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गुजारे के लिए मामले की कार्यवाही में आवेदन और लिखित बयान के साथ संपत्ति और आय संबंधित शपथ पत्र जरूरी नहीं : दिल्ली हाई कोर्ट [आर्डर पढ़े]
गुजारे के लिए मामले की कार्यवाही में आवेदन और लिखित बयान के साथ संपत्ति और आय संबंधित शपथ पत्र जरूरी नहीं : दिल्ली हाई कोर्ट [आर्डर पढ़े]

दिल्ली हाई कोर्ट ने 14 जनवरी 2015 और 29 मई 2017 को दिए अपने फैसले को सुधारते हुए अब कहा है कि गुजारा के लिए चल रहे मामलों की कार्यवाही में संपत्ति, आय और खर्च के ब्योरे के बारे में हलफनामा देना अब जरूरी नहीं होगा। पहले याचिका और लिखित बयान के साथ कोर्ट के सामने ये दस्तावेज भी जमा करने होते थे।14 जनवरी 2015 को कोर्ट ने दिशानिर्देश जारी किए थे जो हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 24 के तहत गुजारे की याचिका को जल्दी निपटाने से संबंधित थे। कोर्ट ने उस समय कहा था कि मुकदमा शुरू होने के समय ही दोनों पक्षों...

कोर्ट में पेश लिखित बयान में संशोधन की अनुमति दी जाए या नहीं यह इस बात पर निर्भर नहीं करता कि प्रस्तावित केस सुनवाई के दौरान टिक पाएगा या नहीं : सुप्रीम कोर्ट
कोर्ट में पेश लिखित बयान में संशोधन की अनुमति दी जाए या नहीं यह इस बात पर निर्भर नहीं करता कि प्रस्तावित केस सुनवाई के दौरान टिक पाएगा या नहीं : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बहस के संशोधन पर मिले आवेदन पर विचार के दौरान दृढ़ता से कही गई बात को जांचने की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने कहा कि संशोधन की अनुमति दी जाए या नहीं यह इस बात निर्भर नहीं करता कि जिस केस को निर्धारित करने की बात की जा रही है वह अंततः सुनवाई के दौरान टिकेगा या नहीं।मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविल्कर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान यह मत व्यक्त किया। लिखित बयान के संशोधन की अनुमति देने के सुनवाई अदालत के फैसले...

सांसदों, विधायकों को कानूनी प्रैक्टिस की अनुमति नहीं देने की मांग पर विचार के लिए बीसीआई ने गठित की तीन-सदस्यीय समिति
सांसदों, विधायकों को कानूनी प्रैक्टिस की अनुमति नहीं देने की मांग पर विचार के लिए बीसीआई ने गठित की तीन-सदस्यीय समिति

बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया (बीसीआई) ने एक तीन-सदस्यीय समिति गठित की है जो कि भाजपा नेता और एडवोकेट उपाध्याय की इस मांग पर गौर करेगा कि सांसदों और विधायकों पर एडवोकेट के रूप में कानूनी प्रैक्टिस करने पर प्रतिबन्ध लगाया जाए।बीसीआई के अध्यक्ष मनन मिश्रा ने लाइव लॉ को बताया कि बीसीआई की बैठक हुई जिसमें एक समिति के गठन का फैसला हुआ जो तीन दिन में इस बारे में अपनी रिपोर्ट देगा। इस समिति में आरजी वाह, बीसी ठाकुर और डीपी ढल शामिल हैं। उपाध्याय ने हाल ही में इस बारे में बीसीआई को एक पत्र लिखा था।शनिवार को...

डूसू चुनावों में दीवालों को गंदा करने वाले उम्मीदवारों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की दिल्ली हाई कोर्ट की चेतावनी [आर्डर पढ़े]
डूसू चुनावों में दीवालों को गंदा करने वाले उम्मीदवारों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की दिल्ली हाई कोर्ट की चेतावनी [आर्डर पढ़े]

दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को सुझाव दिया कि इस वर्ष दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के चुनावों में भाग लेने वाले उन उम्मीदवारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए जिनके नाम पूरे दिल्ली में विभिन्न सार्वजनिक भवनों और अन्य स्थानों पर लिखे गए हैं पर जो  उन दीवालों को साफ़ करने के बारे में होने वाले विचार विमर्श में किसी तरह की दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने सफाई कार्य की प्रगति पर भी गहरा असंतोष जताया।  कोर्ट ने कहा कि सिविक...

हिरासत में मौत : दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, डीके बसु Vs पश्चिम बंगाल के बाद भी ज्यादा कुछ  नहीं बदला [निर्णय पढ़ें]
हिरासत में मौत : दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, डीके बसु Vs पश्चिम बंगाल के बाद भी ज्यादा कुछ नहीं बदला [निर्णय पढ़ें]

दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते 1 99 5 में दलीप चक्रवर्ती की हिरासत में मौत के लिए दिल्ली पुलिस के स्पेशल स्टाफ से जुड़े छह पुलिसकर्मियों की सजा को बरकरार रखा है।पुलिस अधिकारियों द्वारा दायर की गई अपील की सुनवाई में जस्टिस एस  मुरलीधर औरजस्टिस  आई.एस. मेहता की बेंच ने डी.के बसु बनाम राज्य पश्चिम बंगाल, (1 99 7) 1 एससीसी 416 मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया जिसमें हिरासत में हिंसा के मामलों को रोकने के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए  गए थे। इसके बाद इस तथ्य पर दुख प्रकट किया गया...

आपस में लड़ रहे एक परिवार को एक जुट करने की कोशिश कर रही है न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ की बेंच
आपस में लड़ रहे एक परिवार को एक जुट करने की कोशिश कर रही है न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ की बेंच

फैमिली कोर्ट के उद्देश्यों में एक मुख्य उद्देश्य है “सुलह कराना और शादी एवं पारिवारिक मामलों से जुड़े विवादों को जल्द सुलझाना।” यद्यपि फैमिली कोर्ट के कई जज यह कार्य खुद ही करते हैं, पर न्यायमूर्ति जोसफ कुरियन जो कर रहे हैं उसका अनुकरण सबको करना चाहिए।न्यायमूर्ति कुरियन की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने एक विशेष अनुमति याचिका पर जो फैसला दिया वो इस तरह से था : “सभी पक्ष इस कोर्ट में उपस्थित थे। यह जानकर कि मामले को खुद सुलझाने के लिए वे सब के सब तैयार हैं, हमने उनके साथ एक विशेष बैठक...

कॉर्पोरेट मामले के मंत्रालय ने योग्य ठहराए गए तीन लाख से अधिक निदेशकों को दिया राहत; 31 मार्च तक बकाया वित्तीय स्टेटमेंट फाइल करने की इजाजत मिली [परिपत्र पढ़े]
कॉर्पोरेट मामले के मंत्रालय ने योग्य ठहराए गए तीन लाख से अधिक निदेशकों को दिया राहत; 31 मार्च तक बकाया वित्तीय स्टेटमेंट फाइल करने की इजाजत मिली [परिपत्र पढ़े]

समय पर वित्तीय स्टेटमेंट नहीं फाइल करने के कारण अयोग्य ठहराए गए तीन लाख से अधिक निदेशकों को कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय ने एक मौक़ा और देने का फैसला किया है। कंपनी अधिनियम की धारा 164 (2) के अधीन कोंडोनेशन ऑफ़ डिले स्कीम, 2018 शुरू की गई है जिसके तहत मंत्रालय ने अपना वित्तीय स्टेटमेंट फाइल नहीं कर पाने वाली कंपनियों को ऐसा करने के लिए 31 मार्च तक का समय दिया है।काले धन और गैरकानूनी फंड की आवाजाही से निपटने के लिए वर्ष 2013-2014 से 2015-16 के बीच अपना वार्षिक वित्तीय स्टेटमेंट समय पर नहीं फाइल कर...

नए सबूतों के आधार पर NGO ने SC  में अस्थाना को CBI का विशेष निदेशक बनाए जाने पर दाखिल की पुनर्विचार याचिका [याचिका पढ़े]
नए सबूतों के आधार पर NGO ने SC में अस्थाना को CBI का विशेष निदेशक बनाए जाने पर दाखिल की पुनर्विचार याचिका [याचिका पढ़े]

NGO कॉमन कॉज ने गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना की सीबीआई के विशेष निदेशक के रूप में नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है। इससे पहले  जस्टिस  आरके अग्रवाल और जस्टिस ए एम सपरे की बेंच ने इस याचिका को खारिज कर दिया था।30 अगस्त को सीबीआई की दिल्ली यूनिट ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत तीन वरिष्ठ आयकर अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी  जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से  5,383 करोड़ रुपये की धोखाधडी के मामले में गुजरात की स्टर्लिंग बायोटेक और...

कॉलेजियम के प्रस्तावों को प्रकाशित करने पर जस्टिस कूरियन और जस्टिस लोकुर ने CJI को पत्र लिखा
कॉलेजियम के प्रस्तावों को प्रकाशित करने पर जस्टिस कूरियन और जस्टिस लोकुर ने CJI को पत्र लिखा

कॉलेजियम के प्रस्तावों को सावर्जनिक करने पर सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस कूरियन जोसफ ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा को पत्र लिखकर चिंता जाहिर की है। ये निर्णय इसी साल अक्टूबर में "पारदर्शिता सुनिश्चित करने" के लिए लिया गया था और सीजीआई मिश्रा, जस्टिस चेलामेश्वर, जस्टिस गोगोई, जस्टिस लोकुर और जस्टिस जोसफ  ने इस पर हस्ताक्षर किए थे।ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस जोसफ ने इस कदम पर आपत्ति जताते हुए कहा है  कि ये कदम भरोसे का  उल्लंघन है और यह जनादेश के विपरीत है। पत्र में कहा गया...

भ्रष्ट सरकारी लोगों के लिए प्रिवेंटिव डिटेंशन कानून क्यों नहीं ? : मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडू सरकार से पूछे 15 सवाल [आर्डर पढ़े]
भ्रष्ट सरकारी लोगों के लिए प्रिवेंटिव डिटेंशन कानून क्यों नहीं ? : मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडू सरकार से पूछे 15 सवाल [आर्डर पढ़े]

मद्रास हाईकोर्ट में जस्टिस एन किरुबाकरन ने टिप्पणी करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार अब लगता है कि दिनोंदिन चलने वाला और लोगों द्वारा सामान्य रूप में स्वीकार किए जाने के स्तर तक पहुंच चुका है। उन्होंने तमिलनाडू सरकार से 15 सवाल भी पूछे हैं।दरअसल हाईकोर्ट ने ये सवाल एक रिट याचिका पर विचार करते हुए पूछे हैं जिसमें  रजिस्ट्रार को कुछ दस्तावेज को रिलीज करने के निर्देश देने  की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान वकील ने  कोर्ट को बताया कि एक साल से अधिक समय तक दस्तावेजों को रिलीज नहीं किया जाता तो याचिकाकर्ता...

कानूनी पेशे को व्यवसाय नहीं मानें; दिल्ली के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार एसोसिएशन की अरुण जेटली से अपील - कानूनी पेशे को जीएसटी से अलग रखें
कानूनी पेशे को व्यवसाय नहीं मानें; दिल्ली के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार एसोसिएशन की अरुण जेटली से अपील - कानूनी पेशे को जीएसटी से अलग रखें

वित्त मंत्री अरुण जेटली को भेजे पत्र में आल डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ऑफ़ दिल्ली की संयोजन समिति ने कानूनी पेशे को जीएसटी से अलग रखने की मांग की है।जेटली को भेजे पत्र में कहा गया है कि कानूनी पेशे को “व्यवसाय” की श्रेणी में रखे जाने से इस नेक पेशे में लगे लोगों को गहरा धक्का लगा है।पत्र में कहा गया है कि “यह अधिनियम पीछे की ओर चल रहा है और यह कानूनी पेशे के अस्तित्व और चरित्र को नष्ट कर देगा।” इसमें आगे कहा गया है कि चिकित्सा पेशे को एक अलग अधिसूचना द्वारा जीएसटी से मुक्त कर दिया गया है और कहा है...

SC ने कर्नाटक हाईकोर्ट के तंबाकू उत्पादों पर 85% चेतावनी को रद्द करने के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने से किया इंकार [आर्डर पढ़े]
SC ने कर्नाटक हाईकोर्ट के तंबाकू उत्पादों पर 85% चेतावनी को रद्द करने के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने से किया इंकार [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम  कोर्ट ने शुक्रवार को कर्नाटक हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ अपील  पर अंतरिम आदेश पारित करने से इंकार कर दिया जिसके तहत तंबाकू उत्पादों के दोनों तरफ 85 प्रतिशत सचित्र चेतावनी के अनिवार्य नियमों को रद्द कर दिया गया था।सर्दियों की छुट्टियों के दौरान मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की बेंच ने कहा क्योंकि हाईकोर्ट के फैसले की प्रति अभी तक उपलब्ध नहीं हुई है इसलिए बेंच कोई अंतरिम आदेश नहीं दे सकती।उमेश नारायण और अन्य याचिकाकर्ताओं के लिए पेश वरिष्ठ वकील आनंद ग्रोवर,...

सांसदों और विधायकों को क़ानून की प्रैक्टिस करने से रोकें : बार काउंसिल के चेयरमैन को पत्र [पत्र पढ़े]
सांसदों और विधायकों को क़ानून की प्रैक्टिस करने से रोकें : बार काउंसिल के चेयरमैन को पत्र [पत्र पढ़े]

बार काउंसिल के चेयरमैन मनन कुमार मिश्र को पत्र लिखकर भाजपा के नेता और एडवोकेट अश्विनी कुमार उपाध्याय ने मांग की है कि सांसदों और विधायकों को एडवोकेट के रूप में क़ानून की प्रैक्टिस नहीं करने दें।इस पत्र का आधार सुप्रीम कोर्ट का वह फैसला है जो उसने डॉ. हनिराज एल चुलानी बनाम बार काउंसिल ऑफ़ महाराष्ट्र और गोवा, 1996 एआईआर 1708 मामले में सुनाया था। इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक व्यक्ति जो वकील होने की योग्यता रखता है उसे बार में प्रवेश नहीं मिलेगा अगर वह फुलटाइम या पार्ट-टाइम सेवा या रोजगार...

स्वदेशी आस्था के छात्रों के साथ स्कूलों में भेदभाव : मेघालय हाईकोर्ट ने मुख्याध्यापिकाओं को लगाई फटकार [निर्णय पढ़ें]
स्वदेशी आस्था के छात्रों के साथ स्कूलों में भेदभाव : मेघालय हाईकोर्ट ने मुख्याध्यापिकाओं को लगाई फटकार [निर्णय पढ़ें]

मेघालय हाईकोर्ट ने उन दो स्कूलों की मुख्याध्यापिकाओं को जोरदार फटकार लगाई है जिनके छात्रों ने स्वदेशी आस्था के  व्यक्ति के अंतिम संस्कार के खिलाफ नारेबाजी की थी। जस्टिस एस आर  सेन ने पहले के एक फैसले को दोहराया जिसमें मृतकों के अंतिम संस्कार को लेकर स्वदेशी आस्था (सेन खासी) के सदस्यों की समस्याओं को बताया गया था।वर्तमान मामला इसी तरह के  'अंतिम संस्कार' मुद्दे से ही संबंधित है। का बेबीमोला बुफ़ांग नामक महिला ने हाईकोर्ट में उनके पति के अंतिम संस्कार के दौरान विरोध के बारे में शिकायत की थी।...

सुप्रीम कोर्ट ने मुकदमे के स्थगन के लिए मुकदमेबाज पर लगाया 50 हजार रुपए का जुर्माना
सुप्रीम कोर्ट ने मुकदमे के स्थगन के लिए मुकदमेबाज पर लगाया 50 हजार रुपए का जुर्माना

बेंच ने कहा कि प्रतिवादी नंबर 3 को इस स्थगन का घाटा क्यूं भुगतना पड़े जो कि चेन्नई से अपने वकील के साथ यहाँ आया हैसुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे चेल्मेश्वर और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की बेंच ने मुकदमे के स्थगन के लिए एक मुकदमेबाज पर 50 हजार का जुर्माना लगाया है।जब बेंच के समक्ष विशेष अनुमति याचिका सुनवाई के लिए आई तो मीनाक्षी एंटरप्राइज प्राइवेट लिमिटेड के वकील ने मामले की सुनवाई में बहस करने वाले वकील की अनुपलब्धता के कारण सुनवाई स्थगित करने की मांग की।बेंच ने कहा, “हमारा मानना है...

अगर कार्य पेशेवर व्यवहार से अलग तो वकील के खिलाफ अनुशासानात्मक कार्रवाई नहीं हो सकती : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]
अगर कार्य पेशेवर व्यवहार से अलग तो वकील के खिलाफ अनुशासानात्मक कार्रवाई नहीं हो सकती : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]

सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा एक वकील के खिलाफ शुरू की गई अनुशासानात्मक कार्रवाई को रद्द कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिस कार्य का  पेशेवर व्यवहार से कोई लेना देना ना हो, उस मामले में अनुशासानात्मक कार्रवाई करना अनुचित और क्षेत्राधिकार से बाहर है। दरअसल बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने छत्तीसगढ़ बार काउंसिल के आदेश को बरकरार रखा था जिसने वकील कौशल किशोर अवस्थी को मुव्वकिल द्वारा दायर की गई शिकायत के आधार पर व्यावसायिक कदाचार का दोषी ठहराया था। हालांकि, बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने...

कम उम्र की लड़कियों को वेश्यावृत्ति में धकेलने वाली आरोपी महिला की जमानत सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया [आर्डर पढ़े]
कम उम्र की लड़कियों को वेश्यावृत्ति में धकेलने वाली आरोपी महिला की जमानत सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने अनैतिक व्यापार की आरोपी एक महिला को मिली जमानत को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने ऐसा राज्य के यह कहने के बाद किया कि यह महिला अनैतिक व्यापार में संलग्न है और इस पर कम उम्र की लड़कियों को वेश्यावृत्ति में धकेलने के आरोप हैं।काली को अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया गया था। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उसकी अपील पर गौर करते हुए उसे जमानत दे दी थी। सुनवाई अदालत ने उसे 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी।गौरिया स्वयं सेवी संस्था नामक एक एनजीओ, जो कि उत्तरी...

झारखंड हाई कोर्ट के वेबसाइट पर जमानत के परस्पर विरोधी आदेश अपलोड : सुप्रीम कोर्ट ने विवाद सुलझाया [आर्डर पढ़े]
झारखंड हाई कोर्ट के वेबसाइट पर जमानत के परस्पर विरोधी आदेश अपलोड : सुप्रीम कोर्ट ने विवाद सुलझाया [आर्डर पढ़े]

एक बहुत ही अजीब सा वाकया तब हुआ जब झारखंड हाई कोर्ट के वेबसाईट पर एक जमानत के बाए में विरोधाभासी आदेश अपलोड कर दी गए। एक रिपोर्ट में झारखंड की कांग्रेस नेता निर्मला देवी के पति की जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी जबकि दूसरे में उन्हें जमानत दे दी गई थी।विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील विवेक तंखा जिसने कांग्रेस नेता की पैरवी की, ने कोर्ट का ध्यान इस विरोधाभासी आदेश की और दिलाया जिसे हाई कोर्ट के वेबसाइट पर शुरू में अपलोड किया गया था। पर बाद में इसे हटा दिया गया।आदेश के पहले हिस्से...

क़ानून के प्रतिष्ठित कॉलेजों और इसके सामान्य कॉलेजों के स्नातकों के  बीच भेदभाव दूर होना चाहिए : न्यायमूर्ति चंद्रचूड़
क़ानून के प्रतिष्ठित कॉलेजों और इसके सामान्य कॉलेजों के स्नातकों के बीच भेदभाव दूर होना चाहिए : न्यायमूर्ति चंद्रचूड़

यह दुर्भाग्य है कि कुछ लॉ फर्म्स क़ानून की डिग्री लने वाले प्रतिष्ठित संस्थानों और सामान्य संस्थानों के छात्रों के बीच भेदभाव करते हैं। वे प्रतिष्ठित संस्थानों से निकलने वाले छात्रों को ज्यादा वेतन देंते हैं जबकि कथित रूप से दूसरे और तीसरे दर्जे के संस्थानों से निकलने वाले छात्रों की अगर उसी पद पर नियुक्ति होती है तो उन्हें कम वेतन दिया जाता है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ ने दिल्ली में हार्वर्ड लॉ स्कूल सेंटर द्वारा कानूनी पेशे पर आयोजित कार्यक्रम में यह बात...