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पूर्व पति के खुलासे के बाद कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से महिला शादीशुदा है कि नहीं यह पता लगाने को कहा
जो हुआ है वह किसी बंबईया फिल्म की कहानी से कम नहीं है। पता चला है कि एक महिला ने सिर्फ अपने पतियों से पैसा वसूलने के लिए कई शादियाँ कीं।बाहरी दिल्ली के सिरसपुर गाँव का रहने वाला ट्रक ड्राईवर बलविंदर सिंह अपने नन्हे बेटे को कंधे पर उठाकर रोहिणी जिला अदालतों का इन दिनों चक्कर लगा रहे हैं। वह अपनी पूर्व पत्नी शालू को बेनकाब करने का प्रयास कर रहे हैं जो, उनके अनुसार एक फर्जी शादी का रैकेट चला रही है।शालू उर्फ मलकीत कौर ने कथित रूप से कई शादियाँ की और बलविंदर सहित अपने सभी पतियों और कई मामलों में इन...
आधार कार्ड नहीं होने के कारण सूचना नहीं देना आरटीआई अधिनियम का गंभीर उल्लंघन : सीआईसी [आर्डर पढ़े]
केंद्रीय सूचना आयोग ने अभी हाल ही में कहा कि आधार नहीं होने के कारण कोई सूचना नहीं देना सूचना के अधिकार का गंभीर उल्लंघन है जिसकी गारंटी आरटीआई अधिनियम में दी गई है। इसके साथ ही यह सूचना मांगने वाले व्यक्ति को परेशान करना भी है।मामला क्या हैसरकारी नियंत्रणवाली हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (हडको) का यह कहना है कि वह अपने व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए उपहार और स्मृतिचिन्हों (मेमेंटोज) पर जो लाखों रुपए खर्च करता है उसका हिसाब नहीं रखता। केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने कहा है कि...
“क्या आपको पता है आपके आवेदन का हश्र?, सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में संशोधन चाहने वाले अधिवक्ता को आगाह करते हुए पूछा
सुप्रीम कोर्ट के अवकाशकालीन पीठ के न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता ने कोर्ट की प्रक्रिया का दुरुपयोग करने के लिए एक एडवोकेट को आगाह किया। एडवोकेट विशेष अनुमति याचिका द्वारा 15 दिसंबर को दिए गए एक आदेश में संशोधन के लिए याचिका दायर करने वाले की पैरवी कर रहा था। कोर्ट ने इस विशेष अनुमति याचिका को खारिज कर दिया।इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 16 नवंबर को रिव्यु के बाद फैसला सुनाया। अपने फैसले में हाई कोर्ट ने वर्तमान याचिकाकर्ता के आवेदन को सीपीसी के आदेश VIII के नियम 10 के तहत एसएलपी को...
बॉम्बे हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति एसके शिंदे की नियुक्ति के खिलाफ एडवोकेट ने दायर की याचिका [याचिका पढ़े]
बॉम्बे हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले एडवोकेट उल्हास नाइक ने न्यायमूर्ति एसके शिंदे को बॉम्बे हाई कोर्ट का अतिरिक्त जज नियुक्त किए जाने के निर्णय को एक याचिका दायर कर चुनौती दी है। नाइक का कहना है कि शिंदे जब जिला/सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्य कर रहे थे तब उनको जनहित में अनिवार्य रूप से रिटायर कर दिया गया गया था।याचिकाकर्ता ने अनुरोध किया है कि बार में शिंदे को प्रोमोट करने से पहले उनके बारे में खुफिया ब्यूरो, न्याय विभाग और क़ानून व न्याय मंत्रालय के रिकार्ड्स को सामने रखा जाए। इससे पहले जब...
जजों के पार्किंग स्टीकर का दुरुपयोग रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी, अब स्टीकरों पर कैडर और वाहन नंबर भी होंगे
यह सर्वविदित तथ्य है कि “प्रेस”, “आर्मी”, “पुलिस” और “जज” के स्टीकरों का आपराधिक तत्व दुरुपयोग करते रहे हैं. ऐसे स्टीकरों वाले वाहनों का अपराधों में प्रयोग होता रहा है।बहुत सारे इस तरह के मामलों में प्रयोग किए गए स्टीकर नकली होते हैं पर ऐसे भी मामले हुए हैं जब इन स्टीकरों का प्रयोग ऐसे वाहनों पर होने का मामला सामने आया है जिन वाहनों को उनके मालिक निजी तौर पर प्रयोग नहीं करते।इन स्टीकरों का दुरूपयोग रोकने और जज कार पार्किंग स्टीकर के प्रयोग को व्यवस्थित करने के लिए कुछ दिशानिर्देश जारी किए गए...
कंपनियों के निदेशकों के लिए विलंब योजना की सहूलियत: दिल्ली HC ने व्यापक प्रचार के आदेश दिए [आर्डर पढ़े]
कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA ) ने आखिरकार अपनी देनदारी योजना '2018' जारी कर दी है। दरअसल कंपनी के बड़ी संख्या में निदेशक मंडल द्वारा लगातार तीन साल की अवधि के लिए वार्षिक रिटर्न या वित्तीय वक्तव्य दाखिल करने में चूक करने पर अयोग्य ठहराए जाने से राहत मांगने के लिए विभिन्न हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की गई थी। देरी का सहारा (COD ) योजना से कंपनियों के साथ जुड़े 3,0 9, 614 निदेशकों को लाभ होगा, जो वित्तीय वक्तव्यों या MCA 21 ऑनलाइन रजिस्ट्री में 2013-14 से 2015-16 के तीन वित्तीय वर्षों की निरंतर...
संसद में मंत्री का बयान : सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट में खाली पदों को भरने के लिए कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ
केंद्रीय क़ानून, न्याय और कॉर्पोरेट मामलों के राज्यमंत्री पीपी चौधरी ने बुधवार को लोकसभा में बताया कि सरकार को सुप्रीम कोर्ट में छह जजों और नौ हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। देश के नौ उच्च न्यायालयों में मुख्य न्यायाधीश नहीं हैं। इन सभी उच्च न्यायालयों का काम कार्यवाहक न्यायाधीश देख रहे हैं।मंत्री ने तेलुगु देशम पार्टी के सांसद कोनकल्ला नारायण राव और जेसी दिवाकर रेड्डी एवं शिव सेना सांसद रवीन्द्र विश्वनाथ गायकवाड ने जजों के खाली पदों, उच्च न्यायालयों...
AAP रैली में खुदकुशी करने वाले किसान को शहीद का दर्जा देने के फैसले के खिलाफ याचिका दिल्ली HC ने खारिज की [निर्णय पढ़ें]
दिल्ली हाईकोर्ट मे आम आदमी पार्टी की रैली के दौरान खुदकुशी करने वाले किसान को शहीद का दर्जा दिए जाने के दिल्ली सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। ये घटना AAP द्वारा लैंड बिल के खिलाफ आयोजित जंतर मंतर पर रैली के दौरान हुई थी।एक्टिंग चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सी हरिशंकर ने पाया कि उपराज्यपाल ने पहले ही प्रस्ताव पर पुन: निरीक्षण के लिए गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय को कहा है।कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा हालांकि याचिकाकर्ता ने पब्लिक फंड के इस्तेमाल को लेकर अहम...
हरियाणा न्यायिक परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामला : कोर्ट ने विशेष जांच दल बनाया, पूर्व भर्ती रजिस्ट्रार गिरफ्तार
पंजाब और हरियाणा कोर्ट के आदेश पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने राज्य के पूर्व रजिस्ट्रार (भर्ती) डॉ. बलविंदर शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। डॉ. शर्मा के खिलाफ इस बात के सबूत हैं कि वे इस मामले के मुख्य आरोपी के साथ लगातार संपर्क में थे। एसआईटी का नेतृत्व एसपी (अपराध और जांच) रवि कुमार सिंह कर रहे हैं। शर्मा को रोपड़ से गिरफ्तार किया गया।जांच से पता चला कि शर्मा और इस परिक्षा में बैठने वाली सुनीता और सुशीला के बीच सैकड़ों बार फोन पर बातें हुईं। ये दोनों ही उम्मीदवार बाद में इस परिक्षा में क्रमशः...
किसी व्यक्ति को खुली जमीन खासकर सरकारी जमीन का अंतिम संस्कार के लिए प्रयोग करने का अधिकार नहीं है : दिल्ली हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
दिल्ली हाई कोर्ट की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को किसी खुले स्थान विशेषकर सरकारी जमीन का प्रयोग अंतिम संस्कार के लिए करने का अधिकार नहीं है। एक एनजीओ कब्रिस्तान इंतजामिया एसोसिएशन ने पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके के में एक सरकारी जमीन पर अपना दावा जताया था। इस बारे में दायर उसकी याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी।एनजीओ ने एक विधायक के बयान के आधार पर पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में विपिन गार्डन के सरकारी जमीन के हिस्से को...
एड-हॉक रोजगार शुरू करने से पहले पीएचडी छात्रों को दो साल की आवश्यक रेजिडेंसी अवधि पूरी करने की जरूरत नहीं : दिल्ली हाई कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा पीएचडी के छात्रों के साथ होने वाली नाइंसाफी को समाप्त करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि अब एड-हॉक रोजगार शुरू करने से पहले पीएचडी छात्रों को दो साल की आवश्यक रेजिडेंसी अवधि पूरी करने की जरूरत नहीं है। हाई कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसे छात्रों के सुपरवाइजर और विभागीय शोध समिति ने इसकी अनुमति दे दी है तो इस अवधि को पूरा करने की उनको जरूरत नहीं है।न्यायमूर्ति इन्दरमीत कौर ने दीपक कुमार गुप्ता की याचिका पर सुनवाई के बाद यह फैसला दिया। दीपक दिल्ली विश्वविद्यालय के...
कानून की छात्रा के पत्र पर दिल्ली हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, सुनने में लाचार को भी DJS-2018 में मिलेगा आरक्षण, उम्र में छूट
एक बडे उदाहरण में में दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विसेज (DJS ) परीक्षा में 'शारीरिक विकलांगता' (PH) उम्मीदवारों के लिए आरक्षण और आयु में छूट का लाभ सुनने से लाचार लोगों तक बढा दिया गया है वो भी बिना किसी मुकदमे के। दरअसल सुनने ये लाचार एक छात्र नेदिल्ली उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी को इसके लिए पत्र लिखा था और 23 दिसंबर की हाईकोर्ट की अधिसूचना में 2017 के लिअ डीजेएस परीक्षा के लिए आवेदन आमंत्रित करते हुए सुनने से लाचार उम्मीदवारों को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है।गौरतलब है कि 20 अप्रैल...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रेप के आरोपी को दी जमानत, फैसले में पीडिता का नाम लिखकर न्यायिक जनादेश का उल्लंघन किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने IPC 354 C, 376 और 506 के तहत रेप और धमकी देने के मामले के आरोपी को जमानत दे दी है। उस पर 2000 के सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 और 67 ए और के तहत भी आरोप हैं। ये आरोप निजता में खलल और निजी तस्वीरों को प्रकाशित करने पर लगाए गए।इसके अलावा, यौन अपराध मामलों में पीड़ित की पहचान उजागर करने के खिलाफ न्यायिक जनादेश का उल्लंघन करते हुए वर्तमान फैसले में पीडिता के नाम का 10 बार उल्लेख किया गया है। दरअसल 2003 में, भूपिंदर शर्मा बनाम हिमाचल प्रदेश [(2003) 8 एससीसी 551) में...
मानसिक विकलांगता से ग्रस्त व्यक्ति को अपने भाई को गुर्दा देने की इजाजत देने से बॉम्बे हाई कोर्ट ने इंकार किया [निर्णय पढ़ें]
बॉम्बे हाई कोर्ट ने मानसिक रूप से अस्थिर एक व्यक्ति को अपना गुर्दा अपने भाई को देने की इजाजत नहीं दी।इस व्यक्ति के माता-पिता और दो बेटों ने हाई कोर्ट से अपील की थी कि एक बेटा जो कि मानसिक रूप से अस्थिर है, मानव अंग प्रत्यारोपण और ऊतक अधिनियम, 1994 की धारा 2(f) के तहत अपना अंग या ऊतक दान करना चाहता है। उन्होंने तर्क दिया कि अंग दान करने वाले को हल्के या मध्यम मानसिक मंदता से पीड़ित होने की स्थिति में यह फैसला किया जा सकता है कि क्या वह खुद के लिए निर्णय लेने की स्थिति में है या क्या वह यह जानता...
बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा, नोटिस ऑफ़ मोशन पर एकपक्षीय आदेश सिर्फ हम पास कर सकते हैं [निर्णय पढ़ें]
बॉम्बे हाई कोर्ट ने हाल में एक फैसले में कहा कि ओरिजिनल साइड रूल्स के नियम 90 के तहत नोटिस ऑफ़ मोशन पर एकपक्षीय निर्णय सिर्फ यह कोर्ट ही दे सकता है और सीपीसी के आदेश VIII के तहत यह नहीं दिया जा सकता।न्यायमूर्ति जीएस पटेल ने अपने 7 मार्च 2014 को दिए आदेश को वापस लेने में सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों और हाई कोर्ट के दो खंडपीठों के निर्णयों का अनुकरण किया है।मामले की पृष्ठभूमिमुद्दई मधु गुप्ता द्वारा दायर एक मामले में जब 7 मार्च 2014 को न्यायमूर्ति पटेल ने एकपक्षीय फैसला सुनाया तो मुद्दालह ने याचिका...
हमें अपनी धार्मिक सहिष्णुता के लिए जाने जाने पर गर्व है और हमें इसे अपने देश के विकास और आगे बढ़ने के लिए बनाए रखना होगा: मद्रास हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
“ हमें अपनी धार्मिक सहिष्णुता के लिए जाने जाने पर गर्व है और हमें इसे अपने देश के विकास और आगे बढ़ने के लिए बनाए रखना होगा, “ हाईकोर्ट ने कहा मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु के कन्याकुमारी में एक निजी भूमि में क्रिसमस का जश्न मनाने की इजाजत दे दी है। इस जमीन पर पुलिस अधिकारियों ने कानून और व्यवस्था की समस्याओं का हवाला देते हुए क्रिसमस मनाने की मंजूरी नहीं दी थी।पेश मामले में एस जयप्रकाश ने हाईकोर्ट को बताया कि उनकी मां क्रिसमस मनाने के लिए अपनी निजी जमीन का इस्तेमाल करने के लिए एक ईसाई समाज को...
सोहराबुद्दीन ट्रायल : पत्रकारों ने मीडिया गैग आदेश को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी
सोहराबुद्दीन शेख, कौसर बी और तुलसीराम प्रजापति की कथित फर्जी मुठभेड मामले की सुनवाई की रिपोर्टिंग पर रोक के सीबीआई कोर्ट के जज के आदेश को नौ पत्रकारों ने बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी है।29 नवंबर को सोहराबुद्दीन शेख और तुलसीराम प्रजापति की कथित फर्जी मुठभेड की सुनवाई कर रहे सीबीआई के विशेष जज सुनील कुमार शर्मा ने सख्त कदम उठाते हुए मीडिया को निर्देश दिए थे कि वो कोर्ट की कार्रवाई की रिपोर्टिंग ना करे। हालांकि अदालती कार्रवाई के दौरान मीडियाकर्मी कोर्ट में मौजूद रह सकते हैं लेकिन उसकी रिपोर्टिंग...
प्रयोजनों पर मनोरंजन कर के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने सुनाया विभाजित फैसला [निर्णय पढ़ें]
दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को प्रयोजनों पर मनोरंजन कर लगाने के मामले में विभाजित फैसला दिया।कोर्ट इस मामले में 22 याचिकाओं की सुनवाई कर रहा था जिसमें दिल्ली एंटरटेनमेंट एंड बेटिंग टैक्स एक्ट में संशोधन को चुनौती दी गई है। इस संशोधन के अनुसार धारा 6(1) के तहत किसी मनोरंजन स्थल पर प्रवेश पर कर लगाने का प्रावधान है। धारा 2(m) के तहत “प्रवेश पर भुगतान” की परिभाषा है “ऐसा कोई भी भुगतान जो कि “मनोरंजन से जुड़ा हुआ है और जो कि किसी व्यक्ति को चुकाना पड़ता है...”।यह संशोधन प्रायोजन की राशि को ‘प्रवेश के...
बॉम्बे हाई कोर्ट ने 60 दिनों से न्यायिक हिरासत में कैद व्यक्ति को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया [निर्णय पढ़ें]
बॉम्बे हाई कोर्ट ने उस व्यक्ति को कोर्ट में पेश करने को कहा है जो निर्धारित 60 से ज्यादा दिनों से न्यायिक हिरासत में बंद है।न्यामूर्ति एससी धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति भारती डांगरे की पीठ ने कहा कि 60 से ज्यादा दिनों तक जेल में रखना आपराधिक प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 167(2) और संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है।मामले की पृष्ठभूमिजेल में बंद व्यक्ति रोहित के पिता राजकुमार भागचंद जैन ने याचिका दाखिल की है। रोहित को सीबीआई के आर्थिक मामले की शाखा ने एक मामले में 19 सितम्बर 2017 को हिरासत में...
कोई सार्वजनिक कार्य करने वाला आम चैरिटेबल ट्रस्ट सार्वजनिक संस्था की श्रेणी में आएगा या नहीं यह निर्णय दिल्ली हाई कोर्ट की वृहत पीठ करेगी [निर्णय पढ़ें]
दिल्ली हाई कोर्ट के एकल पीठ ने शुक्रवार को दिल्ली रेंट कंट्रोल अधिनियम, 1958 की धारा 14(1)(e) और 22 के बीच संबंधों से जुड़े कई तरह के प्रश्नों पर निर्णय के लिए इसे एक वृहत पीठ को सौंप दिया है।अधिनियम की धारा 14(1)(e) के तहत अगर कोई मकान मालिक यह दिखाता है कि उसके पास कोई और उपयुक्त आवासीय सुविधा उपलब्ध नहीं है और जिस भवन को उसने किराए पर लगाया है वह उसे अपने प्रयोग के लिए चाहिए तो उस स्थिति में वह किराएदार को हटाने के लिए उचित अधिकारी को आवेदन कर सकता है। धारा 22 भी यह कहता है कि मकान मालिक अगर...


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![मानसिक विकलांगता से ग्रस्त व्यक्ति को अपने भाई को गुर्दा देने की इजाजत देने से बॉम्बे हाई कोर्ट ने इंकार किया [निर्णय पढ़ें] मानसिक विकलांगता से ग्रस्त व्यक्ति को अपने भाई को गुर्दा देने की इजाजत देने से बॉम्बे हाई कोर्ट ने इंकार किया [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/12/Organ-Transplantation.jpg)
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