ताज़ा खबरें

जज ने चंद्र शेखर आज़ाद की ज़मानत अर्ज़ी पर सुनवाई मेंं सरकारी वकील से कहा, आप ऐसा व्यवहार कर रहे हैं, जैसे जामा मस्जिद पाकिस्तान है
जज ने चंद्र शेखर आज़ाद की ज़मानत अर्ज़ी पर सुनवाई मेंं सरकारी वकील से कहा, आप ऐसा व्यवहार कर रहे हैं, जैसे जामा मस्जिद पाकिस्तान है

भीम आर्मी के प्रमुख चंद्र शेखर आजाद की ज़मानत अर्ज़ी पर मंगलवार को तीस हजारी अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉक्टर कामिनी लाऊ द्वारा की सुनवाई की गई। इस दौरान अदालत ने कुछ महत्वपूर्ण टिप्पणियां की। सरकारी वकील ने ज़मानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि आज़ाद ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हिंसा भड़काई थी। अभियोजक ने शुरुआत में आजाद के वकील महमूद प्राचा के साथ पोस्ट साझा करने से इनकार कर दिया, लेकिन न्यायाधीश ने कड़े शब्दों में कहा कि जब तक किसी विशेषाधिकार का दावा नहीं किया जाता है, तब तक कथित...

मेंशनिंग : सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग, जलीकट्टू की सुनवाई पर सहमति जताई 
मेंशनिंग : सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग, जलीकट्टू की सुनवाई पर सहमति जताई 

चीफ जस्टिस एस ए बोबडे ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग पर 2018 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कार्यान्वयन के मामले की सुनवाई पर सहमति व्यक्त की। मामले में याचिकाकर्ताओं में से एक, वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने फैसले को लेकर दाखिल अपने आवेदन का उल्लेख किया जिसमें उस निर्णय का जिक्र किया गया कि उक्त निर्णय में लाइव स्ट्रीमिंग के लिए तौर-तरीकों के लिए भी कार्यक्रम निर्दिष्ट किया गया है।"हम इसे सुनेंगे, " चीफ जस्टिस एस ए बोबडे ने आश्वासन दिया।इसके अलावा तमिलनाडु...

हिमाचल हाईकोर्ट ने कहा, वेतन से वं‌चित करना अनुचित, ऐसे मामलों को पर‌िसीमन-वर्जित नहीं ‌किया जा सकता
हिमाचल हाईकोर्ट ने कहा, वेतन से वं‌चित करना अनुचित, ऐसे मामलों को 'पर‌िसीमन-वर्जित' नहीं ‌किया जा सकता

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि वेतन, भत्ते आदि के भुगतान से संबंधित मुद्दों को, उनके आवर्ती स्वभाव के कारण, परिसीमन नहीं किया जा सकता है, राज्य सरकार को निर्देश दिया कि 7 अगस्त 1997 से अनुबंध के आधार अपनी सेवाएं दे चुके जूनियर बेसिक शिक्षकों की सेवाओं की गणना करे, ताकि उन्हें सीसीएस (पेंशन) रूल्स, 1972 के तहत पेंशन, वार्षिक वेतन वृद्धि, वरिष्ठता, पदोन्नति और अन्य लाभ दिए जा सकें। चीफ जस्टिस एल नारायण स्वामी और जस्टिस ज्योत्सना रेवाल दुआ की पीठ ने एक साथ कई याचिकाओं निपटारा करते...

ब्रेकिंग : केरल सरकार ने भारत सरकार के खिलाफ CAA को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में सूट दायर किया 
ब्रेकिंग : केरल सरकार ने भारत सरकार के खिलाफ CAA को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में सूट दायर किया 

एक अभूतपूर्व कदम में एक राज्य सरकार ने एक केंद्रीय कानून को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक सूट दाखिल किया है।केरल राज्य ने विवादास्पद नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 की वैधता को चुनौती देते हुए भारत के संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत ये वाद दायर किया है। सूट में पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) संशोधन नियम 2015 और विदेशियों (संशोधन) आदेश 2015 को भी चुनौती दी गई है जिसने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से उन गैर-मुस्लिम प्रवासियों के प्रवास को नियमित कर दिया है जो 31 दिसंबर, 2014 से...

बालिग, विवाहित और कमाऊ बेटे भी मृतक का मोटर वाहन दुर्घटना दावा कर सकते हैं :  सुप्रीम कोर्ट
बालिग, विवाहित और कमाऊ बेटे भी मृतक का मोटर वाहन दुर्घटना दावा कर सकते हैं : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मृतक के बालिग बेटे जिनकी शादी हो चुकी है और कमाई भी करते हैं, वो भी मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत मुआवजे का दावा कर सकते हैं। जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने कहा कि ट्रिब्यूनल को ऐसे कानूनी प्रतिनिधियों द्वारा दायर आवेदन पर विचार करना होगा भले ही ये इस तथ्य के बावजूद हो कि संबंधित कानूनी प्रतिनिधि पूरी तरह से मृतक पर निर्भर है। ट्रिब्यूनल केवल पारंपरिक मुखिया की ओर दावे को सीमित नहीं कर सकता है। दरअसल इस मामले में बीमा कंपनी ने ट्रिब्यूनल...

 NRC लागू नहीं तो NPR व्यर्थ का अभ्यास : सुप्रीम कोर्ट में  CAA के साथ-साथ NPR नोटिफिकेशन को भी चुनौती
' NRC लागू नहीं तो NPR व्यर्थ का अभ्यास' : सुप्रीम कोर्ट में CAA के साथ-साथ NPR नोटिफिकेशन को भी चुनौती

 एक ओर सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 के खिलाफ चुनौती पर विचार करने के लिए अगला सप्ताह निर्धारित किया है तो वहीं राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) के लिए अधिसूचना को चुनौती देने वाली एक याचिका शीर्ष अदालत में दायर की गई है। 'माइनॉरिटी फ्रंट' नाम के एक एनजीओ द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि एनपीआर, नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटीजंस (NRC) के लिए पहला कदम है। चूंकि प्रधानमंत्री पहले ही 22 दिसंबर को अपने भाषण में NRC के साथ आगे ना बढ़ने के लिए दिए गए फैसले की घोषणा कर चुके हैं तो...

सीएए प्रोटेस्ट : भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद ने ज़मानत के लिए सेशन कोर्ट में अर्ज़ी दाखिल  की
सीएए प्रोटेस्ट : भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद ने ज़मानत के लिए सेशन कोर्ट में अर्ज़ी दाखिल की

भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद ने तीस हजारी में जिला और सत्र न्यायाधीश (केंद्रीय) के समक्ष जमानत की अर्जी दाखिल की है। आवेदन उनके वकील महमूद प्राचा के माध्यम से दायर किया गया, जिसमें दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 439 के तहत नियमित जमानत की मांग की गई है। भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद को 21 दिसंबर, 2019 को CA-CAA विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में दरियागंज पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया था। आवेदन में कहा गया है कि आज़ाद को गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया था...

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय और राज्य बाल संरक्षण संरक्षण आयोग के जांच करने के अधिकारों के विवाद का निपटारा किया
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय और राज्य बाल संरक्षण संरक्षण आयोग के जांच करने के अधिकारों के विवाद का निपटारा किया

सुप्रीम कोर्ट ने बाल अधिकारों के मुद्दों की जांच करने की शक्तियों के संबंध में राष्ट्रीय और राज्य बाल संरक्षण संरक्षण आयोग के बीच 'विवादों' का निपटारा कर दिया है। सोमवार को फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कहा, " किसी भी आयोग के क्षेत्राधिकार का कोई बाहरी मामला नहीं है। बाल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 2005 की धारा 13 (2) द्वारा रखी गई एकमात्र बाधा यह है कि यदि राज्य आयोग ने पहले ही जांच शुरू कर दी है तो राष्ट्रीय आयोग को स्वाभाविक रूप से इस...

सबरीमला संदर्भ : वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, भेजे गए सवाल व्यापक और एकेडेमिक , दुरुस्त करने की जरूरत 
सबरीमला संदर्भ : वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, भेजे गए सवाल व्यापक और एकेडेमिक , दुरुस्त करने की जरूरत 

9 न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने सबरीमला पुनर्विचार याचिका में संदर्भ पर सुनवाई की और मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे ने खुली अदालत में साथ भरी अदालत में कहा, , " हम पुनर्विचार नहीं सुन रहे हैं। हम केवल संदर्भ बिंदुओं पर हैं।" सबरीमला पुनर्विचार याचिकाओं की सुनवाई करने वाली पांच-न्यायाधीशों की बेंच के 14 नवंबर के आदेश को इंगित करते हुए मूल याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया था, "(2018 सबरीमला) निर्णय में कोई दोष नहीं है। संदर्भ केवल यह कहता है कि मस्जिदों में मुस्लिम महिलाओं के प्रवेश के मामलों में...

JNU में हिंसा : दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस,  व्हाट्सएप, गूगल और फेसबुक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा
JNU में हिंसा : दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस, व्हाट्सएप, गूगल और फेसबुक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को दिल्ली पुलिस, दिल्ली सरकार, व्हाट्सएप, गूगल और फेसबुक को नोटिस जारी कर JNU के तीन प्रोफेसरों की याचिका पर जवाब मांगा है जिसमें 5 जनवरी को हुई हिंसा से संबंधित डेटा, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित अन्य सबूतों को संरक्षित करने की अपील की गई है।न्यायमूर्ति बृजेश सेठी ने मामले को मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत को सूचित किया कि उसने JNU प्रशासन को हिंसा के सीसीटीवी फुटेज को संरक्षित करने और सौंपने के लिए कहा है।दिल्ली सरकार...

कार्ति चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट से मांगे जमा किए 20 करोड़ रुपये, सुप्रीम कोर्ट ने ED को नोटिस जारी किया 
कार्ति चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट से मांगे जमा किए 20 करोड़ रुपये, सुप्रीम कोर्ट ने ED को नोटिस जारी किया 

पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के बेटे और सासंद कार्ति चिदंबरम की उस अर्जी पर सु प्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय ( ED) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है जिसमें उन्होंने विदेश यात्रा के लिए गारंटी के लिए सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा किए गए 20 करोड़ रुपये वापस देने की गुहार लगाई गई है। सोमवार को मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे ने कहा कि वो इस पर 17 जनवरी को सुनवाई करेंगे। सुनवाई के दौरान कार्ति की ओर से पेश वरिष्ठ वकील के वी विश्वनाथन ने कहा कि कार्ति ने दो बार विदेश जाने के लिए...

नुस्ली वाडिया Vs रतन टाटा : वाडिया ने CJI का सुझाव माना,  रतन टाटा के खिलाफ सारे मानहानि केस वापस लिए
नुस्ली वाडिया Vs रतन टाटा : वाडिया ने CJI का सुझाव माना, रतन टाटा के खिलाफ सारे मानहानि केस वापस लिए

एक अहम कदम में उद्योगपति नुस्ली वाडिया ने रतन टाटा के खिलाफ सारे मानहानि केसों को वापस ले लिया। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में उनकी ओर से कहा गया कि चूंकि रतन टाटा ने कोर्ट में बयान दिया है कि उनकी मंशा वाडिया की मानहानि की नहीं थी। मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की पीठ ने इसके बाद मामले का निस्तारण कर दिया और केस से जुड़े वकीलों की सराहना की। पिछले सोमवार को हुई सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबड़े की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने इस मामले में दोनों उद्योगपतियों से सुलह करने का सुझाव दिया...

होमबॉयर्स के अधिकारों पर शर्त लगाने वाले IBC संशोधन के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया
होमबॉयर्स के अधिकारों पर शर्त लगाने वाले IBC संशोधन के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को होमबॉयर्स के डिफॉल्टर बिल्डरों के खिलाफ इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (संशोधन) अध्यादेश, 2019 (अध्यादेश) द्वारा पेश की गई शर्तों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर नोटिस जारी किया। जस्टिस आर एफ नरीमन और जस्टिस रवींद्र भट की एक बेंच ने NCLTमें लंबित होमबॉयर्स की याचिकाओं पर यथास्थिति का आदेश दिया है। इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (संशोधन) अध्यादेश, 2019 (अध्यादेश) की धारा 3 को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की गई थीं। ये...

सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संविधान पीठ धार्मिक आस्था और मौलिक अधिकारों के मुद्दों पर फिर से विचार करेगी 
सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संविधान पीठ धार्मिक आस्था और मौलिक अधिकारों के मुद्दों पर फिर से विचार करेगी 

सुप्रीम कोर्ट की नौ न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने सोमवार को कहा कि वह आवश्यक धार्मिक प्रथाओं पर मुद्दों को फिर से तैयार करने, आस्था और मौलिक अधिकारों के बीच परस्पर संबंध और धार्मिक प्रथाओं पर न्यायिक समीक्षा की सीमा पर विचार करेगी, जिन्हें 14 नवंबर, 2019 को 5-जजों की बेंच द्वारा सबरीमला पुनर्विचार आदेश में संदर्भित किया गया था।मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व वाली पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के जनरल सेकेट्री से इस उद्देश्य के लिए 17 जनवरी को मामले में शामिल सभी वकीलों की एक बैठक बुलाने को कहा है। बैठक में...

केवल इसलिए कि मृतक 100% जलने से घायल था, यह नहीं कहा जा सकता कि वह मरने से पहले बयान देने में असमर्थ था : सुप्रीम कोर्ट
केवल इसलिए कि मृतक 100% जलने से घायल था, यह नहीं कहा जा सकता कि वह मरने से पहले बयान देने में असमर्थ था : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केवल इसलिए कि मृतक 100% जलने के कारण घायल था, यह नहीं कहा जा सकता है कि वह मरने से पहले बयान देने में असमर्थ था/थी, जिसे उसका मरने से पहले दिया गया बयान (dying declaration) माना जा सकता था। इस मामले में ध्यान देने वाली बात यह थी कि पीड़ित 100% जल चुका था और वह पहले से ही गंभीर स्थिति में था और इससे आगे भी उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। यह तर्क दिया गया कि ऐसी गंभीर और बिगड़ती हालत में वह उचित, सुसंगत और समझदारी भरा बयान नहीं दे सकता था। इस मामले के अभियुक्तों को...

हिंदू एडॉप्‍शन और मेंटेनेंस एक्ट के तहत गोद लेना जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के खिलाफ नहीं है: केरल ‌हाईकोर्ट
हिंदू एडॉप्‍शन और मेंटेनेंस एक्ट के तहत गोद लेना जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के खिलाफ नहीं है: केरल ‌हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (जेजे एक्ट) 2015, हिंदू एडॉप्‍शन एंड मेंटनेंस एक्ट (एचएएम अधिनियम) 1956 के तहत लिए गए दत्तक की वैधता को प्रभावित नहीं करेगा। कोर्ट ने दत्तक श‌िशु को माता-पिता की देखभाल से अलग करनै जैसी जेजे एक्ट के तहत अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई को अवैध ठहराया है। अधिकारियों की दलील थी कि गोद लेना गैरकानूनी था क्योंकि इसे जेजे एक्ट के अनुसार नहीं किया गया था। जस्टिस के हरिलाल और जस्टिस सीडी ड‌िआस की डिवीजन बेंच ने ध्यान दिलाया कि...

त्रिपुरा हाईकोर्ट ने कहा, सरकारी कर्मचारियों को भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार
त्रिपुरा हाईकोर्ट ने कहा, सरकारी कर्मचारियों को भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार

त्रिपुरा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि सरकारी कर्मचारी, त्रिपुरा सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1988 के नियम 5 के तहत लगाए गए प्रतिबंधों के अधीन, अपनी राजनीतिक मान्यताओं को रखने और व्यक्त करने के हकदार हैं।चीफ जस्टिस अकिल कुरैशी ने कहा कि- "एक सरकारी कर्मचारी के रूप में, याचिकाकर्ता अभिव्यक्‍ति की आजादी के अधिकार से वंचित नहीं है, जो कि एक मौलिक अधिकार और जिस पर केवल वैध कानून के ज‌रिए ही रोक लगाई जा सकती है। वह अपने विचारों को रखने और उन्हें, जैसे भी चाहती है वैसे, व्यक्त करने की हकदार...

वैकल्पिक उपचार उपलब्ध होने के बावजूद हाईकोर्ट के रिट क्षेत्राधिकार के प्रयोग पर पूरा प्रतिबंध नहीं : सुप्रीम कोर्ट
वैकल्पिक उपचार उपलब्ध होने के बावजूद हाईकोर्ट के रिट क्षेत्राधिकार के प्रयोग पर पूरा प्रतिबंध नहीं : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वैकल्पिक उपचार का नियम विवेक का नियम है, क्षेत्राधिकार का नहीं। शीर्ष अदालत ने कहा कि वैकल्पिक उपचार उपलब्ध होने के बावजूद हाईकोर्ट के रिट क्षेत्राधिकार के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता। न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात कही। इस मामले में मुद्दा यह उठा था कि सशस्त्र बल अधिकरण अधिनियम, 2007 को देखते हुए सशस्त्र बल के एक कर्मी के ख़िलाफ़ हाईकोर्ट में...