फिर भी हैं परेशानी : गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने अहमदाबाद की खस्ताहाल  सडकों पर नाराजगी जताते हुए अहमदाबाद नगर निगम से सडकों के कांट्रेक्ट और मरम्मत संबंधी वर्क आर्डर की चार हफ्ते में विजिलेंस रिपोर्ट मांगी है।हाईकोर्ट में जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस बीएन कारिया की बेंच ने कहा है कि एेसा लगता है कि निगम ने लोगों के टैक्स के करोडों रुपये खर्च कर दिए लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला। एेसे में या तो सडकें बनाई ही नहीं गई या फिर उनका रखरखाव सही से नहीं हुआ जिसकी वजह से आम नागरिक परेशान हो रहे हैं।हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि...

सासंद अपनी सासंद निधि का खुलासा करने को बाध्य, CIC ने संसदीय पार्टियों को RTI के दायरे में लाने के लिए सुझाव मांगे।
सासंद अपनी सासंद निधि का खुलासा करने को बाध्य, CIC ने संसदीय पार्टियों को RTI के दायरे में लाने के लिए सुझाव मांगे।

केंद्रीय सूचना आयोग ने बीजेपी और अन्य राजनीतिक पार्टियों से इस मुद्दे पर विचार मांगे हैं कि क्यों ने सभी विधायी और संसदीय पार्टियों के RTI एक्ट के दायरे में लाया जाए और पार्टियां स्वैच्छिक तौर पर MPLAD योजना  के तहत कार्यों के लिए जारी फंड का खुलासा क्यों नहीं करतीं ? आयोग ने कहा है कि सिद्धांत के मुताबिक सभी विधायी या संसदीय पार्टियों को पब्लिक अथॉरिटी समझा जाना चाहिए।सूचना आयुक्त एम श्रीधर अर्चायुलु ने केंद्र और राज्यों की राजनीतिक पार्टियों से उनके विचार मांगे हैं तो साथ ही सिविल सोसाइटी...

समान कार्य और समान शैक्षणिक योग्यता वाले पद के लिए समान वेतन भी हो : सुप्रीम कोर्ट
समान कार्य और समान शैक्षणिक योग्यता वाले पद के लिए समान वेतन भी हो : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि समान पद, समान कार्य और समान शैक्षणिक योग्यता होने पर समान वेतन भी होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने ये व्यवस्था पंजाब सरकार की याचिका पर सुनवाई के दौरान दी जिसमें हाईकोर्ट से उस आदेश को चुनौती दी गई है हाईकोर्ट ने कहा था कि 8 जुलाई 1995 से पहले भर्ती किए गए वोकेशनल मास्टर को वोकेशनल लेक्चरर के बराबर वेतन मिलना चाहिए।दरअसल पहले वोकेशनल मास्टर के लिए पहले डिग्री की योग्यता रखी गई थी लेकिन 1992-1993 में इसमें बदलाव कर डिप्लोमा कर दिया गया। इसकी वजह से वोकेशनल मास्टर के दो वर्ग...

सुप्रीम कोर्ट ने मालेगांव धमाके के आरोपी कर्नल पुरोहित को दी जमानत, हाईकोर्ट का पलटा फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने मालेगांव धमाके के आरोपी कर्नल पुरोहित को दी जमानत, हाईकोर्ट का पलटा फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने 2008 में हुए मालेगांव ब्लास्ट मामले में आरोपी लेफ्टीनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित को जमानत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने बोंबे हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया है। जमानत देते हुए जस्टिस आर के अग्रवाल और जस्टिस ए एम सपरे ने कहा कि प्रथम दृष्टया पुरोहित जमानत के हकदार लगते हैं।सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें एक लाख का निजी मुचलका, इतनी ही राशि की दो श्योरिटी जमा करने को कहा है। कोर्ट ने कहा है कि कर्नल पुरोहित जब भी ट्रायल कोर्ट बुलाएगा, कोर्ट में हाजिर होंगे और वो देश छोडकर नहीं...

पथरीबल एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार, केंद्र और सीबीआई को नोटिस
पथरीबल एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार, केंद्र और सीबीआई को नोटिस

साल 2000 में जम्मू एवं कश्मीर के पथरीबल में हुए एनकाउंटर के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने का निर्णय लेते हुए  केंद्र सरकार और सीबीआई को नोटिस जारी किया है। जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए एम खानवेलकर और जस्टिस एम एम शांतनागोदर बेंच ने नोटिस जारी करने के बाद मामले की 6 हफ्ते बाद अंतिम सुनवाई करने का निर्देश जारी किया है।पीडित परिवार वालों वे सुप्रीम कोर्ट में दायर इस संबंध में दायर याचिका में दावा किया गया है कि इस फर्जी एनकाउंटर में पांच निर्दोष गांव वालों को मार दिया गया था लेकिन सेना ने...

थैलेसीमिया पीडित को एक हफ्ते में MBBS में दाखिला मिले : सुप्रीम कोर्ट
थैलेसीमिया पीडित को एक हफ्ते में MBBS में दाखिला मिले : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने थैलेसीमिया से पीडित को मेडिकल कोर्स में काउंसलिंग  और दाखिला देने के आदेश दिए हैं। दरअसल राइट ऑफ पर्सन विद डिसेबिलिटी एक्ट 2016 के तहत बेंचमार्क डिसेबिलिटी माना गया है।पिछले हफ्ते ही सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ सरकार को मेडिकल बोर्ड का गठन कर आवेदक की जांच कराने का आदेश दिया था। जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए एम खानवेलकर और जस्टिस एम एम शांतनागोदर ने शुक्रवार को मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर विचार किया। इस रिपोर्ट मे कहा गया था कि आवेदक पूरी तरह थैलेसीमिया से पीडित है। वहीं राज्य सरकार...

एनडीएमसी इलाके में प्रॉप्रटी टैक्स देने वालों को भारी राहत, दिल्ली हाई कोर्ट ने बॉयलॉज को अमान्य करार दिया  जिनसे लिया है ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स उसे एनडीएमसी वापस करेगी प्रॉपर्टी टैक्स
एनडीएमसी इलाके में प्रॉप्रटी टैक्स देने वालों को भारी राहत, दिल्ली हाई कोर्ट ने बॉयलॉज को अमान्य करार दिया जिनसे लिया है ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स उसे एनडीएमसी वापस करेगी प्रॉपर्टी टैक्स

एनडीएमसी (न्यू डेल्ही म्युनिसिपल काउंसिल) इलाके में प्रॉपर्टी टैक्स पेमेंट करने वालों को भारी राहत मिली है। दिल्ली हाई कोर्ट ने एनडीएमसी (डिटरमिनेशन ऑफ एन्युअल रेंट ) बायलॉज 2009 को खारिज कर दिया है। साथ ही कहा है कि उसने इस दौरान जो प्रॉपर्टी टैक्स वसूलें हैं उसे वापस किया जाए।बॉयलॉज में बदलाव कर कहा गया था कि लैंड और बिल्डिंग की सालाना टैक्स लगेगी। इसके लिए यूनिट एरिया मानक (यूएएम) तय की गई थी।  यूएएम के तहत पहला यूनिट एरिया वैल्यू (यूएवी) के तहत प्रति वर्ग फीट व मीटर के तहत रेट तय किया गया था...

सुप्रीम कोर्ट का आदेश, 23 अगस्त को सीबीआई के सामने पेश हों कार्ति चिदंबरम
सुप्रीम कोर्ट का आदेश, 23 अगस्त को सीबीआई के सामने पेश हों कार्ति चिदंबरम

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के खिलाफ लुक आउट कार्नर नोटिस का मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कार्ति को 23 अगस्त कोसीबीआई के सामने पेश होने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि कार्ति को केस से संबंधित कागजात के साथ सीबीआई के सामने पेश हों। दिल्ली के सीबीआई हेडक्वार्टर में पेश होकर पूछताछ के वक्त कार्ति का वकील सीबीआई हेडक्वार्टर में दूसरे कमरे में रह सकता है।हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट की निगरानी में जांच से इंकार कर दिया है। चीफ जस्टिस जे एस खेहर और...

अब दस साल की रेप पीडिता को 10 लाख के मुआवजे की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और चंडीगढ प्रशासन को नोटिस जारी किया
अब दस साल की रेप पीडिता को 10 लाख के मुआवजे की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और चंडीगढ प्रशासन को नोटिस जारी किया

बिहार के बाद अब बारी चंडीगढ की है। चंडीगढ़ में दस  साल की रेप पीड़ित बच्ची के मामले में  सुप्रीम कोर्ट ने बच्ची को मुआवजा ना दिए जाने पर नाराजगी जताते हुए इसचंडीगढ प्रशासन , नेशनल लीगल सर्विस अथारिटी और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ प्रशासन के मामले में चार्जशीट दाखिल करने तक इंतजार करने के नियम को बेतुका करार दिया है। कोर्ट इस मामले की सुनवाई 22 अगस्त को करेगा।जस्टिस मदन बी लोकुर की बेंच में सुनवाई के दौरान एमिक्स क्यूरी इंदिरा जयसिंह ने कोर्ट को बताया कि...