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ब्लू व्हेल गेम को अात्महत्या के लिए उकसाने का मामला बतायाः केंद्र ने एडवाइजरी जारी की
ब्लू व्हेल गेम को अात्महत्या के लिए उकसाने का मामला बतायाः केंद्र ने एडवाइजरी जारी की

केंद्र सरकार ने ब्लू व्हेल गेम्स को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला माना है और इस मामले में एडवाइजरी जारी की है। सरकार ने तमाम पैरेंट्स से कहा है कि वह अपने बच्चों पर नजर रखें और देखें कि उसके अंदर कोई बदलाव तो नहीं है। उनसे ब्लू व्हेल गेम्स के बारे में बात करें न करें क्योंकि इससे उनके अंदर इस गेम्स को सर्च करने की इच्छा प्रबल होगी।मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है। डाउनलोड के लिए ये उपलब्ध नहीं है लेकिन फिर भी ये गेम एडमिनिस्ट्रेटर द्वारा...

रोहिंग्या मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार के सामने पश्चिम बंगाल बाल अधिकार संरक्षण आयोग
रोहिंग्या मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार के सामने पश्चिम बंगाल बाल अधिकार संरक्षण आयोग

रोहिंग्या मुस्लिमों को वापस बर्मा भेजने के मामले में एक नया मोड आ गया है। अब पश्चिम बंगाल बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। याचिका में पश्चिम बंगाल के शेल्टर होम और सुधार गृहों में मौजूद 44 बच्चों व उनकी मां को वापस ना भेजने की गुहार लगाई गई है।गुरुवार को आयोग की ओर से चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के सामने केस को मेंशन किया गया। चीफ जस्टिस अन्य अर्जियों के साथ तीन अक्तूबर को याचिका पर सुनवाई करने को तैयार हो गए हैं। सुप्रीम कोर्ट में...

डीडीए का मतलब  डोंट डू एनीथिंग, नहीं जानते अफसर रूल ऑफ लॉ और रूल ऑफ जंगल में फर्क : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]
डीडीए का मतलब ' डोंट डू एनीथिंग', नहीं जानते अफसर रूल ऑफ लॉ और रूल ऑफ जंगल में फर्क : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]

छोटी छोटी अपील और आपत्ति दर्ज करने पर दिल्ली विकास प्राधिकरण यानी डीडीए अब दिल्ली हाईकोर्ट के निशाने पर आ गया है। हाईकोर्ट ने यहां तक कह दिया कि डीडीए का मतलब ' डोंट डू एनीथिंग' हो गया है।जस्टिस वाल्मिकी मेहता ने सोमवार को कई केसों के उदाहरण देते हुए कहा कि डीडीए के अफसर अवैध तरीके से कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने डीडीए के उपाध्यक्ष को निर्देश दिया है कि वो एेसे कानूनी निर्णय जिन्हें पालिसी के तकय तय किया जाना है, उन मामलों में कोर्ट केस दाखिल करना है या नहीं, एक साथ करेंदरअसल हाईकोर्ट...

कानूनी पेशे में सामान्य होने से काम नहीं चलेगा बल्कि इसमें श्रेष्ठ और निपुण होना जरूरी : दिल्ली हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
कानूनी पेशे में सामान्य होने से काम नहीं चलेगा बल्कि इसमें श्रेष्ठ और निपुण होना जरूरी : दिल्ली हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि कानूनी पेशे में सामान्य होने से काम नहीं चलेगा बल्कि इसमें श्रेष्ठ और निपुण होना जरूरी है। अब ये वक्त आ गया है कि ये कडा संदेश दिया जाए कि कोर्ट में सामान्यता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।दरअसल हाईकोर्ट एेसे मामले की सुनवाई कर रहा है जिसमें याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया पहले वकील के कारण वो केस हार गए।याचिकाकर्ता ने उस फैसले को चुनौती दी थी जिसमें पैरवी न होने की वजह से वाद को खारिज कर दिया गया था। याचिका में कहा गया कि वकील ने गलत तारीख लिख ली थी और उन्होंने अब नए...

फांसी की सज़ा पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका,  इंजेक्शन लगाने, गोली मारने, गैस चैंबर या बिजली के झटके देने का विकल्प हो [याचिका पढ़े]
फांसी की सज़ा पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका, इंजेक्शन लगाने, गोली मारने, गैस चैंबर या बिजली के झटके देने का विकल्प हो [याचिका पढ़े]

" जीवन के मौलिक अधिकारों में सम्मान से मरने का भी अधिकार है" ये कहते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपने तरह की पहली याचिका दाखिल कर कहा गया है कि फांसी की जगह मौत की सज़ा के लिए किसी दूसरे विकल्प को अपनाया जाना चाहिए। फांसी को मौत का सबसे दर्दनाक और बर्बर तरीका बताते हुए जहर का इंजेक्शन लगाने, गोली मारने, गैस चैंबर या बिजली के झटके देने जैसी सजा देने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है फांसी से मौत में 40 मिनट तक लगते है जबकि गोली मारने और इलेक्ट्रिक चेयर पर केवल कुछ मिनट में।हालांकि ये मामला संसद...

लॉ से संंबंधित उच्चतर शिक्षा वास्तविक प्रैक्टिस माना जाएगाः जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट [आर्डर पढ़े]
लॉ से संंबंधित उच्चतर शिक्षा वास्तविक प्रैक्टिस माना जाएगाः जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट [आर्डर पढ़े]

जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट ने कहा है कि अगर लॉ ग्रेजुएट लॉ से संबंधित उच्चतर शिक्षा ग्रहण करता है तो उसे वास्तविक प्रैक्टिस का पार्ट माना जाएगा।जस्टिस मोहम्मद याकूब मीर की बेंच ने कहा है कि लॉ ग्रेजुएट अगर बार काउंसिल से पंजीकृत है और वह एलएलबी और एलएलडी कर रहा हो तो उसे असल प्रैक्टिस का हिस्सा माना जाएगा इस दौरान किए गए ड्राफ्ट और सलाह भी प्रैक्टिस का पार्ट होगा। इस मामले में राज्य कानून विभाग में लीगल असिस्टेंट के पद पर नियुक्ति के लिए आवेदनोमें लॉ स्टूडेंट ने इसी आधार पर आवेदन दिया था लेकिन इसे...

राष्ट्रपति ने इलाहाबाद हाई कोर्ट ने लिए 19 जजों की नियुक्ति की जबकि कोलकाता हाई कोर्ट के लिए 6 जजों की नियुक्ति
राष्ट्रपति ने इलाहाबाद हाई कोर्ट ने लिए 19 जजों की नियुक्ति की जबकि कोलकाता हाई कोर्ट के लिए 6 जजों की नियुक्ति

राष्ट्रपति ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के लिए 19 जजों की नियुक्ति की है। इनके नाम हैं राजीव जोशी, राहुल चतुर्वेदी, सलील कुमार राय, जयंत बनर्जी, राजेश सिंह चौहान, इरशाद अली, सरल श्रीवास्तव, जहांगीर जमशेद मुनीर, राजीव मेहता, सिद्धार्थ, अजीत कुमार, राजनीश कुमार, अब्दुल मोइन, दिनेश कुमार सिंह, राजीव मिश्रा, दिनेश कुमार सिंह, चंद्रधारी सिंह, अजय भनोट और नीरज तिवारी।वहीं कोलकाता हाई कोर्ट के लिए राजेशेखर मनथा, प्रतीक प्रकाश बनर्जी, सब्यसाची भट्टाचार्य, मौसमी भट्टाचार्य, शेखर आर सराफ और राजश्री भारद्वाज की...

खरीदारों को मुकदमेबाजी का खर्च और मानसिक यातना के लिए 80-80 हजार रुपये दे यूनिटेक, सुप्रीम कोर्ट का बडा फैसला
खरीदारों को मुकदमेबाजी का खर्च और मानसिक यातना के लिए 80-80 हजार रुपये दे यूनिटेक, सुप्रीम कोर्ट का बडा फैसला

सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस अमिताव रॉय और जस्टिस ए एम खानवेलकर की बेंच ने यूनिटेक को निर्देश दिया है कि कि वो गुड़गांव सेक्टर 70 की विस्टा के फ्लैट खरीदारों को मुकदमेबाजी का खर्च और मानसिक यातना के लिए 80-80 हजार रुपये बतौर मुआवजा दे। यूनिटेक को इन 39 फ्लैट खरीदारों को आठ हफ्ते में ये मुआवजा देना होगा। पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने किसी रियल स्टेट कंपनी को इस तरह रुपये देने के आदेश दिए हैं। वहीं खरीदारों की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने इस केस की सुनवाई बंद कर दी है।गौरतलब है कि...

करार में लिखा था कि मध्यस्थता नहीं होगी, बोंबे हाईकोर्ट ने मध्यस्थ नियुक्त करने के आदेश को वापस लिया
करार में लिखा था कि 'मध्यस्थता नहीं होगी', बोंबे हाईकोर्ट ने मध्यस्थ नियुक्त करने के आदेश को वापस लिया

बोंबे हाईकोर्ट ने प्रतिभा इंडस्ट्रीज बनाम ग्रेटर मुंबई नगर निगम ( MCGM) मामले में 27 जून 2017 के अपने फैसले को वापस ले लिया है। हाईकोर्ट ने मध्यस्थता याचिका का निपटारा करते हुए रिटायर्ड जस्टिस वी एम कनाडे को एकमात्र मधयस्थ नियुक्त किया था।MCGM की अर्जी पर जस्टिस के आर श्रीराम ने आदेश वापस लेने का फैसला सुनाया।दरअसल याचिकाकर्ता और निगम के बीच 19 सितंबर 2008 के बीच समझौता हुआ था। इसके तहत याचिकाकर्ता तो पूरे शहर में AMR वाटर मीटर सप्लाई करने, लगाने और रखरखाव करने को कहा गया। इसी दौराम याचिकाकर्ता...

सुप्रीम कोर्ट ने भ्रम के बीमारी से पीडित को डिसेबलिटी पेंशन के खिलाफ केंद्र की अर्जी खारिज़ की
सुप्रीम कोर्ट ने भ्रम के बीमारी से पीडित को डिसेबलिटी पेंशन के खिलाफ केंद्र की अर्जी खारिज़ की

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की उस अपील को खारिज कर दिया है जिसमें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 2010 के आदेश को चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने भ्रम होने की बीमारी से पीडित व्यक्ति मंजीत सिंह को डिसेबलिटी पेंशन देने के आदेश दिए थे।जस्टिस एस ए बोबडे और जस्टिस एल नारायण राव की बेंच ने 15 सितंबर को ये आदेश सुनाया। दरअसल मंजीत सिंह को इस बीमारी के लिए डिसेबलिटी पेंशन देने के लिए इस आधार पर इंकार किया गया कि सेना सर्विस के कारण उनकी मानसिक हालत नहीं बिगडी।पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सिंगल जज ने पहले...

कोर्ट मामलों की मीडिया रिपोर्टिंग के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने मांगे आम जनता से सुझाव [नोटिस पढ़े]
कोर्ट मामलों की मीडिया रिपोर्टिंग के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने मांगे आम जनता से सुझाव [नोटिस पढ़े]

दिल्ली हाईकोर्ट ने फ्री प्रेस, फेयर ट्रायल और न्यायिक प्रक्रियाओं की अखंडता के बीच बैलेंस बनाए रखने के प्रयास से लिए मंगलवार को पब्लिक नोटिस जारी कर आम जनता से अदालती मामलों की मीडिया रिपोर्टिंग पर सुझाव मांगे हैं। इनमें ये भी पूछा गया है कि क्या कोर्ट प्रक्रिया रियल टाइम रिपोर्टिंग ( यानी लाइव ट्विटिंग) की इजाजत दी जा सकती है।नोटिस में प्रश्नावली भी दी गई है जिसके जवाब 21 दिनों के भीतर एक्टिंग चीफ जस्टिस गीता मित्तल द्वारा बनाई गई सात सदस्यीय समिति को दिए जाने हैं। ये...

निलंबित एडीजे ने राष्ट्रपति को अनियमितता के आरोपों के मामले में जांच के लिए लिखा
निलंबित एडीजे ने राष्ट्रपति को अनियमितता के आरोपों के मामले में जांच के लिए लिखा

एक निलंबित अडिशनल जिला जज आरके श्रीवास ने राष्ट्रपति को लेटर लिखकर कहा है कि वह एक हाई लेवल की जांच कमिटी का गटन करें या फिर सीबीआई को निर्देश दें कि अडिशनल जिला जज की नियुक्ति में अनियमितता की जांच करें। इसके लिए कहा है कि 12 बिंदु हैं जिसमें दो बच्चे से ज्यादा होने के वावजूद अडिशनल जिला जज के पद पर नियुक्ति की गई है।श्रीवास ने अपने लेटर में कहा है कि सरकारी नौकरी मेंं उन लोगों को नौकरी नहीं दी जा सकती है जिन्हें दो से ज्यादा बच्चे हैं। 26 जनवरी 2001 के बाद से केंद्र और राज्य सरकार की जनसंख्या...

बिहार में  0.5 से 1.2 फीसदी अल्कोहल वाले एनर्जी ड्रिंक या फ्रूट बियर पर 6 हफ्ते में फैसला ले हाईकोर्ट : सुप्रीम कोर्ट
बिहार में 0.5 से 1.2 फीसदी अल्कोहल वाले एनर्जी ड्रिंक या फ्रूट बियर पर 6 हफ्ते में फैसला ले हाईकोर्ट : सुप्रीम कोर्ट

अपने तरह के एक अलग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट को कहा है कि वो ये तय करे कि बिहार में 0.5 से 1.2 फीसदी अल्कोहल वाले एनर्जी ड्रिंक या फ्रूट बियर शराबबंदी के कानून के तहत बिक सकते हैं या नही।बिहार सरकार की अर्जी पर सुनवाई करते हुए  सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस कूरियन जोजफ और जस्टिस बानूमति की बेंच ने इस मामले को पटना हाई कोर्ट वापस भेजते हुए 6 हफ्ते में  मामले का निपटारा करने को कहा है।दरअसल बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर पटना हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें...

नशीले पदार्थों को लेकर केंद्र ने क्या कदम उठाए ? सुप्रीम कोर्ट ने पूछा [याचिका पढ़े]
नशीले पदार्थों को लेकर केंद्र ने क्या कदम उठाए ? सुप्रीम कोर्ट ने पूछा [याचिका पढ़े]

देशभर में मादक पदार्थों के बढते जाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि उसने नशीले पदार्थों के दुष्प्रभाव पर जागरुकता फैलाने और सप्लाई को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं? कोर्ट ने ASG मनिंदर सिंह को इस संबंध में कार्रवाई को लेकर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।दरअसल सुप्रीम कोर्ट नशीले पदार्थों की खेती, इस्तेमाल और सप्लाई पर विस्तृत पालिसी बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के दखल पर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था।तमिलनाडू के नागरिक केतीरेड्डी जगदीश्वर रेड्डी  ने याचिका में नशीले...

मध्यस्थता सिर्फ लंबित मामलों को नहीं घटाती, समाज में शांति और सामंजस्य भी स्थापित करती है : जस्टिस बोबडे
मध्यस्थता सिर्फ लंबित मामलों को नहीं घटाती, समाज में शांति और सामंजस्य भी स्थापित करती है : जस्टिस बोबडे

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस एस ए बोबडे ने शनिवार को कहा है शासन के लिए भले ही विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका के  कार्य भले ही अलग हों लेकिन तीनों का उद्देश्य एक ही है। तीनों शाखाओं की उद्देश्य एक मजबूत संगठित भारत और कानून और न्याय के राज्य, समानता, भाईचारा और स्वतंत्रता पर आधारित शासन है।उन्होंने कहा कि कार्यों के बंटवारे को गलत तरीके से विभाजन समझा जाता है। एेसा नहीं है और झारखंड देश के संविधान का उद्देश्य समझने के लिए सबसे अच्छा राज्य है। दरअसल जस्टिस बोबडे रांची में ज्यूडिशियल अकादमी...